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मेमोरी और स्टोरेज: रैम, रोम, कैश और इकाइयां

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर मेमोरी और स्टोरेज के नोट्स: मेमोरी पदानुक्रम, एसरैम और डीरैम, रोम परिवार, कैश, वर्चुअल मेमोरी, डिस्क क्षमताएं तथा स्टोरेज इकाइयां।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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मेमोरी और स्टोरेज: रैम, रोम, कैश और इकाइयां — GK24 title card
मेमोरी और स्टोरेज: रैम, रोम, कैश और इकाइयां — GK24 title card

कंप्यूटर जिस भी आंकड़े पर काम करता है, उसे कहीं रखना पड़ता है, और उसे रखने की जगहों की जो श्रृंखला होती है — प्रोसेसर के भीतर बैठे रजिस्टर से लेकर तिजोरी में रखी मैग्नेटिक टेप तक — उसे मेमोरी पदानुक्रम कहा जाता है। प्रश्नपत्र बनाने वाले हर साल इस अध्याय पर लौटते हैं, क्योंकि यह पदानुक्रम एक ऐसी सीढ़ी है जिस पर चार गुण सदा साथ चलते हैं: मेमोरी जितनी प्रोसेसर के पास होगी, उतनी ही तेज़, उतनी ही छोटी, प्रति बाइट उतनी ही महंगी और उतनी ही वोलेटाइल होगी; और जितनी दूर होगी, उतनी ही धीमी, बड़ी, सस्ती तथा स्थायी होगी। यह सीढ़ी एक बार याद कर लें, तो अधिकांश प्रश्न स्वयं हल हो जाते हैं।

मेमोरी पदानुक्रम, स्तर दर स्तर

रजिस्टर मशीन की सबसे तेज़ मेमोरी है। यह सीपीयू के भीतर ही होती है, उस क्षण अंकगणित और तर्क इकाई जिस शब्द पर काम कर रही है उसे रखती है, और बाइट में मापी जाती है। इसके बाद कैश मेमोरी आती है: स्टैटिक रैम से बनी छोटी और बहुत तेज़ मेमोरी, जो प्रोसेसर द्वारा हाल में प्रयुक्त निर्देश और आंकड़े रखती है, ताकि सीपीयू को धीमी मुख्य मेमोरी की प्रतीक्षा न करनी पड़े। प्राथमिक या मुख्य मेमोरी मदरबोर्ड पर लगी रैम और रोम है, जिसे प्रोसेसर सीधे संबोधित कर सकता है। सेकंडरी स्टोरेज — हार्ड डिस्क, सॉलिड स्टेट ड्राइव, पेन ड्राइव और डिस्क — प्रोग्राम तथा फ़ाइलें स्थायी रूप से रखती है, परंतु प्रोसेसर उसे सीधे नहीं पढ़ सकता; पहले उसकी सामग्री रैम में लानी पड़ती है। टर्शियरी या ऑफ़लाइन स्टोरेज, जैसे मैग्नेटिक टेप, बैकअप और अभिलेखन के लिए होती है।

स्तरउदाहरणगति और आकार
रजिस्टरएक्युमुलेटर, प्रोग्राम काउंटरसबसे तेज़; कुछ बाइट
कैशएल1, एल2 और एल3 कैशबहुत तेज़; किलोबाइट से मेगाबाइट
मुख्य मेमोरीडीरैम मॉड्यूल, रोम चिपतेज़; गीगाबाइट
सेकंडरीहार्ड डिस्क, एसएसडी, पेन ड्राइवधीमी; गीगाबाइट से टेराबाइट
टर्शियरीमैग्नेटिक टेपसबसे धीमी; अभिलेख और बैकअप

रैम, वोलेटाइल कार्यकारी मेमोरी

रैंडम एक्सेस मेमोरी पठन-लेखन मेमोरी है: प्रोसेसर उससे पढ़ भी सकता है और उसमें लिख भी सकता है, तथा हर स्थान तक पहुंचने में समान समय लगता है, रैंडम एक्सेस का अर्थ यही है। रैम वोलेटाइल है, इसलिए बिजली बंद होते ही उसकी सामग्री मिट जाती है। इसके दो परिवार हैं। स्टैटिक रैम प्रत्येक बिट को ट्रांजिस्टरों के फ़्लिप-फ़्लॉप में रखती है, उसे रीफ़्रेश की आवश्यकता नहीं होती, वह बहुत तेज़ और बहुत महंगी है, अतः कैश के रूप में प्रयुक्त होती है। डायनामिक रैम प्रत्येक बिट को एक अत्यंत छोटे कैपेसिटर पर आवेश के रूप में रखती है, जो रिसता रहता है, इसलिए परिपथ को हर सेल को सेकंड में हज़ारों बार रीफ़्रेश करना पड़ता है; वह धीमी है परंतु कहीं अधिक घनी और सस्ती, इसीलिए हर कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी डीरैम होती है। एसडीरैम तथा डीडीआर, डीडीआर2, डीडीआर3 और डीडीआर4 मॉड्यूल सिंक्रोनस डीरैम की क्रमिक पीढ़ियां हैं।

