इनपुट और आउटपुट डिवाइस: प्रकार, उदाहरण और प्रश्नोत्तर
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इनपुट और आउटपुट डिवाइस: कीबोर्ड, माउस, ओएमआर, ओसीआर तथा एमआईसीआर, मॉनिटर, इम्पैक्ट व नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर, प्लॉटर एवं दोहरे उपकरण।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

हर कंप्यूटर इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट चक्र पर काम करता है और इस चक्र के दोनों सिरों पर खड़े उपकरण कंप्यूटर हार्डवेयर का सबसे अधिक पूछा जाने वाला भाग हैं। इनपुट डिवाइस उपयोगकर्ता से आंकड़े और निर्देश लेकर उन्हें उस द्विआधारी रूप में बदलता है जिसे प्रोसेसर समझ सके। आउटपुट डिवाइस प्रोसेसर से संसाधित परिणाम लेकर उसे ऐसे रूप में सामने रखता है जिसे मनुष्य पढ़, देख या सुन सके। एसएससी, बैंकिंग और रेलवे की परीक्षाओं में प्रश्न प्रायः एक पंक्ति के होते हैं: उपकरण का नाम, उसका वर्ग, या उसका काम। यह अध्याय इन्हीं जोड़ियों को पक्का करता है।
इनपुट डिवाइस और उनका काम
कीबोर्ड पाठ लिखने का मानक इनपुट उपकरण है। इसका सामान्य विन्यास QWERTY कहलाता है, जो अक्षरों की ऊपरी पंक्ति के पहले छह अक्षरों से बना नाम है, और यह क्रिस्टोफर लैथम शोल्स के टाइपराइटर से चला आया है। मानक विस्तारित कीबोर्ड में 104 कुंजियाँ होती हैं और ये पाँच वर्गों में बँटी रहती हैं: अक्षर-अंक कुंजियाँ, अंक पटल, फंक्शन कुंजियाँ F1 से F12, संचालन या कर्सर कुंजियाँ, तथा शिफ्ट, कंट्रोल, ऑल्ट जैसी विशेष कुंजियाँ। माउस एक पॉइंटिंग डिवाइस है जिसका आविष्कार डगलस एंजेलबार्ट ने स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट में किया था; पहला नमूना लकड़ी का था और पेटेंट में इसे प्रदर्शन तंत्र के लिए एक्स-वाई स्थिति सूचक कहा गया। ट्रैकबॉल उलटा रखा हुआ माउस है, जिसमें गेंद अंगूठे से घुमाई जाती है और ढाँचा स्थिर रहता है, इसलिए इसे मेज़ पर जगह नहीं चाहिए। जॉयस्टिक में एक डंडी खाँचे के भीतर घूमती है और इसका उपयोग खेलों तथा सिम्युलेटर में होता है। लाइट पेन कलम के आकार का प्रकाश-संवेदी उपकरण है जो परदे को छूकर चुनाव करता है, और डिजिटाइज़र या ग्राफिक्स टैबलेट हाथ से बनाई आकृति को अंकीय रूप में बदल देता है। माइक्रोफोन, वेब कैमरा और अंगुली छाप पाठक भी इनपुट उपकरण हैं, क्योंकि ये तीनों नई सामग्री मशीन के भीतर भेजते हैं।
स्कैनिंग और पहचान करने वाले उपकरण
कुछ इनपुट उपकरण कुंजियों के बजाय निशान, अक्षर और संकेत पढ़ते हैं और परीक्षक इनके पूरे नाम तथा उपयोग सबसे अधिक पूछते हैं।
| उपकरण | पूरा नाम | उपयोग |
|---|---|---|
| ओएमआर | ऑप्टिकल मार्क रीडर | वस्तुनिष्ठ उत्तर पत्रक और सर्वेक्षण प्रपत्र, जहाँ निशान या तो है या नहीं है |
| ओसीआर | ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन | स्कैन किए पृष्ठ के छपे पाठ को संपादन योग्य पाठ में बदलना |
