भारत के त्योहार: राज्यवार सूची और परीक्षा तथ्य
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारत के त्योहारों पर पूरे नोट्स: फसल और नववर्ष के त्योहार, मंदिर उत्सव, बड़े मेले, पूर्वोत्तर के जनजातीय त्योहार और उनके राज्य।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

कला और संस्कृति खंड में त्योहार सबसे आसान अंक देने वाला भाग है, क्योंकि प्रश्न लगभग सदा एक जोड़ी के रूप में आता है: एक ओर त्योहार और दूसरी ओर राज्य, जनजाति, मंदिर या महीना। इन जोड़ियों में हर वर्ष कोई बदलाव नहीं होता, इसलिए जिसने एक बार इन्हें दोहरा लिया वह कुछ ही क्षणों में उत्तर दे देता है। यह नोट त्योहारों को उसी क्रम में रखता है जिस क्रम में प्रश्न बनाने वाला सोचता है, अर्थात मनाने के कारण के अनुसार, और हर त्योहार के साथ वही एक विवरण जोड़ता है जिस पर प्रश्न टिकता है।
फसल के त्योहार और एक ही दिन के कई नाम
इस पूरे प्रकरण का सबसे बड़ा जाल जनवरी के मध्य का फसल पर्व है, जो वास्तव में एक ही खगोलीय घटना है और भिन्न नामों से मनाई जाती है। जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, लगभग 14 जनवरी को, तब वह दिन उत्तर भारत में मकर संक्रांति, तमिलनाडु में पोंगल, असम में माघ बिहू या भोगाली बिहू, पंजाब और हरियाणा में उससे पिछली संध्या को लोहड़ी और गुजरात में उत्तरायण कहलाता है, जहाँ अहमदाबाद में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव होता है। पोंगल चार दिन का होता है, भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल और कानुम पोंगल, और साँड़ को वश में करने का खेल जल्लीकट्टू मट्टू पोंगल का अंग है।
शेष फसल पर्व वर्ष भर बिखरे हैं। बैसाखी, 13 या 14 अप्रैल को, पंजाब का फसल पर्व है और वही दिन है जब 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में खालसा की स्थापना की। ओणम केरल का फसल पर्व है, जो मलयालम मास चिंगम में राजा महाबली के लौटने की स्मृति में मनाया जाता है; इसका मुख्य दिन तिरुओणम है और नाव दौड़ वल्लमकली कहलाती है। नुआखाई पश्चिमी ओडिशा का फसल पर्व है, वांगला अर्थात सौ ढोल का पर्व मेघालय की गारो जनजाति का है, और सरहुल तथा करमा झारखंड के सखुआ वृक्ष और वर्षा ऋतु के पर्व हैं।
राज्यवार नववर्ष के त्योहार
| नववर्ष पर्व | क्षेत्र | ऋतु |
|---|---|---|
| गुड़ी पड़वा | महाराष्ट्र | चैत्र, मार्च से अप्रैल |
| उगादी | आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक | चैत्र |
| पुथांडु | तमिलनाडु | अप्रैल मध्य |
| विशु | केरल | अप्रैल मध्य |
| पोइला बोइशाख | पश्चिम बंगाल | अप्रैल मध्य |
| रोंगाली बिहू | असम | अप्रैल मध्य |
| चैराोबा | मणिपुर | मार्च से अप्रैल |
| नवरेह | कश्मीरी पंडित | चैत्र |
| लोसर | लद्दाख, सिक्किम, तिब्बती बौद्ध | शीत ऋतु |
मंदिर उत्सव और बड़े मेले
ओडिशा के पुरी की रथ यात्रा में जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा तीन रथों पर गुंडिचा मंदिर तक जाते हैं, जिनके नाम नंदीघोष, तालध्वज और दर्पदलन हैं। हर बारह से उन्नीस वर्ष में काष्ठ प्रतिमाओं का नवीनीकरण होता है, इस अनुष्ठान को नवकलेबर कहते हैं। केरल का सबसे बड़ा मंदिर उत्सव त्रिशूर पूरम है, जो त्रिशूर के वडक्कुनाथन मंदिर में मलयालम मास मेडम में होता है और सजे हुए हाथियों, पंचवाद्यम तथा छत्र बदलने की रीति कुडमाट्टम के लिए प्रसिद्ध है। कटक में कार्तिक पूर्णिमा को होने वाली बाली यात्रा ओडिशा के प्राचीन समुद्री व्यापार की स्मृति है, जिसमें कागज और केले की छाल की नावें जल में छोड़ी जाती हैं।
