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GK नोट्सकला और संस्कृतिआधुनिक भारतीय कला और कलाकार

आधुनिक भारतीय कला और कलाकार: चित्रकार, कृतियाँ और शैलियाँ

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आधुनिक भारतीय कला के नोट्स: औपनिवेशिक कला विद्यालय, राजा रवि वर्मा, बंगाल स्कूल, अमृता शेरगिल, प्रगतिशील समूह और आधुनिक मूर्तिकला।

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आधुनिक भारतीय कला और कलाकार: चित्रकार, कृतियाँ और शैलियाँ — GK24 title card
आधुनिक भारतीय कला और कलाकार: चित्रकार, कृतियाँ और शैलियाँ — GK24 title card

आधुनिक भारतीय कला की कहानी उन्नीसवीं सदी से शुरू होती है, जब अंग्रेजी राज के कला विद्यालयों ने भारतीय चित्रकारों को तेल रंग, परिप्रेक्ष्य और यथार्थवादी शैली सिखाई। पहले भारतीय कलाकारों ने यह यूरोपीय तकनीक सीखी, फिर बंगाल स्कूल ने उसे अस्वीकार कर भारतीय शैली की खोज की, और 1947 के बाद प्रगतिशील कलाकार समूह ने अपनी आधुनिक भाषा गढ़ी। परीक्षाओं में यह विषय जोड़ियों के रूप में पूछा जाता है — कलाकार और उसकी प्रसिद्ध कृति, कलाकार और उसकी शैली, संस्था और उसका स्थापना वर्ष।

औपनिवेशिक कला विद्यालय

चार सरकारी कला विद्यालयों ने प्रशिक्षित भारतीय कलाकारों की पहली पीढ़ी तैयार की। मद्रास स्कूल ऑफ आर्ट की स्थापना 1850 में अलेक्जेंडर हंटर ने की। गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट, कलकत्ता 1854 में खुला। बॉम्बे का सर जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट 1857 में पारसी व्यापारी जमशेदजी जीजीभाई के दान से शुरू हुआ और उनका ही नाम रखा गया। लाहौर का मेयो स्कूल ऑफ आर्ट्स 1875 में बना, जिसके पहले प्रधानाचार्य जॉन लॉकवुड किपलिंग थे — रुडयार्ड किपलिंग के पिता। इन विद्यालयों की शैली को अकादमिक यथार्थवाद कहा जाता है।

राजा रवि वर्मा

राजा रवि वर्मा (1848-1906) का जन्म त्रावणकोर रियासत के किलिमानूर में हुआ। उन्होंने यूरोपीय तेल चित्रण तकनीक को पौराणिक विषयों के साथ जोड़ा और देवी-देवताओं तथा महाकाव्य की नायिकाओं को कैनवास पर उतारा। शकुंतला, हंस दमयंती, लेडी विद द लैंप और त्रावणकोर दरबार के चित्र उनकी प्रमुख कृतियाँ हैं। उन्होंने बॉम्बे के निकट एक लिथोग्राफिक प्रेस लगाई, जिसके सस्ते ओलियोग्राफ उनके चित्रों को आम घरों तक पहुँचा गए। इसी लोकप्रियता के कारण अगली पीढ़ी ने उनकी शैली को अनुकरणात्मक और अभारतीय कहकर नकार दिया।

बंगाल स्कूल और शांतिनिकेतन

बंगाल स्कूल बीसवीं सदी के पहले दशक में कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में पनपा, जिसे प्रधानाचार्य ई. बी. हैवेल का प्रोत्साहन मिला। इसके प्रवर्तक अबनींद्रनाथ टैगोर (1871-1951) थे, जो रवींद्रनाथ टैगोर के भतीजे थे। उन्होंने जापानी चित्रकला तथा मुगल और राजपूत लघुचित्रों के अध्ययन के बाद वॉश तकनीक को पुनर्जीवित किया। 1905 में बनाया उनका भारत माता चित्र — भगवा वस्त्र में चतुर्भुजी आकृति, जिसके हाथों में पुस्तक, धान की बालियाँ, श्वेत वस्त्र और रुद्राक्ष माला है — स्वदेशी आंदोलन का प्रतीक बन गया। शाहजहाँ का अंत उनकी दूसरी प्रसिद्ध कृति है। उनके भाई गगनेंद्रनाथ टैगोर ने कलकत्ता समाज पर तीखे व्यंग्यचित्र बनाए और बाद में क्यूबिस्ट शैली अपनाई। रवींद्रनाथ टैगोर ने साठ वर्ष की आयु के बाद चित्र बनाना शुरू किया, अपनी हस्तलिपि की काट-छाँट से, और 1930 में पेरिस में प्रदर्शनी लगाई।