तुलना का बिंदुएसरैमडीरैम
भंडारण तत्वट्रांजिस्टरों का फ़्लिप-फ़्लॉपकैपेसिटर
रीफ़्रेशआवश्यक नहींनिरंतर आवश्यक
गति और लागतअधिक तेज़, अधिक महंगीधीमी, सस्ती
सामान्य उपयोगकैश मेमोरीमुख्य मेमोरी

रोम और उसका परिवार

रीड ओनली मेमोरी नॉन-वोलेटाइल है: बिजली के बिना भी वह अपनी सामग्री बनाए रखती है और सामान्य उपयोग में उसमें लिखा नहीं जाता। स्विच दबाते ही मशीन को जिसकी आवश्यकता होती है, वही उसमें रहता है — बूटस्ट्रैप लोडर और बायोस — इसी कारण रोम की सामग्री को फ़र्मवेयर कहा जाता है। इस परिवार के चार सदस्य जोड़ों में पूछे जाते हैं। एमरोम मास्क्ड रोम है, जिसे निर्माता स्थायी रूप से लिखता है। पीरोम को उपयोगकर्ता पीरोम बर्नर से एक बार लिख सकता है, फिर कभी नहीं। ईपीरोम को उसकी क्वार्ट्ज़ खिड़की पर पराबैंगनी प्रकाश डालकर मिटाया जाता है, जिसके बाद उसे फिर लिखा जा सकता है। ईईपीरोम को विद्युत संकेत से, बाइट दर बाइट, चिप को परिपथ से निकाले बिना मिटाया और फिर लिखा जाता है; फ़्लैश मेमोरी ईईपीरोम का ही तेज़, ब्लॉक में मिटने वाला रूप है, और पेन ड्राइव, मेमोरी कार्ड तथा सॉलिड स्टेट ड्राइव सभी इसी से बनते हैं।

कैश हिट और वर्चुअल मेमोरी

जब प्रोसेसर कोई शब्द मांगे और वह कैश में मिल जाए, तो उसे कैश हिट कहते हैं; न मिले तो कैश मिस, और तब शब्द मुख्य मेमोरी से लाना पड़ता है। प्रोसेसर कई स्तर प्रयोग करते हैं: एल1 प्रत्येक कोर के भीतर और सबसे छोटा, फिर एल2, फिर कोरों के बीच साझा बड़ा एल3। वर्चुअल मेमोरी इसके उलट काम करती है। रैम कम पड़ने पर ऑपरेटिंग सिस्टम निष्क्रिय पृष्ठों को हार्ड डिस्क के आरक्षित भाग, स्वैप स्पेस या पेज फ़ाइल में भेज देता है, जिससे भौतिक रैम से बड़े प्रोग्राम भी चल जाते हैं। इससे मशीन ऐसा व्यवहार करती है जैसे उसमें वास्तविक से अधिक रैम हो, परंतु गति की कीमत पर।

सेकंडरी स्टोरेज और उसकी तीन तकनीकें

सेकंडरी स्टोरेज को उसकी भौतिकी के आधार पर बांटा जाता है। मैग्नेटिक उपकरण एक परत को चुंबकित करते हैं: घूमती प्लेटों, रीड-राइट हेड, ट्रैक, सेक्टर और सिलिंडर वाली हार्ड डिस्क, पुरानी फ़्लॉपी डिस्क, तथा मैग्नेटिक टेप, जो अनुक्रमिक अभिगम वाला एकमात्र सामान्य उपकरण है। ऑप्टिकल उपकरण लेज़र से गड्ढे जलाते और पढ़ते हैं: 700 एमबी की कॉम्पैक्ट डिस्क, एक तरफ़ एक परत वाली 4.7 जीबी की डीवीडी, और प्रति परत 25 जीबी की ब्लू-रे डिस्क। फ़्लैश या सॉलिड स्टेट उपकरणों में कोई चलने वाला पुरजा नहीं होता और वे फ़्लोटिंग गेट सेल में आवेश फंसाते हैं: पेन ड्राइव, एसडी कार्ड और एसएसडी, जो हार्ड डिस्क से तेज़, नि:शब्द तथा झटका सहने में कहीं अधिक सक्षम हैं।

