वेब ब्राउज़र और सर्च इंजन: कंप्यूटर नोट्स
परीक्षा के लिए वेब ब्राउज़र, वेबसाइट और सर्च इंजन के पूरे नोट्स: आविष्कारक, इंजन, URL के भाग, डोमेन, पोर्ट, क्रॉलिंग, इंडेक्सिंग, पेजरैंक और कुकी।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

अधिकांश लोगों के लिए वेब ब्राउज़र ही इंटरनेट है, क्योंकि समाचार पढ़ने, फॉर्म भरने या वीडियो देखने के लिए वे यही एक प्रोग्राम खोलते हैं। एसएससी, रेलवे और बैंकिंग परीक्षाओं के कंप्यूटर जागरूकता भाग में ब्राउज़र, वेबसाइट और सर्च इंजन को एक ही खंड की तरह पूछा जाता है और प्रश्न वर्षों से दोहराए जाते हैं। पूछा जाता है कि वेब का आविष्कार किसने किया, URL का पूरा रूप क्या है, कौन सा ब्राउज़र किस कंपनी का है, कुकी में क्या रहता है और सर्च इंजन के लिए पृष्ठ कौन इकट्ठा करता है। ये नोट्स पूरा खंड उसी क्रम में समेटते हैं।
इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब एक नहीं हैं
इंटरनेट जुड़े हुए कंप्यूटरों का विश्वव्यापी नेटवर्क है और उस पर ई-मेल, फाइल ट्रांसफर, चैट जैसी अनेक सेवाएँ चलती हैं। वर्ल्ड वाइड वेब उनमें से केवल एक सेवा है, अर्थात आपस में जुड़े हुए उन दस्तावेज़ों का संग्रह जिन्हें ब्राउज़र पढ़ता है। स्विट्ज़रलैंड के सर्न (CERN) में कार्यरत ब्रिटिश वैज्ञानिक टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में वेब का प्रस्ताव लिखा और पहली वेबसाइट 1991 में info.cern.ch पते पर चालू हुई। पहला ब्राउज़र भी उन्होंने ही बनाया, जिसका नाम WorldWideWeb था और बाद में बदलकर Nexus रखा गया। सन 1994 में उन्होंने वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम (W3C) की स्थापना की, जो आज भी HTML तथा अन्य वेब भाषाओं के मानक जारी करता है। परीक्षा में दोनों शब्दों का अंतर याद रखें: ई-मेल इंटरनेट पर चलता है, पर वेब का हिस्सा नहीं है।
ब्राउज़र वास्तव में करता क्या है
ब्राउज़र एक एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर है। जब आप कोई पता टाइप करते हैं तो वह डोमेन नेम सिस्टम से उस नाम को संख्यात्मक आईपी पते में बदलवाता है, उस पते के वेब सर्वर को अनुरोध भेजता है, हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज में लिखा पृष्ठ प्राप्त करता है और उसे स्क्रीन पर बनाता है। पृष्ठ बनाने वाले भाग को ब्राउज़र इंजन या लेआउट इंजन कहते हैं और पत्र में यह भी पूछा जाता है कि कौन सा इंजन किस ब्राउज़र का है।
वे ब्राउज़र जिनके नाम परीक्षा में आते हैं
| ब्राउज़र | निर्माता | पहली बार | इंजन |
|---|---|---|---|
| WorldWideWeb (Nexus) | टिम बर्नर्स-ली, सर्न | 1990 | अपना |
| Mosaic | एनसीएसए, मार्क एंड्रीसन का दल | 1993 | अपना |
| Netscape Navigator | नेटस्केप कम्युनिकेशंस | 1994 | गेको (बाद में) |
| Internet Explorer | माइक्रोसॉफ्ट | 1995 | ट्राइडेंट |
