प्रोग्रामिंग भाषाएं: पीढ़ियां, अनुवादक और प्रमुख तथ्य
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कंप्यूटर जागरूकता नोट्स: प्रोग्रामिंग भाषाओं की पांच पीढ़ियां, असेंबलर, कंपाइलर और इंटरप्रेटर तथा प्रसिद्ध भाषाएं और उनके निर्माता।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

कंप्यूटर स्वयं कुछ नहीं करता; वह निर्देशों के समूह अर्थात प्रोग्राम का पालन करता है, और जिस भाषा में वह प्रोग्राम लिखा जाता है वही प्रोग्रामिंग भाषा है। हार्डवेयर केवल 0 और 1 के रूप में लिखी विद्युत अवस्थाएं समझता है, इसलिए उससे ऊपर की हर भाषा को चलने से पहले अनुवादित करना पड़ता है। बैंकिंग, एसएससी और रेलवे की परीक्षाएं इस अध्याय से निश्चित प्रकार के प्रश्न पूछती हैं: कौन सी भाषा किस पीढ़ी की है, कंपाइलर और इंटरप्रेटर में क्या अंतर है, और किस भाषा को किसने बनाया।
भाषाओं की पांच पीढ़ियां
पहली पीढ़ी मशीनी भाषा है, जो केवल 0 और 1 अंकों में लिखी जाती है। यह सीधे प्रोसेसर पर चलती है और अनुवाद की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए सबसे तेज है, पर मशीन पर निर्भर है और मनुष्य के लिए लिखना या सुधारना लगभग असंभव है। दूसरी पीढ़ी असेंबली भाषा है, जिसमें ADD, SUB और MOV जैसे संक्षिप्त शब्द, जिन्हें स्मरक कहते हैं, मशीनी निर्देशों के स्थान पर प्रयुक्त होते हैं; इसे असेंबलर अनुवाद करता है। तीसरी पीढ़ी उच्च स्तरीय भाषाओं की है, जो अंग्रेजी के निकट और मशीन से स्वतंत्र हैं, जैसे फोरट्रान, कोबोल, बेसिक, पास्कल, सी, सी प्लस प्लस, जावा और पायथन; इनका एक कथन अनेक मशीनी निर्देशों में बदलता है। चौथी पीढ़ी अप्रक्रियात्मक भाषाओं की है, जिनमें प्रोग्रामर यह बताता है कि क्या चाहिए, न कि वह कैसे किया जाए, और इनमें सबसे प्रसिद्ध डेटाबेस की भाषा एसक्यूएल है। पांचवीं पीढ़ी कृत्रिम बुद्धिमत्ता और तर्क प्रोग्रामिंग की भाषाओं की है, जैसे प्रोलॉग और लिस्प। मशीनी और असेंबली भाषा मिलकर निम्न स्तरीय भाषाएं कहलाती हैं।
अनुवादक: असेंबलर, कंपाइलर और इंटरप्रेटर
| अनुवादक | कार्य | याद रखने योग्य बात |
|---|---|---|
| असेंबलर | असेंबली भाषा को मशीनी भाषा में बदलता है | केवल दूसरी पीढ़ी के कोड के लिए |
| कंपाइलर | पूरे प्रोग्राम का एक साथ अनुवाद करता है | सभी त्रुटियां एक साथ बताता है; निष्पादन तेज; सी और सी प्लस प्लस में |
| इंटरप्रेटर | एक-एक पंक्ति का अनुवाद कर तुरंत चलाता है | पहली त्रुटि पर रुक जाता है; धीमा; बेसिक और पायथन में |
| लिंकर | ऑब्जेक्ट कोड को लाइब्रेरी कोड से जोड़कर एक निष्पादन योग्य फाइल बनाता है | कंपाइलेशन के बाद |
| लोडर | निष्पादन योग्य प्रोग्राम को मुख्य स्मृति में लाता है | चलने से पहले अंतिम चरण |
प्रोग्रामर जो लिखता है वह स्रोत कोड कहलाता है और अनुवादक जो बनाता है वह ऑब्जेक्ट कोड। भाषा के व्याकरण का उल्लंघन, जैसे अर्धविराम छूट जाना, वाक्य रचना त्रुटि है और अनुवादक उसे पकड़ लेता है; तर्क की भूल, जिससे प्रोग्राम चलता तो है पर उत्तर गलत देता है, तार्किक त्रुटि कहलाती है और परीक्षण से ही पकड़ में आती है। त्रुटियां दूर करना डिबगिंग कहलाता है।
