कंप्यूटर की मूल बातें और पीढ़ियां: नोट्स और प्रश्न
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर की मूल बातें: इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट चक्र, सीपीयू के भाग, मेमोरी और भंडारण की इकाइयाँ तथा कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ और उनके आविष्कारक।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो आँकड़े लेती है, संचित निर्देशों के अनुसार उन पर कार्रवाई करती है और परिणाम देती है। एसएससी, बैंकिंग और रेलवे की परीक्षाओं में कंप्यूटर ज्ञान का भाग अंक बटोरने वाला माना जाता है, क्योंकि यहाँ प्रश्न तथ्यात्मक होते हैं और हर वर्ष दोहराए जाते हैं। लगभग सभी प्रश्न चार छोटे क्षेत्रों से आते हैं: मशीन करती क्या है, आरंभिक मशीनें किसने बनाईं, प्रत्येक पीढ़ी को कौन सा इलेक्ट्रॉनिक अवयव परिभाषित करता है, और मेमोरी तथा भंडारण को किन इकाइयों में नापा जाता है।
कंप्यूटर क्या करता है: इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट चक्र
हर कंप्यूटर इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट चक्र पर काम करता है। कच्ची और बिना क्रम की सामग्री को डेटा कहते हैं और कार्रवाई के बाद मिलने वाले सार्थक परिणाम को सूचना कहते हैं। कीबोर्ड, माउस, स्कैनर, जॉयस्टिक, लाइट पेन, बारकोड रीडर और माइक्रोफ़ोन इनपुट उपकरण हैं। मॉनिटर, प्रिंटर, प्लॉटर और स्पीकर आउटपुट उपकरण हैं। कुछ उपकरण दोनों काम करते हैं, जैसे टचस्क्रीन, मॉडेम और हार्ड डिस्क। गीगो अर्थात कचरा भीतर तो कचरा बाहर वाला नियम इस अध्याय का सबसे अधिक पूछा जाने वाला विचार है: कंप्यूटर के पास अपनी बुद्धि नहीं होती और वह ग़लत इनपुट को स्वयं ठीक नहीं कर सकता।
कंप्यूटर की विशेषताओं की परीक्षा में मानी गई सूची है गति, शुद्धता, अथकता, बहुउपयोगिता, भंडारण क्षमता और स्वचालन। अथकता का अर्थ है कि मशीन लंबे समय तक काम करते हुए भी थकती नहीं और उसका ध्यान नहीं भटकता। इसकी दो प्रमुख सीमाएँ हैं बुद्धि का अभाव और बिना प्रोग्राम के निर्णय लेने की क्षमता का अभाव।
अबेकस से माइक्रोप्रोसेसर तक
चीन में विकसित अबेकस को गणना का सबसे प्राचीन उपकरण माना जाता है। यांत्रिक गणना की शुरुआत ब्लेज़ पास्कल से होती है, जिन्होंने 1642 में पास्कलाइन बनाई, जो पहली यांत्रिक जोड़ने वाली मशीन थी। गॉटफ्रीड विल्हेम लाइबनिट्ज़ ने स्टेप्ड रेकनर बनाकर उसमें गुणा की क्षमता जोड़ी।
| व्यक्ति | योगदान | किस रूप में याद |
|---|---|---|
| ब्लेज़ पास्कल | पास्कलाइन, 1642 | पहली यांत्रिक गणक मशीन |
| चार्ल्स बैबेज | डिफ़रेंस इंजन और एनालिटिकल इंजन | कंप्यूटर के जनक |
| एडा लवलेस | एनालिटिकल इंजन के लिए विधि लेखन | पहली प्रोग्रामर |
| हरमन होलेरिथ | पंच कार्ड टेबुलेटिंग मशीन | आईबीएम बनने वाली कंपनी के संस्थापक |
| जॉन वॉन न्यूमैन | संचित प्रोग्राम की अवधारणा | वॉन न्यूमैन वास्तुकला |
