मोबाइल कंप्यूटिंग और स्मार्टफोन: संपूर्ण परीक्षा नोट्स
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मोबाइल कंप्यूटिंग नोट्स: सेलुलर नेटवर्क, 1जी से 5जी, सिम और आईएमईआई, मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम, सेंसर, ब्लूटूथ, एनएफसी तथा यूपीआई।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

मोबाइल कंप्यूटिंग का अर्थ है चलते फिरते कंप्यूटर का प्रयोग, जिसमें आंकड़ों का संबंध तार से नहीं बल्कि हवा में रेडियो तरंगों से बनता है। स्मार्टफोन वह उपकरण है जिसमें यह विचार साधारण बन चुका है: वह रेडियो लगा हुआ सामान्य प्रयोजन का कंप्यूटर है, और परीक्षा में काम आने वाले उसके अधिकांश तथ्य तीन पक्षों से आते हैं, अर्थात संकेत पहुंचाने वाला नेटवर्क, सॉफ्टवेयर चलाने वाला ऑपरेटिंग सिस्टम, और डिब्बे में भरा हार्डवेयर तथा सेंसर। बैंकिंग, एसएससी और रेलवे की कंप्यूटर जागरूकता लगभग हर पाली में इस विषय से कम से कम एक प्रश्न लेती है, और वे पूर्ण रूप, पीढ़ियां तथा बेतार मानकों की परास पर टिके रहते हैं।
सेलुलर नेटवर्क कैसे काम करता है
मोबाइल नेटवर्क अपने सेवा क्षेत्र को छोटे खंडों में बांट देता है, जिन्हें सेल कहते हैं और प्रत्येक पर एक बेस स्टेशन होता है। प्रत्येक स्टेशन की शक्ति जानबूझकर कम रखी जाती है, इसलिए वही आवृत्तियां कुछ दूरी के दूसरे सेल में फिर प्रयोग की जा सकती हैं, और यही आवृत्ति पुनः प्रयोग लाखों ग्राहकों को सीमित बैंड साझा करने देता है। चलता हुआ उपयोगकर्ता एक सेल से दूसरे में पहुंचे तो कॉल बिना टूटे एक बेस स्टेशन से दूसरे को सौंप दी जाती है, और उस हस्तांतरण को हैंडओवर या हैंडऑफ कहते हैं। दोतरफा बातचीत के लिए डुप्लेक्सिंग आवश्यक है, अर्थात एक ही समय में भेजना और प्राप्त करना, चाहे दो भिन्न आवृत्तियों पर या बारी बारी समय खंडों में।
मोबाइल कनेक्शन की पहचान दो संख्याओं से होती है। सिम अर्थात सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल वह छोटा निकाला जा सकने वाला कार्ड है जो ग्राहक पहचान और प्रमाणन कुंजियां रखता है, इसलिए नंबर हैंडसेट का नहीं बल्कि कार्ड का होता है। आईएमईआई अर्थात इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी हैंडसेट में ही अंकित पंद्रह अंकों की संख्या है और चोरी हुए फोन को नेटवर्क से रोकने के लिए उसी का प्रयोग होता है।
मोबाइल नेटवर्क की पीढ़ियां
| पीढ़ी | मुख्य तकनीक | क्या जोड़ा |
|---|---|---|
| 1जी | एनालॉग रेडियो, एएमपीएस | केवल वॉयस कॉल, आंकड़े नहीं, सुरक्षा कमजोर |
| 2जी | जीएसएम और सीडीएमए, डिजिटल | डिजिटल वॉयस, एसएमएस संदेश, आरंभिक कूटलेखन |
| 2.5जी और 2.75जी | जीपीआरएस और एज | पैकेट डेटा और पहला उपयोगी मोबाइल इंटरनेट |
| 3जी | यूएमटीएस और डब्ल्यूसीडीएमए | तेज डेटा, वीडियो कॉलिंग, मोबाइल ब्रॉडबैंड |
| 4जी | एलटीई, लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन | पूर्ण आईपी नेटवर्क, उच्च गति डेटा, वॉयस ओवर एलटीई |
| 5जी | न्यू रेडियो, मिलीमीटर तरंग बैंड सहित | बहुत उच्च गति, बहुत कम विलंबता, सघन मशीन संपर्क |
