वायरलेस तकनीकें: वाई-फाई, ब्लूटूथ, एनएफसी और आरएफआईडी
परीक्षाओं के लिए वायरलेस तकनीक पर कंप्यूटर नोट्स: आईईईई 802.11 और वाई-फाई बैंड, ब्लूटूथ पिकोनेट, 13.56 मेगाहर्ट्ज़ पर एनएफसी, आरएफआईडी टैग, फास्टैग और जिगबी।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

वायरलेस तकनीक आंकड़ों को तार के बजाय हवा में रेडियो तरंगों के रूप में भेजती है। परीक्षा की दृष्टि से चार नाम लगभग सब कुछ समेट लेते हैं: स्थानीय नेटवर्क के लिए वाई-फाई, निकट के उपकरण जोड़ने के लिए ब्लूटूथ, स्पर्श भुगतान के लिए एनएफसी और टैग लगी वस्तु की पहचान के लिए आरएफआईडी। ये अपने मानक, आवृत्ति और दूरी में भिन्न हैं और कंप्यूटर जागरूकता के लगभग सभी प्रश्न इन्हीं तीन भिन्नताओं पर टिके होते हैं।
वाई-फाई और आईईईई 802.11 परिवार
वाई-फाई आईईईई 802.11 मानकों पर बना वायरलेस स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क है। एक वायरलेस एक्सेस पॉइंट एसएसआईडी नामक नेटवर्क नाम प्रसारित करता है और उपकरण प्रमाणीकरण के बाद उससे जुड़ते हैं। वाई-फाई अनुज्ञप्ति-मुक्त औद्योगिक, वैज्ञानिक और चिकित्सा बैंड में 2.4 गीगाहर्ट्ज़ और 5 गीगाहर्ट्ज़ पर चलता है और नए उपकरणों में 6 गीगाहर्ट्ज़ भी जुड़ गया है। 2.4 गीगाहर्ट्ज़ बैंड अधिक दूर तक जाता है और दीवारों से बेहतर निकलता है, पर उसमें केवल तीन अतिव्यापी-रहित चैनल हैं और वह भीड़भाड़ वाला है; 5 गीगाहर्ट्ज़ बैंड तेज और साफ है पर उसकी पहुंच कम है। भीतरी परिसर में सीमा लगभग तीस से पचास मीटर रहती है। सुरक्षा कमजोर डब्ल्यूईपी से डब्ल्यूपीए, फिर एईएस वाले डब्ल्यूपीए2 और अब डब्ल्यूपीए3 तक पहुंची है। वाई-फाई व्यापार नाम वाई-फाई अलायंस का है; यह एक ब्रांड है, कोई तकनीकी संक्षिप्ति नहीं।
| मानक | प्रचलित नाम | बैंड | प्रमुख गति |
|---|---|---|---|
| 802.11b | — | 2.4 गीगाहर्ट्ज़ | 11 एमबीपीएस |
| 802.11a | — | 5 गीगाहर्ट्ज़ | 54 एमबीपीएस |
| 802.11g | — | 2.4 गीगाहर्ट्ज़ | 54 एमबीपीएस |
| 802.11n | वाई-फाई 4 | 2.4 और 5 गीगाहर्ट्ज़ | 600 एमबीपीएस |
| 802.11ac | वाई-फाई 5 | 5 गीगाहर्ट्ज़ | कई जीबीपीएस |
| 802.11ax | वाई-फाई 6 और 6ई | 2.4, 5 और 6 गीगाहर्ट्ज़ | कई जीबीपीएस |
ब्लूटूथ
ब्लूटूथ कम दूरी का वैयक्तिक क्षेत्र नेटवर्क है, जिसका मानक आईईईई 802.15.1 है और जिसका रखरखाव ब्लूटूथ विशेष हित समूह करता है। इसका विकास 1994 में एरिक्सन में हुआ और इसका नाम डेनमार्क के राजा हेराल्ड ब्लूटूथ पर है, जिन्होंने लड़ते कबीलों को एक किया था, क्योंकि यह तकनीक भी असंगत उपकरणों को जोड़ने के लिए बनी थी। यह 2.4 गीगाहर्ट्ज़ आईएसएम बैंड और आवृत्ति उछाल विस्तारित स्पेक्ट्रम का प्रयोग करती है, यानी सेकंड में कई बार चैनल बदलती रहती है, जिससे व्यवधान और छिपकर सुनना दोनों कठिन हो जाते हैं।
- ब्लूटूथ नेटवर्क पिकोनेट कहलाता है: एक मास्टर उपकरण और अधिकतम सात सक्रिय स्लेव उपकरण, अर्थात कुल आठ।
- दो या अधिक जुड़े पिकोनेट मिलकर स्कैटरनेट बनाते हैं।
- श्रेणी 1 के उपकरण लगभग सौ मीटर, श्रेणी 2 लगभग दस मीटर और श्रेणी 3 लगभग एक मीटर तक पहुंचते हैं।