| Opera | ओपेरा सॉफ्टवेयर, नॉर्वे | 1995 | ब्लिंक |
| Safari | एप्पल | 2003 | वेबकिट |
| Mozilla Firefox | मोज़िला फाउंडेशन | 2004 | गेको |
| Google Chrome | गूगल | 2008 | ब्लिंक |
| Microsoft Edge | माइक्रोसॉफ्ट | 2015 | ब्लिंक |
मोज़ेक का महत्व यह है कि वह पहला ऐसा ब्राउज़र था जिसने एक ही खिड़की में पाठ के साथ चित्र दिखाए, इसी कारण उसे पहला लोकप्रिय ग्राफिकल ब्राउज़र कहा जाता है। सफारी एप्पल के कंप्यूटर और फोन के साथ आता है तथा एज विंडोज के वर्तमान संस्करणों के साथ आता है।
वेब पेज, वेबसाइट और पते के भाग
वेब पेज एक दस्तावेज़ होता है। वेबसाइट एक ही डोमेन नाम के नीचे रखे गए आपस में जुड़े पृष्ठों का समूह है और आगंतुक को सबसे पहले जो पृष्ठ मिलता है वह होम पेज कहलाता है। किसी पृष्ठ का पता उसका यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर अर्थात URL होता है। पते https://www.example.in/gk/computer में कोलन से पहले का भाग प्रोटोकॉल है, www.example.in डोमेन नाम है और /gk/computer साइट के भीतर पृष्ठ तक का पथ है।
- HTTP अर्थात हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल वेब पृष्ठ ढोता है और पोर्ट 80 का प्रयोग करता है।
- HTTPS वही प्रोटोकॉल है जिसे SSL या TLS से सुरक्षित किया गया है और वह पोर्ट 443 पर चलता है; पता पट्टी का ताला HTTPS का संकेत है।
- डोमेन का अंतिम भाग शीर्ष स्तरीय डोमेन कहलाता है: वाणिज्यिक के लिए .com, संस्थाओं के लिए .org, नेटवर्क के लिए .net, शिक्षा के लिए .edu, सरकार के लिए .gov, रक्षा के लिए .mil तथा देशों के लिए भारत का .in और ब्रिटेन का .uk।
- विश्व भर के डोमेन नामों का समन्वय ICANN करता है और साइट को सर्वर पर रखकर सबके लिए उपलब्ध कराना वेब होस्टिंग कहलाता है।
- अपनी मशीन से सर्वर को फाइल भेजना अपलोडिंग है और सर्वर से मशीन पर लाना डाउनलोडिंग है।
सर्च इंजन और पृष्ठ ढूँढ़ने की विधि
सर्च इंजन के तीन काम करने वाले भाग होते हैं। क्रॉलर, जिसे स्पाइडर या बॉट भी कहते हैं, कड़ी दर कड़ी घूमकर पृष्ठों की प्रतिलिपि लेता है। इंडेक्स यह संचित करता है कि उन पृष्ठों में क्या है, ठीक पुस्तक की अनुक्रमणिका की तरह। रैंकिंग प्रोग्राम परिणामों का क्रम तय करता है। गूगल की मूल रैंकिंग विधि पेजरैंक है, जिसका नाम लैरी पेज पर पड़ा; उन्होंने सर्गेई ब्रिन के साथ 1998 में स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में शोध छात्र रहते हुए कंपनी बनाई थी। मेटासर्च इंजन का अपना इंडेक्स नहीं होता, वह आपके शब्द कई इंजनों को भेज देता है।
| सर्च इंजन | देश | आरंभ | संस्थापक या स्वामी |
|---|---|---|---|
| Yahoo! | अमेरिका | 1994 | जेरी यांग और डेविड फिलो |
| AltaVista | अमेरिका | 1995 | डिजिटल इक्विपमेंट कॉर्पोरेशन |
| Yandex | रूस | 1997 | अर्काडी वोलोज और इल्या सेगालोविच |
