भारत में बैंक राष्ट्रीयकरण और विलय: 1949 से 2020
बैंकिंग परीक्षाओं के लिए सम्पूर्ण नोट्स — रिजर्व बैंक तथा 1969 और 1980 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण, और 1993 से 2020 तक के सभी सरकारी बैंक विलय।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

भारतीय बैंकिंग को राज्य ने दो बार नया आकार दिया — पहले निजी बैंकों को सार्वजनिक स्वामित्व में लेकर, और फिर उन सार्वजनिक बैंकों को एक-दूसरे में मिलाकर। राष्ट्रीयकरण 1949 से 1980 तक चला और इसका उद्देश्य कृषि, लघु उद्योग तथा उन जिलों की ओर ऋण मोड़ना था जिन्हें निजी बैंकों ने उपेक्षित छोड़ा था। विलय 1993 से 2020 तक चला और इसका उद्देश्य कम संख्या में बड़े तथा बेहतर पूँजी वाले सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक छोड़ना था। बैंकिंग का प्रत्येक प्रश्नपत्र इसी कालक्रम से पूछता है, और प्रश्न लगभग सदैव कोई वर्ष, कोई संख्या या यह होता है कि छोटा बैंक किस बैंक में गया।
सार्वजनिक बैंकिंग का निर्माण
भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम 1934 के अंतर्गत 1 अप्रैल 1935 को अंशधारकों के बैंक के रूप में कार्य आरंभ किया, और भारतीय रिजर्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण) अधिनियम 1948 द्वारा 1 जनवरी 1949 को इसे सार्वजनिक स्वामित्व में लिया गया। उसी वर्ष बैंककारी विनियमन अधिनियम पारित हुआ, जिसके अंतर्गत आज भी बैंकों का लाइसेंस, पर्यवेक्षण और विलय होता है। सन 1955 में इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया, जो स्वयं 1921 में बंगाल, बॉम्बे और मद्रास के प्रेसिडेंसी बैंकों से बना था, राज्य के अधीन लिया गया और अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण समिति की संस्तुति पर भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 के अंतर्गत इसका नाम भारतीय स्टेट बैंक कर दिया गया। भारतीय स्टेट बैंक (सहयोगी बैंक) अधिनियम 1959 ने पूर्व रियासतों के बैंकों को इसके सहयोगी बैंक बना दिया।
राष्ट्रीयकरण के दो चरण
19 जुलाई 1969 को सरकार ने अध्यादेश जारी कर चौदह व्यापारिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिनमें प्रत्येक की जमा राशि पचास करोड़ रुपये या अधिक थी। ये थे — इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनाइटेड कमर्शियल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया। उच्चतम न्यायालय ने रुस्तम कावसजी कूपर बनाम भारत संघ, अर्थात बैंक राष्ट्रीयकरण वाद में 1969 के कानून को इस आधार पर अवैध ठहराया कि दिया गया प्रतिकर पर्याप्त नहीं था, और तुरंत नया अधिनियम पारित किया गया। दूसरा चरण 15 अप्रैल 1980 को आया, जब दो सौ करोड़ रुपये या अधिक जमा वाले छह बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ — आंध्रा बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, न्यू बैंक ऑफ इंडिया, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब एंड सिंध बैंक तथा विजया बैंक।
आगे बनी संस्थाएँ
| वर्ष | पड़ाव |
|---|---|
| 1935 | आरबीआई अधिनियम 1934 के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक का कार्यारंभ |
| 1949 | रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण; बैंककारी विनियमन अधिनियम लागू |
| 1955 | इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया भारतीय स्टेट बैंक बना |
| 1969 | चौदह बैंकों का राष्ट्रीयकरण; लीड बैंक योजना आरंभ |
| 1975 | क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की स्थापना, पहला प्रथमा बैंक, मुरादाबाद |
| 1980 | छह और बैंकों का राष्ट्रीयकरण |