चार्ल्स बैबेज ने पहले डिफ़रेंस इंजन और फिर एनालिटिकल इंजन की रूपरेखा बनाई, जिसमें आधुनिक कंप्यूटर के अंग पहले से मौजूद थे: आँकड़े रखने के लिए स्टोर, गणना के लिए मिल, पंच कार्ड से इनपुट और एक आउटपुट इकाई। वे इसे पूरा नहीं कर सके, फिर भी इसी रूपरेखा के कारण उन्हें कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। एडा लवलेस, जिन्होंने उस मशीन के लिए गणना की विधि लिखी, पहली प्रोग्रामर कहलाती हैं।
कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ
पीढ़ियों के नाम मुख्य इलेक्ट्रॉनिक अवयव पर रखे गए हैं, और यही एक सारणी इस अध्याय के अधिकांश प्रश्नों का उत्तर दे देती है।
| पीढ़ी | मुख्य अवयव | भाषा | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| पहली | निर्वात नलिकाएँ | मशीनी भाषा | एनिएक, एडवैक, यूनिवैक-1 |
| दूसरी | ट्रांजिस्टर | असेंबली, कोबोल, फ़ोरट्रान | आईबीएम 1401, आईबीएम 7094 |
| तीसरी | एकीकृत परिपथ | उच्च स्तरीय भाषाएँ | आईबीएम सिस्टम 360, पीडीपी-8 |
| चौथी | माइक्रोप्रोसेसर, वीएलएसआई | सी तथा ग्राफ़िकल इंटरफ़ेस | आईबीएम पीसी, मैकिन्टोश |
| पाँचवीं | यूएलएसआई और कृत्रिम बुद्धि | प्राकृतिक भाषा संसाधन | आधुनिक समांतर और एआई तंत्र |
पहली पीढ़ी की मशीनें विशाल थीं, भारी बिजली खाती थीं और उन्हें लगातार ठंडा रखना पड़ता था। ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में बेल प्रयोगशाला में जॉन बार्डीन, वाल्टर ब्रैटन और विलियम शॉक्ले ने किया, जिससे दूसरी पीढ़ी छोटी और कहीं अधिक भरोसेमंद हुई। एकीकृत परिपथ को 1958 में जैक किल्बी ने पहली बार बनाकर दिखाया; यही तीसरी पीढ़ी की पहचान है, जिसके साथ कीबोर्ड, मॉनिटर और ऑपरेटिंग सिस्टम आए। चौथी पीढ़ी माइक्रोप्रोसेसर से शुरू होती है: इंटेल ने 1971 में पहला व्यावसायिक माइक्रोप्रोसेसर इंटेल 4004 जारी किया और उसके बाद निजी कंप्यूटर आया।
मशीन के भीतर: सीपीयू, मेमोरी और भंडारण
केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई को कंप्यूटर का मस्तिष्क कहा जाता है और इसके तीन भाग हैं। अंकगणितीय तार्किक इकाई सभी गणनाएँ और तुलनाएँ करती है। नियंत्रण इकाई निर्देश लाती है, उन्हें समझती है और अन्य इकाइयों को निर्देशित करती है, परंतु स्वयं कोई गणना नहीं करती। रजिस्टर प्रोसेसर के भीतर बैठे सबसे छोटे और सबसे तेज़ भंडारण स्थान हैं।
मेमोरी दो भागों में बँटी है। प्राथमिक मेमोरी में रैम और रोम आते हैं। रैम पढ़ने-लिखने वाली और अस्थायी है, इसलिए बिजली जाते ही उसकी सामग्री मिट जाती है; इसके दो प्रकार एसरैम और डीरैम हैं। रोम केवल पढ़ने योग्य और स्थायी है, और इसके प्रकार पीरोम, ईपीरोम तथा ईईपीरोम हैं। ईपीरोम पराबैंगनी प्रकाश से मिटती है जबकि ईईपीरोम विद्युत संकेत से। कैश मेमोरी सीपीयू और मुख्य मेमोरी के बीच रहती है और रजिस्टर के बाद सबसे तेज़ मेमोरी है। हार्ड डिस्क, सॉलिड स्टेट ड्राइव, ऑप्टिकल डिस्क और फ़्लैश ड्राइव द्वितीयक भंडारण हैं और स्थायी रूप से आँकड़े रखते हैं।