- ब्लूटूथ लो एनर्जी वह संस्करण है जो सेंसर, फिटनेस बैंड और बीकन के लिए बना है, जिन्हें एक सिक्का सेल पर महीनों चलना होता है।
- पासकी से युग्मन और उपकरण को अदृश्य रखना बुनियादी सुरक्षा उपाय हैं; ब्लूजैकिंग और ब्लूस्नार्फिंग इसके नामित आक्रमण हैं।
एनएफसी, निकट क्षेत्र संचार
एनएफसी अत्यंत कम दूरी की तकनीक है, जो 13.56 मेगाहर्ट्ज़ पर काम करती है और जिसमें दो उपकरणों को लगभग चार सेंटीमीटर के भीतर आना पड़ता है। यही छोटी सीमा उसकी सुरक्षा है: कार्ड को कमरे के दूसरे छोर से नहीं पढ़ा जा सकता। यह उच्च आवृत्ति आरएफआईडी से निकली और इसका विकास सोनी तथा एनएक्सपी ने किया; प्रचार के लिए एनएफसी फोरम बना। एनएफसी के तीन मोड हैं: टैग या पोस्टर पढ़ने के लिए रीडर एवं राइटर मोड, जिसमें फोन संपर्क-रहित कार्ड जैसा व्यवहार करे वह कार्ड एम्युलेशन मोड, और दो फोनों के बीच आंकड़े बदलने का पीयर टू पीयर मोड। संपर्क-रहित डेबिट और क्रेडिट कार्ड, मोबाइल भुगतान, मेट्रो कार्ड, प्रवेश बैज तथा स्पीकर को छूकर जोड़ना — सब इसी पर चलते हैं। पिन के बिना स्पर्श भुगतान की सीमा भारतीय रिज़र्व बैंक नियम से तय करता है और वह समय-समय पर बदलती है, इसलिए आंकड़े के बजाय तंत्र याद रखें।
आरएफआईडी, रेडियो आवृत्ति पहचान
आरएफआईडी किसी वस्तु पर लगे टैग को पढ़कर उसकी पहचान करती है। टैग में पहचान संख्या रखने वाली सूक्ष्म चिप और एक एंटीना होता है; रीडर रेडियो संकेत भेजता है और टैग उत्तर देता है। निष्क्रिय टैग में बैटरी नहीं होती और वे रीडर के संकेत से ही ऊर्जा लेते हैं, जिससे वे सस्ते और टिकाऊ पर कम दूरी वाले होते हैं। सक्रिय टैग में बैटरी होती है और वे स्वयं दसियों मीटर तक प्रसारण करते हैं। अर्ध-निष्क्रिय टैग में चिप के लिए बैटरी होती है पर उत्तर रीडर की ऊर्जा से ही जाता है। आरएफआईडी कई बैंड में चलती है: पशु टैगिंग के लिए लगभग 125 किलोहर्ट्ज़ की निम्न आवृत्ति, पुस्तकालय की पुस्तकों तथा कार्डों के लिए 13.56 मेगाहर्ट्ज़ की उच्च आवृत्ति, और माल ढुलाई तथा पथकर संग्रह के लिए भारत में लगभग 865 से 867 मेगाहर्ट्ज़ की अति उच्च आवृत्ति। भारत का फास्टैग विंडस्क्रीन पर लगा निष्क्रिय अति उच्च आवृत्ति आरएफआईडी स्टिकर है, जिसे पथकर प्लाजा का रीडर चलते वाहन पर ही पढ़ लेता है और राशि जुड़े खाते से कट जाती है। बारकोड के विपरीत आरएफआईडी टैग को सीधी दृष्टि रेखा की जरूरत नहीं, वह थोक में पढ़ा जा सकता है और उसे दोबारा लिखा भी जा सकता है।
चारों की तुलना
| तकनीक | मानक | आवृत्ति | सामान्य सीमा | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|---|---|
| वाई-फाई | आईईईई 802.11 | 2.4, 5 और 6 गीगाहर्ट्ज़ | दसियों मीटर | वायरलेस लैन और इंटरनेट पहुंच |
| ब्लूटूथ | आईईईई 802.15.1 | 2.4 गीगाहर्ट्ज़ | लगभग 10 मीटर | हेडसेट, कीबोर्ड, फाइल अंतरण |
| एनएफसी | आईएसओ/आईईसी 14443 और 18092 | 13.56 मेगाहर्ट्ज़ | लगभग 4 सेंटीमीटर | स्पर्श भुगतान और प्रवेश कार्ड |
| आरएफआईडी | आईएसओ/आईईसी 18000 श्रेणी | 125 किलोहर्ट्ज़ से 960 मेगाहर्ट्ज़ | सेंटीमीटर से दसियों मीटर | टैगिंग, भंडार प्रबंधन, फास्टैग |
