कंप्यूटिंग का इतिहास और अग्रणी: पीढ़ियां और प्रथम
कंप्यूटिंग के इतिहास पर परीक्षा नोट्स: अबेकस से माइक्रोप्रोसेसर तक, कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां, और बैबेज तथा एडा लवलेस से ट्यूरिंग तक के अग्रणी।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

कंप्यूटिंग का इतिहास कंप्यूटर जागरूकता का सबसे भरोसेमंद अंक देने वाला अध्याय है, क्योंकि इसका पूरा ढांचा नाम, तिथियों और प्रथम उपलब्धियों का है। प्रश्न बनाने वाला पूछ सकता है कि किसने क्या बनाया, कोई मशीन किस पीढ़ी की है, या कौन सा पुरजा किस पीढ़ी को परिभाषित करता है, और इन सभी के उत्तर निश्चित हैं और बदलेंगे नहीं। यह कथा मोतियों के ढांचे से लेकर नाखून जितनी चिप तक लगभग पांच हजार वर्षों में चलती है, और इसे याद रखने का उपयोगी तरीका तीन भागों में है: यांत्रिक गणक, इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां, और वे लोग जिनके नाम से प्रथम उपलब्धियां जुड़ी हैं।
बिजली से पहले: यांत्रिक गणक
अबेकस सबसे प्राचीन गणना यंत्र है, छड़ों और मोतियों का वह ढांचा जो हजारों वर्ष पहले चीन तथा प्राचीन पश्चिम एशिया में प्रयोग होता था, और गणना के पहले यांत्रिक साधन के प्रश्न का मानक उत्तर आज भी यही है। 1614 में स्कॉटिश गणितज्ञ जॉन नेपियर ने लघुगणक पर अपना कार्य प्रकाशित किया और कुछ ही समय बाद वे छड़ें दीं जिन्हें नेपियर की अस्थियां कहा जाता है; विलियम ऑट्रेड ने 1622 में उसी विचार को स्लाइड रूल में बदला। 1642 में ब्लेज पास्कल ने पास्कलाइन बनाई, पहली यांत्रिक जोड़ मशीन, जो जोड़ और घटा सकती थी, और 1673 में गॉटफ्रीड विल्हेम लाइबनिज ने उसमें सुधार करते हुए स्टेप्ड रेकनर बनाई, जो गुणा और भाग भी कर सकती थी; लाइबनिज को द्विआधारी संख्या पद्धति के लिए अलग से याद किया जाता है। 1801 में जोसेफ मेरी जैकार्ड ने छिद्रित कार्डों से नियंत्रित करघा बनाया, और यही विचार सीधे कंप्यूटिंग में पहुंचा।
चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। उन्होंने 1822 में गणितीय सारणियां निकालने के लिए डिफरेंस इंजन का रूपांकन किया, और उसके बाद कहीं अधिक महत्वाकांक्षी एनालिटिकल इंजन, एक सर्वप्रयोजन मशीन जिसमें संख्याओं के लिए स्टोर, अंकगणित के लिए मिल, छिद्रित कार्ड से निवेश और मुद्रित निर्गम था: अर्थात आधुनिक कंप्यूटर की वास्तुकला, उसके बनने से एक सदी पहले। लॉर्ड बायरन की पुत्री एडा लवलेस ने उस इंजन पर वे टिप्पणियां लिखीं जिनमें पहला कंप्यूटर प्रोग्राम माना जाने वाला अंश है, और उन्हें प्रथम कंप्यूटर प्रोग्रामर कहा जाता है। जॉर्ज बूल ने 1854 में तर्क का बीजगणित रखा, वही गणित जो आज हर अंकीय परिपथ प्रयोग करता है। हरमन हॉलेरिथ ने छिद्रित कार्ड वाली सारणीयन मशीन बनाई जिसने 1890 की अमेरिकी जनगणना संसाधित की, और उनकी स्थापित कंपनी विलयों से होकर आईबीएम बनी।
कंप्यूटर की पांच पीढ़ियां
पीढ़ियां स्विचन पुरजे से परिभाषित होती हैं, और यह इस अध्याय की सबसे अधिक पूछी जाने वाली सारणी है।
| पीढ़ी | पुरजा | उदाहरण मशीनें |
|---|---|---|
| प्रथम | निर्वात नलिकाएं या वाल्व | एनिएक, एडवैक, एडसैक, यूनिवैक-1, आईबीएम 650 |
| द्वितीय | ट्रांजिस्टर | आईबीएम 1401, आईबीएम 7094, सीडीसी 1604, हनीवेल 400 |
