भारत का रंगमंच और सिनेमा: रूप, प्रथम और पिछले प्रश्न
परीक्षा के लिए कला एवं संस्कृति नोट्स: नाट्यशास्त्र, संस्कृत नाटक, राज्यवार लोक नाट्य तथा कठपुतली, और भारतीय सिनेमा की प्रथम घटनाएँ एवं पुरस्कार।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 3 मिनट

रंगमंच और सिनेमा एक साथ पूछे जाते हैं क्योंकि दोनों एक ही देश की प्रदर्शन कलाएँ हैं, केवल दो युगों की: एक संस्कृत में लिखी गई और मंदिर के प्रांगण में खेली गई, दूसरी 1913 में बंबई के स्टूडियो में जन्मी। परीक्षक पहला भाग शास्त्रों और लोक नाट्य रूपों से लेते हैं, जहाँ रूप को राज्य से मिलाना होता है, और दूसरा भाग भारतीय सिनेमा की प्रथम घटनाओं तथा पुरस्कारों से। जो अभ्यर्थी नाट्यशास्त्र, यक्षगान, राजा हरिश्चंद्र और दादासाहेब फाल्के पुरस्कार को ठीक जगह रख सकता है, वह इस अध्याय के लगभग सभी प्रश्न हल कर लेता है।
संस्कृत नाट्य परंपरा
भारतीय नाट्यशास्त्र का सबसे प्राचीन ग्रंथ भरत का नाट्यशास्त्र है, जिसमें नाट्यगृह, अभिनय, संगीत, नृत्य और रस का सिद्धांत वर्णित है, अर्थात वह भाव जो प्रदर्शन दर्शक के मन में जगाता है। उसके बाद के शास्त्रीय नाटक ही अधिकांश प्रश्नों का आधार हैं: भास ने स्वप्नवासवदत्तम्, कालिदास ने अभिज्ञानशाकुंतलम्, मालविकाग्निमित्रम् और विक्रमोर्वशीयम्, शूद्रक ने मृच्छकटिकम्, विशाखदत्त ने मुद्राराक्षस, हर्ष ने रत्नावली, नागानंद और प्रियदर्शिका तथा भवभूति ने उत्तररामचरित और मालतीमाधव लिखे।
राज्य के अनुसार लोक नाट्य
| रूप | राज्य | टिप्पणी |
|---|---|---|
| अंकिया नाट, भावना के रूप में प्रस्तुत | असम | श्रीमंत शंकरदेव द्वारा लिखे एकांकी नाटक |
| जात्रा | पश्चिम बंगाल और ओडिशा | घुमंतू मंडली का खुले मंच का संगीत नाट्य |
| तमाशा | महाराष्ट्र | गीत और नृत्य का नाट्य, साथ में पोवाड़ा गाथा |
| नौटंकी | उत्तर प्रदेश | लोक कथाओं पर आधारित गायन नाट्य |
| भवई | गुजरात और राजस्थान | व्यंग्य प्रधान लोक नाटक |
| यक्षगान | कर्नाटक | ऊँचे शिरोवस्त्र के साथ रातभर चलने वाला पौराणिक नाट्य |
| तेरुकुत्तु | तमिलनाडु | प्रायः महाभारत प्रसंगों पर सड़क नाट्य |
| स्वांग | हरियाणा | संवाद और गीत का मैदानी नाट्य |
| भांड पाथेर | जम्मू और कश्मीर | नृत्य तथा संगीत मिला व्यंग्य नाट्य |
| कुटियाट्टम | केरल | संस्कृत रंगमंच, यूनेस्को द्वारा अमूर्त विरासत घोषित |
| पंडवानी | छत्तीसगढ़ | महाभारत का गायन वर्णन, तीजन बाई से प्रसिद्ध |
कठपुतली रंगमंच
- धागा कठपुतली: राजस्थान की कठपुतली और कर्नाटक की गोम्बेयट्टा।
- छाया कठपुतली: आंध्र प्रदेश की तोलु बोम्मलाटा और कर्नाटक की तोगलु गोम्बेयट्टा।
- दंड कठपुतली: पश्चिम बंगाल की पुतुल नाच।
- दस्ताना कठपुतली: केरल की पावाकथकली।
संगीत, नृत्य और नाटक की राष्ट्रीय अकादमी संगीत नाटक अकादमी की स्थापना 1953 में नई दिल्ली में हुई, और अभिनेताओं तथा निर्देशकों के प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की स्थापना 1959 में, वह भी नई दिल्ली में।
भारतीय सिनेमा की प्रथम घटनाएँ
| प्रथम | फिल्म | वर्ष |
|---|---|---|
| पहली भारतीय फीचर फिल्म | राजा हरिश्चंद्र, दादासाहेब फाल्के द्वारा | 1913 |
| पहली भारतीय बोलती फिल्म | आलम आरा, अर्देशिर ईरानी द्वारा | 1931 |
| पहली भारतीय रंगीन फिल्म | किसान कन्या, अर्देशिर ईरानी द्वारा | 1937 |
| विदेशी भाषा श्रेणी में ऑस्कर के लिए नामांकित पहली भारतीय फिल्म | मदर इंडिया, महबूब खान द्वारा | 1957 |
| ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय | भानु अथैया, गांधी में वस्त्र सज्जा के लिए | 1983 |
