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विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित

सरकार ने पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन. पटेल की अध्यक्षता में विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित की है, जिसका कार्यकाल छह महीने का है।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित — GK24 title card

चर्चा में क्यों

30 अक्टूबर 2026 को वित्त मंत्रालय ने विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की, जिसके अध्यक्ष सुरेश एन. पटेल हैं और तीन बैंकिंग विशेषज्ञ सदस्य हैं।

केंद्र सरकार ने विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। चार सदस्यों वाली यह समिति देश की बैंकिंग व्यवस्था की समीक्षा करेगी और बताएगी कि विकसित भारत, 2047 के लक्ष्य तक बैंकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, वित्तीय रूप से समावेशी और मजबूत बनाने के लिए कौन-से बदलाव जरूरी हैं।

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026-27 के अपने बजट भाषण में इस समिति की घोषणा की थी। समिति को संरचनात्मक, संस्थागत, नियामक और विधायी सुधार को अलग-अलग नहीं, बल्कि एक साथ देखना है।

समिति में कौन-कौन

  • सुरेश एन. पटेल, पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त — अध्यक्ष
  • शिरीष चंद्र मुर्मू, उप-गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक — सदस्य
  • पद्मजा चुंदरू, इंडियन बैंक की पूर्व प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी — सदस्य
  • एन. एस. विश्वनाथन, पूर्व उप-गवर्नर, भारतीय रिज़र्व बैंक — सदस्य
  • वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव (बैंकिंग) — सदस्य सचिव

समिति का कार्यकाल छह महीने रखा गया है।

समिति को क्या करना है

कार्यक्षेत्र सात बिंदुओं में बंटा है। समिति मौजूदा बैंकिंग प्रथाओं और प्रुडेंशियल मानदंडों को दुनिया की सर्वोत्तम प्रथाओं की कसौटी पर परखेगी, जो भारत के लिए उपयुक्त हो उसे अपनाने का सुझाव देगी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बैंक बनाने का रोडमैप तैयार करेगी। वह बैंकों के लिए बने नियामक तथा कानूनी ढांचे की भी समीक्षा करेगी, जिसमें क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक शामिल हैं, ताकि बैंकिंग में कारोबार करना आसान हो।

दूसरा हिस्सा पूंजी से जुड़ा है। समिति बैंकों, विकास वित्तीय संस्थानों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की दीर्घकालिक पूंजी जरूरत का आकलन करेगी और बताएगी कि साख वृद्धि बनाए रखने के लिए धन कहां से आए तथा कौन-से तंत्र बनें। कारोबार के लिए पूंजी की लागत में अंतर क्यों है, इसकी जांच भी उसे करनी है और निजी निवेश बढ़ाने के नीतिगत विकल्प सुझाने हैं।

आखिरी बिंदु भविष्य की ओर देखते हैं। एक बिंदु में बैंकिंग संस्थानों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और डिजिटल नवाचार का रोडमैप मांगा गया है, साथ ही साइबर जोखिम से बचाव के उपाय तथा भविष्य के लिए तैयार कार्यबल हेतु भर्ती और प्रशिक्षण की रणनीति। दूसरे बिंदु में प्राथमिक क्षेत्र ऋण ढांचे और लीड बैंक योजना की समीक्षा कहा गया है, ताकि समावेशी, संतुलित और डेटा-आधारित साख वितरण में इनकी प्रासंगिकता और प्रभावशीलता जांची जा सके। सरकार कोई अन्य विषय भी समिति को सौंप सकती है।

महत्वपूर्ण तथ्य

समितिविकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति
अध्यक्षसुरेश एन. पटेल, पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त
सदस्यशिरीष चंद्र मुर्मू, पद्मजा चुंदरू, एन. एस. विश्वनाथन
सदस्य सचिवसंयुक्त सचिव (बैंकिंग), वित्तीय सेवा विभाग
कार्यकालछह महीने
घोषणानिर्मला सीतारमण का बजट भाषण 2026-27
मंत्रालयवित्त मंत्रालय
लक्ष्य वर्षविकसित भारत, 2047

परीक्षा की दृष्टि से

समिति का पूरा नाम, अध्यक्ष सुरेश एन. पटेल और उनका पिछला पद, तीनों सदस्य और उनके संस्थान, सदस्य सचिव का पदनाम, छह महीने का कार्यकाल, जिस बजट भाषण में घोषणा हुई और लक्ष्य वर्ष 2047 याद रखें। समीक्षा के लिए नामित दो ढांचे प्राथमिक क्षेत्र ऋण और लीड बैंक योजना हैं।

अभ्यास प्रश्न

Q1.बैंकिंग और वित्तआसान

विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति का अध्यक्ष किसे नियुक्त किया गया है?

  1. A.शिरीष चंद्र मुर्मू
  2. B.सुरेश एन. पटेल
  3. C.पद्मजा चुंदरू
  4. D.एन. एस. विश्वनाथन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सुरेश एन. पटेल

वे पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त रह चुके हैं और सरकार ने उन्हें नवगठित विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति का अध्यक्ष बनाया है।

Q2.बैंकिंग और वित्तमध्यम

विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति का कार्यकाल कितना है?

  1. A.तीन महीने
  2. B.छह महीने
  3. C.एक वर्ष
  4. D.दो वर्ष
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छह महीने

समिति के गठन के समय सरकार ने यही अवधि तय की, जिसका अर्थ है कि बैंकिंग प्रथाओं, प्रुडेंशियल मानदंडों, नियामक ढांचे और पूंजी आवश्यकताओं की समीक्षा पूरी कर समिति को आधे वर्ष के भीतर अपनी सिफारिशें देनी होंगी।

Q3.बैंकिंग और वित्तमध्यम

प्राथमिक क्षेत्र ऋण ढांचे के अलावा समिति को किस योजना की समीक्षा करने को कहा गया है?

  1. A.लीड बैंक योजना
  2. B.प्रधानमंत्री जन धन योजना
  3. C.प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
  4. D.स्टैंड अप इंडिया योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. लीड बैंक योजना

कार्यक्षेत्र के एक बिंदु में समिति से कहा गया है कि वह प्राथमिक क्षेत्र ऋण ढांचे के साथ लीड बैंक योजना की भी समीक्षा करे और यह आकलन करे कि बदलती आर्थिक प्राथमिकताओं तथा वित्तीय समावेशन के लक्ष्यों के अनुरूप समावेशी, संतुलित और डेटा-आधारित साख वितरण को बढ़ावा देने में…

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष कौन हैं?

पूर्व केंद्रीय सतर्कता आयुक्त सुरेश एन. पटेल। समिति में तीन विशेषज्ञ सदस्य हैं और वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव (बैंकिंग) सदस्य सचिव हैं। कार्यकाल छह महीने का है।

समिति किन ऋण ढांचों की समीक्षा करेगी?

प्राथमिक क्षेत्र ऋण ढांचा और लीड बैंक योजना, ताकि समावेशी तथा डेटा-आधारित साख वितरण में इनकी प्रासंगिकता, प्रभावशीलता और समन्वय परखा जा सके।

इस समिति की घोषणा कहां हुई थी?

केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण के 2026-27 के बजट भाषण में।

स्रोत

करेंट अफेयर्स 30 अक्टूबर 2026

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