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GK क्विजकला और संस्कृति

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज: सेट 29

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

कला और संस्कृति मिश्रित क्विज़ (सेट 29) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: आधुनिक भारतीय कला और कलाकार, भारत का लोक संगीत और लोक गीत, संग्रहालय, पुस्तकालय और अभिलेखागार और अन्य। इनमें से 8 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.कला और संस्कृतिकठिन

चेन्नई के मरीना पर स्थित कांस्य मूर्ति ट्रायंफ ऑफ लेबर ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष ने बनाई थी। वे कौन थे?

  1. A.रामकिंकर बैज
  2. B.देवी प्रसाद रॉय चौधरी
  3. C.के. सी. एस. पणिक्कर
  4. D.नंदलाल बोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. देवी प्रसाद रॉय चौधरी

व्याख्या

सही उत्तर B, देवी प्रसाद रॉय चौधरी है। अबनींद्रनाथ टैगोर के शिष्य रॉय चौधरी मद्रास के गवर्नमेंट स्कूल ऑफ आर्ट के पहले भारतीय प्रधानाचार्य बने। उन्होंने ट्रायंफ ऑफ लेबर बनाई — चार श्रमिकों का वह समूह जो चट्टान हटाने में जुटा है और चेन्नई के मरीना तट पर खड़ा है — तथा पटना सचिवालय के बाहर का शहीद स्मारक भी। 1954 में वे ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष नियुक्त हुए। विकल्प A गलत है क्योंकि उस काल के दूसरे बड़े मूर्तिकार रामकिंकर बैज ने शांतिनिकेतन में संथाल फैमिली और मिल कॉल बनाई। विकल्प C गलत है क्योंकि के. सी. एस. पणिक्कर चित्रकार थे जिन्होंने चोलामंडल बसाया। विकल्प D गलत है क्योंकि नंदलाल बोस चित्रकार थे, मूर्तिकार नहीं। दोनों मूर्तिकारों को उनके शहरों से अलग पहचानें: रामकिंकर बैज शांतिनिकेतन में, देवी प्रसाद रॉय चौधरी मद्रास और पटना में।

Q2.कला और संस्कृतिपूछा गया: दिल्ली · 3 Sept 2019, shift 3आसान

लोटिया किस क्षेत्र का संगीत है?

  1. A.राजस्थान
  2. B.तमिलनाडु
  3. C.पंजाब
  4. D.असम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राजस्थान

व्याख्या

सही उत्तर A, राजस्थान है। लोटिया का नाम उस लोटे से पड़ा जिसे स्त्रियाँ सिर पर रखकर उस शोभायात्रा में चलती हैं जिसके साथ यह प्रस्तुत होता है, और यह राजस्थान की लोक परंपरा का अंग है, माँड, पणिहारी तथा बन्ना-बन्नी विवाह गीतों के साथ। विकल्प B तमिलनाडु की अपनी लोक विधाएँ हैं, मुख्यतः विल्लु पाट्टु अर्थात धनुष गीत और कावड़ी चिंदु, पर लोटिया उनमें नहीं है। विकल्प C पंजाब टप्पा, माहिया, जुगनी और बोलियों का घर है, जो तूंबी तथा अलगोजा के साथ गाई जाती हैं। विकल्प D असम बसंत के पर्व पर गाए जाने वाले बिहू गीत, शंकरदेव के बरगीत तथा जिकिर के लिए जाना जाता है। नाम में आया लोटा ही पश्चिम के शुष्क प्रदेश का संकेत देता है। राजस्थान की लोक गायकी के दो प्रसिद्ध समुदाय लंगा और मांगणियार हैं, जो कामायचा, सारंगी और खड़ताल के साथ गाते हैं।

Q3.कला और संस्कृतिमध्यम

महाभारत के प्रसंगों का गायन करने वाली विधा पंडवानी किस राज्य की है?

