भारत में बैंकिंग का इतिहास: राष्ट्रीयकरण, आरबीआई और पीवाईक्यू
परीक्षा के लिए भारत में बैंकिंग के इतिहास के नोट्स: प्रेसीडेंसी बैंक, स्वदेशी बैंक, आरबीआई की स्थापना, 1969 और 1980 का राष्ट्रीयकरण तथा बाद के सुधार।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

भारत में बैंकिंग की शुरुआत निजी व्यापारिक वित्त से हुई और आज यह राज्य का वह हाथ है जो हर गाँव तक पहुँचता है। परीक्षक इस अध्याय को पसंद करते हैं क्योंकि इसके सभी पड़ाव तिथियों और नामों के रूप में हैं: किसी बैंक की स्थापना का वर्ष, रिज़र्व बैंक की सिफारिश करने वाला आयोग, राष्ट्रीयकरण के दो दौर और 1991 के बाद उद्योग को फिर खोलने वाली समितियाँ। यह अध्याय कहानी को क्रम से रखता है और याद रखने योग्य तिथियाँ स्थिर करता है।
एजेंसी हाउस और प्रेसीडेंसी बैंक
भारत की भूमि पर पहला बैंक बैंक ऑफ हिंदुस्तान था, जिसे 1770 में कलकत्ता में एजेंसी हाउस एलेक्जेंडर एंड कंपनी ने शुरू किया; यह 1832 में बंद हो गया। 1786 में जनरल बैंक ऑफ इंडिया आया और कुछ ही वर्ष चला। दोनों यूरोपीय उपक्रम थे जो व्यापार को वित्त देते थे, जनता की सेवा नहीं करते थे।
महत्वपूर्ण बैंक तीन प्रेसीडेंसी बैंक थे, जो ईस्ट इंडिया कंपनी से प्राप्त चार्टर के अंतर्गत स्थापित हुए। बैंक ऑफ कलकत्ता 1806 में स्थापित हुआ और 1809 में इसका नाम बैंक ऑफ बंगाल हो गया; बैंक ऑफ बॉम्बे 1840 में और बैंक ऑफ मद्रास 1843 में आया। ये नोट जारी करते थे, सरकारी शेष रखते थे और अपनी प्रेसीडेंसी की सरकार के बैंकर का काम करते थे। 27 जनवरी 1921 को तीनों का विलय इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया में हुआ, जो 1935 तक नाम के अलावा हर अर्थ में देश का केंद्रीय बैंक था।
| संस्था | वर्ष | याद रखने योग्य बात |
|---|---|---|
| बैंक ऑफ हिंदुस्तान | 1770 | भारत का पहला बैंक, कलकत्ता; 1832 में बंद |
| बैंक ऑफ कलकत्ता | 1806 | 1809 में नाम बैंक ऑफ बंगाल हुआ |
| बैंक ऑफ बॉम्बे | 1840 | दूसरा प्रेसीडेंसी बैंक |
| बैंक ऑफ मद्रास | 1843 | तीसरा प्रेसीडेंसी बैंक |
| इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया | 1921 | 27 जनवरी को तीन प्रेसीडेंसी बैंकों का विलय |
| भारतीय रिज़र्व बैंक | 1935 | 1 अप्रैल 1935 से कार्य आरंभ |
| भारतीय स्टेट बैंक | 1955 | 1 जुलाई 1955 को इंपीरियल बैंक का नया नाम |
स्वदेशी बैंक
1865 में स्थापित इलाहाबाद बैंक भारत का सबसे पुराना संयुक्त स्टॉक बैंक है। 1894 में पंजीकृत और लाहौर में खुला पंजाब नेशनल बैंक पूर्णतः भारतीय पूँजी और भारतीय प्रबंधन से चलने वाला पहला बैंक था, और लाला लाजपत राय इसके संस्थापकों में थे। 1905 के बाद के स्वदेशी आंदोलन ने ऐसे कई बैंक दिए जो आज भी जाने-पहचाने हैं: 1906 में केनरा बैंक और बैंक ऑफ इंडिया, 1907 में इंडियन बैंक, 1908 में बैंक ऑफ बड़ौदा, जिसे बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने स्थापित किया, और 1911 में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, जिसे सोराबजी पोचखानावाला ने स्थापित किया और जिसे पूर्णतः भारतीय स्वामित्व वाला पहला वाणिज्यिक बैंक कहा जाता है। 1913 से 1917 के बीच बैंकों की विफलताओं ने दिखा दिया कि एक नियामक आवश्यक है।
भारतीय रिज़र्व बैंक