अन्य उपयोगी वायरलेस शब्द
जिगबी, आईईईई 802.15.4 पर, घरेलू स्वचालन के लिए कम ऊर्जा वाला जाल नेटवर्क बनाती है। अवरक्त, यानी रिमोट कंट्रोल की पुरानी आईआरडीए कड़ी, सीधी दृष्टि रेखा मांगती है और दीवार पार नहीं कर सकती। वाईमैक्स, आईईईई 802.16, महानगरीय क्षेत्र में वायरलेस ब्रॉडबैंड के लिए बनी थी। लाई-फाई, जिसका प्रस्ताव हेराल्ड हास ने दिया, एलईडी को आंख की पकड़ से तेज झिलमिलाकर आंकड़े भेजती है। हॉटस्पॉट और टेदरिंग फोन के मोबाइल डेटा को वाई-फाई या तार से बांटने के नाम हैं। जीपीएस उपग्रह आधारित स्थिति निर्धारण प्रणाली है और भारत की अपनी क्षेत्रीय प्रणाली नाविक है, जिसे इसरो ने बनाया। मोबाइल पीढ़ियां — जीएसएम वाली 2जी, 3जी, एलटीई वाली 4जी और 5जी — अनुज्ञप्तिधारी संचालकों के विस्तृत क्षेत्र नेटवर्क हैं, जबकि वाई-फाई और ब्लूटूथ अनुज्ञप्ति-मुक्त बैंड साझा करते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से तीन प्रकार के प्रश्न बनते हैं। पहला, तकनीक को उसके मानक या आवृत्ति से मिलाना — वाई-फाई के साथ 802.11, ब्लूटूथ के साथ 802.15.1, एनएफसी के साथ 13.56 मेगाहर्ट्ज़ और आरएफआईडी के साथ 125 किलोहर्ट्ज़ से 960 मेगाहर्ट्ज़। दूसरा, कोई एक संख्या — पिकोनेट में सात सक्रिय स्लेव, एनएफसी की लगभग चार सेंटीमीटर सीमा, वाई-फाई के 2.4 और 5 गीगाहर्ट्ज़ बैंड। तीसरा, तर्क वाला प्रश्न कि किस स्थिति में कौन-सी तकनीक उपयुक्त है, जैसे चलते वाहन पर फास्टैग या अवरक्त की दृष्टि रेखा आवश्यकता। बैंकिंग के प्रश्नपत्रों में वाई-फाई सुरक्षा का क्रम और संपर्क-रहित कार्ड भी पूछे जाते हैं। सामान्य भ्रम हैं पिकोनेट के स्लेव सात के बजाय आठ बताना, 2.4 गीगाहर्ट्ज़ के स्थान पर 2.4 मेगाहर्ट्ज़ लिख देना और फोन में दोनों के होने के कारण एनएफसी को ब्लूटूथ समझ लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| वाई-फाई मानक | आईईईई 802.11, अनुज्ञप्ति-मुक्त 2.4, 5 और 6 गीगाहर्ट्ज़ बैंड में |
|---|---|
| ब्लूटूथ मानक | आईईईई 802.15.1, 2.4 गीगाहर्ट्ज़ आईएसएम बैंड |
| ब्लूटूथ का विकास | एरिक्सन, 1994; नाम डेनमार्क के राजा हेराल्ड ब्लूटूथ पर |
| पिकोनेट का आकार | एक मास्टर और अधिकतम सात सक्रिय स्लेव |
| स्कैटरनेट | दो या अधिक परस्पर जुड़े पिकोनेट |
| एनएफसी आवृत्ति और सीमा | 13.56 मेगाहर्ट्ज़, लगभग चार सेंटीमीटर |
| एनएफसी के मोड | रीडर एवं राइटर, कार्ड एम्युलेशन, पीयर टू पीयर |
| निष्क्रिय आरएफआईडी टैग | बैटरी नहीं; बैकस्कैटर द्वारा रीडर के रेडियो संकेत से शक्ति |
| फास्टैग की तकनीक | विंडस्क्रीन पर निष्क्रिय अति उच्च आवृत्ति आरएफआईडी |
| सबसे सुदृढ़ वाई-फाई सुरक्षा | डब्ल्यूपीए3 |
| जिगबी मानक | आईईईई 802.15.4, कम ऊर्जा का जाल नेटवर्क |
| लाई-फाई | एलईडी के दृश्य प्रकाश से आंकड़ा संचार, प्रस्ताव हेराल्ड हास का |
| भारत की क्षेत्रीय नौवहन प्रणाली | नाविक, इसरो द्वारा निर्मित |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
वाई-फाई नेटवर्क निम्नलिखित में से किस आवृत्ति पर कार्य करता है?