| तृतीय | एकीकृत परिपथ | आईबीएम 360 श्रेणी, पीडीपी-8, आईसीएल 1900 |
| चतुर्थ | माइक्रोप्रोसेसर, वीएलएसआई | आईबीएम पीसी, एप्पल 2, इंटेल आधारित व्यक्तिगत कंप्यूटर |
| पंचम | यूएलएसआई, कृत्रिम बुद्धि, समानांतर संसाधन | आधुनिक सुपर कंप्यूटर और एआई तंत्र |
तीन आविष्कार तिथियां इस सारणी को जोड़े रखती हैं। ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में बेल प्रयोगशाला में जॉन बार्डीन, वॉल्टर ब्रैटेन और विलियम शॉक्ले ने किया, जिन्हें इसके लिए 1956 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला। एकीकृत परिपथ का आविष्कार 1958 में हुआ, स्वतंत्र रूप से टेक्सास इंस्ट्रूमेंट्स में जैक किल्बी और फेयरचाइल्ड सेमीकंडक्टर में रॉबर्ट नॉयस ने। पहला माइक्रोप्रोसेसर इंटेल 4004 वर्ष 1971 में आया और उसी से चतुर्थ पीढ़ी आरंभ हुई। प्रथम पीढ़ी की मशीनें मशीनी भाषा में प्रोग्राम होती थीं और पूरे कमरे भरती थीं; द्वितीय पीढ़ी असेंबली भाषा और चुंबकीय क्रोड स्मृति लाई; तृतीय उच्च स्तरीय भाषाएं और प्रचालन तंत्र लाई; चतुर्थ ने कंप्यूटर को मेज पर रख दिया।
पहले इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर
कोनराड ज़ूस ने 1941 में जर्मनी में ज़ेड3 बनाई, एक विद्युत यांत्रिक मशीन जिसे सामान्यतः पहला प्रोग्राम योग्य कंप्यूटर गिना जाता है। जॉन अटानासॉफ और क्लिफर्ड बेरी द्वारा लगभग 1942 में बनी अटानासॉफ-बेरी कंप्यूटर पहली इलेक्ट्रॉनिक अंकीय गणना युक्ति थी। हॉवर्ड एकेन ने 1944 में हार्वर्ड मार्क 1 पूरी की। एनिएक अर्थात इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर 1946 में पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मॉकली ने पूरी की, उसमें लगभग अठारह हजार निर्वात नलिकाएं थीं, और उसे पहला सर्वप्रयोजन इलेक्ट्रॉनिक अंकीय कंप्यूटर माना जाता है। इसके बाद जॉन वॉन न्यूमैन ने संचित प्रोग्राम की संकल्पना रखी, जिसमें निर्देश और आंकड़े एक ही स्मृति में रहते हैं, और उसे आज भी वॉन न्यूमैन वास्तुकला कहा जाता है। कैम्ब्रिज में एडसैक 1949 में बनी, और 1951 की यूनिवैक-1 संयुक्त राज्य अमेरिका में व्यावसायिक रूप से बेचा गया पहला कंप्यूटर था।
अग्रणी और उनसे जुड़ी प्रथम उपलब्धियां
एलन ट्यूरिंग ने 1936 में वह अमूर्त मशीन बताई जो उनके नाम से जानी जाती है और मशीनी बुद्धि के लिए ट्यूरिंग परीक्षण दिया; उन्हें कंप्यूटर विज्ञान का जनक कहा जाता है, और एनिग्मा कूट पर उनके कार्य ने द्वितीय विश्व युद्ध छोटा किया। जॉन मैकार्थी ने 1956 में कृत्रिम बुद्धि शब्द गढ़ा और लिस्प भाषा बनाई। ग्रेस हॉपर ने पहला संकलक लिखा, कोबोल के पीछे का कार्य संभाला और डीबगिंग शब्द को प्रचलित किया। डेनिस रिची ने सी भाषा और केन थॉम्पसन के साथ यूनिक्स प्रचालन तंत्र बनाया; ब्यार्न स्ट्रॉस्ट्रुप ने सी प्लस प्लस, जेम्स गॉसलिंग ने जावा और गिडो वैन रोसम ने पायथन बनाई। डगलस एंगलबर्ट ने 1964 में माउस का आविष्कार किया। रे टॉमलिंसन ने 1971 में पहला नेटवर्क ईमेल भेजा और पतों के लिए एट चिह्न चुना। विंटन सर्फ और रॉबर्ट कान ने टीसीपी/आईपी का रूपांकन किया और उन्हें इंटरनेट के जनक कहा जाता है, जबकि टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में सर्न में वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किया। बिल गेट्स और पॉल एलन ने 1975 में माइक्रोसॉफ्ट, स्टीव जॉब्स और स्टीव वोज्नियाक ने 1976 में एप्पल की स्थापना की, और लिनस टोरवाल्ड्स ने 1991 में लिनक्स कर्नेल जारी किया।
