कार्ड, एटीएम और डिजिटल बैंकिंग: प्रणालियाँ और प्रश्न
परीक्षा के लिए बैंकिंग जागरूकता नोट्स: डेबिट, क्रेडिट तथा प्रीपेड कार्ड, एटीएम के प्रकार, और एनईएफटी, आरटीजीएस, यूपीआई, एईपीएस एवं फास्टैग प्रणालियाँ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

बैंकिंग जागरूकता के पेपर में कार्ड, नकदी मशीनों और बिना नकदी के पैसा भेजने वाली प्रणालियों से हर बार कुछ अंक निश्चित रूप से आते हैं। ये प्रश्न कठिन नहीं होते, परंतु सटीक होते हैं: कौन-सी संस्था किस नेटवर्क को चलाती है, किसी संक्षिप्त रूप का पूरा अर्थ क्या है, कौन-सी मशीन किसकी है और कौन-सी प्रणाली किस प्रकार का भुगतान करती है। यह नोट कार्ड, मशीन और डिजिटल माध्यम को इसी क्रम में रखता है, और परिभाषाएँ उन्हीं शब्दों में देता है जिनमें प्रश्न पूछे जाते हैं।
बैंक द्वारा जारी किए जाने वाले कार्ड
| कार्ड | कार्य | याद रखने की बात |
|---|---|---|
| डेबिट कार्ड | खाते में पहले से जमा राशि से भुगतान | राशि तुरंत खाते से निकल जाती है |
| क्रेडिट कार्ड | बैंक द्वारा दी गई ऋण सीमा से भुगतान | बिलिंग चक्र, ब्याज मुक्त अवधि और उसके बाद ब्याज |
| प्रीपेड कार्ड | पहले से लोड की गई राशि से भुगतान | प्रीपेड भुगतान लिखत, कार्ड के रूप में वॉलेट |
कार्ड पर एक संख्या, धारक का नाम, वैधता तिथि और पीछे छपा सत्यापन मान होता है, जिसे सीवीवी कहते हैं। पुराने कार्डों की चुंबकीय पट्टी की जगह अब ईएमवी चिप ने ले ली है, जो हर भुगतान के लिए नया कोड बनाती है, और संपर्क रहित कार्ड में वह रेडियो चिप होती है जिससे कार्ड छुआने भर से भुगतान हो जाता है। भुगतान कार्ड नेटवर्क के माध्यम से पूरा होता है: भारत में राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा बनाया गया रुपे, तथा वीज़ा, मास्टरकार्ड आदि। भारतीय रिज़र्व बैंक कार्ड के बिना किए जाने वाले घरेलू ऑनलाइन भुगतान के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण अनिवार्य करता है, इसीलिए वन टाइम पासवर्ड माँगा जाता है।
नकदी मशीनें और उनके प्रकार
- एटीएम, अर्थात स्वचालित टेलर मशीन, बैंक के अपने नेटवर्क पर नकदी देती है तथा जमा, विवरण और चेक बुक अनुरोध भी लेती है।
- व्हाइट लेबल एटीएम भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के अंतर्गत अधिकृत किसी गैर-बैंक कंपनी द्वारा लगाई और चलाई जाती है; उस पर संचालक का नाम होता है, किसी बैंक का नहीं, और उस पर किसी भी बैंक का कार्ड चलता है।
- ब्राउन लेबल एटीएम का स्वामित्व सेवा प्रदाता के पास होता है जबकि नकदी और लाइसेंस बैंक का होता है, इसलिए मशीन पर बैंक का ही नाम दिखता है।
- माइक्रो एटीएम गाँव में बैंकिंग संवाददाता द्वारा प्रयोग किया जाने वाला हाथ का उपकरण है, जो आधार प्रमाणीकरण पर चलता है।
- रिज़र्व बैंक बैंकों से हर माह कुछ निःशुल्क लेनदेन देने को कहता है: अपनी मशीनों पर पाँच, तथा दूसरे बैंकों की मशीनों पर छह महानगरों में तीन और शेष स्थानों पर पाँच।
डिजिटल माध्यम
| प्रणाली | संचालक | उपयोग |
|---|---|---|
| एनईएफटी | भारतीय रिज़र्व बैंक | किसी भी राशि का अंतरण, चौबीसों घंटे उपलब्ध |
| आरटीजीएस | भारतीय रिज़र्व बैंक | बड़ी राशि का एक-एक करके निपटान, न्यूनतम दो लाख रुपये |
| आईएमपीएस | एनपीसीआई | किसी भी समय तत्काल अंतरण, खाता संख्या या मोबाइल नंबर से |
| यूपीआई | एनपीसीआई | वर्चुअल पेमेंट एड्रेस और यूपीआई पिन से ऐप द्वारा भुगतान |
| एईपीएस | एनपीसीआई | आधार संख्या और अंगुली छाप से निकासी तथा शेष पूछताछ |
| नेटक फास्टैग | एनपीसीआई | विंडस्क्रीन पर लगे रेडियो टैग से टोल भुगतान |