जीएसएम का अर्थ ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस है और यही वह डिजिटल मानक है जिसने अंतरराष्ट्रीय रोमिंग तथा सिम कार्ड को सामान्य बनाया; इस पर साधारण पाठ संदेश 160 वर्णों तक सीमित रहता है। भारत में वाणिज्यिक 5जी सेवाएं अक्टूबर 2022 में आरंभ हुईं।
मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम
फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम उसकी स्मृति, प्रक्रियाएं, स्पर्श निवेश और अनुप्रयोग उसी प्रकार संभालता है जैसे डेस्कटॉप का ऑपरेटिंग सिस्टम। एंड्रॉयड लिनक्स कर्नेल पर बना है; इसका आरंभ एंड्रॉयड इंक नाम की कंपनी में हुआ, जिसे गूगल ने 2005 में खरीदा, और पहला एंड्रॉयड फोन 2008 में बाजार में आया। यह मुक्त स्रोत है और अधिकांश निर्माता इसी का प्रयोग करते हैं। एपल का आईओएस 2007 में पहले आईफोन के साथ आया और केवल एपल के हार्डवेयर पर चलता है। सिम्बियन, ब्लैकबेरी ओएस और विंडोज मोबाइल जैसे पुराने सिस्टम बाजार से हट चुके हैं। अनुप्रयोग मुख्यतः गूगल प्ले स्टोर और एपल ऐप स्टोर से वितरित होते हैं, और बेतार माध्यम से फोन तक पहुंचाए गए अद्यतन को ओवर द एयर या ओटीए अपडेट कहा जाता है।
स्मार्टफोन के भीतर
फोन की लगभग पूरी गणना क्षमता एक ही चिप में भर दी जाती है, जिसे सिस्टम ऑन चिप कहते हैं और जिसमें प्रोसेसर, ग्राफिक्स इकाई, स्मृति नियंत्रक तथा रेडियो मॉडेम साथ रहते हैं; ये प्रोसेसर डेस्कटॉप की एक्स86 वास्तुकला के स्थान पर एआरएम वास्तुकला का प्रयोग करते हैं। आधुनिक पर्दे धारिता आधारित स्पर्श पर्दे हैं, जो उंगली के विद्युत गुण पर अनुक्रिया करते हैं और बहु स्पर्श सहते हैं, जबकि पुराने प्रतिरोधी पर्दों को स्टाइलस के दबाव की आवश्यकता होती थी। शक्ति लिथियम आयन या लिथियम पॉलिमर बैटरी से मिलती है।
सेंसर फोन को उसका बोध देते हैं। एक्सेलेरोमीटर झुकाव और हिलना पहचानकर पर्दे को खड़े और आड़े रूप में घुमाता है, जाइरोस्कोप घूर्णन मापता है, समीपता सेंसर फोन कान से लगाने पर पर्दा बुझा देता है, परिवेशी प्रकाश सेंसर चमक समायोजित करता है, और मैग्नेटोमीटर दिक्सूचक का काम करता है।
लघु परास बेतार, नौवहन और भुगतान
ब्लूटूथ लघु परास का व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क है, जिसका मानक आईईईई 802.15.1 है और जो लगभग दस मीटर तक ईयरफोन, स्पीकर तथा फाइल हस्तांतरण के लिए प्रयोग होता है। वाई फाई आईईईई 802.11 मानक परिवार का पालन करता है और बेतार स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क देता है; फोन का डेटा कनेक्शन वाई फाई से बांटना हॉटस्पॉट कहलाता है और तार या ब्लूटूथ से बांटना टेदरिंग। नियर फील्ड कम्युनिकेशन या एनएफसी केवल कुछ सेंटीमीटर की दूरी पर काम करता है और संपर्क रहित कार्ड तथा टैप भुगतान में प्रयोग होता है।
