एफ. एन. सूज़ा द्वारा स्थापित प्रगतिशील कलाकार समूह की स्थापना बॉम्बे में किस वर्ष हुई?
- A.1919
- B.1938
- C.1947
- D.1954
सही उत्तर
C. 1947
व्याख्या
सही उत्तर C, 1947 है। प्रगतिशील कलाकार समूह की स्थापना स्वतंत्रता के वर्ष 1947 में बॉम्बे में फ्रांसिस न्यूटन सूज़ा ने की, और इसके छह सदस्य थे — सूज़ा, एम. एफ. हुसैन, एस. एच. रज़ा, के. एच. आरा, एच. ए. गाडे और मूर्तिकार एस. के. बाकरे। उन्होंने औपनिवेशिक कला विद्यालयों के अकादमिक यथार्थवाद और बंगाल स्कूल के पुनरुत्थानवाद, दोनों को अस्वीकार करके आधुनिक शैली चुनी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1919 में शांतिनिकेतन का कला भवन शुरू हुआ था। विकल्प B गलत है क्योंकि 1938 हरिपुरा पैनल और संथाल फैमिली का वर्ष है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1954 में ललित कला अकादमी तथा राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय की स्थापना हुई, जो बाद की घटनाएँ हैं। अगला प्रश्न अक्सर यह पूछा जाता है कि समूह का कौन सदस्य चित्रकार नहीं बल्कि मूर्तिकार था, और उत्तर है एस. के. बाकरे।
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अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपौराणिक विषयों पर तेल चित्रों के लिए प्रसिद्ध राजा रवि वर्मा का जन्म किलिमानूर में हुआ, जो किस रियासत में था?
- A.त्रावणकोर
- B.मैसूर
- C.बड़ौदा
- D.जयपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. त्रावणकोर
व्याख्या
सही उत्तर A, त्रावणकोर है। राजा रवि वर्मा का जन्म 1848 में त्रावणकोर रियासत के किलिमानूर महल में हुआ था, जो आज के केरल में है, और उन्होंने त्रावणकोर दरबार के अनेक चित्र बनाए। उन्हें यूरोपीय तेल तकनीक और परिप्रेक्ष्य को भारतीय पौराणिक विषयों से जोड़ने के लिए याद किया जाता है, जैसे शकुंतला, हंस दमयंती और लेडी विद द लैंप। विकल्प B गलत है क्योंकि मैसूर का संबंध मैसूर चित्रशैली और वाडियार दरबार से है, रवि वर्मा के जन्म से नहीं। विकल्प C भ्रमित करने वाला है: रवि वर्मा ने बड़ौदा के गायकवाड़ शासक के लिए कई चित्र बनाए थे, परंतु उनका जन्म वहाँ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि जयपुर राजस्थानी लघुचित्र परंपरा से जुड़ा है। किलिमानूर को जन्मस्थान और बड़ौदा को उन्हें चित्र बनवाने वाला दरबार याद रखें; परीक्षा में इन दोनों रियासतों को एक ही प्रश्न में आमने-सामने रखा जाता है।
1905 में बना भारत माता चित्र, जिसमें भगवा वस्त्र में चतुर्भुजी आकृति है, किसने बनाया था?
- A.नंदलाल बोस
- B.अबनींद्रनाथ टैगोर
- C.जामिनी रॉय
- D.गगनेंद्रनाथ टैगोर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अबनींद्रनाथ टैगोर
व्याख्या
सही उत्तर B, अबनींद्रनाथ टैगोर है। उन्होंने बंगाल विभाजन के बाद चले स्वदेशी आंदोलन के दौरान 1905 में भारत माता चित्र बनाया, जिसमें मातृभूमि को भगवा वस्त्र में शांत चतुर्भुजी आकृति के रूप में दिखाया गया है, जिसके हाथों में पुस्तक, धान की बालियाँ, श्वेत वस्त्र और रुद्राक्ष माला है — यानी विद्या, अन्न, वस्त्र और आस्था के चार वरदान। अबनींद्रनाथ बंगाल स्कूल के प्रवर्तक थे और उन्होंने वॉश तकनीक को पुनर्जीवित किया। विकल्प A गलत है क्योंकि उनके शिष्य नंदलाल बोस हरिपुरा पैनल और संविधान की सज्जा के लिए जाने जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि जामिनी रॉय कालीघाट लोक शैली में काम करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि गगनेंद्रनाथ टैगोर व्यंग्यचित्रों और क्यूबिस्ट प्रयोगों के लिए प्रसिद्ध हैं। वर्ष 1905 भी याद रखें, जो बंगाल विभाजन का वर्ष है, क्योंकि इस चित्र की तिथि उसके चित्रकार के नाम जितनी ही बार पूछी जाती है।
भारत के संविधान की मूल हस्तलिखित प्रति के हाशिये और पृष्ठ-सज्जा किस कलाकार तथा उनके विद्यार्थियों ने बनाई थी?