राष्ट्रीय भुगतान निगम की स्थापना 2008 में खुदरा भुगतानों की शीर्ष संस्था के रूप में हुई, जिसे रिज़र्व बैंक और भारतीय बैंक संघ ने प्रवर्तित किया। ऊपर दी गई प्रणालियों के अतिरिक्त यह नेशनल फाइनेंशियल स्विच चलाता है, जो देश के एटीएम जोड़ता है, वेतन और सब्सिडी जैसे थोक भुगतानों के लिए नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस, तथा बिलों के लिए भारत बिलपे। एकीकृत भुगतान इंटरफेस 2016 में आरंभ हुआ और उसी वर्ष दिसंबर में भीम ऐप जारी किया गया ताकि यह सुविधा हर फोन तक पहुँचे।
सुरक्षा और ग्राहक के लिए नियम
- बैंक को हर इलेक्ट्रॉनिक लेनदेन की सूचना भेजनी होती है, और जो ग्राहक अनधिकृत लेनदेन की सूचना तुरंत देता है उसकी हानि रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार सीमित रहती है या होती ही नहीं।
- व्यापारी के पास रखे कार्ड विवरण की जगह टोकन रख दिया जाता है, जिससे असली संख्या उसके सर्वर पर नहीं रहती।
- जिस शिकायत का समाधान बैंक नहीं करता, उसे रिज़र्व बैंक की एकीकृत योजना के अंतर्गत लोकपाल के पास ले जाया जा सकता है।
- व्यक्तिगत पहचान संख्या कभी कार्ड पर न लिखें और न किसी को बताएँ, और कोई भी बैंक फोन पर वन टाइम पासवर्ड नहीं माँगता।
परीक्षा में क्या साथ ले जाएँ
चार बातें तैयार रखें: एनपीसीआई रुपे, आईएमपीएस, यूपीआई, एईपीएस और फास्टैग चलाता है; रिज़र्व बैंक एनईएफटी और आरटीजीएस चलाता है; आरटीजीएस की न्यूनतम राशि दो लाख रुपये है; और व्हाइट लेबल एटीएम किसी गैर-बैंक संचालक की होती है। इस अध्याय के अधिकांश प्रश्न यह जानने भर से हल हो जाते हैं कि कौन क्या चलाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
बैंकिंग के पेपर इस अध्याय को चार तरह से पूछते हैं। पहला पूरा रूप पूछता है: एटीएम, सीवीवी, यूपीआई, आईएमपीएस, एईपीएस और नैच सबसे अधिक आते हैं। दूसरा पूछता है कि कोई प्रणाली कौन चलाता है, और याद रखने का बँटवारा यह है कि रिज़र्व बैंक एनईएफटी तथा आरटीजीएस चलाता है जबकि राष्ट्रीय भुगतान निगम खुदरा प्रणालियाँ, जिनमें रुपे भी है। तीसरा किसी सीमा या नियम पर होता है, जिसमें आरटीजीएस की दो लाख रुपये की न्यूनतम सीमा और अपने बैंक की मशीनों पर पाँच निःशुल्क लेनदेन मानक उत्तर हैं। चौथा अंतर पूछता है: डेबिट बनाम क्रेडिट कार्ड, व्हाइट लेबल बनाम ब्राउन लेबल एटीएम, एनईएफटी बनाम आरटीजीएस बनाम आईएमपीएस। किसी बैंक के अपने ऐप, जैसे स्टेट बैंक का योनो, पर भी प्रश्न आते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| एटीएम | ऑटोमेटेड टेलर मशीन |
|---|---|
| सीवीवी | कार्ड वेरिफिकेशन वैल्यू, कार्ड के पीछे छपा |
| व्हाइट लेबल एटीएम | रिज़र्व बैंक से अधिकृत गैर-बैंक संस्था द्वारा संचालित |
| ब्राउन लेबल एटीएम | उपकरण सेवा प्रदाता का; नकदी और लाइसेंस बैंक का |
| एनपीसीआई | राष्ट्रीय भुगतान निगम, स्थापना 2008 |
| रुपे | एनपीसीआई द्वारा बनाया गया भारतीय कार्ड नेटवर्क |
| यूपीआई | एनपीसीआई द्वारा 2016 में आरंभ |
| भीम | भारत इंटरफेस फॉर मनी, दिसंबर 2016 में जारी |
| आरटीजीएस | रिज़र्व बैंक द्वारा संचालित; न्यूनतम दो लाख रुपये |
| एनईएफटी | रिज़र्व बैंक द्वारा संचालित; कोई न्यूनतम राशि नहीं |
| एईपीएस | आधार संख्या और अंगुली छाप से निकासी |
| फास्टैग | रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन, नेटक के अंतर्गत |
| योनो | भारतीय स्टेट बैंक का डिजिटल बैंकिंग ऐप |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
दिसंबर 2016 में राष्ट्रीय भुगतान निगम ने किस नाम का मोबाइल भुगतान ऐप विकसित किया था?
