मेले और जनजातीय संस्कृति: प्रमुख मेले, जनजातियां और तथ्य
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भारत के मेलों और जनजातीय संस्कृति के नोट्स: प्रमुख मेले उनके राज्य और महीने के साथ, बड़ी जनजातियां तथा जनजातीय त्योहार।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

मेला चंद्र पंचांग की किसी निश्चित तिथि पर लगने वाला वह जमावड़ा है जो पूरे अंचल को किसी एक नदी तट, मंदिर नगर या मेला मैदान तक खींच लाता है। जनजातीय संस्कृति भारत की अनुसूचित जनजातियों का जीवित व्यवहार है: उनके बुवाई और फसल के त्योहार, उनके नृत्य, शिल्प और वेशभूषा। सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र दोनों को एक ही अध्याय में रखते हैं, क्योंकि दोनों एक ही ढंग से पूछे जाते हैं, अर्थात नाम के साथ स्थान जोड़कर। मेले को उसके राज्य और महीने के साथ तथा जनजाति को उसके क्षेत्र और त्योहार के साथ याद कर लें, तो इस अध्याय के एक अंक वाले अधिकतर प्रश्न स्वयं हल हो जाते हैं।
प्रमुख धार्मिक मेले
कुंभ मेला इनमें सबसे बड़ा है। यह गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर प्रयागराज, गंगा तट पर हरिद्वार, शिप्रा तट पर उज्जैन तथा गोदावरी तट पर नासिक और त्रयंबकेश्वर के बीच घूमता रहता है। दो कुंभों के बीच अर्ध कुंभ प्रयागराज और हरिद्वार में पड़ता है। यूनेस्को ने कुंभ मेले को वर्ष 2017 में मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में दर्ज किया।
अंबुबाची मेला असम के गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर में असमिया महीने आहार में लगता है, जो जून में पड़ता है। मंदिर तीन दिन बंद रहता है और चौथे दिन खुलता है। गंगासागर मेला पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप पर मकर संक्रांति को लगता है, जहां गंगा बंगाल की खाड़ी में मिलती है। माघ मेला और उसके साथ चलने वाला कल्पवास प्रयागराज में माघ महीने में होता है।
मेला, राज्य और अवसर
| मेला | राज्य और स्थान | अवसर या विशेषता |
|---|---|---|
| कुंभ मेला | प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन, नासिक | क्रमवार; यूनेस्को सूची, 2017 |
| अंबुबाची मेला | असम, कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी | आहार महीना, जून |
| पुष्कर मेला | राजस्थान, अजमेर | कार्तिक पूर्णिमा; ऊंट और पशु मेला |
| सोनपुर मेला | बिहार, सारण जिला | कार्तिक पूर्णिमा; हरिहर क्षेत्र पशु मेला |
| गंगासागर मेला | पश्चिम बंगाल, सागर द्वीप | मकर संक्रांति |
| सूरजकुंड शिल्प मेला | हरियाणा, फरीदाबाद | फरवरी; हस्तशिल्प और हथकरघा |
| नौचंदी मेला | उत्तर प्रदेश, मेरठ | होली के बाद |
| तरनेतर मेला | गुजरात, सुरेंद्रनगर | त्रिनेत्रेश्वर मंदिर; विवाह तय करने का मेला |
| बेणेश्वर मेला | राजस्थान, डूंगरपुर | माघ पूर्णिमा; भील जनजाति का मेला |
| मेडाराम जातरा | तेलंगाना, मुलुगु | सम्मक्का सरलम्मा; सबसे बड़ा जनजातीय मेला |
| भगोरिया हाट | मध्य प्रदेश, झाबुआ | होली से पहले; भील और भिलाला |
| चंद्रभागा मेला | राजस्थान, झालरापाटन | कार्तिक पूर्णिमा; पशु मेला |
जनजातियां कौन और कहां
संविधान का अनुच्छेद 366(25) अनुसूचित जनजातियों को उन जनजातियों के रूप में परिभाषित करता है जिन्हें राष्ट्रपति अनुच्छेद 342 के अंतर्गत लोक अधिसूचना द्वारा किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के लिए विनिर्दिष्ट करता है। पांचवीं अनुसूची पूर्वोत्तर से बाहर के अनुसूचित क्षेत्रों को नियंत्रित करती है, जबकि छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम में स्वायत्त जिला परिषदें बनाती है। वर्ष 2003 के 89वें संविधान संशोधन अधिनियम द्वारा जोड़ा गया अनुच्छेद 338क अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का उपबंध करता है। जनजातीय कार्य मंत्रालय वर्ष 1999 में अलग मंत्रालय के रूप में बना। जनजातीय गौरव दिवस 15 नवंबर को, बिरसा मुंडा की जयंती पर मनाया जाता है। जनगणना 2011 के अनुसार जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का हिस्सा 8.6 प्रतिशत था, सबसे बड़ी जनजातीय आबादी मध्य प्रदेश में और राज्यों में सबसे अधिक हिस्सेदारी मिजोरम में थी।