मेलों में कुंभ मेला प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में क्रम से लगता है और 2017 में यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में दर्ज हुआ। राजस्थान का पुष्कर मेला और बिहार के हरिहर क्षेत्र का सोनपुर मेला सबसे प्रसिद्ध पशु मेले हैं, और सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला प्रति फरवरी हरियाणा के फरीदाबाद में लगता है। अंबुबाची मेला गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर का है, और छत्तीसगढ़ का बस्तर दशहरा देश में सबसे लंबे समय तक चलने वाला दशहरा है।
पूर्वोत्तर और जनजातीय क्षेत्र के त्योहार
- नगालैंड में किसामा में 1 से 10 दिसंबर तक हॉर्नबिल महोत्सव होता है, जिसे त्योहारों का त्योहार कहा जाता है; सेक्रेन्यी अंगामी का और मोआत्सु आओ जनजाति का पर्व है।
- मिज़ोरम में वसंत ऋतु में चापचार कुट मनाया जाता है, जिसमें बाँस नृत्य चेरॉ होता है।
- मेघालय में गारो का वांगला और खासी का का पोम्ब्लांग नोंगक्रेम होता है।
- अरुणाचल प्रदेश में आदि और गालो का मोपिन तथा सोलुंग, न्यीशी का न्योकुम, अपातानी का ड्री और तवांग मठ का तोर्ग्या होता है।
- सिक्किम में कंचनजंघा के रक्षक देवता के लिए पांग ल्हाब्सोल और फसल नववर्ष के रूप में लोसूंग मनाया जाता है।
- मणिपुर में थबल चोंगबा नृत्य वाला वसंत पर्व याओशांग और लाई हराओबा होता है।
धार्मिक त्योहार और उनके महीने
होली फाल्गुन की पूर्णिमा को, बुद्ध पूर्णिमा वैशाख की पूर्णिमा को, गुरु नानक जयंती कार्तिक पूर्णिमा को और महावीर जयंती चैत्र में पड़ती है। भाद्रपद की गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र में सार्वजनिक पर्व बनी, जब 1893 में बाल गंगाधर तिलक ने इसे सामूहिक रूप दिया। बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश का सूर्य पर्व छठ दीपावली के छठे दिन पड़ता है। लद्दाख का हेमिस उत्सव गुरु पद्मसंभव को समर्पित है, और आनंदपुर साहिब का होला मोहल्ला होली के बाद होता है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न प्रायः त्योहार से राज्य, त्योहार से जनजाति या त्योहार से महीना जोड़ने के होते हैं। परीक्षक विकल्प में पड़ोसी राज्य रखता है, इसलिए त्रिशूर पूरम के सामने तमिलनाडु और कर्नाटक, बाली यात्रा के सामने बंगाल तथा वांगला के सामने असम या नगालैंड आते हैं। दूसरा पसंदीदा प्रश्न जनवरी मध्य के समूह पर है, जिसमें पूछा जाता है कि कौन से त्योहार एक ही दिन पड़ते हैं। पुरी के तीन रथों या नवकलेबर पर एक प्रश्न, हॉर्नबिल महोत्सव की तिथि और स्थान पर एक तथा कुंभ के चार नगरों पर एक प्रश्न की अपेक्षा रखें। याद रखें कि ओणम चिंगम मास का है चैत्र का नहीं, और लोहड़ी मकर संक्रांति की पूर्व संध्या को होती है उसी दिन नहीं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पोंगल के दिन | भोगी, थाई पोंगल, मट्टू पोंगल, कानुम पोंगल |
|---|---|
| खालसा स्थापना | बैसाखी 1699, आनंदपुर साहिब, गुरु गोबिंद सिंह द्वारा |
