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कला और संस्कृति पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ) उत्तर सहित

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SSC, बैंकिंग, रेलवे और अन्य परीक्षाओं के पिछले वर्षों के पेपरों में पूछे गए कला और संस्कृति के प्रश्न, परीक्षा और वर्ष, उत्तर और व्याख्या सहित।

52 पिछले वर्षों के प्रश्न

Q1.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025कठिन

सूची-I व सूची-II को सुमेलित करते हुए राजस्थान की प्रसिद्ध चित्रकला शैलियों एवं उनके चित्रकारों के संबंध में सही विकल्प चुनिये:

सूची-I

A. किशनगढ़

B. बीकानेर

C. मेवाड़

D. मारवाड़

सूची-II

(i) साहिबदीन

(ii) निहालचंद

(iii) अली रज़ा

(iv) शिवदास

  1. A.A-ii, B-iv, C-i, D-iii
  2. B.A-ii, B-iii, C-i, D-iv
  3. C.A-ii, B-iii, C-iv, D-i
  4. D.A-ii, B-i, C-iii, D-iv
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A-ii, B-iii, C-i, D-iv

व्याख्या

सही उत्तर है B, A-ii, B-iii, C-i, D-iv। निहालचंद 18वीं शताब्दी में राजा सावंत सिंह, यानी कवि नागरीदास, के समय किशनगढ़ के प्रमुख चित्रकार थे; लंबी नाक, धनुषाकार भौंहों और कमल जैसी आँखों वाली उनकी 'बणी-ठणी' को भारत की मोनालिसा कहा जाता है। दिल्ली से आए उस्ताद अली रज़ा ने 17वीं शताब्दी में महाराजा कर्णसिंह के समय बीकानेर में काम किया, इसीलिए बीकानेर शैली में मुगल प्रभाव साफ दिखता है। साहिबदीन महाराणा जगत सिंह प्रथम के समय मेवाड़ के प्रमुख चित्रकार थे; 1628 की उनकी रागमाला और रामायण चित्रों ने उदयपुर शैली को आकार दिया। शिवदास की गिनती मारवाड़ यानी जोधपुर शैली के चित्रकारों में होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को बीकानेर और अली रज़ा को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें शिवदास को मेवाड़ और साहिबदीन को मारवाड़ से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें साहिबदीन को बीकानेर और अली रज़ा को मेवाड़ से जोड़ा गया है। परीक्षा टिप: बणी-ठणी–निहालचंद–किशनगढ़; रागमाला–साहिबदीन–मेवाड़; अली रज़ा–बीकानेर; शिवदास–मारवाड़।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 16 Feb 2025मध्यम

छिंदवाड़ा जिले के पातालकोट क्षेत्र में कौन-सी जनजाति का बाहुल्य है?

  1. A.भील
  2. B.भारिया
  3. C.खैरवार
  4. D.उरांव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारिया

व्याख्या

सही उत्तर है B, भारिया। पातालकोट छिंदवाड़ा ज़िले के तामिया क्षेत्र में घोड़े की नाल के आकार की एक गहरी घाटी है, और इसके ज़्यादातर गाँवों में भारिया जनजाति रहती है। घाटी का तल आसपास के सतपुड़ा पठार से एक हज़ार फ़ीट से भी अधिक नीचे है, इसलिए भारिया लंबे समय तक बाहरी दुनिया से लगभग कटे रहे और भोजन व जड़ी-बूटी की दवाओं के लिए जंगल पर निर्भर रहे। पातालकोट के भारिया, बैगा और सहरिया के साथ, मध्य प्रदेश के तीन विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों (PVTG) में शामिल हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि राज्य की सबसे बड़ी जनजाति भील मुख्य रूप से झाबुआ, अलीराजपुर और धार जैसे पश्चिमी ज़िलों में रहती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि खैरवार एक अलग जनजाति है और पातालकोट का मुख्य समुदाय नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उरांव मुख्य रूप से झारखंड के छोटा नागपुर क्षेत्र की जनजाति है। परीक्षा टिप: पातालकोट, छिंदवाड़ा, भारिया जनजाति, जो बैगा और सहरिया के साथ मध्य प्रदेश के तीन PVTG में एक है।

Q3.कला और संस्कृतिपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 27 Jul 2025, Shift 1आसान

हरियाणा का कौन-सा नृत्य विवाहित युवतियों द्वारा माथे पर पहने जाने वाले एक आभूषण के नाम पर रखा गया है?