  1. A.छत्तीसगढ़
  2. B.ओडिशा
  3. C.झारखंड
  4. D.तेलंगाना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. छत्तीसगढ़

व्याख्या

सही उत्तर A, छत्तीसगढ़ है। पंडवानी में एक ही कलाकार तंबूरा लेकर गाकर और बोलकर पांडवों की कथा सुनाता है और दृश्यों का अभिनय भी करता है; पद्म विभूषण पाने वाली तीजन बाई इस विधा को अपने गाँव से निकालकर विश्व भर के श्रोताओं तक ले गईं। विकल्प B ओडिशा में पश्चिमी जिलों का फसल गीत दलखाई तथा चैती घोड़ा है, जिसमें बनावटी घोड़े का प्रयोग होता है। विकल्प C झारखंड में झूमर, डोमकच और पाइकी हैं, जो कथा से अधिक नृत्य के साथ चलते हैं। विकल्प D तेलंगाना में भी कथा परंपराएँ हैं, अर्थात बुर्राकथा और ओग्गु कथा, इसी से वह उचित भ्रामक विकल्प है; पर वे तेलुगु विधाएँ हैं, और छत्तीसगढ़ी में महाभारत का आख्यान पंडवानी ही है। पंडवानी दो शैलियों में गाई जाती है, वेदमती जिसमें गायक बैठा रहता है और कापालिक जिसमें गायक खड़े होकर दृश्यों का अभिनय करता है।

Q4.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 1आसान

नेहरू मेमोरियल म्यूजियम एंड लाइब्रेरी निम्नलिखित में से किस स्थान पर स्थित है?

  1. A.कोलकाता
  2. B.प्रयागराज
  3. C.मुंबई
  4. D.नई दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर है D, नई दिल्ली। यह संस्थान नई दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में है, वही आवास जहां जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री के रूप में सोलह वर्ष रहे, और उनके निधन के बाद 1964 में इसे जनता के लिए खोला गया। यहां उनके जीवन पर संग्रहालय, आधुनिक भारतीय इतिहास पर शोध पुस्तकालय तथा 1984 में जोड़ा गया तारामंडल है; पुस्तकालय में निजी पत्र और पुराने समाचार पत्र संरक्षित हैं। यह संस्कृति मंत्रालय के अधीन है और अब इसका नाम प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय कर दिया गया है। तीन मूर्ति नाम बाहर के चौराहे पर बने तीन सैनिकों के स्मारक से पड़ा। A गलत है क्योंकि कोलकाता में विक्टोरिया मेमोरियल और राष्ट्रीय पुस्तकालय हैं। B गलत है क्योंकि प्रयागराज में नेहरू परिवार का आनंद भवन है। C गलत है क्योंकि मुंबई में छत्रपति शिवाजी महाराज वस्तु संग्रहालय है। परीक्षा टिप: तीन मूर्ति भवन को नेहरू से और आनंद भवन को प्रयागराज से जोड़ें।

Q5.कला और संस्कृतिकठिन

यमपुरी, वह दंड कठपुतली परंपरा जिसमें कठपुतलियाँ लकड़ी के एक ही टुकड़े से तराशी जाती हैं, कहाँ पाई जाती है?

  1. A.बिहार
  2. B.पश्चिम बंगाल
  3. C.असम
  4. D.मध्य प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बिहार

व्याख्या

सही उत्तर A, बिहार है। यमपुरी बिहार की दंड कठपुतली परंपरा है। इसकी कठपुतलियाँ लकड़ी के एक ही टुकड़े से तराशी जाती हैं और उनमें वे जोड़ नहीं होते जो अन्यत्र की दंड कठपुतलियों में होते हैं, जिससे उन्हें चलाना कठिन हो जाता है और कलाकार से अधिक कौशल की अपेक्षा रहती है। विकल्प B गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल का दंड कठपुतली रूप पुतुल नाच है, जिसकी बड़ी आकृतियों में गर्दन और कंधों पर जोड़ होते हैं और जिन्हें परदे के पीछे खड़ा कलाकार नीचे से चलाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि इस अध्याय में असम का योगदान लोक रंगमंच भाओना है, जो श्रीमंत शंकरदेव के लिखे अंकिया नाट पर आधारित है, कोई कठपुतली रूप नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश लोक रंगमंच माच से जुड़ा है, जो मालवा क्षेत्र का गायन प्रधान रूप है।

Q6.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 7 March 2019, Shift 1आसान

पश्मीना एक बारीक किस्म का ऊन है, जिसकी बुनाई सबसे पहले भारत के किस राज्य में की गई थी?