- A.2.4 मेगाहर्ट्ज़
- B.5 मेगाहर्ट्ज़
- C.10 गीगाहर्ट्ज़
- D.5 गीगाहर्ट्ज़
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है D, 5 गीगाहर्ट्ज़। वाई-फाई अनुज्ञप्ति-मुक्त औद्योगिक, वैज्ञानिक और चिकित्सा बैंड में चलता है और उसके दो प्रमुख बैंड 2.4 गीगाहर्ट्ज़ तथा 5 गीगाहर्ट्ज़ हैं; नवीनतम उपकरणों में 6 गीगाहर्ट्ज़ भी जुड़ा है। दिए गए चार विकल्पों में केवल 5 गीगाहर्ट्ज़ ही वास्तविक वाई-फाई बैंड है, इसलिए वही उत्तर है। विकल्प A, 2.4 मेगाहर्ट्ज़, आकर्षित करता है क्योंकि 2.4 परिचित संख्या है, पर इकाई हजार गुना गलत है; 2.4 मेगाहर्ट्ज़ मध्यम और लघु तरंग रेडियो प्रसारण की सीमा में आता है, वायरलेस नेटवर्किंग की नहीं। विकल्प B, 5 मेगाहर्ट्ज़, भी लघु तरंग आवृत्ति है और वायरलेस लैन की आवश्यक बैंडविड्थ के लिए बहुत कम है। विकल्प C, 10 गीगाहर्ट्ज़, रडार और उपग्रह कड़ियों में प्रयुक्त माइक्रोवेव एक्स बैंड में आता है; कोई वाई-फाई मानक वहां नहीं चलता। परीक्षा की सीख यह है कि संख्या जितनी ध्यान से पढ़ें, इकाई भी उतनी ही ध्यान से पढ़ें।
ब्लूटूथ से कौन-सा आईईईई मानक संबंधित है?
- A.आईईईई 802.3
- B.आईईईई 802.11
- C.आईईईई 802.15.1
- D.आईईईई 802.16
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है C, आईईईई 802.15.1। 802.15 मानक समूह वायरलेस वैयक्तिक क्षेत्र नेटवर्क पर है और 802.15.1 वही है जो ब्लूटूथ विशिष्टि से लिया गया था; तकनीक का विकास अब ब्लूटूथ विशेष हित समूह करता है। विकल्प A, आईईईई 802.3, ईथरनेट है, यानी तार वाला स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क मानक जो ट्विस्टेड पेयर या फाइबर केबल पर चलता है, अतः वह वायरलेस ही नहीं है। विकल्प B, आईईईई 802.11, वाई-फाई है, जो एक्सेस पॉइंट के माध्यम से दसियों मीटर तक पहुंचने वाला वायरलेस स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क है और ब्लूटूथ के वैयक्तिक क्षेत्र से भिन्न पैमाने का है। विकल्प D, आईईईई 802.16, वाईमैक्स है, जो महानगरीय क्षेत्र में वायरलेस ब्रॉडबैंड के लिए बना। याद रखने का सरल क्रम है — 802.3 तार वाला लैन, 802.11 वाई-फाई, 802.15.1 ब्लूटूथ, 802.15.4 जिगबी और 802.16 वाईमैक्स।
एक ब्लूटूथ पिकोनेट अधिकतम कितने सक्रिय स्लेव उपकरणों को सहारा दे सकता है?
- A.तीन
- B.सात
- C.आठ
- D.सोलह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, सात। पिकोनेट में एक उपकरण मास्टर की भूमिका निभाता है और घड़ी तथा उछाल क्रम तय करता है, और उसके साथ एक समय में अधिकतम सात अन्य उपकरण सक्रिय स्लेव रह सकते हैं, जिससे पिकोनेट में कुल आठ उपकरण होते हैं। क्लासिक ब्लूटूथ में पता तीन बिट के सक्रिय सदस्य पते से दिया जाता है और तीन बिट से आठ मान बनते हैं, जिनमें से एक मास्टर के लिए आरक्षित रहता है; यही इस संख्या का गणित है। अतिरिक्त उपकरण पार्क अवस्था में रखे जा सकते हैं और स्थान खाली होने पर जोड़े जा सकते हैं। विकल्प A, तीन, बहुत कम है। विकल्प C, आठ, सबसे प्रिय भ्रम है: आठ पिकोनेट का कुल आकार है, जिसमें मास्टर भी शामिल है, स्लेव की संख्या नहीं। विकल्प D, सोलह, तीन बिट पते की अनुमति से अधिक है। जब कोई साझा उपकरण दो पिकोनेट को जोड़ देता है तो उस संयोजन को स्कैटरनेट कहते हैं।
निकट क्षेत्र संचार, यानी एनएफसी, किस आवृत्ति पर कार्य करता है?