हिल्टन यंग आयोग, जिसका औपचारिक नाम भारतीय मुद्रा एवं वित्त पर रॉयल कमीशन था, ने 1926 में सिफारिश की कि मुद्रा और साख दोनों का दायित्व एक ही केंद्रीय बैंक को दिया जाए। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 में पारित हुआ और बैंक ने 1 अप्रैल 1935 को कार्य आरंभ किया, मुद्रा नियंत्रक से नोट निर्गम और इंपीरियल बैंक से सरकारी खातों तथा सार्वजनिक ऋण का प्रबंधन लेकर। यह शेयरधारकों के बैंक के रूप में शुरू हुआ और इसका केंद्रीय कार्यालय पहले कलकत्ता में था, जो 1937 में बॉम्बे चला गया। सर ओसबोर्न स्मिथ पहले गवर्नर थे और सी. डी. देशमुख पहले भारतीय गवर्नर। भारतीय रिज़र्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण) अधिनियम, 1948 के अंतर्गत बैंक का राष्ट्रीयकरण हुआ और 1 जनवरी 1949 से यह भारत सरकार के स्वामित्व में है। उसी वर्ष संसद ने बैंकिंग कंपनी अधिनियम पारित किया, जिसका नाम बाद में बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 हुआ और जिसने आरबीआई को बैंकों को लाइसेंस देने, निरीक्षण करने और समापन करने की शक्ति दी।
इंपीरियल बैंक से भारतीय स्टेट बैंक तक
ए. डी. गोरवाला की अध्यक्षता वाली अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण समिति ने बताया कि ग्रामीण साख के लिए देशव्यापी पहुँच वाला बैंक चाहिए। संसद ने भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 पारित किया और 1 जुलाई 1955 को इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया भारतीय स्टेट बैंक बन गया। भारतीय स्टेट बैंक (सहयोगी बैंक) अधिनियम, 1959 से पूर्व रियासतों के बैंक इसके सहयोगी बने; इन्हें भारतीय महिला बैंक के साथ 1 अप्रैल 2017 को मूल बैंक में मिला दिया गया।
राष्ट्रीयकरण: 1969 और 1980
19 जुलाई 1969 को सरकार ने, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री के साथ वित्त मंत्री भी थीं, अध्यादेश जारी कर चौदह बड़े भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिनकी जमा ₹50 करोड़ या अधिक थी। 15 अप्रैल 1980 को दूसरे दौर में छह और बैंक लिए गए, जिनकी जमा ₹200 करोड़ या अधिक थी। इनमें से एक न्यू बैंक ऑफ इंडिया का 1993 में पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया। राष्ट्रीयकरण के बाद बैंक रहित जिलों में शाखा विस्तार, प्राथमिकता क्षेत्र ऋण लक्ष्य और 1969 की अग्रणी बैंक योजना आई, जिसमें एक बैंक किसी जिले के बैंकिंग विकास का दायित्व लेता है।
गाँव के लिए बैंक
ग्रामीण क्षेत्र में सहकारी साख वाणिज्यिक बैंकिंग से पुरानी है: सहकारी साख समिति अधिनियम 1904 में पारित हुआ। क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक नरसिंहम कार्य समूह की सिफारिश पर बने और पहले पाँच 2 अक्तूबर 1975 को खुले, जिनमें सबसे पहला मुरादाबाद का प्रथमा बैंक था, जिसका प्रायोजक सिंडिकेट बैंक था; क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम 1976 में आया। शिवरामन समिति की सिफारिश पर राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की स्थापना 12 जुलाई 1982 को ग्रामीण साख की शीर्ष संस्था के रूप में हुई। आईडीबीआई 1964 में, एक्ज़िम बैंक 1982 में और सिडबी 1990 में स्थापित हुए।
सुधार, निजी बैंक और विभेदित बैंक