| 1982 | ग्रामीण तथा कृषि पुनर्वित्त के लिए नाबार्ड की स्थापना |
| 1990 | भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक ने कार्य आरंभ किया |
| 1991 और 1998 | बैंकिंग क्षेत्र सुधार पर नरसिंहम समिति की रिपोर्टें |
विलय
| प्रभावी तिथि | विलीन बैंक | किसमें |
|---|---|---|
| 1993 | न्यू बैंक ऑफ इंडिया | पंजाब नेशनल बैंक |
| 2004 | ग्लोबल ट्रस्ट बैंक | ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स |
| 1 अप्रैल 2017 | पाँच सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक | भारतीय स्टेट बैंक |
| 1 अप्रैल 2019 | विजया बैंक और देना बैंक | बैंक ऑफ बड़ौदा |
| 1 अप्रैल 2020 | ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया | पंजाब नेशनल बैंक |
| 1 अप्रैल 2020 | सिंडिकेट बैंक | केनरा बैंक |
| 1 अप्रैल 2020 | आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक | यूनियन बैंक ऑफ इंडिया |
| 1 अप्रैल 2020 | इलाहाबाद बैंक | इंडियन बैंक |
सन 1993 में न्यू बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में विलय दो राष्ट्रीयकृत बैंकों का पहला विलय था। सन 2017 के चरण में स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, हैदराबाद, मैसूर, पटियाला तथा त्रावणकोर और भारतीय महिला बैंक भारतीय स्टेट बैंक में मिला दिए गए। 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी चरण सबसे बड़ा था — चार आधार बैंकों ने छह अन्य बैंकों को समाहित किया और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 2017 के सत्ताईस से घटकर बारह रह गई।
कानून और निजी पक्ष
- दो बैंककारी कंपनियों का स्वैच्छिक विलय बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 44क के अंतर्गत रिजर्व बैंक मंजूर करता है।
- इसी अधिनियम की धारा 45 रिजर्व बैंक को अधिकार देती है कि संकटग्रस्त बैंक पर रोक लगवाकर अनिवार्य विलय की योजना केंद्र सरकार के समक्ष रखे।
- निजी बैंकों में भी यही क्रम रहा — 2008 में सेंचुरियन बैंक ऑफ पंजाब का एचडीएफसी बैंक में, 2010 में बैंक ऑफ राजस्थान का आईसीआईसीआई बैंक में, 2015 में आईएनजी वैश्य का कोटक महिंद्रा बैंक में और 2020 में लक्ष्मी विलास बैंक का डीबीएस बैंक इंडिया में विलय।
- भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा बहुलांश हिस्सेदारी लेने के बाद 2019 में आईडीबीआई बैंक को निजी क्षेत्र का बैंक मान लिया गया।
- आवास वित्त कंपनी एचडीएफसी लिमिटेड का 2023 में एचडीएफसी बैंक में विलय हुआ, जो उस समय भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा विलय था।
परीक्षा की दृष्टि से
बैंकिंग प्रश्नपत्र इस अध्याय से तिथियाँ, संख्याएँ और जोड़ियाँ पूछते हैं। पहले चार तिथियाँ याद करें — 1935, 1949, 1955 और 1969। दोनों चरणों को जोड़ी के रूप में याद रखें — 1969 में पचास करोड़ रुपये पर चौदह बैंक और 1980 में दो सौ करोड़ रुपये पर छह बैंक, क्योंकि प्रश्नपत्र एक भाग देकर दूसरा पूछते हैं। इसके बाद 2020 का विलय नक्शा याद करें — ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया पंजाब नेशनल बैंक में, सिंडिकेट बैंक केनरा बैंक में, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में तथा इलाहाबाद बैंक इंडियन बैंक में। बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की विलय संबंधी धाराएँ और कूपर वाद भी पूछे जाते हैं। सबसे सामान्य जाल बीस की संख्या है, जो दोनों चरणों का योग है और 1969 के उत्तर के रूप में रख दी जाती है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| रिजर्व बैंक का कार्यारंभ | 1 अप्रैल 1935, आरबीआई अधिनियम 1934 के अंतर्गत |