| एमआईसीआर | मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन | बैंक चेक, चेक के निचले भाग में चुंबकीय स्याही की पंक्ति से |
| बारकोड रीडर | बारकोड स्कैनर | दुकानों में बिल बनाना, भंडार नियंत्रण और पुस्तकालय |
| स्कैनर | फ्लैटबेड, हैंडहेल्ड या ड्रम | चित्र या दस्तावेज़ को अंकीय छवि में बदलना |
एमआईसीआर पर एक बार और ध्यान दीजिए, क्योंकि बैंकिंग की परीक्षाओं में यह हर वर्ष आता है। चेक के नीचे छपे अक्षर E-13B फॉन्ट में चुंबकीय स्याही से छापे जाते हैं और पाठक उन्हें उनके चुंबकीय संकेत से पहचानता है, इसलिए मुड़ा हुआ, मुहर लगा या मैला चेक भी सही पढ़ा जाता है। शेष दोनों का अंतर एक-एक पंक्ति में याद रखिए: ओएमआर केवल यह देखता है कि निर्धारित स्थान पर निशान है या नहीं और लिखावट नहीं पढ़ सकता, जबकि ओसीआर अक्षरों की आकृति पहचानकर संपादन योग्य पाठ लौटाता है।
आउटपुट डिवाइस: सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी
परदे पर दिखाई देने वाला परिणाम सॉफ्ट कॉपी कहलाता है और कागज़ पर छपा परिणाम हार्ड कॉपी। मॉनिटर, जिसे दृश्य प्रदर्शन इकाई या वीडीयू भी कहते हैं, सॉफ्ट कॉपी देता है। उस पर बने चित्र की सबसे छोटी इकाई पिक्सेल है, जो पिक्चर एलिमेंट का संक्षिप्त रूप है, और चित्र की स्पष्टता रिज़ॉल्यूशन तथा डॉट पिच पर निर्भर करती है; डॉट पिच एक ही रंग के दो निकटवर्ती बिंदुओं की दूरी है और इसका छोटा मान बेहतर माना जाता है। पुराना सीआरटी मॉनिटर कैथोड किरण नलिका पर चलता था; एलसीडी और एलईडी परदे उसकी जगह आए क्योंकि वे चपटे, हल्के और कम बिजली लेने वाले हैं। प्रोजेक्टर, स्पीकर, हेडफोन और ब्रेल एम्बॉसर भी आउटपुट उपकरण हैं।
प्रिंटर और प्लॉटर
प्रिंटरों का बँटवारा एक सरल कसौटी पर होता है: छापने वाला शीर्ष कागज़ से टकराता है या नहीं। इम्पैक्ट प्रिंटर, जैसे डॉट मैट्रिक्स, डेज़ी व्हील तथा ड्रम और चेन लाइन प्रिंटर, स्याही लगे रिबन को कागज़ पर मारते हैं। ये शोर करते हैं और धीमे हैं, पर एक ही बार में कार्बन प्रति निकाल सकते हैं, इसीलिए दोहरी रसीद देने वाले काउंटरों पर वर्षों तक चले। नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर कागज़ को छूते ही नहीं। इंकजेट तरल स्याही की महीन बूँदें छिड़कता है; लेज़र प्रिंटर लेज़र किरण, प्रकाश-संवेदी ड्रम, सूखे टोनर और ऊष्मा से छापता है और चूँकि यह एक बार में पूरा पृष्ठ तैयार करता है, इसे पेज प्रिंटर कहा जाता है; थर्मल प्रिंटर रसायन लगे कागज़ को गरम करके छापता है और यही मशीन बिलिंग काउंटरों तथा एटीएम में लगी रहती है। छपाई की गुणवत्ता डीपीआई, अर्थात डॉट्स पर इंच में मापी जाती है। गति कैरेक्टर प्रिंटर के लिए सीपीएस, लाइन प्रिंटर के लिए एलपीएम और पेज प्रिंटर के लिए पीपीएम में मापी जाती है। प्लॉटर कलम से लगातार रेखाएँ खींचने वाला आउटपुट उपकरण है, इसलिए मानचित्र, भवन के नक्शे और अभियांत्रिकी आरेख इसी से बनते हैं; ड्रम प्लॉटर और फ्लैटबेड प्लॉटर इसके दो प्रकार हैं।