1991 की नरसिंहम समिति ने कम नियंत्रण, विवेकपूर्ण मानदंड और निजी पूँजी के प्रवेश की माँग की, और 1998 की नरसिंहम समिति ने पूँजी तथा पर्यवेक्षण के सुधार सुझाए। 1993 के आरबीआई दिशानिर्देशों से नए निजी बैंकों को अनुमति मिली और 1994 में यूटीआई बैंक, जो अब एक्सिस बैंक है, खुला, उसके बाद आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक। रुपया 1975 में ही पाउंड स्टर्लिंग से अलग कर मुद्राओं की टोकरी से जोड़ दिया गया था। 2010 के दशक में आरबीआई ने नचिकेत मोर समिति की तर्ज पर विभेदित बैंकों को लाइसेंस दिए: भुगतान बैंक, जो एक सीमा तक जमा लेते हैं पर ऋण नहीं दे सकते, और लघु वित्त बैंक, जो छोटे उधारकर्ताओं को ऋण देते हैं। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक 1 सितंबर 2018 को शुरू हुआ। सार्वजनिक क्षेत्र में दिशा उलटी रही: 1 अप्रैल 2019 और 1 अप्रैल 2020 से प्रभावी विलयों ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की संख्या घटाकर बारह कर दी।
परीक्षा की दृष्टि से
परीक्षाओं में यह अध्याय एक-तथ्य वाले प्रश्नों के रूप में आता है। भारत में प्रथम की सूची याद रखें — पहला बैंक, सबसे पुराना संयुक्त स्टॉक बैंक, पूर्णतः भारतीय पूँजी वाला पहला बैंक — तथा आरबीआई की चार तिथियाँ: 1926 आयोग, 1934 अधिनियम, 1935 कार्यारंभ, 1949 राष्ट्रीयकरण। राष्ट्रीयकरण के दोनों दौर उनकी जमा सीमा के साथ रटें। जाल मिलती-जुलती जोड़ियों में है: 1806 बैंक ऑफ कलकत्ता बनाम 1809 बैंक ऑफ बंगाल, चौदह बैंकों के लिए 1969 बनाम 1970, आरबीआई के लिए 1949 बनाम 1948, और हिल्टन यंग बनाम नरसिंहम। समितियों पर प्रश्न भी आते हैं, इसलिए गोरवाला को स्टेट बैंक से, नरसिंहम को आरआरबी और 1991 के सुधारों से, शिवरामन को नाबार्ड से और नचिकेत मोर को भुगतान बैंकों से जोड़कर याद करें।
महत्वपूर्ण तथ्य
| भारत का पहला बैंक | बैंक ऑफ हिंदुस्तान, कलकत्ता, 1770 |
|---|---|
| सबसे पुराना संयुक्त स्टॉक बैंक | इलाहाबाद बैंक, स्थापना 1865 |
| पूर्णतः भारतीय पूँजी वाला पहला बैंक | पंजाब नेशनल बैंक, 1894, लाहौर |
| प्रेसीडेंसी बैंकों का विलय | इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया, 27 जनवरी 1921 |
| आरबीआई की सिफारिश करने वाला आयोग | हिल्टन यंग आयोग, 1926 |
| आरबीआई अधिनियम और कार्यारंभ | अधिनियम 1934; कार्य 1 अप्रैल 1935 से |
| आरबीआई का राष्ट्रीयकरण | 1 जनवरी 1949, 1948 के अधिनियम के अंतर्गत |
| आरबीआई के पहले गवर्नर | सर ओसबोर्न स्मिथ; पहले भारतीय गवर्नर सी. डी. देशमुख |
| भारतीय स्टेट बैंक का गठन | 1 जुलाई 1955, इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया से |
| पहला राष्ट्रीयकरण | 19 जुलाई 1969, 14 बैंक, जमा ₹50 करोड़ या अधिक |
| दूसरा राष्ट्रीयकरण | 15 अप्रैल 1980, 6 बैंक, जमा ₹200 करोड़ या अधिक |
| पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक | प्रथमा बैंक, मुरादाबाद, 2 अक्तूबर 1975 |
| नाबार्ड की स्थापना | 12 जुलाई 1982, शिवरामन समिति की रिपोर्ट पर |
| रुपया पाउंड स्टर्लिंग से अलग | 1975 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत के चौदह बड़े अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण निम्नलिखित में से किस वर्ष हुआ था?