|---|---|
| रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण | 1 जनवरी 1949 |
| इंपीरियल बैंक का नया नाम | भारतीय स्टेट बैंक, 1 जुलाई 1955 |
| पहला चरण | 19 जुलाई 1969, चौदह बैंक, पचास करोड़ रुपये या अधिक जमा |
| दूसरा चरण | 15 अप्रैल 1980, छह बैंक, दो सौ करोड़ रुपये या अधिक जमा |
| बैंक राष्ट्रीयकरण वाद | रुस्तम कावसजी कूपर बनाम भारत संघ, 1970 |
| राष्ट्रीयकृत बैंकों का पहला विलय | न्यू बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक में, 1993 |
| स्टेट बैंक का विलय | 1 अप्रैल 2017, पाँच सहयोगी बैंक और भारतीय महिला बैंक |
| बैंक ऑफ बड़ौदा का विलय | 1 अप्रैल 2019, विजया बैंक और देना बैंक |
| महाविलय | 1 अप्रैल 2020, छह बैंक चार आधार बैंकों में |
| विलय का कानून | बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 44क और 45 |
| पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक | प्रथमा बैंक, मुरादाबाद, 1975 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया के राज्य के स्वामित्व में जाने के बाद भारतीय स्टेट बैंक की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1947
- B.1965
- C.1955
- D.1950
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1955
व्याख्या
सही उत्तर C, 1955 है। अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण समिति ने पाया कि ग्रामीण ऋण के लिए देशव्यापी शाखा तंत्र वाला बैंक आवश्यक है, अतः संसद ने भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम 1955 पारित किया और 1 जुलाई 1955 से इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया को अधिग्रहीत कर उसका नाम भारतीय स्टेट बैंक कर दिया गया। इंपीरियल बैंक स्वयं 1921 में बंगाल, बॉम्बे और मद्रास के प्रेसिडेंसी बैंकों को मिलाकर बना था।
विकल्प A, 1947, स्वतंत्रता का वर्ष है और इस प्रकार के किसी बैंकिंग अधिनियम का नहीं। विकल्प B, 1965, बहुत बाद का है; तब तक 1959 के अधिनियम के अंतर्गत स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक भी बन चुके थे। विकल्प D, 1950, संविधान लागू होने का वर्ष है और अभ्यर्थी इसी संबंध से इसे चुन लेते हैं। यह भी ध्यान रखें कि 1949 रिजर्व बैंक के राष्ट्रीयकरण का वर्ष है, जो स्टेट बैंक की स्थापना से भिन्न घटना है।
भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1990
- B.1988
- C.1992
- D.1994
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1990
व्याख्या
सही उत्तर A, 1990 है। सिडबी की स्थापना भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक अधिनियम 1989 के अंतर्गत हुई और इसने 1990 में सूक्ष्म, लघु तथा मध्यम उद्यमों के प्रोत्साहन, वित्तपोषण और विकास की प्रमुख वित्तीय संस्था के रूप में कार्य आरंभ किया। यह आरंभ में आईडीबीआई की अनुषंगी संस्था थी और इसका प्रधान कार्यालय लखनऊ में है, जो स्वयं बार-बार पूछा जाने वाला तथ्य है।
विकल्प B, 1988, अधिनियम से पहले का वर्ष है और सामान्य जाल है। विकल्प C, 1992, वह वर्ष है जब भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड को सांविधिक दर्जा मिला, तथा विकल्प D, 1994, वह वर्ष है जब नरसिंहम समिति की रिपोर्ट के बाद नई पीढ़ी के पहले निजी बैंकों को लाइसेंस मिले। विकास संस्थाओं का क्रम याद रखना सहायक है — 1982 में नाबार्ड, 1988 में राष्ट्रीय आवास बैंक और 1990 में सिडबी, प्रत्येक अपने अलग अधिनियम से।
19 जुलाई 1969 को पहले चरण में कितने व्यापारिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया?