स्थिति उपग्रह नौवहन से मिलती है। अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम सबसे प्रसिद्ध है, और भारत के पास अपनी क्षेत्रीय प्रणाली नाविक है, जिसका पूरा रूप नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन है और जिसे इसरो ने भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली के रूप में बनाया है। भारतीय फोनों पर भुगतान मुख्यतः एकीकृत भुगतान अंतरफलक से होते हैं, जिसे भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने 2016 में आरंभ किया और जो आभासी भुगतान पते या क्यूआर कोड से बैंक खातों के बीच तत्काल धन भेजता है। सुरक्षा पर्दा लॉक, बायोमेट्रिक, ऐप अनुमतियों के सावधान प्रयोग और दो स्तरीय प्रमाणन पर निर्भर है, और चोरी गए हैंडसेट को दूरसंचार विभाग के केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर पर आईएमईआई बताकर रोका जा सकता है।
परीक्षा की दृष्टि से
यह विषय पूर्ण रूपों और एक पंक्ति के मिलान से पूछा जाता है, इसलिए ये विस्तार पक्के कर लें: सिम, आईएमईआई, जीएसएम, सीडीएमए, एलटीई, जीपीआरएस, एज, एनएफसी, ओटीए, यूपीआई और नाविक। दूसरी पसंद पीढ़ियों की तालिका है, जिसमें पूछा जाता है कि एसएमएस किस पीढ़ी में आया, एलटीई किससे जुड़ा है, और कौन तकनीक 2.5जी मानी जाती है। तीसरा समूह परास और मानक पूछता है: ब्लूटूथ के लिए दस मीटर, एनएफसी के लिए कुछ सेंटीमीटर, वाई फाई के लिए आईईईई 802.11 तथा ब्लूटूथ के लिए आईईईई 802.15.1। सेंसर के प्रश्न एसएससी और रेलवे में आते हैं, जिनमें प्रायः पूछा जाता है कि पर्दा कौन सेंसर घुमाता है (एक्सेलेरोमीटर) और कॉल के समय कौन बुझाता है (समीपता सेंसर)। बैंकिंग परीक्षाएं यूपीआई, एनपीसीआई और डिजिटल भुगतान की शब्दावली जोड़ देती हैं। सामान्य भूलें हैं हॉटस्पॉट और टेदरिंग को एक मान लेना, आईएमईआई को सिम में रखा समझना, एंड्रॉयड को कर्नेल कह देना और नाविक को वैश्विक प्रणाली मान लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सिम | सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल |
|---|---|
| आईएमईआई | इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी, हैंडसेट की 15 अंकों की संख्या |
| जीएसएम | ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस |
| एलटीई | लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन, 4जी नेटवर्क की तकनीक |
| जीपीआरएस और एज | जीएसएम पर 2.5जी तथा 2.75जी के पैकेट डेटा चरण |
| साधारण एसएमएस की वर्ण सीमा | 160 वर्ण |
| हैंडओवर या हैंडऑफ | कॉल को एक सेल से दूसरे में बिना टूटे सौंपना |
| एंड्रॉयड का कर्नेल | लिनक्स; गूगल ने एंड्रॉयड इंक 2005 में खरीदी, पहला फोन 2008 में |
| एपल आईओएस का आरंभ | 2007, पहले आईफोन के साथ |
| स्मार्टफोन प्रोसेसर वास्तुकला | एआरएम, सिस्टम ऑन चिप के भीतर |
| आधुनिक फोन का स्पर्श पर्दा | धारिता आधारित, बहु स्पर्श समर्थ |
| पर्दा घुमाने वाला सेंसर | एक्सेलेरोमीटर |
| कॉल के समय पर्दा बुझाने वाला सेंसर | समीपता सेंसर |
| ब्लूटूथ का मानक और परास | आईईईई 802.15.1, लगभग दस मीटर |
| वाई फाई का मानक | आईईईई 802.11 परिवार |
| एनएफसी की परास | केवल कुछ सेंटीमीटर |
| नाविक | नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन, इसरो की क्षेत्रीय प्रणाली |
| यूपीआई | एकीकृत भुगतान अंतरफलक, एनपीसीआई द्वारा 2016 में आरंभ |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
मोबाइल संचार के संदर्भ में एलटीई का पूरा रूप क्या है?