  1. A.घूमर
  2. B.लूर
  3. C.झूमर
  4. D.गुग्गा नृत्य
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. झूमर

व्याख्या

सही उत्तर है C, झूमर। हरियाणा के झूमर नृत्य का नाम झूमर नाम के उस आभूषण पर पड़ा है, जिसे विवाहित महिलाएँ माथे पर पहनती हैं। यह मुख्य रूप से नवविवाहित युवतियाँ घेरा बनाकर, तालियों और लोकगीतों के साथ ढोलक और थाली की थाप पर करती हैं; थाली यहाँ पीतल की वह परात है, जिसे ताल देने के लिए बजाया जाता है। यह पश्चिमी हरियाणा के बागड़ क्षेत्र में खास तौर पर लोकप्रिय है। पंजाब के गिद्धा की तरह महिलाओं का जोशीला नृत्य होने के कारण झूमर को हरियाणवी गिद्धा भी कहा जाता है, और यह नाम भी HSSC की परीक्षाओं में पूछा जा चुका है। विकल्प A गलत है, क्योंकि घूमर का नाम नर्तकियों के गोल-गोल घूमने से पड़ा है, किसी आभूषण से नहीं; यह राजस्थान में प्रसिद्ध है और दक्षिणी हरियाणा में भी होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि लूर लड़कियों का नृत्य है, जो वसंत के स्वागत में फाल्गुन महीने में किया जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि गुग्गा नृत्य पुरुष गुग्गा पीर के सम्मान में, खासकर गुग्गा नवमी के आसपास करते हैं। परीक्षा टिप: झूमर यानी माथे का आभूषण और हरियाणवी गिद्धा; लूर यानी फाल्गुन में लड़कियों का वसंत नृत्य।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 17 Feb 2025, Shift 1आसान

सत्त्रिया नृत्य शैली किस राज्य के मठों में विकसित हुई थी?

  1. A.पश्चिम बंगाल
  2. B.अरुणाचल प्रदेश
  3. C.असम
  4. D.सिक्किम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. असम

व्याख्या

सही उत्तर है C, असम। सत्त्रिया नृत्य 15वीं सदी में संत-सुधारक श्रीमंत शंकरदेव ने असम के वैष्णव मठों, यानी सत्रों, में विकसित किया। उन्होंने इसे भगवान कृष्ण की भक्ति फैलाने के लिए अपनी एकांकी नाटिकाओं 'अंकिया नाट' के हिस्से के रूप में रचा, और सदियों तक इसे सत्रों के भीतर केवल पुरुष भिक्षु, यानी भकत, करते रहे। संगीत नाटक अकादमी ने वर्ष 2000 में सत्त्रिया को भारत के शास्त्रीय नृत्य के रूप में मान्यता दी। यह आज भी ब्रह्मपुत्र के नदी द्वीप माजुली के सत्रों से गहराई से जुड़ा है। A गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल पुरुलिया छऊ जैसे लोक नृत्यों के लिए जाना जाता है, सत्त्रिया के लिए नहीं। B गलत है क्योंकि अरुणाचल प्रदेश के तवांग जैसे मठ बौद्ध हैं और वहां मुखौटा नृत्य होते हैं, सत्त्रिया नहीं। D गलत है क्योंकि सिक्किम के मठ भी बौद्ध हैं और छाम मुखौटा नृत्य के लिए प्रसिद्ध हैं। परीक्षा टिप: सत्त्रिया, असम, श्रीमंत शंकरदेव, सत्र, और वर्ष 2000 में शास्त्रीय दर्जा।

Q5.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 05 Feb 2025, Shift 2आसान

कृष्णा जिले के कुचेलापुरम गांव में किस शास्त्रीय नृत्य शैली की उत्पत्ति हुई?

  1. A.कथकली
  2. B.कुचिपुड़ी
  3. C.कथक
  4. D.मोहिनीअट्टम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कुचिपुड़ी

व्याख्या

सही उत्तर है B, कुचिपुड़ी। इस नृत्य का नाम उसके जन्मस्थान, आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के कुचिपुड़ी गांव से पड़ा है, जिसे पहले कुचेलापुरम कहा जाता था। यह ब्राह्मण पुरुषों द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका परंपरा के रूप में विकसित हुआ, और 17वीं सदी के संत सिद्धेंद्र योगी ने 'भामा कलापम' नृत्य-नाटिका के जरिए इसे शास्त्रीय रूप दिया। इसका प्रसिद्ध हिस्सा तरंगम है, जिसमें नर्तक पीतल की थाली के किनारे पर नाचता है, कभी-कभी सिर पर पानी का घड़ा रखकर। आज इसे महिलाएं और पुरुष दोनों एकल कला के रूप में प्रस्तुत करते हैं। A गलत है क्योंकि कथकली केरल का नृत्य है, जो भारी मेकअप और रंगीन वेशभूषा के लिए जाना जाता है। C गलत है क्योंकि कथक उत्तर भारत में, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के दरबारों और मंदिरों में विकसित हुआ। D गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम केरल की महिलाओं द्वारा किया जाने वाला कोमल एकल नृत्य है। परीक्षा टिप: कुचिपुड़ी, आंध्र प्रदेश, कृष्णा जिला, सिद्धेंद्र योगी, और तरंगम में पीतल की थाली पर नृत्य।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 04 Nov, 2024, Shift 3मध्यम

विश्व का दूसरा सबसे बड़ा गुंबद भारत में बना था और आज भी मज़बूती से खड़ा है। यहाँ किस गुंबद की बात हो रही है?