- A.नकुल
- B.गांडीव
- C.भीम
- D.जनक
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भीम
व्याख्या
सही उत्तर C, भीम है। भारत इंटरफेस फॉर मनी ऐप दिसंबर 2016 में राष्ट्रीय भुगतान निगम ने जारी किया, ताकि उसी वर्ष आरंभ हुए एकीकृत भुगतान इंटरफेस से भुगतान किसी भी स्मार्टफोन से किया जा सके, जिसमें बैंक खाता जुड़ा हो। इस ऐप का नाम डॉ. बी. आर. आंबेडकर के नाम पर है और यह वर्चुअल पेमेंट एड्रेस तथा यूपीआई पिन से काम करता है। विकल्प A, B और D गलत हैं क्योंकि नकुल, गांडीव और जनक कोई भुगतान ऐप नहीं हैं; ये महाकाव्यों से लिए गए नाम हैं और विकल्पों में केवल भ्रम के लिए रखे गए हैं। ऐसे प्रश्नों में सुरक्षित तरीका यह याद रखना है कि राष्ट्रीय भुगतान निगम रुपे, आईएमपीएस, यूपीआई, भीम, एईपीएस और फास्टैग चलाता है। भीम ऐप आज भी यूपीआई भुगतान के लिए प्रयोग होता है और परीक्षा में उसका पूरा रूप भी पूछा जाता है।
योनो (यू ओनली नीड वन) ऐप किस बैंक का एकीकृत डिजिटल बैंकिंग मंच है, जिससे उपयोगकर्ता अनेक वित्तीय सेवाएँ प्राप्त कर सकते हैं?
- A.एचडीएफसी
- B.पंजाब नेशनल बैंक
- C.आईसीआईसीआई
- D.भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. भारतीय स्टेट बैंक
व्याख्या
सही उत्तर D, भारतीय स्टेट बैंक है। योनो, अर्थात यू ओनली नीड वन, भारतीय स्टेट बैंक ने बैंकिंग, निवेश, बीमा तथा ऑनलाइन खरीद के लिए एक ही ऐप के रूप में आरंभ किया, और इससे बैंक की मशीनों पर बिना कार्ड नकदी निकासी भी होती है। विकल्प A गलत है क्योंकि एचडीएफसी बैंक अपने मोबाइल बैंकिंग और भुगतान ऐप अलग नामों से चलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि पंजाब नेशनल बैंक का अपना डिजिटल मंच है और उसका योनो से संबंध नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि आईसीआईसीआई बैंक का भी अपना ऐप है। बैंक के ऐप से जुड़े प्रश्न ऐप और बैंक की जोड़ी याद रखने से हल होते हैं, ठीक वैसे ही जैसे दूसरे विषय में लोक नाट्य रूप और राज्य की जोड़ी।
एकीकृत भुगतान इंटरफेस अर्थात यूपीआई किस संस्था द्वारा विकसित और संचालित है?