इकाइयाँ और कंप्यूटर के प्रकार
बिट सबसे छोटी इकाई है, जो 0 या 1 होती है। चार बिट से एक निबल और आठ बिट से एक बाइट बनती है, और एक बाइट में एक अक्षर संचित होता है। इसके बाद 1024 बाइट की एक किलोबाइट होती है और इसी गुणक से मेगाबाइट, गीगाबाइट, टेराबाइट, पेटाबाइट, एक्साबाइट, ज़ेटाबाइट और योटाबाइट बनते हैं।
कार्यप्रणाली के आधार पर कंप्यूटर एनालॉग, डिजिटल और हाइब्रिड होते हैं; अस्पतालों में हाइब्रिड मशीनें आम हैं। आकार और क्षमता के आधार पर वे माइक्रो कंप्यूटर, मिनी कंप्यूटर, मेनफ़्रेम और सुपर कंप्यूटर कहलाते हैं। भारत ने महा संगणना में प्रवेश परम 8000 से किया, जिसे सी-डैक ने विजय भटकर के नेतृत्व में 1991 में बनाया।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से सीधे एक पंक्ति वाले प्रश्न आते हैं, इसलिए इसे जोड़ियों की तरह याद कीजिए। पीढ़ी वाली सारणी सबसे बड़ा स्रोत है: अवयव से पीढ़ी और उदाहरण मशीन से पीढ़ी। दूसरा समूह पूछता है कि किसने क्या किया, जिसमें बैबेज, पास्कल, लवलेस, होलेरिथ और वॉन न्यूमैन विकल्पों में घुमाए जाते हैं। भंडारण इकाइयाँ लगभग निश्चित हैं, प्रायः निबल या बाइट में बिट की संख्या के रूप में। मेमोरी के प्रश्न एक ही शब्द पर टिकते हैं, अस्थायी या स्थायी, और इस पर कि कौन सी रोम पराबैंगनी प्रकाश से मिटती है। सामान्य जाल तीन हैं: एनिएक को पहला व्यावसायिक कंप्यूटर मान लेना, एकीकृत परिपथ का श्रेय इंटेल को दे देना, और गणना का काम नियंत्रण इकाई को सौंप देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| कंप्यूटर के जनक | चार्ल्स बैबेज, डिफ़रेंस और एनालिटिकल इंजन के लिए |
|---|---|
| पहली प्रोग्रामर | एडा लवलेस |
| पहली यांत्रिक गणक मशीन | पास्कलाइन, ब्लेज़ पास्कल द्वारा 1642 में |
| पहली पीढ़ी का अवयव | निर्वात नलिकाएँ; मशीनें एनिएक, एडवैक, यूनिवैक-1 |
| ट्रांजिस्टर | 1947 में बेल प्रयोगशाला में बार्डीन, ब्रैटन और शॉक्ले द्वारा |
| एकीकृत परिपथ | 1958 में जैक किल्बी द्वारा; तीसरी पीढ़ी की पहचान |
| पहला व्यावसायिक माइक्रोप्रोसेसर | इंटेल 4004, सन 1971 |
| पहला व्यावसायिक कंप्यूटर | यूनिवैक-1 |
| कंप्यूटर का मस्तिष्क | केंद्रीय प्रसंस्करण इकाई, जिसमें एएलयू, नियंत्रण इकाई और रजिस्टर हैं |
| सबसे तेज़ मेमोरी | रजिस्टर, उसके बाद कैश मेमोरी |
| निबल और बाइट | 1 निबल = 4 बिट; 1 बाइट = 8 बिट; 1 किलोबाइट = 1024 बाइट |
| संचित प्रोग्राम अवधारणा | जॉन वॉन न्यूमैन, जिससे वॉन न्यूमैन वास्तुकला बनी |
| भारत का पहला सुपर कंप्यूटर | परम 8000, सी-डैक द्वारा विजय भटकर के नेतृत्व में 1991 में |
| गीगो | कचरा भीतर तो कचरा बाहर; कंप्यूटर ग़लत इनपुट स्वयं नहीं सुधारता |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है?