  1. A.ग्लैम्पईको
  2. B.टीला
  3. C.गोल गुंबज
  4. D.कैलिको डोम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गोल गुंबज

व्याख्या

सही उत्तर है C, गोल गुंबज। मुहम्मद आदिल शाह के मक़बरे गोल गुंबज का गुंबद बहुत समय से रोम के सेंट पीटर्स बैसिलिका के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गुंबद कहा जाता है। यह कर्नाटक के विजयपुरा, यानी पुराने बीजापुर में है और दक्कन के आदिल शाही वंश के सातवें शासक के लिए 1656 में पूरा हुआ। गुंबद का व्यास लगभग 44 मीटर है और यह एक-दूसरे को काटने वाली मेहराबों पर टिका है, इसलिए नीचे के कक्ष में कोई स्तंभ नहीं है और वह एक छत के नीचे बने सबसे बड़े कक्षों में गिना जाता है। गुंबद के भीतर घूमने वाली दीर्घा, जिसे व्हिस्परिंग गैलरी कहते हैं, धीमी आवाज़ को भी पूरे घेरे में पहुँचा देती है, और इमारत अपने आकार के साथ उस गूँज के लिए भी प्रसिद्ध है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ग्लैम्पईको कोई स्मारक नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि टीला नाम का ऐसा कोई गुंबद नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कैलिको डोम अहमदाबाद की एक आधुनिक संरचना थी, ऐतिहासिक मक़बरा नहीं। परीक्षा टिप: गोल गुंबज के साथ विजयपुरा, आदिल शाही वंश और व्हिस्परिंग गैलरी याद रखें।

Q7.कला और संस्कृतिपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 3आसान

साँची का महान स्तूप किस धर्म का एक महत्वपूर्ण स्थल है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.हिंदू धर्म
  3. C.जैन धर्म
  4. D.इस्लाम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बौद्ध धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है A, बौद्ध धर्म। मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित साँची का महान स्तूप भारत के सबसे पुराने बौद्ध स्मारकों में से है। इसे सबसे पहले मौर्य सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में बुद्ध के अवशेषों पर ईंटों के टीले के रूप में बनवाया था, बाद में इस पर पत्थर का आवरण चढ़ाकर इसे बड़ा किया गया। लगभग पहली शताब्दी ईसा पूर्व में इसमें चार नक्काशीदार तोरण (द्वार) जोड़े गए, जिन पर जातक कथाएँ और बुद्ध के जीवन के दृश्य हैं; इनमें बुद्ध को बोधि वृक्ष, चक्र या पदचिह्न जैसे प्रतीकों से ही दिखाया गया है। 1989 में 'साँची के बौद्ध स्मारक' यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल बने। B गलत है क्योंकि यह स्तूप हिंदू मंदिर नहीं है; प्रसिद्ध हिंदू मंदिर स्थल खजुराहो और कोणार्क हैं। C गलत है क्योंकि प्रसिद्ध जैन स्थलों में दिलवाड़ा और श्रवणबेलगोला आते हैं। D गलत है क्योंकि प्रसिद्ध इस्लामी स्मारकों में कुतुब मीनार और जामा मस्जिद आते हैं। परीक्षा टिप: साँची स्तूप = अशोक = बौद्ध धर्म = मध्य प्रदेश = यूनेस्को 1989।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Paper I, 14 Dec 2024, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से सही सुमेलित युग्म चुनिए:

  1. A.बिहू – असम
  2. B.लावणी – तमिलनाडु
  3. C.भरतनाट्यम – ओडिशा
  4. D.कथक – कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिहू – असम