  1. A.उत्तर प्रदेश
  2. B.पंजाब
  3. C.जम्मू और कश्मीर
  4. D.हिमाचल प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. जम्मू और कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है C, जम्मू और कश्मीर। पश्मीना वह अत्यंत बारीक ऊन है जो लद्दाख के ठंडे ऊँचे पठार पर पाले जाने वाले चांगथांगी बकरे के भीतरी रोयें से कंघी करके निकाला जाता है, और इसकी कताई तथा शॉल की बुनाई सबसे पहले कश्मीर घाटी में हुई। यह शिल्प पंद्रहवीं शताब्दी से जोड़ा जाता है, जब कहा जाता है कि सुल्तान ज़ैन-उल-आबिदीन मध्य एशिया से बुनकर लाए थे। ये शॉल आगे यूरोप पहुँचे और अंग्रेजी को ‘कश्मीर’ शब्द दिया। एक कनी या जामावार शॉल करघे पर महीनों लेती है, और कश्मीर पश्मीना को अब जीआई टैग मिला हुआ है। A गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश बनारसी रेशम और चिकनकारी के लिए जाना जाता है। B गलत है क्योंकि पंजाब फुलकारी कढ़ाई के लिए प्रसिद्ध है। D गलत है क्योंकि हिमाचल प्रदेश भेड़ के ऊन से कुल्लू शॉल और किन्नौरी नमूने बुनता है। परीक्षा टिप: पश्मीना — लद्दाख का चांगथांगी बकरा, बुनाई कश्मीर में, जीआई टैग प्राप्त।

Q7.कला और संस्कृतिमध्यम

बाउल गायकों से सबसे अधिक जुड़ा वाद्य कौन सा है?

  1. A.सारंगी
  2. B.एकतारा
  3. C.शहनाई
  4. D.नादस्वरम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एकतारा

व्याख्या

सही उत्तर B, एकतारा है। नाम का अर्थ ही एक तार है और यह वाद्य तूँबे पर खिंचे एक तार तथा बाँस की गर्दन से बनता है, जिसे दबाकर स्वर बदला जाता है; बाउल इसे एक हाथ में लेकर गाते और नाचते हैं और प्रायः कमर में दुग्गी नामक छोटा ढोल बाँधे रहते हैं। विकल्प A सारंगी अनेक तारों वाला गज से बजने वाला वाद्य है, जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत तथा राजस्थान के लोक संगीत में बजता है, बाउल इसे नहीं बजाते। विकल्प C शहनाई दोहरी रीड वाला सुषिर वाद्य है, जो विवाहों और मंदिरों में बजता है और जिसे बिस्मिल्लाह खाँ ने मंच तक पहुँचाया। विकल्प D नादस्वरम तमिलनाडु के मंदिर संगीत का लंबा सुषिर वाद्य है, जो प्रायः तविल के साथ बजता है।

Q8.कला और संस्कृतिपूछा गया: CTET · Jan 2021 Paper 2मध्यम

कथन A): चोल मंदिर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के केंद्र थे। कथन B): चोल कांस्य प्रतिमाएँ देवताओं की होती थीं, पर कभी-कभी भक्तों की भी बनाई जाती थीं।

  1. A.A) और B) दोनों सही हैं और B), A) की सही व्याख्या है।
  2. B.A) और B) दोनों सही हैं, पर B), A) की सही व्याख्या नहीं है।
  3. C.A) सही है, पर B) गलत है।
  4. D.A) गलत है, पर B) सही है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. A) और B) दोनों सही हैं, पर B), A) की सही व्याख्या नहीं है।

