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सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम: प्रकार, कार्य और प्रश्नोत्तर

सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम पर पूरे नोट्स: सिस्टम तथा एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर, ओएस के कार्य व प्रकार, कर्नेल, बूटिंग, शेड्यूलिंग और वर्चुअल मेमोरी।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम: प्रकार, कार्य और प्रश्नोत्तर — GK24 title card
सॉफ्टवेयर और ऑपरेटिंग सिस्टम: प्रकार, कार्य और प्रश्नोत्तर — GK24 title card

कंप्यूटर दो हिस्सों से मिलकर बनता है। जिसे छुआ जा सकता है वह हार्डवेयर है और जो निर्देशों का समूह मशीन को बताता है कि क्या करना है वह सॉफ्टवेयर है। कंप्यूटर जागरूकता में विंडोज, लिनक्स, एंड्रॉयड, बूटिंग या मेमोरी प्रबंधन से जुड़ा हर प्रश्न इसी विभाजन के भीतर आता है, इसलिए शब्दावली पहले स्पष्ट कर लेना उचित है। सॉफ्टवेयर अमूर्त होता है, किसी प्रोग्रामिंग भाषा में लिखा जाता है और कैबिनेट खोले बिना ही उसकी प्रति बनाई, अद्यतन या मिटाई जा सकती है।

सॉफ्टवेयर के दो परिवार

सॉफ्टवेयर को सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर में बाँटा जाता है। सिस्टम सॉफ्टवेयर मशीन को स्वयं चलाता है, जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर, भाषा अनुवादक और यूटिलिटी प्रोग्राम। एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता का काम करता है, जैसे वर्ड प्रोसेसर, स्प्रेडशीट, ब्राउज़र या बिलिंग पैकेज। तीसरा शब्द फर्मवेयर इन दोनों के बीच आता है, यह चिप में स्थायी रूप से लिखा सॉफ्टवेयर है, जैसे मदरबोर्ड का बायोस, और इसके बिना मशीन चालू ही नहीं हो सकती।

भाषा अनुवादक सिस्टम सॉफ्टवेयर में आते हैं और परीक्षा में बार-बार पूछे जाते हैं। असेंबलर असेंबली भाषा को मशीन कोड में बदलता है। कंपाइलर पूरे उच्च स्तरीय प्रोग्राम का एक बार में अनुवाद करता है और सारी त्रुटियाँ एक साथ बताता है। इंटरप्रेटर एक-एक पंक्ति का अनुवाद करके उसे तुरंत चलाता है, इसलिए पहली त्रुटि पर ही रुक जाता है। लिंकर ऑब्जेक्ट मॉड्यूलों को जोड़ता है और लोडर प्रोग्राम को निष्पादन के लिए मुख्य मेमोरी में रखता है।

ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य

ऑपरेटिंग सिस्टम वह सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो उपयोगकर्ता और हार्डवेयर के बीच सेतु का काम करता है। यह सबसे पहले लोड होता है और मशीन चालू रहने तक मेमोरी में बना रहता है। इसके प्रमुख कार्य हैं प्रक्रिया प्रबंधन, मेमोरी प्रबंधन, फाइल प्रबंधन, डिवाइस प्रबंधन, सुरक्षा और जॉब शेड्यूलिंग। यही उपयोगकर्ता इंटरफेस भी देता है, जो कमांड लाइन इंटरफेस हो सकता है, जिसमें आदेश टाइप करने पड़ते हैं, या ग्राफिकल यूजर इंटरफेस, जिसमें विंडो, आइकन, मेनू और पॉइंटर होते हैं।

ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रकार

बैच ऑपरेटिंग सिस्टम एक जैसे कार्यों को समूह में लेकर बिना उपयोगकर्ता के हस्तक्षेप के चलाता है। मल्टीप्रोग्रामिंग प्रणाली कई प्रोग्राम मेमोरी में रखती है ताकि प्रोसेसर खाली न बैठे। टाइम शेयरिंग या मल्टीटास्किंग प्रणाली हर उपयोगकर्ता को बारी-बारी से प्रोसेसर समय का छोटा हिस्सा देती है। रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम निश्चित समय सीमा में उत्तर देने की गारंटी देता है और मिसाइल नियंत्रण, चिकित्सा उपकरण तथा औद्योगिक संयंत्रों में प्रयुक्त होता है। वितरित ऑपरेटिंग सिस्टम कई जुड़े कंप्यूटरों में काम बाँटता है और नेटवर्क ऑपरेटिंग सिस्टम सर्वर, प्रिंटर तथा साझा फाइलों को सँभालता है।

