जलवायु परिवर्तन पर भारत की राष्ट्रीय कार्ययोजना: आठ मिशन
जलवायु परिवर्तन पर भारत की राष्ट्रीय कार्ययोजना के परीक्षा नोट्स: 2008 की योजना, आठ राष्ट्रीय मिशन, नोडल मंत्रालय, लक्ष्य और पेरिस की प्रतिबद्धताएँ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

जलवायु परिवर्तन से निपटने की भारत की घरेलू योजना एक ही दस्तावेज़ में आठ हिस्सों के रूप में लिखी गई है। जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना, जिसे प्रश्नपत्रों में NAPCC लिखा जाता है, 30 जून 2008 को प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन परिषद ने जारी की थी, और आज भी केंद्र सरकार की जलवायु संबंधी योजनाएँ इसी ढाँचे के भीतर चलती हैं। परीक्षक इसे बार-बार पूछते हैं क्योंकि यह योजना गिनी जा सकती है: आठ मिशन, प्रत्येक का एक नोडल मंत्रालय, एक घोषित लक्ष्य और एक नाम जिसे प्रश्न में मिलाना पड़ता है।
यह योजना क्यों बनी
भारत ने 1992 में जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन पर हस्ताक्षर किए और 2002 में क्योटो प्रोटोकॉल का अनुमोदन किया, परंतु विकासशील देश होने के कारण उस पर उत्सर्जन घटाने की कोई बाध्यकारी शर्त नहीं थी। उसे आवश्यकता एक घरेलू मार्गरेखा की थी जो जलवायु कार्रवाई को विकास से जोड़े। प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन परिषद का गठन 2007 में हुआ, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, और अगले वर्ष यह योजना आई। इसका घोषित सिद्धांत है कि विकास और जलवायु कार्रवाई साथ-साथ चलें: गरीबों को गर्म होती जलवायु के प्रभावों से बचाया जाए, और भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन, जो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम में से है, विकसित देशों के स्तर से ऊपर न जाने दिया जाए। योजना कन्वेंशन के साझा परंतु विभेदित उत्तरदायित्व के विचार पर भी टिकी है, जिसके अनुसार जिन देशों ने ऐतिहासिक रूप से सबसे अधिक उत्सर्जन किया, वे पहले कार्रवाई करें और धन दें।
आठ राष्ट्रीय मिशन
| मिशन | मुख्य नोडल मंत्रालय | मूल उद्देश्य |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय सौर मिशन | नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा | सौर बिजली उत्पादन और निर्माण |
| उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन | विद्युत | उद्योग, उपकरणों और वित्त में ऊर्जा की बचत |
| सतत आवास राष्ट्रीय मिशन | आवास एवं शहरी कार्य | शहरों में ऊर्जा दक्ष भवन, परिवहन और कचरा प्रबंधन |
| राष्ट्रीय जल मिशन | जल शक्ति | जल संरक्षण और जल उपयोग दक्षता में 20 प्रतिशत सुधार |
| हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण राष्ट्रीय मिशन | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी | ग्लेशियर, जैव विविधता और पर्वतीय अर्थव्यवस्था |
| हरित भारत राष्ट्रीय मिशन | पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन | वन एवं वृक्ष आवरण तथा मौजूदा वनों की गुणवत्ता |
| सतत कृषि राष्ट्रीय मिशन | कृषि एवं किसान कल्याण | जलवायु सहिष्णु फसलें, मृदा स्वास्थ्य और खेत में जल उपयोग |
| जलवायु परिवर्तन के लिए सामरिक ज्ञान राष्ट्रीय मिशन | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी | शोध, मॉडलिंग, आँकड़े और जलवायु विज्ञान नेटवर्क |
मिशन क्या करते हैं