धुंडीराज गोविंद फाल्के, जिन्हें दादासाहेब फाल्के कहा जाता है, भारतीय सिनेमा के जनक माने जाते हैं, और सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए 1969 में स्थापित पुरस्कार उनके नाम पर है; इसकी पहली प्राप्तकर्ता अभिनेत्री देविका रानी थीं। सत्यजित राय, जिनकी पहली फिल्म पथेर पांचाली 1955 में आई, को 1992 में मानद ऑस्कर और भारत रत्न मिला। ए. आर. रहमान तथा रसूल पूकुट्टी ने 2009 में स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए ऑस्कर जीते।
सिनेमा की संस्थाएँ
- राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, जिनकी स्थापना 1954 में हुई; सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म को स्वर्ण कमल दिया जाता है।
- केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड, जो 1952 के सिनेमैटोग्राफ अधिनियम के अंतर्गत यू, यूए, ए और एस श्रेणियों में फिल्में प्रमाणित करता है।
- भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, जो पहली बार 1952 में हुआ और 2004 से हर वर्ष गोवा में होता है।
- पुणे का भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, स्थापना 1960, और कोलकाता का सत्यजित राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान, स्थापना 1995।
इस अध्याय का दोहराव कैसे करें
लोक नाट्य रूपों को उनके राज्यों के साथ जोड़ी बनाकर याद करें, क्योंकि यही सबसे आम प्रश्न है, और सिनेमा की चार प्रथम घटनाओं को उनके वर्षों के साथ याद करें, क्योंकि एक गलत वर्ष पूरा अंक ले जाता है। 1913, 1931 और 1937 के नाम अलग-अलग रखें: फाल्के ने पहली फीचर फिल्म बनाई और अर्देशिर ईरानी ने पहली बोलती तथा पहली रंगीन फिल्म दोनों।
परीक्षा की दृष्टि से
रंगमंच वाला भाग युग्म प्रश्न के रूप में आता है: एक लोक नाट्य रूप के सामने चार राज्य, या एक संस्कृत नाटक के सामने चार नाटककार। जो जोड़े बार-बार आते हैं वे हैं अंकिया नाट और असम, यक्षगान और कर्नाटक, तमाशा और महाराष्ट्र, भवई और गुजरात, तेरुकुत्तु और तमिलनाडु तथा कुटियाट्टम और केरल, और नाटकों में मृच्छकटिकम् के साथ शूद्रक तथा मुद्राराक्षस के साथ विशाखदत्त। सिनेमा वाला भाग प्रथम घटनाओं पर पूछा जाता है: पहली फीचर फिल्म, पहली बोलती फिल्म, पहली रंगीन फिल्म, पहला ऑस्कर। जाल हैं 1913 बनाम 1931, फाल्के बनाम अर्देशिर ईरानी, और भानु अथैया का 1983 का प्रतिस्पर्धी ऑस्कर बनाम सत्यजित राय का 1992 का मानद पुरस्कार। कठपुतली के प्रश्नों में राज्य के साथ कठपुतली का प्रकार भी पूछा जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| नाट्य का प्राचीनतम ग्रंथ | भरत का नाट्यशास्त्र |
|---|---|
| मृच्छकटिकम् | शूद्रक द्वारा रचित |
| मुद्राराक्षस | विशाखदत्त द्वारा रचित |
| अंकिया नाट | असम, श्रीमंत शंकरदेव द्वारा, प्रस्तुति भावना |
| यक्षगान | कर्नाटक |
| कुटियाट्टम | केरल, यूनेस्को अमूर्त विरासत |
| तोलु बोम्मलाटा | आंध्र प्रदेश की छाया कठपुतली |
| पहली भारतीय फीचर फिल्म | राजा हरिश्चंद्र, 1913, दादासाहेब फाल्के |
| पहली भारतीय बोलती फिल्म | आलम आरा, 1931, अर्देशिर ईरानी |
| पहली भारतीय रंगीन फिल्म | किसान कन्या, 1937 |
| ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय | भानु अथैया, वस्त्र सज्जा, गांधी, 1983 |
| दादासाहेब फाल्के पुरस्कार | स्थापना 1969; पहली प्राप्तकर्ता देविका रानी |
| राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय | नई दिल्ली, 1959 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
'अंकिया नाट' एकांकी नाटक हैं जो किस राज्य की संस्कृति से विशेष रूप से जुड़े हैं?