कर्नेल, बूटिंग और शेड्यूलिंग

कर्नेल ऑपरेटिंग सिस्टम का केंद्रीय भाग है जो सदा मुख्य मेमोरी में रहता है और प्रोसेसर, मेमोरी तथा डिवाइसों को नियंत्रित करता है। मोनोलिथिक कर्नेल सभी सेवाएँ एक ही खंड में रखता है, जबकि माइक्रोकर्नेल केवल आवश्यक सेवाएँ भीतर रखता है। शेल बाहरी परत है जो उपयोगकर्ता का आदेश लेकर कर्नेल तक पहुँचाती है।

बूटिंग कंप्यूटर को चालू करने और ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मेमोरी में लाने की प्रक्रिया है। बंद मशीन को चालू करना कोल्ड बूट और चालू मशीन को पुनः आरंभ करना वार्म बूट कहलाता है। आरंभ में बायोस पावर ऑन सेल्फ टेस्ट चलाता है, जो हार्डवेयर की जाँच करता है, और फिर बूटस्ट्रैप लोडर ऑपरेटिंग सिस्टम को डिस्क से लाता है।

शेड्यूलिंग तय करती है कि तैयार प्रक्रियाओं में किसे प्रोसेसर मिलेगा। फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व्ड आगमन के क्रम में सेवा देती है, शॉर्टेस्ट जॉब फर्स्ट सबसे कम समय वाली प्रक्रिया चुनती है और राउंड रॉबिन हर प्रक्रिया को निश्चित टाइम क्वांटम देकर चक्र में चलाती है, जिसे टाइम शेयरिंग प्रणाली अपनाती है। जब दो प्रक्रियाएँ एक-दूसरे का संसाधन पकड़े रहें और कोई न छोड़े तो उसे डेडलॉक कहते हैं।

मेमोरी, फाइल और प्रसिद्ध नाम

वर्चुअल मेमोरी में ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क के एक भाग को मुख्य मेमोरी की तरह प्रयोग करता है, जिससे रैम से बड़ा प्रोग्राम भी चल जाता है; निश्चित आकार के खंडों को डिस्क और मेमोरी के बीच ले जाने की विधि पेजिंग है और अत्यधिक पेजिंग से काम ठप होने की स्थिति थ्रैशिंग कहलाती है। स्पूलिंग में प्रिंटर जैसे धीमे उपकरणों का आउटपुट डिस्क पर कतार में रखा जाता है। फाइल सिस्टम तय करता है कि डिस्क पर आँकड़े कैसे रखे जाएँ; एफएटी32 और एनटीएफएस विंडोज के हैं तथा ext4 लिनक्स का। यूनिक्स 1969 में बेल प्रयोगशाला में केन थॉम्पसन और डेनिस रिची ने बनाया, लिनक्स 1991 में लिनस टोरवाल्ड्स ने जारी किया जो मुक्त स्रोत है, एमएस-डॉस एकल उपयोगकर्ता कमांड लाइन प्रणाली थी और एंड्रॉयड लिनक्स कर्नेल पर बना है।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय से परीक्षक चार तरह के प्रश्न बनाते हैं। पहला, वर्गीकरण: दिया गया प्रोग्राम सिस्टम सॉफ्टवेयर है या एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर, और कंपाइलर, डिवाइस ड्राइवर या ब्राउज़र किस वर्ग में आएगा। दूसरा, परिभाषाएँ: कर्नेल, शेल, बूटिंग, स्पूलिंग, थ्रैशिंग, डेडलॉक और वर्चुअल मेमोरी का एक पंक्ति का अर्थ। तीसरा, जोड़े: एफएटी32 तथा एनटीएफएस के साथ विंडोज, ext4 के साथ लिनक्स, पोस्ट के साथ बायोस, राउंड रॉबिन के साथ टाइम शेयरिंग। चौथा, नाम और वर्ष: यूनिक्स 1969 बेल प्रयोगशाला, लिनक्स 1991 लिनस टोरवाल्ड्स, एंड्रॉयड लिनक्स कर्नेल पर। सामान्य भूलें हैं कंपाइलर और इंटरप्रेटर को मिला देना, कोल्ड बूट तथा वार्म बूट में भ्रम, और यूटिलिटी या ड्राइवर को एप्लिकेशन मान लेना।