राष्ट्रीय सौर मिशन, जिसका पूरा नाम जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन है, जनवरी 2010 में शुरू हुआ और इसका आरंभिक लक्ष्य 2022 तक 20,000 मेगावाट ग्रिड सौर बिजली था; 2015 में यह लक्ष्य बढ़ाकर 100 गीगावाट कर दिया गया। उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के माध्यम से चलता है, जो ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत बना था, और इसमें चार पहलें हैं, जिनमें सबसे प्रसिद्ध परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड (PAT) है: अधिसूचित क्षेत्रों के बड़े कारखानों को अपनी विशिष्ट ऊर्जा खपत घटाने का लक्ष्य दिया जाता है, और लक्ष्य से अधिक बचत करने वाले कारखाने को व्यापार योग्य ऊर्जा बचत प्रमाणपत्र मिलते हैं। राष्ट्रीय जल मिशन जल उपयोग दक्षता में 20 प्रतिशत सुधार के लक्ष्य पर काम करता है। हरित भारत राष्ट्रीय मिशन 50 लाख हेक्टेयर पर वनरोपण और अन्य 50 लाख हेक्टेयर वनों की गुणवत्ता सुधारने की योजना है। हिमालयी मिशन एकमात्र ऐसा मिशन है जो किसी एक पर्वतीय क्षेत्र के लिए लिखा गया, और सामरिक ज्ञान मिशन एकमात्र है जिसका परिणाम शोध है, कोई भौतिक निर्माण नहीं।
योजना से पेरिस की प्रतिबद्धताओं तक
यह योजना पेरिस समझौते से पहले लिखी गई थी, और अब दोनों साथ चलते हैं। भारत ने अपना पहला राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान 2015 में और संशोधित योगदान अगस्त 2022 में प्रस्तुत किया: 2005 के स्तर से 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में 45 प्रतिशत की कमी, 2030 तक स्थापित विद्युत क्षमता का 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म स्रोतों से, और 2030 तक वन एवं वृक्ष आवरण से 2.5 से 3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य का अतिरिक्त कार्बन सिंक। 2021 में ग्लासगो सम्मेलन, COP26 में प्रधानमंत्री ने पंचामृत नाम से पाँच संकल्प घोषित किए, जिनमें अंतिम था 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन।
राज्य, धन और बाद के मिशन
प्रत्येक राज्य और संघ राज्यक्षेत्र जलवायु परिवर्तन पर राज्य कार्ययोजना बनाता है, जो आठ मिशनों को अपनी वर्षा, फसलों और तट के अनुसार ढालती है। अनुकूलन के कार्य का कुछ व्यय जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन निधि से होता है, जो 2015 में बनी और जिसकी कार्यान्वयन संस्था नाबार्ड है, तथा शोध एवं क्षमता निर्माण का व्यय जलवायु परिवर्तन कार्य कार्यक्रम से। 2014 के बाद पवन ऊर्जा, स्वास्थ्य, तटीय क्षेत्र और कचरे से ऊर्जा पर चार और मिशन प्रस्तावित हुए; याद रखने के लिए 2008 के वही आठ मिशन हैं, क्योंकि प्रश्नपत्र यही संख्या पूछता है।
परीक्षा की दृष्टि से
परीक्षक गिनी जाने वाली बातें पूछते हैं: वर्ष 2008, संख्या आठ, प्रत्येक मिशन का नाम और उसे चलाने वाला मंत्रालय। 'निम्नलिखित में से कौन आठ मिशनों में नहीं है' प्रकार का प्रश्न अवश्य आता है, जिसमें किसी अन्य कार्यक्रम की प्रसिद्ध योजना, जैसे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन या नमामि गंगे, मिला दी जाती है। संख्याओं में जल मिशन का 20 प्रतिशत, हरित भारत मिशन के 50-50 लाख हेक्टेयर और सौर मिशन का संशोधित 100 गीगावाट पूछे जाते हैं। प्रतिबद्धताओं में 2015 के 33 से 35 प्रतिशत को 2022 के 45 प्रतिशत से तथा गैर-जीवाश्म क्षमता के 50 प्रतिशत से अलग रखें। नेट ज़ीरो वर्ष साथ पूछे जाते हैं: भारत 2070, चीन 2060, यूरोपीय संघ 2050।
महत्वपूर्ण तथ्य
| जारी | 30 जून 2008, प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन परिषद द्वारा |
|---|---|
| मिशनों की संख्या | आठ |
| नोडल मंत्रालय | पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय |
| प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन परिषद | गठन 2007, अध्यक्ष प्रधानमंत्री |
| राष्ट्रीय सौर मिशन | जनवरी 2010 में शुरू, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय |
| सौर लक्ष्य | 2022 तक 20,000 मेगावाट, 2015 में बढ़ाकर 100 गीगावाट |
| PAT योजना | उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत, संचालन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो |
| ऊर्जा दक्षता ब्यूरो | ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत स्थापित |
| जल उपयोग दक्षता लक्ष्य | 20 प्रतिशत सुधार, राष्ट्रीय जल मिशन |
| हरित भारत मिशन | 50 लाख हेक्टेयर वनरोपण और 50 लाख हेक्टेयर गुणवत्ता सुधार |
| उत्सर्जन तीव्रता प्रतिबद्धता | 2005 के स्तर से 2030 तक 45 प्रतिशत कमी, अगस्त 2022 का संशोधित एनडीसी |
| गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता | 2030 तक स्थापित क्षमता का 50 प्रतिशत |
| कार्बन सिंक प्रतिबद्धता | 2030 तक 2.5 से 3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य |
| नेट ज़ीरो | 2070, COP26 ग्लासगो 2021 के पंचामृत संकल्पों में घोषित |
| अनुकूलन वित्त | जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय अनुकूलन निधि, 2015, कार्यान्वयन संस्था नाबार्ड |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना (NAPCC) किस वर्ष जारी की गई थी?
- A.2005
- B.2008
- C.2010
- D.2015
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 2008 है। जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना 30 जून 2008 को प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन परिषद द्वारा जारी की गई थी, और इसमें वे आठ राष्ट्रीय मिशन निर्धारित किए गए जिनके माध्यम से भारत घरेलू स्तर पर जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई करेगा। विकल्प A गलत है क्योंकि 2005 में ऐसी कोई योजना नहीं आई थी; जलवायु परिवर्तन परिषद का गठन ही 2007 में हुआ। विकल्प C गलत है क्योंकि 2010 में जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन शुरू हुआ था, अर्थात योजना के अंतर्गत एक मिशन, स्वयं योजना नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 2015 पेरिस समझौते और भारत के पहले राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान का वर्ष है, तथा उसी वर्ष सौर मिशन का लक्ष्य बढ़ाकर 100 गीगावाट किया गया। यह योजना पेरिस से सात वर्ष पहले आई, इसीलिए इसे बाद की प्रतिबद्धताओं का ढाँचा कहा जाता है।
जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना में कितने राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं?
- A.छह
- B.दस
- C.आठ
- D.बारह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, आठ है। 2008 की यह योजना आठ राष्ट्रीय मिशनों के माध्यम से चलती है: सौर, उन्नत ऊर्जा दक्षता, सतत आवास, जल, हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण, हरित भारत, सतत कृषि, तथा जलवायु परिवर्तन के लिए सामरिक ज्ञान। विकल्प A गलत है क्योंकि छह में दो मिशन छूट जाते हैं; अभ्यर्थी आमतौर पर सामरिक ज्ञान और हिमालयी मिशन भूल जाते हैं, जो दोनों परिसंपत्ति के स्थान पर ज्ञान का निर्माण करते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि दस में पवन ऊर्जा और स्वास्थ्य जैसे बाद के प्रस्ताव जुड़ जाएँगे, जो 2014 के बाद सुझाए गए थे परंतु मूल योजना का भाग नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि बारह संख्या मिशनों की किसी भी गणना से, मूल या प्रस्तावित, अधिक है। आठ की संख्या नोडल मंत्रालयों के साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्नपत्र अक्सर पूछता है कि किसी मिशन को कौन चलाता है।
जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन किस वर्ष शुरू किया गया था?