व्याख्या

सही उत्तर है B, दोनों कथन सही हैं, पर B कथन A की व्याख्या नहीं करता। राजराज प्रथम द्वारा बनवाए गए तंजावुर के बृहदीश्वर मंदिर जैसे चोल मंदिर केवल पूजा-स्थल नहीं थे। उनके पास भूमि और गाँव होते थे; वे पुजारी, माला बनाने वाले, रसोइए, नर्तक और संगीतकार नियुक्त करते थे, विद्यालय तथा शिल्प-कार्यशालाएँ चलाते थे और ऋण भी देते थे। इसी कारण क्षेत्र का धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन इन्हीं के आसपास सिमटा था। चोल कांस्य प्रतिमाएँ मधुरिक्त (लॉस्ट वैक्स) विधि से ढाली जाती थीं और इनमें अधिकतर नटराज, विष्णु तथा पार्वती जैसे देवता हैं, पर कुछ में दानदाता और भक्त भी दिखाए गए हैं, जिनमें संत तथा राजपरिवार के लोग शामिल हैं। दोनों कथन सही तथ्य हैं, पर प्रतिमाओं का विषय यह नहीं बताता कि मंदिर सामाजिक केंद्र क्यों थे; इसका कारण उनकी भूमि, संपत्ति और दान थे। इसलिए विकल्प A गलत है। विकल्प C गलत है क्योंकि कथन B सही है, और विकल्प D गलत है क्योंकि कथन A सही है। परीक्षा टिप: बृहदीश्वर मंदिर – तंजावुर, राजराज प्रथम; चोल कांस्य – लॉस्ट वैक्स विधि, सर्वाधिक प्रसिद्ध नटराज।

Q9.कला और संस्कृतिमध्यम

पावाकथकली, जिसे पावाकूथु भी कहा जाता है, किस राज्य की दस्ताना कठपुतली परंपरा है?

  1. A.तमिलनाडु
  2. B.केरल
  3. C.कर्नाटक
  4. D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केरल

व्याख्या

सही उत्तर B, केरल है। पावाकथकली, जिसे पावाकूथु भी कहा जाता है, केरल की दस्ताना कठपुतली परंपरा है, और यह अपनी वेशभूषा, प्रसाधन तथा मुद्राएँ कथकली से लेती है, इसलिए कठपुतलियों के सिर पर वही ऊँचा शिरोवेश और रंगे चेहरे होते हैं। कठपुतली हाथ पर पहनी जाती है, जिसमें सिर तर्जनी पर और दोनों भुजाएँ अंगूठे तथा मध्यमा पर रहती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि तमिलनाडु का रूप बोम्मलट्टम है, जो दंड और धागे का साथ प्रयोग करता है और देश के सबसे बड़े कठपुतली रूपों में है। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्नाटक में धागा रूप गोंबेयट्टा और छाया रूप तोगलु गोंबेयट्टा हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश में छाया रूप थोलू बोम्मलाता है और दस्ताना कठपुतली उसकी ज्ञात परंपरा नहीं है। चारों तकनीकों में दस्ताना कठपुतली सबसे छोटी है और उसे किसी मंच यंत्र की आवश्यकता नहीं होती, इसी कारण वह दरबारी के बजाय गाँव और मंदिर के रूप में बची रही।

Q10.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 14 Jul 2023, Shift 3कठिन

निम्नलिखित में से किस कलाकार ने 1975 में 'मीना गुर्जरी' के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार जीता था?

  1. A.सोनल मानसिंह
  2. B.सितारा देवी
  3. C.शोवना नारायण
  4. D.मल्लिका साराभाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. मल्लिका साराभाई

व्याख्या

सही उत्तर है D, मल्लिका साराभाई। उन्हें 1975 में गुजराती फिल्म 'मीना गुर्जरी' में अभिनय के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला था, जो सिनेमा, रंगमंच और नृत्य तीनों में फैले उनके करियर की शुरुआत थी। अपनी माँ मृणालिनी साराभाई से भरतनाट्यम और कुचिपुड़ी सीखने वाली मल्लिका को पीटर ब्रुक के 'द महाभारत' में द्रौपदी की भूमिका के लिए भी जाना जाता है, और वे अहमदाबाद की दर्पण अकादमी चलाती हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि सोनल मानसिंह ओडिसी और भरतनाट्यम की प्रसिद्ध नृत्यांगना हैं, जिन्हें पद्म विभूषण मिला है, वे फिल्म अभिनेत्री नहीं हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि सितारा देवी कथक नृत्यांगना थीं, जिन्हें रवींद्रनाथ टैगोर ने नृत्य सम्राज्ञी कहा था और उनका फिल्मी काम 1940 के दशक का है। विकल्प C गलत है क्योंकि शोवना नारायण कथक नृत्यांगना हैं और भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा सेवा की अधिकारी भी रही हैं। परीक्षा टिप: मल्लिका साराभाई को दर्पण अकादमी और माँ मृणालिनी साराभाई से जोड़कर याद रखें।