भारत में कंप्यूटिंग
भारत का पहला कंप्यूटर एचईसी-2एम था, जो 1950 के दशक के मध्य में कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान में लगाया गया। भारत में रूपांकित और निर्मित पहली मशीन टीआईएफआरएसी थी, अर्थात टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च ऑटोमैटिक कैलकुलेटर, जो 1960 में चालू हुई और जिसका नाम जवाहरलाल नेहरू ने रखा। स्वदेशी सुपर कंप्यूटरों की श्रृंखला 1991 के परम 8000 से आरंभ हुई, जिसे विजय भटकर के नेतृत्व में प्रगत संगणन विकास केंद्र ने बनाया, और इसी कारण उन्हें भारत के सुपर कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न पांच प्रकार के होते हैं। पहला, व्यक्ति और आविष्कार का मेल: बैबेज के साथ एनालिटिकल इंजन, पास्कल के साथ पास्कलाइन, लाइबनिज के साथ स्टेप्ड रेकनर, नेपियर के साथ लघुगणक, एडा लवलेस प्रथम प्रोग्रामर, हॉलेरिथ के साथ छिद्रित कार्ड। दूसरा, पीढ़ियों की सारणी, दोनों दिशाओं में पूछी जाती है: किसी पीढ़ी का पुरजा बताइए, या आईबीएम 1401, आईबीएम 360 अथवा आईबीएम पीसी जैसी मशीन को पीढ़ी में रखिए। तीसरा, ट्रांजिस्टर, एकीकृत परिपथ और माइक्रोप्रोसेसर के लिए 1947, 1958 तथा 1971 की तीन तिथियां, जो एक साथ भ्रमजाल के रूप में दी जाती हैं। चौथा, उपाधियां: कंप्यूटर के जनक बनाम कंप्यूटर विज्ञान के जनक, कृत्रिम बुद्धि के जनक, इंटरनेट के जनक। पांचवां, भारतीय प्रथम, जहां एचईसी-2एम, टीआईएफआरएसी और परम 8000 आमने सामने रखे जाते हैं, और जाल यह है कि भारत का पहला कंप्यूटर आयातित था जबकि भारत में बना पहला टीआईएफआरएसी था।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सबसे प्राचीन गणना यंत्र | अबेकस |
|---|---|
| कंप्यूटर के जनक | चार्ल्स बैबेज (1822 का डिफरेंस इंजन, एनालिटिकल इंजन) |
| प्रथम कंप्यूटर प्रोग्रामर | एडा लवलेस |
| कंप्यूटर विज्ञान के जनक | एलन ट्यूरिंग (ट्यूरिंग मशीन, 1936; ट्यूरिंग परीक्षण) |
| पास्कलाइन | ब्लेज पास्कल, 1642, पहली यांत्रिक जोड़ मशीन |
| स्टेप्ड रेकनर | गॉटफ्रीड लाइबनिज, 1673; उन्होंने द्विआधारी संख्या पद्धति भी दी |
| बूलीय बीजगणित | जॉर्ज बूल, 1854 |
| ट्रांजिस्टर | 1947, बेल प्रयोगशाला: बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले |
| एकीकृत परिपथ | 1958, जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस |
| पहला माइक्रोप्रोसेसर | इंटेल 4004, 1971 |
| एनिएक | 1946, एकर्ट और मॉकली, निर्वात नलिकाएं, पहला सर्वप्रयोजन इलेक्ट्रॉनिक अंकीय कंप्यूटर |
| संचित प्रोग्राम संकल्पना | जॉन वॉन न्यूमैन (वॉन न्यूमैन वास्तुकला) |
| अमेरिका का पहला व्यावसायिक कंप्यूटर | यूनिवैक-1, 1951 |
| वर्ल्ड वाइड वेब | टिम बर्नर्स-ली, सर्न में, 1989 |
| भारत में बना पहला कंप्यूटर | टीआईएफआरएसी, 1960, टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च |
| पहला भारतीय सुपर कंप्यूटर | परम 8000, 1991, सी-डैक, विजय भटकर के नेतृत्व में |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
कंप्यूटर की किस पीढ़ी में ट्रांजिस्टर का प्रयोग हुआ?