व्याख्या

सही उत्तर है A, बिहू – असम। बिहू असम का प्रमुख त्योहार और लोकनृत्य है। यह नृत्य युवक और युवतियाँ समूह में ढोल और पेपा, यानी भैंस के सींग से बनी बाँसुरी, की ताल पर तेज़ कदमों और सुंदर हस्त मुद्राओं के साथ करते हैं। असम में तीन बिहू मनाए जाते हैं: अप्रैल में असमिया नववर्ष और बुवाई की शुरुआत पर रोंगाली या बोहाग बिहू, अक्टूबर में कोंगाली या काती बिहू, और जनवरी में फसल कटने के बाद भोगाली या माघ बिहू। बिहू नृत्य मुख्य रूप से रोंगाली बिहू से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि लावणी महाराष्ट्र का लोकनृत्य है, तमिलनाडु का नहीं। C गलत है क्योंकि भरतनाट्यम तमिलनाडु का है, जबकि ओडिशा का शास्त्रीय नृत्य ओडिसी है। D गलत है क्योंकि कथक उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश, में विकसित हुआ, जबकि कर्नाटक यक्षगान के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: बिहू – असम; लावणी – महाराष्ट्र; भरतनाट्यम – तमिलनाडु; ओडिसी – ओडिशा; कथक – उत्तर प्रदेश; यक्षगान – कर्नाटक।

Q9.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Paper I, 21 Jan 2024, Shift 2आसान

'पोचमपल्ली' अपनी सुंदर डिज़ाइन वाली चटकीले रंगों की साड़ियों और एक खास बुनाई के लिए प्रसिद्ध है, जिसे पोचमपल्ली ही कहा जाता है। यह किसका हिस्सा है?

  1. A.महाराष्ट्र
  2. B.तेलंगाना
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.कर्नाटक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेलंगाना

व्याख्या

सही उत्तर है B, तेलंगाना। पोचमपल्ली तेलंगाना के यादाद्रि भुवनगिरि ज़िले का बुनकरों का कस्बा है, जो हैदराबाद से ज़्यादा दूर नहीं है। यह इकत साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है, जिनमें बुनाई से पहले धागों को बाँधकर रंगा जाता है, ताकि कपड़ा बुनते समय ही डिज़ाइन उभर आए। इससे चटकीले, ज्यामितीय डिज़ाइन बनते हैं जिनके किनारे हल्के धुंधले दिखते हैं। पोचमपल्ली इकत को भौगोलिक संकेत (GI) टैग मिला है, जो इस क्षेत्र के बुनकरों के लिए इस नाम की रक्षा करता है। इस कस्बे को भूदान पोचमपल्ली भी कहते हैं, क्योंकि विनोबा भावे ने 1951 में यहीं से भूदान आंदोलन शुरू किया था। A गलत है क्योंकि महाराष्ट्र पैठणी साड़ियों के लिए जाना जाता है, पोचमपल्ली के लिए नहीं। C गलत है क्योंकि तमिलनाडु कांजीवरम रेशमी साड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि कर्नाटक मैसूर सिल्क और इलकल साड़ियों के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: पोचमपल्ली इकत – तेलंगाना; पैठणी – महाराष्ट्र; कांजीवरम – तमिलनाडु; पटोला – गुजरात; चंदेरी – मध्य प्रदेश।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 14 Jul 2023, Shift 3कठिन

निम्नलिखित में से किस कलाकार ने 1975 में 'मीना गुर्जरी' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता था?

  1. A.सोनल मानसिंह
  2. B.सितारा देवी
  3. C.शोवना नारायण
  4. D.मल्लिका साराभाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मल्लिका साराभाई

व्याख्या

सही उत्तर है D, मल्लिका साराभाई। उन्हें 1975 में गुजराती फिल्म 'मीना गुर्जरी' में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था, जो सिनेमा, रंगमंच और नृत्य तीनों में फैले उनके करियर की शुरुआत थी। अपनी माँ मृणालिनी साराभाई से भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी सीखने वाली मल्लिका को पीटर ब्रुक के 'द महाभारत' में द्रौपदी की भूमिका के लिए भी जाना जाता है, और वे अहमदाबाद की दर्पण अकादमी चलाती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि सोनल मानसिंह ओडिसी और भरतनाट्यम की प्रसिद्ध नृत्यांगना हैं, जिन्हें पद्म विभूषण मिला है, वे फिल्म अभिनेत्री नहीं हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि सितारा देवी कथक नृत्यांगना थीं, जिन्हें रवींद्रनाथ टैगोर ने नृत्य सम्राज्ञी कहा था और उनका फिल्मी काम 1940 के दशक का है। विकल्प C गलत है क्योंकि शोवना नारायण कथक नृत्यांगना हैं और भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा की अधिकारी भी रही हैं। परीक्षा टिप: मल्लिका साराभाई को दर्पण अकादमी और माँ मृणालिनी साराभाई से जोड़कर याद रखें।

