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GK नोट्सकंप्यूटर ज्ञानएल्गोरिदम, फ्लोचार्ट और सॉफ्टवेयर विकास जीवन चक्र

एल्गोरिदम, फ्लोचार्ट और एसडीएलसी: प्रतीक एवं मॉडल

परीक्षा नोट्स: एल्गोरिदम, स्यूडोकोड, फ्लोचार्ट के प्रतीक, समय जटिलता, सॉफ्टवेयर विकास जीवन चक्र के चरण तथा वाटरफॉल, सर्पिल और एजाइल मॉडल, हल सहित।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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एल्गोरिदम, फ्लोचार्ट और एसडीएलसी: प्रतीक एवं मॉडल — GK24 title card
एल्गोरिदम, फ्लोचार्ट और एसडीएलसी: प्रतीक एवं मॉडल — GK24 title card

कोड की एक पंक्ति लिखने से पहले प्रोग्रामर दो प्रश्न तय करता है: चरणों का क्रम क्या होगा, और पूरी परियोजना किस ढंग से बनाकर सौंपी जाएगी। पहला प्रश्न एल्गोरिदम और फ्लोचार्ट का विषय है, दूसरा सॉफ्टवेयर विकास जीवन चक्र का। बैंकिंग, एसएससी और राज्य भर्ती परीक्षाओं के कंप्यूटर अभिज्ञता खंड में दोनों भागों से प्रश्न आते हैं, प्रायः परिभाषा, फ्लोचार्ट प्रतीक, एसडीएलसी के चरणों का क्रम और किसी मॉडल के नाम के रूप में।

एल्गोरिदम क्या है

एल्गोरिदम निर्देशों का वह परिमित और क्रमबद्ध समूह है, जो किसी इनपुट को लेकर सीमित चरणों में अपेक्षित आउटपुट देता है और जिसमें कोई निर्देश अस्पष्ट नहीं होता। यह शब्द नौवीं शताब्दी के फारसी गणितज्ञ अल-ख्वारिज्मी के नाम से बना है, जिनकी गणना संबंधी पुस्तक लैटिन अनुवाद के रूप में यूरोप पहुंची। एल्गोरिदम के पांच गुण आवश्यक हैं: उसमें शून्य या अधिक सुपरिभाषित इनपुट हों; कम से कम एक आउटपुट हो; प्रत्येक चरण निश्चित यानी अस्पष्टता से मुक्त हो; वह परिमित हो और सीमित चरणों के बाद समाप्त हो जाए; और वह प्रभावी हो, अर्थात प्रत्येक चरण वास्तव में किया जा सके। संरचित सरल भाषा में, प्रोग्रामिंग के शब्दों के साथ पर उसके व्याकरण के बिना लिखे एल्गोरिदम को छद्म कूट यानी स्यूडोकोड कहते हैं। उसी तर्क का चित्र रूप फ्लोचार्ट है।

फ्लोचार्ट के प्रतीक

फ्लोचार्ट में आकृतियों का एक मानक समूह प्रयुक्त होता है, और उस पर प्रश्न लगभग हर कंप्यूटर अभिज्ञता प्रश्नपत्र में आता है।

प्रतीकआकृतिअर्थ
टर्मिनलअंडाकार या गोल किनारों वाला आयतफ्लोचार्ट का आरंभ और अंत
प्रक्रियाआयतगणना या मान निर्धारण, जैसे योग = अ + ब
इनपुट या आउटपुटसमांतर चतुर्भुजमान पढ़ना या परिणाम छापना
निर्णयसमचतुर्भुज यानी डायमंडहां और नहीं शाखाओं वाली शर्त
प्रवाह रेखातीरचरणों के किए जाने का क्रम
संयोजकछोटा वृत्तपृष्ठों में बंटे चार्ट के भागों को जोड़ना
पूर्वनिर्धारित प्रक्रियादोहरी पार्श्व रेखाओं वाला आयतउपप्रोग्राम या मॉड्यूल का आह्वान