- A.लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन
- B.लास्ट टाइम इवोल्यूशन
- C.लीस्ट टाइम इवोल्यूशन
- D.लॉन्ग टाइम इवोल्यूशन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन है। एलटीई चौथी पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क की रेडियो पहुंच तकनीक है, जिसे थर्ड जनरेशन पार्टनरशिप प्रोजेक्ट ने मानकीकृत किया। इस नाम में मानक संस्थाओं की वह मंशा दर्ज है कि विद्यमान जीएसएम तथा यूएमटीएस नेटवर्क रातोंरात बदले न जाएं बल्कि दीर्घ अवधि में पूर्ण आईपी प्रणाली की ओर विकसित हों, और बाद में वॉयस ओवर एलटीई ने सामान्य कॉल भी उसी डेटा नेटवर्क पर ला दी। विकल्प B, लास्ट टाइम इवोल्यूशन, दूरसंचार में कहीं प्रयुक्त शब्द नहीं है। विकल्प C, लीस्ट टाइम इवोल्यूशन, भी गढ़ा हुआ है और उसका कोई तकनीकी अर्थ नहीं। विकल्प D, लॉन्ग टाइम इवोल्यूशन, सबसे अधिक चुना जाने वाला गलत विकल्प है क्योंकि वह सही उत्तर से केवल एक शब्द भिन्न है, पर मानक में टर्म शब्द है, टाइम नहीं। एलटीई को 4जी और न्यू रेडियो को 5जी के साथ याद रखें।
निम्नलिखित में से कौन मोबाइल संचार की एक अवधारणा है?
- A.ट्रिप्लेक्सिंग
- B.डुप्लेक्सिंग
- C.सिम्प्लेक्सिंग
- D.क्वाड्राप्लेक्सिंग
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, डुप्लेक्सिंग है। टेलीफोन पर बातचीत में दोनों पक्षों को एक ही समय बोलना और सुनना होता है, इसलिए मोबाइल संपर्क को दोनों दिशाओं में साथ साथ यातायात ले जाना पड़ता है। इसी व्यवस्था को डुप्लेक्सिंग कहते हैं, और सेलुलर प्रणालियां इसे या तो दो अलग आवृत्ति बैंड से प्राप्त करती हैं, जिसे आवृत्ति विभाजन डुप्लेक्स कहते हैं, या एक ही बैंड पर अत्यंत तेजी से भेजने और प्राप्त करने के बीच बारी बदलकर, जिसे समय विभाजन डुप्लेक्स कहते हैं। विकल्प A, ट्रिप्लेक्सिंग, मोबाइल संचार की मान्य विधा नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि एकतरफा संचार का सही शब्द सिम्प्लेक्स है, सिम्प्लेक्सिंग नहीं, और प्रसारण जैसा सिम्प्लेक्स संपर्क फोन कॉल नहीं संभाल सकता। विकल्प D, क्वाड्राप्लेक्सिंग, मोबाइल मानकों में है ही नहीं। पाठ्यक्रम में केवल डुप्लेक्स और उसके दो रूप आते हैं।
मोबाइल फोन में सिम का पूरा रूप है
- A.सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल
- B.सिंगल आइडेंटिटी मॉड्यूल
- C.सब्सक्राइबर इंटरनेट मॉड्यूल
- D.सिक्योर आइडेंटिटी मेमोरी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल है। सिम ऑपरेटर द्वारा जारी किया गया छोटा स्मार्ट कार्ड है, जो ग्राहक पहचान, नेटवर्क के समक्ष उस पहचान को प्रमाणित करने वाली कुंजियां तथा सीमित संपर्क और संदेश आंकड़े रखता है। पहचान कार्ड में रहने के कारण ग्राहक कार्ड बदलकर अपना नंबर दूसरे हैंडसेट में ले जा सकता है। विकल्प B, सिंगल आइडेंटिटी मॉड्यूल, सही उत्तर जैसा लगता है पर वह मानक विस्तार नहीं है। विकल्प C, सब्सक्राइबर इंटरनेट मॉड्यूल, गलत है क्योंकि कार्ड केवल इंटरनेट सेवा से नहीं जुड़ा; वह वॉयस, संदेश और डेटा तीनों सेवाओं को प्रमाणित करता है। विकल्प D, सिक्योर आइडेंटिटी मेमोरी, गढ़ा हुआ है, यद्यपि कार्ड वास्तव में सुरक्षित तत्व होता है। ध्यान रहे कि आईएमईआई ग्राहक नहीं बल्कि हैंडसेट की पहचान है।
मोबाइल हैंडसेट के आईएमईआई नंबर में कितने अंक होते हैं?