Q11.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित का मिलान कीजिए। सूची I: a) चंपाकुलम नौका दौड़, b) सोमनाथ मेला, c) सूरजकुंड मेला, d) बेणेश्वर मेला। सूची II: i) गुजरात, ii) हरियाणा, iii) राजस्थान, iv) केरल।

  1. A.a - iv, b - iii, c - i, d - ii
  2. B.a - iii, b - i, c - iv, d - ii
  3. C.a - iv, b - ii, c - i, d - iii
  4. D.a - iv, b - i, c - ii, d - iii
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. a - iv, b - i, c - ii, d - iii

व्याख्या

सही उत्तर है D, a - iv, b - i, c - ii, d - iii। चंपाकुलम मूलम नौका दौड़ केरल के अलप्पुझा में पंपा नदी पर होती है और राज्य की सबसे पुरानी सर्प-नौका दौड़ मानी जाती है। सोमनाथ मेला गुजरात के सोमनाथ मंदिर में कार्तिक पूर्णिमा पर लगता है, जहां श्रद्धालु बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रथम के दर्शन करने आते हैं। सूरजकुंड शिल्प मेला हर वर्ष फरवरी में हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में लगता है, जिसमें देश-विदेश के शिल्पकार आते हैं और हर बार एक थीम राज्य रखा जाता है। बेणेश्वर मेला राजस्थान के डूंगरपुर में सोम और माही नदियों के संगम पर लगने वाला भीलों का आदिवासी मेला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें सोमनाथ मेला राजस्थान और बेणेश्वर मेला हरियाणा में दिखाया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें नौका दौड़ राजस्थान में रखी गई है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सोमनाथ हरियाणा और सूरजकुंड गुजरात हो जाता है। परीक्षा टिप: चंपाकुलम - केरल, सोमनाथ - गुजरात, सूरजकुंड - हरियाणा, बेणेश्वर - राजस्थान।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 16 March, 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन सा किला हैदराबाद में कुतुब शाही वंश की प्रमुख राजधानी था?

  1. A.चिकतन किला
  2. B.राजगढ़ किला
  3. C.लाल किला
  4. D.गोलकुंडा किला
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गोलकुंडा किला

व्याख्या

सही उत्तर है D, गोलकुंडा किला। हैदराबाद का गोलकुंडा कुतुब शाही वंश की राजधानी था, जिसने 1518 से गोलकुंडा सल्तनत पर शासन किया, जब कुली कुतुब शाह ने बहमनी राज्य से अलग होकर स्वतंत्र राज्य बनाया। यह किला ग्रेनाइट की पहाड़ी पर बना है और अपनी ध्वनि व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है, क्योंकि फतह दरवाजे पर ताली बजाने की आवाज ऊपर बने मंडप तक सुनाई देती है। यह हीरों के व्यापार का भी केंद्र रहा, जिनमें कोहिनूर भी शामिल था। 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने हैदराबाद नगर बसाया और चारमीनार बनवाकर राजधानी वहां ले गए; औरंगजेब ने 1687 में गोलकुंडा जीत लिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि चिकतन किला लद्दाख में है। विकल्प B गलत है, क्योंकि महाराष्ट्र का राजगढ़ शिवाजी की आरंभिक राजधानी का किला था। विकल्प C गलत है, क्योंकि लाल किला दिल्ली में शाहजहां ने बनवाया था। परीक्षा टिप: कुतुब शाही - गोलकुंडा और फिर हैदराबाद; चारमीनार 1591 में मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने बनवाया।

Q13.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 03 May 2023, Shift 1मध्यम

रामप्पा मंदिर किस देवता को समर्पित है?

  1. A.भगवान राम
  2. B.भगवान विष्णु
  3. C.भगवान इंद्र
  4. D.भगवान शिव
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. भगवान शिव

व्याख्या

सही उत्तर है D, भगवान शिव। रामप्पा मंदिर शिव को समर्पित है, जहाँ उन्हें रामलिंगेश्वर के रूप में पूजा जाता है। यह तेलंगाना के मुलुगु ज़िले के पालमपेट में है और तेरहवीं शताब्दी में काकतीय शासक गणपति देव के काल में उनके सेनापति रेचरला रुद्र ने बनवाया था। इसकी एक विशेषता यह है कि मंदिर अपने शिल्पी रामप्पा के नाम से जाना जाता है। यह बलुआ पत्थर के तारे जैसे चबूतरे पर खड़ा है, इसके शिखर में इतनी हल्की और छिद्रयुक्त ईंटें लगी हैं कि कहा जाता है वे पानी पर तैरती हैं, और चमकाए गए काले बेसाल्ट स्तंभ तथा नर्तकियों की मदनिका मूर्तियाँ बारीक़ी से गढ़ी हैं। यूनेस्को ने 2021 में इसे काकतीय रुद्रेश्वर मंदिर के नाम से विश्व विरासत सूची में रखा। विकल्प A गलत है, क्योंकि राम की पूजा भद्राचलम जैसे मंदिरों में होती है, यहाँ नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इस क्षेत्र के बड़े विष्णु मंदिर तिरुपति और सिंहाचलम हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि भारत में इंद्र को समर्पित मंदिर लगभग नहीं मिलते। परीक्षा टिप: रामप्पा मंदिर के साथ पालमपेट, काकतीय वंश, तैरती ईंटें और 2021 की यूनेस्को सूची जोड़ें।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 02 May 2023, Shift 1मध्यम