प्रसिद्ध भाषाएं, निर्माता और उपयोग
| भाषा | निर्माता | मुख्य उपयोग |
|---|---|---|
| फोरट्रान, 1957 | आईबीएम में जॉन बैकस | पहली उच्च स्तरीय भाषा; वैज्ञानिक एवं अभियांत्रिकी कार्य |
| लिस्प, 1958 | जॉन मैकार्थी | कृत्रिम बुद्धिमत्ता |
| कोबोल, 1959 | समिति, जिसमें ग्रेस हॉपर की प्रमुख भूमिका | व्यावसायिक आंकड़ा प्रसंस्करण |
| बेसिक, 1964 | जॉन केमेनी और थॉमस कर्ट्ज | आरंभिक शिक्षण |
| पास्कल, 1970 | निकलॉस विर्थ | संरचित प्रोग्रामिंग; नाम ब्लेज़ पास्कल पर |
| सी, 1972 | बेल प्रयोगशाला में डेनिस रिची | तंत्र सॉफ्टवेयर तथा यूनिक्स प्रचालन तंत्र |
| सी प्लस प्लस | ब्यार्न स्ट्रॉस्ट्रप | वस्तु उन्मुख प्रोग्रामिंग; सी का विस्तार |
| पायथन, 1991 | गुइडो वान रोसम | सामान्य प्रयोजन, आंकड़ा विज्ञान |
| जावा, 1995 | सन माइक्रोसिस्टम्स में जेम्स गोसलिंग | मंच निरपेक्ष अनुप्रयोग; पहले नाम ओक |
| जावास्क्रिप्ट, 1995 | ब्रेंडन आइक | वेब पृष्ठों को अंतःक्रियाशील बनाना |
जावा और मंच निरपेक्षता
जावा के बारे में सबसे अधिक प्रश्न एक ही गुण के कारण पूछे जाते हैं। जावा प्रोग्राम किसी विशेष प्रोसेसर की मशीनी भाषा में संकलित नहीं होता; javac आदेश से चलने वाला कंपाइलर स्रोत फाइल को बाइटकोड नामक मध्यवर्ती रूप में बदलता है, और उस बाइटकोड को जावा वर्चुअल मशीन चलाती है, जो हर प्रकार के कंप्यूटर के लिए उपलब्ध है। इसलिए एक बार संकलित फाइल कहीं भी चलती है और यही एक बार लिखो, कहीं भी चलाओ का अर्थ है। जावा में आठ आद्य आंकड़ा प्रकार हैं: बाइट, शॉर्ट, इंट, लॉन्ग, फ्लोट, डबल, कैरेक्टर और बूलियन; लॉन्ग डबल सी तथा सी प्लस प्लस का प्रकार है, जावा का नहीं, और यही सबसे प्रचलित जाल है। जावा अक्षर संवेदी है, उसके आरक्षित शब्द चर के नाम नहीं बन सकते, और चर का नाम अक्षर, अंडरस्कोर या डॉलर चिह्न से आरंभ होना चाहिए।
प्रोग्रामिंग की शैलियां और अन्य शब्द
प्रक्रियात्मक प्रोग्रामिंग, जैसे सी में, प्रोग्राम को प्रक्रियाओं या फलनों की शृंखला के रूप में गढ़ती है। वस्तु उन्मुख प्रोग्रामिंग, जैसे सी प्लस प्लस, जावा और पायथन में, उसे वस्तुओं के चारों ओर गढ़ती है जिनमें आंकड़े और उन पर काम करने वाली विधियां दोनों रहती हैं; इसके चार स्तंभ संवेष्टन, वंशानुक्रम, बहुरूपता और अमूर्तन हैं। क्लास खाका है और ऑब्जेक्ट उससे बनी वास्तविक इकाई। एल्गोरिद्म किसी समस्या के हल की चरणबद्ध विधि है और फ्लोचार्ट उसका चित्र, जिसमें अंडाकार आरंभ या अंत, समांतर चतुर्भुज निवेश या निर्गम, आयत प्रक्रिया और समचतुर्भुज निर्णय दर्शाता है। समेकित विकास परिवेश एक ही सॉफ्टवेयर में संपादक, अनुवादक और डिबगर देता है। अंत में यह अवश्य याद रखें कि एचटीएमएल एक मार्कअप भाषा है, प्रोग्रामिंग भाषा नहीं।