दोनों ओर काम करने वाले उपकरण
यह सूची छोटी है और परीक्षकों को बहुत प्रिय है। टचस्क्रीन उँगली के स्पर्श को इनपुट के रूप में लेता है और परिणाम उसी सतह पर दिखाता है। मॉडेम, जिसका नाम मॉड्युलेटर-डिमॉड्युलेटर से बना है, कंप्यूटर के अंकीय संकेत को लाइन के लिए अनुरूप संकेत में और आते हुए अनुरूप संकेत को वापस अंकीय रूप में बदलता है। नेटवर्क इंटरफेस कार्ड, माइक्रोफोन सहित हेडसेट तथा हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और पुनर्लेखनीय डिस्क जैसे भंडारण साधन भी आंकड़े दोनों दिशाओं में ले जाते हैं। अपवाद याद रखिए: प्लॉटर और मॉनिटर केवल आउटपुट हैं, स्कैनर और लाइट पेन केवल इनपुट, और हार्ड डिस्क दोनों में गिनी जाती है।
परीक्षा की दृष्टि से
यह अध्याय सीधे स्मरण पर पूछा जाता है, इसलिए इसे जोड़ियों और वर्गों के रूप में याद कीजिए। सबसे अधिक बार यह पूछा जाता है कि चार में से कौन सा उपकरण इनपुट और आउटपुट दोनों है, जिसका उत्तर प्रायः टचस्क्रीन, मॉडेम या हार्ड डिस्क होता है। दूसरा वर्ग पूरे नाम का है: ओएमआर, ओसीआर, एमआईसीआर, डीपीआई, पीपीएम और मॉडेम बारी-बारी से आते हैं। तीसरा वर्ग उपकरण को इम्पैक्ट या नॉन-इम्पैक्ट में बाँटने को कहता है, जहाँ लेज़र, इंकजेट और थर्मल के बीच डॉट मैट्रिक्स ही इम्पैक्ट होता है। बैंकिंग की परीक्षाएँ एमआईसीआर और चेक के E-13B फॉन्ट पर अलग से प्रश्न देती हैं। सामान्य भ्रम ये हैं: प्लॉटर को रेखा खींचने के कारण इनपुट समझ लेना, ओएमआर और ओसीआर को आपस में मिला देना, माउस का आविष्कार किसी और के नाम कर देना, और गुणवत्ता की इकाई डीपीआई के स्थान पर गति की इकाई पीपीएम चुन लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| माउस का आविष्कारक | डगलस एंजेलबार्ट, स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट |
|---|---|
| कीबोर्ड विन्यास | QWERTY; मानक विस्तारित कीबोर्ड में 104 कुंजियाँ |
| चेक पढ़ने वाला उपकरण | एमआईसीआर, E-13B फॉन्ट और चुंबकीय स्याही |
| उत्तर पत्रक पढ़ने वाला उपकरण | ओएमआर, ऑप्टिकल मार्क रीडर |
| गुणवत्ता की इकाई | डीपीआई, डॉट्स पर इंच |
| गति की इकाइयाँ | कैरेक्टर प्रिंटर के लिए सीपीएस, लाइन प्रिंटर के लिए एलपीएम, पेज प्रिंटर के लिए पीपीएम |
| पेज प्रिंटर | लेज़र प्रिंटर, जो एक बार में पूरा पृष्ठ तैयार करता है |
| परदे के चित्र की सबसे छोटी इकाई | पिक्सेल, अर्थात पिक्चर एलिमेंट |
| मॉनिटर का दूसरा नाम | वीडीयू, दृश्य प्रदर्शन इकाई |
| सॉफ्ट कॉपी और हार्ड कॉपी | परदे पर दिखा परिणाम सॉफ्ट कॉपी, कागज़ पर छपा परिणाम हार्ड कॉपी |
| रेखा खींचने वाला आउटपुट उपकरण | प्लॉटर, ड्रम और फ्लैटबेड प्रकार |
| इनपुट तथा आउटपुट दोनों | टचस्क्रीन, मॉडेम, नेटवर्क कार्ड, हेडसेट और हार्ड डिस्क |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण इनपुट और आउटपुट दोनों है?