- A.छह
- B.आठ
- C.चौदह
- D.बीस
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चौदह
व्याख्या
सही उत्तर C, चौदह है। 19 जुलाई 1969 को सरकार ने अध्यादेश जारी कर चौदह बड़े व्यापारिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिनमें प्रत्येक की जमा राशि पचास करोड़ रुपये या अधिक थी। इस सूची में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, सिंडिकेट बैंक, देना बैंक, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड कमर्शियल बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र थे।
विकल्प A, छह, 15 अप्रैल 1980 के दूसरे चरण की संख्या है। विकल्प B, आठ, किसी चरण से मेल नहीं खाता, यद्यपि स्टेट बैंक समूह के एक समय सात सहयोगी बैंक थे। विकल्प D, बीस, दोनों चरणों का योग है, चौदह और छह, और यही अधिकांश अभ्यर्थियों को भ्रमित करता है। जोड़ी याद रखें — 1969 में पचास करोड़ रुपये के साथ चौदह, और 1980 में दो सौ करोड़ रुपये के साथ छह।
अप्रैल 1980 के दूसरे चरण में कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ?
- A.चार
- B.छह
- C.सात
- D.ग्यारह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छह
व्याख्या
सही उत्तर B, छह है। 15 अप्रैल 1980 को उन छह निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ जिनकी जमा राशि दो सौ करोड़ रुपये या अधिक थी — आंध्रा बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक, न्यू बैंक ऑफ इंडिया, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, पंजाब एंड सिंध बैंक तथा विजया बैंक। इनके साथ देश की बैंक जमाओं का बड़ा भाग सार्वजनिक स्वामित्व में आ गया।
विकल्प A, चार, 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी विलय के आधार बैंकों की संख्या है। विकल्प C, सात, 1959 के अधिनियम के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक के सहयोगी बैंकों की संख्या थी। विकल्प D, ग्यारह, इस क्रम की किसी घटना से मेल नहीं खाता। ध्यान दें कि इन छह में से पाँच बैंक आगे विलीन हो गए — न्यू बैंक ऑफ इंडिया पंजाब नेशनल बैंक में, विजया बैंक बैंक ऑफ बड़ौदा में, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स पंजाब नेशनल बैंक में तथा आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में।
भारतीय रिजर्व बैंक का राष्ट्रीयकरण किस तिथि से प्रभावी हुआ?
- A.1 अप्रैल 1935
- B.1 जनवरी 1949
- C.1 जुलाई 1955
- D.19 जुलाई 1969
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1 जनवरी 1949
व्याख्या
सही उत्तर B, 1 जनवरी 1949 है। भारतीय रिजर्व बैंक 1935 में अंशधारकों की संस्था के रूप में आरंभ हुआ और भारतीय रिजर्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण) अधिनियम 1948 के अंतर्गत 1 जनवरी 1949 से पूर्णतः सरकारी स्वामित्व में आ गया। उस तिथि से केंद्रीय बैंक की सम्पूर्ण अंश पूँजी केंद्र सरकार के पास है।
विकल्प A, 1 अप्रैल 1935, वह दिन है जब हिल्टन यंग आयोग की संस्तुति पर आरबीआई अधिनियम 1934 के अंतर्गत रिजर्व बैंक ने कार्य आरंभ किया, किंतु तब वह निजी स्वामित्व में था। विकल्प C, 1 जुलाई 1955, वह दिन है जब इंपीरियल बैंक भारतीय स्टेट बैंक बना। विकल्प D, 19 जुलाई 1969, व्यापारिक बैंकों के राष्ट्रीयकरण के पहले चरण की तिथि है। चारों तिथियाँ इसी अध्याय की हैं, इसीलिए प्रश्न इन्हीं की सूची बनाकर पूछा जाता है।
दो राष्ट्रीयकृत बैंकों के पहले विलय में 1993 में कौन-सा बैंक पंजाब नेशनल बैंक में मिलाया गया?