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से चार प्रकार के प्रश्न दोहराए जाते हैं। पहला, पीढ़ी और भाषा का मेल: कौन सी निम्न स्तरीय भाषा है, एसक्यूएल या प्रोलॉग किस पीढ़ी के हैं, और यह तथ्य कि मशीनी भाषा को अनुवाद की आवश्यकता नहीं। दूसरा, कंपाइलर बनाम इंटरप्रेटर, जो प्रायः इस रूप में आता है कि कौन एक-एक पंक्ति अनुवाद करता है या कौन सभी त्रुटियां एक साथ बताता है; असेंबलर भ्रामक विकल्प के रूप में रखा जाता है। तीसरा, निर्माता और भाषा का मेल: सी के लिए रिची, सी प्लस प्लस के लिए स्ट्रॉस्ट्रप, जावा के लिए गोसलिंग, पायथन के लिए वान रोसम, फोरट्रान के लिए बैकस और पास्कल के लिए विर्थ। चौथा, जावा से जुड़े तथ्य: javac का कार्य, बाइटकोड और वर्चुअल मशीन, आठ आद्य प्रकार तथा चर के नामकरण के नियम।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पहली पीढ़ी | मशीनी भाषा, 0 और 1 में लिखी जाने वाली |
|---|---|
| दूसरी पीढ़ी | असेंबली भाषा, असेंबलर द्वारा अनुवादित |
| पहली उच्च स्तरीय भाषा | फोरट्रान, 1957, जॉन बैकस |
| व्यावसायिक आंकड़ा प्रसंस्करण की भाषा | कोबोल |
| सी भाषा | डेनिस रिची, बेल प्रयोगशाला, 1972 |
| सी प्लस प्लस | ब्यार्न स्ट्रॉस्ट्रप |
| जावा | जेम्स गोसलिंग, सन माइक्रोसिस्टम्स, 1995; पहले नाम ओक |
| पायथन | गुइडो वान रोसम, 1991 |
| पास्कल | निकलॉस विर्थ, नाम ब्लेज़ पास्कल पर |
| जावा प्रोग्राम संकलित करने का आदेश | javac |
| जावा का मध्यवर्ती कोड | बाइटकोड, जावा वर्चुअल मशीन द्वारा निष्पादित |
| जावा के आद्य प्रकारों की संख्या | आठ |
| चौथी पीढ़ी की भाषा | एसक्यूएल, डेटाबेस के लिए |
| पांचवीं पीढ़ी की भाषाएं | प्रोलॉग और लिस्प, कृत्रिम बुद्धिमत्ता में |
| स्रोत कोड और ऑब्जेक्ट कोड | प्रोग्रामर जो लिखता है और अनुवादक जो बनाता है |
| प्रोग्रामिंग भाषा नहीं | एचटीएमएल, जो मार्कअप भाषा है |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
निम्नलिखित में से किसे पहली उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा माना जाता है?
- A.कोबोल
- B.फोरट्रान
- C.बेसिक
- D.पास्कल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. फोरट्रान
व्याख्या
सही उत्तर B, फोरट्रान है। इसका नाम फॉर्मूला ट्रांसलेशन का संक्षेप है, इसे आईबीएम में जॉन बैकस के दल ने बनाया और 1957 में जारी किया, और यह पहली ऐसी भाषा थी जिसमें प्रोग्रामर मशीनी कोड के स्थान पर साधारण बीजगणितीय सूत्र लिख सकता था; इसी कारण इसे पहली उच्च स्तरीय भाषा माना जाता है और आज भी वैज्ञानिक तथा अभियांत्रिकी गणना में इसका प्रयोग होता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कोबोल दो वर्ष बाद 1959 में आई और व्यावसायिक आंकड़ा प्रसंस्करण के लिए बनाई गई थी, जिसमें ग्रेस हॉपर की प्रमुख भूमिका रही। विकल्प C गलत है क्योंकि बेसिक 1964 में जॉन केमेनी और थॉमस कर्ट्ज ने आरंभिक शिक्षण के लिए बनाई। विकल्प D गलत है क्योंकि पास्कल लगभग 1970 में निकलॉस विर्थ ने संरचित प्रोग्रामिंग सिखाने के लिए बनाई। चारों वर्ष क्रम में याद रखें।
सी प्रोग्रामिंग भाषा का विकास किसने किया था?