- A.स्कैनर
- B.प्लॉटर
- C.टचस्क्रीन
- D.लाइट पेन
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. टचस्क्रीन
व्याख्या
सही उत्तर है C, टचस्क्रीन। टचस्क्रीन उँगली के स्पर्श या स्टाइलस की गति को इनपुट के रूप में स्वीकार करता है और परिणाम उसी सतह पर दिखा भी देता है, इसलिए एक ही उपकरण दोनों काम करता है। मॉडेम, नेटवर्क इंटरफेस कार्ड और हार्ड डिस्क भी इसी दोहरी सूची में आते हैं।
विकल्प A, स्कैनर, केवल दस्तावेज़ या चित्र पढ़कर उसकी छवि कंप्यूटर में भेजता है, अतः वह शुद्ध इनपुट उपकरण है। विकल्प B, प्लॉटर, केवल वही आरेख कागज़ पर उतारता है जो कंप्यूटर भेजता है और बदले में कुछ नहीं लौटाता, इसलिए वह शुद्ध आउटपुट उपकरण है। विकल्प D, लाइट पेन, प्रकाश-संवेदी पॉइंटिंग डिवाइस है जो परदे को छूकर चयन करता है, परंतु परदा स्वयं अलग आउटपुट उपकरण है, अतः पेन केवल इनपुट है। परीक्षक यही तीन विकल्प बार-बार देते हैं, इसलिए दोहरी सूची कंठस्थ रखिए।
कंप्यूटर माउस का आविष्कार किसने किया था?
- A.डगलस एंजेलबार्ट
- B.चार्ल्स बैबेज
- C.जैक किल्बी
- D.क्रिस्टोफर लैथम शोल्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. डगलस एंजेलबार्ट
व्याख्या
सही उत्तर है A, डगलस एंजेलबार्ट। उन्होंने स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट में लकड़ी के एक छोटे डिब्बे के रूप में पहला माउस बनाया, जिसके नीचे दो पहिए लगे थे, और पेटेंट में इसे प्रदर्शन तंत्र के लिए एक्स-वाई स्थिति सूचक कहा गया। पीछे निकलती तार चूहे की पूँछ जैसी लगती थी, इसीलिए नाम माउस पड़ा।
विकल्प B, चार्ल्स बैबेज, ने उन्नीसवीं शताब्दी में डिफरेंस इंजन और एनालिटिकल इंजन की रूपरेखा बनाई और वे कंप्यूटर के जनक कहलाते हैं, जो बिलकुल अलग उपाधि है। विकल्प C, जैक किल्बी, ने पहला एकीकृत परिपथ बनाकर दिखाया और वे पीढ़ियों वाले अध्याय से संबंध रखते हैं। विकल्प D, क्रिस्टोफर लैथम शोल्स, ने टाइपराइटर को पूर्णता दी और QWERTY विन्यास दिया, इसलिए वे कीबोर्ड के प्रश्न का उत्तर हैं, यहाँ का नहीं। हर नाम के साथ एक आविष्कार जोड़कर याद रखिए।
निम्नलिखित में से कौन सा इम्पैक्ट प्रिंटर है?
- A.लेज़र प्रिंटर
- B.इंकजेट प्रिंटर
- C.डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
- D.थर्मल प्रिंटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
व्याख्या
सही उत्तर है C, डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर। इसके शीर्ष में महीन पिनों की एक पंक्ति होती है जो स्याही लगे रिबन को कागज़ पर मारकर हर अक्षर बिंदुओं से बनाती है। यह चोट कागज़ के आर-पार जाती है, इसलिए डॉट मैट्रिक्स एक ही बार में कार्बन प्रति निकाल सकता है और इसी कारण शोर भी करता है।
विकल्प A, लेज़र प्रिंटर, लेज़र किरण, प्रकाश-संवेदी ड्रम और ऊष्मा से चिपकने वाले सूखे टोनर से छापता है और कुछ भी कागज़ से नहीं टकराता। विकल्प B, इंकजेट, तरल स्याही की अत्यंत महीन बूँदें बिना स्पर्श के छिड़कता है। विकल्प D, थर्मल प्रिंटर, रसायन लगे कागज़ को गरम करता है, जिसमें भी कोई चोट नहीं होती। ये तीनों नॉन-इम्पैक्ट हैं। परीक्षा के लिए नियम यही है कि केवल डॉट मैट्रिक्स, डेज़ी व्हील और लाइन प्रिंटर कागज़ पर चोट करते हैं।
एमआईसीआर तकनीक का उपयोग मुख्य रूप से किसमें होता है?