| जनजाति | मुख्य क्षेत्र | विशेष पहचान |
|---|---|---|
| गोंड | मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र | भारत की सबसे बड़ी जनजाति; गोंड चित्रकला |
| भील | राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात | तीर-कमान; बेणेश्वर मेला; पिथौरा चित्रकला |
| संथाल | झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा | संथाली आठवीं अनुसूची में; सोहराय |
| मुंडा और उरांव | झारखंड | सरहुल; बिरसा मुंडा का उलगुलान |
| टोडा | नीलगिरि पहाड़ियां, तमिलनाडु | भैंस पालन; मुंड में अर्धवृत्ताकार झोपड़ियां |
| वारली | महाराष्ट्र, पालघर | मिट्टी की दीवार पर सफेद वारली चित्रकला |
| खासी, गारो, जयंतिया | मेघालय | मातृवंशीय परंपरा; वांगला, बेहदियनखलम |
| अपातानी | जीरो घाटी, अरुणाचल प्रदेश | धान के साथ मछली पालन |
| मिसिंग | असम | अली आई लीगांग बुवाई त्योहार |
| बोडो | असम, बोडोलैंड क्षेत्र | बागुरुंबा नृत्य; बोडो आठवीं अनुसूची में |
| जारवा, ओंगे, सेंटिनली | अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह | विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह |
| भूटिया और लेपचा | सिक्किम | लोसर और लोसूंग |
याद रखने योग्य जनजातीय त्योहार
- हॉर्नबिल महोत्सव: नागालैंड, कोहिमा के पास किसामा में, 1 से 10 दिसंबर तक, त्योहारों का त्योहार कहलाता है।
- मोआत्सु: नागालैंड की आओ जनजाति, मई में बुवाई के बाद; सेक्रेन्यी अंगामी जनजाति का त्योहार है।
- मोपिन: अरुणाचल प्रदेश की गालो जनजाति; सोलुंग आदि जनजाति और न्योकुम न्यीशी जनजाति का है।
- वांगला: मेघालय की गारो जनजाति का सौ ढोल वाला फसल त्योहार; बेहदियनखलम जोवाई में जयंतिया जनजाति का त्योहार है।
- चपचार कुट: मिजोरम का वसंत त्योहार, जिसमें चेरॉ बांस नृत्य होता है।
- सरहुल, करमा और भगता परब: झारखंड; सरहुल में वर्ष के आरंभ में सरई वृक्ष की पूजा होती है।
- अली आई लीगांग: असम की मिसिंग जनजाति का फागुन महीने का बुवाई त्योहार।
जनजातियों के नृत्य और शिल्प
नृत्य को समुदाय के साथ जोड़कर याद करें। बागुरुंबा असम के बोडो का, चेरॉ मिजो का, नोंगक्रेम खासी का, घूमर राजस्थान के भील और राजपूतों का, गुस्साड़ी तेलंगाना के राज गोंड का, ढेमसा बस्तर अंचल के कोया का तथा सिद्दी धमाल गुजरात के सिद्दियों का नृत्य है। चित्रकला भी इसी तरह जोड़िए: वारली महाराष्ट्र की, गोंड और भील पिथौरा मध्य प्रदेश की, सौरा ओडिशा की तथा संथाल भित्ति चित्र झारखंड की पहचान हैं। शिल्प के प्रश्न भी इसी ढंग से आते हैं, इसलिए पूर्वोत्तर का बांस शिल्प, छत्तीसगढ़ और झारखंड की ढोकरा धातु ढलाई तथा नीलगिरि की टोडा कढ़ाई पर एक-एक पंक्ति दोहराने योग्य है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय के प्रश्न जोड़े के रूप में आते हैं। अंबुबाची मेला और उसका राज्य, मोपिन और उसकी जनजाति, टोडा और उनकी पहाड़ियां: एक नाम, चार राज्य। सबसे आम जाल पूर्वोत्तर है, क्योंकि मोआत्सु, मोपिन, सोलुंग, वांगला और चपचार कुट को नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय और मिजोरम के बीच आपस में बदल दिया जाता है। दूसरा जाल कार्तिक पूर्णिमा के दो मेले हैं, राजस्थान का पुष्कर और बिहार का सोनपुर, जिन्हें एक-दूसरे के राज्य में रख दिया जाता है। बेमेल पहचानने वाले प्रश्न पूछते हैं कि कौन जनजाति भारत में नहीं रहती, जहां उत्तर मासाई, जूलू या पिग्मी होता है। एसएससी और राज्य परीक्षाएं संवैधानिक पक्ष भी पूछती हैं, इसलिए अनुच्छेद 342, 366(25), 338क तथा पांचवीं और छठी अनुसूची तैयार रखें। पहले राज्य याद करें; महीना कम पूछा जाता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सबसे बड़ा जनजातीय मेला | सम्मक्का सरलम्मा जातरा, मेडाराम, तेलंगाना |