- A.1969
- B.1970
- C.1972
- D.1950
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1969
व्याख्या
सही उत्तर A, 1969 है। 19 जुलाई 1969 को भारत सरकार ने अध्यादेश जारी कर उन चौदह सबसे बड़े भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों को अपने अधीन ले लिया जिनकी जमा ₹50 करोड़ या उससे अधिक थी। उस समय इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री के साथ वित्त मंत्रालय भी संभाल रही थीं, और घोषित उद्देश्य कृषि, लघु उद्योग तथा बैंक रहित जिलों तक साख पहुँचाना था।
विकल्प B, 1970, वह वर्ष है जब उच्चतम न्यायालय द्वारा अध्यादेश निरस्त किए जाने के बाद बैंककारी कंपनी (उपक्रमों का अर्जन और अंतरण) अधिनियम पारित हुआ, इसलिए यह वर्ष सबसे आकर्षक भ्रम है। विकल्प C, 1972, राष्ट्रीयकरण की कहानी के किसी चरण से जुड़ा नहीं है। विकल्प D, 1950, बहुत पहले का है; उस समय रिज़र्व बैंक सार्वजनिक स्वामित्व में आया ही था और वाणिज्यिक बैंकिंग पूरी तरह निजी थी। राष्ट्रीयकरण का दूसरा दौर, छह बैंकों का, 15 अप्रैल 1980 को आया।
निम्नलिखित में से कौन भारत का सबसे पुराना संयुक्त स्टॉक बैंक है?
- A.इलाहाबाद बैंक
- B.बैंक ऑफ बड़ौदा
- C.यस बैंक
- D.पंजाब नेशनल बैंक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. इलाहाबाद बैंक
व्याख्या
सही उत्तर A, इलाहाबाद बैंक है। इसकी स्थापना 1865 में हुई और इसे भारत का सबसे पुराना संयुक्त स्टॉक बैंक माना जाता है। संयुक्त स्टॉक बैंक वह होता है जिसका स्वामित्व शेयरधारकों के पास हो, न कि एजेंसी हाउसों की साझेदारी के पास। प्रेसीडेंसी बैंक इससे पुराने थे, परंतु वे ईस्ट इंडिया कंपनी के चार्टर से बनी संस्थाएँ थीं, सामान्य संयुक्त स्टॉक कंपनियाँ नहीं।
विकल्प B, बैंक ऑफ बड़ौदा, की स्थापना 1908 में बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने की, यानी चालीस वर्ष बाद। विकल्प C, यस बैंक, 1990 के दशक के सुधारों के बाद लाइसेंस पाए निजी बैंकों की पीढ़ी का है और 2004 में काम शुरू किया, इसलिए यह सबसे पुराना नहीं हो सकता। विकल्प D, पंजाब नेशनल बैंक, 1894 में पंजीकृत हुआ और लाहौर में खुला; उसकी विशेषता अलग है — पूर्णतः भारतीय पूँजी और भारतीय प्रबंधन वाला पहला बैंक। परीक्षक इन दो दावों को विकल्पों में आपस में बदल देते हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक का पूर्ण राष्ट्रीयकरण होकर वह भारत सरकार के स्वामित्व में निम्नलिखित में से किस वर्ष आया?
- A.1947
- B.1948
- C.1949
- D.1950
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1949
व्याख्या
सही उत्तर C, 1949 है। रिज़र्व बैंक 1935 में शेयरधारकों के बैंक के रूप में खुला था, जिसकी शेयर पूँजी निजी हाथों में थी। संसद ने 1948 में भारतीय रिज़र्व बैंक (सार्वजनिक स्वामित्व में अंतरण) अधिनियम पारित किया और अंतरण 1 जनवरी 1949 से प्रभावी हुआ, तब से बैंक पूर्णतः भारत सरकार के स्वामित्व में है।
विकल्प A, 1947, स्वतंत्रता का वर्ष है, जब रिज़र्व बैंक निजी स्वामित्व में था और वस्तुतः 1948 के मध्य तक भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए साझा केंद्रीय बैंक का काम कर रहा था। विकल्प B, 1948, वह वर्ष है जब सक्षमकारी अधिनियम पारित हुआ और यही इस प्रश्न का जाल है: अधिनियम 1948 का, राष्ट्रीयकरण 1949 का। विकल्प D, 1950, संविधान के लागू होने और योजना आयोग की स्थापना का वर्ष है, जिनका बैंक के स्वामित्व से कोई संबंध नहीं। बैंकिंग विनियमन अधिनियम भी 1949 का है।
भारतीय रुपये को पाउंड स्टर्लिंग से कब अलग किया गया था?