- A.बैंक चेकों के निपटान में
- B.वस्तुनिष्ठ उत्तर पत्रक पढ़ने में
- C.दुकान पर बिल बनाने में
- D.अंगुली छाप लेने में
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. बैंक चेकों के निपटान में
व्याख्या
सही उत्तर है A, बैंक चेकों के निपटान में। एमआईसीआर का पूरा नाम मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन है। चेक के निचले भाग में छपी अक्षरों की पंक्ति E-13B फॉन्ट में चुंबकीय स्याही से छापी जाती है और पाठक हर अक्षर को उसके चुंबकीय संकेत से पहचानता है, इसलिए मुड़ा, मुहर लगा या मैला चेक भी सही छँटता है।
विकल्प B, उत्तर पत्रक पढ़ना, ओएमआर का काम है, जो केवल यह देखता है कि निर्धारित स्थान पर निशान है या नहीं। विकल्प C, दुकान पर बिल बनाना, बारकोड रीडर करता है, जो पैकेट पर छपी धारियों को पढ़कर संख्या निकालता है। विकल्प D, अंगुली छाप लेना, बायोमेट्रिक स्कैनर का काम है। बैंकिंग की परीक्षाओं में यह प्रश्न हर वर्ष लौटता है, इसलिए एमआईसीआर को चेक और E-13B फॉन्ट से जोड़कर रखिए।
कंप्यूटर के परदे पर बने चित्र की सबसे छोटी इकाई क्या कहलाती है?
- A.बिट
- B.पिक्सेल
- C.बाइट
- D.डॉट पिच
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पिक्सेल
व्याख्या
सही उत्तर है B, पिक्सेल। यह शब्द पिक्चर एलिमेंट का संक्षिप्त रूप है। परदे का चित्र इन्हीं बिंदुओं की जालीदार रचना होता है और चौड़ाई तथा ऊँचाई में इनकी संख्या ही मॉनिटर का रिज़ॉल्यूशन कहलाती है, इसलिए अधिक पिक्सेल का अर्थ है अधिक बारीक चित्र।
विकल्प A, बिट, आंकड़ों की सबसे छोटी इकाई है, एक द्विआधारी अंक, चित्र की इकाई नहीं, और आठ बिट मिलकर एक बाइट बनाते हैं। विकल्प C, बाइट, वह इकाई है जिसमें मेमोरी और फाइल का आकार मापा जाता है। विकल्प D, डॉट पिच, इसी अध्याय का सही शब्द है पर अर्थ दूसरा है: यह परदे पर एक ही रंग के दो निकटवर्ती बिंदुओं के बीच की दूरी है, जो मिलीमीटर में मापी जाती है और जिसका छोटा मान अधिक स्पष्ट चित्र देता है। परीक्षक पिक्सेल और डॉट पिच को एक ही प्रश्न में रखते हैं, इसलिए कथन ध्यान से पढ़िए।
प्रिंटर की छपाई गुणवत्ता किस इकाई में मापी जाती है?
- A.पीपीएम
- B.सीपीएस
- C.डीपीआई
- D.एलपीएम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डीपीआई
व्याख्या
सही उत्तर है C, डीपीआई, अर्थात डॉट्स पर इंच। छपाई की गुणवत्ता इस बात पर निर्भर करती है कि प्रिंटर एक इंच कागज़ में स्याही या टोनर के कितने अलग-अलग बिंदु रख सकता है, इसलिए अधिक डीपीआई पर काम करने वाला प्रिंटर अधिक चिकनी वक्र रेखाएँ और साफ छोटे अक्षर देता है।
शेष तीनों विकल्प गति की इकाइयाँ हैं और प्रश्न इसी भ्रम पर बना है। विकल्प A, पीपीएम अर्थात पृष्ठ प्रति मिनट, लेज़र जैसे पेज प्रिंटर की गति मापता है। विकल्प B, सीपीएस अर्थात अक्षर प्रति सेकंड, डॉट मैट्रिक्स जैसे कैरेक्टर प्रिंटर की गति मापता है। विकल्प D, एलपीएम अर्थात पंक्ति प्रति मिनट, ड्रम या चेन जैसे लाइन प्रिंटर की गति मापता है। एक पंक्ति में याद रखिए: गुणवत्ता डीपीआई है, और गति की इकाई इस पर बदलती है कि प्रिंटर एक बार में अक्षर, पंक्ति या पूरा पृष्ठ तैयार करता है।
स्कैन किए गए पृष्ठ के छपे पाठ को संपादन योग्य पाठ में कौन सी तकनीक बदलती है?