| अमेरिका | 1998 | लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन | |
| Baidu | चीन | 2000 | रॉबिन ली और एरिक शू |
| DuckDuckGo | अमेरिका | 2008 | गेब्रियल वाइनबर्ग |
| Bing | अमेरिका | 2009 | माइक्रोसॉफ्ट |
ब्राउज़र के वे शब्द जो सीधे पूछे जाते हैं
- कुकी: बहुत छोटी पाठ फाइल जिसे वेबसाइट ब्राउज़र से संचित कराती है, ताकि अगली बार आगंतुक को पहचान सके।
- कैश: पहले उतारे जा चुके पृष्ठ के हिस्सों का भंडार, जिससे पृष्ठ दूसरी बार जल्दी खुले।
- बुकमार्क, जिसे इंटरनेट एक्सप्लोरर और एज में फेवरिट कहा जाता है: सहेजा हुआ पता।
- हिस्ट्री: देखे गए पृष्ठों की तिथि सहित सूची।
- इनकॉग्निटो या निजी ब्राउज़िंग: ऐसी खिड़की जिसकी हिस्ट्री, कुकी और फॉर्म प्रविष्टियाँ बंद होते ही हटा दी जाती हैं। इससे यात्रा नेटवर्क या वेबसाइट से नहीं छिपती।
- प्लग-इन, ऐड-ऑन या एक्सटेंशन: ब्राउज़र में जोड़ा गया छोटा प्रोग्राम जो उसे नई क्षमता देता है।
- हाइपरलिंक: वह पाठ या चित्र जिसमें दूसरे पृष्ठ का पता रहता है; उस पर संकेतक हाथ बन जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
परीक्षक चार ही प्रकार के प्रश्न पूछते हैं। पहला, किसने क्या और कब बनाया: बर्नर्स-ली और वेब, मोज़ेक और मार्क एंड्रीसन, तथा गूगल, याहू और बाइडू के संस्थापक वर्ष सहित। दूसरा, पूरे रूप और मिलान: URL, HTTP, HTTPS, HTML, DNS, W3C, ICANN तथा कौन सा इंजन किस ब्राउज़र का है। तीसरा, पोर्ट संख्याएँ, जहाँ HTTP 80 और HTTPS 443 को FTP 21 तथा SMTP 25 के सामने रखा जाता है। चौथा, ब्राउज़र के रोज़मर्रा शब्दों के अर्थ, विशेषकर कुकी और कैश का अंतर तथा इनकॉग्निटो वास्तव में क्या छिपाता है। सामान्य भ्रम ये हैं कि विंटन सर्फ को वेब का आविष्कारक मान लेना, इंटरनेट और वेब को एक समझ लेना तथा पेजरैंक का नाम वेब पेज पर मान लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| वेब का प्रस्ताव | टिम बर्नर्स-ली, सर्न, 1989 |
|---|---|
| पहली वेबसाइट | info.cern.ch, 1991 |
| पहला ब्राउज़र | WorldWideWeb, बाद में Nexus (1990) |
| पहला लोकप्रिय ग्राफिकल ब्राउज़र | मोज़ेक, 1993, एनसीएसए |
| क्रोम का इंजन | ब्लिंक; फायरफॉक्स गेको, सफारी वेबकिट |
| URL | यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर |
| HTTP और HTTPS के पोर्ट | 80 और 443 |
| गूगल की स्थापना | 1998, लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय |
| याहू की स्थापना | 1994, जेरी यांग और डेविड फिलो |
| मानक संस्था | वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम (W3C), स्थापना 1994 |
| डोमेन नामों का समन्वय | ICANN |
| भारत का देश कोड | .in |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
वर्ल्ड वाइड वेब का प्रस्ताव किसने रखा और पहला वेब ब्राउज़र किसने लिखा?