- A.चतुर्थ
- B.द्वितीय
- C.तृतीय
- D.प्रथम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. द्वितीय
व्याख्या
सही उत्तर B, द्वितीय है। कंप्यूटर की पीढ़ियां उस स्विचन युक्ति से नाम पाती हैं जिसका वे प्रयोग करती हैं, और द्वितीय पीढ़ी, जो 1950 के दशक के अंत से 1960 के दशक के आरंभ तक चली, ने भारी निर्वात नलिका के स्थान पर ट्रांजिस्टर रखा, जिसका आविष्कार 1947 में बेल प्रयोगशाला में हुआ था। ट्रांजिस्टर वाली मशीनें छोटी, कम गर्म, सस्ती और कहीं अधिक भरोसेमंद थीं, और आईबीएम 1401 तथा आईबीएम 7094 इसके सामान्य उदाहरण हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रथम पीढ़ी निर्वात नलिकाओं या वाल्वों का प्रयोग करती थी, जैसे एनिएक और यूनिवैक-1। विकल्प C गलत है क्योंकि तृतीय पीढ़ी एकीकृत परिपथ पर गई, अर्थात एक ही चिप पर अनेक ट्रांजिस्टर, जैसे आईबीएम 360। विकल्प A गलत है क्योंकि चतुर्थ पीढ़ी माइक्रोप्रोसेसर और वीएलएसआई से परिभाषित होती है, जो 1971 के इंटेल 4004 से आरंभ हुई।
आईबीएम 360 कंप्यूटर की किस पीढ़ी में विकसित हुआ?
- A.द्वितीय पीढ़ी
- B.प्रथम पीढ़ी
- C.तृतीय पीढ़ी
- D.चतुर्थ पीढ़ी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. तृतीय पीढ़ी
व्याख्या
सही उत्तर C, तृतीय पीढ़ी है। 1964 में घोषित आईबीएम सिस्टम/360 एकीकृत परिपथों पर बना था, और एकीकृत परिपथ ही कंप्यूटर की तृतीय पीढ़ी को परिभाषित करता है; यह श्रेणी भिन्न आकार की मशीनों का एक संगत परिवार लाने के लिए भी याद की जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि प्रथम पीढ़ी निर्वात नलिकाओं की थी, एनिएक, एडवैक और यूनिवैक-1 का युग। विकल्प A गलत है क्योंकि द्वितीय पीढ़ी पृथक ट्रांजिस्टरों की थी, आईबीएम 1401 तथा आईबीएम 7094 का युग। विकल्प D गलत है क्योंकि चतुर्थ पीढ़ी माइक्रोप्रोसेसर और व्यक्तिगत कंप्यूटर का युग है, जो 1971 के इंटेल 4004 के बाद आरंभ हुआ और जिसने 1981 का आईबीएम पीसी दिया। एकीकृत परिपथ का आविष्कार 1958 में जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस ने किया। स्मरण रखें कि आईबीएम 360 श्रेणी ने व्यापारिक और वैज्ञानिक दोनों कार्यों के लिए एक ही मशीन परिवार दिया।
कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है?
- A.ब्लेज पास्कल
- B.चार्ल्स बैबेज
- C.एलन ट्यूरिंग
- D.जॉन वॉन न्यूमैन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चार्ल्स बैबेज
व्याख्या
सही उत्तर B, चार्ल्स बैबेज है। बैबेज ने 1822 में डिफरेंस इंजन का रूपांकन किया और उसके बाद एनालिटिकल इंजन, एक सर्वप्रयोजन यांत्रिक कंप्यूटर जिसमें संख्याओं के लिए स्टोर, अंकगणित के लिए मिल, छिद्रित कार्ड से निवेश और मुद्रित निर्गम था, अर्थात आधुनिक कंप्यूटर की योजना उसके बनने से एक सदी पहले; इसी कारण उन्हें कंप्यूटर का जनक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ब्लेज पास्कल ने 1642 की पास्कलाइन बनाई, जो यांत्रिक जोड़ मशीन थी, प्रोग्राम योग्य कंप्यूटर नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि एलन ट्यूरिंग को 1936 की सैद्धांतिक ट्यूरिंग मशीन के लिए कंप्यूटर विज्ञान का जनक कहा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि जॉन वॉन न्यूमैन ने संचित प्रोग्राम की संकल्पना और अपने नाम की वास्तुकला दी, जो बाद का योगदान है।
पहली यांत्रिक जोड़ मशीन पास्कलाइन का आविष्कार 1642 में किसने किया?