- A.10
- B.12
- C.15
- D.20
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 15 है। इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी प्रत्येक हैंडसेट को दी गई पंद्रह अंकों की संख्या है, जिसमें मॉडल की प्रकार स्वीकृति बताने वाला कोड, एक क्रम भाग और अंत में एक जांच अंक होता है। इसे प्रायः एक छोटा कोड डायल करके देखा जा सकता है और यह बैटरी के नीचे या डिब्बे पर छपा रहता है। यह ग्राहक नहीं बल्कि उपकरण की पहचान है, इसी कारण खोए फोन की सूचना देते समय यही संख्या बताई जाती है ताकि नेटवर्क हैंडसेट को रोक सके। विकल्प A, दस अंक, भारतीय मोबाइल दूरभाष संख्या की लंबाई है, इसलिए वही सबसे सामान्य गलत उत्तर बनता है। विकल्प B, बारह अंक, आधार संख्या की लंबाई है। विकल्प D, बीस अंक, कुछ सिम कार्डों पर छपी लंबी पहचान संख्या से मेल खाता है, आईएमईआई से नहीं।
एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम किस कर्नेल पर बना है?
- A.विंडोज एनटी
- B.लिनक्स
- C.यूनिक्स बीएसडी
- D.सिम्बियन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, लिनक्स है। एंड्रॉयड अपनी सबसे निचली परत पर संशोधित लिनक्स कर्नेल का प्रयोग करता है, जो स्मृति, प्रक्रियाएं, शक्ति और उपकरण चालक संभालता है, और उसके ऊपर अपना रनटाइम, पुस्तकालय, अनुप्रयोग ढांचा तथा उपयोगकर्ता अंतरफलक बनाता है। यह परियोजना एंड्रॉयड इंक नाम की कंपनी में आरंभ हुई, जिसे गूगल ने 2005 में खरीदा, और पहला एंड्रॉयड हैंडसेट 2008 में खरीदारों तक पहुंचा। विकल्प A गलत है क्योंकि विंडोज एनटी कर्नेल डेस्कटॉप विंडोज और बंद हो चुकी विंडोज मोबाइल शृंखला के नीचे है, एंड्रॉयड के नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यूनिक्स तथा बीएसडी से निकले कर्नेल एपल के मैकओएस और आईओएस के आधार हैं, जो एंड्रॉयड के प्रतिद्वंद्वी हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सिम्बियन एंड्रॉयड से पहले के युग का पूर्ण मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम था, जिसे मुख्यतः नोकिया प्रयोग करती थी।
दूसरी पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क जिस मानक पर बने, उस जीएसएम का पूरा रूप है
- A.जनरल स्विचिंग मोड
- B.ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस
- C.जेनेरिक सिग्नल मॉड्यूलेशन
- D.ग्लोबल सैटेलाइट मैसेजिंग
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस है। जीएसएम यूरोप में जन्मा वह डिजिटल मानक है जिसने एनालॉग पहली पीढ़ी के नेटवर्क की जगह ली; इसी ने निकाला जा सकने वाला सिम कार्ड, रेडियो संपर्क का डिजिटल कूटलेखन, अंतरराष्ट्रीय रोमिंग और लघु संदेश सेवा दी, जिस पर साधारण पाठ संदेश एक सौ साठ वर्णों तक सीमित रहता है। विकल्प A, जनरल स्विचिंग मोड, कोई दूरसंचार मानक नहीं है और केवल दो तकनीकी लगते शब्द जोड़ता है। विकल्प C, जेनेरिक सिग्नल मॉड्यूलेशन, गढ़ा हुआ है, यद्यपि मॉड्यूलेशन वास्तव में जीएसएम के संकेत कूटन का भाग है। विकल्प D, ग्लोबल सैटेलाइट मैसेजिंग, गलत है क्योंकि जीएसएम भू आधारित सेलुलर मानक है जो जमीन के बेस स्टेशनों से चलता है, उपग्रहों से नहीं। जीएसएम को 2जी, यूएमटीएस को 3जी और एलटीई को 4जी के साथ रखें।
नियर फील्ड कम्युनिकेशन अर्थात एनएफसी सामान्यतः कितनी दूरी तक काम करता है?