- A.चार्ल्स बैबेज
- B.टिम बर्नर्स-ली
- C.विंटन सर्फ
- D.मार्क एंड्रीसन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. टिम बर्नर्स-ली
व्याख्या
सही उत्तर B, टिम बर्नर्स-ली है। वे स्विट्ज़रलैंड के सर्न में कार्यरत ब्रिटिश वैज्ञानिक थे और उन्होंने 1989 में वर्ल्ड वाइड वेब का प्रस्ताव लिखा तथा पहला ब्राउज़र WorldWideWeb बनाया, जिसका नाम बाद में Nexus रखा गया; पहली वेबसाइट 1991 में चालू हुई। सन 1994 में उन्होंने वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम की स्थापना भी की। विकल्प A चार्ल्स बैबेज उन्नीसवीं शताब्दी के हैं और डिफरेंस इंजन तथा एनालिटिकल इंजन के कारण कंप्यूटर के जनक कहलाते हैं, वेब से उनका कोई संबंध नहीं। विकल्प C विंटन सर्फ ने रॉबर्ट कान के साथ टीसीपी/आईपी प्रोटोकॉल बनाए और वे इंटरनेट के जनक कहे जाते हैं, जो वेब के नीचे का नेटवर्क है, इसीलिए यह सबसे आकर्षक भ्रामक विकल्प है। विकल्प D मार्क एंड्रीसन ने 1993 में मोज़ेक बनाने वाले दल का नेतृत्व किया और बाद में नेटस्केप बनाई, पर वे बर्नर्स-ली के बाद आए।
वेब पते में URL का पूरा रूप क्या है?
- A.यूनिवर्सल रिसोर्स लिंक
- B.यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर
- C.यूनिफाइड रिट्रीवल लोकेटर
- D.यूनिफॉर्म रेफरेंस लाइन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर
व्याख्या
सही उत्तर B, यूनिफॉर्म रिसोर्स लोकेटर है। URL वेब पर किसी संसाधन का पूरा पता है और उसके तीन दिखाई देने वाले भाग होते हैं: प्रोटोकॉल जैसे https, डोमेन नाम जैसे www.example.in, तथा उस साइट के भीतर विशेष पृष्ठ तक का पथ। विकल्प A में विचार सही है पर शब्द गलत हैं, क्योंकि पहला शब्द यूनिवर्सल नहीं बल्कि यूनिफॉर्म है और अंतिम शब्द लिंक नहीं बल्कि लोकेटर है, इसलिए जाना-पहचाना लगने पर भी वह गलत है। विकल्प C ऐसा पद गढ़ता है जिसका किसी मानक में प्रयोग नहीं होता, उसे देखते ही छोड़ देना चाहिए। विकल्प D में केवल पहला शब्द सही है और शेष निरर्थक है। परीक्षक इसी अधूरी याद का लाभ उठाते हैं, इसलिए तीनों शब्द क्रम से याद रखें: यूनिफॉर्म, रिसोर्स, लोकेटर। साथ में यह भी याद रखें कि URL पते का वह रूप है जो संसाधन का स्थान बताता है, जबकि URI उसकी पहचान बताने वाला व्यापक पद है और डोमेन नाम केवल पते का बीच वाला भाग है।
गूगल क्रोम किस ब्राउज़र इंजन का प्रयोग करता है?
- A.गेको
- B.ट्राइडेंट
- C.ब्लिंक
- D.वेबकिट
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ब्लिंक
व्याख्या
सही उत्तर C, ब्लिंक है। ब्राउज़र इंजन, जिसे लेआउट या रेंडरिंग इंजन भी कहते हैं, वह भाग है जो सर्वर से मिले HTML को दिखाई देने वाले पृष्ठ में बदलता है, और क्रोम 2013 से ब्लिंक का प्रयोग करता है; ओपेरा तथा माइक्रोसॉफ्ट एज भी आज यही इंजन प्रयोग करते हैं, इसीलिए तीनों में पृष्ठ एक जैसे दिखते हैं। विकल्प A गेको मोज़िला फायरफॉक्स का इंजन है और वह पुराने नेटस्केप कोड से निकला था, अतः वह किसी दूसरे प्रश्न का उत्तर है। विकल्प B ट्राइडेंट माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर का इंजन था और एज के आ जाने पर अब प्रयोग में नहीं है। विकल्प D वेबकिट एप्पल का इंजन है और सफारी उसी पर चलता है; ब्लिंक स्वयं वेबकिट की शाखा के रूप में आरंभ हुआ था, इसी से दोनों नामों में भ्रम होता है।
गूगल की स्थापना 1998 में किसने की थी?