- A.ब्लेज़ पास्कल
- B.चार्ल्स बैबेज
- C.एलन ट्यूरिंग
- D.हरमन होलेरिथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चार्ल्स बैबेज
व्याख्या
सही उत्तर B, चार्ल्स बैबेज है। उन्होंने पहले डिफ़रेंस इंजन और फिर एनालिटिकल इंजन की रूपरेखा बनाई, और एनालिटिकल इंजन में आधुनिक कंप्यूटर के तार्किक अंग मौजूद थे, अर्थात संख्याएँ रखने के लिए स्टोर, गणना के लिए मिल, पंच कार्ड से इनपुट और छपा हुआ आउटपुट। वे इसे बना नहीं सके, फिर भी इसी रूपरेखा के कारण उन्हें यह उपाधि मिली।
विकल्प A, ब्लेज़ पास्कल ने 1642 में पास्कलाइन बनाई, जो पहली यांत्रिक जोड़ने वाली मशीन थी, इसलिए वे कंप्यूटर नहीं बल्कि गणक मशीनों के युग के हैं। विकल्प C, एलन ट्यूरिंग ने संगणना का सिद्धांत और ट्यूरिंग मशीन दी और वे कंप्यूटर विज्ञान तथा कृत्रिम बुद्धि के जनक कहलाते हैं, जो अलग उपाधि है। विकल्प D, हरमन होलेरिथ ने अमेरिकी जनगणना के लिए पंच कार्ड मशीन बनाई और वह कंपनी बनाई जो बाद में आईबीएम कहलाई। परीक्षक इन चारों नामों को घुमाते हैं, इसलिए हर नाम के साथ एक वाक्यांश जोड़ लीजिए।
निर्वात नलिकाओं का प्रयोग मुख्य इलेक्ट्रॉनिक अवयव के रूप में कंप्यूटर की किस पीढ़ी में हुआ था?
- A.पहली पीढ़ी
- B.दूसरी पीढ़ी
- C.तीसरी पीढ़ी
- D.चौथी पीढ़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पहली पीढ़ी
व्याख्या
सही उत्तर A, पहली पीढ़ी है। एनिएक, एडवैक और यूनिवैक-1 जैसी मशीनें हज़ारों निर्वात नलिकाओं पर चलती थीं, जिससे वे विशाल थीं, बहुत बिजली खाती थीं और उन्हें लगातार ठंडा रखना पड़ता था। इनकी प्रोग्रामिंग मशीनी भाषा में होती थी और इनपुट पंच कार्ड से तथा भंडारण चुंबकीय ड्रम पर होता था।
विकल्प B, दूसरी पीढ़ी ने नलिका की जगह 1947 में बेल प्रयोगशाला में बने ट्रांजिस्टर को अपनाया, जिससे आकार और ऊष्मा बहुत घट गई और असेंबली तथा कोबोल एवं फ़ोरट्रान जैसी भाषाएँ आईं। विकल्प C, तीसरी पीढ़ी की पहचान 1958 में जैक किल्बी द्वारा बनाया गया एकीकृत परिपथ है, जिसके साथ कीबोर्ड, मॉनिटर और ऑपरेटिंग सिस्टम आए। विकल्प D, चौथी पीढ़ी माइक्रोप्रोसेसर और वीएलएसआई से शुरू होती है, जिसका पहला व्यावसायिक उदाहरण 1971 का इंटेल 4004 है। क्रम याद रखिए: नलिका, ट्रांजिस्टर, एकीकृत परिपथ, माइक्रोप्रोसेसर।
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों को परिभाषित करने वाले ट्रांजिस्टर का आविष्कार किस प्रयोगशाला में हुआ था?
- A.टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स
- B.इंटेल कॉर्पोरेशन
- C.बेल प्रयोगशाला
- D.आईबीएम अनुसंधान
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. बेल प्रयोगशाला
व्याख्या
सही उत्तर C, बेल प्रयोगशाला है। जॉन बार्डीन, वाल्टर ब्रैटन और विलियम शॉक्ले ने वहीं 1947 में ट्रांजिस्टर बनाकर दिखाया और इसके लिए तीनों को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। चूँकि ट्रांजिस्टर निर्वात नलिका का काम कहीं छोटे आकार, कम ऊष्मा और अधिक भरोसे के साथ करता था, वह दूसरी पीढ़ी की पहचान बन गया।
विकल्प A, टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स वह संस्था है जहाँ जैक किल्बी ने 1958 में पहला एकीकृत परिपथ बनाया, जो तीसरी पीढ़ी का अवयव है, इसलिए यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है। विकल्प B, इंटेल कॉर्पोरेशन की स्थापना बहुत बाद में हुई और उसने 1971 में इंटेल 4004 माइक्रोप्रोसेसर दिया, जिससे चौथी पीढ़ी शुरू हुई। विकल्प D, आईबीएम अनुसंधान ने आईबीएम 1401 और सिस्टम 360 जैसी महत्वपूर्ण मशीनें दीं, पर ट्रांजिस्टर का आविष्कार नहीं किया। जोड़ियाँ पक्की रखिए: ट्रांजिस्टर से बेल, एकीकृत परिपथ से टेक्सास, माइक्रोप्रोसेसर से इंटेल।
निम्नलिखित में से किसे व्यावसायिक रूप से उपलब्ध पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर माना जाता है?