- A.जेम्स गोसलिंग
- B.ब्यार्न स्ट्रॉस्ट्रप
- C.डेनिस रिची
- D.गुइडो वान रोसम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. डेनिस रिची
व्याख्या
सही उत्तर C, डेनिस रिची है। उन्होंने सत्तर के दशक के आरंभ में बेल प्रयोगशाला में सी भाषा बनाई और उसी से यूनिक्स प्रचालन तंत्र को दोबारा लिखा, इसीलिए सी को तंत्र प्रोग्रामिंग भाषाओं की जननी कहा जाता है और आज भी अधिकांश प्रचालन तंत्र उसी पर टिके हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि जेम्स गोसलिंग ने सन माइक्रोसिस्टम्स में जावा बनाई, जो 1995 में जारी हुई और जिसका पहला नाम ओक था। विकल्प B गलत है क्योंकि ब्यार्न स्ट्रॉस्ट्रप ने सी में क्लास और ऑब्जेक्ट जोड़कर सी प्लस प्लस बनाई, इसलिए वे सी प्लस प्लस के निर्माता हैं, सी के नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि गुइडो वान रोसम ने पायथन बनाई और उसका पहला संस्करण 1991 में जारी हुआ। यह प्रश्न प्रायः जोड़ी मिलान के रूप में आता है, इसलिए पूरी सूची एक साथ याद करें।
javac आदेश का क्या उपयोग है?
- A.जावा प्रोग्राम को निष्पादित करना
- B.जावा प्रोग्राम को डिबग करना
- C.जावा प्रोग्राम की व्याख्या करना
- D.जावा प्रोग्राम को संकलित करना
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. जावा प्रोग्राम को संकलित करना
व्याख्या
सही उत्तर D, जावा प्रोग्राम को संकलित करना है। javac जावा का कंपाइलर है: यह .java विस्तार वाली स्रोत फाइल लेता है, उसका व्याकरण जांचता है और उसे बाइटकोड वाली क्लास फाइल में बदल देता है, जिसे कोई भी जावा वर्चुअल मशीन चला सकती है। विकल्प A गलत है क्योंकि संकलित प्रोग्राम को चलाने के लिए अलग आदेश java होता है, जो क्लास फाइल को वर्चुअल मशीन में लाकर आरंभ करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि डिबगिंग jdb जैसे उपकरण या विकास परिवेश के डिबगर से होती है, javac से नहीं, जो केवल व्याकरण की त्रुटियां बताता है। विकल्प C गलत है क्योंकि बाइटकोड की व्याख्या चलने के समय जावा वर्चुअल मशीन करती है; javac उससे पहले ही अपना काम पूरा कर चुका होता है। मंच निरपेक्षता की दो चरणों वाली शृंखला याद रखें।
कौन सा अनुवादक उच्च स्तरीय प्रोग्राम को एक समय में एक कथन के रूप में मशीनी भाषा में बदलता है?
- A.कंपाइलर
- B.इंटरप्रेटर
- C.असेंबलर
- D.लोडर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंटरप्रेटर
व्याख्या
सही उत्तर B, इंटरप्रेटर है। इंटरप्रेटर स्रोत प्रोग्राम का एक कथन पढ़ता है, उसका अनुवाद करता है और तुरंत चला देता है, फिर अगले कथन पर जाता है; इसलिए वह पहली त्रुटि पर रुक जाता है और केवल उसी त्रुटि की सूचना देता है, जिससे सीखने और छोटे कोड के परीक्षण में सुविधा रहती है, यद्यपि निष्पादन धीमा होता है क्योंकि हर बार अनुवाद करना पड़ता है। विकल्प A गलत है क्योंकि कंपाइलर पूरे प्रोग्राम का एक बार में अनुवाद करता है, सारी त्रुटियां एक साथ बताता है और ऑब्जेक्ट फाइल बनाता है जो बाद में तेजी से चलती है। विकल्प C गलत है क्योंकि असेंबलर दूसरी पीढ़ी की असेंबली भाषा को मशीनी कोड में बदलने वाला विशेष अनुवादक है। विकल्प D गलत है क्योंकि लोडर अनुवाद नहीं करता, केवल तैयार प्रोग्राम को मुख्य स्मृति में रखता है। बेसिक और पायथन इंटरप्रेटेड भाषाओं के उदाहरण हैं।
निम्नलिखित में से कौन जावा का आद्य (प्रिमिटिव) प्रकार नहीं है?