महत्वपूर्ण तथ्य

सॉफ्टवेयर के दो वर्गसिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर
ऑपरेटिंग सिस्टम का केंद्रीय भागकर्नेल
आदेश लेने वाली बाहरी परतशेल
चालू होते समय हार्डवेयर जाँचपोस्ट, अर्थात पावर ऑन सेल्फ टेस्ट, जिसे बायोस चलाता है
कोल्ड बूटबंद पड़े कंप्यूटर को चालू करना
वार्म बूटचालू कंप्यूटर को पुनः आरंभ करना
टाइम शेयरिंग की शेड्यूलिंगराउंड रॉबिन, निश्चित टाइम क्वांटम के साथ
डिस्क का मुख्य मेमोरी की तरह प्रयोगवर्चुअल मेमोरी, जो पेजिंग से लागू होती है
अत्यधिक पेजिंगथ्रैशिंग
धीमे उपकरणों के लिए कतारस्पूलिंग
विंडोज के फाइल सिस्टमएफएटी32 और एनटीएफएस
यूनिक्सबेल प्रयोगशाला, 1969, केन थॉम्पसन और डेनिस रिची
लिनक्स1991 में लिनस टोरवाल्ड्स द्वारा जारी, मुक्त और खुला स्रोत
एंड्रॉयडलिनक्स कर्नेल पर आधारित
इनके लिए उपयोगी:SSCSSC CGLSSC CHSLSSC MTSबैंकिंगIBPSSBIRRB NTPC

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.कंप्यूटर ज्ञानआसान

ऑपरेटिंग सिस्टम का वह केंद्रीय भाग कौन सा है जो सदैव मुख्य मेमोरी में बना रहता है?

  1. A.शेल
  2. B.कर्नेल
  3. C.कंपाइलर
  4. D.लोडर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्नेल

व्याख्या

सही उत्तर है B, कर्नेल। कर्नेल ऑपरेटिंग सिस्टम का केंद्रीय भाग है, जो बूट के समय लोड होता है और जब तक कंप्यूटर चालू रहता है तब तक मुख्य मेमोरी में बना रहता है। यही प्रोसेसर को नियंत्रित करता है, मेमोरी आवंटित करता है, फाइलें सँभालता है तथा इनपुट और आउटपुट उपकरण चलाता है, और हर दूसरा प्रोग्राम इसी के माध्यम से हार्डवेयर तक पहुँचता है।

विकल्प A, शेल, ऑपरेटिंग सिस्टम की बाहरी परत है; यह उपयोगकर्ता का टाइप किया आदेश लेकर कर्नेल तक पहुँचाती है, पर यह केंद्रीय भाग नहीं है। विकल्प C, कंपाइलर, एक भाषा अनुवादक है जो उच्च स्तरीय प्रोग्राम को मशीन कोड में बदलता है; यह सिस्टम सॉफ्टवेयर तो है पर ऑपरेटिंग सिस्टम का केंद्र नहीं। विकल्प D, लोडर, वह प्रोग्राम है जो निष्पादन से ठीक पहले फाइल को मुख्य मेमोरी में रखता है, अतः वह छोटी उपयोगिता है।

Q2.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

वह सॉफ्टवेयर कौन सा है जो चिप में स्थायी रूप से संग्रहीत रहता है और जिसके बिना कोई अन्य प्रोग्राम नहीं चल सकता?