- A.बिहार
- B.तमिलनाडु
- C.ओडिशा
- D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. असम
व्याख्या
सही उत्तर D, असम है। अंकिया नाट असम के वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव द्वारा लिखे गए भक्ति प्रधान एकांकी नाटक हैं, और इनकी प्रस्तुति भावना कहलाती है, जो सत्र या नामघर के प्रार्थना कक्ष में सूत्रधार, गीतों और मुखौटों के साथ की जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि बिहार की लोक नाट्य परंपराएँ बिदेसिया और रेशमा-चुहरमल हैं, अंकिया नाट नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि तमिलनाडु का सड़क नाट्य तेरुकुत्तु है और उसका गाथा रूप विल्लु पाट्टु है। विकल्प C गलत है क्योंकि ओडिशा बंगाल के साथ जात्रा परंपरा साझा करता है और उसका अपना रूप प्रह्लाद नाटक है। लोक नाट्य के प्रश्न प्रायः इसी रूप में आते हैं, एक रूप के सामने चार राज्य, इसलिए विवरण की अपेक्षा जोड़े याद रखें। शंकरदेव का अंकिया नाट ब्रजावली नामक साहित्यिक भाषा में लिखा गया था, जो इस विषय का अगला पूछा जाने वाला तथ्य है।
'दादा साहेब फाल्के पुरस्कार' किस क्षेत्र में योगदान के लिए दिया जाता है?
- A.क्रिकेट
- B.हॉकी
- C.फुटबॉल
- D.फिल्म
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. फिल्म
व्याख्या
सही उत्तर D, फिल्म है। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार भारतीय सिनेमा में आजीवन योगदान के लिए 1969 में स्थापित हुआ और इसका नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के के नाम पर है, जिन्होंने 1913 में पहली भारतीय फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र बनाई और जिन्हें भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है; इसकी पहली प्राप्तकर्ता अभिनेत्री देविका रानी थीं। विकल्प A गलत है क्योंकि खेलों के सर्वोच्च सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार और अर्जुन पुरस्कार हैं, जिनमें क्रिकेट भी आता है। विकल्प B गलत है क्योंकि हॉकी को भी इन्हीं खेल पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है, और मेजर ध्यानचंद का नाम उन्हीं से जुड़ा है। विकल्प C इसी कारण गलत है। यह भी याद रखें कि यह पुरस्कार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के साथ दिया जाता है। फाल्के की अपनी फिल्में 1913 से ध्वनि के आगमन तक मूक थीं, इसलिए यह पुरस्कार किसी एक फिल्म को नहीं, पूरे कार्य को सम्मानित करता है।
ऑस्कर जीतने वाले पहले भारतीय कौन थे?