भंडारण की इकाइयां

बिट एक द्विआधारी अंक है, 0 या 1। चार बिट से एक निबल और आठ बिट से एक बाइट बनती है, जितनी जगह एक वर्ण को चाहिए। बाइट के ऊपर हर चरण 1,024 से गुणा होता है, जो 2 का दसवां घात है: 1,024 बाइट से एक किलोबाइट, 1,024 केबी से एक मेगाबाइट, 1,024 एमबी से एक गीगाबाइट, 1,024 जीबी से एक टेराबाइट, और यह सीढ़ी पेटाबाइट, एक्साबाइट, ज़ेटाबाइट तथा योटाबाइट तक चलती है। शब्द लंबाई वह बिट संख्या है जिसे प्रोसेसर एक बार में संभालता है, आज की मशीनों में 32 या 64 बिट।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय पर प्रश्नों के पांच परिवार बनते हैं। पहला पूछता है कि सबसे तेज़ मेमोरी कौन है, जिसका उत्तर रजिस्टर है, और यदि विकल्पों में रजिस्टर न हो तो कैश। दूसरा वोलेटाइल या नॉन-वोलेटाइल वर्गीकरण मांगता है, अतः रैम को एक ओर और रोम, फ़्लैश, डिस्क तथा डीवीडी को दूसरी ओर रखें। तीसरा इकाइयों का गणित है: निबल या बाइट में बिट, मेगाबाइट में किलोबाइट, टेराबाइट में गीगाबाइट। चौथा रोम परिवार पर होता है और जाल यही है कि ईपीरोम को ईईपीरोम समझ लिया जाए: ईपीरोम पराबैंगनी प्रकाश से और ईईपीरोम विद्युत संकेत से मिटती है। पांचवां क्षमता पूछता है, इसलिए 1.44 एमबी, 700 एमबी, 4.7 जीबी और 25 जीबी को एक समूह में याद करें। छठा, कम आने वाला प्रकार पूछता है कि अनुक्रमिक भंडारण कौन है, और उत्तर मैग्नेटिक टेप है।

महत्वपूर्ण तथ्य

सबसे तेज़ मेमोरीरजिस्टर, सीपीयू के भीतर
कैश मेमोरी बनती हैस्टैटिक रैम (एसरैम) से
मुख्य मेमोरी बनती हैडायनामिक रैम (डीरैम) से, जिसे निरंतर रीफ़्रेश चाहिए
वोलेटाइल मेमोरीरैम; बिजली जाने पर उसकी सामग्री मिट जाती है
ईपीरोम मिटती हैक्वार्ट्ज़ खिड़की से आती पराबैंगनी प्रकाश से
ईईपीरोम मिटती हैविद्युत संकेत से, बाइट दर बाइट, परिपथ में लगी रहते हुए
निबल और बाइट1 निबल = 4 बिट; 1 बाइट = 8 बिट
इकाइयों के बीच चरण1,024, अर्थात 2 का दसवां घात
सीडी की क्षमता700 एमबी
डीवीडी की क्षमता4.7 जीबी, एक तरफ़ एक परत
ब्लू-रे की क्षमताप्रति परत 25 जीबी
3.5 इंच फ़्लॉपी डिस्क1.44 एमबी
अनुक्रमिक अभिगम उपकरणमैग्नेटिक टेप
डिस्क पर वर्चुअल मेमोरी का क्षेत्रस्वैप स्पेस, जिसे पेज फ़ाइल भी कहते हैं
फ़्लैश मेमोरी किसका रूप हैईईपीरोम का, जो ब्लॉक में मिटती है

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.कंप्यूटर ज्ञानआसान

निम्नलिखित में से कंप्यूटर प्रणाली की सबसे तेज़ मेमोरी कौन-सी है?

  1. A.कैश मेमोरी
  2. B.रजिस्टर
  3. C.मुख्य मेमोरी
  4. D.हार्ड डिस्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रजिस्टर

व्याख्या

सही उत्तर है B, रजिस्टर। रजिस्टर सीपीयू के भीतर ही बना होता है और उस क्षण अंकगणित तथा तर्क इकाई जिस शब्द पर काम कर रही है उसे रखता है, इसलिए वह एक ही क्लॉक चक्र में पढ़ा और लिखा जाता है। मशीन में कोई भी चीज़ प्रोसेसर के इतने पास नहीं है, और कोई भी इतनी तेज़ नहीं है।

विकल्प A, कैश मेमोरी, दूसरे क्रम की तेज़ मेमोरी है और वही सही उत्तर होता है जब विकल्पों में रजिस्टर न हो; वह सीपीयू और मुख्य मेमोरी के बीच रहती है तथा स्टैटिक रैम से बनी होती है। विकल्प C, मुख्य मेमोरी, वह डीरैम है जिसे प्रोसेसर सीधे संबोधित करता है, जो तेज़ है परंतु कैश से एक स्तर धीमी, क्योंकि उसकी हर सेल को रीफ़्रेश करना पड़ता है। विकल्प D, हार्ड डिस्क, घूमती प्लेटों और हेड वाला सेकंडरी स्टोरेज है, अतः उसका अभिगम समय मिलीसेकंड में होता है जबकि ऊपर के स्तरों का नैनोसेकंड में। याद रखने योग्य क्रम है: रजिस्टर, कैश, मुख्य मेमोरी, सेकंडरी स्टोरेज, मैग्नेटिक टेप।

Q2.कंप्यूटर ज्ञानआसान

एक निबल में कितने बिट होते हैं?

