कंप्यूटर नेटवर्क: टोपोलॉजी, उपकरण और ओएसआई लेयर
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर नेटवर्क के नोट्स: लैन, मैन और वैन, छह टोपोलॉजी, नेटवर्क उपकरण तथा उनकी ओएसआई लेयर, प्रोटोकॉल, पोर्ट नंबर और आईपी पता-व्यवस्था।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 6 मिनट

कंप्यूटर नेटवर्क का अर्थ है दो या अधिक कंप्यूटर, सर्वर, प्रिंटर या मोबाइल फोन को किसी संचार माध्यम से जोड़ देना, जिससे वे आपस में डेटा का आदान-प्रदान कर सकें और हार्डवेयर तथा सॉफ्टवेयर साझा कर सकें। एक ही प्रिंटर पूरे दफ्तर के काम आना, बैंक की एक शाखा में दूसरे शहर में खुला खाता दिखना और किसी वेबसाइट का खुलना, ये सब नेटवर्क के कारण संभव होता है। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय कंप्यूटर जागरूकता की रीढ़ है, क्योंकि नेटवर्क के प्रकार, टोपोलॉजी, उपकरण और लेयर लगभग हर एसएससी, रेलवे और बैंकिंग पेपर में पूछे जाते हैं।
क्षेत्र के आधार पर नेटवर्क के प्रकार
नेटवर्क का पहला वर्गीकरण उसके फैलाव के अनुसार होता है। क्षेत्र जितना बड़ा होता है, संबंध उतना ही धीमा और महंगा हो जाता है।
| नेटवर्क | पूरा नाम | क्षेत्र | उदाहरण |
|---|---|---|---|
| पैन (PAN) | पर्सनल एरिया नेटवर्क | व्यक्ति के चारों ओर लगभग 10 मीटर | फोन और ईयरफोन के बीच ब्लूटूथ |
| लैन (LAN) | लोकल एरिया नेटवर्क | एक कमरा, भवन या परिसर | ईथरनेट केबल से जुड़ी कंप्यूटर प्रयोगशाला |
| मैन (MAN) | मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क | एक नगर | शहर का केबल टीवी नेटवर्क |
| वैन (WAN) | वाइड एरिया नेटवर्क | एक देश या पूरा विश्व | इंटरनेट, सबसे बड़ा वैन |
लैन किसी एक संस्था के स्वामित्व में होता है और चारों में सबसे तेज होता है, जबकि वैन सामान्यतः दूरसंचार कंपनियों की पट्टे पर ली गई लाइनों और उपग्रह संबंधों पर बनता है। एक परिसर तक सीमित नेटवर्क को कभी-कभी कैन (CAN) कहा जाता है, और तारविहीन लैन को डब्ल्यूलैन कहते हैं, जो व्यापारिक नाम वाई-फाई से अधिक प्रसिद्ध है।
नेटवर्क टोपोलॉजी
टोपोलॉजी का अर्थ है वह आकार जिसमें मशीनें जोड़ी गई हैं। परीक्षा में छह व्यवस्थाएं पूछी जाती हैं।
| टोपोलॉजी | व्यवस्था | याद रखने योग्य बात |
|---|---|---|
| बस | सभी नोड एक ही मुख्य केबल से जुड़ते हैं | दोनों सिरों पर टर्मिनेटर आवश्यक; सबसे सस्ती, पर एक टूट से पूरा नेटवर्क बंद |
| स्टार | प्रत्येक नोड एक केंद्रीय हब या स्विच से जुड़ता है | आजकल के लैन में सर्वाधिक प्रचलित; हब बिगड़ने पर नेटवर्क बंद |
| रिंग | नोड एक बंद छल्ला बनाते हैं, डेटा एक ही दिशा में चलता है | टोकन पासिंग का प्रयोग; एक टूट से छल्ला टूट जाता है |
| मेश | हर नोड हर दूसरे नोड से जुड़ा रहता है | n नोड के पूर्ण मेश में n(n-1)/2 केबल; सर्वाधिक विश्वसनीय, सर्वाधिक खर्चीली |
| ट्री | कई स्टार एक मूल नोड से श्रेणीबद्ध रूप में जुड़े | इसे पदानुक्रमित टोपोलॉजी भी कहते हैं |
| हाइब्रिड | ऊपर की दो या अधिक टोपोलॉजी का मिश्रण | इंटरनेट स्वयं हाइब्रिड है |
संचरण माध्यम और विधियाँ