- A.ओएमआर
- B.ओसीआर
- C.एमआईसीआर
- D.क्यूआर कोड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ओसीआर
व्याख्या
सही उत्तर है B, ओसीआर, अर्थात ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन। साधारण स्कैन पृष्ठ का केवल चित्र होता है, जिसमें न कुछ खोजा जा सकता है और न सुधारा जा सकता है। ओसीआर उस चित्र में हर अक्षर की आकृति जाँचता है, उसे अपने ज्ञात अक्षरों से मिलाता है और वास्तविक पाठ लौटाता है, जिसे शब्द संसाधक में संपादित किया जा सकता है।
विकल्प A, ओएमआर, इससे सरल उपकरण है जो केवल यह दर्ज करता है कि पत्रक पर निश्चित स्थान पर निशान है या नहीं; यह उत्तर पत्रक के लिए पर्याप्त है पर शब्द नहीं पढ़ सकता। विकल्प C, एमआईसीआर, केवल बैंक चेक के नीचे E-13B फॉन्ट में चुंबकीय स्याही से छपे विशेष अक्षर पढ़ता है। विकल्प D, क्यूआर कोड, द्विविमीय बारकोड है जो वर्गों की रचना में सूचना संचित रखता है; उसे स्कैनर पढ़ता अवश्य है पर वह साधारण छपा पाठ नहीं पहचानता।
प्लॉटर मुख्यतः किसे बनाने के लिए उपयुक्त है?
- A.चमकदार कागज़ पर छायाचित्र
- B.रसीदों की कार्बन प्रतियाँ
- C.मानचित्र और अभियांत्रिकी आरेख
- D.बिलिंग काउंटर की पर्चियाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. मानचित्र और अभियांत्रिकी आरेख
व्याख्या
सही उत्तर है C, मानचित्र और अभियांत्रिकी आरेख। प्लॉटर कलम को कागज़ पर टिकाकर चलाता है, इसलिए वह चित्र को बिंदुओं से बनाने के बजाय लगातार रेखाएँ खींचता है। बड़े तकनीकी आरेखों को यही चाहिए, इसीलिए भवन योजना, सर्वेक्षण मानचित्र और अभिकल्पन सॉफ्टवेयर का आउटपुट प्लॉटर से बनता है। ड्रम प्लॉटर और फ्लैटबेड प्लॉटर इसके दो प्रकार हैं।
विकल्प A, चमकदार कागज़ पर छायाचित्र, के लिए इंकजेट या फोटो प्रिंटर चाहिए जो रंगों के बिंदु मिलाकर रख सके। विकल्प B, कार्बन प्रतियाँ, केवल डॉट मैट्रिक्स जैसे इम्पैक्ट प्रिंटर दे सकते हैं, क्योंकि नीचे रखे कागज़ पर छाप चोट से ही पड़ती है। विकल्प D, बिलिंग काउंटर की पर्चियाँ, छोटे थर्मल प्रिंटर का साधारण काम है। यह भी ध्यान रखिए कि कलम होने पर भी प्लॉटर आउटपुट उपकरण ही है।
किस प्रिंटर को पेज प्रिंटर भी कहा जाता है?
- A.डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर
- B.डेज़ी व्हील प्रिंटर
- C.लेज़र प्रिंटर
- D.इंकजेट प्रिंटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. लेज़र प्रिंटर
व्याख्या
सही उत्तर है C, लेज़र प्रिंटर। यह लेज़र किरण से प्रकाश-संवेदी ड्रम पर पूरे पृष्ठ का चित्र बनाता है, फिर उस चित्र पर सूखा टोनर चिपकाकर उसे ऊष्मा और दाब से कागज़ पर स्थिर कर देता है। चूँकि यह एक बार में पूरा पृष्ठ तैयार करता है, इसकी गति पृष्ठ प्रति मिनट में बताई जाती है और मशीन पेज प्रिंटर कहलाती है।
विकल्प A, डॉट मैट्रिक्स, कैरेक्टर प्रिंटर है: इसका शीर्ष एक बार में कुछ अक्षर छापता है और गति अक्षर प्रति सेकंड में मापी जाती है। विकल्प B, डेज़ी व्हील, भी कैरेक्टर प्रिंटर है, जिसमें पहिए की पंखुड़ियों पर पूरे अक्षर बने होते हैं और वे रिबन पर चोट करते हैं। विकल्प D, इंकजेट, शीर्ष के आर-पार जाने के साथ पंक्ति दर पंक्ति बूँदें छिड़कता है, इसलिए उसे पेज प्रिंटर नहीं माना जाता। अक्षर, पंक्ति और पृष्ठ की यही सीढ़ी याद रखिए।
निम्नलिखित में से कौन इनपुट डिवाइस नहीं है?