  1. A.एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर
  2. B.यूटिलिटी सॉफ्टवेयर
  3. C.फर्मवेयर
  4. D.फ्रीवेयर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. फर्मवेयर

व्याख्या

सही उत्तर है C, फर्मवेयर। फर्मवेयर वह सॉफ्टवेयर है जो निर्माण के समय ही रीड ओनली मेमोरी चिप में स्थायी रूप से लिख दिया जाता है। मदरबोर्ड का बायोस इसका मानक उदाहरण है, क्योंकि मशीन चालू होते ही प्रोसेसर सबसे पहले यही कोड चलाता है, वह पावर ऑन सेल्फ टेस्ट करता है और फिर बूटस्ट्रैप लोडर को बुलाता है।

विकल्प A, एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर, उपयोगकर्ता के किसी काम के लिए लिखा जाता है और ऑपरेटिंग सिस्टम लोड होने के बाद ही चलता है। विकल्प B, यूटिलिटी सॉफ्टवेयर, में एंटीवायरस, डिस्क डीफ्रैगमेंटर और फाइल संपीडक आते हैं; ये सिस्टम सॉफ्टवेयर हैं पर डिस्क पर रहते हैं, चिप में नहीं। विकल्प D, फ्रीवेयर, केवल मूल्य बताता है, स्थान नहीं; फ्रीवेयर निःशुल्क वितरित सॉफ्टवेयर है और किसी भी प्रकार का हो सकता है।

Q3.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

कौन सी शेड्यूलिंग विधि हर प्रक्रिया को चक्र में निश्चित समय खंड देती है और इसीलिए टाइम शेयरिंग प्रणाली में प्रयुक्त होती है?

  1. A.फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व्ड
  2. B.शॉर्टेस्ट जॉब फर्स्ट
  3. C.राउंड रॉबिन
  4. D.प्राथमिकता शेड्यूलिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. राउंड रॉबिन

व्याख्या

सही उत्तर है C, राउंड रॉबिन। राउंड रॉबिन शेड्यूलिंग में हर तैयार प्रक्रिया को निश्चित अवधि, जिसे टाइम क्वांटम कहते हैं, के लिए प्रोसेसर मिलता है और अवधि समाप्त होते ही वह प्रक्रिया कतार के अंत में चली जाती है तथा अगली को अवसर मिलता है। चूँकि हर उपयोगकर्ता को थोड़े और निश्चित समय में बारी मिल जाती है, टाइम शेयरिंग प्रणाली के लिए यही उपयुक्त है।

विकल्प A, फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व्ड, प्रक्रियाओं को आगमन के क्रम में ही सेवा देती है, इसलिए कतार के आगे खड़ा एक लंबा कार्य सबको रोक देता है। विकल्प B, शॉर्टेस्ट जॉब फर्स्ट, सबसे कम बर्स्ट समय वाली प्रक्रिया चुनती है, जिससे औसत प्रतीक्षा कम होती है पर लंबी प्रक्रियाएँ भूखी रह जाती हैं। विकल्प D, प्राथमिकता शेड्यूलिंग, सबसे ऊँची प्राथमिकता वाली प्रक्रिया चुनती है और निम्न प्राथमिकता वाले कार्य अटक सकते हैं।

Q4.कंप्यूटर ज्ञानआसान

यूनिक्स ऑपरेटिंग सिस्टम 1969 में किस संस्था में विकसित किया गया था?

  1. A.बेल प्रयोगशाला
  2. B.आईबीएम
  3. C.माइक्रोसॉफ्ट
  4. D.एप्पल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बेल प्रयोगशाला

व्याख्या

सही उत्तर है A, बेल प्रयोगशाला। यूनिक्स 1969 में बेल प्रयोगशाला में केन थॉम्पसन और डेनिस रिची ने विकसित किया था और आगे चलकर यही लगभग हर बहु उपयोगकर्ता ऑपरेटिंग सिस्टम का आदर्श बना। डेनिस रिची ने बाद में सी भाषा बनाई, जिसमें यूनिक्स को पुनः लिखा गया, इसी कारण परीक्षा में ये दोनों नाम साथ पूछे जाते हैं।