डेटा या तो केबल से जाता है, जिसे निर्देशित या तारयुक्त माध्यम कहते हैं, या हवा से जाता है, जिसे अनिर्देशित या तारविहीन माध्यम कहते हैं। सबसे सस्ता ट्विस्टेड पेयर केबल आरजे-45 कनेक्टर पर समाप्त होता है और लगभग सभी दफ्तरी लैन इसी पर चलते हैं। समाक्षीय (कोएक्सियल) केबल पहले बस नेटवर्क में लगता था और आज भी केबल टीवी पहुँचाता है। प्रकाशिक तंतु यानी ऑप्टिकल फाइबर बिजली के बजाय प्रकाश ले जाता है, पूर्ण आंतरिक परावर्तन पर काम करता है, सबसे अधिक बैंडविड्थ देता है और विद्युतचुंबकीय व्यवधान से अप्रभावित रहता है। तारविहीन माध्यमों में रेडियो तरंगें, सूक्ष्म तरंगें, अवरक्त किरणें और उपग्रह संबंध आते हैं।
डेटा तीन विधियों में बहता है। सिंप्लेक्स में वह केवल एक ओर जाता है, जैसे कीबोर्ड से कंप्यूटर की ओर। हाफ डुप्लेक्स में दोनों ओर जाता है, परंतु एक समय में एक ही ओर, जैसे वॉकी-टॉकी में। फुल डुप्लेक्स में दोनों सिरे एक साथ भेज सकते हैं, जैसे टेलीफोन पर बातचीत में। गति बिट प्रति सेकंड में मापी जाती है, इसलिए 1 एमबीपीएस का अर्थ है प्रति सेकंड दस लाख बिट।
नेटवर्क उपकरण
प्रत्येक उपकरण नेटवर्क के एक निश्चित स्तर पर काम करता है और यही प्रश्न-निर्माताओं का सबसे प्रिय प्रश्न है।
| उपकरण | कार्य | ओएसआई लेयर |
|---|---|---|
| रिपीटर | कमजोर संकेत को फिर से बलवान करता है ताकि वह आगे जा सके | फिजिकल |
| हब | लैन के नोड जोड़ता है और डेटा सभी को प्रसारित कर देता है | फिजिकल |
| स्विच | फ्रेम केवल गंतव्य मैक पते वाले पोर्ट पर भेजता है | डेटा लिंक |
| ब्रिज | एक ही नेटवर्क के दो खंडों को जोड़ता है | डेटा लिंक |
| राउटर | भिन्न नेटवर्कों को जोड़ता है और आईपी पते से मार्ग चुनता है | नेटवर्क |
| गेटवे | भिन्न प्रोटोकॉल वाले दो नेटवर्कों को जोड़ता है | सभी लेयर |
| मोडेम | मॉड्यूलेटर-डिमॉड्यूलेटर: डिजिटल संकेत को एनालॉग और एनालॉग को डिजिटल बनाता है | फिजिकल |
| एनआईसी | नेटवर्क इंटरफेस कार्ड, इसी पर मशीन का मैक पता होता है | डेटा लिंक |
ओएसआई और टीसीपी/आईपी मॉडल
अंतरराष्ट्रीय मानकीकरण संगठन द्वारा प्रकाशित ओएसआई संदर्भ मॉडल संचार को सात लेयर में बाँटता है, जो नीचे से इस क्रम में हैं: फिजिकल, डेटा लिंक, नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट, सेशन, प्रेजेंटेशन और एप्लिकेशन। डेटा की इकाई हर स्तर पर भिन्न नाम से पुकारी जाती है, फिजिकल लेयर पर बिट, डेटा लिंक लेयर पर फ्रेम, नेटवर्क लेयर पर पैकेट और ट्रांसपोर्ट लेयर पर सेगमेंट। व्यवहार में चलने वाला टीसीपी/आईपी मॉडल इसी काम को चार लेयर में समेट देता है, नेटवर्क एक्सेस, इंटरनेट, ट्रांसपोर्ट और एप्लिकेशन।
ट्रांसपोर्ट लेयर पर टीसीपी संबंध-आधारित है और डेटा को क्रम से तथा पावती के साथ पहुँचाता है, जबकि यूडीपी संबंध-रहित, अधिक तेज और सजीव वीडियो तथा आवाज के लिए प्रयुक्त होता है। प्रमुख पोर्ट नंबर हैं, एफटीपी के लिए 21, एसएसएच के लिए 22, टेलनेट के लिए 23, एसएमटीपी के लिए 25, डीएनएस के लिए 53, एचटीटीपी के लिए 80 और एचटीटीपीएस के लिए 443।
नेटवर्क पर पता-व्यवस्था
मैक पता 48 बिट का भौतिक पता है, जो एनआईसी में स्थायी रूप से अंकित रहता है और बारह हेक्साडेसिमल अंकों में लिखा जाता है। आईपीवी4 पता 32 बिट का तार्किक पता है, जो बिंदुओं से अलग किए गए चार दशमलव अंकों में लिखा जाता है, जैसे 192.168.1.1, और पाँच श्रेणियों में बँटा है, साधारण होस्ट के लिए ए, बी और सी, मल्टीकास्ट के लिए डी तथा प्रयोगों के लिए ई। 127 से आरंभ होने वाला खंड लूपबैक परीक्षण के लिए आरक्षित है। आईपीवी4 के पते कम पड़ जाने के कारण आईपीवी6 बनाया गया, जिसमें 128 बिट के पते होते हैं और वे कोलन से अलग किए गए हेक्साडेसिमल अंकों के आठ समूहों में लिखे जाते हैं। डोमेन नेम सिस्टम पढ़े जा सकने वाले नाम, जैसे gk24.in, को सर्वर के अंकीय आईपी पते में बदल देता है।