- A.कुछ सेंटीमीटर
- B.लगभग दस मीटर
- C.लगभग सौ मीटर
- D.कई किलोमीटर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, कुछ सेंटीमीटर है। एनएफसी जानबूझकर अत्यंत कम परास के लिए बनाया गया है, इसलिए आंकड़े जाने से पहले दोनों उपकरणों का छूना या लगभग छूना आवश्यक है। यही सीमा उसकी सुरक्षा विशेषता है और इसी से वह संपर्क रहित कार्ड भुगतान, फोन से टैप भुगतान, परिवहन टिकट तथा पहचान टैग के लिए उपयुक्त बनता है, क्योंकि कोई आक्रमणकारी कमरे के दूसरे छोर से यह आदान प्रदान नहीं पढ़ सकता। विकल्प B, लगभग दस मीटर, ब्लूटूथ की सामान्य कार्य परास है और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा भ्रम है। विकल्प C, लगभग सौ मीटर, खुली स्थिति में वाई फाई पहुंच बिंदु की परास के निकट है। विकल्प D, कई किलोमीटर, बेस स्टेशन तक के सेलुलर संपर्क या लंबी परास की रेडियो प्रणाली का वर्णन करता है, जो एनएफसी के प्रयास से बहुत परे है।
फोन घुमाने पर प्रदर्शन को खड़े और आड़े रूप के बीच बदलने के लिए स्मार्टफोन का कौन सा सेंसर उत्तरदायी है?
- A.समीपता सेंसर
- B.परिवेशी प्रकाश सेंसर
- C.एक्सेलेरोमीटर
- D.मैग्नेटोमीटर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, एक्सेलेरोमीटर है। एक्सेलेरोमीटर तीन अक्षों पर त्वरण मापता है, जिसमें गुरुत्व का स्थिर खिंचाव भी सम्मिलित है, इसलिए फोन जान लेता है कि नीचे की दिशा कौन सी है और इस प्रकार उसे कैसे पकड़ा गया है। प्रणाली इसी पाठ्यांक से पर्दा घुमाती है, कदम गिनती है और हिलना पहचानती है। विकल्प A गलत है क्योंकि समीपता सेंसर पर्दे के ऊपरी भाग के पास आई वस्तु पहचानता है और कॉल के समय फोन कान से लगाने पर प्रदर्शन बुझा देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि परिवेशी प्रकाश सेंसर आसपास की चमक मापकर पर्दे की चमक स्वतः समायोजित करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि मैग्नेटोमीटर पृथ्वी का चुंबकीय क्षेत्र भांपता है और मानचित्र अनुप्रयोगों के लिए दिक्सूचक का काम करता है। जाइरोस्कोप घूर्णन की संवेदना सूक्ष्म बनाता है, पर मूल दिशा परिवर्तन एक्सेलेरोमीटर का काम है।
ब्लूटूथ तकनीक आईईईई के किस मानक परिवार के अंतर्गत मानकीकृत है?