विकल्प B, आईबीएम, ने मेनफ्रेम के लिए अपने ऑपरेटिंग सिस्टम बनाए और बाद में पीसी डॉस बेचा, पर यूनिक्स नहीं बनाया। विकल्प C, माइक्रोसॉफ्ट, की स्थापना 1975 में हुई, अर्थात यूनिक्स के छह वर्ष बाद, और उसका संबंध एमएस-डॉस तथा विंडोज से है। विकल्प D, एप्पल, ने ग्राफिकल इंटरफेस वाला मैकिन्टोश ऑपरेटिंग सिस्टम बनाया; उसकी आधुनिक प्रणाली यूनिक्स आधारित अवश्य है, पर मूल यूनिक्स एप्पल ने नहीं बनाया।

Q5.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

वह स्थिति जिसमें दो प्रक्रियाएँ एक-दूसरे का आवश्यक संसाधन पकड़े रहती हैं और कोई आगे नहीं बढ़ पाती, क्या कहलाती है?

  1. A.थ्रैशिंग
  2. B.डेडलॉक
  3. C.स्पूलिंग
  4. D.विखंडन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डेडलॉक

व्याख्या

सही उत्तर है B, डेडलॉक। डेडलॉक वह अवस्था है जिसमें समूह की हर प्रक्रिया ऐसे संसाधन की प्रतीक्षा कर रही होती है जो उसी समूह की दूसरी प्रक्रिया पकड़े हुए है, इसलिए ऑपरेटिंग सिस्टम के हस्तक्षेप के बिना कोई आगे नहीं बढ़ सकती। इसके लिए म्युचुअल एक्सक्लूजन, होल्ड एंड वेट, नो प्रीएम्पशन और सर्कुलर वेट चारों शर्तें एक साथ होनी चाहिए।

विकल्प A, थ्रैशिंग, भिन्न समस्या है, जिसमें प्रणाली लगभग सारा समय डिस्क और मेमोरी के बीच पेज बदलने में लगाती है और उपयोगी काम नहीं हो पाता। विकल्प C, स्पूलिंग, दोष नहीं बल्कि उपयोगी तकनीक है, जिसमें प्रिंटर जैसे धीमे उपकरण का आउटपुट डिस्क पर कतार में रखा जाता है। विकल्प D, विखंडन, में खाली मेमोरी या डिस्क स्थान छोटे-छोटे अनुपयोगी टुकड़ों में बँट जाता है, जिससे स्थान व्यर्थ होता है पर प्रक्रियाएँ रुकती नहीं।

Q6.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा फाइल सिस्टम लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम में प्रयोग होता है?

  1. A.एनटीएफएस
  2. B.एफएटी32
  3. C.ext4
  4. D.एक्सफैट
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ext4

व्याख्या

सही उत्तर है C, ext4। एक्सटेंडेड फाइल सिस्टम परिवार, जिसका प्रचलित सदस्य ext4 है, लिनक्स के लिए बनाया गया था और लिनक्स डिस्क पर फाइलें रखने तथा नाम देने की यही मानक व्यवस्था है। यह बड़े आकार के वॉल्यूम और बड़ी फाइलें सँभालता है तथा जर्नल रखता है, जिससे अचानक बंद होने के बाद डिस्क शीघ्र ठीक हो जाती है।

विकल्प A, एनटीएफएस, माइक्रोसॉफ्ट का न्यू टेक्नोलॉजी फाइल सिस्टम है, जो विंडोज एनटी शृंखला के लिए आया और आधुनिक विंडोज में प्रयुक्त होता है। विकल्प B, एफएटी32, विंडोज का पुराना फाइल एलोकेशन टेबल प्रारूप है, जो अब भी मेमोरी कार्ड तथा पेन ड्राइव में मिलता है और चार गीगाबाइट से बड़ी एक फाइल नहीं रख सकता। विकल्प D, एक्सफैट, भी माइक्रोसॉफ्ट का ही प्रारूप है, जो उसी सीमा को दूर करने के लिए फ्लैश संग्रहण हेतु बनाया गया।

Q7.कंप्यूटर ज्ञानआसान

पहले से चालू कंप्यूटर को पुनः आरंभ करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?

