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GK24

NABARD GK प्रश्न 2026

NABARD के लिए उत्तर और व्याख्या सहित GK प्रश्न।

NABARD GK प्रश्न उत्तर सहित

Q1.पर्यावरणमध्यम

एनआरएए जो राष्ट्रीय तकनीकी दिशानिर्देश तैयार कर रहा है, वे किस योजना के घटक के तहत लागू होंगे?

  1. A.प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का वाटरशेड विकास घटक
  2. B.प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  3. C.सतत कृषि के लिए राष्ट्रीय मिशन
  4. D.राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना 3.0 का वाटरशेड विकास घटक

व्याख्या

सही उत्तर प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का वाटरशेड विकास घटक है, और वह भी इसके तीसरे चरण में। विज्ञप्ति में कहा गया है कि तैयार हो रहे दिशानिर्देश देश में आने वाली पीढ़ी के वाटरशेड विकास के लिए इसी घटक के तहत उपयोग होंगे, इसीलिए बैठक का ज्यादातर समय मसौदे के दावों की जांच और दोनों राज्यों के आंकड़ों पर लगा। दूसरे विकल्प वाली फसल बीमा योजना गलत है, वह फसल के नुकसान की भरपाई करती है और वाटरशेड दिशानिर्देश बनाने से उसका कोई संबंध नहीं। तीसरे विकल्प वाला सतत कृषि मिशन गलत है, यह अलग कार्यक्रम है और विज्ञप्ति में इसका नाम कहीं नहीं आता। चौथे विकल्प वाली कृषि विकास योजना भी इसी कारण गलत है। दिशानिर्देशों को वाटरशेड घटक और उसके चरण के साथ जोड़कर याद रखें।

Q2.पर्यावरणकठिन

रिवार्ड कार्यक्रम के तहत हुई राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी समिति की बैठक की अध्यक्षता किसने की?

  1. A.आईसीएआर के उप महानिदेशक (प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन)
  2. B.डॉ. चंद्र शेखर कुमार, सीईओ, एनआरएए
  3. C.भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव (वाटरशेड प्रबंधन)
  4. D.कर्नाटक के वाटरशेड विकास विभाग के आयुक्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डॉ. चंद्र शेखर कुमार, सीईओ, एनआरएए

व्याख्या

सही उत्तर डॉ. चंद्र शेखर कुमार, राष्ट्रीय वर्षा आधारित क्षेत्र प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। विज्ञप्ति में उन्हीं को बैठक का अध्यक्ष बताया गया है और उन्हीं का यह निर्देश दर्ज है कि मसौदा दिशानिर्देशों के दावे कार्यक्रम में जुटे आंकड़ों से जांचे जाएं। आईसीएआर के उप महानिदेशक वाला विकल्प गलत है, वे बैठक में मौजूद थे और उन्होंने भूमि संसाधन सूची को जल विज्ञान से जोड़ने पर जोर दिया, पर अध्यक्षता नहीं की। भूमि संसाधन विभाग के संयुक्त सचिव वाला विकल्प भी गलत है, उनका योगदान विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का समय घटाने का सुझाव था। कर्नाटक के आयुक्त वाला विकल्प गलत है क्योंकि वे राज्य के प्रतिनिधि के रूप में ऑनलाइन जुड़े थे। ऐसी बैठकों पर प्रश्न अक्सर सुझाव को गलत अधिकारी से जोड़कर पूछे जाते हैं, इसलिए किसने क्या कहा, यह ध्यान रखें।

Q3.पर्यावरणमध्यम

एनआरएए ने जिस रिवार्ड कार्यक्रम के तहत तकनीकी समिति की बैठक की, उसका अर्थ क्या है?

  1. A.नवीन विकास के माध्यम से जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए वाटरशेड को दुरुस्त करना
  2. B.कृषि और ग्रामीण विकास के लिए जल संसाधनों का नवीनीकरण
  3. C.पारिस्थितिकी, जल और वर्षा आधारित शुष्क भूमि की बहाली
  4. D.वाटरशेड और वर्षा आधारित विकास से ग्रामीण रोजगार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नवीन विकास के माध्यम से जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए वाटरशेड को दुरुस्त करना

व्याख्या

सही उत्तर नवीन विकास के माध्यम से जलवायु-अनुकूल कृषि के लिए वाटरशेड को दुरुस्त करना है। विज्ञप्ति में इसी कार्यक्रम के तहत नई दिल्ली के एनएएससी परिसर में तकनीकी समिति की बैठक होने की बात है और वहीं यह अर्थ दिया गया है। दूसरा विकल्प गलत है, इसमें शब्द भरोसेमंद लगते हैं पर दिए गए अर्थ से मेल नहीं खाते और सबसे बड़ी बात यह कि इसमें जलवायु-अनुकूल होने का भाव छूट जाता है, जो कार्यक्रम के उद्देश्य के केंद्र में है। तीसरा विकल्प भी इसी कारण गलत है और इसमें पारिस्थितिकी तथा शुष्क भूमि जैसे शब्द जोड़ दिए गए हैं जो नाम में नहीं हैं। चौथा विकल्प गलत है क्योंकि यह रोजगार की योजना नहीं है, और इसे ग्रामीण रोजगार कार्यक्रमों से मिला देना एक आम भूल है। कार्यक्रम के साथ उसे चलाने वाली संस्था और मंत्रालय भी याद रखें।

Q4.अर्थव्यवस्थाआसान

केंद्रीय राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे के अनुसार देश के कुल रेशम उत्पादन में कौन-सा राज्य अग्रणी है?