- A.जेरी यांग और डेविड फिलो
- B.लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन
- C.गेब्रियल वाइनबर्ग
- D.रॉबिन ली और एरिक शू
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन
व्याख्या
सही उत्तर B, लैरी पेज और सर्गेई ब्रिन है। दोनों अमेरिका के स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में शोध छात्र थे और उनकी बनाई रैंकिंग विधि पेजरैंक का नाम वेब पेज पर नहीं बल्कि लैरी पेज पर पड़ा था, यही बात परीक्षा में पूछी जाती है। विकल्प A जेरी यांग और डेविड फिलो ने 1994 में याहू की स्थापना की, जो गूगल से चार वर्ष पहले था, और याहू आरंभ में क्रॉलर आधारित इंजन नहीं बल्कि हाथ से बनाई गई वेबसाइट निर्देशिका था। विकल्प C गेब्रियल वाइनबर्ग ने 2008 में डकडकगो आरंभ किया, जो उपयोगकर्ता का विवरण न रखने के लिए जाना जाता है। विकल्प D रॉबिन ली और एरिक शू ने 2000 में चीन में बाइडू बनाई, जो वहाँ का प्रमुख सर्च इंजन है। चारों जोड़ियाँ वर्ष और देश सहित याद रखें।
एप्पल के macOS के साथ कौन सा ब्राउज़र डिफॉल्ट रूप में आता है?
- A.गूगल क्रोम
- B.माइक्रोसॉफ्ट एज
- C.सफारी
- D.मोज़िला फायरफॉक्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सफारी
व्याख्या
सही उत्तर C, सफारी है। एप्पल ने सफारी 2003 में जारी किया और वह अपने कंप्यूटर, टैबलेट तथा फोन के साथ इसी को देता है; यह एप्पल के अपने वेबकिट इंजन पर चलता है। विकल्प A गूगल क्रोम 2008 में आया और विश्व में सबसे अधिक प्रयोग होता है, उसे मैक पर लगाया जा सकता है, पर वह तंत्र के साथ नहीं आता जबकि प्रश्न डिफॉल्ट का है। विकल्प B माइक्रोसॉफ्ट एज 2015 में आया और विंडोज के वर्तमान संस्करणों का डिफॉल्ट ब्राउज़र है, जहाँ उसने इंटरनेट एक्सप्लोरर का स्थान लिया, अतः वह तभी सही होता जब प्रश्न विंडोज का होता। विकल्प D मोज़िला फायरफॉक्स 2004 में मोज़िला फाउंडेशन ने जारी किया, वह मुक्त स्रोत है और कई लिनक्स वितरणों के साथ आता है, पर मैक पर अलग से लगाना पड़ता है।
वेब प्रोटोकॉल के सुरक्षित रूप HTTPS का सामान्य पोर्ट नंबर कौन सा है?
- A.21
- B.80
- C.443
- D.25
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 443
व्याख्या
सही उत्तर C, 443 है। HTTPS वही हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल है जिसे SSL या TLS से ढक दिया गया है, जिससे ब्राउज़र और सर्वर के बीच जाने वाली सामग्री रास्ते में पढ़ी न जा सके; पता पट्टी में दिखने वाला ताला इसी का संकेत है। विकल्प A यानी 21 एफटीपी का पोर्ट है, जो सर्वर पर फाइल भेजने और लाने के काम आता है और इंटरनेट परिवार का होने से भ्रम पैदा करता है। विकल्प B यानी 80 साधारण एचटीटीपी का पोर्ट है, जो उसी प्रोटोकॉल का बिना कूटलेखन वाला रूप है, और जो अभ्यर्थी केवल एक ही वेब पोर्ट याद रखते हैं वे यहीं फँसते हैं। विकल्प D यानी 25 एसएमटीपी का पोर्ट है, जो बाहर जाने वाला ई-मेल भेजता है। पूरा समूह साथ याद रखें: एफटीपी 21, एसएमटीपी 25, एचटीटीपी 80, पीओपी3 110 और एचटीटीपीएस 443।
वह बहुत छोटी पाठ फाइल क्या कहलाती है जिसे वेबसाइट आगंतुक के कंप्यूटर पर इसलिए रखती है कि बाद में उसे पहचान सके?