- A.न्यू बैंक ऑफ इंडिया
- B.ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स
- C.यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
- D.नेदुंगडी बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. न्यू बैंक ऑफ इंडिया
व्याख्या
सही उत्तर A, न्यू बैंक ऑफ इंडिया है। 1980 में राष्ट्रीयकृत छह बैंकों में से एक न्यू बैंक ऑफ इंडिया भारी घाटे में आ गया और 1993 में इसका पंजाब नेशनल बैंक में विलय कर दिया गया। यह पहला अवसर था जब एक राष्ट्रीयकृत बैंक दूसरे में मिलाया गया, और वर्षों तक यह सार्वजनिक क्षेत्र के एकीकरण का एकमात्र उदाहरण बना रहा।
विकल्प B, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, भी पंजाब नेशनल बैंक में मिला, किंतु 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी चरण में, 1993 में नहीं। विकल्प C, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, उसी 2020 के चरण में पंजाब नेशनल बैंक में मिला। विकल्प D, नेदुंगडी बैंक, केरल का छोटा निजी बैंक था जिसका 2003 में पंजाब नेशनल बैंक में विलय हुआ। तीनों गलत विकल्प अंततः पंजाब नेशनल बैंक में ही मिले, इसलिए उत्तर केवल वर्ष से तय होता है।
1 अप्रैल 2020 से प्रभावी विलय में सिंडिकेट बैंक किस बैंक में मिलाया गया?
- A.केनरा बैंक
- B.यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- C.इंडियन बैंक
- D.बैंक ऑफ बड़ौदा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. केनरा बैंक
व्याख्या
सही उत्तर A, केनरा बैंक है। 1 अप्रैल 2020 से अधिसूचित विलय के अंतर्गत सिंडिकेट बैंक का केनरा बैंक में विलय हुआ। दोनों बैंकों की जड़ें तटीय कर्नाटक में थीं — केनरा बैंक मंगलुरु में और सिंडिकेट बैंक उडुपी में — इसलिए विलीन बैंक का आधार उसी क्षेत्र में मजबूत बना रहा।
विकल्प B, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ने उसी चरण में आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को समाहित किया। विकल्प C, इंडियन बैंक, ने इलाहाबाद बैंक को समाहित किया। विकल्प D, बैंक ऑफ बड़ौदा, ने एक वर्ष पहले 1 अप्रैल 2019 से विजया बैंक और देना बैंक को समाहित कर लिया था। 2020 के चरण के चार आधार बैंक थे — पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक, और कौन-से छह बैंक किन चार में गए, यही इस प्रश्न का सार है।
भारत का सबसे पुराना संयुक्त पूँजी बैंक इलाहाबाद बैंक 2020 में किस बैंक में मिलाया गया?
- A.पंजाब नेशनल बैंक
- B.इंडियन बैंक
- C.केनरा बैंक
- D.बैंक ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडियन बैंक
व्याख्या
सही उत्तर B, इंडियन बैंक है। 1865 में स्थापित और 1969 में राष्ट्रीयकृत चौदह बैंकों में शामिल इलाहाबाद बैंक का 1 अप्रैल 2020 से इंडियन बैंक में विलय हुआ। 1907 में मद्रास में स्थापित इंडियन बैंक आधार बैंक था, अतः पुरानी संस्था नई संस्था में समा गई, और परीक्षकों को इस जोड़ी का यही पहलू प्रिय है।
विकल्प A, पंजाब नेशनल बैंक, ने उसी चरण में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को समाहित किया। विकल्प C, केनरा बैंक, ने सिंडिकेट बैंक को समाहित किया। विकल्प D, बैंक ऑफ इंडिया, इस चरण में आधार बैंक नहीं था और आज भी अलग सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में चल रहा है। इस चरण के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 2017 के सत्ताईस से घटकर बारह रह गई।
1 अप्रैल 2019 से विजया बैंक और देना बैंक का विलय किस बैंक में किया गया?