Q11.कला और संस्कृतिआसान

बिहू गीत किस राज्य के लोक गीत हैं?

  1. A.मणिपुर
  2. B.असम
  3. C.त्रिपुरा
  4. D.मेघालय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. असम

व्याख्या

सही उत्तर B, असम है। बिहू गीत रंगाली या बोहाग बिहू पर गाए जाते हैं, जो अप्रैल में असमिया नववर्ष का वसंत पर्व है, और उनके साथ ढोल, भैंस के सींग से बना पेपा तथा गगना नामक मुख वाद्य बजते हैं। असम में श्रीमंत शंकरदेव के रचे भक्ति गीत बरगीत तथा जिकिर भी हैं। विकल्प A मणिपुर लाई हराओबा पर्व के गीतों तथा गज से बजने वाले वाद्य पेना के लिए जाना जाता है; वहाँ के संकीर्तन को यूनेस्को ने 2013 में सूचीबद्ध किया। विकल्प C त्रिपुरा की अपनी जनजातीय गीत परंपराएँ हैं, जिनमें होजागिरी है, जो नृत्य के रूप में अधिक जाना जाता है। विकल्प D मेघालय में शाद सुक मिनसीम तथा वांगला पर्व होते हैं, जिनका अपना संगीत है। असमिया वर्ष के तीन बिहू हैं: अप्रैल में रंगाली, अक्टूबर में कंगाली और जनवरी में भोगाली, और यहाँ रंगाली के गीत ही अभिप्रेत हैं।

Q12.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CGL · 13 Aug 2021, Shift 3आसान

सिखों का प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हरमंदिर साहिब कहाँ स्थित है?

  1. A.मनाली
  2. B.पटना
  3. C.अमृतसर
  4. D.जालंधर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अमृतसर

व्याख्या

सही उत्तर है C, अमृतसर। श्री हरमंदिर साहिब, जिसे लोकप्रिय रूप से स्वर्ण मंदिर कहा जाता है, पंजाब के अमृतसर में स्थित है और सिखों का सबसे पवित्र तीर्थ है। चौथे गुरु राम दास ने यहाँ पवित्र सरोवर खुदवाया और उसी के चारों ओर नगर बसा, जिसका नाम अमृत सरोवर से अमृतसर पड़ा। पाँचवें गुरु अर्जन देव ने मंदिर का निर्माण कराया और 1604 में यहाँ आदि ग्रंथ स्थापित किया। बाद में महाराजा रणजीत सिंह ने इसकी ऊपरी मंजिलों पर सोने की परत चढ़वाई, जिससे इसे स्वर्ण मंदिर कहा जाने लगा। इसके चारों ओर एक-एक द्वार हैं, जो दर्शाते हैं कि यह हर जाति और धर्म के लोगों के लिए खुला है, और यहाँ का लंगर प्रतिदिन हजारों लोगों को भोजन कराता है। A गलत है क्योंकि मनाली हिमाचल प्रदेश का पर्वतीय नगर है। B गलत है क्योंकि पटना में तख्त श्री पटना साहिब है, जो गुरु गोबिंद सिंह का जन्मस्थान और अलग गुरुद्वारा है। D गलत है क्योंकि जालंधर में ऐसा कोई मंदिर नहीं है। परीक्षा टिप: अमृतसर की स्थापना गुरु राम दास ने की; हरमंदिर साहिब गुरु अर्जन देव ने बनवाया; पास ही अकाल तख्त है।

Q13.कला और संस्कृतिआसान

नृत्य, संगीत और संवाद को जोड़ने वाला रातभर चलने वाला लोक रंगमंच यक्षगान किस राज्य का है?