- A.आईईईई 802.3
- B.आईईईई 802.11
- C.आईईईई 802.15
- D.आईईईई 802.16
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, आईईईई 802.15 है। 802.15 परिवार बेतार व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क को समेटता है, अर्थात वे अत्यंत लघु परास के संपर्क जो एक ही व्यक्ति के साथ चलने वाले उपकरणों को जोड़ते हैं, और ब्लूटूथ इसी के भीतर आईईईई 802.15.1 के रूप में मानकीकृत हुआ। सामान्य अल्प शक्ति श्रेणी में उसकी कार्य परास लगभग दस मीटर है, जो ईयरफोन, स्पीकर, कुंजीपटल और फाइल हस्तांतरण के लिए उपयुक्त है। विकल्प A गलत है क्योंकि आईईईई 802.3 तारयुक्त स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क का ईथरनेट मानक है। विकल्प B गलत है क्योंकि आईईईई 802.11 बेतार स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क का वाई फाई परिवार है, और दोनों के बेतार होने से यही सामान्य भ्रम बनता है। विकल्प D गलत है क्योंकि आईईईई 802.16 वाईमैक्स है, जो महानगरीय क्षेत्र के लिए बना ब्रॉडबैंड बेतार पहुंच मानक है। चारों को साथ याद करने पर प्रश्नों का पूरा समूह हल हो जाता है।
भारत द्वारा विकसित उपग्रह नौवहन प्रणाली नाविक किसका संक्षिप्त रूप है?
- A.नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन
- B.नेशनल व्हीकल इंफॉर्मेशन सेंटर
- C.नेविगेशन इंडियन कम्युनिकेशन
- D.नेशनल इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन है। नाविक उस प्रणाली का व्यावहारिक नाम है जिसे औपचारिक रूप से भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली कहा जाता है और जिसे इसरो ने इसलिए बनाया कि संकट के समय देश को स्थिति निर्धारण के लिए किसी विदेशी उपग्रह समूह पर निर्भर न रहना पड़े। यह भारत तथा उसके आसपास के क्षेत्र में स्थिति, वेग और समय देती है, पूरी पृथ्वी पर नहीं, इसी कारण उसे क्षेत्रीय कहा जाता है, वैश्विक नहीं। विकल्प B, नेशनल व्हीकल इंफॉर्मेशन सेंटर, गढ़ा हुआ है और किसी अंतरिक्ष कार्यक्रम का भाग नहीं। विकल्प C, नेविगेशन इंडियन कम्युनिकेशन, सही शब्दों को गलत क्रम में रखता है और कॉन्स्टेलेशन का मूल विचार छोड़ देता है। विकल्प D, नेशनल इंटीग्रेटेड कोऑर्डिनेशन, का उपग्रह नौवहन से कोई संबंध नहीं। अमेरिकी प्रणाली जीपीएस, रूसी ग्लोनास, यूरोपीय गैलीलियो और चीनी बेईदोउ है।
भारत में मोबाइल फोन से भुगतान के लिए व्यापक रूप से प्रयुक्त एकीकृत भुगतान अंतरफलक का संचालन कौन करता है?
- A.भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड
- B.भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम
- C.भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण
- D.भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम है। यूपीआई को एनपीसीआई ने 2016 में ऐसी प्रणाली के रूप में आरंभ किया जिसमें उपयोगकर्ता कई बैंक खाते एक ही मोबाइल अनुप्रयोग से जोड़ सकता है और खाता संख्या बताए बिना आभासी भुगतान पते या क्यूआर कोड से तत्काल धन भेज सकता है। एनपीसीआई देश में खुदरा भुगतान की छत्र संस्था है और रुपे, आईएमपीएस तथा राष्ट्रीय स्वचालित समाशोधन गृह भी चलाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड प्रतिभूति बाजार का नियमन करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण दूरसंचार सेवाओं और शुल्कों का नियमन करता है, भुगतान प्रणालियों का नहीं, चाहे यूपीआई फोन पर ही क्यों न चले। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण आधार जारी करता है, जो भुगतान में सहायक है पर यूपीआई नहीं चलाता।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
सिम नंबर और आईएमईआई नंबर में क्या अंतर है?