- A.गॉटफ्रीड लाइबनिज
- B.जॉन नेपियर
- C.ब्लेज पास्कल
- D.जोसेफ मेरी जैकार्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ब्लेज पास्कल
व्याख्या
सही उत्तर C, ब्लेज पास्कल है। फ्रांसीसी गणितज्ञ ब्लेज पास्कल ने 1642 में अपने पिता की कर गणना में सहायता के लिए पास्कलाइन बनाई; वह दांतेदार पहियों से चलती थी और जोड़ तथा घटा सकती थी, और प्रोग्रामिंग भाषा पास्कल उनके सम्मान में नामित है। विकल्प A गलत है क्योंकि गॉटफ्रीड लाइबनिज ने 1673 में स्टेप्ड रेकनर बनाई, वह सुधार जो गुणा और भाग भी कर सकता था, और उन्होंने द्विआधारी संख्या पद्धति दी। विकल्प B गलत है क्योंकि जॉन नेपियर ने 1614 में लघुगणक प्रकाशित किए और वे गणना छड़ें बनाईं जिन्हें नेपियर की अस्थियां कहा जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि जोसेफ मेरी जैकार्ड ने 1801 में छिद्रित कार्ड वाला करघा बनाया; उनके कार्डों ने कंप्यूटिंग को प्रभावित किया पर उनकी मशीन कपड़ा बुनती थी, अंकगणित नहीं करती थी।
विश्व का प्रथम कंप्यूटर प्रोग्रामर किसे माना जाता है?
- A.एडा लवलेस
- B.ग्रेस हॉपर
- C.डेनिस रिची
- D.कोनराड ज़ूस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एडा लवलेस
व्याख्या
सही उत्तर A, एडा लवलेस है। लॉर्ड बायरन की पुत्री एडा लवलेस ने चार्ल्स बैबेज के साथ एनालिटिकल इंजन पर कार्य किया, और 1843 में प्रकाशित उनकी टिप्पणियों में उस पर बर्नूली संख्याएं निकालने का चरणबद्ध क्रम है, जिसे पहला कंप्यूटर प्रोग्राम माना जाता है; एक प्रोग्रामिंग भाषा एडा उनके नाम पर है। विकल्प B गलत है क्योंकि ग्रेस हॉपर एक सदी बाद आईं और उन्हें पहले संकलक, कोबोल तथा डीबगिंग शब्द के प्रचलन के लिए याद किया जाता है। विकल्प C गलत है क्योंकि डेनिस रिची ने 1970 के दशक में सी भाषा बनाई और यूनिक्स के सहनिर्माता रहे। विकल्प D गलत है क्योंकि कोनराड ज़ूस ने 1941 में ज़ेड3 बनाई, जो एक मशीन थी, प्रोग्राम नहीं। लवलेस ने यह भी देखा कि ऐसा इंजन किसी दिन केवल संख्याओं पर नहीं, प्रतीकों और संगीत पर भी काम कर सकता है।
पहला सर्वप्रयोजन इलेक्ट्रॉनिक अंकीय कंप्यूटर एनिएक स्विचन के लिए किस पुरजे का प्रयोग करता था?
- A.ट्रांजिस्टर
- B.एकीकृत परिपथ
- C.निर्वात नलिकाएं
- D.माइक्रोप्रोसेसर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. निर्वात नलिकाएं
व्याख्या
सही उत्तर C, निर्वात नलिकाएं है। एनिएक अर्थात इलेक्ट्रॉनिक न्यूमेरिकल इंटीग्रेटर एंड कंप्यूटर 1946 में पेंसिल्वेनिया विश्वविद्यालय में जे. प्रेस्पर एकर्ट और जॉन मॉकली ने पूरी की और उसमें लगभग अठारह हजार निर्वात नलिकाएं थीं; वह प्रथम पीढ़ी की मशीन थी, एक बड़ा कमरा भरती थी और बहुत बिजली खाती थी। विकल्प A गलत है क्योंकि ट्रांजिस्टर का आविष्कार 1947 में हुआ, एनिएक पूरी होने के एक वर्ष बाद, और वह द्वितीय पीढ़ी को परिभाषित करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि एकीकृत परिपथ 1958 में आए और तृतीय पीढ़ी को परिभाषित करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि माइक्रोप्रोसेसर 1971 के इंटेल 4004 के साथ आया और चतुर्थ पीढ़ी को परिभाषित करता है। नलिकाओं की गर्मी और खराबी की दर ही कारण है कि प्रत्येक बाद का पुरजा महत्वपूर्ण रहा।
लघुगणक और नेपियर की अस्थियां नामक गणना छड़ें किसका कार्य हैं?
- A.विलियम ऑट्रेड
- B.जॉन नेपियर
- C.जॉर्ज बूल
- D.हरमन हॉलेरिथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जॉन नेपियर
व्याख्या
सही उत्तर B, जॉन नेपियर है। स्कॉटिश गणितज्ञ जॉन नेपियर ने 1614 में लघुगणक पर अपना कार्य प्रकाशित किया, जिसने गुणा को जोड़ में बदल दिया, और उसके बाद अंकित छड़ों का एक समूह बनाया, नेपियर की अस्थियां, जिनसे गुणनफल यांत्रिक रूप से पढ़े जा सकते थे। विकल्प A गलत है क्योंकि विलियम ऑट्रेड ने लघुगणक का उपयोग करते हुए 1622 में स्लाइड रूल बनाया, जो नेपियर के विचार का विकास था, उसका उद्गम नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि जॉर्ज बूल ने 1854 में तर्क का बीजगणित दिया, जो अंकीय परिपथ रूपांकन का आधार है, कोई गणना साधन नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि हरमन हॉलेरिथ ने 1890 की अमेरिकी जनगणना में प्रयुक्त छिद्रित कार्ड सारणीयन मशीन बनाई और वह कंपनी स्थापित की जो आईबीएम बनी।
विश्व का पहला माइक्रोप्रोसेसर इंटेल 4004 किस वर्ष आया?
- A.1947
- B.1958
- C.1971
- D.1981
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1971
व्याख्या
सही उत्तर C, 1971 है। इंटेल ने 1971 में 4004 जारी किया, जिसने पहली बार पूरी केंद्रीय संसाधन इकाई को एक ही चिप पर रखा और कंप्यूटर की चतुर्थ पीढ़ी के साथ व्यक्तिगत कंप्यूटर का युग आरंभ किया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1947 वह वर्ष है जब बेल प्रयोगशाला में बार्डीन, ब्रैटेन और शॉक्ले ने ट्रांजिस्टर का आविष्कार किया, जिसने द्वितीय पीढ़ी खोली। विकल्प B गलत है क्योंकि 1958 एकीकृत परिपथ का वर्ष है, जिसका आविष्कार स्वतंत्र रूप से जैक किल्बी और रॉबर्ट नॉयस ने किया और जिसने तृतीय पीढ़ी खोली। विकल्प D गलत है क्योंकि 1981 वह वर्ष है जब आईबीएम ने अपना व्यक्तिगत कंप्यूटर उतारा, जो चतुर्थ पीढ़ी का महत्वपूर्ण उत्पाद था पर माइक्रोप्रोसेसर से एक दशक बाद का। इंटेल 4004 चार बिट का प्रोसेसर था, जो एक जापानी कैलकुलेटर कंपनी के आदेश पर बना।
अपने नाम की सैद्धांतिक मशीन और मशीनी बुद्धि के परीक्षण के प्रस्तावक, जिन्हें कंप्यूटर विज्ञान का जनक कहा जाता है, कौन हैं?
- A.एलन ट्यूरिंग
- B.जॉन मैकार्थी
- C.चार्ल्स बैबेज
- D.बिल गेट्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. एलन ट्यूरिंग
व्याख्या
सही उत्तर A, एलन ट्यूरिंग है। 1936 में ब्रिटिश गणितज्ञ एलन ट्यूरिंग ने एक अमूर्त मशीन का वर्णन किया, जिसे अब ट्यूरिंग मशीन कहा जाता है और जो यह परिभाषित करती है कि कोई समस्या संगणनीय होने का अर्थ क्या है, और 1950 में उन्होंने ट्यूरिंग परीक्षण प्रस्तावित किया, जिसमें मशीन को बुद्धिमान माना जाता है यदि उसके उत्तर मनुष्य के उत्तरों से अलग न पहचाने जा सकें। उन्हें कंप्यूटर विज्ञान तथा कृत्रिम बुद्धि का जनक कहा जाता है, और एनिग्मा कूट तोड़ने के उनके कार्य ने द्वितीय विश्व युद्ध छोटा किया। विकल्प B गलत है क्योंकि जॉन मैकार्थी ने 1956 में कृत्रिम बुद्धि शब्द गढ़ा और लिस्प बनाई। विकल्प C गलत है क्योंकि बैबेज कंप्यूटर अर्थात मशीन के जनक हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बिल गेट्स ने 1975 में माइक्रोसॉफ्ट की सहस्थापना की।
1890 की अमेरिकी जनगणना में प्रयुक्त छिद्रित कार्ड सारणीयन मशीन बनाने वाले व्यक्ति की कंपनी आगे चलकर क्या बनी?
- A.इंटेल
- B.आईबीएम
- C.ह्यूलेट-पैकर्ड
- D.माइक्रोसॉफ्ट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आईबीएम
व्याख्या
सही उत्तर B, आईबीएम है। हरमन हॉलेरिथ ने वह विद्युत सारणीयन मशीन बनाई जो कार्डों में छिदे छेद पढ़ती थी, और उसने 1890 की अमेरिकी जनगणना के संसाधन का समय वर्षों से घटाकर महीनों कर दिया। उन्होंने टैब्युलेटिंग मशीन कंपनी स्थापित की, जो बाद के विलयों और 1924 के नाम परिवर्तन से इंटरनेशनल बिजनेस मशीन्स अर्थात आईबीएम बनी। विकल्प A गलत है क्योंकि इंटेल की स्थापना 1968 में रॉबर्ट नॉयस और गॉर्डन मूर ने अर्धचालक स्मृति और फिर माइक्रोप्रोसेसर बनाने के लिए की। विकल्प C गलत है क्योंकि ह्यूलेट-पैकर्ड की स्थापना 1939 में कैलिफोर्निया के एक गैराज में हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि माइक्रोसॉफ्ट की स्थापना 1975 में बिल गेट्स और पॉल एलन ने सॉफ्टवेयर लिखने के लिए की, सारणीयन हार्डवेयर के लिए नहीं।
संचित प्रोग्राम की संकल्पना, जिसमें निर्देश और आंकड़े एक ही स्मृति में रखे जाते हैं, किससे जुड़ी है?
- A.जॉन वॉन न्यूमैन
- B.हॉवर्ड एकेन
- C.क्लिफर्ड बेरी
- D.टिम बर्नर्स-ली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जॉन वॉन न्यूमैन
व्याख्या
सही उत्तर A, जॉन वॉन न्यूमैन है। 1945 में एडवैक के रूपांकन पर अपनी रिपोर्ट में जॉन वॉन न्यूमैन ने ऐसा कंप्यूटर प्रस्तुत किया जिसमें एक ही स्मृति प्रोग्राम और उस पर काम आने वाले आंकड़े दोनों रखती है, साथ में नियंत्रण इकाई, अंकगणित तथा तर्क इकाई और निवेश निर्गम; उस विन्यास को आज भी वॉन न्यूमैन वास्तुकला कहा जाता है, और लगभग हर सामान्य कंप्यूटर उसी का अनुसरण करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि हॉवर्ड एकेन ने 1944 में हार्वर्ड मार्क 1 बनाई, जो निर्देश अलग रखती थी और जिससे प्रतिद्वंद्वी हार्वर्ड वास्तुकला को नाम मिला। विकल्प C गलत है क्योंकि क्लिफर्ड बेरी ने अटानासॉफ-बेरी कंप्यूटर बनाने में सहायता की। विकल्प D गलत है क्योंकि टिम बर्नर्स-ली ने 1989 में सर्न में वर्ल्ड वाइड वेब का आविष्कार किया।
भारत में रूपांकित और निर्मित पहला कंप्यूटर कौन था?
- A.परम 8000
- B.एचईसी-2एम
- C.टीआईएफआरएसी
- D.सिद्धार्थ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. टीआईएफआरएसी
व्याख्या
सही उत्तर C, टीआईएफआरएसी है। टीआईएफआरएसी अर्थात टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च ऑटोमैटिक कैलकुलेटर भारत के भीतर रूपांकित और निर्मित पहला कंप्यूटर था; वह 1960 में चालू हुआ और जवाहरलाल नेहरू ने उसे यह नाम दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि एचईसी-2एम, जो 1950 के दशक के मध्य में कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान में लगा, भारत का पहला कंप्यूटर था पर वह ब्रिटेन से आयातित था, यहां बना नहीं था। विकल्प A गलत है क्योंकि 1991 का परम 8000 भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था, जिसे विजय भटकर के नेतृत्व में प्रगत संगणन विकास केंद्र ने तीन दशक बाद बनाया। विकल्प D गलत है क्योंकि सिद्धार्थ 1970 के दशक का एक आरंभिक भारतीय मिनी कंप्यूटर था, पहली मशीन नहीं। भारतीय प्रथम का क्रम याद रखें: एचईसी-2एम आयातित, टीआईएफआरएसी यहां निर्मित, परम 8000 पहला सुपर कंप्यूटर।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक क्यों कहा जाता है?
क्योंकि 1830 के दशक में उनके रूपांकित एनालिटिकल इंजन में आधुनिक कंप्यूटर का हर तार्किक भाग था: संख्याएं रखने वाला स्टोर, अंकगणित करने वाली मिल, निर्देश और आंकड़े भरने के लिए छिद्रित कार्ड, तथा परिणामों के लिए मुद्रक। वह उनके जीवन में कभी पूरा नहीं हुआ, पर उस रूपांकन ने संचित प्रोग्राम मशीन की कल्पना लगभग एक सदी पहले कर ली, इसी कारण यह उपाधि उनकी है, उन लोगों की नहीं जिन्होंने पहले चलने वाले कंप्यूटर बनाए।
कंप्यूटर की पीढ़ी किससे तय होती है?
उस स्विचन पुरजे से जिससे वह बना है। प्रथम पीढ़ी निर्वात नलिकाओं का प्रयोग करती थी, द्वितीय पृथक ट्रांजिस्टरों का, तृतीय एकीकृत परिपथों का, चतुर्थ वृहद स्तरीय एकीकरण से बने माइक्रोप्रोसेसरों का, और पंचम को अति वृहद स्तरीय एकीकरण के साथ कृत्रिम बुद्धि तथा समानांतर संसाधन से बताया जाता है। पुरजा याद रखने से प्रश्न में दी किसी भी मशीन की पीढ़ी निकल आती है।
भारत का पहला कंप्यूटर कौन था और भारत में बना पहला कौन?
ये दो अलग मशीनें हैं और यही अंतर जाल है। 1950 के दशक के मध्य में कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान में लगा एचईसी-2एम देश का पहला कंप्यूटर था, पर वह ब्रिटेन से आयातित था। 1960 में चालू टीआईएफआरएसी अर्थात टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च ऑटोमैटिक कैलकुलेटर भारत में रूपांकित और निर्मित पहला कंप्यूटर था, और जवाहरलाल नेहरू ने उसे नाम दिया।
कृत्रिम बुद्धि का जनक किसे कहा जाता है?
जॉन मैकार्थी, जिन्होंने 1956 में डार्टमाउथ के एक सम्मेलन के लिए कृत्रिम बुद्धि शब्द गढ़ा और लिस्प प्रोग्रामिंग भाषा बनाई, सामान्यतः कृत्रिम बुद्धि के जनक कहे जाते हैं। एलन ट्यूरिंग भी 1950 के ट्यूरिंग परीक्षण के कारण इस क्षेत्र से जुड़े हैं और उन्हें कभी यही उपाधि दी जाती है, इसी कारण प्रश्न सामान्यतः उस विशेष योगदान का नाम लेता है जो वह पूछना चाहता है।
वॉन न्यूमैन वास्तुकला क्या है?
यह वह रूपांकन है जिसमें एक ही स्मृति प्रोग्राम के निर्देश और उन पर काम आने वाले आंकड़े दोनों रखती है, साथ में नियंत्रण इकाई, अंकगणित तथा तर्क इकाई और निवेश निर्गम युक्तियां। जॉन वॉन न्यूमैन ने इसे 1945 में एडवैक पर अपनी रिपोर्ट में रखा, और तब से लगभग हर सर्वप्रयोजन कंप्यूटर इसी का अनुसरण करता है। प्रतिद्वंद्वी हार्वर्ड वास्तुकला निर्देश और आंकड़े अलग स्मृतियों में रखती है।
स्रोत
- कंप्यूटर विज्ञान, कक्षा 11, कंप्यूटर तंत्र और संगठन अध्याय — एनसीईआरटी
- चार्ल्स बैबेज तथा डिफरेंस और एनालिटिकल इंजन — विज्ञान संग्रहालय समूह, ब्रिटेन
- टीआईएफआरएसी: भारत का पहला कंप्यूटर — टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च
- वेब का जन्म — सर्न