| ओणम की नाव दौड़ | वल्लमकली; मुख्य दिन तिरुओणम, मास चिंगम |
| रथ यात्रा के रथ | नंदीघोष, तालध्वज, दर्पदलन |
| नवकलेबर | पुरी के जगन्नाथ मंदिर की काष्ठ प्रतिमाओं का नवीनीकरण |
| त्रिशूर पूरम | वडक्कुनाथन मंदिर, त्रिशूर, केरल, मास मेडम |
| बाली यात्रा | कटक, ओडिशा, कार्तिक पूर्णिमा पर |
| हॉर्नबिल महोत्सव | किसामा, नगालैंड, 1 से 10 दिसंबर |
| सौ ढोल का पर्व | वांगला, गारो जनजाति, मेघालय |
| बाँस नृत्य वाला पर्व | चापचार कुट, मिज़ोरम, चेरॉ नृत्य के साथ |
| शिल्प मेला | सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला, फरीदाबाद, हरियाणा, फरवरी |
| पशु मेले | राजस्थान का पुष्कर और बिहार के हरिहर क्षेत्र का सोनपुर |
| गणेश चतुर्थी | 1893 में बाल गंगाधर तिलक द्वारा सार्वजनिक रूप |
| कुंभ के नगर | प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक; यूनेस्को सूची 2017 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
त्रिशूर पूरम, जो अपनी भव्य शोभायात्रा और आतिशबाजी के लिए प्रसिद्ध मंदिर उत्सव है, भारत के किस राज्य में मनाया जाता है?
- A.तमिलनाडु
- B.ओड़िशा
- C.केरल
- D.कर्नाटक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केरल
व्याख्या
सही उत्तर C, केरल है। त्रिशूर पूरम त्रिशूर के वडक्कुनाथन मंदिर में मलयालम मास मेडम में होता है, जो अप्रैल और मई में पड़ता है। तीस सजे हुए हाथी, पंचवाद्यम तथा पंडिमेलम वाद्य समूह, छत्र बदलने की रीति कुडमाट्टम और लंबी आतिशबाजी इसे राज्य का सबसे बड़ा मंदिर उत्सव बनाते हैं।
विकल्प A, तमिलनाडु, सबसे बड़ा जाल है क्योंकि वह केरल से सटा है और उसके अपने मंदिर उत्सव हैं, जैसे मदुरै का चित्तिरै उत्सव। विकल्प B, ओड़िशा, पुरी की रथ यात्रा और कटक की बाली यात्रा का राज्य है। विकल्प D, कर्नाटक, मैसूरु दशहरा की शोभायात्रा और हम्पी उत्सव के लिए जाना जाता है, पूरम के लिए नहीं। पूरम शब्द स्वयं मलयालम का है, जिसका अर्थ मंदिर के सामने का समागम है, इसलिए यह पर्व केरल से बाहर नहीं मिलता।
बाली यात्रा, अर्थात बाली की समुद्री यात्रा, भारत के निम्नलिखित में से किस राज्य में मनाई जाती है?
- A.तमिलनाडु
- B.राजस्थान
- C.केरल
- D.ओडिशा
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ओडिशा
व्याख्या
सही उत्तर D, ओडिशा है। बाली यात्रा कटक में महानदी के तट पर कार्तिक पूर्णिमा को मनाई जाती है और उन दिनों की स्मृति दिलाती है जब कलिंग के व्यापारी बाली, जावा और सुमात्रा तक जलयान ले जाते थे। लोग कागज, केले की छाल या शोला की छोटी नावों में दीप रखकर जल में छोड़ते हैं और नदी के किनारे सप्ताह भर बड़ा मेला लगता है।
विकल्प A, तमिलनाडु, का भी समुद्री व्यापार था और चोल शासकों ने श्रीविजय तक नौसैनिक अभियान भेजे, परंतु उसके पर्व पोंगल और मंदिर उत्सव हैं। विकल्प B, राजस्थान, स्थलबद्ध राज्य है जिसके बड़े आयोजन पुष्कर मेला और जैसलमेर का मरु महोत्सव हैं। विकल्प C, केरल, में ओणम और त्रिशूर पूरम होते हैं। कलिंग के समुद्री संबंध का संकेत सीधे ओडिशा तक पहुँचाता है।
लेह में पहला हिम आरोहण महोत्सव जनवरी 2021 में ______ घाटी में मनाया गया।
- A.नुब्रा
- B.रिपचार
- C.मारखा
- D.द्रास