- A.13.56 मेगाहर्ट्ज़
- B.125 किलोहर्ट्ज़
- C.2.4 गीगाहर्ट्ज़
- D.865 मेगाहर्ट्ज़
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A, 13.56 मेगाहर्ट्ज़। एनएफसी रेडियो आवृत्ति पहचान के उच्च आवृत्ति बैंड पर बना है और 13.56 मेगाहर्ट्ज़ पर दो लूप एंटीनाओं के बीच चुंबकीय प्रेरण से काम करता है, इसीलिए उपकरणों को लगभग चार सेंटीमीटर के भीतर लाना पड़ता है। विकल्प B, 125 किलोहर्ट्ज़, निम्न आवृत्ति आरएफआईडी बैंड है जो पशु टैग और पुराने प्रवेश कार्डों में प्रयुक्त होता है; उसकी पठन दूरी अधिक पर आंकड़ा अंतरण बहुत धीमा है। विकल्प C, 2.4 गीगाहर्ट्ज़, वह बैंड है जिसे वाई-फाई, ब्लूटूथ और माइक्रोवेव ओवन साझा करते हैं; उसकी पहुंच मीटरों में है, जो ऐसी तकनीक के लिए बहुत अधिक है जिसकी सुरक्षा केवल स्पर्श पर पढ़े जाने में निहित है। विकल्प D, 865 मेगाहर्ट्ज़, भारत में माल ढुलाई तथा विंडस्क्रीन के फास्टैग के लिए आवंटित अति उच्च आवृत्ति आरएफआईडी बैंड है। एनएफसी और उच्च आवृत्ति आरएफआईडी कार्ड, दोनों के लिए 13.56 मेगाहर्ट्ज़ याद रख लेना कई प्रश्न एक साथ हल कर देता है।
निष्क्रिय आरएफआईडी टैग को आवश्यक ऊर्जा कहां से मिलती है?
- A.भीतरी लिथियम बैटरी से
- B.रीडर के रेडियो संकेत से
- C.टैग पर लगे सौर सेल से
- D.पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, रीडर के रेडियो संकेत से। निष्क्रिय टैग केवल एक चिप और एंटीना होता है। जब वह रीडर के क्षेत्र में आता है तो आती हुई रेडियो तरंगें एंटीना में धारा प्रेरित करती हैं, वह धारा क्षण भर के लिए चिप को शक्ति देती है और चिप परावर्तित संकेत में परिवर्तन करके उत्तर देता है, जिसे बैकस्कैटर कहते हैं। बैटरी न होने से टैग बहुत सस्ता पड़ता है, स्टिकर के रूप में छापा जा सकता है और वर्षों चलता है, पर उसकी पठन दूरी कम रहती है और वह स्वयं बातचीत आरंभ नहीं कर सकता। विकल्प A सक्रिय टैग का वर्णन है, जिसमें बैटरी होती है और जो दसियों मीटर तक स्वयं प्रसारण करता है; उसका प्रयोग माल कंटेनरों और वाहनों पर होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सौर सेल को प्रकाश चाहिए, जो डिब्बे के भीतर रखे या पुस्तकालय की पुस्तक पर लगे टैग के लिए निरर्थक है। विकल्प D गलत है क्योंकि पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र इतना क्षीण और स्थिर है कि उससे न शक्ति मिलती है न आंकड़े जाते हैं।
इलेक्ट्रॉनिक पथकर संग्रह के लिए भारत की फास्टैग प्रणाली किस तकनीक पर आधारित है?
- A.ब्लूटूथ लो एनर्जी
- B.निष्क्रिय अति उच्च आवृत्ति आरएफआईडी
- C.अवरक्त आंकड़ा कड़ी
- D.केवल वैश्विक स्थिति निर्धारण प्रणाली
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, निष्क्रिय अति उच्च आवृत्ति आरएफआईडी। फास्टैग बैटरी रहित आरएफआईडी स्टिकर है, जो विंडस्क्रीन के भीतर चिपकाया जाता है। पथकर प्लाजा पर ऊपर लगा रीडर उसे ऊर्जा देता है, पहचान संख्या पढ़ता है, उसे जुड़े प्रीपेड बटुए या बैंक खाते से मिलाता है और वाहन चलते-चलते पथकर काट लेता है। अति उच्च आवृत्ति बैंड इसीलिए चुना गया है क्योंकि उसे गति में कई मीटर दूर से पढ़ा जा सकता है। विकल्प A, ब्लूटूथ लो एनर्जी, में युग्मन आवश्यक है और वह व्यक्तिगत उपकरणों के लिए है, प्लाजा पर खड़े किसी अपरिचित रीडर के लिए नहीं। विकल्प C, अवरक्त कड़ी, सीधी दृष्टि रेखा मांगती है और वर्षा, धूल तथा धूप में असफल हो जाती है, अतः राजमार्ग के लिए अनुपयुक्त है। विकल्प D गलत है क्योंकि उपग्रह स्थिति निर्धारण वाहन का स्थान बताता है पर स्वयं उसे पहचानकर शुल्क नहीं ले सकता, हालांकि उपग्रह आधारित पथकर अगले चरण के रूप में परखा जा रहा है।
ब्लूटूथ तकनीक का नाम किस पर रखा गया है?