- A.एनिएक
- B.एडवैक
- C.हार्वर्ड मार्क-1
- D.यूनिवैक-1
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. यूनिवैक-1
व्याख्या
सही उत्तर D, यूनिवैक-1 है, अर्थात यूनिवर्सल ऑटोमैटिक कंप्यूटर। यह पहला ऐसा इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर था जिसे ग्राहकों को बेचने के लिए बनाया गया, न कि केवल प्रयोगशाला में रखने के लिए, और इसका प्रसिद्ध उपयोग जनगणना तथा व्यापारिक आँकड़ों की कार्रवाई में हुआ। यह पहली पीढ़ी का था और निर्वात नलिकाओं पर चलता था।
विकल्प A, एनिएक को जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मॉक्ली ने बनाया और वह आरंभिक सामान्य प्रयोजन इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटरों में गिना जाता है, परंतु वह एक ही मशीन थी, बिकने वाला उत्पाद नहीं। विकल्प B, एडवैक उसका उत्तराधिकारी था और संचित प्रोग्राम की अवधारणा को व्यवहार में लाने के लिए याद किया जाता है। विकल्प C, हार्वर्ड मार्क-1 रिले पर चलने वाली विद्युत-यांत्रिक मशीन थी, पूर्णतः इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर नहीं। प्रश्नपत्र जानबूझकर एनिएक को पहले रखते हैं, इसलिए व्यावसायिक शब्द ध्यान से पढ़िए।
पहला व्यावसायिक माइक्रोप्रोसेसर इंटेल 4004 किस वर्ष प्रस्तुत किया गया था?
- A.1964
- B.1971
- C.1975
- D.1981
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1971
व्याख्या
सही उत्तर B, 1971 है। इंटेल 4004 ने किसी व्यावसायिक उत्पाद में पहली बार पूरी प्रसंस्करण इकाई को एक ही चिप पर रखा, और यही कदम कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी का आरंभ माना जाता है, जो अति वृहद स्तरीय एकीकरण पर टिकी है। निजी कंप्यूटर सहित आगे का सारा विकास इसी पर खड़ा है।
विकल्प A, 1964 में आईबीएम सिस्टम 360 आया था, जो एकीकृत परिपथ पर बनी तीसरी पीढ़ी की प्रसिद्ध मशीन है, इसलिए यह वर्ष जाल के रूप में रखा जाता है। विकल्प C, 1975 माइक्रोप्रोसेसर युग के आरंभिक शौक़िया कंप्यूटरों से जुड़ा है, न कि 4004 से। विकल्प D, 1981 में आईबीएम पर्सनल कंप्यूटर आया, जो चौथी पीढ़ी का उत्पाद है, पहला माइक्रोप्रोसेसर नहीं। याद रखने का सुरक्षित क्रम है 1947 ट्रांजिस्टर, 1958 एकीकृत परिपथ और 1971 माइक्रोप्रोसेसर।
निम्नलिखित में से कौन सी अस्थायी मेमोरी है?
- A.रोम
- B.हार्ड डिस्क
- C.रैम
- D.ईपीरोम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. रैम
व्याख्या
सही उत्तर C, रैम है। रैंडम एक्सेस मेमोरी में वही प्रोग्राम और आँकड़े रहते हैं जिन पर प्रोसेसर उस समय काम कर रहा होता है, और यह अस्थायी है, अर्थात बिजली जाते ही उसमें रखा सब कुछ मिट जाता है। इसी कारण बिजली जाने पर बिना संचित किया गया काम खो जाता है।
विकल्प A, रोम केवल पढ़ने योग्य मेमोरी है, जो सामान्यतः निर्माण के समय लिखी जाती है और स्थायी होती है, इसलिए मशीन बंद होने पर भी आरंभ के निर्देश सुरक्षित रहते हैं। विकल्प B, हार्ड डिस्क द्वितीयक भंडारण है और स्वभाव से स्थायी है, क्योंकि उसका उद्देश्य ही आँकड़े सदा के लिए रखना है। विकल्प D, ईपीरोम रोम का वह प्रकार है जिसकी सामग्री पराबैंगनी प्रकाश से मिटाकर दोबारा लिखी जा सकती है, पर बिजली के बिना भी वह बनी रहती है। ऐसे प्रश्न में परखने योग्य एकमात्र शब्द है अस्थायी, और वह केवल रैम पर लागू होता है।
एक निबल में कितने बिट होते हैं?