नेटवर्क सुरक्षा संक्षेप में
फायरवॉल, जो हार्डवेयर या सॉफ्टवेयर हो सकता है, नेटवर्क में आने-जाने वाले ट्रैफिक को छानता है। एन्क्रिप्शन डेटा को इस प्रकार गूढ़ बना देता है कि केवल कुंजी रखने वाला उसे पढ़ सके, और वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क सार्वजनिक इंटरनेट के आर-पार एक एन्क्रिप्टेड सुरंग बना देता है। जिन सब बिंदुओं से कोई घुसपैठिया भीतर आ सकता है, उनके पूरे समूह को अटैक सरफेस कहते हैं, और उसे घटाना नेटवर्क सुरक्षा का पहला कदम है। मोबाइल नेटवर्क पर जीपीआरएस, जिसका पूरा नाम जनरल पैकेट रेडियो सर्विस है, सबसे पहले 2जी सेलुलर संबंधों पर पैकेट डेटा ले गया।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से परीक्षक छह बातें पूछते हैं। पहली, नेटवर्क का उसके क्षेत्र से मेल: पैन, लैन, मैन और वैन, तथा सबसे बड़े वैन के रूप में इंटरनेट। दूसरी, टोपोलॉजी, विशेष रूप से स्टार का केंद्रीय हब, रिंग में टोकन पासिंग और मेश का n(n-1)/2 केबल वाला सूत्र। तीसरी, प्रत्येक उपकरण की ओएसआई लेयर, जो इस अध्याय का सर्वाधिक दोहराया जाने वाला प्रश्न है; हब और रिपीटर पहली लेयर पर, स्विच और ब्रिज दूसरी पर, राउटर तीसरी पर। चौथी, पूरे नाम और पोर्ट नंबर: टीसीपी, यूडीपी, जीपीआरएस, एनआईसी, एचटीटीपी 80, एचटीटीपीएस 443, एफटीपी 21, एसएमटीपी 25 और डीएनएस 53। पाँचवीं, पतों की बिट में लंबाई, जहाँ जाल यह है कि 48 बिट वाले मैक पते और 32 बिट वाले आईपीवी4 पते को आपस में बदल दिया जाता है। छठी, संचरण की तीन विधियाँ अपने प्रचलित उदाहरणों के साथ, हाफ डुप्लेक्स के लिए वॉकी-टॉकी और फुल डुप्लेक्स के लिए टेलीफोन।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सबसे बड़ा वैन | इंटरनेट, टीसीपी/आईपी पर चलने वाला नेटवर्कों का नेटवर्क |
|---|---|
| पैन की सीमा | लगभग 10 मीटर, जैसे ब्लूटूथ में |
| पूर्ण मेश में केबल | n नोड के लिए n(n-1)/2 |
| टोकन पासिंग वाली टोपोलॉजी | रिंग टोपोलॉजी |
| आजकल सर्वाधिक प्रचलित लैन टोपोलॉजी | स्टार, जो हब या स्विच के चारों ओर बनती है |
| ओएसआई मॉडल की लेयर | सात, फिजिकल से एप्लिकेशन तक |
| टीसीपी/आईपी मॉडल की लेयर | चार: नेटवर्क एक्सेस, इंटरनेट, ट्रांसपोर्ट, एप्लिकेशन |
| मैक पते की लंबाई | 48 बिट, बारह हेक्साडेसिमल अंकों में लिखा जाता है |
| आईपीवी4 और आईपीवी6 पते की लंबाई | 32 बिट और 128 बिट |
| लूपबैक पतों का खंड | 127 से आरंभ होने वाले पते |
| ईथरनेट का मानक | आईईईई 802.3 |
| वाई-फाई और ब्लूटूथ के मानक | आईईईई 802.11 और आईईईई 802.15 |
| ट्विस्टेड पेयर केबल का कनेक्टर | आरजे-45, आठ पिन वाला जैक |
| संबंध-आधारित ट्रांसपोर्ट प्रोटोकॉल | टीसीपी, जो त्रिपक्षीय हस्तमिलन करता है |
| जीपीआरएस का पूरा नाम | जनरल पैकेट रेडियो सर्विस |
| अटैक सरफेस | वे सब बिंदु जिनसे कोई घुसपैठिया सिस्टम में आ सकता है |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
कंप्यूटर के संदर्भ में, उन सब तरीकों के समूह को क्या कहा जाता है जिनसे कोई हमलावर किसी सिस्टम में घुस सकता है और संभावित रूप से नुकसान पहुँचा सकता है?