- A.1975
- B.1947
- C.1982
- D.1963
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1975
व्याख्या
सही उत्तर A, 1975 है। रुपया औपनिवेशिक काल से पाउंड स्टर्लिंग से जुड़ा था और स्वतंत्रता के बाद भी यह जुड़ाव बना रहा। 1975 में यह कड़ी तोड़कर रुपये को भारत के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों की मुद्राओं की एक टोकरी से जोड़ दिया गया, जिसमें दैनिक दर रिज़र्व बैंक तय करता था। यह कदम इसलिए उठाया गया कि 1970 के दशक के आरंभ में स्थिर विनिमय दर प्रणाली टूटने के बाद पाउंड स्वयं अस्थिर हो गया था।
विकल्प B, 1947, स्वतंत्रता का वर्ष है, जब स्टर्लिंग से जुड़ाव बना रहा। विकल्प D, 1963, विनिमय दर के किसी परिवर्तन से नहीं जुड़ा; विद्यार्थी इसे 1949 और 1966 के अवमूल्यनों से भ्रमित करते हैं। विकल्प C, 1982, नाबार्ड और एक्ज़िम बैंक की स्थापना का वर्ष है, विनिमय दर का पड़ाव नहीं। टोकरी आधारित व्यवस्था 1991 से 1993 के सुधारों तक चली, जब भारत बाज़ार आधारित विनिमय दर पर आया।
भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना की सिफारिश किस आयोग ने की थी?
- A.नरसिंहम समिति
- B.हिल्टन यंग आयोग
- C.चेलैया समिति
- D.शिवरामन समिति
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. हिल्टन यंग आयोग
व्याख्या
सही उत्तर B, हिल्टन यंग आयोग है। औपचारिक रूप से भारतीय मुद्रा एवं वित्त पर रॉयल कमीशन कहे जाने वाले इस आयोग ने 1926 में कहा कि मुद्रा और साख का नियंत्रण सरकार तथा इंपीरियल बैंक में बाँटने के बजाय एक केंद्रीय बैंक को दिया जाए। इसी सिफारिश से भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 बना और बैंक ने 1 अप्रैल 1935 को कार्य आरंभ किया।
विकल्प A, नरसिंहम समिति, बहुत बाद की है — पहले ग्रामीण बैंकों पर कार्य समूह, जिससे क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक बने, और फिर 1991 तथा 1998 की सुधार समितियाँ। विकल्प C, चेलैया समिति, ने 1990 के दशक के आरंभ में कर व्यवस्था के सुधार पर रिपोर्ट दी और उसका केंद्रीय बैंकिंग से कोई संबंध नहीं। विकल्प D, शिवरामन समिति, ने राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक की सिफारिश की, जिसकी स्थापना 12 जुलाई 1982 को हुई। परीक्षक हर समिति को उसकी संस्था से जोड़कर पूछते हैं, इसलिए इन्हें जोड़ियों में याद करें।
इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया का नाम बदलकर भारतीय स्टेट बैंक किस वर्ष किया गया?
- A.1935
- B.1949
- C.1955
- D.1959
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1955
व्याख्या
सही उत्तर C, 1955 है। ए. डी. गोरवाला की अध्यक्षता वाली अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण समिति ने कहा कि ग्रामीण साख के लिए देशभर में शाखाओं वाला और राज्य की भागीदारी वाला बैंक चाहिए। संसद ने भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 पारित किया और 1 जुलाई 1955 को इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया भारतीय स्टेट बैंक बन गया।
विकल्प A, 1935, वह वर्ष है जब रिज़र्व बैंक ने कार्य आरंभ किया और इंपीरियल बैंक से सरकारी खातों तथा सार्वजनिक ऋण का प्रबंधन लिया — संबंधित परंतु भिन्न घटना। विकल्प B, 1949, रिज़र्व बैंक के सार्वजनिक स्वामित्व में आने और बैंकिंग विनियमन अधिनियम के बनने का वर्ष है। विकल्प D, 1959, भारतीय स्टेट बैंक (सहयोगी बैंक) अधिनियम का वर्ष है, जिसके अंतर्गत पूर्व रियासतों के बैंक स्टेट बैंक के सहयोगी बने; इनका मूल बैंक में विलय 1 अप्रैल 2017 को हुआ।
अप्रैल 1980 के बैंक राष्ट्रीयकरण के दूसरे दौर में कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया?