  1. A.2 बिट
  2. B.4 बिट
  3. C.8 बिट
  4. D.16 बिट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 4 बिट

व्याख्या

सही उत्तर है B, 4 बिट। निबल आधी बाइट है, अर्थात चार द्विआधारी अंक, और इसका महत्व यह है कि एक निबल ठीक एक हेक्साडेसिमल अंक के रूप में लिखी जाती है, 0 से F तक। इसीलिए हेक्साडेसिमल में लिखे मेमोरी पते चार-चार बिट में पढ़े जाते हैं।

विकल्प A, 2 बिट, का इस सीढ़ी में कोई मानक नाम नहीं है और वह केवल भ्रम फैलाने वाला विकल्प है। विकल्प C, 8 बिट, एक बाइट है, यानी आस्की योजना में एक वर्ण रखने के लिए आवश्यक जगह, और यही सबसे आम गलत चयन है क्योंकि परीक्षार्थी बाइट को निबल समझ लेते हैं। विकल्प D, 16 बिट, दो बाइट हैं, जिन्हें 32 बिट मशीन पर अक्सर हाफ़ वर्ड कहा जाता है। छोटी सीढ़ी स्मृति में बैठा लें: 1 बिट, 4 बिट की निबल, 8 बिट की बाइट, और उसके बाद हर बड़ी इकाई 1,024 से गुणा।

Q3.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

अपनी सामग्री बनाए रखने के लिए किस मेमोरी को सेकंड में हज़ारों बार रीफ़्रेश करना पड़ता है?

  1. A.एसरैम
  2. B.डीरैम
  3. C.रोम
  4. D.फ़्लैश मेमोरी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डीरैम

व्याख्या

सही उत्तर है B, डीरैम। डायनामिक रैम प्रत्येक बिट को एक अत्यंत छोटे कैपेसिटर पर आवेश के रूप में रखती है, और वह आवेश कुछ मिलीसेकंड में रिस जाता है, इसलिए मेमोरी कंट्रोलर को हर सेल लगातार पढ़कर फिर लिखनी पड़ती है। नाम में आया डायनामिक शब्द इसी रीफ़्रेश चक्र की ओर संकेत करता है।

विकल्प A, एसरैम, प्रत्येक बिट को ट्रांजिस्टरों के फ़्लिप-फ़्लॉप में रखती है, जो बिजली मिलते रहने तक अपनी अवस्था बनाए रखता है, अतः उसे रीफ़्रेश की आवश्यकता ही नहीं होती; इसी कारण वह कैश के लिए पर्याप्त तेज़ और मुख्य मेमोरी के लिए बहुत महंगी है। विकल्प C, रोम, नॉन-वोलेटाइल है और बिजली के बिना भी सामग्री रखती है, इसलिए रीफ़्रेश का प्रश्न ही नहीं उठता। विकल्प D, फ़्लैश मेमोरी, भी नॉन-वोलेटाइल है: वह फ़्लोटिंग गेट में आवेश फंसाती है जो वर्षों टिकता है, इसीलिए पेन ड्राइव और एसएसडी निकाल लेने पर भी आंकड़े बचाए रखते हैं। केवल डायनामिक रैम रीफ़्रेश होती है।

Q4.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

ईपीरोम चिप की सामग्री किसके संपर्क में लाकर मिटाई जाती है?

  1. A.विद्युत संकेत
  2. B.पराबैंगनी प्रकाश
  3. C.चुंबकीय क्षेत्र
  4. D.अवरक्त विकिरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पराबैंगनी प्रकाश

व्याख्या

सही उत्तर है B, पराबैंगनी प्रकाश। इरेज़ेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी चिप पर सिलिकॉन के ऊपर एक छोटी क्वार्ट्ज़ खिड़की लगी होती है; उस खिड़की से डाला गया पराबैंगनी प्रकाश हर सेल का फंसा आवेश एक साथ मुक्त कर देता है और चिप को खाली अवस्था में लौटा देता है, जिसके बाद उसे फिर से प्रोग्राम किया जा सकता है।

विकल्प A, विद्युत संकेत, ईईपीरोम को मिटाता है, अर्थात विद्युत रूप से मिटने वाले संस्करण को, और इस अध्याय की सबसे बड़ी उलझन यही है: ईपीरोम को प्रकाश चाहिए, ईईपीरोम को वोल्टता, तथा ईईपीरोम चिप निकाले बिना एक-एक बाइट मिटाई जा सकती है। विकल्प C, चुंबकीय क्षेत्र, टेप या फ़्लॉपी डिस्क जैसे चुंबकीय माध्यम को मिटाता है, अर्धचालक रोम को नहीं। विकल्प D, अवरक्त विकिरण, में फंसे इलेक्ट्रॉन मुक्त करने योग्य ऊर्जा नहीं होती और वह केवल भ्रम का विकल्प है। यह भी याद रखें कि एमरोम निर्माता लिखता है और पीरोम केवल एक बार लिखी जा सकती है।

Q5.कंप्यूटर ज्ञानआसान

एक टेराबाइट कितने गीगाबाइट के बराबर होता है?