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. नुब्रा
व्याख्या
सही उत्तर A, नुब्रा है। लद्दाख का पहला हिम आरोहण महोत्सव जनवरी 2021 में नुब्रा घाटी में, ऊपरी नुब्रा के गाँवों के निकट जमे हुए झरनों पर आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य उस क्षेत्र में शीतकालीन साहसिक पर्यटन खड़ा करना था जो अन्यथा केवल गर्मियों में कमाता है। नुब्रा लेह से उत्तर में खारदुंग ला के पार है और श्योक तथा नुब्रा नदियों से सिंचित होती है।
विकल्प B, रिपचार, लामायुरु से चिलिंग के मार्ग की एक उपघाटी है और वहाँ ऐसा कोई आयोजन नहीं होता। विकल्प C, मारखा, लद्दाख के सबसे प्रसिद्ध ग्रीष्मकालीन ट्रेक की घाटी है, जो जंस्कार और स्तोक श्रेणियों के बीच पड़ती है। विकल्प D, द्रास, कारगिल जिले में है और भारत के सबसे ठंडे बसे स्थानों में गिना जाता है तथा कारगिल युद्ध स्मारक के लिए जाना जाता है।
मार्च 2018 में ओडिशा के पुरी में आयोजित समारोह में नवकलेबर उत्सव के अवसर पर एक हजार रुपये और दस रुपये के स्मारक सिक्के किसने जारी किए?
- A.ओडिशा के राज्यपाल
- B.ओडिशा के मुख्यमंत्री
- C.भारत के प्रधानमंत्री
- D.भारत के राष्ट्रपति
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भारत के राष्ट्रपति
व्याख्या
सही उत्तर D, भारत के राष्ट्रपति है। स्मारक सिक्के सिक्का निर्माण अधिनियम के अंतर्गत भारत सरकार जारी करती है, और जगन्नाथ मंदिर के नवकलेबर से जुड़ा यह सेट मार्च 2018 में पुरी के समारोह में राष्ट्रपति ने जारी किया। नवकलेबर वह अनुष्ठान है जिसमें जगन्नाथ, बलभद्र, सुभद्रा और सुदर्शन की काष्ठ प्रतिमाएँ नई नीम की लकड़ी से बनाई जाती हैं, उस वर्ष में जिसमें दो आषाढ़ मास पड़ते हैं।
विकल्प A, ओडिशा के राज्यपाल, राज्य कार्यपालिका के प्रमुख हैं और संघ के सिक्के जारी नहीं करते। विकल्प B, ओडिशा के मुख्यमंत्री, राज्य सरकार के मुखिया हैं, जिसने समारोह की व्यवस्था की थी पर सिक्के जारी नहीं किए। विकल्प C, भारत के प्रधानमंत्री, अनेक अवसरों पर स्मारक सिक्के जारी करते हैं, इसीलिए यह जाल है, परंतु यह विशेष सेट राष्ट्रपति ने जारी किया।
त्योहारों का त्योहार कहा जाने वाला हॉर्नबिल महोत्सव प्रति वर्ष किस राज्य में मनाया जाता है?
- A.मिज़ोरम
- B.नगालैंड
- C.मेघालय
- D.मणिपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नगालैंड
व्याख्या
सही उत्तर B, नगालैंड है। हॉर्नबिल महोत्सव कोहिमा के निकट नागा विरासत ग्राम किसामा में 1 से 10 दिसंबर तक होता है, और 1 दिसंबर राज्य का स्थापना दिवस है। इसे त्योहारों का त्योहार कहा जाता है क्योंकि राज्य की प्रत्येक प्रमुख जनजाति अपना मोरुंग बनाकर एक ही स्थान पर अपने नृत्य, गीत, शिल्प, कुश्ती और भोजन प्रस्तुत करती है। इसका नाम हॉर्नबिल पक्षी पर है, जो नागा लोककथाओं और शिरोभूषा में आता है।
विकल्प A, मिज़ोरम, में वसंत में चापचार कुट होता है, जिसमें बाँस नृत्य चेरॉ किया जाता है। विकल्प C, मेघालय, में गारो का वांगला और खासी का का पोम्ब्लांग नोंगक्रेम होता है। विकल्प D, मणिपुर, में थबल चोंगबा वाला याओशांग और लाई हराओबा होता है। ये सभी एक ही जनजाति या समुदाय के पर्व हैं, किसी राज्य की सब जनजातियों का समागम नहीं।
निम्नलिखित में से कौन सा त्योहार असमिया नववर्ष का सूचक है?