- A.भारतीय रिज़र्व बैंक
- B.राष्ट्रीय भुगतान निगम
- C.भारतीय बैंक संघ
- D.भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय भुगतान निगम
व्याख्या
सही उत्तर B, राष्ट्रीय भुगतान निगम है। यूपीआई 2016 में आरंभ हुआ और इससे मोबाइल ऐप के माध्यम से एक बैंक खाते से दूसरे खाते में भुगतान होता है, जिसमें खाता संख्या के स्थान पर वर्चुअल पेमेंट एड्रेस और प्रमाणीकरण के लिए यूपीआई पिन प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक भुगतान प्रणालियों का नियामक है और स्वयं एनईएफटी तथा आरटीजीएस चलाता है, यूपीआई नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय बैंक संघ राष्ट्रीय भुगतान निगम के प्रवर्तकों में है, परंतु प्रणाली वह नहीं चलाता। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय स्टेट बैंक अन्य बैंकों की तरह इस नेटवर्क का सदस्य बैंक है। बँटवारा याद रखें: केंद्रीय बैंक एनईएफटी और आरटीजीएस चलाता है, निगम खुदरा प्रणालियाँ। यूपीआई की एक विशेषता यह भी है कि यह चौबीसों घंटे काम करता है और इसमें छुट्टी का कोई बंधन नहीं होता।
भारतीय कार्ड भुगतान नेटवर्क रुपे किस संस्था का उत्पाद है?
- A.भारतीय रिज़र्व बैंक
- B.राष्ट्रीय भुगतान निगम
- C.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
- D.वित्त मंत्रालय
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राष्ट्रीय भुगतान निगम
व्याख्या
सही उत्तर B, राष्ट्रीय भुगतान निगम है। रुपे भारतीय कार्ड नेटवर्क के रूप में आरंभ किया गया ताकि घरेलू कार्ड भुगतानों का निपटान विदेशी नेटवर्कों के बजाय देश के भीतर हो, और इसके कार्ड बैंक बचत खातों तथा सरकारी योजनाओं के अंतर्गत जारी करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय रिज़र्व बैंक भुगतान प्रणाली का नियामक और निगम का प्रवर्तक है, परंतु यह नेटवर्क उसका उत्पाद नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड प्रतिभूति बाजार का नियमन करता है और कार्ड भुगतान में उसकी कोई भूमिका नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि वित्त मंत्रालय नीति बनाता है, कार्ड नेटवर्क नहीं चलाता। नाम रुपया और पेमेंट शब्दों से मिलकर बना है। रुपे कार्ड प्रधानमंत्री जन धन योजना के खातों के साथ बड़ी संख्या में जारी किए गए, जो अलग से पूछा जाने वाला तथ्य है।
बैंकिंग में एटीएम का पूरा रूप क्या है?
- A.ऑटोमैटिक ट्रांसफर मशीन
- B.ऑटोमेटेड टेलर मशीन
- C.एनी टाइम मनी
- D.अकाउंट ट्रांजेक्शन मॉड्यूल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ऑटोमेटेड टेलर मशीन
व्याख्या
सही उत्तर B, ऑटोमेटेड टेलर मशीन है। यह मशीन काउंटर पर बैठे टेलर का काम करती है, अर्थात नकदी देती है, जमा लेती है, विवरण छापती है और अनुरोध स्वीकार करती है, और यह बिना किसी कर्मचारी के हर समय काम करती है। विकल्प A गलत है क्योंकि ऑटोमैटिक ट्रांसफर मशीन इसका पूरा रूप नहीं है, यद्यपि कुछ मशीनों से अंतरण किया जा सकता है। विकल्प C गलत है क्योंकि एनी टाइम मनी केवल विज्ञापनों में प्रचलित लोकप्रिय वर्णन है, अक्षरों का तकनीकी विस्तार नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अकाउंट ट्रांजेक्शन मॉड्यूल कोई प्रचलित शब्द नहीं है। बैंकिंग के पेपर में पूरे रूप बार-बार पूछे जाते हैं, इसलिए ठीक शब्द याद रखें: टी का अर्थ टेलर है। भारत में पहली एटीएम मशीन 1987 में मुंबई में लगाई गई थी, जो इस विषय का अगला प्रश्न बनता है।
भारत में व्हाइट लेबल एटीएम किसके द्वारा लगाई और संचालित की जाती है?