फ्लोचार्ट ऊपर से नीचे और बाएं से दाएं पढ़ा जाता है; प्रत्येक निर्णय बॉक्स में एक प्रवेश और दो निर्गम होते हैं। जो चार्ट अंत प्रतीक तक नहीं पहुंच पाता, वह अनंत लूप दर्शाता है और इसलिए एल्गोरिदम की परिमितता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता।

दक्षता और जटिलता

एक ही समस्या को हल करने वाले दो एल्गोरिदम की लागत बहुत भिन्न हो सकती है, इसलिए दक्षता को समय जटिलता यानी मूल संक्रियाओं की संख्या और स्थान जटिलता यानी आवश्यक अतिरिक्त स्मृति के रूप में मापा जाता है। दोनों को बिग-ओ संकेतन में लिखा जाता है, जो बड़े इनपुट के लिए वृद्धि दर बताता है। रेखीय खोज वस्तुओं को एक-एक कर देखती है और उसकी जटिलता ओ(एन) है। द्विआधारी खोज क्रमित सूची को बार-बार आधा करती है और उसकी जटिलता ओ(लॉग एन) है, इसलिए वह बहुत तेज है पर उसके लिए आंकड़े पहले क्रमित होने चाहिए। बबल, चयन और निवेशन क्रमण की सर्वाधिक खराब दशा ओ(एन वर्ग) है, जबकि मर्ज और हीप क्रमण ओ(एन लॉग एन) हैं। बिग-ओ में स्थिरांक छोड़ दिए जाते हैं और केवल प्रमुख पद रखा जाता है।

सॉफ्टवेयर विकास जीवन चक्र

एसडीएलसी वह चरण श्रृंखला है, जिससे कोई सॉफ्टवेयर उत्पाद विचार से सेवानिवृत्ति तक गुजरता है। शास्त्रीय क्रम है: आवश्यकता संग्रह और विश्लेषण, जिसमें सॉफ्टवेयर आवश्यकता विवरण यानी एसआरएस तैयार होता है; व्यवहार्यता अध्ययन; डिजाइन, जो मॉड्यूलों के उच्च स्तरीय और तर्क के निम्न स्तरीय डिजाइन में बंटा है; कोडन यानी कार्यान्वयन; परीक्षण; परिनियोजन या संस्थापन; और अंत में अनुरक्षण, जो सामान्यतः सबसे लंबा और सबसे खर्चीला चरण होता है। डिजाइन के दो गुण बार-बार पूछे जाते हैं। कपलिंग दो मॉड्यूलों के बीच परस्पर निर्भरता की मात्रा है और उसे कम रखा जाना चाहिए। कोहीजन एक ही मॉड्यूल के भीतर के अंशों की आपसी संबद्धता है और उसे अधिक रखा जाना चाहिए। नियम याद रखें: कम कपलिंग और अधिक कोहीजन।

एसडीएलसी के मॉडल

जलप्रपात यानी वाटरफॉल मॉडल, जिसे रेखीय अनुक्रमिक मॉडल भी कहा जाता है, एक चरण से दूसरे चरण में बिना अतिव्यापन कड़े क्रम में बढ़ता है और केवल उन परियोजनाओं के लिए उपयुक्त है जिनकी आवश्यकताएं आरंभ में ही स्थिर हो जाती हैं। प्रोटोटाइप मॉडल में एक चालू नमूना बनाकर उपयोक्ता की प्रतिक्रिया ली जाती है। पुनरावृत्तीय और वृद्धिशील मॉडल उत्पाद को भागों में सौंपते हैं। बैरी बोहम द्वारा प्रस्तावित सर्पिल यानी स्पाइरल मॉडल जोखिम आधारित है: सर्पिल का प्रत्येक चक्र नियोजन, जोखिम विश्लेषण, अभियांत्रिकी और मूल्यांकन करता है, इसलिए वह बड़ी और अनिश्चित परियोजनाओं के लिए चुना जाता है। वी-मॉडल एक भुजा पर सत्यापन और दूसरी भुजा पर उसके अनुरूप विधिमान्यकरण रखता है। 2001 के एजाइल घोषणापत्र में वर्णित एजाइल विकास स्प्रिंट नामक छोटी पुनरावृत्तियों में चलता है, जिसके सामान्य ढांचे स्क्रम और कानबान हैं, और डेवऑप्स इसी विचार को सतत एकीकरण तथा सतत वितरण तक बढ़ाता है।