  1. A.कोल्ड बूट
  2. B.वार्म बूट
  3. C.लॉग इन
  4. D.फॉर्मेटिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वार्म बूट

व्याख्या

सही उत्तर है B, वार्म बूट। वार्म बूट, जिसे सॉफ्ट बूट भी कहते हैं, पहले से चल रहे कंप्यूटर को पुनः आरंभ करना है, जो प्रायः ऑपरेटिंग सिस्टम के रीस्टार्ट विकल्प या रीसेट कुंजी संयोजन से किया जाता है। इसमें बिजली की आपूर्ति नहीं टूटती और आरंभिक हार्डवेयर जाँच का कुछ भाग छोड़ दिया जाता है, इसलिए यह बंद मशीन चालू करने से तेज होता है।

विकल्प A, कोल्ड बूट, इसका उल्टा है, जिसमें पूरी तरह बंद मशीन चालू की जाती है, पूरा पावर ऑन सेल्फ टेस्ट चलता है और ऑपरेटिंग सिस्टम नए सिरे से लोड होता है। विकल्प C, लॉग इन, केवल उपयोगकर्ता नाम और पासवर्ड से पहचान सिद्ध करना है, जो ऑपरेटिंग सिस्टम चलने के बाद होता है। विकल्प D, फॉर्मेटिंग, डिस्क पर नया फाइल सिस्टम बनाकर उसे आँकड़े रखने योग्य बनाती है और पुराना विषय मिटा देती है।

Q8.कंप्यूटर ज्ञानआसान

उच्च स्तरीय भाषा के प्रोग्राम का पंक्ति-दर-पंक्ति अनुवाद करके पहली त्रुटि पर रुक जाने वाला अनुवादक कौन है?

  1. A.कंपाइलर
  2. B.असेंबलर
  3. C.इंटरप्रेटर
  4. D.लिंकर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. इंटरप्रेटर

व्याख्या

सही उत्तर है C, इंटरप्रेटर। इंटरप्रेटर उच्च स्तरीय प्रोग्राम का एक कथन पढ़ता है, उसे मशीन कोड में बदलता है और तुरंत चला देता है, तभी अगले कथन पर जाता है। चूँकि वह पूरे प्रोग्राम को पहले से नहीं देखता, इसलिए त्रुटि मिलते ही रुक जाता है, जिससे त्रुटि सुधारना सरल पर बार-बार निष्पादन धीमा हो जाता है।

विकल्प A, कंपाइलर, पूरे स्रोत प्रोग्राम का एक ही क्रिया में अनुवाद करता है, ऑब्जेक्ट फाइल बनाता है और सारी त्रुटियाँ एक साथ बताता है, इसलिए बाद में अनूदित कोड तेज चलता है। विकल्प B, असेंबलर, भी अनुवादक है पर वह केवल असेंबली भाषा पर काम करता है और संकेताक्षर निर्देशों को मशीन कोड में बदलता है। विकल्प D, लिंकर, अनुवाद करता ही नहीं; वह अलग-अलग संकलित ऑब्जेक्ट मॉड्यूलों और पुस्तकालय दिनचर्याओं को जोड़कर एक निष्पादन योग्य फाइल बनाता है।

Q9.कंप्यूटर ज्ञानकठिन

वह ऑपरेटिंग सिस्टम जो निश्चित समय सीमा के भीतर उत्तर देने की गारंटी देता है और मिसाइल नियंत्रण तथा चिकित्सा उपकरणों में प्रयुक्त होता है, क्या कहलाता है?