  1. A.100 जीबी
  2. B.512 जीबी
  3. C.1,024 जीबी
  4. D.2,048 जीबी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1,024 जीबी

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1,024 जीबी। भंडारण इकाइयों की सीढ़ी का प्रत्येक चरण 1,024 से गुणा होता है, क्योंकि 1,024 दो का दसवां घात है और मेमोरी द्विआधारी पद्धति में संबोधित होती है। इसलिए 1,024 बाइट से एक किलोबाइट, 1,024 किलोबाइट से एक मेगाबाइट, 1,024 मेगाबाइट से एक गीगाबाइट और 1,024 गीगाबाइट से एक टेराबाइट बनता है।

विकल्प A, 100 जीबी, तभी सही होता जब इकाइयां दस के घातों में बढ़तीं, जैसा डिस्क बनाने वाली कंपनियां विज्ञापन में दिखाती हैं, परंतु परीक्षा में गणना वैसे नहीं होती। विकल्प B, 512 जीबी, ड्राइव का एक आम आकार और दो का घात है, पर वह द्विआधारी टेराबाइट का आधा है, पूरा नहीं। विकल्प D, 2,048 जीबी, दो टेराबाइट हैं। टेराबाइट के आगे की श्रृंखला भी याद रखें, क्योंकि वह पूछी जाती है: पेटाबाइट, एक्साबाइट, ज़ेटाबाइट और योटाबाइट, प्रत्येक पिछली इकाई का 1,024 गुना।

Q6.कंप्यूटर ज्ञानआसान

निम्नलिखित में से वोलेटाइल मेमोरी का उदाहरण कौन है?

  1. A.रोम
  2. B.रैम
  3. C.हार्ड डिस्क
  4. D.पेन ड्राइव
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. रैम

व्याख्या

सही उत्तर है B, रैम। रैंडम एक्सेस मेमोरी किसी बिट को तभी तक रखती है जब तक उसे बिजली मिलती रहे, चाहे सेल स्टैटिक रैम का फ़्लिप-फ़्लॉप हो या डायनामिक रैम का रिसता कैपेसिटर। आपूर्ति कटते ही रैम में रखा सब कुछ मिट जाता है, इसीलिए बिजली जाने पर बिना सहेजा काम चला जाता है।

विकल्प A, रोम, मानक नॉन-वोलेटाइल प्राथमिक मेमोरी है और अगली बार मशीन चालू होने के लिए बूटस्ट्रैप लोडर तथा बायोस तैयार रखती है। विकल्प C, हार्ड डिस्क, आंकड़ों को अपनी प्लेटों पर स्थायी चुंबकीय प्रतिरूप के रूप में रखती है, इसलिए उसे स्मरण के लिए बिजली नहीं चाहिए। विकल्प D, पेन ड्राइव, फ़्लैश मेमोरी प्रयोग करती है, जो फ़्लोटिंग गेट में आवेश फंसाकर उसे वर्षों बिना आपूर्ति के बनाए रखती है। संक्षेप में, इन चारों में केवल रैम वोलेटाइल है; कैश भी स्टैटिक रैम होने के कारण वोलेटाइल है और रैम न दी हो तो वही उत्तर बनती है।

Q7.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

एक तरफ़ एक परत वाली मानक डीवीडी की भंडारण क्षमता कितनी होती है?

  1. A.700 एमबी
  2. B.1.44 एमबी
  3. C.4.7 जीबी
  4. D.25 जीबी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4.7 जीबी

व्याख्या

सही उत्तर है C, 4.7 जीबी। डिजिटल वर्सेटाइल डिस्क कॉम्पैक्ट डिस्क से छोटी तरंगदैर्घ्य वाला लेज़र और महीन गड्ढे प्रयोग करती है, इसलिए एक तरफ़ एक रिकॉर्डिंग परत में लगभग 4.7 जीबी आता है; उसी आकार की दो परत वाली डिस्क में करीब 8.5 जीबी आता है।