- A.किसी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक द्वारा
- B.रिज़र्व बैंक से अधिकृत किसी गैर-बैंक संस्था द्वारा
- C.स्वयं भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा
- D.सहकारी बैंक द्वारा अपने सदस्यों के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रिज़र्व बैंक से अधिकृत किसी गैर-बैंक संस्था द्वारा
व्याख्या
सही उत्तर B, रिज़र्व बैंक से अधिकृत किसी गैर-बैंक संस्था द्वारा है। ऐसा संचालक भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के अंतर्गत अधिकृत होता है, मशीन पर किसी बैंक के बजाय संचालक का अपना नाम होता है, उस पर हर बैंक का कार्ड चलता है और नकदी प्रायोजक बैंक के माध्यम से आती है। विकल्प A गलत है क्योंकि किसी बैंक की अपनी मशीन उसी बैंक का एटीएम कहलाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि रिज़र्व बैंक नियमन और अधिकार देता है, जनता के लिए मशीनें नहीं चलाता। विकल्प D गलत है क्योंकि सहकारी बैंक की मशीन भी बैंक का अपना एटीएम है। इसके सामने ब्राउन लेबल एटीएम याद रखें, जिसमें उपकरण सेवा प्रदाता का होता है पर नकदी और लाइसेंस बैंक का। व्हाइट लेबल एटीएम की व्यवस्था इसलिए लाई गई थी कि छोटे नगरों और गाँवों तक नकदी मशीनें पहुँच सकें।
डेबिट कार्ड के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.यह बैंक द्वारा दी गई ऋण सीमा से भुगतान करता है
- B.यह खाते में पहले से जमा राशि से भुगतान करता है
- C.इसका प्रयोग केवल जारीकर्ता बैंक की मशीनों पर हो सकता है
- D.यह केवल चालू खाताधारकों को जारी किया जाता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यह खाते में पहले से जमा राशि से भुगतान करता है
व्याख्या
सही उत्तर B, यह खाते में पहले से जमा राशि से भुगतान करता है है। डेबिट कार्ड से किए गए भुगतान की राशि तुरंत खाते से निकल जाती है, और यही क्रेडिट कार्ड से मूल अंतर है, जिसमें बैंक पहले अपनी दी हुई सीमा से भुगतान करता है और बाद में ब्याज मुक्त अवधि के साथ बिल भेजता है। विकल्प A इसी कारण गलत है, क्योंकि वह क्रेडिट कार्ड का वर्णन है। विकल्प C गलत है क्योंकि डेबिट कार्ड दूसरे बैंकों की मशीनों पर भी चलता है, उस साझा नेटवर्क के कारण जो देश के एटीएम जोड़ता है। विकल्प D गलत है क्योंकि डेबिट कार्ड सामान्य रूप से बचत खाताधारकों को भी जारी किए जाते हैं, सरकारी योजनाओं के अंतर्गत भी। प्रीपेड कार्ड तीसरा प्रकार है, जिसमें राशि पहले से भरी जाती है।
आरटीजीएस से अंतरण की न्यूनतम राशि कितनी है?
- A.दस हजार रुपये
- B.एक लाख रुपये
- C.दो लाख रुपये
- D.कोई न्यूनतम सीमा नहीं है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. दो लाख रुपये
व्याख्या
सही उत्तर C, दो लाख रुपये है। रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट बड़ी राशि के भुगतानों के लिए है, जिनका निपटान बैचों में नहीं, बल्कि प्राप्त होते ही एक-एक करके होता है, और इस प्रणाली में न्यूनतम सीमा दो लाख रुपये है जबकि अधिकतम कोई नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि दस हजार रुपये इनमें से किसी प्रणाली की सीमा नहीं है। विकल्प B गलत है क्योंकि एक लाख रुपये दूसरे संदर्भों का आँकड़ा है, आरटीजीएस की न्यूनतम सीमा नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि न्यूनतम सीमा एनईएफटी में नहीं है; उससे कोई भी राशि भेजी जा सकती है और वह चौबीसों घंटे उपलब्ध रहती है। परीक्षक आरटीजीएस और एनईएफटी को आमने-सामने रखते हैं, इसलिए दो लाख की सीमा केवल आरटीजीएस के साथ याद रखें। आरटीजीएस भी अब चौबीसों घंटे उपलब्ध है, इसलिए प्रश्न समय पर नहीं, राशि की सीमा पर बनाया जाता है।
आधार सक्षम भुगतान प्रणाली से ग्राहक किन दो चीजों के आधार पर पैसा निकाल सकता है?