- A.अटैक सरफेस
- B.अटैक सिग्नेचर
- C.अटैक पैटर्न
- D.अटैक पाथ
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अटैक सरफेस
व्याख्या
सही उत्तर A, अटैक सरफेस है। किसी सिस्टम का अटैक सरफेस उन सब बिंदुओं का कुल जोड़ होता है जहाँ से कोई अनधिकृत व्यक्ति भीतर घुसने या डेटा बाहर निकालने का प्रयास कर सकता है, जैसे खुले पोर्ट, चल रही सेवाएँ, उपयोगकर्ता खाते, लॉगिन पृष्ठ, निकालने योग्य ड्राइव और वे कर्मचारी भी जिन्हें बहकाया जा सकता है। नेटवर्क प्रशासक इस सरफेस को घटाकर, अर्थात अप्रयुक्त पोर्ट बंद करके और अनावश्यक सॉफ्टवेयर हटाकर, जोखिम कम करते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि अटैक सिग्नेचर बाइट या व्यवहार का वह पहचान योग्य ढाँचा है जिससे एंटीवायरस और घुसपैठ पहचानने वाला सॉफ्टवेयर किसी ज्ञात हमले को पहचानता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अटैक पैटर्न किसी वर्ग के हमलों की सामान्य कार्यविधि का विवरण होता है, जो बचाव की रचना करते समय काम आता है। विकल्प D गलत है क्योंकि अटैक पाथ किसी एक घुसपैठिए द्वारा प्रवेश से लक्ष्य तक वास्तव में अपनाया गया विशेष मार्ग है, संभावित प्रवेश बिंदुओं का पूरा समूह नहीं।
निम्नलिखित में से कौन सा उपकरण संकेत रूपांतरण करता है?
- A.मॉड्यूलेटर
- B.माउस
- C.प्लॉटर
- D.कीबोर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. मॉड्यूलेटर
व्याख्या
सही उत्तर A, मॉड्यूलेटर है। मॉड्यूलेटर संकेत का रूप बदलता है, अर्थात कंप्यूटर द्वारा बनाए गए डिजिटल बिट को किसी एनालॉग वाहक तरंग पर लाद देता है, जिससे वे टेलीफोन लाइन, केबल या रेडियो संबंध पर यात्रा कर सकें। उलटा काम करने वाला उपकरण डिमॉड्यूलेटर दूसरे सिरे पर उन बिट को फिर प्राप्त कर लेता है, और दोनों मिलकर मोडेम बनाते हैं, जिसका नाम ही मॉड्यूलेटर-डिमॉड्यूलेटर का संक्षिप्त रूप है। विकल्प B गलत है क्योंकि माउस एक संकेतक इनपुट उपकरण है, जो कंप्यूटर को स्थिति और क्लिक का डेटा भेजता है, किंतु एक रूप के संकेत को दूसरे रूप में नहीं बदलता। विकल्प C गलत है क्योंकि प्लॉटर एक आउटपुट उपकरण है, जो कलमों से कागज पर बड़े रेखा-चित्र, नक्शे और अभियांत्रिकी आरेख बनाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि कीबोर्ड एक इनपुट उपकरण है, जो कुंजी दबाने को प्रोसेसर के लिए वर्ण-कोड में बदलता है, और यह कोडिंग है, डिजिटल तथा एनालॉग रूपों के बीच संकेत रूपांतरण नहीं।
मोबाइल कंप्यूटिंग में जीपीआरएस (GPRS) का पूरा नाम क्या है?
- A.जनरल पैकेट रेडियो सर्विस
- B.जनरल पैकेट रूट सर्विस
- C.जनरल पैकेज रेडियो सर्विस
- D.जनरल पैकेट रेडिएशन सर्विस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. जनरल पैकेट रेडियो सर्विस
व्याख्या
सही उत्तर A, जनरल पैकेट रेडियो सर्विस है। जीपीआरएस को 2जी सेलुलर व्यवस्था में इसलिए जोड़ा गया कि वही रेडियो चैनल आवाज की कॉल की तरह कोई परिपथ खुला रखे बिना, पैकेट के रूप में डेटा ले जा सके। चूँकि उपयोगकर्ता से जुड़े रहने के मिनटों के बजाय भेजे गए डेटा की मात्रा का शुल्क लिया जाता है, इसे सदा-चालू सेवा कहा गया, और इसी से मोबाइल पर ब्राउज़िंग, वैप पृष्ठ तथा चित्र संदेश संभव हुए; आगे चलकर इसी से अधिक तेज एज और फिर 3जी विकसित हुए। विकल्प B गलत है क्योंकि इसमें आर का अर्थ प्रयुक्त माध्यम रेडियो है, रूट नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इस व्यवस्था में डेटा की इकाई पैकेट है, और पैकेज यहाँ नेटवर्किंग का शब्द नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि रेडिएशन का इस पूरे नाम से कोई संबंध नहीं है, वह केवल रेडियो शब्द से मिलता-जुलता है और भ्रम फैलाने के लिए रखा गया है।
किस नेटवर्क टोपोलॉजी में प्रत्येक नोड एक ही केंद्रीय उपकरण से जुड़ा होता है?