- A.चार
- B.छह
- C.आठ
- D.चौदह
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छह
व्याख्या
सही उत्तर B, छह है। 15 अप्रैल 1980 को सरकार ने छह और निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया और इस बार जमा की सीमा ₹200 करोड़ रखी गई। इन छह में से एक न्यू बैंक ऑफ इंडिया का 1993 में पंजाब नेशनल बैंक में विलय हो गया, इसीलिए इसके बाद राष्ट्रीयकृत बैंकों की संख्या उन्नीस बताई जाती है।
विकल्प A, चार, और विकल्प C, आठ, राष्ट्रीयकरण के किसी दौर से मेल नहीं खाते और यह जाँचने के लिए रखे गए हैं कि संख्या तथा जमा सीमा साथ में याद है या नहीं। विकल्प D, चौदह, 19 जुलाई 1969 के पहले दौर की संख्या है, जब सीमा ₹50 करोड़ या अधिक जमा थी। याद रखने का ढाँचा सरल है: 1969 में चौदह बैंक और ₹50 करोड़; 1980 में छह बैंक और ₹200 करोड़; भारतीय स्टेट बैंक 1955 से ही सार्वजनिक हाथों में था, इसलिए वह किसी सूची में नहीं आता।
भारत में पूर्णतः भारतीय पूँजी और भारतीय प्रबंधन से स्थापित पहला बैंक कौन था?
- A.बैंक ऑफ हिंदुस्तान
- B.अवध कमर्शियल बैंक
- C.पंजाब नेशनल बैंक
- D.सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पंजाब नेशनल बैंक
व्याख्या
सही उत्तर C, पंजाब नेशनल बैंक है। यह 1894 में पंजीकृत हुआ और लाहौर में खुला, पूर्णतः भारतीय पूँजी से खड़ा और भारतीय प्रबंधन से चलने वाला पहला बैंक, जिसके संस्थापकों से लाला लाजपत राय जुड़े थे। यह बीसवीं सदी के आरंभ की बैंक विफलताओं से बचा रहा और 1969 में राष्ट्रीयकृत हुआ।
विकल्प A, 1770 का बैंक ऑफ हिंदुस्तान, कलकत्ता में एक यूरोपीय एजेंसी हाउस का उपक्रम था और भारत का पहला बैंक था, जो अलग विशेषता है। विकल्प B, 1881 का अवध कमर्शियल बैंक, भारतीय प्रबंधन वाला सीमित दायित्व का पहला बैंक कहा जाता है, और प्रश्न में यही शब्द आ जाएँ तो उत्तर बदल जाता है, इसलिए कथन ध्यान से पढ़ें। विकल्प D, 1911 का सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, सोराबजी पोचखानावाला द्वारा स्थापित, पूर्णतः भारतीय स्वामित्व वाला पहला वाणिज्यिक बैंक माना जाता है। तीन मिलते-जुलते दावे, तीन अलग बैंक।
राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1975
- B.1976
- C.1982
- D.1990
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1982
व्याख्या
सही उत्तर C, 1982 है। नाबार्ड की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन की अध्यक्षता वाली उस समिति की सिफारिश पर हुई जिसने कृषि तथा ग्रामीण विकास के लिए संस्थागत साख की व्यवस्था की समीक्षा की थी। इसने रिज़र्व बैंक से कृषि साख के कार्य और कृषि पुनर्वित्त एवं विकास निगम से पुनर्वित्त का काम लिया, और यह ग्रामीण साख की शीर्ष संस्था है, जो सहकारी बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों का पर्यवेक्षण भी करती है।
विकल्प A, 1975, वह वर्ष है जब 2 अक्तूबर को पहले पाँच क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक खुले। विकल्प B, 1976, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम का वर्ष है। विकल्प D, 1990, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक की स्थापना का वर्ष है। नाबार्ड की तरह एक्ज़िम बैंक भी 1982 का है, इसलिए यह वर्ष दो संस्थाओं को ढोता है और परीक्षक दोनों पूछते हैं।
भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपना कार्य किस तिथि से आरंभ किया?