|---|---|
| कुंभ मेला स्थल | प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक |
| अंबुबाची मेला | कामाख्या मंदिर, गुवाहाटी, असम, आहार महीना |
| ऊंट मेला | पुष्कर, अजमेर, राजस्थान, कार्तिक पूर्णिमा |
| बिहार का पशु मेला | सोनपुर, जिसे हरिहर क्षेत्र मेला भी कहते हैं |
| शिल्प मेला | सूरजकुंड, फरीदाबाद, हरियाणा, फरवरी में |
| भारत की सबसे बड़ी जनजाति | गोंड |
| नीलगिरि की जनजाति | टोडा |
| मातृवंशीय जनजातियां | मेघालय की खासी, गारो और जयंतिया |
| संविधान में अनुसूचित जनजातियां | अनुच्छेद 342 और 366(25); पांचवीं और छठी अनुसूची |
| राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग | अनुच्छेद 338क, 89वां संविधान संशोधन अधिनियम, 2003 |
| जनजातीय गौरव दिवस | 15 नवंबर, बिरसा मुंडा की जयंती |
| जनसंख्या में एसटी हिस्सा | 8.6 प्रतिशत, जनगणना 2011 |
| सौ ढोल वाला त्योहार | मेघालय की गारो जनजाति का वांगला |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
अंबुबाची मेला निम्नलिखित में से किस राज्य में मनाया जाता है?
- A.मणिपुर
- B.नागालैंड
- C.मिजोरम
- D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. असम
व्याख्या
सही उत्तर D, असम है। अंबुबाची मेला हर वर्ष कामाख्या मंदिर में लगता है, जो असम के सबसे बड़े नगर गुवाहाटी में नीलाचल पहाड़ी पर स्थित है। यह असमिया महीने आहार में पड़ता है, जो जून के अनुरूप होता है, और इस मान्यता से जुड़ा है कि देवी अपने वार्षिक विश्राम काल से गुजरती हैं। मंदिर के द्वार तीन दिन बंद रहते हैं और चौथे दिन खोले जाते हैं, जब प्रसाद बांटा जाता है, इसलिए इस मेले को अंबुबाची या अमेती उत्सव भी कहा जाता है।
विकल्प A, मणिपुर में लाई हराओबा और याओशांग मनाए जाते हैं, अंबुबाची नहीं। विकल्प B, नागालैंड किसामा के हॉर्नबिल महोत्सव तथा मोआत्सु और सेक्रेन्यी का राज्य है। विकल्प C, मिजोरम अपने वसंत त्योहार चपचार कुट के लिए जाना जाता है। तीनों पूर्वोत्तर राज्य हैं और इसी कारण प्रश्नकर्ता इन्हें साथ रखता है, पर कामाख्या मंदिर केवल असम में है।
'अली आई लीगांग' त्योहार _______ राज्य में मनाया जाता है।
- A.केरल
- B.बिहार
- C.असम
- D.छत्तीसगढ़
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. असम
व्याख्या
सही उत्तर C, असम है। अली आई लीगांग असम की मिसिंग जनजाति का वसंतकालीन बुवाई त्योहार है। नाम स्वयं अवसर बताता है, क्योंकि यह जड़ों और बीजों की बुवाई की ओर संकेत करता है, और त्योहार फागुन महीने के पहले बुधवार से आरंभ होता है। ग्रामीण मौसम का पहला धान रोपते हैं, ढोल और झांझ पर गुमराग नृत्य होता है, और सामूहिक भोज में चावल की मदिरा तथा सूअर का मांस परोसा जाता है।
विकल्प A, केरल ओणम, विशु और त्रिशूर पूरम का राज्य है। विकल्प B, बिहार में छठ और सोनपुर पशु मेला होते हैं। विकल्प D, छत्तीसगढ़ में बस्तर दशहरा और जनजातीय अंचल का करमा नृत्य प्रसिद्ध है। हर विकल्प त्योहारों वाला राज्य है, पर अली आई लीगांग ब्रह्मपुत्र घाटी की मिसिंग जनजाति का त्योहार है, इसलिए C ही सही जोड़ है।
निम्नलिखित में से कौन सा क्षेत्र 'टोडा जनजाति' का मूल निवास है?