इल्यास खान का जन्म लखनऊ में संगीतकारों के परिवार में हुआ था। वे _______ बजाने के लिए प्रसिद्ध थे।

  1. A.तबला
  2. B.सितार
  3. C.वीणा
  4. D.मृदंगम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सितार

व्याख्या

सही उत्तर है B, सितार। उस्ताद इल्यास खान सितार वादक थे। उनका जन्म 1924 में लखनऊ के एक संगीतकार परिवार में हुआ और वे इटावा या इमदादखानी घराने से जुड़े थे, जिसे इमदाद खान ने खड़ा किया और एनायत खान तथा विलायत खान ने आगे बढ़ाया। उन्होंने दशकों तक आकाशवाणी पर वादन किया, देश भर में कार्यक्रम दिए और कई शिष्यों को सितार सिखाया। सितार लंबी गर्दन वाला तंत्र वाद्य है, जिसमें खिसकने वाले पर्दे और अतिरिक्त तरब तार होते हैं, जिनसे उसकी गूँजती आवाज़ बनती है। रवि शंकर और विलायत खान ने इसे दुनिया भर के श्रोताओं तक पहुँचाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि तबला जोड़ी वाला अवनद्ध वाद्य है, जिसके प्रसिद्ध नाम अल्ला रक्खा और ज़ाकिर हुसैन हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि वीणा कर्नाटक संगीत का तंत्र वाद्य है और देवी सरस्वती से जुड़ी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि मृदंगम कर्नाटक संगीत की सभा में ताल देने वाला वाद्य है। परीक्षा टिप: इटावा घराना यानी सितार, और लखनऊ कथक तथा तबला के घरानों के लिए भी जाना जाता है।

Q15.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 27 Jul 2023, Shift 3मध्यम

पंडित राम नारायण निम्नलिखित में से किस वाद्य यंत्र से जुड़े थे?

  1. A.घटम
  2. B.तबला
  3. C.बांसुरी
  4. D.सारंगी
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सारंगी

व्याख्या

सही उत्तर है D, सारंगी। पंडित राम नारायण वही संगीतकार थे जिन्होंने हिंदुस्तानी संगीत में सारंगी को संगत के वाद्य से उठाकर एकल मंच का वाद्य बनाया। 1927 में राजस्थान के उदयपुर में जन्मे वे आकाशवाणी में बजाते रहे, वर्षों गायकों के साथ संगत की, और 1950 के दशक के मध्य से भारत तथा विदेशों में एकल प्रस्तुतियाँ देने लगे। उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और 2005 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सारंगी छोटी गर्दन वाला गज से बजने वाला वाद्य है, जो लकड़ी के एक ही टुकड़े से गढ़ा जाता है; इसमें तीन मुख्य ताँत के तार और करीब पैंतीस सहायक तार होते हैं, और इसका स्वर मानव कंठ के सबसे निकट माना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि मिट्टी के घड़े जैसा घटम कर्नाटक संगीत का ताल वाद्य है, जिसे विक्कू विनायकराम बजाते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि तबला अल्लारखा और जाकिर हुसैन से जुड़ा है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बांसुरी पन्नालाल घोष और हरिप्रसाद चौरसिया की पहचान है। परीक्षा टिप: सारंगी — राम नारायण; सरोद — अमजद अली खान; संतूर — शिवकुमार शर्मा।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RSMSSB CET Graduate, 8 Jan 2023, Shift 2आसान

राजस्थान मूल के प्रसिद्ध शास्त्रीय वादक राम नारायण और सुल्तान खान किस वाद्य यंत्र से संबंधित हैं?