- A.सत्यजित राय
- B.ए. आर. रहमान
- C.गुरु दत्त
- D.भानु अथैया
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भानु अथैया
व्याख्या
सही उत्तर D, भानु अथैया है। उन्होंने 1983 में रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी के लिए वस्त्र सज्जा का ऑस्कर जॉन मोलो के साथ साझा रूप में जीता और वे किसी भी श्रेणी में ऑस्कर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। विकल्प A गलत है क्योंकि सत्यजित राय को 1992 में आजीवन उपलब्धि के लिए मानद ऑस्कर मिला, जो बाद में आया और प्रतिस्पर्धी पुरस्कार नहीं था। विकल्प B गलत है क्योंकि ए. आर. रहमान ने 2009 में स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए मूल संगीत तथा जय हो गीत के दो ऑस्कर जीते, जो 1983 के बाद की बात है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्यासा और कागज के फूल के निर्देशक गुरु दत्त को कोई ऑस्कर नहीं मिला। रसूल पूकुट्टी ने रहमान के ही वर्ष ध्वनि मिश्रण का ऑस्कर जीता था।
विवादों में रही फिल्म 'पद्मावत' में अलाउद्दीन खिलजी का किरदार किसने निभाया था?
- A.शाहिद कपूर
- B.रणवीर सिंह
- C.रणबीर कपूर
- D.राणा दग्गुबाती
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रणवीर सिंह
व्याख्या
सही उत्तर B, रणवीर सिंह है। संजय लीला भंसाली की पद्मावत में उन्होंने दिल्ली के सुल्तान अलाउद्दीन खलजी की भूमिका निभाई, जिसका 1303 में चित्तौड़ पर घेरा इस कथा की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है, और कथा मलिक मुहम्मद जायसी के पद्मावत से ली गई है। विकल्प A गलत है क्योंकि शाहिद कपूर ने इसी फिल्म में चित्तौड़ के शासक महारावल रतन सिंह की भूमिका निभाई थी। विकल्प C गलत है क्योंकि रणबीर कपूर इस फिल्म में नहीं थे। विकल्प D गलत है क्योंकि बाहुबली फिल्मों से प्रसिद्ध राणा दग्गुबाती की भी इसमें कोई भूमिका नहीं थी। इस प्रकार के प्रश्न फिल्म को अभिनेता या किरदार के पीछे के ऐतिहासिक व्यक्ति से जोड़ते हैं, इसलिए कलाकारों के साथ इतिहास भी याद रखें। पद्मावत लंबे विवाद के बाद 2018 में प्रदर्शित हुई और उसमें रानी पद्मावती की भूमिका दीपिका पादुकोण ने निभाई थी।
पहली भारतीय फीचर फिल्म किसे माना जाता है?
- A.आलम आरा
- B.राजा हरिश्चंद्र
- C.किसान कन्या
- D.मदर इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजा हरिश्चंद्र
व्याख्या
सही उत्तर B, राजा हरिश्चंद्र है। दादासाहेब फाल्के ने इसे 1913 में सत्यवादी राजा की कथा पर मूक फिल्म के रूप में बनाया था और इसे पहली भारतीय फीचर फिल्म माना जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अर्देशिर ईरानी की 1931 की आलम आरा पहली भारतीय बोलती फिल्म थी, जिसमें पहली बार रिकॉर्ड की गई ध्वनि और गीत थे। विकल्प C गलत है क्योंकि 1937 की किसान कन्या पहली भारतीय रंगीन फिल्म थी, जिसे भी अर्देशिर ईरानी ने बनाया था। विकल्प D गलत है क्योंकि महबूब खान की 1957 की मदर इंडिया विदेशी भाषा श्रेणी में ऑस्कर के लिए नामांकित पहली भारतीय फिल्म थी। 1913, 1931, 1937 और 1957 ये चार वर्ष ही परीक्षक आपस में बदलकर पूछते हैं। फाल्के ने इस फिल्म को बंबई में बनाया था और उसमें सभी भूमिकाएँ पुरुषों ने निभाई थीं, क्योंकि उस समय महिलाएँ कैमरे के सामने नहीं आती थीं।
1931 में आई पहली भारतीय बोलती फिल्म आलम आरा का निर्देशन किसने किया था?