- A.लड़ते कबीलों को एक करने वाले डेनमार्क के एक राजा पर
- B.पहले वायरलेस हेडसेट के आविष्कारक पर
- C.नीले रंग के दांत जैसे एंटीना पर
- D.स्वीडन के उस नगर पर जहां इसका आविष्कार हुआ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A, लड़ते कबीलों को एक करने वाले डेनमार्क के एक राजा पर। यह तकनीक दसवीं शताब्दी के डेनमार्क के राजा हेराल्ड गोर्मसन पर नामित है, जिनका उपनाम ब्लूटूथ था और जिन्होंने डेनिश कबीलों को एक शासन में बांधा। एरिक्सन के वे अभियंता, जो तारों की जगह रेडियो कड़ी बना रहे थे, यह नाम इसीलिए चुने क्योंकि उनका उद्देश्य भी वही था — ऐसे उपकरणों को जोड़ना जो आपस में बात नहीं कर पाते थे; प्रसिद्ध प्रतीक चिह्न राजा के आदि अक्षरों की रूनों का संयोजन है। विकल्प B गलत है क्योंकि इस नाम का कोई आविष्कारक नहीं है; रेडियो अभिकल्प का श्रेय सामान्यतः याप हार्टसन को दिया जाता है। विकल्प C लोकप्रचलित कल्पना है, जिसका कोई आधार नहीं, क्योंकि एंटीना का ऐसा आकार या रंग नहीं होता। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्य स्वीडन के लुंड में एरिक्सन में हुआ था, पर नाम डेनमार्क के राजा के सम्मान में है और वह किसी स्थान का नाम नहीं है।
वाई-फाई नेटवर्क के लिए निम्नलिखित में से सबसे सुदृढ़ सुरक्षा प्रोटोकॉल कौन-सा है?
- A.डब्ल्यूईपी
- B.डब्ल्यूपीए
- C.डब्ल्यूपीए2
- D.डब्ल्यूपीए3
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है D, डब्ल्यूपीए3। चारों में डब्ल्यूपीए3 सबसे नया और सबसे सुदृढ़ है; यह पुराने पूर्व-साझा कुंजी हस्तमिलाप के स्थान पर समतुल्यों के समकालिक प्रमाणीकरण की विधि लाता है, जिससे पासवर्ड का ऑफलाइन अनुमान लगाना कठिन हो जाता है, और यह खुले नेटवर्क पर भी यातायात को कूटबद्ध करता है। विकल्प A, डब्ल्यूईपी, यानी वायर्ड इक्विवैलेंट प्राइवेसी, सबसे पुराना और पूरी तरह टूटा हुआ है; उसका छोटा आरंभन सदिश आक्रमणकारी को पकड़े गए यातायात से मिनटों में कुंजी निकालने देता है, इसलिए उसका प्रयोग कभी नहीं करना चाहिए। विकल्प B, डब्ल्यूपीए, एक अंतरिम उपाय था जिसने पुराने उपकरणों पर टीकेआईपी कुंजी मिश्रण जोड़ा और जो अब कमजोर पाया गया है। विकल्प C, डब्ल्यूपीए2, एईएस आधारित कूटलेखन लाया और आज भी व्यापक रूप से प्रयुक्त तथा पर्याप्त सुरक्षित है, पर वह कुंजी पुनःस्थापन शैली के आक्रमण और ऑफलाइन पासवर्ड अनुमान के प्रति असुरक्षित है, और डब्ल्यूपीए3 इसी को रोकने के लिए बना। सुदृढ़ता का क्रम है डब्ल्यूईपी, फिर डब्ल्यूपीए, फिर डब्ल्यूपीए2, फिर डब्ल्यूपीए3।
कौन-सी वायरलेस तकनीक दोनों उपकरणों के बीच सीधी दृष्टि रेखा मांगती है और दीवार के आर-पार नहीं जा सकती?