परीक्षण और समीक्षा

सत्यापन पूछता है कि उत्पाद ठीक ढंग से बनाया जा रहा है या नहीं, और विधिमान्यकरण पूछता है कि सही उत्पाद बनाया जा रहा है या नहीं। परीक्षण एक मॉड्यूल के यूनिट परीक्षण से आरंभ होकर मॉड्यूलों के संयुक्त एकीकरण परीक्षण, तंत्र परीक्षण और अंत में उपयोक्ता द्वारा स्वीकृति परीक्षण तक जाता है; अल्फा परीक्षण विकासकर्ता के स्थान पर और बीटा परीक्षण बाहर वास्तविक उपयोक्ताओं के साथ होता है। ब्लैक-बॉक्स परीक्षण केवल इनपुट और अपेक्षित आउटपुट की जांच करता है, जबकि व्हाइट-बॉक्स परीक्षण भीतरी कोड पथों को देखता है। सीमांत मान विश्लेषण वैध परिसर के ठीक भीतर और ठीक बाहर के मान चुनता है। कोड वॉक-थ्रू एक अनौपचारिक समीक्षा है, जिसमें दल तैयार मॉड्यूल को पढ़कर दोष खोजता है, जबकि औपचारिक निरीक्षण में जांच सूची और दर्ज निष्कर्ष होते हैं।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय से तीन प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला, परिभाषाएं: एल्गोरिदम के गुण, स्यूडोकोड का अर्थ, कपलिंग और कोहीजन, सत्यापन तथा विधिमान्यकरण का अंतर। दूसरा, फ्लोचार्ट के प्रतीक, जिनमें समचतुर्भुज, अंडाकार और समांतर चतुर्भुज सर्वाधिक पूछे जाते हैं और आयत सामान्य जाल है। तीसरा, एसडीएलसी: चरणों का क्रम, एसआरएस किस चरण में बनता है, कौन चरण सबसे खर्चीला है, और किसी मॉडल का दूसरा नाम या प्रस्तावक - वाटरफॉल का रेखीय अनुक्रमिक, सर्पिल के बैरी बोहम। जटिलता के प्रश्न एल्गोरिदम और उसके बिग-ओ मान के मिलान तक सीमित रहते हैं। डीएसएसएसबी तथा रेलवे तकनीकी संवर्ग के पुराने प्रश्नपत्र ब्लैक-बॉक्स, अल्फा और बीटा परीक्षण, सीमांत मान विश्लेषण तथा वॉक-थ्रू और निरीक्षण का अंतर भी पूछते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

एल्गोरिदम शब्द की उत्पत्तिअल-ख्वारिज्मी, नौवीं शताब्दी के फारसी गणितज्ञ
एल्गोरिदम के गुणइनपुट, आउटपुट, निश्चितता, परिमितता, प्रभाविता
आरंभ और अंत का प्रतीकअंडाकार या गोल किनारों वाला आयत (टर्मिनल)
प्रक्रिया का प्रतीकआयत
इनपुट या आउटपुट का प्रतीकसमांतर चतुर्भुज
निर्णय का प्रतीकसमचतुर्भुज, जिसमें हां और नहीं निर्गम होते हैं
द्विआधारी खोजओ(लॉग एन), केवल क्रमित आंकड़ों पर
मर्ज और हीप क्रमणओ(एन लॉग एन)
एसडीएलसी का पहला चरणआवश्यकता संग्रह और विश्लेषण, जिसमें एसआरएस बनता है
सबसे लंबा और खर्चीला चरणअनुरक्षण
कपलिंग और कोहीजनमॉड्यूलों के बीच कपलिंग कम, मॉड्यूल के भीतर कोहीजन अधिक
वाटरफॉल मॉडलरेखीय अनुक्रमिक मॉडल भी कहा जाता है
सर्पिल मॉडलबैरी बोहम द्वारा प्रस्तावित; जोखिम आधारित चक्र
एजाइल घोषणापत्र2001; स्प्रिंट नामक पुनरावृत्तियां; स्क्रम और कानबान ढांचे
कोड वॉक-थ्रूकोडन के बाद अनौपचारिक समीक्षा; निरीक्षण औपचारिक होता है