- A.दादासाहेब फाल्के
- B.अर्देशिर ईरानी
- C.वी. शांताराम
- D.महबूब खान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अर्देशिर ईरानी
व्याख्या
सही उत्तर B, अर्देशिर ईरानी है। आलम आरा में रिकॉर्ड किए गए संवाद और गीत थे और यह 1931 में बंबई में प्रदर्शित हुई; ईरानी ने 1937 में किसान कन्या भी बनाई, जो पहली भारतीय रंगीन फिल्म थी, इसीलिए उनका नाम इस अध्याय में दो प्रश्नों का उत्तर है। विकल्प A गलत है क्योंकि दादासाहेब फाल्के मूक युग के हैं और उन्होंने 1913 में पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र बनाई थी। विकल्प C गलत है क्योंकि दो आँखें बारह हाथ तथा झनक झनक पायल बाजे बनाने वाले वी. शांताराम बाद के काल के हैं और उन्हें दादासाहेब फाल्के पुरस्कार मिला था। विकल्प D गलत है क्योंकि महबूब खान ने 1957 में मदर इंडिया निर्देशित की थी। याद रखें कि पहली बोलती और पहली रंगीन फिल्म का निर्देशक एक ही है।
नाट्यशास्त्र, जो भारतीय नाट्य कला का सबसे प्राचीन ग्रंथ है, किसकी रचना मानी जाती है?
- A.भरत
- B.अभिनवगुप्त
- C.भास
- D.पाणिनि
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भरत
व्याख्या
सही उत्तर A, भरत है। नाट्यशास्त्र में नाट्यगृह, अभिनेता की मुद्राएँ, संगीत, नृत्य तथा रस का सिद्धांत वर्णित है, अर्थात वह भाव जो प्रदर्शन दर्शक के मन में जगाता है, और यही ग्रंथ भारतीय रंगमंच तथा नृत्य की हर शास्त्रीय शैली का आधार है। विकल्प B गलत है क्योंकि अभिनवगुप्त कश्मीर के बाद के टीकाकार थे, जिन्होंने इसी ग्रंथ पर अभिनवभारती लिखी, स्वयं ग्रंथ नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि भास नाटककार थे, स्वप्नवासवदत्तम् के रचयिता, सिद्धांतकार नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि पाणिनि ने संस्कृत व्याकरण पर अष्टाध्यायी लिखी थी। परीक्षक ग्रंथ और टीकाकार को एक साथ रखते हैं, इसलिए रचना के लिए भरत और टीका के लिए अभिनवगुप्त याद रखें। इस ग्रंथ में आठ रस गिनाए गए हैं, और नवाँ रस शांत बाद के आचार्यों ने जोड़ा, जो परीक्षा में अलग से पूछा जाता है।
यक्षगान किस राज्य का पारंपरिक नाट्य रूप है?
- A.कर्नाटक
- B.केरल
- C.महाराष्ट्र
- D.गुजरात
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कर्नाटक
व्याख्या
सही उत्तर A, कर्नाटक है। यक्षगान तटीय कर्नाटक में रातभर चलता है और इसमें महाकाव्यों के प्रसंग ऊँचे शिरोवस्त्र, रंगे चेहरों, कथा सँभालने वाले गायक और नृत्य की ताल देने वाले ढोल के साथ प्रस्तुत किए जाते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि केरल का संस्कृत रंगमंच कुटियाट्टम है, जिसे यूनेस्को ने अमूर्त सांस्कृतिक विरासत माना है, और उसका नृत्य नाट्य कथकली है। विकल्प C गलत है क्योंकि महाराष्ट्र का लोक नाट्य तमाशा है, जिसके साथ पोवाड़ा गाथा चलती है। विकल्प D गलत है क्योंकि गुजरात में राजस्थान के साथ भवई प्रचलित है, जो व्यंग्य प्रधान लोक नाटक है। यह इस अध्याय का सबसे आम प्रश्न रूप है, इसलिए रूपों को विवरण से नहीं, राज्यों के साथ जोड़ी बनाकर याद करें। यक्षगान में कथा सँभालने वाले गायक को भागवत कहा जाता है और इसमें चंडे तथा मद्दले नामक वाद्य बजाए जाते हैं।
छाया कठपुतली का रूप तोलु बोम्मलाटा किस राज्य से संबंधित है?
- A.आंध्र प्रदेश
- B.पश्चिम बंगाल
- C.राजस्थान
- D.केरल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आंध्र प्रदेश
व्याख्या
सही उत्तर A, आंध्र प्रदेश है। तोलु बोम्मलाटा में चमड़े की बड़ी कठपुतलियाँ प्रकाशित परदे के पीछे रखी जाती हैं और उनकी छायाएँ रातभर रामायण तथा महाभारत के प्रसंग सुनाती हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल की परंपरा पुतुल नाच है, जिसमें दंड कठपुतलियाँ प्रयोग होती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि राजस्थान कठपुतली का घर है, जो मेलों में दिखने वाला धागा कठपुतली रूप है। विकल्प D गलत है क्योंकि केरल में पावाकथकली है, जो दस्ताना कठपुतली रूप है और कथकली की वेशभूषा तथा संगीत लेता है। कठपुतली के प्रश्न राज्य के साथ-साथ कठपुतली के प्रकार से भी तय होते हैं, इसलिए धागा, छाया, दंड और दस्ताना के एक-एक उदाहरण याद रखें। संगीत नाटक अकादमी अपने केंद्रों तथा वार्षिक समारोहों के माध्यम से इन कठपुतली परंपराओं को सहयोग देती है।
संस्कृत नाटक मृच्छकटिकम् की रचना किसने की थी?