नंदलाल बोस (1882-1966) अबनींद्रनाथ के शिष्य थे और शांतिनिकेतन में विश्व-भारती के कला विद्यालय कला भवन के प्रधान रहे। उन्होंने गांधीजी के कहने पर 1938 के हरिपुरा कांग्रेस अधिवेशन के लिए हरिपुरा पैनल बनाए, दांडी मार्च का लिनोकट तैयार किया, और अपने विद्यार्थियों के साथ भारत के संविधान की मूल हस्तलिखित प्रति के हाशिये तथा पृष्ठ-शीर्षक सजाए; उस प्रति की सुलेख प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने की थी। जामिनी रॉय (1887-1972) ने अकादमिक प्रशिक्षण छोड़कर कालीघाट पट और बंगाल की पट-चित्र परंपरा की सपाट आकृतियाँ और मोटी रेखाएँ अपनाईं।

अमृता शेरगिल और नौ महान कलाकार

अमृता शेरगिल (1913-1941) का जन्म बुडापेस्ट में एक सिख पिता और हंगेरियन माता के घर हुआ और उन्होंने पेरिस के एकोल दे बोज़-आर्ट में प्रशिक्षण लिया। किशोरावस्था में ही यंग गर्ल्स ने उन्हें पेरिस सैलून में पहचान दिलाई। भारत लौटकर उन्होंने थ्री गर्ल्स, ब्राइड्स टॉयलेट, ब्रह्मचारी और साउथ इंडियन विलेजर्स गोइंग टु ए मार्केट बनाए, जिनमें पेरिस की शैली की जगह अजंता के भित्तिचित्र और पहाड़ी लघुचित्र दिखते हैं। अट्ठाइस वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। नौ कलाकारों की कृतियों को कला निधि घोषित किया गया है और उन्हें देश से बाहर नहीं भेजा जा सकता: राजा रवि वर्मा, तीनों टैगोर, नंदलाल बोस, जामिनी रॉय, अमृता शेरगिल, सैलोज मुखर्जी और निकोलस रोरिक।

कलाकार और उनकी कृतियाँ

कलाकारपहचानप्रसिद्ध कृति
राजा रवि वर्मातेल रंग, पौराणिक विषयशकुंतला, हंस दमयंती
अबनींद्रनाथ टैगोरबंगाल स्कूल, वॉश तकनीकभारत माता (1905)
नंदलाल बोसशांतिनिकेतन, संविधान की सज्जाहरिपुरा पैनल (1938)
जामिनी रॉयकालीघाट लोक शैलीमदर एंड चाइल्ड
अमृता शेरगिलउत्तर-प्रभाववाद, अजंता प्रभावथ्री गर्ल्स, ब्राइड्स टॉयलेट
एम. एफ. हुसैनघोड़े, भित्तिचित्र, सिनेमाथ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर
एस. एच. रज़ाअमूर्त कला, बिंदुबिंदु श्रृंखला
रामकिंकर बैजआधुनिक खुली मूर्तिकलासंथाल फैमिली (1938)
डी. पी. रॉय चौधरीसार्वजनिक कांस्य मूर्तियाँट्रायंफ ऑफ लेबर, चेन्नई

प्रगतिशील कलाकार समूह और उसके बाद

प्रगतिशील कलाकार समूह की स्थापना 1947 में बॉम्बे में फ्रांसिस न्यूटन सूज़ा ने की। इसके छह सदस्य थे — सूज़ा, एम. एफ. हुसैन, एस. एच. रज़ा, के. एच. आरा, एच. ए. गाडे और मूर्तिकार एस. के. बाकरे। वे न कला विद्यालयों का अकादमिक यथार्थवाद चाहते थे और न बंगाल स्कूल का पुनरुत्थानवाद, बल्कि यूरोपीय आधुनिकतावाद और भारतीय विषयों से बनी एक नई भाषा चाहते थे। एम. एफ. हुसैन को भारत का पिकासो कहा जाता है; उन्होंने घोड़ों तथा रामायण और महाभारत पर श्रृंखलाएँ बनाईं, लघु फिल्म थ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर का निर्देशन किया, जिसे 1967 के बर्लिन समारोह में लघु फिल्म का गोल्डन बेयर मिला, और उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण तथा पद्म विभूषण मिले। एस. एच. रज़ा पेरिस में बसे, 1956 में वहाँ का प्री द ला क्रितिक जीता, और बाद की कला को बिंदु पर आधारित किया। तैयब मेहता की डायगोनल श्रृंखला, वी. एस. गायतोंडे के अमूर्त कैनवास तथा अकबर पदमसी, कृष्ण खन्ना और राम कुमार का काम इन्हीं दशकों का है। मद्रास में के. सी. एस. पणिक्कर ने 1966 में चोलामंडल कलाकार ग्राम बसाया, जो देश का पहला कलाकार समुदाय था।