- A.माघ बिहू
- B.काटी बिहू
- C.रोंगाली बिहू
- D.अंबुबाची
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रोंगाली बिहू
व्याख्या
सही उत्तर C, रोंगाली बिहू है। रोंगाली बिहू, जिसे बोहाग बिहू भी कहते हैं, अप्रैल मध्य में असमिया मास बोहाग के आरंभ में पड़ता है और नववर्ष तथा बुवाई की ऋतु खोलता है। यह कई दिन चलता है, गोरु बिहू से आरंभ होता है जिसमें पशुओं को नहलाया जाता है, और इसी बिहू में हुसोरी गायन तथा बिहू नृत्य होता है।
विकल्प A, माघ बिहू अथवा भोगाली बिहू, असम का जनवरी का फसल भोज है, जिसमें मेजी की अग्नि जलाई जाती है और सामूहिक भोजन होता है; यह मकर संक्रांति के दिन पड़ता है। विकल्प B, काटी बिहू अथवा कोंगाली बिहू, अक्टूबर का संयत पर्व है, जब तुलसी के सामने और धान के खेतों में दीप जलाए जाते हैं। विकल्प D, अंबुबाची, बिहू नहीं है बल्कि जून में गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर का वार्षिक मेला है।
सर्प नौका दौड़ वल्लमकली किस त्योहार से जुड़ी है?
- A.ओणम
- B.पोंगल
- C.उगादी
- D.विशु
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. ओणम
व्याख्या
सही उत्तर A, ओणम है। ओणम केरल का फसल पर्व है, जो मलयालम मास चिंगम में मनाया जाता है और पौराणिक राजा महाबली के वार्षिक आगमन की स्मृति है। इसका मुख्य दिन तिरुओणम है, घरों के आगे फूलों की रंगोली पूक्कलम बनाई जाती है, और लंबी नौकाएँ चुंदन वल्लम पश्च जल में वल्लमकली के लिए दौड़ती हैं, जिनमें आरनमुला और नेहरू ट्रॉफी दौड़ सबसे प्रसिद्ध हैं।
विकल्प B, पोंगल, जनवरी का चार दिवसीय तमिल फसल पर्व है, जिसमें मीठा पोंगल उबलकर बाहर आता है और जल्लीकट्टू होता है। विकल्प C, उगादी, चैत्र मास में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक का नववर्ष है। विकल्प D, विशु, अप्रैल मध्य में केरल का नववर्ष है, जिसमें विशुक्कणि सजाई जाती है, परंतु उसमें नौका दौड़ नहीं होती। ध्यान रखें कि वल्लमकली केरल की परंपरा है और नेहरू ट्रॉफी नौका दौड़ पुन्नमदा कायल में होती है।
महाराष्ट्र में 1893 में गणेश चतुर्थी को बड़े सार्वजनिक उत्सव का रूप किसने दिया?
- A.गोपाल कृष्ण गोखले
- B.बाल गंगाधर तिलक
- C.ज्योतिराव फुले
- D.विनायक दामोदर सावरकर
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सही उत्तर: B. बाल गंगाधर तिलक
व्याख्या
सही उत्तर B, बाल गंगाधर तिलक है। भाद्रपद की गणेश चतुर्थी महाराष्ट्र में बहुत पहले से घर की पूजा थी। 1893 में तिलक ने इसे सार्वजनिक पंडाल, शोभायात्रा और व्याख्यानों के साथ सामूहिक उत्सव बनाया, जिससे हर जाति के लोग एक स्थान पर आ सकें, उस समय जब राजनीतिक सभाओं पर निगरानी रहती थी। उन्होंने शिवाजी उत्सव का भी ऐसा ही उपयोग किया और दोनों प्रारंभिक राष्ट्रीय आंदोलन के मंच बने।
विकल्प A, गोपाल कृष्ण गोखले, उदारवादी नेता और सर्वेंट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के संस्थापक थे, जो परिषदों के माध्यम से काम करते थे। विकल्प C, ज्योतिराव फुले, सत्यशोधक समाज के संस्थापक समाज सुधारक थे, जिनका देहावसान 1890 में हो गया था। विकल्प D, विनायक दामोदर सावरकर, बाद की पीढ़ी के थे। 1893 का वर्ष और सार्वजनिक शब्द उत्तर को तिलक पर स्थिर कर देते हैं।
चापचार कुट, वह वसंत पर्व जिसमें चेरॉ बाँस नृत्य किया जाता है, किस राज्य का है?