- A.बस टोपोलॉजी
- B.रिंग टोपोलॉजी
- C.स्टार टोपोलॉजी
- D.मेश टोपोलॉजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. स्टार टोपोलॉजी
व्याख्या
सही उत्तर C, स्टार टोपोलॉजी है। स्टार नेटवर्क में प्रत्येक कंप्यूटर की अपनी अलग केबल किसी केंद्रीय हब या स्विच तक जाती है, इसलिए उसका आकार पहिए के तारों जैसा दिखता है। कोई एक मशीन जोड़ने या हटाने से किसी दूसरे को कष्ट नहीं होता और केबल टूटने का असर केवल उसी एक नोड पर पड़ता है, इसी कारण लगभग हर दफ्तर और प्रयोगशाला का लैन इसी ढंग से जोड़ा जाता है; इसकी दुर्बलता यह है कि केंद्रीय उपकरण बिगड़ने पर पूरा नेटवर्क रुक जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बस टोपोलॉजी में सभी नोड एक ही मुख्य केबल से जुड़े रहते हैं और उसके दोनों सिरों पर टर्मिनेटर लगते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि रिंग में मशीनें बंद छल्ला बनाती हैं, हर मशीन अपने दो पड़ोसियों से जुड़ी रहती है और डेटा टोकन की सहायता से एक ही दिशा में घूमता है। विकल्प D गलत है क्योंकि मेश में हर नोड सीधे हर दूसरे नोड से जुड़ता है, n नोड के लिए n(n-1)/2 केबल चाहिए और उसमें कोई केंद्रीय उपकरण ही नहीं होता।
पूर्ण रूप से जुड़ी मेश टोपोलॉजी में 6 कंप्यूटरों को जोड़ने के लिए कितनी केबल आवश्यक होंगी?
- A.12
- B.15
- C.18
- D.30
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 15
व्याख्या
सही उत्तर B, 15 है। पूर्ण मेश में हर नोड सीधे हर दूसरे नोड से जुड़ता है, इसलिए संबंधों की संख्या उतनी ही होती है जितने जोड़े उन नोड से बन सकते हैं, और यह सूत्र n(n-1)/2 से मिलती है। n के स्थान पर 6 रखने पर 6 गुणा 5 अर्थात 30 आता है, जिसे 2 से भाग देने पर 15 केबल प्राप्त होती हैं; इसके साथ प्रत्येक मशीन में 5 नेटवर्क पोर्ट भी चाहिए, इसलिए कुल पोर्ट n(n-1) होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 12 नोड की संख्या का दोगुना है और सूत्र से उसका कोई आधार नहीं निकलता। विकल्प C गलत है क्योंकि 18 नोड की संख्या का तीन गुना है और जोड़े गिनने से भी वह नहीं आता। विकल्प D गलत है क्योंकि 30 तो n(n-1) का मान है, जो प्रत्येक संबंध को दोनों सिरों से एक-एक बार, अर्थात दो बार गिन लेता है, और चूँकि एक ही केबल दोनों दिशाओं का काम करती है, उसे आधा करना आवश्यक है।
राउटर ओएसआई संदर्भ मॉडल की किस लेयर पर कार्य करता है?
- A.फिजिकल लेयर
- B.डेटा लिंक लेयर
- C.नेटवर्क लेयर
- D.ट्रांसपोर्ट लेयर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. नेटवर्क लेयर
व्याख्या
सही उत्तर C, नेटवर्क लेयर है। राउटर दो या अधिक भिन्न नेटवर्कों को जोड़ता है और प्रत्येक पैकेट के लिए यह निर्णय करता है कि कौन सी निर्गम लाइन उसे उसके गंतव्य की ओर ले जाएगी। यह निर्णय वह गंतव्य के आईपी पते को पढ़कर करता है, और आईपी पता नेटवर्क लेयर का पता है, जो नीचे से गिनने पर ओएसआई मॉडल की तीसरी लेयर है। विकल्प A गलत है क्योंकि फिजिकल लेयर के उपकरण, जैसे रिपीटर या हब, केवल विद्युत संकेत आगे बढ़ाते या फिर से बलवान करते हैं और कोई पता पढ़ ही नहीं सकते। विकल्प B गलत है क्योंकि डेटा लिंक लेयर के उपकरण, अर्थात स्विच और ब्रिज, मैक पते की सहायता से फ्रेम भेजते हैं और नेटवर्कों के बीच नहीं, बल्कि एक ही नेटवर्क के भीतर काम करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि ट्रांसपोर्ट लेयर पर टीसीपी और यूडीपी डेटा को सेगमेंट में बाँटते तथा पावती सँभालते हैं; गेटवे उस स्तर तक और उससे ऊपर भी काम कर सकता है, परंतु साधारण राउटर नहीं।
मैक पता (MAC address) कितने बिट लंबा होता है?