  1. A.कर्नाटक
  2. B.असम
  3. C.पश्चिम बंगाल
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कर्नाटक

व्याख्या

सही उत्तर कर्नाटक है। बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर शोभा करंदलाजे ने कहा कि देश के कुल रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी स्थान रखता है। उन्होंने बताया कि सरकार इस क्षेत्र को और मज़बूत करने के लिए बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए निर्यात स्तर के रेशम उत्पादन को बढ़ावा दे रही है।

असम और पश्चिम बंगाल का विज्ञप्ति में कोई उल्लेख नहीं है, इसलिए विकल्प B और C गलत हैं। तमिलनाडु का नाम विज्ञप्ति में है, लेकिन केवल उन राज्यों में से एक के रूप में जिनके रेशम किसान और बुनकर कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए, अग्रणी उत्पादक के रूप में नहीं। इसलिए विकल्प D भी गलत है। रेशम से जुड़ी खबरों के साथ अग्रणी राज्य का प्रश्न अक्सर पूछा जाता है, इसलिए कर्नाटक को इससे जोड़कर याद रखें।

Q5.अर्थव्यवस्थाआसान

20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में किस संस्था का 77वां स्थापना दिवस मनाया गया?

  1. A.नारियल जटा बोर्ड
  2. B.केंद्रीय रेशम बोर्ड
  3. C.चाय बोर्ड
  4. D.खादी और ग्रामोद्योग आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केंद्रीय रेशम बोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर केंद्रीय रेशम बोर्ड है। वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु के यूएएस-जीकेवीके सभागार में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस कार्यक्रम और रेशम उत्पादों एवं प्रौद्योगिकियों की प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में बोर्ड ने समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया, 28 वैज्ञानिकों को नियुक्ति पत्र दिए और अपने प्रकाशन जारी किए।

नारियल जटा बोर्ड, चाय बोर्ड और खादी और ग्रामोद्योग आयोग भी पारंपरिक उद्योगों और फसलों से जुड़ी संस्थाएं हैं, लेकिन यह विज्ञप्ति इनमें से किसी के बारे में नहीं है। इसलिए विकल्प A, C और D गलत हैं। जब किसी संस्था का स्थापना दिवस खबर में हो, तो प्रश्न अक्सर संस्था का नाम, वर्षगांठ की संख्या और शहर पूछते हैं, इसलिए तीनों याद रखें: केंद्रीय रेशम बोर्ड, 77वां और बेंगलुरु।

Q6.अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत सरकार ने किस वर्ष तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया है?

  1. A.2026-27
  2. B.2028-29
  3. C.2030-31
  4. D.2035-36
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2028-29

व्याख्या

सही उत्तर 2028-29 है। वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 2028-29 तक भारत को रेशम उत्पादन में विश्व स्तर पर पहले स्थान पर लाने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शहतूत के पत्तों की पैदावार और रेशमकीट पालन के चक्र बढ़ाए जाएंगे, ताकि किसानों की सालाना आय 10 लाख से 12 लाख रुपये तक पहुंच सके।

विकल्प C यानी 2030-31 एक अलग लक्ष्य का वर्ष है: 60,000 मीट्रिक टन रेशम उत्पादन। विकल्प A और D, यानी 2026-27 और 2035-36, विज्ञप्ति में नहीं हैं। दोनों लक्ष्य एक साथ घोषित हुए थे, इसलिए इन्हें आपस में मिलाना आसान है। इन्हें अलग-अलग याद रखें: विश्व में पहला स्थान 2028-29 तक और 60,000 मीट्रिक टन उत्पादन 2030-31 तक। मंत्री ने यह भी कहा कि चीन का उत्पादन घटने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में भारतीय रेशम की मांग बढ़ रही है।

Q7.अर्थव्यवस्थामध्यम

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह के अनुसार 2014 में 26,000 मीट्रिक टन रहा भारत का रेशम उत्पादन अब कितना हो गया है?

  1. A.32,000 मीट्रिक टन
  2. B.38,000 मीट्रिक टन
  3. C.42,000 मीट्रिक टन
  4. D.60,000 मीट्रिक टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 42,000 मीट्रिक टन

व्याख्या

सही उत्तर 42,000 मीट्रिक टन है। 20 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में केंद्रीय रेशम बोर्ड के 77वें स्थापना दिवस पर वस्त्र मंत्री ने बताया कि देश का रेशम उत्पादन 2014 के 26,000 मीट्रिक टन से बढ़कर आज 42,000 मीट्रिक टन हो गया है। उन्होंने इसे रेशम क्षेत्र के विस्तार और रेशम किसानों की आय बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता से जोड़ा।

विकल्प D यानी 60,000 मीट्रिक टन एक जाल है: यह आज का उत्पादन नहीं, बल्कि 2030-31 के लिए तय किया गया लक्ष्य है। विकल्प A और B, यानी 32,000 और 38,000 मीट्रिक टन, विज्ञप्ति में कहीं नहीं हैं। ऐसे प्रश्नों में अक्सर मौजूदा आंकड़े के साथ लक्ष्य को विकल्प बनाया जाता है, इसलिए पूरी श्रृंखला क्रम से याद रखें: 2014 में 26,000 टन, अभी 42,000 टन, 2030-31 तक 60,000 टन और 2028-29 तक विश्व में पहला स्थान।