- A.कुमाऊं की पहाड़ियां
- B.नीलगिरि की पहाड़ियां
- C.खासी की पहाड़ियां
- D.गढ़वाल की पहाड़ियां
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नीलगिरि की पहाड़ियां
व्याख्या
सही उत्तर B, नीलगिरि की पहाड़ियां है। टोडा तमिलनाडु के ऊपरी नीलगिरि पठार की एक छोटी पशुपालक जनजाति है। ये लोग मुंड कहलाने वाली बस्तियों में रहते हैं, भैंस पालते हैं और दूध के काम को पवित्र कर्तव्य मानते हैं, जो उनके शंक्वाकार या अर्धवृत्ताकार मंदिर-झोपड़ियों में निभाया जाता है। लाल और काले धागे से बनी उनकी पुतुकुली शॉल की कढ़ाई इन पहाड़ियों का पंजीकृत शिल्प है। कोटा, कुरुंबा, इरुला और बडगा भी इन्हीं पहाड़ियों में रहते हैं।
विकल्प A, कुमाऊं और विकल्प D, गढ़वाल उत्तराखंड में हैं, जहां थारू, भोटिया, जौनसारी और राजी जनजातियां रहती हैं। विकल्प C, खासी पहाड़ियां मेघालय में हैं, जो मातृवंशीय खासी जनजाति का घर है। तीनों वास्तविक जनजातीय क्षेत्र हैं, पर पश्चिमी घाट की नीलगिरि ही टोडा की मातृभूमि है।
'भगता परब', वसंत और ग्रीष्म के बीच मनाया जाने वाला जनजातीय त्योहार, ______ राज्य में आरंभ हुआ।
- A.मिजोरम
- B.महाराष्ट्र
- C.मध्य प्रदेश
- D.झारखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. झारखंड
व्याख्या
सही उत्तर D, झारखंड है। भगता परब झारखंड के जनजातीय समुदाय वसंत और ग्रीष्म के बीच के सप्ताहों में मनाते हैं, और यह बुढ़ा बाबा को समर्पित है। भगत कहलाने वाले श्रद्धालु उपवास रखते हैं, तालाब से जल लाकर स्थान तक पहुंचाते हैं और सहनशीलता की कठिन परीक्षाओं में भाग लेते हैं, तथा त्योहार की रातों में सरायकेला और पुरुलिया परंपरा का छऊ नृत्य होता है। सरहुल, करमा और सोहराय इसी राज्य के त्योहार पंचांग का हिस्सा हैं।
विकल्प A, मिजोरम में चपचार कुट, मिम कुट और पावल कुट मनाए जाते हैं। विकल्प B, महाराष्ट्र गणेश चतुर्थी और वारली समुदाय का राज्य है। विकल्प C, मध्य प्रदेश में होली से पहले भील और भिलाला का भगोरिया हाट लगता है, जिसका नाम भगता परब से मिलता-जुलता है और यही इस प्रश्न का जाल है। भगता परब झारखंड का त्योहार है।
निम्नलिखित में से कौन सी जनजाति भारत में नहीं रहती है?