- A.कैश
- B.कुकी
- C.बुकमार्क
- D.कर्सर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कुकी
व्याख्या
सही उत्तर B, कुकी है। कुकी में पाठ की कुछ ही पंक्तियाँ रहती हैं, जैसे सत्र संख्या या चुनी हुई भाषा, और ब्राउज़र अगली बार उसी साइट को वह लौटा देता है; इसी से खरीदारी की टोकरी या लॉगिन किया हुआ सत्र एक पृष्ठ से दूसरे पृष्ठ तक बना रहता है। विकल्प A कैश भी ब्राउज़र का भंडार है, पर उसमें पहले उतारे जा चुके चित्र, शैली फाइलें और पृष्ठ रहते हैं ताकि उन्हें दोबारा न लाना पड़े; वह साइट को तेज करता है, आगंतुक को पहचानता नहीं। विकल्प C बुकमार्क वह पता है जिसे उपयोगकर्ता स्वयं सहेजता है, एज में उसे फेवरिट कहते हैं, और उसे बनाने में वेबसाइट की कोई भूमिका नहीं होती। विकल्प D कर्सर स्क्रीन पर वह चिह्न है जो बताता है कि टाइप या क्लिक कहाँ लगेगा, भंडारण से उसका संबंध नहीं।
कौन सा शीर्ष स्तरीय डोमेन गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए है?
- A..com
- B..org
- C..net
- D..edu
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. .org
व्याख्या
सही उत्तर B, .org है। डोमेन नाम का अंतिम भाग शीर्ष स्तरीय डोमेन कहलाता है और आरंभिक डोमेन बनाते समय .org संस्थाओं के लिए, विशेषकर गैर-व्यावसायिक और गैर-लाभकारी निकायों के लिए रखा गया था। विकल्प A यानी .com व्यावसायिक उपक्रमों के लिए रखा गया था और आज सबसे अधिक प्रयोग होने वाला डोमेन है, जिसे हर प्रकार की कंपनियाँ लेती हैं। विकल्प C यानी .net नेटवर्क और नेटवर्क सेवा देने वालों के लिए था, यद्यपि अब उसे दूसरे लोग भी व्यापक रूप से लेते हैं। विकल्प D यानी .edu शिक्षा संस्थानों के लिए सुरक्षित है और व्यवहार में मुख्यतः अमेरिका के मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों तक सीमित है; भारतीय संस्थान प्रायः .ac.in या .edu.in लेते हैं। परीक्षा में .gov, .mil तथा देश कोड .in भी पूछे जाते हैं।
सर्च इंजन के इंडेक्स के लिए कड़ी दर कड़ी घूमकर वेब पृष्ठ एकत्र करने वाला प्रोग्राम क्या कहलाता है?
- A.कंपाइलर
- B.क्रॉलर
- C.फायरवॉल
- D.प्लग-इन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. क्रॉलर
व्याख्या
सही उत्तर B, क्रॉलर है। क्रॉलर को स्पाइडर या बॉट भी कहते हैं; वह पतों की एक सूची से आरंभ करता है, प्रत्येक पृष्ठ लाता है, उसमें मिली कड़ियों पर आगे बढ़ता है और पृष्ठों को इंडेक्स बनाने के लिए सौंप देता है। उसके बिना सर्च इंजन के पास ढूँढ़ने को कुछ होता ही नहीं। विकल्प A कंपाइलर बिलकुल दूसरे प्रकार का प्रोग्राम है, जो उच्च स्तरीय भाषा में लिखे पूरे प्रोग्राम को चलाने से पहले मशीनी कोड में बदलता है और भाषा प्रोसेसर के अध्याय में आता है। विकल्प C फायरवॉल निजी नेटवर्क और बाहर के बीच लगा वह पहरा है, चाहे हार्डवेयर हो या सॉफ्टवेयर, जो तय करता है कि कौन सा यातायात भीतर आए; वह रोकता है, एकत्र नहीं करता। विकल्प D प्लग-इन ब्राउज़र को अतिरिक्त क्षमता देने वाला छोटा जोड़ है।
गूगल की मूल परिणाम-क्रम विधि, जिसका नाम उसके एक संस्थापक पर पड़ा, कौन सी है?