- A.2008
- B.2009
- C.2010
- D.2012
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 2010 है। जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन जनवरी 2010 में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अंतर्गत शुरू किया गया, और इसका आरंभिक लक्ष्य 2022 तक 20,000 मेगावाट ग्रिड से जुड़ी सौर बिजली था; 2015 में यह लक्ष्य बढ़ाकर 100 गीगावाट कर दिया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 2008 में मूल योजना NAPCC जारी हुई थी, किसी मिशन ने काम शुरू नहीं किया था। विकल्प B गलत है क्योंकि 2009 में योजना के मिशनों का प्रारूप बना और सैद्धांतिक स्वीकृति मिली, परंतु सौर मिशन की औपचारिक शुरुआत अगली जनवरी में हुई। विकल्प D गलत है क्योंकि 2012 तक यह मिशन अपने पहले चरण में पहुँच चुका था, और 2012 को परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड योजना के पहले चक्र के आरंभ के रूप में याद रखना चाहिए। मिशन को उसके मंत्रालय और संशोधित लक्ष्य के साथ जोड़कर याद रखें, क्योंकि दोनों पूछे जाते हैं।
परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड (PAT) योजना निम्नलिखित में से किस मिशन के अंतर्गत एक पहल है?
- A.राष्ट्रीय जल मिशन
- B.हरित भारत राष्ट्रीय मिशन
- C.राष्ट्रीय सौर मिशन
- D.उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन है। PAT इस मिशन की चार पहलों में सबसे प्रसिद्ध है: अधिसूचित क्षेत्रों के अधिक ऊर्जा खपत वाले बड़े कारखानों को अपनी विशिष्ट ऊर्जा खपत घटाने का लक्ष्य दिया जाता है, और लक्ष्य से अधिक बचत करने वाली इकाई को व्यापार योग्य ऊर्जा बचत प्रमाणपत्र मिलते हैं, जिन्हें लक्ष्य से पीछे रहने वाली इकाई को खरीदना पड़ता है। इसका संचालन विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत ऊर्जा दक्षता ब्यूरो करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि जल मिशन का उपाय जल उपयोग दक्षता में 20 प्रतिशत सुधार का लक्ष्य है, कोई व्यापार योजना नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि हरित भारत मिशन वनरोपण और वनों की गुणवत्ता से संबंधित है। विकल्प C गलत है क्योंकि सौर मिशन क्षमता लक्ष्यों, सौर पार्कों और निर्माण सहायता के माध्यम से काम करता है। PAT को उद्योग और प्रमाणपत्रों से जोड़ लें, तो उत्तर स्वयं स्पष्ट हो जाता है।
राष्ट्रीय जल मिशन का उद्देश्य जल उपयोग दक्षता में लगभग कितना सुधार करना है?
- A.10 प्रतिशत
- B.20 प्रतिशत
- C.25 प्रतिशत
- D.40 प्रतिशत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय जल मिशन के पाँच लक्ष्यों में से एक जल उपयोग दक्षता में 20 प्रतिशत सुधार है, इसके साथ व्यापक जल आँकड़े, जल की कमी से सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों पर ध्यान, अधिक पुनर्चक्रण और बेसिन स्तर पर बेहतर नियोजन भी शामिल हैं; यह मिशन जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत है। विकल्प A गलत है क्योंकि 10 प्रतिशत घोषित लक्ष्य से कम है और मिशन के दस्तावेज़ों में यह आँकड़ा नहीं आता। विकल्प C गलत है क्योंकि 25 प्रतिशत देखने में उचित गोल संख्या लगती है, परंतु मिशन के किसी लक्ष्य में यह नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि 40 प्रतिशत मिशन के किसी भी वादे से बहुत अधिक है; दक्षता में इतनी बड़ी वृद्धि का दावा कोई राष्ट्रीय जल कार्यक्रम नहीं करता। प्रश्नपत्र इस आँकड़े को हरित भारत मिशन के 50 लाख हेक्टेयर के साथ जोड़ते हैं, इसलिए दोनों एक साथ याद करें।
संपूर्ण जलवायु परिवर्तन राष्ट्रीय कार्ययोजना के लिए नोडल मंत्रालय कौन है?