  1. A.केरल
  2. B.कर्नाटक
  3. C.महाराष्ट्र
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर B, कर्नाटक है। यक्षगान तटीय कर्नाटक का लोक रंगमंच है, जो खुले में रातभर चलता है और जिसमें ऊँचा शिरोवेश, गाढ़ा प्रसाधन तथा ऊँचे स्वर की ताल वाद्य रहते हैं; इसके प्रसंग रामायण, महाभारत और पुराणों से लिए जाते हैं, तथा कथा कहने और प्रदर्शन को संचालित करने वाला गायक भागवत कहलाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि केरल के रूप संस्कृत रंगमंच कूडियाट्टम तथा चाक्यार कूथु, कृष्णाट्टम और अनुष्ठानिक रंगमंच मुडियेट्टु हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि महाराष्ट्र का लोक रंगमंच तमाशा है, जो लावणी गीतों और ढोलकी पर टिका है, तथा कोंकण में दशावतार है। विकल्प D गलत है क्योंकि तमिलनाडु का सड़क रंगमंच थेरुकूथु है और उसका मंदिर रूप भागवत मेला है। यक्षगान की दो क्षेत्रीय शैलियाँ हैं, तटीय पट्टी के उत्तर की बडगुतिट्टु और दक्षिण की तेंकुतिट्टु, और प्रश्न कभी रूप के स्थान पर इनमें से किसी एक का नाम भी दे सकता है।

Q14.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC MTS · 12 Oct 2021, Shift 3मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा किला काकतीय वंश द्वारा बनवाया गया था?

  1. A.पन्हाला
  2. B.रायगढ़
  3. C.नीमराना
  4. D.गोलकुंडा
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. गोलकुंडा

व्याख्या

सही उत्तर है D, गोलकुंडा। तेलंगाना में हैदराबाद के पास स्थित गोलकुंडा किला तेरहवीं शताब्दी में वारंगल के काकतीय शासकों ने मिट्टी के किले के रूप में बनवाया था। बाद में बहमनी सुल्तानों ने इसे अपने कब्ज़े में लिया, और सोलहवीं शताब्दी में कुतुबशाही शासकों ने इसे ग्रेनाइट से फिर बनवाया तथा आज दिखने वाली लंबी दीवारें, आठ दरवाज़े और महल जोड़े। यह किला अपनी ध्वनि व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है – फतह दरवाज़े पर ताली बजाने की आवाज़ पहाड़ी की चोटी के मंडप तक सुनाई देती है, जिससे पहले सैनिकों को चेतावनी दी जाती थी। इसके आसपास कोल्लूर जैसी हीरे की खानों के कारण गोलकुंडा कोहिनूर और होप जैसे हीरों का बड़ा बाज़ार बना। A गलत है क्योंकि कोल्हापुर का पन्हाला किला शिलाहारों और बाद में शिवाजी से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि रायगढ़ महाराष्ट्र में शिवाजी की राजधानी था। C गलत है क्योंकि राजस्थान का नीमराना चौहानों का किला था। परीक्षा टिप: गोलकुंडा – काकतीय मिट्टी का किला, कुतुबशाहियों ने पुनर्निर्मित, हीरे और ध्वनि के लिए प्रसिद्ध।

Q15.कला और संस्कृतिमध्यम

पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की लोक गीत विधा कजरी मुख्यतः किस ऋतु में गाई जाती है?