- A.2 बिट
- B.4 बिट
- C.8 बिट
- D.16 बिट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 4 बिट
व्याख्या
सही उत्तर B, 4 बिट है। बिट आँकड़ों की सबसे छोटी इकाई है, जिसमें केवल एक द्विआधारी अंक 0 या 1 रहता है। चार बिट मिलकर एक निबल बनाते हैं, जो ठीक आधी बाइट है, और निबल इसलिए सुविधाजनक है क्योंकि वह एक षोडश आधारी अंक के बराबर बैठता है।
विकल्प A, 2 बिट के लिए कोई मानक नाम नहीं है। विकल्प C, 8 बिट एक बाइट होती है, अर्थात एक अक्षर संचित करने के लिए आवश्यक मेमोरी, और यही यहाँ सबसे आम जाल है क्योंकि विद्यार्थी दोनों इकाइयाँ साथ याद करते हैं। विकल्प D, 16 बिट को कुछ मशीनों पर वर्ड कहा जाता है, परंतु वर्ड की लंबाई प्रोसेसर के अनुसार बदलती है और वह निबल जैसी निश्चित इकाई नहीं है। बाइट से ऊपर सीढ़ी 1024 के गुणक में चढ़ती है: किलोबाइट, मेगाबाइट, गीगाबाइट, टेराबाइट और आगे। निबल चार तथा बाइट आठ को साथ याद कीजिए।
सीपीयू की कौन सी इकाई निर्देशों को समझकर अन्य इकाइयों का संचालन करती है, परंतु स्वयं कोई गणना नहीं करती?
- A.अंकगणितीय तार्किक इकाई
- B.कैश मेमोरी
- C.नियंत्रण इकाई
- D.रजिस्टर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नियंत्रण इकाई
व्याख्या
सही उत्तर C, नियंत्रण इकाई है। यह मेमोरी से हर निर्देश लाती है, उसे समझती है और फिर ऐसे संकेत भेजती है जो बताते हैं कि तंत्र के किस भाग को कब क्या करना है। यह मेमोरी, गणना इकाई तथा इनपुट और आउटपुट उपकरणों के बीच आँकड़ों का प्रवाह सँभालती है, परंतु स्वयं कोई जोड़, घटाव या तुलना नहीं करती।
विकल्प A, अंकगणितीय तार्किक इकाई वही स्थान है जहाँ जोड़, घटाव, गुणा, भाग और तार्किक तुलनाएँ होती हैं, इसलिए प्रश्न ने उसी को छोड़ा है। विकल्प B, कैश मेमोरी प्रोसेसर और मुख्य मेमोरी के बीच रखी एक छोटी पर बहुत तेज़ मेमोरी है, अर्थात वह नियंत्रण अंग नहीं बल्कि मेमोरी है। विकल्प D, रजिस्टर प्रोसेसर के भीतर का सबसे छोटा और सबसे तेज़ भंडारण स्थान है, जो किसी संख्या या बीच के परिणाम को क्षण भर के लिए रखता है। सीपीयू इन्हीं तीनों का योग है।
एकीकृत परिपथ कंप्यूटर की किस पीढ़ी का मुख्य इलेक्ट्रॉनिक अवयव था?
- A.दूसरी पीढ़ी
- B.तीसरी पीढ़ी
- C.चौथी पीढ़ी
- D.पाँचवीं पीढ़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. तीसरी पीढ़ी
व्याख्या
सही उत्तर B, तीसरी पीढ़ी है। एकीकृत परिपथ एक ही सिलिकॉन चिप पर अनेक ट्रांजिस्टर और अन्य अवयव रख देता है, इसलिए इस पर बने कंप्यूटर पहले की तुलना में बहुत छोटे, सस्ते और भरोसेमंद थे। तीसरी पीढ़ी में ही पंच कार्ड की जगह कीबोर्ड और मॉनिटर आए तथा ऑपरेटिंग सिस्टम ने एक मशीन पर कई प्रोग्राम चलाना संभव किया, जिसका मानक उदाहरण आईबीएम सिस्टम 360 है।
विकल्प A, दूसरी पीढ़ी अलग अलग ट्रांजिस्टर का युग है, न कि उन्हें एक चिप पर रखने वाले परिपथ का। विकल्प C, चौथी पीढ़ी माइक्रोप्रोसेसर और अति वृहद स्तरीय एकीकरण से परिभाषित होती है, जहाँ पूरा प्रोसेसर एक चिप पर आ जाता है। विकल्प D, पाँचवीं पीढ़ी किसी एक नए अवयव से नहीं, बल्कि यूएलएसआई, समांतर प्रसंस्करण और कृत्रिम बुद्धि से पहचानी जाती है। जाल यह है कि माइक्रोप्रोसेसर स्वयं भी एक एकीकृत परिपथ है, इसलिए प्रश्न का ठीक शब्द देखिए।
भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित सुपर कंप्यूटर परम 8000 किस संस्था ने बनाया था?