- A.1 अप्रैल 1935
- B.1 जनवरी 1935
- C.1 अप्रैल 1934
- D.1 जुलाई 1935
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 अप्रैल 1935
व्याख्या
सही उत्तर A, 1 अप्रैल 1935 है। भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम 1934 में पारित हुआ और बैंक ने 1 अप्रैल 1935 को कार्य आरंभ किया, मुद्रा नियंत्रक से नोट निर्गम तथा इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया से सरकारी खातों और सार्वजनिक ऋण का प्रबंधन अपने हाथ में लेकर। आरंभ में इसका केंद्रीय कार्यालय कलकत्ता में था, जो 1937 में बॉम्बे स्थानांतरित हुआ।
विकल्प B, 1 जनवरी 1935, और विकल्प D, 1 जुलाई 1935, गढ़ी हुई तिथियाँ हैं जो अधूरी याद को पकड़ने के लिए रखी गई हैं। विकल्प C, 1 अप्रैल 1934, अधिनियम के वर्ष को कार्यारंभ की तिथि से मिला देता है और यही सबसे आम गलत चुनाव है। इस कहानी की तीन तिथियाँ अलग रखें: 1926 हिल्टन यंग आयोग, 1934 अधिनियम और 1 अप्रैल 1935 कार्यारंभ, तथा 1 जनवरी 1949 राष्ट्रीयकरण।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में स्थापित पहला बैंक कौन था?
बैंक ऑफ हिंदुस्तान, जिसे 1770 में कलकत्ता में एजेंसी हाउस एलेक्जेंडर एंड कंपनी ने शुरू किया। यह 1832 में बंद हो गया। 1786 में शुरू हुआ जनरल बैंक ऑफ इंडिया इसके बाद का ऐसा उपक्रम था और वह भी अल्पकालिक रहा।
1969 में कितने बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ और यही संख्या क्यों?
चौदह। 19 जुलाई 1969 के अध्यादेश में हर उस भारतीय अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक को लिया गया जिसकी जमा ₹50 करोड़ या अधिक थी, और उस समय ऐसे चौदह बैंक थे। ₹200 करोड़ या अधिक जमा वाले छह और बैंकों का राष्ट्रीयकरण 15 अप्रैल 1980 को हुआ।
भारतीय रिज़र्व बैंक की स्थापना की सिफारिश किस आयोग ने की थी?
1926 के हिल्टन यंग आयोग ने, जिसका औपचारिक नाम भारतीय मुद्रा एवं वित्त पर रॉयल कमीशन था। इसकी रिपोर्ट से भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 बना और बैंक ने 1 अप्रैल 1935 को कार्य आरंभ किया।
इंपीरियल बैंक ऑफ इंडिया कब भारतीय स्टेट बैंक बना?
1 जुलाई 1955 को, भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 के अंतर्गत। यह अधिनियम ए. डी. गोरवाला की अखिल भारतीय ग्रामीण साख सर्वेक्षण समिति की उस सिफारिश के बाद आया जिसमें ग्रामीण साख के लिए देशव्यापी पहुँच वाला बैंक माँगा गया था।
भारत का पहला क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक कौन था?
प्रथमा बैंक, जिसका प्रधान कार्यालय उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में था और प्रायोजक सिंडिकेट बैंक। यह 2 अक्तूबर 1975 को खुले पहले पाँच क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में था; क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक अधिनियम 1976 में पारित हुआ।
पूर्णतः भारतीय स्वामित्व वाला पहला वाणिज्यिक बैंक किसे कहा जाता है?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, जिसकी स्थापना 1911 में सोराबजी पोचखानावाला ने की। 1894 का पंजाब नेशनल बैंक पूर्णतः भारतीय पूँजी से खड़ा और भारतीय प्रबंधन से चलने वाला पहला बैंक माना जाता है।
स्रोत
- भारतीय रिज़र्व बैंक का इतिहास: संक्षिप्त विवरण — भारतीय रिज़र्व बैंक
- बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 — भारत सरकार
- भारतीय स्टेट बैंक अधिनियम, 1955 — भारत सरकार