- A.जॉयस्टिक
- B.लाइट पेन
- C.प्लॉटर
- D.बारकोड रीडर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्लॉटर
व्याख्या
सही उत्तर है C, प्लॉटर। प्लॉटर उस आरेख को कागज़ पर उतारता है जिसे कंप्यूटर पहले ही तैयार कर चुका है, अर्थात आंकड़े मशीन से बाहर जाते हैं, भीतर कभी नहीं आते। इसलिए वह आउटपुट उपकरण है, और उसकी कलम देखकर बहुत से परीक्षार्थी उसे इनपुट मान बैठते हैं।
विकल्प A, जॉयस्टिक, अपनी डंडी की स्थिति कंप्यूटर को भेजता है, अतः वह इनपुट उपकरण है और खेलों, सिम्युलेटर तथा मशीन नियंत्रण में काम आता है। विकल्प B, लाइट पेन, प्रकाश-संवेदी उपकरण है जो बताता है कि वह परदे के किस बिंदु को छू रहा है, यह भी इनपुट है। विकल्प D, बारकोड रीडर, छपी धारियों पर प्रकाश डालकर परावर्तन नापता है और निकली संख्या भीतर भेजता है, जिससे बिलिंग काउंटर और पुस्तकालय चलते हैं। सुरक्षित कसौटी यही है कि आंकड़े किस दिशा में जा रहे हैं।
लाइन प्रिंटर की गति किस इकाई में मापी जाती है?
- A.एलपीएम
- B.डीपीआई
- C.पीपीएम
- D.सीपीएस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एलपीएम
व्याख्या
सही उत्तर है A, एलपीएम, अर्थात पंक्ति प्रति मिनट। ड्रम या चेन प्रिंटर जैसा लाइन प्रिंटर एक ही क्रिया में पूरी पंक्ति जमाकर छाप देता है, इसलिए एक मिनट में वह कितनी पंक्तियाँ पूरी करता है, यही उसकी गति का स्वाभाविक माप है।
विकल्प B, डीपीआई अर्थात डॉट्स पर इंच, गति की इकाई है ही नहीं: वह छपाई की गुणवत्ता बताती है, अर्थात बिंदु कितनी बारीकी से रखे गए हैं। विकल्प C, पीपीएम अर्थात पृष्ठ प्रति मिनट, लेज़र जैसे पेज प्रिंटर की इकाई है, जो छापने से पहले पूरा पृष्ठ तैयार करता है। विकल्प D, सीपीएस अर्थात अक्षर प्रति सेकंड, डॉट मैट्रिक्स और डेज़ी व्हील जैसे कैरेक्टर प्रिंटरों की इकाई है, जो एक बार में कुछ अक्षर छापते हैं। तीनों गति इकाइयाँ प्रिंटर के तीन वर्गों से जुड़ी हैं और इस समूह में अलग पड़ने वाली इकाई सदा डीपीआई है।
मॉडेम का पूरा नाम क्या है?
- A.मॉड्युलर डिमॉन्स्ट्रेटर
- B.मॉड्युलेटर-डिमॉड्युलेटर
- C.मॉनिटर डिमॉड्युलेटर
- D.मोड डिमार्केटर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मॉड्युलेटर-डिमॉड्युलेटर
व्याख्या
सही उत्तर है B, मॉड्युलेटर-डिमॉड्युलेटर। यह उपकरण दो विपरीत काम करता है और नाम उन्हीं दोनों को जोड़कर बना है। भेजते समय यह मॉड्युलेट करता है, अर्थात कंप्यूटर के अंकीय संकेत को उस अनुरूप संकेत में बदलता है जिसे साधारण लाइन ढो सके। प्राप्त करते समय यह डिमॉड्युलेट करता है, अर्थात आते हुए अनुरूप संकेत को वापस अंकीय रूप में बदल देता है।
चूँकि आंकड़े इसमें दोनों दिशाओं में चलते हैं, इनपुट तथा आउटपुट दोनों वाले उपकरणों के प्रश्न में मॉडेम एक मानक उत्तर है। विकल्प A, C और D गढ़े हुए पूरे नाम हैं, जिन्हें परीक्षक सही विकल्प के साथ इसलिए रखते हैं कि पता चले परीक्षार्थी ने वाक्यांश सीखा है या ध्वनि के आधार पर अनुमान लगा रहा है। इनमें से कोई किसी वास्तविक उपकरण का नाम नहीं है। भेजते समय मॉड्युलेशन और पाते समय डिमॉड्युलेशन, यह जोड़ी याद रहे तो पूरा नाम कभी नहीं भूलेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कौन से उपकरण इनपुट और आउटपुट दोनों होते हैं?