  1. A.बैच ऑपरेटिंग सिस्टम
  2. B.रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम
  3. C.टाइम शेयरिंग ऑपरेटिंग सिस्टम
  4. D.वितरित ऑपरेटिंग सिस्टम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम

व्याख्या

सही उत्तर है B, रियल टाइम ऑपरेटिंग सिस्टम। रियल टाइम प्रणाली को केवल सही उत्तर देने से नहीं आँका जाता, बल्कि इससे आँका जाता है कि वह उत्तर निश्चित समय सीमा के भीतर मिला या नहीं। मिसाइल मार्गदर्शन, वायुयान नियंत्रण, रोबोटिक्स, औद्योगिक संयंत्र और जीवन रक्षक उपकरण ऐसी ही प्रणालियाँ प्रयोग करते हैं, जहाँ देर से आया उत्तर असफलता मानी जाती है।

विकल्प A, बैच ऑपरेटिंग सिस्टम, एक जैसे कार्यों को इकट्ठा करके बिना उपयोगकर्ता हस्तक्षेप के एक के बाद एक चलाता है, इसलिए प्रतिक्रिया समय महत्वपूर्ण नहीं रहता। विकल्प C, टाइम शेयरिंग प्रणाली, प्रोसेसर का समय कई उपयोगकर्ताओं में बाँटती है ताकि सबको शीघ्र बारी मिले, पर किसी विशेष समय सीमा की कठोर गारंटी नहीं देती। विकल्प D, वितरित ऑपरेटिंग सिस्टम, कई जुड़े कंप्यूटरों में काम बाँटता है ताकि वे एक मशीन जैसे लगें।

Q10.कंप्यूटर ज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कौन एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का उदाहरण है?

  1. A.डिवाइस ड्राइवर
  2. B.ऑपरेटिंग सिस्टम
  3. C.वर्ड प्रोसेसर
  4. D.असेंबलर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. वर्ड प्रोसेसर

व्याख्या

सही उत्तर है C, वर्ड प्रोसेसर। वर्ड प्रोसेसर उपयोगकर्ता के काम के लिए बनाया जाता है, अर्थात दस्तावेज़ बनाना, संपादित करना, सजाना और छापना, इसलिए वह एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर है। स्प्रेडशीट, प्रस्तुतीकरण पैकेज, ब्राउज़र, मीडिया प्लेयर और बिलिंग प्रोग्राम भी इसी वर्ग में आते हैं।

विकल्प A, डिवाइस ड्राइवर, सिस्टम सॉफ्टवेयर है; यह छोटा प्रोग्राम ऑपरेटिंग सिस्टम को बताता है कि किसी विशेष प्रिंटर, स्कैनर या ग्राफिक्स कार्ड से किस प्रकार बात करनी है। विकल्प B, ऑपरेटिंग सिस्टम, सिस्टम सॉफ्टवेयर का प्रमुख अंग है और वही मंच देता है जिस पर हर एप्लिकेशन चलता है। विकल्प D, असेंबलर, भाषा अनुवादक है जो असेंबली भाषा के संकेताक्षर निर्देशों को मशीन कोड में बदलता है और इसे भी सिस्टम सॉफ्टवेयर ही गिना जाता है, क्योंकि यह उपयोगकर्ता का कोई व्यावहारिक कार्य नहीं करता। परीक्षा में यह भेद इसी आधार पर पूछा जाता है कि प्रोग्राम मशीन को चलाता है या उपयोगकर्ता का काम करता है।

Q11.कंप्यूटर ज्ञानकठिन

प्रिंटर जैसे धीमे उपकरण का आउटपुट डिस्क पर कतार में रखकर प्रोसेसर को मुक्त रखने की तकनीक क्या कहलाती है?

  1. A.पेजिंग
  2. B.स्पूलिंग
  3. C.कैशिंग
  4. D.स्वैपिंग
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. स्पूलिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्पूलिंग। स्पूलिंग का पूरा अर्थ है सिमल्टेनियस पेरिफेरल ऑपरेशंस ऑन लाइन। ऑपरेटिंग सिस्टम धीमे उपकरण के लिए बने आँकड़े डिस्क पर कतार में लिख देता है और प्रोसेसर दूसरा काम करने लगता है, जबकि उपकरण उस कतार से अपनी गति से कार्य उठाता रहता है। साझा कार्यालय प्रिंटर की प्रिंट कतार इसका रोजमर्रा का उदाहरण है।