- A.पंजाब नेशनल बैंक
- B.बैंक ऑफ बड़ौदा
- C.यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- D.भारतीय स्टेट बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंक ऑफ बड़ौदा
व्याख्या
सही उत्तर B, बैंक ऑफ बड़ौदा है। 1 अप्रैल 2019 से कर्नाटक के विजया बैंक और गुजरात के देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हुआ। यह भारत में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का पहला त्रिपक्षीय विलय था, और विलीन बैंक शाखा तंत्र के आधार पर सबसे बड़े सार्वजनिक बैंकों में आ गया।
विकल्प A, पंजाब नेशनल बैंक, ने एक वर्ष बाद ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को लिया। विकल्प C, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, ने उसी 2020 के चरण में आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक को लिया। विकल्प D, भारतीय स्टेट बैंक, ने अपना विलय 2017 में पाँच सहयोगी बैंकों और भारतीय महिला बैंक को समाहित करके पूरा कर लिया था। ध्यान दें कि देना बैंक 1969 के चौदह बैंकों में और विजया बैंक 1980 के छह बैंकों में था।
19 जुलाई 1969 को राष्ट्रीयकृत बैंक वे थे जिनकी जमा राशि कम से कम थी:
- A.25 करोड़ रुपये
- B.50 करोड़ रुपये
- C.100 करोड़ रुपये
- D.200 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 50 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर B, 50 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीयकरण के पहले चरण में निर्धारित सीमा संबंधित तिथि पर पचास करोड़ रुपये या अधिक जमा थी, और चौदह बैंक इस सीमा से ऊपर थे। अधिनियम की उद्देशिका में कहा गया उद्देश्य था — अर्थव्यवस्था की प्रमुख ऊँचाइयों पर नियंत्रण और कृषि, लघु उद्योग, निर्यात तथा कमजोर वर्गों की ओर ऋण का प्रवाह।
विकल्प A, पच्चीस करोड़ रुपये, किसी चरण से मेल नहीं खाता। विकल्प C, सौ करोड़ रुपये, वह आँकड़ा है जो अभ्यर्थी बीच का मान मानकर गढ़ लेते हैं। विकल्प D, दो सौ करोड़ रुपये, 1980 के दूसरे चरण की सीमा है, जब छह बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ। याद रखने योग्य जोड़ी है — 1969 में पचास करोड़ रुपये के साथ चौदह बैंक और 1980 में दो सौ करोड़ रुपये के साथ छह बैंक; प्रश्नपत्र वर्ष देकर राशि या राशि देकर संख्या पूछते हैं।
उच्चतम न्यायालय द्वारा 1970 में निर्णीत रुस्तम कावसजी कूपर बनाम भारत संघ वाद किस नाम से जाना जाता है?
- A.प्रिवी पर्स वाद
- B.बैंक राष्ट्रीयकरण वाद
- C.मूल अधिकार वाद
- D.न्यायाधीश स्थानांतरण वाद
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैंक राष्ट्रीयकरण वाद
व्याख्या
सही उत्तर B, बैंक राष्ट्रीयकरण वाद है। प्रभावित बैंकों में से एक के अंशधारक और निदेशक आर. सी. कूपर ने 1969 के कानून को चुनौती दी, और उच्चतम न्यायालय की ग्यारह न्यायाधीशों की पीठ ने उसे इस आधार पर अवैध ठहराया कि अधिग्रहीत उपक्रमों के लिए दिया गया प्रतिकर पर्याप्त नहीं था और बैंकों को व्यवसाय करने से रोक दिया गया था। इसके बाद संसद ने नया कानून बनाया, अतः राष्ट्रीयकरण बना रहा।
विकल्प A, प्रिवी पर्स वाद, माधव राव सिंधिया बनाम भारत संघ है, जो राजाओं की मान्यता समाप्त करने से जुड़ा है। विकल्प C, मूल अधिकार वाद, 1973 का केशवानंद भारती बनाम केरल राज्य है, जिसने मूल ढाँचा सिद्धांत दिया। विकल्प D, न्यायाधीश स्थानांतरण वाद, एस. पी. गुप्ता बनाम भारत संघ है। चारों उसी काल के ऐतिहासिक वाद हैं, इसीलिए ये विकल्पों के रूप में साथ आते हैं।
1 अप्रैल 2017 से निम्नलिखित में से किसका भारतीय स्टेट बैंक में विलय हुआ?