- A.प्रेम बिहारी नारायण रायजादा
- B.नंदलाल बोस
- C.रामकिंकर बैज
- D.जामिनी रॉय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नंदलाल बोस
व्याख्या
सही उत्तर B, नंदलाल बोस है। शांतिनिकेतन के कला भवन के प्रधान नंदलाल बोस को हस्तलिखित संविधान की सज्जा का कार्य सौंपा गया, और उन्होंने अपने विद्यार्थियों के साथ उसके पृष्ठों के हाशिये तथा शीर्षक भारतीय इतिहास के दृश्यों से सजाए — सिंधु मुहरों से लेकर गांधीजी की यात्रा तक। विकल्प A परीक्षा का सबसे आम जाल है: प्रेम बिहारी नारायण रायजादा वह सुलेखक थे जिन्होंने पूरा दस्तावेज़ हाथ से लिखा, परंतु सज्जा उन्होंने नहीं की। विकल्प C गलत है क्योंकि शांतिनिकेतन के ही रामकिंकर बैज मूर्तिकार थे, जिनकी 1938 की संथाल फैमिली भारत की पहली आधुनिक सार्वजनिक मूर्ति मानी जाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि जामिनी रॉय का इस प्रति से कोई संबंध नहीं था। एक नाम और याद रखने योग्य है: ब्योहार राममनोहर सिंहा, जिन्होंने नंदलाल बोस के मार्गदर्शन में इसी प्रति के प्रस्तावना पृष्ठ की सज्जा की थी।
1938 की मूर्ति संथाल फैमिली, जिसे भारत की पहली आधुनिक सार्वजनिक मूर्ति माना जाता है, किसने बनाई?
- A.डी. पी. रॉय चौधरी
- B.रामकिंकर बैज
- C.एस. के. बाकरे
- D.सैलोज मुखर्जी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रामकिंकर बैज
व्याख्या
सही उत्तर B, रामकिंकर बैज है। बैज शांतिनिकेतन के कला भवन में कार्यरत थे और उन्होंने 1938 में खुले में सीमेंट तथा लैटराइट से संथाल फैमिली बनाई, जिसमें एक संथाल दंपति अपने बच्चे और कुत्ते के साथ घर बदलते दिखते हैं। उसकी खुरदरी सतह और रोज़मर्रा का विषय उस समय की चिकनी अकादमिक मूर्तिकला से अलग था, इसीलिए उसे आधुनिक भारतीय मूर्तिकला का आरंभ माना जाता है; मिल कॉल उनकी दूसरी प्रसिद्ध कृति है। विकल्प A गलत है क्योंकि देवी प्रसाद रॉय चौधरी ने चेन्नई के मरीना पर कांस्य ट्रायंफ ऑफ लेबर बनाई और वे ललित कला अकादमी के पहले अध्यक्ष थे। विकल्प C गलत है क्योंकि एस. के. बाकरे 1947 के प्रगतिशील कलाकार समूह के मूर्तिकार सदस्य थे। विकल्प D गलत है क्योंकि सैलोज मुखर्जी चित्रकार थे। बैज कला भवन में मूर्तिकला पढ़ाते थे, और सीमेंट तथा लैटराइट की उनकी खुली मूर्तियाँ परीक्षाओं में आधुनिक भारतीय मूर्तिकला का मानक उदाहरण हैं।
किस आधुनिक भारतीय चित्रकार ने अपनी बाद की अमूर्त कला को बिंदु प्रतीक पर आधारित किया?
- A.एस. एच. रज़ा
- B.वी. एस. गायतोंडे
- C.तैयब मेहता
- D.अकबर पदमसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एस. एच. रज़ा
व्याख्या
सही उत्तर A, एस. एच. रज़ा है। प्रगतिशील कलाकार समूह के संस्थापक सदस्य रज़ा पेरिस में बस गए, 1956 में वहाँ का प्री द ला क्रितिक पुरस्कार जीता, और 1970 के दशक से अपने कैनवास बिंदु के चारों ओर रचे — वह काला बीज-बिंदु जिससे, उनके शब्दों में, आकार और ऊर्जा फूटती है; इसके साथ वे पंचतत्व के त्रिभुज और वर्ग भी जोड़ते थे। विकल्प B गलत है क्योंकि वी. एस. गायतोंडे अपनी कला को अवस्तुपरक कहते थे और रंग की परतों का प्रयोग करते थे, किसी एक प्रतीक का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि तैयब मेहता डायगोनल श्रृंखला, फॉलिंग फिगर और सेलिब्रेशन के लिए जाने जाते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अकबर पदमसी मेटास्केप और प्रोफेट्स के लिए प्रसिद्ध हैं। रज़ा का जन्म 1922 में मध्य प्रदेश में हुआ, उनका कार्यकाल बड़े हिस्से में फ्रांस में बीता, और उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण तथा पद्म विभूषण मिले।