- A.ब्लूटूथ
- B.अवरक्त
- C.वाई-फाई
- D.जिगबी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, अवरक्त। अवरक्त संचार, यानी टेलीविजन रिमोट और पुराने मोबाइल फोनों की आईआरडीए कड़ी, दृश्य स्पेक्ट्रम के लाल सिरे से तुरंत आगे के प्रकाश का प्रयोग करती है। इस तरंगदैर्घ्य का प्रकाश किसी भी अपारदर्शी वस्तु से रुक जाता है, इसलिए प्रेषक और ग्राही को बीच में कुछ न रखते हुए एक-दूसरे की ओर मुख करना पड़ता है और सीमा एक-दो मीटर ही रहती है। विकल्प A, ब्लूटूथ, 2.4 गीगाहर्ट्ज़ की रेडियो तरंगें प्रयोग करता है जो सामान्य दीवारों के आर-पार निकल जाती हैं, इसीलिए जेब में रखे फोन से हेडसेट चलता रहता है। विकल्प C, वाई-फाई, भी रेडियो पर है और 2.4 गीगाहर्ट्ज़ बैंड इसीलिए चुना जाता है क्योंकि वह 5 गीगाहर्ट्ज़ से बेहतर दीवार भेदता है। विकल्प D, जिगबी, 802.15.4 पर कम ऊर्जा का रेडियो जाल है, जिसे बाधाओं के चारों ओर नोड से नोड तक संकेत पहुंचाने के लिए बनाया गया है। अवरक्त की यही दृष्टि रेखा आवश्यकता वह कारण है जिससे उपकरण जोड़ने में ब्लूटूथ ने उसका स्थान ले लिया।
भीड़भाड़ वाले 2.4 गीगाहर्ट्ज़ बैंड में व्यवधान घटाने के लिए ब्लूटूथ कौन-सी तकनीक अपनाता है?
- A.एक स्थिर चैनल पर समय विभाजन बहुसंकेतन
- B.आवृत्ति उछाल विस्तारित स्पेक्ट्रम
- C.तरंगदैर्घ्य विभाजन बहुसंकेतन
- D.अनुज्ञप्ति वाले बैंड पर आयाम मॉडुलन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, आवृत्ति उछाल विस्तारित स्पेक्ट्रम। ब्लूटूथ कड़ी एक ही आवृत्ति पर नहीं रहती। मास्टर और स्लेव एक छद्म यादृच्छिक क्रम पर सहमत होते हैं और 2.4 गीगाहर्ट्ज़ बैंड के संकरे चैनलों के बीच प्रति सेकंड कई सौ बार साथ-साथ उछलते रहते हैं। यदि कोई चैनल किसी वाई-फाई नेटवर्क या माइक्रोवेव ओवन ने घेर रखा हो तो केवल उसी पर पड़े पैकेट नष्ट होते हैं और अगली उछाल पर दोबारा भेजे जाते हैं; और जो छिपकर सुन रहा है, वह क्रम न जानने के कारण बातचीत का पीछा नहीं कर सकता। विकल्प A गलत है क्योंकि एक स्थिर चैनल पर टिकना ही वह बात है जिसे उछाल टालता है। विकल्प C, तरंगदैर्घ्य विभाजन बहुसंकेतन, प्रकाशिक तंतु की तकनीक है जिसमें लेजर प्रकाश के कई रंग एक ही तंतु साझा करते हैं; रेडियो में उसका स्थान नहीं। विकल्प D दोनों दृष्टि से गलत है: ब्लूटूथ अंकीय मॉडुलन करता है, सादा आयाम मॉडुलन नहीं, और वह अनुज्ञप्ति-मुक्त बैंड में चलता है जिसके लिए स्पेक्ट्रम अनुज्ञप्ति नहीं चाहिए।
छपे बारकोड की तुलना में आरएफआईडी टैग का लाभ निम्नलिखित में से कौन-सा है?
- A.वह बारकोड से छापने में सस्ता पड़ता है
- B.उसे सीधी दृष्टि रेखा के बिना और एक साथ अनेक टैग पढ़े जा सकते हैं
- C.वह केवल एक स्थिर क्रम संख्या रख सकता है
- D.वह केवल तब काम करता है जब वस्तु स्थिर हो
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है B, उसे सीधी दृष्टि रेखा के बिना और एक साथ अनेक टैग पढ़े जा सकते हैं। बारकोड को स्कैनर के सामने सीधा रखना पड़ता है, एक बार में एक ही वस्तु पढ़ी जाती है और फटा या मैला लेबल काम नहीं करता। आरएफआईडी टैग गत्ते, कपड़े और प्लास्टिक के आर-पार रेडियो संकेत का उत्तर देता है, इसलिए पूरा डिब्बा या पुस्तकालय की पूरी अलमारी एक ही बार में गिनी जा सकती है और पथकर द्वार पर वाहन को रुकना नहीं पड़ता। विकल्प A गलत है क्योंकि छपे बारकोड की लागत लगभग शून्य है जबकि सस्ते निष्क्रिय टैग की भी लागत कुछ रुपये पड़ती है, और यही लागत वह मुख्य कारण है जिससे कम मूल्य के सामान पर बारकोड बना हुआ है। विकल्प C गलत है और वस्तुतः गुण के उलट है: अनेक आरएफआईडी टैग पुनर्लेखनीय होते हैं, इसलिए माल की यात्रा के दौरान उनका आंकड़ा बदला जा सकता है। विकल्प D गलत है क्योंकि चलती वस्तु पर टैग पढ़ना इस तकनीक के विशिष्ट उपयोगों में है, जैसा फास्टैग दिखाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एनएफसी और ब्लूटूथ में क्या अंतर है?