  1. A.सारंगी
  2. B.कमायचा
  3. C.तबला
  4. D.सितार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सारंगी

व्याख्या

सही उत्तर है A, सारंगी। 1927 में उदयपुर में जन्मे पंडित राम नारायण ने सारंगी को केवल गायकों की संगत करने वाले वाद्य से उठाकर एकल मंच का वाद्य बना दिया, और उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। सीकर जिले में जन्मे उस्ताद सुल्तान खान सारंगी के उस्ताद और गायक थे, जो दूसरे संगीतकारों के साथ अपने काम के लिए दुनिया भर में जाने गए, और उन्हें पद्म भूषण मिला। सारंगी लकड़ी के एक ही टुकड़े को तराशकर बनाया गया गज से बजने वाला तार वाद्य है, जिसमें गज से बजने वाले तीन मुख्य ताँत के तार और साथ में गूँजने वाले कई सहायक तार होते हैं; कहा जाता है कि इसकी आवाज़ मनुष्य के स्वर के सबसे करीब है। विकल्प B गलत है, क्योंकि कमायचा जैसलमेर और बाड़मेर के मांगणियार कलाकारों का गज से बजने वाला लोक वाद्य है, इन दोनों शास्त्रीय उस्तादों का वाद्य नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि तबला तार वाद्य नहीं, बल्कि ड्रमों की जोड़ी है। विकल्प D गलत है, क्योंकि सितार मिज़राब से छेड़कर बजाया जाने वाला वाद्य है, जिसे पंडित रविशंकर ने दुनिया भर में प्रसिद्ध किया। परीक्षा टिप: राजस्थान के सारंगी उस्ताद हैं राम नारायण (उदयपुर) और सुल्तान खान (सीकर)।

Q17.कला और संस्कृतिपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

राजस्थान में किस संप्रदाय के पुरुषों द्वारा अग्नि नृत्य किया जाता है?

  1. A.बिश्नोई संप्रदाय
  2. B.रामस्नेही संप्रदाय
  3. C.जसनाथी सिद्ध
  4. D.दादू पंथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जसनाथी सिद्ध

व्याख्या

सही उत्तर है C, जसनाथी सिद्ध। राजस्थान का अग्नि नृत्य जसनाथी सिद्ध संप्रदाय के पुरुष करते हैं, जो ढोल-नगाड़ों की ताल पर 'फतै, फतै' का उद्घोष करते हुए धधकते अंगारों के ढेर पर नंगे पाँव नाचते हैं। यह मुख्य रूप से रात में उनके धार्मिक आयोजनों में किया जाता है, और इसका मुख्य केंद्र बीकानेर जिले का कतरियासर है, जो संप्रदाय के संस्थापक की पीठ है। इस संप्रदाय की स्थापना जसनाथ जी ने 15वीं शताब्दी के अंत में की थी, और उनके अनुयायी 36 नियमों का पालन करते हैं। नर्तक अंगारों पर उछलते हैं और उन्हें हाथ में भी उठा लेते हैं, फिर भी इसे तमाशा नहीं, आस्था का कर्म माना जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि जाम्भोजी द्वारा स्थापित बिश्नोई संप्रदाय पेड़ों और काले हिरण की रक्षा के लिए प्रसिद्ध है, अग्नि नृत्य के लिए नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि रामस्नेही संप्रदाय राम भक्ति का संप्रदाय है, जिसके शाहपुरा जैसे केंद्र हैं, और इसमें अग्नि नृत्य नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि दादू दयाल द्वारा स्थापित और नरायना केंद्रित दादू पंथ भी इस नृत्य से नहीं जुड़ा। परीक्षा टिप: अग्नि नृत्य – जसनाथी सिद्ध – कतरियासर (बीकानेर)।

Q18.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

'आत्मा केवल पशु और वनस्पति जीवन की ही विशेषता नहीं है, बल्कि चट्टानों, बहते जल और ऐसी कई अन्य प्राकृतिक वस्तुओं की भी है जिन्हें अन्य धार्मिक संप्रदाय सजीव नहीं मानते।'

उपर्युक्त कथन प्राचीन भारत के निम्नलिखित में से किस धार्मिक संप्रदाय की एक मूल मान्यता को दर्शाता है?

  1. A.बौद्ध धर्म
  2. B.जैन धर्म
  3. C.शैव धर्म
  4. D.वैष्णव धर्म
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जैन धर्म