- A.पेजरैंक
- B.एचआईटीएस
- C.रैंकब्रेन
- D.साइटस्कोर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पेजरैंक
व्याख्या
सही उत्तर A, पेजरैंक है। यह विधि किसी पृष्ठ की ओर आने वाली कड़ियाँ गिनती है और प्रत्येक कड़ी को उस पृष्ठ के महत्व के अनुसार भार देती है जहाँ से वह आई है, जिससे अनेक प्रतिष्ठित पृष्ठों द्वारा जोड़ा गया पृष्ठ परिणामों में ऊपर आता है। इसका नाम लैरी पेज पर पड़ा, जिन्होंने स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में सर्गेई ब्रिन के साथ इसे बनाया था, न कि वेब पेज शब्द पर, जैसा अधिकांश अभ्यर्थी मान लेते हैं। विकल्प B एचआईटीएस अर्थात हाइपरलिंक इंड्यूस्ड टॉपिक सर्च सचमुच एक कड़ी-विश्लेषण विधि है जिसे जॉन क्लाइनबर्ग ने लगभग उसी समय बनाया था, पर वह गूगल की अपनी विधि कभी नहीं रही। विकल्प C रैंकब्रेन गूगल की बहुत बाद की मशीन लर्निंग प्रणाली है। विकल्प D किसी विधि का नाम नहीं है।
निम्नलिखित में से कौन 1993 में जारी पहला व्यापक रूप से प्रयुक्त ग्राफिकल वेब ब्राउज़र माना जाता है?
- A.नेटस्केप नेविगेटर
- B.मोज़ेक
- C.इंटरनेट एक्सप्लोरर
- D.ओपेरा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मोज़ेक
व्याख्या
सही उत्तर B, मोज़ेक है। मोज़ेक अमेरिका के नेशनल सेंटर फॉर सुपरकंप्यूटिंग एप्लीकेशंस में उस दल ने लिखा था जिसमें मार्क एंड्रीसन भी थे, और यह पहला ऐसा ब्राउज़र था जिसने चित्रों को अलग खिड़की में नहीं बल्कि पाठ के साथ उसी पृष्ठ में दिखाया; इसी कारण वेब को आम लोगों तक पहुँचाने का श्रेय उसे मिलता है। विकल्प A नेटस्केप नेविगेटर एक वर्ष बाद 1994 में आया और उसे बनाने वाले अधिकतर लोग वही थे जो वहाँ से निकले थे; वह नब्बे के दशक के मध्य का प्रमुख ब्राउज़र बना, पर पहला नहीं था। विकल्प C इंटरनेट एक्सप्लोरर माइक्रोसॉफ्ट ने 1995 में जारी किया और विंडोज के साथ दिया, इसी से उसने नेटस्केप को पीछे छोड़ा। विकल्प D ओपेरा भी 1995 का है और नॉर्वे से आया। सबसे पहला ब्राउज़र बर्नर्स-ली का 1990 वाला WorldWideWeb ही है।
निजी या इनकॉग्निटो ब्राउज़िंग मुख्यतः ब्राउज़र को क्या रखने से रोकती है?