- A.चेक और हस्ताक्षर
- B.आधार संख्या और अंगुली छाप
- C.डेबिट कार्ड और पिन
- D.पासबुक और पहचान पत्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आधार संख्या और अंगुली छाप
व्याख्या
सही उत्तर B, आधार संख्या और अंगुली छाप है। राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा चलाई जाने वाली इस प्रणाली से ग्राहक बैंकिंग संवाददाता के माइक्रो एटीएम पर आधार संख्या, बैंक का नाम और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण देकर नकदी निकाल सकता है, जमा कर सकता है या शेष देख सकता है, बिना किसी कार्ड या चेक के। विकल्प A गलत है क्योंकि चेक और हस्ताक्षर शाखा के काउंटर की प्रक्रिया है। विकल्प C गलत है क्योंकि कार्ड और पिन साधारण एटीएम निकासी का वर्णन है, जिसकी आवश्यकता यही प्रणाली समाप्त करती है। विकल्प D गलत है क्योंकि पासबुक अभिलेख है, प्रमाणीकरण का साधन नहीं। यह प्रणाली संवाददाताओं के माध्यम से गाँवों तक बैंकिंग पहुँचाने के लिए बनाई गई थी। इसी व्यवस्था से सरकारी योजनाओं की राशि गाँव में बैठे लाभार्थी तक पहुँचती है, इसलिए यह प्रश्न बार-बार आता है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल भुगतान के लिए प्रयुक्त फास्टैग किस तकनीक पर काम करता है?
- A.रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन
- B.ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम
- C.नियर फील्ड कम्युनिकेशन
- D.ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन
व्याख्या
सही उत्तर A, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन है। फास्टैग विंडस्क्रीन पर लगा स्टिकर है जिसे टोल प्लाजा पर लगा रीडर रेडियो तरंगों से पहचानता है, जिससे टोल जुड़े खाते से कट जाता है और वाहन को रुकना नहीं पड़ता; इस व्यवस्था का नाम नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन है और इसे राष्ट्रीय भुगतान निगम चलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम स्थिति बताता है और नौवहन तथा वाहन ट्रैकिंग में काम आता है, टैग में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि नियर फील्ड कम्युनिकेशन संपर्क रहित कार्डों और फोन भुगतान की तकनीक है, जो कुछ सेंटीमीटर तक ही काम करती है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन छपा पाठ पढ़ता है। फास्टैग खाते को यूपीआई या नेट बैंकिंग से भरा जा सकता है, और अब यह राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनिवार्य है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड में क्या अंतर है?
डेबिट कार्ड खाते में पहले से जमा राशि से भुगतान करता है और राशि तुरंत खाते से निकल जाती है। क्रेडिट कार्ड बैंक की दी हुई सीमा से भुगतान करता है, जिसका बिल बाद में आता है और ब्याज मुक्त अवधि के बाद ब्याज लगता है।
यूपीआई कौन चलाता है और आरटीजीएस कौन?
यूपीआई राष्ट्रीय भुगतान निगम चलाता है, जो रुपे, आईएमपीएस, एईपीएस और फास्टैग भी चलाता है। आरटीजीएस तथा एनईएफटी भारतीय रिज़र्व बैंक संचालित करता है।
व्हाइट लेबल एटीएम क्या है?
वह नकदी मशीन जो भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 के अंतर्गत अधिकृत किसी गैर-बैंक कंपनी द्वारा लगाई और चलाई जाती है। उस पर संचालक का नाम होता है, हर बैंक का कार्ड चलता है और नकदी प्रायोजक बैंक से आती है।
आरटीजीएस की न्यूनतम राशि कितनी है?
दो लाख रुपये, और अधिकतम कोई सीमा नहीं। एनईएफटी में कोई न्यूनतम सीमा नहीं है, और परीक्षक यही अंतर पूछते हैं।
आधार सक्षम भुगतान प्रणाली कैसे काम करती है?
ग्राहक बैंकिंग संवाददाता को आधार संख्या और बैंक का नाम बताता है तथा माइक्रो एटीएम पर अंगुली छाप से प्रमाणीकरण करता है, और फिर बिना कार्ड नकदी निकालता है, जमा करता है या शेष देखता है।
स्रोत
- भुगतान एवं निपटान प्रणालियाँ, मास्टर निर्देश तथा परिपत्र — भारतीय रिज़र्व बैंक
- राष्ट्रीय भुगतान निगम के उत्पाद — राष्ट्रीय भुगतान निगम