- A.भारतीय महिला बैंक
- B.देना बैंक
- C.कॉर्पोरेशन बैंक
- D.यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. भारतीय महिला बैंक
व्याख्या
सही उत्तर A, भारतीय महिला बैंक है। 1 अप्रैल 2017 से भारतीय स्टेट बैंक ने अपने शेष पाँच सहयोगी बैंकों — स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला तथा स्टेट बैंक ऑफ त्रावणकोर — के साथ भारतीय महिला बैंक को भी समाहित किया, जिसकी स्थापना 2013 में महिला ग्राहकों पर केंद्रित बैंक के रूप में हुई थी।
विकल्प B, देना बैंक, 2019 में बैंक ऑफ बड़ौदा में मिला। विकल्प C, कॉर्पोरेशन बैंक, 2020 में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में गया। विकल्प D, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, 2020 में पंजाब नेशनल बैंक में गया। ध्यान दें कि दो सहयोगी बैंक पहले ही स्टेट बैंक में मिल चुके थे — 2008 में स्टेट बैंक ऑफ सौराष्ट्र और 2010 में स्टेट बैंक ऑफ इंदौर, इसीलिए 2017 में केवल पाँच बचे थे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण क्यों किया गया?
निजी बैंक मुख्यतः बड़े उद्योग और व्यापार को ऋण देते थे और शाखाएँ नगरों में केंद्रित थीं। राष्ट्रीयकरण का उद्देश्य बैंकिंग को ग्रामीण तथा अर्धनगरीय क्षेत्रों तक पहुँचाना और कृषि, लघु उद्योग, निर्यात तथा कमजोर वर्गों की ओर ऋण मोड़ना था, जिसे आगे प्राथमिकता क्षेत्र ऋण के रूप में औपचारिक रूप दिया गया।
भारत का सबसे पुराना सार्वजनिक क्षेत्र का बैंक कौन है?
1865 में स्थापित इलाहाबाद बैंक देश का सबसे पुराना संयुक्त पूँजी बैंक था और 1969 में राष्ट्रीयकृत हुआ, किंतु 2020 में इंडियन बैंक में विलय के बाद यह अलग बैंक के रूप में समाप्त हो गया। आज कार्यरत बैंकों में 1894 में स्थापित पंजाब नेशनल बैंक सबसे पुराना स्वदेशी बैंक है।
2020 के विलय के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के कितने बैंक हैं?
1 अप्रैल 2020 से अधिसूचित विलय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या 2017 के सत्ताईस से घटाकर बारह कर दी, जिनमें भारतीय स्टेट बैंक और ग्यारह राष्ट्रीयकृत बैंक हैं। इसके बाद कोई परिवर्तन सरकार की नई अधिसूचना से ही होगा।
दो बैंकों का विलय किस कानून के अंतर्गत होता है?
दो बैंककारी कंपनियों का स्वैच्छिक विलय बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 की धारा 44क के अंतर्गत रिजर्व बैंक मंजूर करता है। संकटग्रस्त बैंक के लिए धारा 45 रिजर्व बैंक को रोक लगवाकर अनिवार्य विलय योजना केंद्र सरकार के समक्ष रखने का अधिकार देती है, जैसा ग्लोबल ट्रस्ट बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक के मामले में हुआ।