- A.इंटरनेट संपर्क स्वयं
- B.उस सत्र की हिस्ट्री और कुकी
- C.पहले सहेजे गए बुकमार्क
- D.कैश में पहले से पड़े पृष्ठ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उस सत्र की हिस्ट्री और कुकी
व्याख्या
सही उत्तर B, उस सत्र की हिस्ट्री और कुकी है। इनकॉग्निटो खिड़की बंद होते ही ब्राउज़र उसमें देखे गए पृष्ठों की सूची, साइटों द्वारा रखी गई कुकी तथा फॉर्म में टाइप की गई बातें हटा देता है, जिससे उसी कंप्यूटर पर आने वाले अगले व्यक्ति को कोई निशान न मिले। विकल्प A गलत है क्योंकि संपर्क ठीक उसी तरह बनता है; यह प्रणाली केवल यह बदलती है कि बाद में डिस्क पर क्या लिखा जाए। विकल्प C गलत है क्योंकि पहले सहेजे गए बुकमार्क ज्यों के त्यों रहते हैं, और इनकॉग्निटो में बनाया गया बुकमार्क भी बचा रहता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सामान्य ब्राउज़िंग से कैश में आई सामग्री वहीं बनी रहती है; यह प्रणाली केवल नई प्रविष्टियाँ जुड़ने से रोकती है। ध्यान रहे, इससे वेबसाइट या सेवा प्रदाता से कुछ नहीं छिपता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंटरनेट और वर्ल्ड वाइड वेब में क्या अंतर है?
इंटरनेट जुड़े हुए कंप्यूटरों का विश्वव्यापी नेटवर्क है और उस पर ई-मेल तथा फाइल ट्रांसफर सहित अनेक सेवाएँ चलती हैं। वर्ल्ड वाइड वेब उनमें से केवल एक सेवा है, अर्थात मुख्यतः HTML में लिखे आपस में जुड़े दस्तावेज़ों का समूह जिन्हें ब्राउज़र पढ़ता है। हर वेबसाइट को इंटरनेट चाहिए, पर इंटरनेट की हर चीज़ वेब का हिस्सा नहीं है।
पहला वेब ब्राउज़र कौन सा था और पहला ग्राफिकल ब्राउज़र कौन सा?
सबसे पहला ब्राउज़र WorldWideWeb था, जिसे टिम बर्नर्स-ली ने 1990 में लिखा और बाद में उसका नाम Nexus रखा गया। पहला व्यापक रूप से प्रयुक्त ग्राफिकल ब्राउज़र मोज़ेक था, जिसे 1993 में नेशनल सेंटर फॉर सुपरकंप्यूटिंग एप्लीकेशंस ने जारी किया; उसने चित्र पृष्ठ के भीतर दिखाकर वेब को आम लोगों तक पहुँचाया।
कुकी और कैश में क्या अंतर है?
कुकी वह छोटी पाठ फाइल है जिसे वेबसाइट ब्राउज़र से रखवाती है ताकि बाद में उसी आगंतुक को पहचान सके; उसमें सत्र संख्या जैसी बातें रहती हैं। कैश पहले उतारे जा चुके चित्रों, शैली फाइलों और पृष्ठों का भंडार है, जो साइट को अगली बार तेज खोलता है। एक पहचान कराती है, दूसरा गति देता है।
सर्च इंजन यह कैसे तय करता है कि कौन सा परिणाम पहले दिखे?
क्रॉलर पृष्ठ एकत्र करता है, इंडेक्स उनकी सामग्री दर्ज करता है और रैंकिंग प्रोग्राम मेल खाते पृष्ठों का क्रम बनाता है। गूगल की मूल विधि पेजरैंक किसी पृष्ठ की ओर आने वाली कड़ियाँ गिनती है और प्रत्येक को स्रोत पृष्ठ के महत्व के अनुसार भार देती है, जिससे प्रतिष्ठित पृष्ठों से जुड़ा पृष्ठ ऊपर आता है।
क्या इनकॉग्निटो मोड ब्राउज़िंग को गुमनाम बना देता है?
नहीं। वह केवल इतना करता है कि खिड़की बंद होने पर उस सत्र की हिस्ट्री, कुकी और फॉर्म प्रविष्टियाँ नहीं रखता। देखी गई वेबसाइट, कार्यालय या महाविद्यालय का नेटवर्क तथा इंटरनेट सेवा प्रदाता यात्रा देख सकते हैं, इसलिए यह केवल उसी कंप्यूटर के अन्य उपयोगकर्ताओं से निजता बचाता है।
स्रोत
- वेब का जन्म — सर्न (CERN)
- W3C मानक — वर्ल्ड वाइड वेब कंसोर्टियम
- डोमेन नाम शब्दावली — ICANN