- A.कालिदास
- B.शूद्रक
- C.हर्ष
- D.भवभूति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. शूद्रक
व्याख्या
सही उत्तर B, शूद्रक है। मृच्छकटिकम्, अर्थात मिट्टी की छोटी गाड़ी, व्यापारी चारुदत्त और नगरवधू वसंतसेना की कथा कहता है और इसका महत्व इसलिए है कि यह राजाओं के स्थान पर सामान्य नगर जीवन का चित्र देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कालिदास ने अभिज्ञानशाकुंतलम्, मालविकाग्निमित्रम् और विक्रमोर्वशीयम् लिखे। विकल्प C गलत है क्योंकि कन्नौज के शासक हर्ष को रत्नावली, नागानंद और प्रियदर्शिका का रचयिता माना जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि भवभूति ने उत्तररामचरित और मालतीमाधव लिखे। एक और नाम याद रखने योग्य है, मुद्राराक्षस के रचयिता विशाखदत्त, जिसकी कथा चंद्रगुप्त मौर्य और चाणक्य के इर्द-गिर्द है, क्योंकि पेपर उन्हें इन्हीं चार के बीच रखता है। इस नाटक पर बाद में उत्सव नाम से फिल्म भी बनी, और इसे शास्त्रीय संस्कृत रंगमंच की श्रेष्ठ रचनाओं में गिना जाता है। नाटक की प्रस्तावना में शूद्रक को राजा बताया गया है, यद्यपि उनके बारे में निश्चित रूप से कुछ ज्ञात नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पहली भारतीय फीचर फिल्म कौन थी और उसे किसने बनाया?
राजा हरिश्चंद्र, सत्यवादी राजा की कथा पर बनी मूक फिल्म, जिसे दादासाहेब फाल्के ने 1913 में बनाया। फाल्के को भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है और 1969 का आजीवन योगदान पुरस्कार उनके नाम पर है।
असम के अंकिया नाट किसने लिखे थे?
श्रीमंत शंकरदेव ने, जो असम के वैष्णव आंदोलन के संत थे। उनके एकांकी नाटक सत्र या नामघर के प्रार्थना कक्ष में भावना के रूप में सूत्रधार, गीतों और मुखौटों के साथ खेले जाते हैं।
ऑस्कर जीतने वाले पहले भारतीय कौन थे?
भानु अथैया, जिन्हें 1983 में रिचर्ड एटनबरो की फिल्म गांधी की वस्त्र सज्जा के लिए जॉन मोलो के साथ यह पुरस्कार मिला। सत्यजित राय को मानद ऑस्कर बाद में, 1992 में मिला।
भारत का कौन-सा नाट्य रूप यूनेस्को की अमूर्त विरासत सूची में है?
केरल का संस्कृत रंगमंच कुटियाट्टम सबसे पहले मान्यता पाने वालों में था, और बाद में रामलीला तथा उत्तराखंड का रम्माण भी इस सूची में जोड़े गए।
पहली बोलती और पहली रंगीन भारतीय फिल्म किसने बनाई?
अर्देशिर ईरानी ने, जिन्होंने 1931 में आलम आरा बनाई और 1937 में किसान कन्या का निर्माण किया। एक ही नाम दोनों प्रश्नों का उत्तर है, इसीलिए परीक्षक इन्हें साथ पूछते हैं।
स्रोत
- संगीत नाटक अकादमी, भारत की पारंपरिक नाट्य एवं कठपुतली कला — संगीत नाटक अकादमी, संस्कृति मंत्रालय
- इंडिया ईयर बुक, कला एवं संस्कृति अध्याय — प्रकाशन विभाग, भारत सरकार