एनएफसी 13.56 मेगाहर्ट्ज़ पर लगभग चार सेंटीमीटर तक चलता है, उसमें युग्मन की आवश्यकता नहीं होती और ऊर्जा लगभग शून्य लगती है, जो स्पर्श भुगतान या कार्ड पठन के लिए उपयुक्त है। ब्लूटूथ 2.4 गीगाहर्ट्ज़ पर लगभग दस मीटर तक चलता है, उसमें युग्मन आवश्यक है और वह सतत धारा सहारता है, जो हेडसेट और फाइल अंतरण के लिए उपयुक्त है। अनेक फोनों में एनएफसी का स्पर्श उसी ब्लूटूथ कड़ी को जोड़ने में काम आता है जो बाद में ध्वनि ढोती है।
निष्क्रिय और सक्रिय आरएफआईडी टैग में क्या अंतर है?
निष्क्रिय टैग में बैटरी नहीं होती; रीडर का संकेत चिप को शक्ति देता है और टैग उसी संकेत को परावर्तित करके उत्तर देता है, इसलिए वह सस्ता, पतला और टिकाऊ होता है पर कम दूरी से ही पढ़ा जाता है। सक्रिय टैग में अपनी बैटरी होती है, वह स्वयं प्रसारण करता है और दसियों मीटर दूर से पढ़ा जा सकता है, इसलिए उसका प्रयोग कंटेनरों, वाहनों और मूल्यवान संपत्तियों पर होता है।
वाई-फाई में 2.4 गीगाहर्ट्ज़ धीमा पर अधिक दूरी वाला क्यों है?
कम आवृत्ति की तरंगदैर्घ्य अधिक होती है, जो बाधाओं के चारों ओर मुड़ जाती है और दीवारों से कम हानि के साथ निकलती है, इसलिए संकेत दूर तक पहुंचता है। पर 2.4 गीगाहर्ट्ज़ बैंड संकरा है, उसमें केवल तीन अतिव्यापी-रहित चैनल हैं और उसे ब्लूटूथ तथा माइक्रोवेव ओवन भी साझा करते हैं, इसलिए आंकड़ों के लिए जगह कम और व्यवधान अधिक रहता है। 5 गीगाहर्ट्ज़ बैंड में चैनल बहुत अधिक हैं, अतः कम दूरी पर गति ऊंची रहती है।
क्या वाई-फाई और इंटरनेट एक ही चीज हैं?
नहीं। वाई-फाई केवल उपकरण और राउटर या एक्सेस पॉइंट के बीच की अंतिम वायरलेस कड़ी है। उस राउटर के पीछे का इंटरनेट संपर्क फाइबर लाइन, केबल या मोबाइल नेटवर्क हो सकता है। कोई उपकरण पूरे संकेत के साथ वाई-फाई से जुड़ा रहकर भी इंटरनेट से वंचित रह सकता है, यदि राउटर के पीछे की कड़ी बंद हो।
फास्टैग कैसे काम करता है?
विंडस्क्रीन पर लगा निष्क्रिय अति उच्च आवृत्ति आरएफआईडी स्टिकर एक अद्वितीय संख्या रखता है, जो प्रीपेड बटुए या बैंक खाते से जुड़ी होती है। पथकर प्लाजा का रीडर टैग को ऊर्जा देता है, संख्या पढ़ता है, वाहन की श्रेणी जांचता है और वाहन के गुजरते ही पथकर काट लेता है, जिससे नकद का लेनदेन नहीं होता और कतार चलती रहती है।
ब्लूजैकिंग और ब्लूस्नार्फिंग क्या हैं?
ब्लूजैकिंग निकट के किसी ऐसे ब्लूटूथ उपकरण को अनचाहा संदेश भेजना है जिसे दृश्य छोड़ दिया गया हो; यह चोरी से अधिक एक परेशानी है। ब्लूस्नार्फिंग अधिक गंभीर आक्रमण है, जिसमें ऐसे उपकरण से संपर्क सूची, संदेश या फाइलें बिना अनुमति उतार ली जाती हैं। उपकरण को अदृश्य रखना और अपरिचित युग्मन अनुरोध ठुकरा देना दोनों को रोक देता है।
स्रोत
- वायरलेस लैन के लिए आईईईई 802.11 मानक — आईईईई स्टैंडर्ड्स एसोसिएशन
- ब्लूटूथ कोर स्पेसिफिकेशन — ब्लूटूथ स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप
- राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक पथकर संग्रह कार्यक्रम और फास्टैग — भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम
- राष्ट्रीय आवृत्ति आवंटन योजना — दूरसंचार विभाग, संचार मंत्रालय