- A.भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र
- B.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- C.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
- D.उन्नत संगणन विकास केंद्र
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. उन्नत संगणन विकास केंद्र
व्याख्या
सही उत्तर D, उन्नत संगणन विकास केंद्र है, जिसे सी-डैक कहा जाता है। परम 8000 को विजय भटकर के नेतृत्व में बनाया गया और 1991 में प्रस्तुत किया गया, जिससे भारत उन थोड़े से देशों में आ गया जो अपने सुपर कंप्यूटर स्वयं बनाते हैं। इसी से परम श्रृंखला आरंभ हुई, जिसका नाम संस्कृत के परम शब्द से लिया गया है।
विकल्प A, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र नाभिकीय विज्ञान पर काम करता है और उसके अपने संगणन संसाधन हैं, पर परम श्रृंखला उसकी परियोजना नहीं है। विकल्प B, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन प्रक्षेपण यान, उपग्रह और अंतरिक्ष अनुप्रयोग सँभालता है। विकल्प C, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन रक्षा प्रणालियाँ और प्रौद्योगिकियाँ विकसित करता है। ये तीनों संस्थाएँ अपनी अलग उपलब्धियों के लिए प्रश्नपत्रों में आती हैं, इसलिए जोड़ी पक्की रखिए: परम के साथ सी-डैक और 1991 के साथ विजय भटकर।
आधुनिक कंप्यूटरों की वास्तुकला जिस संचित प्रोग्राम अवधारणा पर टिकी है, उसका श्रेय किसे दिया जाता है?
- A.चार्ल्स बैबेज
- B.एडा लवलेस
- C.जॉन वॉन न्यूमैन
- D.हरमन होलेरिथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जॉन वॉन न्यूमैन
व्याख्या
सही उत्तर C, जॉन वॉन न्यूमैन है। उन्होंने यह विचार रखा कि कंप्यूटर अपने निर्देश भी उसी मेमोरी में रखे जिसमें आँकड़े रखता है, ताकि प्रोग्राम को किसी अन्य सूचना की तरह भरा और बदला जा सके और उसे मशीन में तारों से जोड़ना न पड़े। इसी विचार पर बनी रचना वॉन न्यूमैन वास्तुकला कहलाती है और साधारण कंप्यूटर आज भी इसी ढाँचे पर चलते हैं।
विकल्प A, चार्ल्स बैबेज ने स्टोर और मिल वाले एनालिटिकल इंजन की रूपरेखा बनाई और वे कंप्यूटर के जनक हैं, परंतु उनकी मशीन के निर्देश मेमोरी से नहीं, पंच कार्ड से आते थे। विकल्प B, एडा लवलेस ने किसी मशीन के लिए पहली विधि लिखी और वे पहली प्रोग्रामर कहलाती हैं। विकल्प D, हरमन होलेरिथ ने अमेरिकी जनगणना के लिए पंच कार्ड मशीन बनाई और वह कंपनी खड़ी की जो आगे चलकर आईबीएम बनी। परीक्षा योग्य वाक्यांश है संचित प्रोग्राम, और वह केवल वॉन न्यूमैन का है।
किस प्रकार की केवल पढ़ने योग्य मेमोरी की सामग्री पराबैंगनी प्रकाश डालकर मिटाई जा सकती है?
- A.पीरोम
- B.ईपीरोम
- C.ईईपीरोम
- D.डीरैम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ईपीरोम
व्याख्या
सही उत्तर B, ईपीरोम है, अर्थात मिटाई जा सकने वाली प्रोग्राम योग्य केवल पठनीय मेमोरी। ऐसी चिप पर एक छोटी क्वार्ट्ज़ खिड़की होती है, और उसमें से पराबैंगनी प्रकाश डालने पर संचित सामग्री मिट जाती है और चिप दोबारा लिखी जा सकती है। जब तक वह मिटाई न जाए, वह साधारण रोम की तरह बिना बिजली के भी सामग्री रखे रहती है।
विकल्प A, पीरोम बनते समय ख़ाली रहती है और उपयोगकर्ता उसे ठीक एक बार लिख सकता है; उसके बाद उसे बदला नहीं जा सकता। विकल्प C, ईईपीरोम विद्युत संकेत से मिटती है, प्रकाश से नहीं, इसलिए उसे मशीन के भीतर रहते हुए ही बदला जा सकता है। विकल्प D, डीरैम गतिशील रैंडम एक्सेस मेमोरी है, जो अस्थायी पढ़ने-लिखने वाली मेमोरी है और जिसे लगातार ताज़ा करना पड़ता है, इसलिए वह केवल पठनीय मेमोरी है ही नहीं। मुख्य शब्द हैं एक बार, पराबैंगनी और विद्युत।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है और क्यों?
अंग्रेज़ गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज को, जिन्होंने डिफ़रेंस इंजन और फिर एनालिटिकल इंजन की रूपरेखा बनाई। एनालिटिकल इंजन में आधुनिक कंप्यूटर के तार्किक अंग पहले से थे, अर्थात आँकड़ों के लिए स्टोर, गणना के लिए मिल, पंच कार्ड से इनपुट और एक आउटपुट इकाई। यही कारण है कि मशीन पूरी न बन पाने पर भी यह उपाधि उन्हीं को मिली।
रैम और रोम में क्या अंतर है?
रैम यानी रैंडम एक्सेस मेमोरी में प्रोसेसर पढ़ भी सकता है और लिख भी सकता है, और यह अस्थायी है, इसलिए बिजली जाते ही सब कुछ मिट जाता है। रोम यानी केवल पढ़ने योग्य मेमोरी सामान्यतः निर्माण के समय एक बार लिखी जाती है और स्थायी होती है, इसलिए मशीन बंद होने पर भी बनी रहती है। रैम चालू काम रखती है और रोम आरंभ के निर्देश।
कंप्यूटर की प्रत्येक पीढ़ी को कौन सा अवयव परिभाषित करता है?
पहली पीढ़ी निर्वात नलिका, दूसरी ट्रांजिस्टर, तीसरी एकीकृत परिपथ, चौथी वीएलएसआई पर बना माइक्रोप्रोसेसर और पाँचवीं यूएलएसआई तथा कृत्रिम बुद्धि। किसी भी उदाहरण मशीन को उसकी पीढ़ी में रखने का सबसे तेज़ तरीका यही अवयव बताना है।
एक निबल और एक बाइट में कितने बिट होते हैं?
एक निबल में 4 बिट और एक बाइट में 8 बिट होते हैं, और एक बाइट में एक अक्षर संचित होता है। बाइट से ऊपर हर इकाई नीचे वाली से 1024 गुना होती है, जिससे क्रम बनता है किलोबाइट, मेगाबाइट, गीगाबाइट, टेराबाइट, पेटाबाइट, एक्साबाइट, ज़ेटाबाइट और योटाबाइट।
भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर कौन सा था?
परम 8000, जिसे उन्नत संगणन विकास केंद्र यानी सी-डैक ने विजय भटकर के नेतृत्व में बनाया और 1991 में प्रस्तुत किया। इससे भारत उन थोड़े से देशों में आ गया जो अपने सुपर कंप्यूटर स्वयं बनाते हैं, और यहीं से परम श्रृंखला शुरू हुई।
डेटा और सूचना में क्या अंतर है?
डेटा वह कच्ची और बिना क्रम की सामग्री है जो कंप्यूटर को दी जाती है, जैसे अंकों की सूची। सूचना वह सार्थक परिणाम है जो कार्रवाई के बाद निकलता है, जैसे औसत अंक या वरीयता सूची। एक से दूसरे में बदलना ही इनपुट-प्रोसेस-आउटपुट चक्र का प्रोसेस चरण है।
स्रोत
- कंप्यूटर विज्ञान, कक्षा 11, कंप्यूटर तंत्र अध्याय — एनसीईआरटी
- सूचना प्रौद्योगिकी अभ्यास, कक्षा 11, कंप्यूटर तंत्र अध्याय — एनसीईआरटी
- परम श्रृंखला के सुपर कंप्यूटर, संस्थागत इतिहास — उन्नत संगणन विकास केंद्र (सी-डैक)