- A.त्रिपुरा
- B.मिज़ोरम
- C.नगालैंड
- D.सिक्किम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मिज़ोरम
व्याख्या
सही उत्तर B, मिज़ोरम है। चापचार कुट मिज़ोरम का सबसे प्रसिद्ध पर्व है, जो फरवरी के अंत या मार्च में झूम खेतों की सफाई के बाद और बुवाई से पहले मनाया जाता है। इसका केंद्र चेरॉ अर्थात बाँस नृत्य है, जिसमें पुरुष लंबे बाँस भूमि पर ताल के साथ टकराते हैं और स्त्रियाँ बंद होते अंतरालों के बीच पैर रखती हैं; इसके साथ खुआल्लम और छेइहलम नृत्य भी होते हैं।
विकल्प A, त्रिपुरा, खर्ची पूजा और गरिया पूजा का राज्य है। विकल्प C, नगालैंड, में दिसंबर में हॉर्नबिल महोत्सव तथा सेक्रेन्यी और मोआत्सु जैसे जनजातीय पर्व होते हैं। विकल्प D, सिक्किम, में कंचनजंघा के रक्षक देवता के लिए पांग ल्हाब्सोल और फसल नववर्ष लोसूंग मनाया जाता है। चेरॉ का उल्लेख ही इस प्रश्न का निर्णायक संकेत है।
पुरी की रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ किस रथ पर विराजते हैं?
- A.तालध्वज
- B.दर्पदलन
- C.नंदीघोष
- D.पद्मध्वज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नंदीघोष
व्याख्या
सही उत्तर C, नंदीघोष है। पुरी की रथ यात्रा में आषाढ़ मास में जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक तीन रथ खींचे जाते हैं। तीनों में सबसे ऊँचा और पीले तथा लाल रंग का रथ नंदीघोष जगन्नाथ का है। रस्सियाँ लाखों श्रद्धालु खींचते हैं और वापसी यात्रा बाहुड़ा यात्रा कहलाती है। रथ प्रति वर्ष नई लकड़ी से बनाए जाते हैं और यात्रा आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को आरंभ होती है।
विकल्प A, तालध्वज, बड़े भाई बलभद्र का रथ है और उसके नाम में ताड़ वृक्ष का चिह्न है। विकल्प B, दर्पदलन, बहन सुभद्रा का रथ है और तीनों में सबसे छोटा है। विकल्प D, पद्मध्वज, पुरी के रथों में सम्मिलित नहीं है और उसे संस्कृतनिष्ठ लगने वाले विकल्प के रूप में रखा गया है। तीनों नामों का यह समूह लगभग इसी रूप में पूछा जाता है, इसलिए रथ और देवता का मेल कंठस्थ रखना चाहिए।
सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला प्रति वर्ष किस राज्य में लगता है?
- A.हरियाणा
- B.राजस्थान
- C.उत्तर प्रदेश
- D.पंजाब
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. हरियाणा
व्याख्या
सही उत्तर A, हरियाणा है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला प्रति फरवरी हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सूरजकुंड में, दिल्ली की सीमा के पास लगता है। देश भर के शिल्पी और बुनकर वहाँ स्टॉल लगाते हैं, लोक कलाकार प्रस्तुति देते हैं, एक भारतीय राज्य को वर्ष का थीम राज्य और एक या अधिक देशों को भागीदार देश घोषित किया जाता है, जिससे यह मेला नाम से अंतरराष्ट्रीय बनता है।
विकल्प B, राजस्थान, में कार्तिक पूर्णिमा पर पुष्कर मेला और जैसलमेर में मरु महोत्सव होता है। विकल्प C, उत्तर प्रदेश, में प्रयागराज का माघ मेला तथा कुंभ और आगरा का ताज महोत्सव होता है। विकल्प D, पंजाब, में आनंदपुर साहिब का होला मोहल्ला और किला रायपुर का ग्रामीण खेल मेला होता है। सूरजकुंड स्वयं तोमर शासकों के समय बना जलाशय है।
वांगला, जिसे सौ ढोल का पर्व भी कहा जाता है, किस जनजाति द्वारा मनाया जाता है?