विकल्प A, 700 एमबी, साधारण कॉम्पैक्ट डिस्क की क्षमता है और परीक्षा कक्ष में डीवीडी के साथ सबसे अधिक इसी का घालमेल होता है। विकल्प B, 1.44 एमबी, 3.5 इंच फ़्लॉपी डिस्क की क्षमता है, जो पुराने पाठ्यक्रमों में आने के कारण अब भी पूछी जाती है। विकल्प D, 25 जीबी, ब्लू-रे डिस्क की एक परत है, जिसे और भी छोटी तरंगदैर्घ्य वाला नीला-बैंगनी लेज़र पढ़ता है। इन चारों क्षमताओं को एक समूह में याद करें, क्योंकि प्रश्न अक्सर सभी को विकल्प बनाकर एक मांगता है: 1.44 एमबी, 700 एमबी, 4.7 जीबी और 25 जीबी।

Q8.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

कैश मेमोरी कंप्यूटर की किन दो इकाइयों के बीच रखी जाती है?

  1. A.सीपीयू और मुख्य मेमोरी
  2. B.मुख्य मेमोरी और हार्ड डिस्क
  3. C.कीबोर्ड और सीपीयू
  4. D.सीपीयू और प्रिंटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सीपीयू और मुख्य मेमोरी

व्याख्या

सही उत्तर है A, सीपीयू और मुख्य मेमोरी। कैश स्टैटिक रैम का छोटा खंड है जो प्रोसेसर द्वारा हाल में प्रयुक्त निर्देश तथा आंकड़े रखता है। चूंकि वह डीरैम से कई गुना कम समय में उत्तर देता है, इसलिए वह तेज़ प्रोसेसर और धीमी मुख्य मेमोरी के बीच की खाई ढक देता है; उससे पूरी हुई मांग कैश हिट और न पूरी हुई मांग कैश मिस कहलाती है।

विकल्प B डिस्क बफ़र या डिस्क कैश का वर्णन करता है, जो भिन्न व्यवस्था है और इस अध्याय में कैश मेमोरी शब्द का अर्थ वह नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि कीबोर्ड से आया इनपुट एक कंट्रोलर और छोटा बफ़र संभालते हैं, सीपीयू कैश नहीं। विकल्प D इसी कारण आउटपुट की ओर गलत है, जहां प्रिंटर का अपना बफ़र होता है और ऑपरेटिंग सिस्टम स्पूलिंग प्रयोग करता है। स्तर भी याद रखें: एल1 प्रत्येक कोर के भीतर, फिर एल2, और कोरों के बीच साझा बड़ा एल3।

Q9.कंप्यूटर ज्ञानकठिन

कौन-सी तकनीक हार्ड डिस्क के एक भाग को मेमोरी की तरह प्रयोग कर भौतिक रैम से बड़े प्रोग्राम चलाने देती है?

  1. A.कैशिंग
  2. B.वर्चुअल मेमोरी
  3. C.स्पूलिंग
  4. D.डीफ़्रैग्मेंटेशन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वर्चुअल मेमोरी

व्याख्या

सही उत्तर है B, वर्चुअल मेमोरी। ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क का एक क्षेत्र आरक्षित रखता है, जिसे स्वैप स्पेस या पेज फ़ाइल कहते हैं, और जिन पृष्ठों पर प्रोग्राम सक्रिय रूप से काम नहीं कर रहा उन्हें वहां भेज देता है। प्रोग्राम को एक बड़ा पता स्थान दिखता है, इसलिए लगी रैम से बड़ा सॉफ़्टवेयर भी चल जाता है, हालांकि हर अदला-बदली समय लेती है क्योंकि डिस्क मेमोरी से बहुत धीमी है।

विकल्प A, कैशिंग, इसका उलटा करता है: वह हाल में प्रयुक्त आंकड़े प्रोसेसर के पास की तेज़ मेमोरी में रखता है, मेमोरी को धीमे उपकरण पर नहीं बढ़ाता। विकल्प C, स्पूलिंग, छपाई की प्रतीक्षा करते दस्तावेज़ जैसे कार्यों को डिस्क पर कतार में रखता है ताकि सीपीयू धीमे परिधीय उपकरण की प्रतीक्षा न करे। विकल्प D, डीफ़्रैग्मेंटेशन, डिस्क पर बिखरे फ़ाइल-खंडों को क्रम से एक साथ ले आता है जिससे पढ़ने की गति बढ़े; वह मेमोरी में कुछ नहीं जोड़ता।

Q10.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

सॉलिड स्टेट ड्राइव आंकड़े किसकी सहायता से रखती है?

