भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की किस धारा के अंतर्गत गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी के लिए पंजीकरण अनिवार्य है?
- A.धारा 42
- B.धारा 45-आईए
- C.धारा 22
- D.धारा 35ए
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, धारा 45-आईए है। यह धारा भारतीय रिज़र्व बैंक (संशोधन) अधिनियम, 1997 से जोड़ी गई और इसके अनुसार एनबीएफसी को कारोबार आरंभ करने से पहले रिज़र्व बैंक से पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना तथा निर्धारित न्यूनतम निवल स्वाधिकृत निधि रखनी होती है। विकल्प A, धारा 42, उस नकद आरक्षित अनुपात से संबंधित है जो अनुसूचित बैंक को रिज़र्व बैंक के पास रखना होता है, इसलिए वह बैंकों से जुड़ी है, एनबीएफसी से नहीं। विकल्प C, धारा 22, बैंककारी कंपनियों के लाइसेंस का प्रावधान है, पर वह बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 में है, रिज़र्व बैंक अधिनियम में नहीं। विकल्प D, धारा 35ए, बैंककारी कंपनियों को निर्देश देने की रिज़र्व बैंक की सामान्य शक्ति है। साथ में धारा 45-आईबी याद रखें, जिसके अंतर्गत जमा लेने वाली एनबीएफसी को तरल परिसंपत्तियां रखनी होती हैं।