विकल्प A, पेजिंग, मेमोरी प्रबंधन की विधि है, जिसमें वर्चुअल मेमोरी के लिए निश्चित आकार के खंड डिस्क और मुख्य मेमोरी के बीच आते-जाते हैं। विकल्प C, कैशिंग, हाल में प्रयुक्त आँकड़े छोटी तेज मेमोरी में रखती है ताकि आगे का अनुरोध शीघ्र पूरा हो; यह पहुँच तेज करती है पर उपकरण का आउटपुट कतारबद्ध नहीं करती। विकल्प D, स्वैपिंग, पूरी प्रक्रिया को मुख्य मेमोरी से डिस्क पर भेजकर बाद में वापस लाती है, जो फिर मेमोरी प्रबंधन है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिस्टम सॉफ्टवेयर और एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर में क्या अंतर है?

सिस्टम सॉफ्टवेयर कंप्यूटर को स्वयं चलाता और प्रबंधित करता है, जिसमें ऑपरेटिंग सिस्टम, डिवाइस ड्राइवर, भाषा अनुवादक और यूटिलिटी आते हैं। एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता का कोई काम करता है, जैसे पत्र टाइप करना, स्प्रेडशीट बनाना या वेबसाइट देखना। सिस्टम सॉफ्टवेयर के चले बिना एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर चल ही नहीं सकता।

कंपाइलर और इंटरप्रेटर में क्या अंतर है?

कंपाइलर पूरे उच्च स्तरीय प्रोग्राम को एक बार में मशीन कोड में बदलता है और सभी त्रुटियाँ एक साथ बताता है, इसलिए अनुवाद के बाद निष्पादन तेज होता है। इंटरप्रेटर एक समय में एक पंक्ति का अनुवाद करके उसे चलाता है और पहली त्रुटि मिलते ही रुक जाता है, जिससे वह धीमा होता है पर त्रुटि सुधारना आसान रहता है।

कंप्यूटर में बूटिंग किसे कहते हैं?

बूटिंग कंप्यूटर को चालू करने और डिस्क से ऑपरेटिंग सिस्टम को मुख्य मेमोरी में लाने की प्रक्रिया है। पहले बायोस पावर ऑन सेल्फ टेस्ट चलाकर हार्डवेयर जाँचता है और फिर बूटस्ट्रैप लोडर ऑपरेटिंग सिस्टम को लाता है। बंद मशीन को चालू करना कोल्ड बूट और चालू मशीन को पुनः आरंभ करना वार्म बूट कहलाता है।

वर्चुअल मेमोरी क्या है?

वर्चुअल मेमोरी वह तकनीक है जिसमें ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क के एक भाग को मुख्य मेमोरी की तरह प्रयोग करता है, जिससे लगी हुई रैम से बड़ा प्रोग्राम भी चल जाता है। निश्चित आकार के पेज डिस्क और मेमोरी के बीच बदले जाते हैं और जब पेजिंग इतनी बढ़ जाए कि उपयोगी काम रुक जाए तो उस स्थिति को थ्रैशिंग कहते हैं।

कौन से ऑपरेटिंग सिस्टम खुले स्रोत वाले हैं?

लिनक्स, जिसे लिनस टोरवाल्ड्स ने 1991 में जारी किया, सबसे प्रसिद्ध मुक्त और खुला स्रोत ऑपरेटिंग सिस्टम है, जिसका स्रोत कोड पढ़ा, बदला और पुनः वितरित किया जा सकता है। एंड्रॉयड भी लिनक्स कर्नेल पर बना है। इसके विपरीत विंडोज और मैकओएस स्वामित्व वाले ऑपरेटिंग सिस्टम हैं, जिनका स्रोत कोड सार्वजनिक नहीं किया जाता।

स्रोत

सभी देखें
  • कंप्यूटर ज्ञान

    मेमोरी और स्टोरेज: रैम, रोम, कैश और इकाइयां

    26 सितंबर 2026

  • कंप्यूटर ज्ञान

    इनपुट और आउटपुट डिवाइस: प्रकार, उदाहरण और प्रश्नोत्तर

    25 सितंबर 2026

  • कंप्यूटर ज्ञान

    कंप्यूटर की मूल बातें और पीढ़ियां: नोट्स और प्रश्न

    25 सितंबर 2026