  1. A.घूमती चुंबकीय प्लेटों
  2. B.फ़्लैश मेमोरी चिप
  3. C.लेज़र से पढ़े जाने वाले गड्ढों
  4. D.रीलों पर लिपटी मैग्नेटिक टेप
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ़्लैश मेमोरी चिप

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ़्लैश मेमोरी चिप। एसएसडी फ़्लैश मेमोरी से बनी होती है, जो स्वयं ईईपीरोम का ब्लॉक में मिटने वाला रूप है और फ़्लोटिंग गेट सेल में आवेश फंसाती है। उसमें न मोटर है, न प्लेट, न हेड, इसलिए उसका सीक समय शून्य है, वह कोई शोर नहीं करती और झटके सह लेती है, इसी कारण नई मशीनों में उसने हार्ड डिस्क की जगह ले ली है।

विकल्प A हार्ड डिस्क ड्राइव का वर्णन है, जिसमें आंकड़े घूमती प्लेटों पर ट्रैक, सेक्टर और सिलिंडर के क्रम में चुंबकीय रूप से लिखे जाते हैं। विकल्प C ऑप्टिकल माध्यम का वर्णन है, अर्थात सीडी, डीवीडी और ब्लू-रे डिस्क, जहां लेज़र परावर्तक परत पर गड्ढे जलाता और पढ़ता है। विकल्प D मैग्नेटिक टेप का वर्णन है, जो अभिलेखन का माध्यम और अनुक्रमिक अभिगम भंडारण का मानक उदाहरण है। ये चारों सेकंडरी स्टोरेज हैं: एसएसडी का अंतर तकनीक का है, मेमोरी पदानुक्रम में उसके स्थान का नहीं।

Q11.कंप्यूटर ज्ञानआसान

मानक 3.5 इंच फ़्लॉपी डिस्क की भंडारण क्षमता कितनी थी?

  1. A.720 केबी
  2. B.1.44 एमबी
  3. C.2.88 एमबी
  4. D.10 एमबी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1.44 एमबी

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1.44 एमबी। धातु के शटर वाली चौकोर प्लास्टिक डिस्केट, यानी 3.5 इंच की हाई डेंसिटी फ़्लॉपी डिस्क, 1.44 एमबी पर फ़ॉर्मैट होती थी, और यह आंकड़ा कंप्यूटर जागरूकता के प्रश्नपत्रों में अब भी पूछा जाता है क्योंकि वह क्षमता की सीढ़ी का सबसे निचला पायदान है।

विकल्प A, 720 केबी, पहले की डबल डेंसिटी 3.5 इंच डिस्क की क्षमता थी, यानी सचमुच का आंकड़ा, परंतु मानक नहीं, और सबसे अधिक इसी विकल्प पर परीक्षार्थी फिसलते हैं। विकल्प C, 2.88 एमबी, एक एक्स्ट्रा हाई डेंसिटी प्रारूप की क्षमता थी जो प्रचलन में कभी नहीं आया। विकल्प D, 10 एमबी, आरंभिक हार्ड डिस्क का आकार था, किसी फ़्लॉपी का नहीं। इस समूह को क्रम में याद रखें और प्रश्न का कोई भी रूप कठिन नहीं लगेगा: फ़्लॉपी 1.44 एमबी, सीडी 700 एमबी, एक परत वाली डीवीडी 4.7 जीबी और ब्लू-रे की एक परत 25 जीबी।

Q12.कंप्यूटर ज्ञानकठिन

कौन-सी मेमोरी नॉन-वोलेटाइल है और चिप को परिपथ से निकाले बिना, विद्युत संकेत से, बाइट दर बाइट मिटाई तथा फिर लिखी जा सकती है?

  1. A.ईपीरोम
  2. B.ईईपीरोम
  3. C.पीरोम
  4. D.एसरैम
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. ईईपीरोम

व्याख्या

सही उत्तर है B, ईईपीरोम। इलेक्ट्रिकली इरेज़ेबल प्रोग्रामेबल रीड ओनली मेमोरी वोल्टता लगाकर, एक बार में एक बाइट, चिप को यथावत लगी रहते हुए मिटाई जाती है, इसीलिए वह ऐसी सूचनाओं के लिए प्रयुक्त होती है जिन्हें बिजली जाने पर भी बचा रहना चाहिए और कभी-कभी बदला भी जाना चाहिए, जैसे किसी उपकरण की विन्यास सूचना।

विकल्प A, ईपीरोम, भी मिटाई जा सकने वाली और नॉन-वोलेटाइल है, परंतु उसे क्वार्ट्ज़ खिड़की से पराबैंगनी प्रकाश चाहिए, जो पूरी चिप एक साथ मिटाता है और सामान्यतः चिप निकालनी पड़ती है। विकल्प C, पीरोम, उपयोगकर्ता द्वारा केवल एक बार लिखी जा सकती है और कभी मिटाई नहीं जा सकती, क्योंकि प्रोग्राम करते समय उसके भीतर के संपर्क स्थायी रूप से जल जाते हैं। विकल्प D, एसरैम, रीड ओनली मेमोरी ही नहीं है: वह कैश के रूप में प्रयुक्त तेज़ वोलेटाइल मेमोरी है और बिजली रुकते ही सब खो देती है। यह भी ध्यान रखें कि फ़्लैश मेमोरी बाइट के बजाय ब्लॉक में मिटने वाली ईईपीरोम है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कंप्यूटर की सबसे तेज़ मेमोरी कौन-सी है?