- A.16 बिट
- B.32 बिट
- C.48 बिट
- D.128 बिट
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 48 बिट
व्याख्या
सही उत्तर C, 48 बिट है। मीडिया एक्सेस कंट्रोल पता वह स्थायी भौतिक पता है जो निर्माता नेटवर्क इंटरफेस कार्ड में अंकित कर देता है, और वह 48 बिट लंबा होता है, जिसे उपयोगकर्ता को छह जोड़ों में बारह हेक्साडेसिमल अंकों के रूप में दिखाया जाता है, जैसे 00:1A:2B:3C:4D:5E। इसका पहला आधा भाग निर्माता को पहचानता है और दूसरा आधा भाग उस विशेष कार्ड को, इसलिए संसार के किसी भी दो कार्डों का मान एक-सा नहीं होना चाहिए। विकल्प A गलत है क्योंकि 16 बिट पोर्ट नंबर की चौड़ाई है, जो किसी एप्लिकेशन को पहचानता है, मशीन को नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 32 बिट आईपीवी4 पते की लंबाई है, जो एक तार्किक पता है और मशीन दूसरे नेटवर्क पर जाने पर बदल जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 128 बिट आईपीवी6 पते की लंबाई है, जिसे इसलिए अपनाया गया कि 32 बिट वाले आईपीवी4 पतों का भंडार समाप्त होने लगा था।
टोकन पासिंग परंपरागत रूप से किस टोपोलॉजी से संबंधित पहुँच विधि है?
- A.स्टार टोपोलॉजी
- B.रिंग टोपोलॉजी
- C.बस टोपोलॉजी
- D.ट्री टोपोलॉजी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. रिंग टोपोलॉजी
व्याख्या
सही उत्तर B, रिंग टोपोलॉजी है। रिंग में मशीनें एक बंद छल्ला बनाती हैं और टोकन नामक एक छोटा नियंत्रण फ्रेम उसमें घूमता रहता है; केवल वही कंप्यूटर रिंग पर डेटा रख सकता है जिसके पास टोकन हो, और काम पूरा होने पर वह टोकन अगली मशीन को छोड़ देता है। चूँकि अनुमति बारी-बारी से आगे बढ़ती रहती है, कोई दो नोड एक साथ नहीं भेजते और टकराव हो ही नहीं सकता, और पुराने टोकन रिंग नेटवर्कों का यही सबसे बड़ा आकर्षण था। विकल्प A गलत है क्योंकि स्टार नेटवर्क केंद्रीय हब या स्विच पर निर्भर रहता है और घूमते टोकन के बजाय प्रतिस्पर्धा या स्विचिंग का प्रयोग करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि बस नेटवर्क में सीएसएमए/सीडी चलता है, जिसमें नोड मुख्य केबल को सुनता है, खाली मिलने पर भेजता है और टकराव पकड़े जाने पर पीछे हट जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ट्री तो स्टार खंडों का पदानुक्रम मात्र है और उनकी ही पहुँच विधि अपनाता है।
लैन में ट्विस्टेड पेयर केबल के साथ कौन सा कनेक्टर प्रयुक्त होता है?
- A.बीएनसी
- B.आरजे-45
- C.आरजे-11
- D.एससी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आरजे-45
व्याख्या
सही उत्तर B, आरजे-45 है। रजिस्टर्ड जैक संख्या 45 वह आठ पिन वाला प्लास्टिक प्लग है जो अनावृत ट्विस्टेड पेयर ईथरनेट केबल के सिरे पर दबाकर लगाया जाता है, और वही कंप्यूटर, स्विच या राउटर के नेटवर्क पोर्ट में जाकर बैठता है। विकल्प A गलत है क्योंकि घुमाकर कसे जाने वाला बीएनसी कनेक्टर समाक्षीय केबल का है और पुराने बस नेटवर्कों तथा परीक्षण उपकरणों में लगता था। विकल्प C गलत है क्योंकि आरजे-11 साधारण टेलीफोन लाइन का छोटा छह स्थान वाला जैक है, जो अधिकतम दो जोड़े ले जाता है और ईथरनेट संबंध का काम नहीं कर सकता। विकल्प D गलत है क्योंकि एससी अर्थात सब्सक्राइबर कनेक्टर, एलसी और एसटी प्रकारों के साथ, प्रकाशिक तंतु पर लगने वाले दबाकर-खींचकर जोड़े जाने वाले कनेक्टरों में से एक है, और वह बिजली ले जाने वाले ताँबे के जोड़ों के बजाय प्रकाश ले जाने वाले काँच के तंतु पर समाप्त होता है।
निम्नलिखित में से कौन फुल डुप्लेक्स संचार का उदाहरण है?