मूर्तिकला और संस्थाएँ

शांतिनिकेतन में सीमेंट और लैटराइट से काम करने वाले रामकिंकर बैज ने 1938 में संथाल फैमिली बनाई, जिसे भारत की पहली आधुनिक सार्वजनिक मूर्ति माना जाता है, और मिल कॉल भी। मद्रास कला विद्यालय के पहले भारतीय प्रधानाचार्य देवी प्रसाद रॉय चौधरी ने चेन्नई के मरीना पर कांस्य ट्रायंफ ऑफ लेबर और पटना का शहीद स्मारक बनाया, और वे ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष बने। संस्थाओं में ललित कला अकादमी तथा जयपुर हाउस, नई दिल्ली का राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय दोनों 1954 के हैं, जो संगीत नाटक अकादमी से एक वर्ष बाद बने; शांतिनिकेतन का कला भवन 1919 का है; चार्ल्स कोरिया द्वारा डिज़ाइन किया भारत भवन, भोपाल 1982 में खुला; और देश की सबसे बड़ी समकालीन कला प्रदर्शनी कोच्चि-मुज़िरिस बिएनाले पहली बार 2012 में हुई।

परीक्षा की दृष्टि से

परीक्षक जोड़ियाँ पूछते हैं। कलाकार और प्रसिद्ध कृति (भारत माता — अबनींद्रनाथ, शकुंतला — रवि वर्मा, थ्री गर्ल्स — शेरगिल, संथाल फैमिली — बैज, ट्रायंफ ऑफ लेबर — रॉय चौधरी); कलाकार और शैली (वॉश तकनीक, कालीघाट शैली, बिंदु); संस्था और वर्ष (कला विद्यालय, ललित कला अकादमी 1954, चोलामंडल 1966)। सबसे आम जाल हैं — संविधान सजाने वाले नंदलाल बोस और उसे लिखने वाले प्रेम बिहारी नारायण रायजादा में भ्रम, तीनों टैगोर चित्रकारों में उलझाव, और ललित कला अकादमी का वर्ष 1953 बता देना, जो वास्तव में संगीत नाटक अकादमी का है। कला निधि घोषित कलाकारों की सूची पर भी प्रश्न आता है।

महत्वपूर्ण तथ्य

सर जे. जे. स्कूल ऑफ आर्ट, बॉम्बेस्थापना 1857, जमशेदजी जीजीभाई के दान से
भारत माता (1905)अबनींद्रनाथ टैगोर, बंगाल स्कूल
संविधान की मूल प्रति की सज्जानंदलाल बोस और शांतिनिकेतन के उनके विद्यार्थी
संविधान की सुलेखप्रेम बिहारी नारायण रायजादा
हरिपुरा पैनलनंदलाल बोस, 1938 कांग्रेस अधिवेशन
संथाल फैमिली (1938)रामकिंकर बैज, भारत की पहली आधुनिक सार्वजनिक मूर्ति
प्रगतिशील कलाकार समूहबॉम्बे, 1947, संस्थापक एफ. एन. सूज़ा
बिंदु श्रृंखलाएस. एच. रज़ा; प्री द ला क्रितिक, पेरिस, 1956
ललित कला अकादमी1954, नई दिल्ली; पहले अध्यक्ष डी. पी. रॉय चौधरी
राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय1954, जयपुर हाउस, नई दिल्ली
चोलामंडल कलाकार ग्राम1966, चेन्नई के निकट, संस्थापक के. सी. एस. पणिक्कर
कोच्चि-मुज़िरिस बिएनालेपहली बार 2012, केरल

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.कला और संस्कृतिआसान

पौराणिक विषयों पर तेल चित्रों के लिए प्रसिद्ध राजा रवि वर्मा का जन्म किलिमानूर में हुआ, जो किस रियासत में था?