- A.short
- B.long
- C.long double
- D.boolean
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. long double
व्याख्या
सही उत्तर C, long double है। जावा में ठीक आठ आद्य आंकड़ा प्रकार हैं, अर्थात byte, short, int, long, float, double, char और boolean, और long double इनमें नहीं है; वह सी तथा सी प्लस प्लस का प्रकार है जहां वह विस्तारित परिशुद्धता वाली दशमलव संख्या दर्शाता है, इसलिए यह विकल्प उन परीक्षार्थियों के लिए जाल है जिन्होंने पहले सी पढ़ी है। विकल्प A उत्तर नहीं है क्योंकि short जावा का वास्तविक आद्य प्रकार है, सोलह बिट का चिह्नित पूर्णांक। विकल्प B भी उत्तर नहीं है क्योंकि long चौंसठ बिट का चिह्नित पूर्णांक है, जिसका प्रयोग int के छोटा पड़ने पर होता है। विकल्प D भी उत्तर नहीं है क्योंकि boolean केवल सत्य और असत्य दो मान रखता है और जावा की हर शर्त का यही प्रकार है। आठ प्रकारों को समूह में याद रखें: चार पूर्णांक, दो दशमलव, एक वर्ण और एक तार्किक।
जावा में चर (वेरिएबल) घोषित करने के नियमों में से कौन सा सही है?
- A.जावा के आरक्षित शब्द चर के नाम नहीं बन सकते
- B.उपर्युक्त सभी विकल्प
- C.चर के नाम अक्षर संवेदी होते हैं
- D.पहला अक्षर एक वर्ण होना चाहिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उपर्युक्त सभी विकल्प
व्याख्या
सही उत्तर B, उपर्युक्त सभी विकल्प है, क्योंकि शेष तीनों कथन भाषा के वास्तविक नियम हैं और प्रश्न यही पूछता है कि इनमें से कौन लागू होते हैं। विकल्प A अपने आप में सत्य है पर अकेला उत्तर नहीं: class, int, public और static जैसे आरक्षित शब्दों का अर्थ कंपाइलर के लिए पहले से नियत है, इसलिए वे चर के नाम नहीं बन सकते। विकल्प C भी सत्य है: जावा अक्षर संवेदी है, अतः total, Total और TOTAL तीन अलग चर हैं, और अक्षर के आकार की भूल आरंभिक प्रोग्रामरों की सबसे आम गलती है। विकल्प D सामान्य नियम बताता है कि नाम वर्ण से आरंभ होता है, यद्यपि जावा में अंडरस्कोर या डॉलर चिह्न से भी आरंभ किया जा सकता है और अंक से कभी नहीं। जब तीनों कथन सही हों तो संयुक्त विकल्प ही चुना जाता है।
प्रोग्रामिंग भाषाओं की पहली पीढ़ी, मशीनी भाषा, किसके द्वारा लिखी जाती है?
- A.अंग्रेजी शब्दों से
- B.ADD और MOV जैसे स्मरक शब्दों से
- C.द्विआधारी अंकों 0 और 1 से
- D.क्वेरी कथनों से
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. द्विआधारी अंकों 0 और 1 से
व्याख्या
सही उत्तर C, द्विआधारी अंकों 0 और 1 से है। मशीनी भाषा ही एकमात्र ऐसी भाषा है जिसे प्रोसेसर सीधे समझता है, क्योंकि उसका प्रत्येक निर्देश विद्युत अवस्थाओं का ऐसा प्रतिरूप है जो शून्य और एक की शृंखला में लिखा जाता है; इसलिए मशीनी भाषा के प्रोग्राम को अनुवाद की आवश्यकता नहीं होती और वह सबसे तेज चलता है, पर वह एक ही प्रोसेसर से बंधा होता है और मनुष्य के लिए लिखना कठिन है। विकल्प A गलत है क्योंकि अंग्रेजी जैसे कथन तीसरी पीढ़ी की उच्च स्तरीय भाषाओं में होते हैं, जैसे कोबोल, सी और जावा। विकल्प B गलत है क्योंकि ADD, SUB और MOV जैसे स्मरक दूसरी पीढ़ी की असेंबली भाषा के हैं, जिसे असेंबलर अनुवाद करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि क्वेरी कथन चौथी पीढ़ी के हैं, जिसका उदाहरण एसक्यूएल है।
निम्नलिखित में से कौन प्रोग्रामिंग भाषा नहीं है?