रजिस्टर, क्योंकि वह सीपीयू के भीतर ही होता है और एक ही क्लॉक चक्र में पढ़ा जाता है। यदि विकल्पों में रजिस्टर न दिया हो तो शेष में कैश मेमोरी सबसे तेज़ है, उसके बाद मुख्य मेमोरी, फिर हार्ड डिस्क जैसा सेकंडरी स्टोरेज और अंत में मैग्नेटिक टेप। प्रोसेसर से दूर जाते हर चरण पर गति घटती है और क्षमता बढ़ती है।

प्राथमिक और सेकंडरी मेमोरी में क्या अंतर है?

प्राथमिक मेमोरी, यानी मदरबोर्ड पर लगी रैम और रोम, को प्रोसेसर सीधे संबोधित कर सकता है और वह गीगाबाइट में मापी जाती है; उसका रैम वाला भाग वोलेटाइल होता है। सेकंडरी स्टोरेज, जैसे हार्ड डिस्क, एसएसडी या पेन ड्राइव, आंकड़े स्थायी रूप से रखता है और बहुत बड़ा होता है, परंतु प्रोसेसर उस पर सीधे काम नहीं कर सकता, इसलिए पहले उसकी सामग्री रैम में लानी पड़ती है।

रैम को वोलेटाइल मेमोरी क्यों कहा जाता है?

क्योंकि रैम किसी बिट को तभी तक रखती है जब तक उसे बिजली मिलती रहे: स्टैटिक रैम की सेल को अपना फ़्लिप-फ़्लॉप बनाए रखने के लिए धारा चाहिए और डायनामिक रैम की सेल को रिसते कैपेसिटर को भरने के लिए रीफ़्रेश संकेत। आपूर्ति कटते ही दोनों की सामग्री मिट जाती है, इसीलिए बिजली जाने पर बिना सहेजा काम चला जाता है जबकि डिस्क की फ़ाइलें बची रहती हैं।

1 जीबी में कितने मेगाबाइट और 1 टीबी में कितने गीगाबाइट होते हैं?

एक गीगाबाइट में 1,024 मेगाबाइट और एक टेराबाइट में 1,024 गीगाबाइट होते हैं, क्योंकि भंडारण इकाइयों की सीढ़ी का हर चरण 1,024 से गुणा होता है, जो 2 का दसवां घात है। पूरा क्रम है: बिट, 4 बिट का निबल, 8 बिट की बाइट, किलोबाइट, मेगाबाइट, गीगाबाइट, टेराबाइट, पेटाबाइट, एक्साबाइट, ज़ेटाबाइट और योटाबाइट।

वर्चुअल मेमोरी क्या है?

वर्चुअल मेमोरी हार्ड डिस्क का आरक्षित क्षेत्र है, जिसे स्वैप स्पेस या पेज फ़ाइल कहते हैं और ऑपरेटिंग सिस्टम उसे रैम के विस्तार की तरह प्रयोग करता है। जिन पृष्ठों पर प्रोग्राम सक्रिय रूप से काम नहीं कर रहा, उन्हें वहां भेज दिया जाता है, जिससे भौतिक रैम से अधिक जगह मांगने वाला सॉफ़्टवेयर भी चल जाता है। डिस्क रैम से बहुत धीमी होती है, इसलिए वर्चुअल मेमोरी का अधिक प्रयोग मशीन को सुस्त कर देता है।

सॉलिड स्टेट ड्राइव प्राथमिक मेमोरी है या सेकंडरी स्टोरेज?

वह सेकंडरी स्टोरेज है। एसएसडी नॉन-वोलेटाइल है, बिजली जाने के बाद भी फ़ाइलें रखती है और प्रोसेसर उसे सीधे संबोधित नहीं कर सकता। हार्ड डिस्क से उसका अंतर केवल तकनीक का है: एसएसडी बिना किसी चलने वाले पुरजे के फ़्लैश सेल में आवेश रखती है, इसलिए तेज़, नि:शब्द और झटका सहने वाली है, जबकि हार्ड डिस्क घूमती प्लेटों पर चुंबकीय रूप से लिखती है।

स्रोत

  • कंप्यूटर साइंस, कक्षा 11, कंप्यूटर सिस्टम और मेमोरी अध्याय — एनसीईआरटी
  • इन्फ़ॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज़, कक्षा 11, कंप्यूटर सिस्टम अध्याय — एनसीईआरटी
  • कोर्स ऑन कंप्यूटर कॉन्सेप्ट्स पाठ्यक्रम, मेमोरी और स्टोरेज डिवाइस — नाइलिट, इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
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