  1. A.वसंत
  2. B.वर्षा
  3. C.शीत
  4. D.शरद की फसल कटाई
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वर्षा

व्याख्या

सही उत्तर B, वर्षा है। कजरी सावन मास में, बादल घिरने पर गाई जाती है और उसके पदों में श्याम आकाश, प्रेमियों का विरह तथा परदेस गए पति के लिए स्त्री की व्याकुलता रहती है; मिर्जापुर और बनारस उसके सबसे प्रसिद्ध केंद्र हैं। विकल्प A वसंत उसी क्षेत्र में होली के आसपास गाई जाने वाली फाग या होरी की तथा चैत्र मास की चैती की ऋतु है, इसलिए दोनों किसी दूसरे प्रश्न के सही उत्तर हैं। विकल्प C शीत ऋतु की इस क्षेत्र में ऐसी कोई तुलनीय गीत विधा नहीं है, इसी से वह सबसे कमजोर विकल्प है। विकल्प D शरद की फसल कटाई के अपने गीत भारत में अन्यत्र हैं, जैसे पश्चिमी ओडिशा का दलखाई, पर कजरी उनमें नहीं। कजरी की प्रसिद्ध शैलियाँ मिर्जापुरी कजरी और बनारसी कजरी कहलाती हैं और सावन में झूला झूलते समय भी ये गाई जाती हैं।

Q16.कला और संस्कृतिपूछा गया: SSC CHSL · 11 Jul 2019, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा नृत्य यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत सूची में शामिल है?

  1. A.फुगड़ी
  2. B.झूमर
  3. C.दलखाई
  4. D.छऊ
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. छऊ

व्याख्या

सही उत्तर है D, छऊ। छऊ को 2010 में यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया गया था। यह पूर्वी भारत का मुखौटा नृत्य-नाट्य है और इसकी तीन शैलियाँ अपने-अपने क्षेत्र के नाम पर जानी जाती हैं। झारखंड की सरायकेला और पश्चिम बंगाल की पुरुलिया शैली में कलाकार मुखौटा पहनते हैं, जबकि ओडिशा की मयूरभंज शैली बिना मुखौटे के की जाती है। यह नृत्य युद्ध प्रशिक्षण से निकला है, इसलिए इसकी भाव-भंगिमाओं में लड़ाई के दाँवपेच तथा पशु-पक्षियों की चाल दिखाई देती है, और कथाएँ रामायण, महाभारत एवं लोक आख्यानों से ली जाती हैं। इसे वसंत में चैत्र पर्व के अवसर पर ढोल और धुमसा की थाप पर प्रस्तुत किया जाता है। A गलत है क्योंकि फुगड़ी गोवा का महिला लोकनृत्य है। B गलत है क्योंकि झूमर पंजाब से जुड़ा है। C गलत है क्योंकि दलखाई पश्चिमी ओडिशा का लोकनृत्य है। परीक्षा टिप: यूनेस्को सूची में छऊ (2010), रामलीला, कुटियाट्टम और संकीर्तन शामिल हैं।

Q17.कला और संस्कृतिमध्यम

भवाई, वह लोक रंगमंच रूप जो खुले में भुंगल नामक लंबे ताँबे के वाद्य के साथ होता है, किस राज्य का है?

  1. A.गुजरात
  2. B.पंजाब
  3. C.हिमाचल प्रदेश
  4. D.हरियाणा
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गुजरात

व्याख्या

सही उत्तर A, गुजरात है। भवाई गुजरात का लोक रंगमंच है, जो राजस्थान के कुछ भागों में भी दिखता है। यह खुले मैदान में खड़े दर्शकों के सामने होता है, इसका सहवाद्य भुंगल है, जो लंबा ताँबे का वाद्य है, और इसके प्रसंग, जिन्हें वेश कहते हैं, छोटे तथा व्यंग्यप्रधान होते हैं और प्रायः जाति और सामाजिक रूढ़ियों पर चोट करते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि पंजाब का लोक रूप नकल है, जिसे नकली कलाकार बगतबच्चा के साथ प्रस्तुत करते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि हिमाचल प्रदेश करियाला का घर है, जो दीवाली के समय अलाव के चारों ओर खुले में होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि हरियाणा का लोक रंगमंच स्वांग है, जो गायन प्रधान रूप है और उत्तर प्रदेश के ब्रज क्षेत्र में भी मिलता है। किसी भी प्रश्न में भुंगल ही भवाई की पहचान है।

Q18.कला और संस्कृतिकठिन

विल्लु पाट्टु अर्थात धनुष गीत किस राज्य की लोक कथा विधा है?