- A.पायथन
- B.एचटीएमएल
- C.जावा
- D.सी प्लस प्लस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एचटीएमएल
व्याख्या
सही उत्तर B, एचटीएमएल है। हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज टैग के द्वारा यह बताती है कि वेब पृष्ठ की सामग्री किस क्रम में सजेगी, जैसे शीर्षक, अनुच्छेद, सूची, तालिका और चित्र, पर उसमें चर, शर्त और पुनरावृत्ति नहीं होते, इसलिए वह तर्क व्यक्त नहीं कर सकती और निर्णय नहीं ले सकती; इसी कारण उसे मार्कअप भाषा कहा जाता है, प्रोग्रामिंग भाषा नहीं। विकल्प A गलत है क्योंकि पायथन पूर्ण सामान्य प्रयोजन भाषा है, जिसे गुइडो वान रोसम ने बनाया और जो आज आंकड़ा विज्ञान तथा स्वचालन में व्यापक रूप से प्रयुक्त होती है। विकल्प C गलत है क्योंकि जावा वस्तु उन्मुख सामान्य प्रयोजन भाषा है। विकल्प D गलत है क्योंकि सी प्लस प्लस सी पर आधारित सामान्य प्रयोजन भाषा है। साथी प्रश्न यह पूछता है कि वेब पृष्ठ को अंतःक्रियाशील कौन बनाता है, जिसका उत्तर जावास्क्रिप्ट है।
पायथन प्रोग्रामिंग भाषा किसने बनाई थी?
- A.गुइडो वान रोसम
- B.ब्रेंडन आइक
- C.निकलॉस विर्थ
- D.जॉन बैकस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. गुइडो वान रोसम
व्याख्या
सही उत्तर A, गुइडो वान रोसम है। उन्होंने नीदरलैंड में पायथन की रचना की और 1991 में उसका पहला संस्करण जारी किया, तथा कोष्ठकों के स्थान पर इंडेंटेशन वाली ऐसी वाक्य रचना चुनी जिससे प्रोग्राम पढ़ने में सरल रहें; भाषा का नाम एक हास्य धारावाहिक से लिया गया है, सांप से नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि ब्रेंडन आइक ने 1995 में जावास्क्रिप्ट बनाई, जो ब्राउज़र में वेब पृष्ठ को अंतःक्रियाशील बनाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि निकलॉस विर्थ ने लगभग 1970 में पास्कल बनाई, जिसका नाम गणितज्ञ ब्लेज़ पास्कल पर है। विकल्प D गलत है क्योंकि जॉन बैकस ने आईबीएम में उस दल का नेतृत्व किया जिसने 1957 में फोरट्रान बनाई, जो पहली उच्च स्तरीय भाषा थी। बैंकिंग और रेलवे की परीक्षाओं में यह जोड़ी लगभग प्रतिवर्ष पूछी जाती है।
चौथी पीढ़ी की भाषा एसक्यूएल मुख्यतः किसके लिए प्रयुक्त होती है?
- A.वेब पृष्ठ बनाने के लिए
- B.डेटाबेस पर कार्य करने के लिए
- C.प्रचालन तंत्र लिखने के लिए
- D.चित्रों के संपादन के लिए
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डेटाबेस पर कार्य करने के लिए
व्याख्या
सही उत्तर B, डेटाबेस पर कार्य करने के लिए है। एसक्यूएल का पूरा नाम स्ट्रक्चर्ड क्वेरी लैंग्वेज है और इससे तालिकाएं बनाई जाती हैं, पंक्तियां जोड़ी, बदली और हटाई जाती हैं तथा सबसे बढ़कर SELECT जैसे कथनों से संबंधपरक डेटाबेस से प्रश्न पूछे जाते हैं; इसे अप्रक्रियात्मक इसलिए कहते हैं कि प्रोग्रामर केवल बताता है कि क्या परिणाम चाहिए और उसे कैसे लाना है यह डेटाबेस तंत्र तय करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वेब पृष्ठ एचटीएमएल से बनते हैं, सीएसएस से सजते हैं और जावास्क्रिप्ट से अंतःक्रियाशील होते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रचालन तंत्र मुख्यतः सी में लिखे जाते हैं, जिसका उत्तम उदाहरण यूनिक्स है। विकल्प D गलत है क्योंकि चित्र संपादन अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर का काम है। एसक्यूएल के बाद पांचवीं पीढ़ी में प्रोलॉग और लिस्प आते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कंपाइलर और इंटरप्रेटर में क्या अंतर है?