टचस्क्रीन, मॉडेम, नेटवर्क इंटरफेस कार्ड, माइक्रोफोन तथा इयरफोन वाला हेडसेट, और हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव व पुनर्लेखनीय डिस्क जैसे भंडारण साधन। ये सभी आंकड़े कंप्यूटर के भीतर भी ले जाते हैं और बाहर भी। मॉनिटर तथा प्लॉटर केवल आउटपुट हैं और स्कैनर, कीबोर्ड व लाइट पेन केवल इनपुट।
ओएमआर, ओसीआर और एमआईसीआर में क्या अंतर है?
ओएमआर अर्थात ऑप्टिकल मार्क रीडर केवल यह देखता है कि निर्धारित स्थान पर निशान लगाया गया है या नहीं, इसीलिए यह वस्तुनिष्ठ उत्तर पत्रक पढ़ता है। ओसीआर छपे अक्षरों की आकृति पहचानकर स्कैन किए पृष्ठ को संपादन योग्य पाठ में बदल देता है। एमआईसीआर बैंक चेक के नीचे E-13B फॉन्ट में चुंबकीय स्याही से छपे अक्षर पढ़ता है।
इम्पैक्ट और नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर में क्या अंतर है?
इम्पैक्ट प्रिंटर का शीर्ष स्याही लगे रिबन और कागज़ से टकराता है, इसलिए वह शोर करता है और एक ही बार में कार्बन प्रति निकाल सकता है; डॉट मैट्रिक्स, डेज़ी व्हील और लाइन प्रिंटर इसी वर्ग के हैं। नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर कागज़ को छूता ही नहीं: इंकजेट स्याही की बूँदें छिड़कता है, लेज़र प्रिंटर सूखे टोनर को ऊष्मा से चिपकाता है और थर्मल प्रिंटर रसायन लगे कागज़ को गरम करता है। ये शांत और तेज़ होते हैं पर कार्बन प्रति नहीं दे सकते।
लेज़र प्रिंटर को पेज प्रिंटर क्यों कहा जाता है?
क्योंकि वह कागज़ पर कुछ भी उतारने से पहले पूरे पृष्ठ का चित्र प्रकाश-संवेदी ड्रम पर बना लेता है, न कि अक्षर दर अक्षर या पंक्ति दर पंक्ति छापता है। इसी कारण उसकी गति पृष्ठ प्रति मिनट यानी पीपीएम में मापी जाती है, जबकि डॉट मैट्रिक्स की गति सीपीएस में और लाइन प्रिंटर की एलपीएम में मापी जाती है।
प्रिंटर और प्लॉटर में क्या अंतर है?
प्रिंटर अक्षर और चित्र बिंदुओं से बनाता है और पाठ तथा साधारण चित्रों के लिए उपयुक्त है। प्लॉटर कलम पकड़कर लगातार रेखाएँ खींचता है, इसलिए वह किसी भी आकार में चिकनी वक्र रेखाएँ बनाता है और मानचित्र, भवन योजना तथा अभियांत्रिकी आरेख के लिए प्रयोग होता है। ड्रम प्लॉटर और फ्लैटबेड प्लॉटर इसके दो सामान्य प्रकार हैं।
स्रोत
- कंप्यूटर विज्ञान, कक्षा ग्यारह, कंप्यूटर तंत्र अध्याय — एनसीईआरटी
- सूचना प्रौद्योगिकी अभ्यास, कक्षा ग्यारह, कंप्यूटर तंत्र और परिधीय उपकरण — एनसीईआरटी
- कंप्यूटर संकल्पना पाठ्यक्रम, हार्डवेयर और परिधीय उपकरण — नाइलिट, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