- A.खासी
- B.गारो
- C.अपातानी
- D.अंगामी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. गारो
व्याख्या
सही उत्तर B, गारो है। वांगला मेघालय की गारो जनजाति का फसल के बाद का धन्यवाद पर्व है, जो शरद ऋतु में सूर्य देवता मिसी सालजोंग के सम्मान में मनाया जाता है। पुरुषों की पंक्तियाँ एक साथ लंबे ढोल बजाती हैं और स्त्रियाँ पंक्ति में नृत्य करती हैं, और चूँकि एक ही समय सौ या अधिक ढोल बज सकते हैं, इसलिए इसे लोकप्रिय रूप से सौ ढोल का पर्व कहा जाता है।
विकल्प A, खासी, उसी राज्य में स्मित में होने वाले पाँच दिवसीय का पोम्ब्लांग नोंगक्रेम नृत्य की जनजाति है। विकल्प C, अपातानी, अरुणाचल प्रदेश की ज़ीरो घाटी की जनजाति है, जो फसल के लिए ड्री और मैत्री के लिए म्योको मनाती है। विकल्प D, अंगामी, नगालैंड की जनजाति है, जो फरवरी में शुद्धिकरण का पर्व सेक्रेन्यी मनाती है। ये तीनों वास्तविक जनजातीय पर्व हैं, इसी से विकल्प प्रभावी बनते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मकर संक्रांति के दिन कौन से त्योहार मनाए जाते हैं?
तमिलनाडु में पोंगल, असम में माघ बिहू और गुजरात में उत्तरायण उसी दिन पड़ते हैं, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है। पंजाब की लोहड़ी उससे पिछली संध्या को मनाई जाती है।
त्रिशूर पूरम किस राज्य में मनाया जाता है?
केरल में, त्रिशूर के वडक्कुनाथन मंदिर में, मलयालम मास मेडम में, जो अप्रैल और मई में पड़ता है। यह सजे हुए हाथियों, वाद्य समूहों और छत्र बदलने की रीति कुडमाट्टम के लिए प्रसिद्ध है।
पुरी की रथ यात्रा के तीन रथों के नाम क्या हैं?
नंदीघोष पर जगन्नाथ, तालध्वज पर बलभद्र और दर्पदलन पर सुभद्रा विराजते हैं। ये रथ ओडिशा के पुरी में जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक खींचे जाते हैं।
किस उत्सव को त्योहारों का त्योहार कहा जाता है?
नगालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव को, जो कोहिमा के निकट किसामा में 1 से 10 दिसंबर तक होता है, क्योंकि राज्य की सभी प्रमुख जनजातियाँ एक ही स्थान पर अपने नृत्य, गीत, भोजन और खेल प्रस्तुत करती हैं।
असमिया नववर्ष कौन सा त्योहार है?
रोंगाली बिहू, जिसे बोहाग बिहू भी कहते हैं, अप्रैल मध्य में मनाया जाता है। असम में दो और बिहू हैं, जनवरी का माघ या भोगाली बिहू जो फसल का भोज है, और अक्टूबर का काटी या कोंगाली बिहू।
गणेश चतुर्थी को सार्वजनिक पर्व किसने बनाया?
बाल गंगाधर तिलक ने 1893 में महाराष्ट्र में पहला बड़ा सार्वजनिक गणेशोत्सव आयोजित किया और घर की पूजा को सामूहिक पर्व बना दिया, जो राष्ट्रीय आंदोलन का संदेश भी पहुँचाने लगा।
स्रोत
- भारत के त्योहार — संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
- भारतीय कला का परिचय, कक्षा ग्यारह — एनसीईआरटी
- कुंभ मेला, अमूर्त सांस्कृतिक विरासत प्रतिनिधि सूची, 2017 — यूनेस्को