- A.कीबोर्ड से कंप्यूटर
- B.वॉकी-टॉकी
- C.टेलीफोन पर बातचीत
- D.टेलीविजन प्रसारण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. टेलीफोन पर बातचीत
व्याख्या
सही उत्तर C, टेलीफोन पर बातचीत है। फुल डुप्लेक्स का अर्थ है कि दोनों सिरे ठीक उसी क्षण भेज और पा सकते हैं, और टेलीफोन की कॉल पर हर बोलने वाला दूसरे को सुनते हुए भी बोल सकता है, इसलिए यातायात दोनों दिशाओं में साथ-साथ बहता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कीबोर्ड केवल कंप्यूटर को वर्ण भेजता है और उससे कभी कुछ पाता नहीं, जिससे वह सिंप्लेक्स अर्थात एकमार्गी विधि बन जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि वॉकी-टॉकी हाफ डुप्लेक्स का प्रचलित उदाहरण है, जिसमें उपयोगकर्ता को बोलने के लिए बटन दबाना और सुनने के लिए छोड़ना पड़ता है, इसलिए दोनों दिशाएँ एक ही चैनल पर बारी-बारी काम करती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि टेलीविजन प्रसारण केवल प्रेषक से दर्शक के सेट तक जाता है, दर्शक की ओर से कोई लौटता मार्ग नहीं होता, और इसलिए वह भी सिंप्लेक्स है।
कौन सा प्रोटोकॉल संबंध-आधारित है और पावती के साथ डेटा पहुँचाता है?
- A.यूडीपी
- B.टीसीपी
- C.आईपी
- D.आईसीएमपी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. टीसीपी
व्याख्या
सही उत्तर B, टीसीपी है। ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल पहले त्रिपक्षीय हस्तमिलन से संबंध स्थापित करता है, फिर प्रत्येक सेगमेंट को क्रमांक देता है, हर एक की पावती की प्रतीक्षा करता है और पावती न आने पर उसे दोबारा भेजता है, और अंत में डेटा को मूल क्रम में एप्लिकेशन को सौंप देता है। इसी सावधानी के कारण वह वेब पृष्ठ, ईमेल और फाइल हस्तांतरण में प्रयुक्त होता है, जहाँ एक बाइट का खो जाना भी सहन नहीं किया जा सकता। विकल्प A गलत है क्योंकि यूडीपी संबंध-रहित है, वह हस्तमिलन, पावती और पुनः क्रम लगाए बिना डेटाग्राम छोड़ देता है, जिससे वह तेज रहता है और सजीव आवाज, वीडियो तथा डीएनएस पूछताछ के लिए उपयुक्त होता है। विकल्प C गलत है क्योंकि आईपी नेटवर्क लेयर का प्रोटोकॉल है, जो केवल पैकेट पर पता लिखता और उनका मार्ग तय करता है, पहुँचने की कोई गारंटी नहीं देता। विकल्प D गलत है क्योंकि आईसीएमपी नियंत्रण और त्रुटि के संदेश ले जाता है, जैसे पिंग आदेश में मिलने वाले उत्तर, और वह उपयोगकर्ता का डेटा नहीं ले जाता।
निम्नलिखित में से कौन अस्तित्व में सबसे बड़ा वाइड एरिया नेटवर्क है?
- A.ईथरनेट
- B.इंटरनेट
- C.ब्लूटूथ
- D.किसी कंपनी का इंट्रानेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंटरनेट
व्याख्या
सही उत्तर B, इंटरनेट है। इंटरनेट समुद्र के नीचे बिछी केबलों, धरती पर बिछे प्रकाशिक तंतु और उपग्रह संबंधों के द्वारा हर देश के नेटवर्कों को जोड़ता है, ये सब एक समान टीसीपी/आईपी नियमों का पालन करते हैं, और कोई एक संस्था उसकी स्वामी नहीं है, इसलिए उसे ठीक ही सबसे बड़ा वाइड एरिया नेटवर्क तथा नेटवर्कों का नेटवर्क कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ईथरनेट मानकों का वह परिवार है, जिसका क्रमांक आईईईई 802.3 है और जिससे किसी भवन के भीतर लोकल एरिया नेटवर्क जोड़ा जाता है, वाइड एरिया नेटवर्क नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि ब्लूटूथ कम दूरी की रेडियो तकनीक है, जिसका मानक आईईईई 802.15 है, जो लगभग दस मीटर तक पहुँचती है और पर्सनल एरिया नेटवर्क बनाती है। विकल्प D गलत है क्योंकि किसी कंपनी का इंट्रानेट उसके अपने कर्मचारियों तक सीमित निजी नेटवर्क है; वह कई दफ्तरों में फैला हो सकता है, फिर भी सार्वजनिक इंटरनेट से बहुत छोटा रहता है और सामान्यतः उसी पर चलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
हब और स्विच में क्या अंतर है?