- A.गोंड
- B.मासाई
- C.संथाल
- D.थारू
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मासाई
व्याख्या
सही उत्तर B, मासाई है। मासाई पूर्वी अफ्रीका की पशुपालक जनजाति है, जो दक्षिणी केन्या और उत्तरी तंजानिया में दरार घाटी तथा सेरेंगेटी के आसपास रहती है। ये लोग अपने लाल शूका वस्त्र, मनकों के आभूषण और ऊंची छलांग वाले नृत्य के लिए जाने जाते हैं, और भारत में इनकी कोई उपस्थिति नहीं है, इसलिए यही विकल्प बेमेल है।
विकल्प A, गोंड भारत की सबसे बड़ी जनजाति है और मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना तथा ओडिशा में फैली है। विकल्प C, संथाल पूर्वी भारत की सबसे बड़ी जनजाति है, जो झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार में रहती है, और इनकी भाषा संथाली संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज है। विकल्प D, थारू नेपाल सीमा से लगे उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और बिहार के तराई क्षेत्र में रहते हैं। ये तीनों भारत की अनुसूचित जनजातियां हैं।
ऊंट और पशु व्यापार के लिए प्रसिद्ध पुष्कर मेला किस राज्य में लगता है?
- A.गुजरात
- B.राजस्थान
- C.मध्य प्रदेश
- D.हरियाणा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राजस्थान
व्याख्या
सही उत्तर B, राजस्थान है। पुष्कर मेला राजस्थान के अजमेर जिले में पुष्कर सरोवर के तट पर और ब्रह्मा मंदिर के पास लगता है। यह कार्तिक महीने की पूर्णिमा तक चलता है, जो नवंबर में पड़ती है, और देश का सबसे प्रसिद्ध ऊंट तथा पशु मेला है, जिसमें ऊंट दौड़, मूंछ प्रतियोगिता और बड़ा शिल्प बाजार आकर्षण रहते हैं। पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर देश के उन गिने-चुने मंदिरों में है जो ब्रह्मा को समर्पित हैं, इसलिए यह मेला धार्मिक और व्यापारिक, दोनों रूप में महत्वपूर्ण है।
विकल्प A, गुजरात में सुरेंद्रनगर का तरनेतर मेला और कच्छ का रण उत्सव होता है। विकल्प C, मध्य प्रदेश में भील का भगोरिया हाट तथा उज्जैन का सिंहस्थ कुंभ मेला लगता है। विकल्प D, हरियाणा में फरवरी में फरीदाबाद का सूरजकुंड शिल्प मेला होता है। हर विकल्प मेलों वाला राज्य है, पर ब्रह्मा मंदिर और ऊंट मेला राजस्थान की ही पहचान हैं।
हरिहर क्षेत्र मेला कहलाने वाला और एशिया के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाने वाला सोनपुर मेला किस राज्य में लगता है?
- A.ओडिशा
- B.उत्तर प्रदेश
- C.बिहार
- D.पश्चिम बंगाल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बिहार
व्याख्या
सही उत्तर C, बिहार है। सोनपुर मेला बिहार के सारण जिले के सोनपुर में लगता है, जहां गंडक नदी गंगा में मिलती है। यह कार्तिक पूर्णिमा से आरंभ होता है, वही पूर्णिमा जिस पर पुष्कर मेला लगता है, और वहां के हरिहर नाथ मंदिर के नाम पर इसे हरिहर क्षेत्र मेला कहा जाता है, जिसे परंपरा राम से जोड़ती है। सदियों तक यहां गाय, घोड़े, पक्षी और हाथी बिकते रहे और यह आज भी एशिया के सबसे बड़े पशु मेलों में गिना जाता है।
विकल्प A, ओडिशा में उसी पूर्णिमा पर कटक की बाली यात्रा होती है, जो इस प्रश्न का सबसे साफ जाल है। विकल्प B, उत्तर प्रदेश में मेरठ का नौचंदी मेला और प्रयागराज का माघ मेला लगता है। विकल्प D, पश्चिम बंगाल में मकर संक्रांति पर सागर द्वीप का गंगासागर मेला होता है। हरिहर क्षेत्र नाम केवल सोनपुर का है।
सौ ढोल वाला फसल त्योहार वांगला किस जनजाति द्वारा मनाया जाता है?
- A.गारो
- B.अंगामी
- C.अपातानी
- D.भूटिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गारो
व्याख्या
सही उत्तर A, गारो है। वांगला मेघालय की गारो जनजाति का फसल कटने के बाद का धन्यवाद त्योहार है, जो फसल देने वाले सूर्य देवता सालजोंग को अर्पित होता है। इसे लोकप्रिय रूप से सौ ढोल का त्योहार कहा जाता है, क्योंकि गारो पहाड़ियों में नर्तकों की कतारें लंबे ढोल, घंटों और भैंस के सींग से बने तुरही की ताल पर चलती हैं, और यह लगभग नवंबर में मनाया जाता है।
विकल्प B, अंगामी नागालैंड की नागा जनजाति है, जिसका बड़ा त्योहार सेक्रेन्यी है, जो फरवरी में शुद्धिकरण का पर्व है। विकल्प C, अपातानी अरुणाचल प्रदेश की जीरो घाटी में रहते हैं और द्री तथा म्योको मनाते हैं। विकल्प D, भूटिया सिक्किम में रहते हैं और लोसर तथा लोसूंग मनाते हैं। चारों वास्तविक जनजातियां हैं, पर वांगला केवल गारो का त्योहार है।
हर दिसंबर में किसामा में होने वाला और त्योहारों का त्योहार कहलाने वाला हॉर्नबिल महोत्सव किस राज्य का है?
- A.मणिपुर
- B.नागालैंड
- C.त्रिपुरा
- D.मेघालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नागालैंड
व्याख्या
सही उत्तर B, नागालैंड है। हॉर्नबिल महोत्सव कोहिमा के पास किसामा के नागा विरासत ग्राम में 1 से 10 दिसंबर तक होता है और उसी दिन आरंभ होता है जिस दिन नागालैंड राज्य बना था। हर बड़ी नागा जनजाति अपना मोरुंग या छात्रावास घर लगाती है, और दिन लकड़ी के ढोल खींचने, कुश्ती, नागा मिर्च खाने की प्रतियोगिता तथा लोकगीतों से भरे रहते हैं। महोत्सव का नाम हॉर्नबिल पक्षी से आया है, जिसके पंख नागा शिरोवस्त्र पर लगते हैं।
विकल्प A, मणिपुर में नवंबर में संगाई महोत्सव होता है। विकल्प C, त्रिपुरा खर्ची पूजा और गरिया त्योहार का राज्य है। विकल्प D, मेघालय में वांगला, बेहदियनखलम और शाद नोंगक्रेम नृत्य होते हैं। तीनों पूर्वोत्तर राज्यों के अपने बड़े त्योहार हैं, इसीलिए वे विकल्प बनते हैं, पर किसामा नागालैंड में है।
भारत का सबसे बड़ा जनजातीय मेला माना जाने वाला मेडाराम का सम्मक्का सरलम्मा जातरा किस राज्य में लगता है?
- A.छत्तीसगढ़
- B.ओडिशा
- C.तेलंगाना
- D.झारखंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तेलंगाना
व्याख्या
सही उत्तर C, तेलंगाना है। सम्मक्का सरलम्मा जातरा, जिसे आमतौर पर मेडाराम जातरा कहा जाता है, तेलंगाना के मुलुगु जिले के मेडाराम में माघ महीने में हर दो वर्ष पर लगता है। यह सम्मक्का और उनकी पुत्री सरलम्मा के सम्मान में होता है, जिन्हें काकतीय शासकों से लड़ी कोया स्त्रियों के रूप में स्मरण किया जाता है, और कोया जनजाति ही अनुष्ठान कराती है। श्रद्धालु अपने वजन के बराबर बेल्लम अर्थात गुड़ चढ़ाते हैं, और यह मेला देश के किसी भी जनजातीय मेले से बड़ी भीड़ जुटाता है।
विकल्प A, छत्तीसगढ़ में लंबा बस्तर दशहरा होता है। विकल्प B, ओडिशा में पुरी की रथ यात्रा और कटक की बाली यात्रा होती है। विकल्प D, झारखंड में सरहुल और भगता परब मनाए जाते हैं। सभी बड़े जनजातीय राज्य हैं, पर मेडाराम जातरा तेलंगाना का है।
अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का उपबंध करने वाला अनुच्छेद 338क किस संविधान संशोधन अधिनियम से जोड़ा गया?
- A.73वां संशोधन
- B.86वां संशोधन
- C.89वां संशोधन
- D.97वां संशोधन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 89वां संशोधन
व्याख्या
सही उत्तर C, 89वां संशोधन है। वर्ष 2003 तक अनुच्छेद 338 के अंतर्गत अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए एक ही राष्ट्रीय आयोग काम करता था। वर्ष 2003 के 89वें संविधान संशोधन अधिनियम ने इसे विभाजित कर दिया, अनुच्छेद 338 के पास राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग छोड़ा और अनुच्छेद 338क जोड़कर अलग राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग बनाया, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और अन्य सदस्य राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त होते हैं।
विकल्प A, 1992 के 73वें संशोधन ने भाग नौ जोड़ा और पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया। विकल्प B, 2002 के 86वें संशोधन ने अनुच्छेद 21क जोड़कर बच्चों की नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा को मूल अधिकार बनाया। विकल्प D, 2011 का 97वां संशोधन सहकारी समितियों से संबंधित था। जनजातीय आयोग से केवल 89वां संशोधन जुड़ा है, इसलिए C सही है।
चेरॉ बांस नृत्य जिसमें किया जाता है, वह वसंत त्योहार चपचार कुट किस राज्य में मनाया जाता है?
- A.मिजोरम
- B.सिक्किम
- C.अरुणाचल प्रदेश
- D.असम
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मिजोरम
व्याख्या
सही उत्तर A, मिजोरम है। चपचार कुट मिजो समाज का सबसे प्रसिद्ध त्योहार है, जो मार्च में तब मनाया जाता है जब झूम खेती के खेत साफ और जलाकर तैयार हो जाते हैं और गांव बुवाई की वर्षा की प्रतीक्षा करते हैं। स्त्री-पुरुष थांगछुआह पुआन और वाकिरिया शिरोवस्त्र पहनकर ढोल की ताल पर नाचते हैं, और चेरॉ, जिसमें नर्तक जमीन पर टकराए जाते बांसों के बीच पैर रखते हैं, इसका मुख्य आकर्षण है। मिम कुट और पावल कुट अन्य दो मिजो त्योहार हैं।
विकल्प B, सिक्किम में लोसर, लोसूंग और सागा दावा मनाए जाते हैं। विकल्प C, अरुणाचल प्रदेश में गालो का मोपिन, आदि का सोलुंग और न्यीशी का न्योकुम होता है। विकल्प D, असम में बिहू और अली आई लीगांग मनाए जाते हैं। बांस नृत्य ही संकेत है, क्योंकि चेरॉ मिजोरम की पहचान है और क्षेत्र के मिलते-जुलते नृत्यों से भ्रमित कर दिया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का सबसे बड़ा जनजातीय मेला कौन सा है?
तेलंगाना के मुलुगु जिले में मेडाराम का सम्मक्का सरलम्मा जातरा। यह हर दो वर्ष में एक बार लगता है और देश के किसी भी मेले से बड़ा जनजातीय जमावड़ा जुटाता है।
अंबुबाची मेला किस राज्य में लगता है?
असम में, गुवाहाटी की नीलाचल पहाड़ी पर स्थित कामाख्या मंदिर में, असमिया महीने आहार के दौरान, जो जून में पड़ता है। मंदिर तीन दिन बंद रहता है और चौथे दिन खुलता है।
अली आई लीगांग कौन जनजाति मनाती है?
असम की मिसिंग जनजाति। यह फागुन महीने का बुवाई त्योहार है और इसमें गुमराग नृत्य किया जाता है।
भारत की सबसे बड़ी जनजाति कौन है?
गोंड, जो मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, तेलंगाना और ओडिशा में फैली है। इसके बाद भील आते हैं, जो मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में रहते हैं।
टोडा जनजाति कहां रहती है?
तमिलनाडु की नीलगिरि पहाड़ियों में। ये लोग मुंड कहलाने वाली छोटी बस्तियों में रहते हैं, भैंस पालते हैं और नीची अर्धवृत्ताकार झोपड़ियां बनाते हैं।
संविधान के कौन से अनुच्छेद अनुसूचित जनजातियों से संबंधित हैं?
अनुच्छेद 342 राष्ट्रपति को किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र के लिए जनजातियों को अनुसूचित जनजाति घोषित करने देता है, अनुच्छेद 366(25) इस शब्द को परिभाषित करता है और अनुच्छेद 338क राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का उपबंध करता है।
स्रोत
- भारत के मेले और त्योहार — संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार
- भारत में अनुसूचित जनजातियों का सांख्यिकीय विवरण — जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार
- भारत का संविधान, अनुच्छेद 342, 366(25) और 338क तथा पांचवीं और छठी अनुसूची — विधायी विभाग, भारत सरकार
- कुंभ मेला, मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची, 2017 — यूनेस्को