  1. A.केरल
  2. B.कर्नाटक
  3. C.तमिलनाडु
  4. D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. तमिलनाडु

व्याख्या

सही उत्तर C, तमिलनाडु है। विल्लु पाट्टु में एक बड़ा धनुष मिट्टी के घड़े पर रखकर ताल वाद्य की तरह बजाया जाता है, जबकि मुख्य गायक पुराण या स्थानीय इतिहास की कथा सुनाता है और साथी गायक उत्तर देते हैं; यह विधा तमिलनाडु के दक्षिणी जिलों तथा केरल के सटे भागों में सबसे प्रबल है। विकल्प A केरल में मंदिर की सीढ़ियों पर गाया जाने वाला सोपान संगीतम, नौका गीत वंचिपाट्टु तथा मालाबार तट का मापिला पाट्टु है। विकल्प B कर्नाटक में भावगीते तथा यक्षगान का गायन रंगमंच है। विकल्प D आंध्र प्रदेश में बुर्राकथा है, जो ढोल के साथ चलने वाली कथा विधा ही है, इसलिए वह निकटतम जाल है; अंतर यह है कि बुर्राकथा में तंबूरा और बुर्रा बजते हैं, धनुष नहीं। विल्लु पाट्टु में मुख्य गायक को विल्लुपाट्टुकारन कहा जाता है और उसके साथी घड़ा तथा उडुक्कै जैसे वाद्य बजाते हैं।

Q19.कला और संस्कृतिमध्यम

भोजपुरी लोक रंगमंच रूप बिदेसिया की रचना किसने की?

  1. A.भिखारी ठाकुर
  2. B.तीजन बाई
  3. C.श्रीमंत शंकरदेव
  4. D.गोपाल सिंह नेपाली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. भिखारी ठाकुर

व्याख्या

सही उत्तर A, भिखारी ठाकुर है। बिदेसिया बिहार का भोजपुरी लोक रंगमंच है, जिसकी रचना भिखारी ठाकुर ने बीसवीं सदी के आरंभ में की। इसका केंद्रीय विषय प्रवास है: वह पुरुष जो काम के लिए गाँव छोड़कर शहर जाता है और वह पत्नी जो पीछे प्रतीक्षा करती है; स्त्री की भूमिका परंपरा से पुरुष कलाकार निभाता है, जिसे लौंडा कहते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि तीजन बाई पंडवानी की सर्वाधिक प्रसिद्ध प्रस्तोता हैं, जो छत्तीसगढ़ का तंबूरे के साथ महाभारत सुनाने वाला कथा रूप है। विकल्प C गलत है क्योंकि असम के वैष्णव संत श्रीमंत शंकरदेव ने अंकिया नाट लिखे, जिन पर भाओना प्रस्तुत होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि गोपाल सिंह नेपाली हिंदी कवि और गीतकार थे और किसी लोक रंगमंच रूप की रचना में उनकी भूमिका नहीं थी।

Q20.कला और संस्कृतिकठिन

मांडो किस राज्य की लोक संगीत और गीत विधा है?

  1. A.गोवा
  2. B.महाराष्ट्र
  3. C.केरल
  4. D.पुडुचेरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गोवा

व्याख्या

सही उत्तर A, गोवा है। मांडो कोंकणी में गाया जाने वाला धीमा गीत है, जिसे विवाहों और सभाओं में युगल गाते हैं और जिसकी धुन पर तीन शताब्दियों की पुर्तगाली उपस्थिति की छाप है; उसके बाद प्रायः तेज गति का दुलपोद आता है और देखनी गोवा की तीसरी प्रसिद्ध विधा है। विकल्प B महाराष्ट्र गोवा से घिरा है और कोंकणी भाषी तट साझा करता है, इसी से वह स्पष्ट भ्रामक विकल्प है, पर उसकी अपनी विधाएँ पोवाड़ा, लावणी और भारुड हैं। विकल्प C केरल में सोपान संगीतम, वंचिपाट्टु तथा मापिला पाट्टु हैं, जिन पर बाहरी प्रभाव पड़ा, पर वह अरबी था। विकल्प D पुडुचेरी फ्रांसीसी अधिकार में रहा और उसकी संस्कृति में यूरोपीय छाप है, इसी से उसे यहाँ रखा गया है, पर मांडो वहाँ का नहीं है।

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