कंपाइलर पूरे स्रोत प्रोग्राम को एक साथ लेकर अनुवाद करता है और सभी त्रुटियां एक साथ बताता है; अनुवादित प्रोग्राम फिर तेजी से चलता है और दोबारा अनुवाद किए बिना चलाया जा सकता है। इंटरप्रेटर एक-एक पंक्ति लेकर अनुवाद करता है और तुरंत चलाता है तथा पहली त्रुटि मिलते ही रुक जाता है, इसलिए सीखने में सुविधाजनक पर निष्पादन में धीमा है।
जावा को मंच निरपेक्ष भाषा क्यों कहते हैं?
क्योंकि जावा कंपाइलर किसी एक प्रोसेसर की मशीनी भाषा नहीं बनाता। वह बाइटकोड नामक मध्यवर्ती रूप बनाता है और हर कंप्यूटर उस बाइटकोड को अपनी जावा वर्चुअल मशीन से चलाता है। इसलिए एक बार संकलित फाइल विंडोज, लिनक्स या मैक पर बिना दोबारा संकलन के चलती है, और इसी का अर्थ है एक बार लिखो, कहीं भी चलाओ।
क्या एचटीएमएल प्रोग्रामिंग भाषा है?
नहीं। एचटीएमएल अर्थात हाइपरटेक्स्ट मार्कअप लैंग्वेज टैग के द्वारा वेब पृष्ठ की संरचना और सजावट बताती है, जैसे शीर्षक, अनुच्छेद, तालिका और कड़ियां। उसमें चर, शर्त और पुनरावृत्ति नहीं होती, इसलिए वह तर्क व्यक्त नहीं कर सकती और मार्कअप भाषा कहलाती है। पृष्ठ को अंतःक्रियाशील बनाने के लिए जावास्क्रिप्ट जोड़ी जाती है, जो प्रोग्रामिंग भाषा है।
वाक्य रचना त्रुटि और तार्किक त्रुटि में क्या अंतर है?
वाक्य रचना त्रुटि भाषा के व्याकरण का उल्लंघन है, जैसे अर्धविराम छूटना या कोई आरक्षित शब्द गलत लिखना, और कंपाइलर या इंटरप्रेटर उसे सुधारे बिना अनुवाद नहीं करता। तार्किक त्रुटि में प्रोग्राम व्याकरण की दृष्टि से पूर्णतः सही रहता है और चलता भी है, पर तर्क गलत होने से उत्तर गलत आता है; ऐसी त्रुटि ज्ञात आंकड़ों से परीक्षण करने पर ही पकड़ में आती है।
निम्न स्तरीय भाषाएं कौन सी हैं?
मशीनी भाषा और असेंबली भाषा। मशीनी भाषा सीधे द्विआधारी अंकों में लिखी जाती है और प्रोसेसर उसे बिना अनुवाद के चलाता है, जबकि असेंबली भाषा उन्हीं द्विआधारी कोडों के स्थान पर ADD और MOV जैसे स्मरक रखती है और उसे असेंबलर की आवश्यकता होती है। दोनों किसी एक प्रोसेसर से बंधी होती हैं, और इसी को मशीन पर निर्भर होना कहते हैं।
स्रोत
- कंप्यूटर विज्ञान, कक्षा 11, प्रोग्रामिंग के मूल सिद्धांत — एनसीईआरटी
- सूचना प्रौद्योगिकी अभ्यास, कक्षा 11, कंप्यूटर तंत्र का परिचय — एनसीईआरटी
- कंप्यूटर एवं संचार प्रौद्योगिकी, कक्षा 11 — एनसीईआरटी