हब फिजिकल लेयर का उपकरण है, जो आने वाले संकेत की नकल हर दूसरे पोर्ट पर भेज देता है, इसलिए किसी एक मशीन के लिए आया यातायात सब मशीनों को मिलता है और टकराव आम रहता है। स्विच डेटा लिंक लेयर का उपकरण है, जो गंतव्य का मैक पता पढ़कर फ्रेम केवल उसी पोर्ट पर भेजता है जहाँ वह मशीन लगी है, जिससे बैंडविड्थ बचती है और टकराव नहीं होता। इसी कारण दफ्तरों में हब की जगह स्विच आ गए।
राउटर और मोडेम एक ही चीज हैं क्या?
नहीं। मोडेम डिजिटल संकेत को एनालॉग रूप में और फिर वापस बदलता है, जिससे डेटा टेलीफोन लाइन, केबल या तंतु संबंध पर यात्रा कर सके, और वहीं सेवा प्रदाता की लाइन समाप्त होती है। राउटर नेटवर्क लेयर पर काम करता है, आईपी पते पढ़ता है और नेटवर्कों के बीच हर पैकेट का मार्ग तय करता है। घर के उपकरण अक्सर दोनों काम एक ही डिब्बे में कर देते हैं, इसीलिए दोनों नाम आपस में मिल जाते हैं।
कौन सी टोपोलॉजी सर्वाधिक विश्वसनीय है और क्यों?
मेश टोपोलॉजी, क्योंकि उसमें हर नोड का हर दूसरे नोड से सीधा संबंध होता है, इसलिए केबल टूटने से केवल एक मार्ग हटता है और यातायात दूसरा मार्ग पकड़ लेता है। उस विश्वसनीयता का मूल्य खर्च है: n नोड के पूर्ण मेश में n(n-1)/2 केबल और हर मशीन पर n-1 पोर्ट चाहिए, इसलिए वह साधारण दफ्तरों में नहीं, केवल बैकबोन और अत्यावश्यक संबंधों में लगती है।
ओएसआई मॉडल में कितनी लेयर हैं और उन्हें कैसे याद रखा जाए?
सात। नीचे से गिनने पर वे हैं फिजिकल, डेटा लिंक, नेटवर्क, ट्रांसपोर्ट, सेशन, प्रेजेंटेशन और एप्लिकेशन, जिन्हें अंग्रेजी वाक्य प्लीज डू नॉट थ्रो सॉसेज पिज्जा अवे से याद रखा जाता है। व्यवहार में चलने वाला टीसीपी/आईपी मॉडल वही काम चार लेयर में करता है, और परीक्षा में कभी यह भी पूछा जाता है कि टीसीपी/आईपी की एप्लिकेशन लेयर ओएसआई की किन लेयर को समेटती है, जिसका उत्तर है सेशन, प्रेजेंटेशन और एप्लिकेशन तीनों।
आईपीवी4 चल ही रहा था, तो आईपीवी6 क्यों लाया गया?
आईपीवी4 का पता केवल 32 बिट लंबा होता है, जिससे कुल लगभग 429 करोड़ पते बनते हैं, और फोन, सर्वर तथा स्मार्ट उपकरणों की वृद्धि ने वह भंडार चुका दिया। आईपीवी6 में 128 बिट के पते होते हैं, जो कोलन से अलग किए गए हेक्साडेसिमल अंकों के आठ समूहों में लिखे जाते हैं, और इससे व्यावहारिक रूप से असीमित पते मिल जाते हैं; साथ ही उसका हेडर सरल है और उसमें एन्क्रिप्शन का सहारा भीतर से बना हुआ है।
इंटरनेट, इंट्रानेट और एक्स्ट्रानेट में क्या अंतर है?
इंटरनेट सार्वजनिक वैश्विक नेटवर्क है, जो सबके लिए खुला है। इंट्रानेट उसी तकनीक पर चलता है, किंतु एक ही संस्था तक सीमित रहता है और उसके परिपत्र, उपस्थिति तथा भीतरी पोर्टल ले जाता है। एक्स्ट्रानेट उस निजी नेटवर्क का कुछ भाग विश्वसनीय बाहरी लोगों, जैसे आपूर्तिकर्ता, विक्रेता या शाखा सहयोगियों तक, सामान्यतः एन्क्रिप्टेड संबंध पर लॉगिन के द्वारा बढ़ा देता है।
स्रोत
- इंटरनेट प्रोटोकॉल, वर्जन 6 (आईपीवी6) विशिष्टि, आरएफसी 8200 — आईईटीएफ
- सर्विस नेम और ट्रांसपोर्ट प्रोटोकॉल पोर्ट नंबर रजिस्ट्री — आईएएनए
- कंप्यूटर विज्ञान, कक्षा ग्यारह की पाठ्यपुस्तक, कंप्यूटर नेटवर्क इकाई — एनसीईआरटी