सिम अर्थात सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल वह निकाला जा सकने वाला कार्ड है जो ग्राहक पहचान और कनेक्शन प्रमाणित करने वाली कुंजियां रखता है, इसलिए फोन नंबर कार्ड के साथ चलता है। आईएमईआई अर्थात इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी हैंडसेट में ही निश्चित पंद्रह अंकों की संख्या है और वह उपकरण की पहचान है, इसी कारण चोरी हुआ फोन सिम से नहीं बल्कि आईएमईआई से रोका जाता है।
एलटीई का पूरा रूप क्या है और वह किस पीढ़ी में प्रयोग होता है?
एलटीई का पूरा रूप लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन है। यह चौथी पीढ़ी अर्थात 4जी नेटवर्क की रेडियो तकनीक है, जो पूर्ण आईपी रचना पर बनी है और डेटा के साथ वॉयस ओवर एलटीई के माध्यम से सामान्य कॉल भी ले जाती है। यह 3जी मानकों यूएमटीएस तथा डब्ल्यूसीडीएमए के बाद आई और 5जी न्यू रेडियो से पहले रही।
एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम है या कर्नेल?
एंड्रॉयड एक पूर्ण मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम है। वह लिनक्स कर्नेल के ऊपर बना है, पर उसमें अपना रनटाइम, पुस्तकालय, अनुप्रयोग ढांचा और उपयोगकर्ता अंतरफलक भी जुड़ा है। कर्नेल केवल सबसे नीचे की वह परत है जो स्मृति, प्रक्रियाएं और उपकरण चालक संभालती है, इसलिए एंड्रॉयड को कर्नेल कहना गलत है।
मोबाइल हॉटस्पॉट और टेदरिंग में क्या अंतर है?
दोनों फोन का इंटरनेट कनेक्शन किसी दूसरे उपकरण से साझा करते हैं। हॉटस्पॉट यह काम बेतार करता है, जिसमें फोन छोटा वाई फाई पहुंच बिंदु बन जाता है और दूसरे उपकरण उससे जुड़ते हैं। संकुचित अर्थ में टेदरिंग वही कनेक्शन यूएसबी तार या ब्लूटूथ से एक उपकरण को देती है। व्यवहार में हॉटस्पॉट टेदरिंग का ही एक रूप माना जाता है।
एनएफसी कितनी दूरी तक काम करता है और कहां प्रयोग होता है?
नियर फील्ड कम्युनिकेशन केवल कुछ सेंटीमीटर की दूरी तक काम करता है, इसी कारण दोनों उपकरणों को लगभग छूना पड़ता है। यह अत्यंत कम परास स्वयं एक सुरक्षा गुण है, और इसका प्रयोग संपर्क रहित कार्ड भुगतान, फोन से टैप भुगतान, परिवहन कार्ड, इलेक्ट्रॉनिक पहचान टैग तथा ब्लूटूथ उपकरणों की त्वरित जोड़ी बनाने में होता है।
नाविक क्या है और वह जीपीएस से कैसे भिन्न है?
नाविक अर्थात नेविगेशन विद इंडियन कॉन्स्टेलेशन इसरो द्वारा बनाई गई भारतीय उपग्रह नौवहन प्रणाली है, जिसका औपचारिक नाम भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली है। यह पूरी पृथ्वी के स्थान पर भारत और उसके आसपास के क्षेत्र को कवर करती है, जबकि अमेरिकी ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम वैश्विक उपग्रह समूह है जो पूरे संसार में सेवा देता है।
स्रोत
- कंप्यूटर विज्ञान (कक्षा 12), कंप्यूटर नेटवर्क एवं संचार प्रौद्योगिकी इकाई — एनसीईआरटी
- आईईईई 802.11 बेतार लैन तथा आईईईई 802.15 बेतार व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क मानक — इंस्टिट्यूट ऑफ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर्स
- नाविक: भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली — इसरो
- एकीकृत भुगतान अंतरफलक: उत्पाद परिचय — भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम