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.कंप्यूटर ज्ञानआसान

फ्लोचार्ट में निर्णय दर्शाने के लिए किस प्रतीक का प्रयोग होता है?

  1. A.अंडाकार
  2. B.आयत
  3. C.समचतुर्भुज
  4. D.समांतर चतुर्भुज
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. समचतुर्भुज

व्याख्या

सही उत्तर C, समचतुर्भुज है। समचतुर्भुज यानी डायमंड निर्णय प्रतीक है: इसमें एक शर्त लिखी जाती है और इसमें एक प्रवेश तथा दो निर्गम होते हैं, जिन पर हां और नहीं अंकित रहता है, जिससे शर्त के अनुसार प्रवाह बंट जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि अंडाकार, जिसे गोल किनारों वाला आयत भी बनाया जाता है, टर्मिनल प्रतीक है और केवल आरंभ तथा अंत के लिए प्रयुक्त होता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि आयत प्रक्रिया प्रतीक है, जो गणना या मान निर्धारण के लिए प्रयुक्त होता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि समांतर चतुर्भुज इनपुट या आउटपुट प्रतीक है, जो मान पढ़ने या परिणाम छापने पर लगाया जाता है। परीक्षार्थी आयत और समांतर चतुर्भुज में सर्वाधिक भ्रम करते हैं, इसलिए यह जोड़ी ध्यान से याद रखें।

Q2.कंप्यूटर ज्ञानआसान

फ्लोचार्ट में अंडाकार या गोल आकृति किसे दर्शाने के लिए प्रयुक्त होती है?

  1. A.आरंभ और अंत
  2. B.उपप्रोग्राम का आह्वान
  3. C.निर्णय
  4. D.प्रवाह की दिशा
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आरंभ और अंत

व्याख्या

सही उत्तर A, आरंभ और अंत है। अंडाकार टर्मिनल प्रतीक है, और सुगठित फ्लोचार्ट में ठीक एक आरंभ टर्मिनल तथा कम से कम एक अंत टर्मिनल होता है; जो चार्ट कभी अंत तक नहीं पहुंच सकता, वह अनंत लूप दर्शाता है और एल्गोरिदम की परिमितता का गुण तोड़ देता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि उपप्रोग्राम या मॉड्यूल का आह्वान पूर्वनिर्धारित प्रक्रिया प्रतीक से दिखाया जाता है, जो पार्श्व में दोहरी रेखाओं वाला आयत होता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि निर्णय समचतुर्भुज से दिखाया जाता है, जो हां और नहीं में बंटता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रवाह की दिशा तीर या प्रवाह रेखा से दिखाई जाती है। सातों मानक प्रतीक याद कर लेने पर फ्लोचार्ट के लगभग सभी प्रश्न हल हो जाते हैं।

Q3.कंप्यूटर ज्ञानआसान

एल्गोरिदम शब्द किस गणितज्ञ के नाम से बना है?

  1. A.यूक्लिड
  2. B.अल-ख्वारिज्मी
  3. C.चार्ल्स बैबेज
  4. D.ब्लेज पास्कल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अल-ख्वारिज्मी

व्याख्या

सही उत्तर B, अल-ख्वारिज्मी है। मुहम्मद इब्न मूसा अल-ख्वारिज्मी नौवीं शताब्दी के फारसी गणितज्ञ और खगोलशास्त्री थे, जिनका हिंदू-अरबी अंकों से गणना संबंधी ग्रंथ लैटिन अनुवाद के रूप में यूरोप पहुंचा; उनके लैटिन रूप से एल्गोरिदम शब्द बना और उनकी एक अन्य कृति से अलजेब्रा शब्द निकला। विकल्प A गलत है, क्योंकि यूक्लिड ज्यामिति और महत्तम समापवर्तक के यूक्लिडीय एल्गोरिदम के लिए स्मरण किए जाते हैं, पर शब्द उनके नाम से नहीं बना। विकल्प C गलत है, क्योंकि चार्ल्स बैबेज ने डिफरेंस इंजन और एनालिटिकल इंजन बनाए और उन्हें कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ब्लेज पास्कल ने पास्कलाइन नामक प्रारंभिक यांत्रिक जोड़ मशीन बनाई थी। यह एक अंक का परिभाषा आधारित प्रश्न है, जो बैंकिंग और एसएससी के कंप्यूटर अभिज्ञता खंड में बार-बार आता है, इसलिए नाम और शताब्दी दोनों याद रखें।

Q4.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

n अवयवों की क्रमित सरणी पर द्विआधारी खोज की सर्वाधिक खराब दशा की समय जटिलता है:

  1. A.ओ(एन)
  2. B.ओ(एन लॉग एन)
  3. C.ओ(लॉग एन)
  4. D.ओ(एन वर्ग)
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ओ(लॉग एन)

व्याख्या

सही उत्तर C, ओ(लॉग एन) है। द्विआधारी खोज कुंजी की तुलना मध्य अवयव से करती है और हर चरण में आधी सरणी छोड़ देती है, इसलिए तुलनाओं की संख्या सरणी के आकार के लघुगणक के अनुपात में बढ़ती है; दस लाख क्रमित वस्तुओं की सरणी में लगभग बीस तुलनाएं पर्याप्त होती हैं। यह विधि केवल पहले से क्रमित आंकड़ों पर काम करती है, और परीक्षाएं यही शर्त पूछती हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि ओ(एन) रेखीय खोज की जटिलता है, जो अवयवों को एक-एक कर देखती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ओ(एन लॉग एन) मर्ज और हीप जैसे दक्ष क्रमण एल्गोरिदमों की जटिलता है, किसी खोज की नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ओ(एन वर्ग) बबल, चयन और निवेशन क्रमण की सर्वाधिक खराब दशा है। ध्यान रखें कि बिग-ओ में केवल प्रमुख पद रखा जाता है।

Q5.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 7 Aug 2021, Shift 1मध्यम

सॉफ्टवेयर अभियांत्रिकी में रेखीय अनुक्रमिक मॉडल का दूसरा नाम क्या है?

  1. A.सर्पिल मॉडल
  2. B.प्रोटोटाइप मॉडल
  3. C.जलप्रपात मॉडल
  4. D.आरएडी मॉडल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जलप्रपात मॉडल

व्याख्या

सही उत्तर C, जलप्रपात मॉडल है। जलप्रपात यानी वाटरफॉल मॉडल को रेखीय अनुक्रमिक मॉडल कहा जाता है, क्योंकि परियोजना आवश्यकता विश्लेषण, डिजाइन, कोडन, परीक्षण, परिनियोजन और अनुरक्षण से एक ही दिशा में बहती है, और प्रत्येक चरण अगले के आरंभ से पहले पूरा तथा स्वीकृत हो जाता है, उनमें अतिव्यापन नहीं होता। यह केवल उन परियोजनाओं के लिए उपयुक्त है जिनकी आवश्यकताएं आरंभ में ही स्थिर हों। विकल्प A गलत है, क्योंकि बैरी बोहम का सर्पिल मॉडल जोखिम आधारित है और नियोजन, जोखिम विश्लेषण, अभियांत्रिकी तथा मूल्यांकन को चक्रों में दोहराता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रोटोटाइप मॉडल वास्तविक निर्माण से पहले प्रतिक्रिया लेने हेतु नमूना बनाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आरएडी यानी त्वरित अनुप्रयोग विकास पुनःप्रयोज्य घटकों से उत्पाद शीघ्रता से जोड़ता है और उसमें उपयोक्ता की भागीदारी बहुत अधिक रहती है, इसलिए वह भी चरणों की एक सीधी पंक्ति नहीं है।

Q6.कंप्यूटर ज्ञानआसान

सॉफ्टवेयर विकास जीवन चक्र का कौन-सा चरण सॉफ्टवेयर आवश्यकता विवरण (एसआरएस) तैयार करता है?

  1. A.आवश्यकता संग्रह और विश्लेषण
  2. B.डिजाइन
  3. C.कोडन
  4. D.अनुरक्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आवश्यकता संग्रह और विश्लेषण

व्याख्या

सही उत्तर A, आवश्यकता संग्रह और विश्लेषण है। यह एसडीएलसी का पहला चरण है: दल उपयोक्ताओं से मिलता है, यह दर्ज करता है कि तंत्र को क्या करना है और कौन-सी बाध्यताएं लागू हैं, और यह सब सॉफ्टवेयर आवश्यकता विवरण में लिख देता है, जो आगे के सारे काम का स्वीकृत आधार तथा स्वीकृति परीक्षण की कसौटी बन जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि डिजाइन चरण स्वीकृत एसआरएस को मॉड्यूलों के उच्च स्तरीय डिजाइन और उनके तर्क के निम्न स्तरीय डिजाइन में बदलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि कोडन डिजाइन दस्तावेजों से प्रोग्राम लिखता है और तब तक आवश्यकताएं तय मानी जाती हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुरक्षण अंतिम और सामान्यतः सबसे लंबा तथा खर्चीला चरण है। आवश्यकता चरण में पकड़ा गया दोष सुधारने में सबसे सस्ता होता है।

Q7.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 7 Aug 2021, Shift 2मध्यम

सॉफ्टवेयर डिजाइन में कपलिंग क्या है?

  1. A.कपलिंग दो मॉड्यूलों के बीच प्रकार्यात्मक परस्पर निर्भरता की मात्रा का माप है
  2. B.कपलिंग दो मॉड्यूलों के बीच प्रकार्यात्मक अनिर्भरता की मात्रा का माप है
  3. C.कपलिंग किसी सॉफ्टवेयर मॉड्यूल की प्रकार्यात्मक दृढ़ता का माप है
  4. D.कपलिंग दो मॉड्यूलों के बीच प्रकार्यात्मक रूप से जुड़ी निर्भरता की मात्रा का माप है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. कपलिंग दो मॉड्यूलों के बीच प्रकार्यात्मक परस्पर निर्भरता की मात्रा का माप है

व्याख्या

सही उत्तर A है: कपलिंग दो मॉड्यूलों के बीच प्रकार्यात्मक परस्पर निर्भरता की मात्रा मापती है। यदि एक मॉड्यूल को काम करने के लिए दूसरे के भीतरी आंकड़े या तर्क जानने पड़ें, तो दोनों कसकर जुड़े यानी टाइटली कपल्ड हैं, और एक में परिवर्तन दूसरे में परिवर्तन के लिए विवश करता है। अच्छा डिजाइन इसलिए कम कपलिंग और अधिक कोहीजन का लक्ष्य रखता है, जहां कोहीजन एक ही मॉड्यूल के भीतरी अंशों की आपसी संबद्धता मापती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वह उल्टी बात यानी अनिर्भरता कहता है; वह ढीली कपलिंग के लक्ष्य से जुड़ा विचार है, कपलिंग की परिभाषा नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि दृढ़ता गलत या अतिशय इनपुट पर मॉड्यूल के उचित व्यवहार की क्षमता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि उसमें परस्पर निर्भरता शब्द छूट गया है, जिस पर मानक परिभाषा टिकी है।

Q8.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

प्रत्येक चक्र में जोखिम विश्लेषण पर आधारित सॉफ्टवेयर विकास का सर्पिल मॉडल किसने प्रस्तावित किया?

  1. A.विंस्टन रॉयस
  2. B.बैरी बोहम
  3. C.एड्सगर डाइक्स्ट्रा
  4. D.ग्रैडी बूच
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. बैरी बोहम

व्याख्या

सही उत्तर B, बैरी बोहम है। बोहम ने सर्पिल मॉडल का वर्णन किया, जिसमें परियोजना बार-बार दोहराए जाने वाले चक्रों में बाहर की ओर बढ़ती है और प्रत्येक चक्र चार काम करता है: उद्देश्य निर्धारण, जोखिम विश्लेषण और समाधान, विकास तथा परीक्षण, और अगले चक्र का नियोजन। चूंकि निर्माण के प्रत्येक चरण से पहले जोखिम की जांच होती है, यह मॉडल बड़ी और अनिश्चित परियोजनाओं के लिए उपयुक्त है। विकल्प A गलत है, क्योंकि विंस्टन रॉयस उस लेख से जुड़े हैं जिसने चरणबद्ध जलप्रपात यानी रेखीय अनुक्रमिक पद्धति प्रस्तुत की। विकल्प C गलत है, क्योंकि एड्सगर डाइक्स्ट्रा लघुतम पथ एल्गोरिदम, संरचित प्रोग्रामिंग और गोटो कथन की आलोचना के लिए स्मरण किए जाते हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्रैडी बूच यूएमएल के तीन रचयिताओं में से एक हैं।

Q9.कंप्यूटर ज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 7 Aug 2021, Shift 2मध्यम

सॉफ्टवेयर विकास में कोड वॉक-थ्रू के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है? I. यह कोड के विश्लेषण की एक अनौपचारिक तकनीक है। II. यह मॉड्यूल के कोडन से ठीक पहले किया जाता है।

  1. A.न I न II
  2. B.केवल I
  3. C.I और II दोनों
  4. D.केवल II
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केवल I

व्याख्या

सही उत्तर B, केवल I है। कोड वॉक-थ्रू एक अनौपचारिक समीक्षा तकनीक है: दल के कुछ सदस्य मॉड्यूल को पंक्ति दर पंक्ति पढ़ते हैं, उसे नमूना आंकड़ों पर मानसिक रूप से चलाते हैं और मिलने वाले दोष नोट करते हैं, और इसमें निरीक्षण जैसी जांच सूची, मापक तथा औपचारिक अभिलेख नहीं होते। इसलिए कथन I सही है। कथन II समय के बारे में गलत है, क्योंकि वॉक-थ्रू मॉड्यूल का कोड बन जाने के बाद ही हो सकता है; कोडन से पहले पढ़ने के लिए कोड ही नहीं होता। इससे विकल्प D यानी केवल II गलत हो जाता है और विकल्प C यानी दोनों भी गलत हो जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कथन I ठीक है। याद रखने योग्य जोड़ी यह है: वॉक-थ्रू अनौपचारिक और कोडन के बाद होता है, जबकि कोड निरीक्षण औपचारिक होता है और उसमें लिखित रिपोर्ट बनती है।

Q10.कंप्यूटर ज्ञानमध्यम

भीतरी कोड देखे बिना केवल इनपुट देकर आउटपुट जांचकर किए जाने वाले परीक्षण को कहते हैं:

  1. A.व्हाइट-बॉक्स परीक्षण
  2. B.ब्लैक-बॉक्स परीक्षण
  3. C.यूनिट परीक्षण
  4. D.प्रतिगमन परीक्षण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. ब्लैक-बॉक्स परीक्षण

व्याख्या

सही उत्तर B, ब्लैक-बॉक्स परीक्षण है। ब्लैक-बॉक्स परीक्षण में परीक्षक प्रोग्राम को बंद डिब्बा मानता है, विवरण के आधार पर इनपुट देता है और आउटपुट की तुलना उस विवरण के वादे से करता है; तुल्यता विभाजन और सीमांत मान विश्लेषण इसकी मानक तकनीकें हैं और इसमें स्रोत कोड का ज्ञान आवश्यक नहीं होता। विकल्प A गलत है, क्योंकि व्हाइट-बॉक्स परीक्षण इसका उल्टा है: परीक्षक कोड पढ़कर कथनों, शाखाओं और पथों को ढकने वाले परीक्षण बनाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यूनिट परीक्षण उस स्तर का नाम है जिस पर एक मॉड्यूल जांचा जाता है, परीक्षण बनाने की विधि का नहीं, और यूनिट परीक्षण स्वयं ब्लैक-बॉक्स या व्हाइट-बॉक्स हो सकता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि प्रतिगमन परीक्षण का अर्थ परिवर्तन के बाद पुराने परीक्षण फिर चलाना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एल्गोरिदम और फ्लोचार्ट में क्या अंतर है?

एल्गोरिदम समाधान को परिमित और अस्पष्टता रहित चरणों के क्रम में लिखा रूप है, जो प्रायः स्यूडोकोड में होता है। फ्लोचार्ट उसी समाधान को मानक प्रतीकों और तीरों से बनाया चित्र है। एल्गोरिदम पाठ है, फ्लोचार्ट चित्र, और दोनों को अंत तक पहुंचकर परिमितता पूरी करनी होती है।

परीक्षाओं में फ्लोचार्ट के कौन-से प्रतीक सर्वाधिक पूछे जाते हैं?

आरंभ और अंत के लिए अंडाकार, गणना जैसी प्रक्रिया के लिए आयत, इनपुट या आउटपुट के लिए समांतर चतुर्भुज, और हां-नहीं शाखाओं वाले निर्णय के लिए समचतुर्भुज। तीर प्रवाह रेखा है और छोटा वृत्त वह संयोजक है, जो चार्ट दूसरे पृष्ठ पर जाने पर लगता है।

एसडीएलसी के चरणों का सही क्रम क्या है?

आवश्यकता संग्रह और विश्लेषण, व्यवहार्यता अध्ययन, डिजाइन, कोडन यानी कार्यान्वयन, परीक्षण, परिनियोजन, और अनुरक्षण। सॉफ्टवेयर आवश्यकता विवरण पहले चरण में लिखा जाता है, और सौंपने के बाद का अनुरक्षण सामान्यतः सबसे लंबा तथा सबसे खर्चीला चरण होता है।

वाटरफॉल मॉडल को रेखीय अनुक्रमिक मॉडल क्यों कहा जाता है?

क्योंकि इसमें काम केवल एक दिशा में बहता है। प्रत्येक चरण अगले के आरंभ से पहले पूरा और स्वीकृत हो जाता है, उनमें अतिव्यापन नहीं होता और पीछे लौटना सरल नहीं होता, जैसे पानी एक सीढ़ी से दूसरी पर गिरता है। इसलिए यह केवल स्थिर आवश्यकताओं वाली परियोजनाओं के लिए उपयुक्त है।

कपलिंग और कोहीजन में क्या अंतर है?

कपलिंग मापती है कि दो मॉड्यूल एक दूसरे पर कितना निर्भर हैं, और अच्छा डिजाइन उसे कम रखता है ताकि एक में परिवर्तन दूसरे तक न फैले। कोहीजन मापती है कि एक मॉड्यूल के भीतर के अंश आपस में कितने जुड़े हैं, और अच्छा डिजाइन उसे अधिक रखता है। नियम है: कम कपलिंग, अधिक कोहीजन।

ब्लैक-बॉक्स और व्हाइट-बॉक्स परीक्षण में क्या अंतर है?

ब्लैक-बॉक्स परीक्षण केवल विवरण का उपयोग करता है: परीक्षक इनपुट देकर आउटपुट जांचता है, कोड नहीं पढ़ता, और सीमांत मान विश्लेषण जैसी तकनीकें अपनाता है। व्हाइट-बॉक्स परीक्षण स्रोत कोड पढ़कर उसके कथनों, शाखाओं और पथों को ढकने वाले परीक्षण बनाता है।

स्रोत

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