  1. A.त्रावणकोर
  2. B.मैसूर
  3. C.बड़ौदा
  4. D.जयपुर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. त्रावणकोर

व्याख्या

सही उत्तर A, त्रावणकोर है। राजा रवि वर्मा का जन्म 1848 में त्रावणकोर रियासत के किलिमानूर महल में हुआ था, जो आज के केरल में है, और उन्होंने त्रावणकोर दरबार के अनेक चित्र बनाए। उन्हें यूरोपीय तेल तकनीक और परिप्रेक्ष्य को भारतीय पौराणिक विषयों से जोड़ने के लिए याद किया जाता है, जैसे शकुंतला, हंस दमयंती और लेडी विद द लैंप। विकल्प B गलत है क्योंकि मैसूर का संबंध मैसूर चित्रशैली और वाडियार दरबार से है, रवि वर्मा के जन्म से नहीं। विकल्प C भ्रमित करने वाला है: रवि वर्मा ने बड़ौदा के गायकवाड़ शासक के लिए कई चित्र बनाए थे, परंतु उनका जन्म वहाँ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि जयपुर राजस्थानी लघुचित्र परंपरा से जुड़ा है। किलिमानूर को जन्मस्थान और बड़ौदा को उन्हें चित्र बनवाने वाला दरबार याद रखें; परीक्षा में इन दोनों रियासतों को एक ही प्रश्न में आमने-सामने रखा जाता है।

Q2.कला और संस्कृतिआसान

1905 में बना भारत माता चित्र, जिसमें भगवा वस्त्र में चतुर्भुजी आकृति है, किसने बनाया था?

  1. A.नंदलाल बोस
  2. B.अबनींद्रनाथ टैगोर
  3. C.जामिनी रॉय
  4. D.गगनेंद्रनाथ टैगोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अबनींद्रनाथ टैगोर

व्याख्या

सही उत्तर B, अबनींद्रनाथ टैगोर है। उन्होंने बंगाल विभाजन के बाद चले स्वदेशी आंदोलन के दौरान 1905 में भारत माता चित्र बनाया, जिसमें मातृभूमि को भगवा वस्त्र में शांत चतुर्भुजी आकृति के रूप में दिखाया गया है, जिसके हाथों में पुस्तक, धान की बालियाँ, श्वेत वस्त्र और रुद्राक्ष माला है — यानी विद्या, अन्न, वस्त्र और आस्था के चार वरदान। अबनींद्रनाथ बंगाल स्कूल के प्रवर्तक थे और उन्होंने वॉश तकनीक को पुनर्जीवित किया। विकल्प A गलत है क्योंकि उनके शिष्य नंदलाल बोस हरिपुरा पैनल और संविधान की सज्जा के लिए जाने जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि जामिनी रॉय कालीघाट लोक शैली में काम करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि गगनेंद्रनाथ टैगोर व्यंग्यचित्रों और क्यूबिस्ट प्रयोगों के लिए प्रसिद्ध हैं। वर्ष 1905 भी याद रखें, जो बंगाल विभाजन का वर्ष है, क्योंकि इस चित्र की तिथि उसके चित्रकार के नाम जितनी ही बार पूछी जाती है।

Q3.कला और संस्कृतिमध्यम

भारत के संविधान की मूल हस्तलिखित प्रति के हाशिये और पृष्ठ-सज्जा किस कलाकार तथा उनके विद्यार्थियों ने बनाई थी?

  1. A.प्रेम बिहारी नारायण रायजादा
  2. B.नंदलाल बोस
  3. C.रामकिंकर बैज
  4. D.जामिनी रॉय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. नंदलाल बोस

व्याख्या

सही उत्तर B, नंदलाल बोस है। शांतिनिकेतन के कला भवन के प्रधान नंदलाल बोस को हस्तलिखित संविधान की सज्जा का कार्य सौंपा गया, और उन्होंने अपने विद्यार्थियों के साथ उसके पृष्ठों के हाशिये तथा शीर्षक भारतीय इतिहास के दृश्यों से सजाए — सिंधु मुहरों से लेकर गांधीजी की यात्रा तक। विकल्प A परीक्षा का सबसे आम जाल है: प्रेम बिहारी नारायण रायजादा वह सुलेखक थे जिन्होंने पूरा दस्तावेज़ हाथ से लिखा, परंतु सज्जा उन्होंने नहीं की। विकल्प C गलत है क्योंकि शांतिनिकेतन के ही रामकिंकर बैज मूर्तिकार थे, जिनकी 1938 की संथाल फैमिली भारत की पहली आधुनिक सार्वजनिक मूर्ति मानी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि जामिनी रॉय का इस प्रति से कोई संबंध नहीं था। एक नाम और याद रखने योग्य है: ब्योहार राममनोहर सिंहा, जिन्होंने नंदलाल बोस के मार्गदर्शन में इसी प्रति के प्रस्तावना पृष्ठ की सज्जा की थी।

Q4.कला और संस्कृतिमध्यम

1938 की मूर्ति संथाल फैमिली, जिसे भारत की पहली आधुनिक सार्वजनिक मूर्ति माना जाता है, किसने बनाई?

  1. A.डी. पी. रॉय चौधरी
  2. B.रामकिंकर बैज
  3. C.एस. के. बाकरे
  4. D.सैलोज मुखर्जी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रामकिंकर बैज

व्याख्या

सही उत्तर B, रामकिंकर बैज है। बैज शांतिनिकेतन के कला भवन में कार्यरत थे और उन्होंने 1938 में खुले में सीमेंट तथा लैटराइट से संथाल फैमिली बनाई, जिसमें एक संथाल दंपति अपने बच्चे और कुत्ते के साथ घर बदलते दिखते हैं। उसकी खुरदरी सतह और रोज़मर्रा का विषय उस समय की चिकनी अकादमिक मूर्तिकला से अलग था, इसीलिए उसे आधुनिक भारतीय मूर्तिकला का आरंभ माना जाता है; मिल कॉल उनकी दूसरी प्रसिद्ध कृति है। विकल्प A गलत है क्योंकि देवी प्रसाद रॉय चौधरी ने चेन्नई के मरीना पर कांस्य ट्रायंफ ऑफ लेबर बनाई और वे ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष थे। विकल्प C गलत है क्योंकि एस. के. बाकरे 1947 के प्रगतिशील कलाकार समूह के मूर्तिकार सदस्य थे। विकल्प D गलत है क्योंकि सैलोज मुखर्जी चित्रकार थे। बैज कला भवन में मूर्तिकला पढ़ाते थे, और सीमेंट तथा लैटराइट की उनकी खुली मूर्तियाँ परीक्षाओं में आधुनिक भारतीय मूर्तिकला का मानक उदाहरण हैं।

Q5.कला और संस्कृतिमध्यम

एफ. एन. सूज़ा द्वारा स्थापित प्रगतिशील कलाकार समूह की स्थापना बॉम्बे में किस वर्ष हुई?

  1. A.1919
  2. B.1938
  3. C.1947
  4. D.1954
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1947

व्याख्या

सही उत्तर C, 1947 है। प्रगतिशील कलाकार समूह की स्थापना स्वतंत्रता के वर्ष 1947 में बॉम्बे में फ्रांसिस न्यूटन सूज़ा ने की, और इसके छह सदस्य थे — सूज़ा, एम. एफ. हुसैन, एस. एच. रज़ा, के. एच. आरा, एच. ए. गाडे और मूर्तिकार एस. के. बाकरे। उन्होंने औपनिवेशिक कला विद्यालयों के अकादमिक यथार्थवाद और बंगाल स्कूल के पुनरुत्थानवाद, दोनों को अस्वीकार करके आधुनिक शैली चुनी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1919 में शांतिनिकेतन का कला भवन शुरू हुआ था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1938 हरिपुरा पैनल और संथाल फैमिली का वर्ष है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1954 में ललित कला अकादमी तथा राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय की स्थापना हुई, जो बाद की घटनाएँ हैं। अगला प्रश्न अक्सर यह पूछा जाता है कि समूह का कौन सदस्य चित्रकार नहीं बल्कि मूर्तिकार था, और उत्तर है एस. के. बाकरे।

Q6.कला और संस्कृतिमध्यम

किस आधुनिक भारतीय चित्रकार ने अपनी बाद की अमूर्त कला को बिंदु प्रतीक पर आधारित किया?

  1. A.एस. एच. रज़ा
  2. B.वी. एस. गायतोंडे
  3. C.तैयब मेहता
  4. D.अकबर पदमसी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एस. एच. रज़ा

व्याख्या

सही उत्तर A, एस. एच. रज़ा है। प्रगतिशील कलाकार समूह के संस्थापक सदस्य रज़ा पेरिस में बस गए, 1956 में वहाँ का प्री द ला क्रितिक पुरस्कार जीता, और 1970 के दशक से अपने कैनवास बिंदु के चारों ओर रचे — वह काला बीज-बिंदु जिससे, उनके शब्दों में, आकार और ऊर्जा फूटती है; इसके साथ वे पंचतत्व के त्रिभुज और वर्ग भी जोड़ते थे। विकल्प B गलत है क्योंकि वी. एस. गायतोंडे अपनी कला को अवस्तुपरक कहते थे और रंग की परतों का प्रयोग करते थे, किसी एक प्रतीक का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि तैयब मेहता डायगोनल श्रृंखला, फॉलिंग फिगर और सेलिब्रेशन के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अकबर पदमसी मेटास्केप और प्रोफेट्स के लिए प्रसिद्ध हैं। रज़ा का जन्म 1922 में मध्य प्रदेश में हुआ, उनका कार्यकाल बड़े हिस्से में फ्रांस में बीता, और उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण तथा पद्म विभूषण मिले।

Q7.कला और संस्कृतिआसान

बुडापेस्ट में जन्मी और पेरिस में प्रशिक्षित किस चित्रकार ने थ्री गर्ल्स तथा ब्राइड्स टॉयलेट बनाए?

  1. A.अंजोली एला मेनन
  2. B.अमृता शेरगिल
  3. C.सुनयनी देवी
  4. D.शारदा उकील
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अमृता शेरगिल

व्याख्या

सही उत्तर B, अमृता शेरगिल है। शेरगिल का जन्म 1913 में बुडापेस्ट में एक सिख पिता और हंगेरियन माता के घर हुआ और उन्होंने पेरिस के एकोल दे बोज़-आर्ट में प्रशिक्षण लिया, जहाँ यंग गर्ल्स ने उन्हें सैलून में प्रारंभिक पहचान दिलाई। भारत लौटकर वे अजंता के भित्तिचित्रों और पहाड़ी लघुचित्रों की ओर मुड़ीं और थ्री गर्ल्स, ब्राइड्स टॉयलेट, ब्रह्मचारी तथा साउथ इंडियन विलेजर्स गोइंग टु ए मार्केट बनाए; 1941 में अट्ठाइस वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। विकल्प A गलत है क्योंकि अंजोली एला मेनन बहुत बाद की पीढ़ी की हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सुनयनी देवी टैगोर परिवार की स्वयं-शिक्षित चित्रकार थीं। विकल्प D गलत है क्योंकि शारदा उकील बंगाल स्कूल के चित्रकार थे जो दिल्ली में पढ़ाते थे। वे उन नौ कलाकारों में सबसे कम आयु की हैं जिनकी कृतियाँ राष्ट्रीय कला निधि घोषित हैं और भारत से बाहर नहीं भेजी जा सकतीं।

Q8.कला और संस्कृतिमध्यम

जामिनी रॉय ने अकादमिक तेल चित्रण छोड़कर किस लोक परंपरा की सपाट आकृतियाँ और मोटी रेखाएँ अपनाईं?

  1. A.मिथिला की मधुबनी
  2. B.बंगाल की कालीघाट पट
  3. C.महाराष्ट्र की वारली
  4. D.राजस्थान की फड़
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बंगाल की कालीघाट पट

व्याख्या

सही उत्तर B, बंगाल की कालीघाट पट है। जामिनी रॉय ने कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में अकादमिक शैली सीखी, परंतु उसे छोड़कर कालीघाट पट अपनाई — कालीघाट मंदिर के पास तीर्थयात्रियों को बिकने वाले सस्ते कूँची-चित्र — और बंगाल की पट-चित्र परंपरा भी। इनसे उन्होंने एक ही लहरदार रेखा, सपाट मिट्टी जैसे रंग और बड़ी आँखें लीं, जो उनकी मदर एंड चाइल्ड तथा संथाल नर्तकियों में दिखती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मधुबनी बिहार के मिथिला क्षेत्र की भित्ति और कागज़ चित्रकला है। विकल्प C गलत है क्योंकि वारली चित्रकला महाराष्ट्र की वारली जनजाति की है, जो मिट्टी की पृष्ठभूमि पर सफेद रंग से बनती है। विकल्प D गलत है क्योंकि फड़ राजस्थान के भोपा गायकों का लंबा चित्रित पट है। रॉय को 1955 में पद्म भूषण मिला, और उनकी कृतियाँ भी उन नौ कलाकारों की सूची में हैं जिनके चित्र राष्ट्रीय कला निधि हैं।

Q9.कला और संस्कृतिमध्यम

भारत की राष्ट्रीय कला अकादमी ललित कला अकादमी की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1950
  2. B.1953
  3. C.1954
  4. D.1961
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1954

व्याख्या

सही उत्तर C, 1954 है। राष्ट्रीय कला अकादमी ललित कला अकादमी की स्थापना 1954 में नई दिल्ली में हुई और मूर्तिकार देवी प्रसाद रॉय चौधरी उसके पहले अध्यक्ष बने; नई दिल्ली के जयपुर हाउस का राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय भी इसी वर्ष का है। अकादमी राष्ट्रीय अकादमी पुरस्कार और ललित कला रत्न देती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 1950 में संविधान लागू हुआ था। विकल्प B निकट का भ्रम है, क्योंकि संगीत, नृत्य और नाट्य की संगीत नाटक अकादमी एक वर्ष पहले 1953 में बनी थी; साहित्य की साहित्य अकादमी ललित कला अकादमी के साथ 1954 की है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1961 में पुणे का फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान स्थापित हुआ। तीनों अकादमियों को साथ याद रखें: संगीत नाटक अकादमी 1953, तथा साहित्य अकादमी और ललित कला अकादमी दोनों 1954 में।

Q10.कला और संस्कृतिमध्यम

1966 में के. सी. एस. पणिक्कर द्वारा बसाया गया चोलामंडल कलाकार ग्राम किस शहर के निकट है?

  1. A.चेन्नई
  2. B.बेंगलुरु
  3. C.कोच्चि
  4. D.हैदराबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चेन्नई

व्याख्या

सही उत्तर A, चेन्नई है। चोलामंडल कलाकार ग्राम 1966 में चेन्नई के दक्षिण में समुद्र तट पर के. सी. एस. पणिक्कर तथा मद्रास कला आंदोलन के अन्य कलाकारों ने बसाया था, और इसे भारत का पहला आत्मनिर्भर कलाकार समुदाय कहा जाता है, जहाँ चित्रकार और मूर्तिकार साथ रहते थे तथा बाटिक और धातुकर्म बेचकर अपने स्टूडियो चलाते थे। विकल्प B गलत है क्योंकि बेंगलुरु का संबंध कर्नाटक चित्रकला परिषत् से है। विकल्प C गलत है क्योंकि कोच्चि में 2012 से कोच्चि-मुज़िरिस बिएनाले होती है, जो प्रदर्शनी है, आवासीय ग्राम नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हैदराबाद में इस प्रकार का कोई कलाकार ग्राम नहीं है, वहाँ सालारजंग संग्रहालय है। परीक्षा में जोड़ी इस प्रकार बनती है — वर्ष 1966, पणिक्कर और चेन्नई — इसलिए तीनों को साथ याद रखें; इसकी पृष्ठभूमि मद्रास कला आंदोलन है।

Q11.कला और संस्कृतिकठिन

किस भारतीय चित्रकार ने लघु फिल्म थ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर का निर्देशन किया, जिसे 1967 में बर्लिन में लघु फिल्म का गोल्डन बेयर मिला?

  1. A.एफ. एन. सूज़ा
  2. B.एम. एफ. हुसैन
  3. C.सतीश गुजराल
  4. D.कृष्ण खन्ना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एम. एफ. हुसैन

व्याख्या

सही उत्तर B, एम. एफ. हुसैन है। प्रगतिशील कलाकार समूह के संस्थापक सदस्य और भारत का पिकासो कहे जाने वाले मकबूल फिदा हुसैन ने लघु फिल्म थ्रू द आइज़ ऑफ ए पेंटर बनाई, जिसे 1967 के बर्लिन समारोह में लघु फिल्म का गोल्डन बेयर मिला; बाद में उन्होंने गज गामिनी नामक फीचर फिल्म बनाई। वे अपने घोड़ों तथा रामायण और महाभारत श्रृंखलाओं के लिए याद किए जाते हैं, उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण मिले, और वे राज्यसभा के लिए मनोनीत हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि समूह के संस्थापक एफ. एन. सूज़ा चित्रकार और लेखक थे जो लंदन चले गए। विकल्प C गलत है क्योंकि सतीश गुजराल चित्रकार, भित्तिचित्रकार और वास्तुकार थे। विकल्प D गलत है क्योंकि समूह के सदस्य कृष्ण खन्ना बैंडवालों के चित्र बनाते थे। हुसैन का जन्म 1915 में महाराष्ट्र के पंढरपुर में हुआ और उन्होंने अपने कार्यजीवन की शुरुआत बॉम्बे में सिनेमा के होर्डिंग रंगने से की थी।

Q12.कला और संस्कृतिकठिन

चेन्नई के मरीना पर स्थित कांस्य मूर्ति ट्रायंफ ऑफ लेबर ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष ने बनाई थी। वे कौन थे?

  1. A.रामकिंकर बैज
  2. B.देवी प्रसाद रॉय चौधरी
  3. C.के. सी. एस. पणिक्कर
  4. D.नंदलाल बोस
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सही उत्तर: B. देवी प्रसाद रॉय चौधरी

व्याख्या

सही उत्तर B, देवी प्रसाद रॉय चौधरी है। अबनींद्रनाथ टैगोर के शिष्य रॉय चौधरी मद्रास के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट के पहले भारतीय प्रधानाचार्य बने। उन्होंने ट्रायंफ ऑफ लेबर बनाई — चार श्रमिकों का वह समूह जो चट्टान हटाने में जुटा है और चेन्नई के मरीना तट पर खड़ा है — तथा पटना सचिवालय के बाहर का शहीद स्मारक भी। 1954 में वे ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष नियुक्त हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि उस काल के दूसरे बड़े मूर्तिकार रामकिंकर बैज ने शांतिनिकेतन में संथाल फैमिली और मिल कॉल बनाई। विकल्प C गलत है क्योंकि के. सी. एस. पणिक्कर चित्रकार थे जिन्होंने चोलामंडल बसाया। विकल्प D गलत है क्योंकि नंदलाल बोस चित्रकार थे, मूर्तिकार नहीं। दोनों मूर्तिकारों को उनके शहरों से अलग पहचानें: रामकिंकर बैज शांतिनिकेतन में, देवी प्रसाद रॉय चौधरी मद्रास और पटना में।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आधुनिक भारतीय कला का जनक किसे कहा जाता है?

राजा रवि वर्मा को सामान्यतः आधुनिक भारतीय चित्रकला का जनक कहा जाता है, क्योंकि वे यूरोपीय तेल तकनीक में पारंगत होकर उसे भारतीय विषयों पर लगाने वाले पहले भारतीय थे। राष्ट्रीय शैली के अर्थ में अबनींद्रनाथ टैगोर को आधुनिक भारतीय कला का जनक कहा जाता है, क्योंकि उनका बंगाल स्कूल भारतीय आधुनिक शैली का पहला सचेत प्रयास था।

भारत के संविधान की मूल प्रति को किसने सजाया था?

शांतिनिकेतन के कला भवन में नंदलाल बोस और उनके विद्यार्थियों ने हस्तलिखित संविधान के हाशिये और पृष्ठ-शीर्षक भारतीय इतिहास के दृश्यों से सजाए। मूल पाठ सुलेखक प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने इटैलिक लिपि में लिखा था। प्रस्तावना पृष्ठ की सज्जा ब्योहार राममनोहर सिंहा ने की थी।

किन कलाकारों की कृतियाँ राष्ट्रीय कला निधि घोषित हैं?

सूची में नौ कलाकार हैं: राजा रवि वर्मा, अबनींद्रनाथ टैगोर, गगनेंद्रनाथ टैगोर, रवींद्रनाथ टैगोर, नंदलाल बोस, जामिनी रॉय, अमृता शेरगिल, सैलोज मुखर्जी और निकोलस रोरिक। प्राचीन वस्तु एवं कला निधि अधिनियम के अंतर्गत उनकी कृतियाँ कला निधि हैं और भारत से बाहर नहीं भेजी जा सकतीं।

बंगाल स्कूल ऑफ आर्ट क्या था?

बंगाल स्कूल बीसवीं सदी के आरंभ का आंदोलन था, जो कलकत्ता के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट में अबनींद्रनाथ टैगोर के नेतृत्व और प्रधानाचार्य ई. बी. हैवेल के समर्थन से चला। इसने अकादमिक तेल यथार्थवाद को नकारकर वॉश तकनीक तथा मुगल, राजपूत और अजंता चित्रकला के विषयों को राष्ट्रवादी विकल्प के रूप में पुनर्जीवित किया।

प्रगतिशील कलाकार समूह के सदस्य कौन थे?

इसकी स्थापना 1947 में बॉम्बे में छह कलाकारों ने की: एफ. एन. सूज़ा, एम. एफ. हुसैन, एस. एच. रज़ा, के. एच. आरा, एच. ए. गाडे और मूर्तिकार एस. के. बाकरे। आगे के वर्षों में अकबर पदमसी, तैयब मेहता, कृष्ण खन्ना, राम कुमार और वी. एस. गायतोंडे इस समूह से जुड़े रहे।

स्रोत

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