व्याख्या

सही उत्तर है B, जैन धर्म। जैन धर्म मानता है कि आत्मा (जीव) केवल मनुष्यों, पशुओं और पौधों में ही नहीं, बल्कि पृथ्वी, जल, अग्नि और वायु में भी है। जैन दर्शन जीवों को उनकी इंद्रियों की संख्या से बाँटता है। सबसे निचले वर्ग, एकेंद्रिय जीवों, में पृथ्वीकाय, जलकाय, अग्निकाय, वायुकाय और वनस्पति आते हैं, इसलिए पत्थर और बहते पानी में भी आत्मा है। इसी कारण जैन मुनि अहिंसा का बहुत कड़ाई से पालन करते हैं, रास्ता बुहारते हैं और पानी छानते हैं ताकि कम से कम जीवों को हानि हो। महावीर ने सिखाया कि हर जीव कर्म से बँधा है और सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चरित्र, यानी त्रिरत्न, से ही मुक्त होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बौद्ध धर्म अनात्म के सिद्धांत से स्थायी आत्मा को ही नहीं मानता। विकल्प C गलत है, क्योंकि शैव धर्म शिव की भक्ति पर केंद्रित है और चट्टानों में आत्मा नहीं मानता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वैष्णव धर्म विष्णु और उनके अवतारों की भक्ति पर केंद्रित है। परीक्षा टिप: पत्थर और पानी में आत्मा, सबसे कड़ी अहिंसा यानी जैन; अनात्म यानी बौद्ध।

Q19.कला और संस्कृतिपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023कठिन

निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:

स्थल : किसलिए प्रसिद्ध

1. बेसनगर : शैव गुफा देवालय

2. भाजा : बौद्ध गुफा देवालय

3. सित्तनवासल : जैन गुफा देवालय

उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?

  1. A.केवल एक
  2. B.केवल दो
  3. C.सभी तीन
  4. D.कोई नहीं
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल दो

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल दो। भाजा बौद्ध गुफा स्थल है और सित्तनवासल जैन, लेकिन बेसनगर में कोई शैव गुफा देवालय नहीं है। मध्य प्रदेश में विदिशा के पास बेसनगर लगभग 113 ईसा पूर्व के हेलियोडोरस स्तंभ के लिए प्रसिद्ध है। यह गरुड़ स्तंभ एक यूनानी राजदूत ने बनवाया था, जिसने स्वयं को वासुदेव का भक्त कहा, इसलिए इसका संबंध वैष्णव धर्म से है। महाराष्ट्र में लोनावला के पास भाजा में लगभग दूसरी सदी ईसा पूर्व के सबसे पुराने बौद्ध शैलकृत चैत्य और विहार हैं। तमिलनाडु में पुदुक्कोट्टई के पास सित्तनवासल जैन गुफा, अरिवर कोइल, है, जो कमल-तालाब के चित्रों के लिए प्रसिद्ध है। यानी युग्म 1 गलत है, युग्म 2 और 3 सही हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि एक नहीं, दो युग्म सही हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि बेसनगर शैव गुफा स्थल नहीं है। विकल्प D गलत है, क्योंकि भाजा और सित्तनवासल सही सुमेलित हैं। परीक्षा टिप: बेसनगर यानी हेलियोडोरस और वासुदेव; भाजा बौद्ध, सित्तनवासल जैन।

Q20.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CPO · 5 Oct 2023, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य रूप अपनी परंपरा प्राचीन नृत्य सादिर आट्टम से जोड़ता है?

  1. A.भरतनाट्यम
  2. B.कुचिपुड़ी
  3. C.मोहिनीअट्टम
  4. D.कथकली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भरतनाट्यम

व्याख्या

सही उत्तर है A, भरतनाट्यम। भरतनाट्यम तमिलनाडु में देवदासियों द्वारा किए जाने वाले मंदिर नृत्य सादिर आट्टम से विकसित हुआ, जिसे दासीआट्टम भी कहते हैं। 19वीं सदी की शुरुआत में तंजावुर दरबार के चार भाइयों, तंजौर चौकड़ी, ने इसकी प्रस्तुतियों का वह क्रम तय किया जो आज भी चलता है। 1930 के दशक में ई. कृष्ण अय्यर और रुक्मिणी देवी अरुंडेल के प्रयासों से इसका पुनरुद्धार हुआ और नाम भरतनाट्यम पड़ा; रुक्मिणी देवी ने 1936 में चेन्नई में कलाक्षेत्र की स्थापना की। यह अरमंडी नामक आधी बैठी मुद्रा के लिए जाना जाता है और भरत मुनि के नाट्यशास्त्र से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि कुचिपुड़ी आंध्र प्रदेश के कुचिपुड़ी गाँव से आया और सिद्धेंद्र योगी ने इसे आकार दिया। C गलत है क्योंकि मोहिनीअट्टम, यानी मोहिनी का नृत्य, केरल का कोमल एकल नृत्य है। D गलत है क्योंकि कथकली भारी श्रृंगार और वेशभूषा वाला केरल का नृत्य-नाटक है, जो रामनाट्टम और कृष्णनाट्टम से निकला। परीक्षा टिप: सादिर या दासीआट्टम से भरतनाट्यम बना; इसके पुनरुद्धार से रुक्मिणी देवी और कलाक्षेत्र के नाम जुड़े हैं।