- A.विद्युत मंत्रालय
- B.नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
- C.जल शक्ति मंत्रालय
- D.पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय है। भारत सरकार में जलवायु परिवर्तन के लिए यही नोडल मंत्रालय है, यह योजना का समन्वय करता है और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन को रिपोर्ट भेजता है, तथा स्वयं हरित भारत राष्ट्रीय मिशन चलाता है। विकल्प A, B और C में ऐसे मंत्रालय हैं जो आठ मिशनों में से केवल एक-एक चलाते हैं: विद्युत मंत्रालय ऊर्जा दक्षता ब्यूरो के माध्यम से उन्नत ऊर्जा दक्षता मिशन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय राष्ट्रीय सौर मिशन, और जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय जल मिशन। जाल यही है कि किसी मिशन के मंत्रालय को पूरी योजना का नोडल मंत्रालय मान लिया जाए, इसलिए समन्वय की भूमिका को अलग-अलग मिशनों से अलग रखें। यह मंत्रालय ही कन्वेंशन को भारत की राष्ट्रीय संसूचना और द्विवार्षिक रिपोर्ट भेजता है तथा राज्य कार्ययोजनाओं को स्वीकृति देता है।
हरित भारत राष्ट्रीय मिशन के अंतर्गत कितने क्षेत्र पर नया वनरोपण प्रस्तावित है, इसके अतिरिक्त उतने ही क्षेत्र में वनों की गुणवत्ता सुधारी जानी है?
- A.20 लाख हेक्टेयर
- B.50 लाख हेक्टेयर
- C.80 लाख हेक्टेयर
- D.एक करोड़ हेक्टेयर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 50 लाख हेक्टेयर है। हरित भारत मिशन 50-50 लाख हेक्टेयर के दो भागों में लिखा गया है: ऐसी 50 लाख हेक्टेयर भूमि पर नया वन एवं वृक्ष आवरण जहाँ वन नहीं है, और अन्य 50 लाख हेक्टेयर पर पहले से खड़े वनों की गुणवत्ता में सुधार, जिससे मिशन की कुल पहुँच एक करोड़ हेक्टेयर हो जाती है। विकल्प A गलत है क्योंकि 20 लाख हेक्टेयर दोनों में से किसी भी भाग से बहुत कम है। विकल्प C गलत है क्योंकि 80 लाख हेक्टेयर न किसी भाग से मेल खाता है न कुल से। विकल्प D सावधानी से रखा गया जाल है: एक करोड़ हेक्टेयर दोनों भागों का योग है, वह वनरोपण का आँकड़ा नहीं जो प्रश्न में पूछा गया है। यह मिशन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय चलाता है, और इससे बनने वाले कार्बन सिंक की गणना भी इसी में होती है।
निम्नलिखित में से कौन जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना के आठ मिशनों में शामिल नहीं है?
- A.सतत आवास राष्ट्रीय मिशन
- B.राष्ट्रीय जल मिशन
- C.राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
- D.हरित भारत राष्ट्रीय मिशन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन है। यह निकाय गंगा नदी की सफाई के नमामि गंगे कार्यक्रम की कार्यान्वयन संस्था है, जो नदी संरक्षण के प्रयास के अंतर्गत बनी, जलवायु कार्ययोजना के अंतर्गत नहीं; इसका विषय एक नदी बेसिन का प्रदूषण है, ग्रीनहाउस गैसें नहीं। विकल्प A विकल्प के रूप में गलत है क्योंकि सतत आवास मिशन वास्तव में आठ में से एक है, जिसमें ऊर्जा दक्ष भवन, शहरी परिवहन और कचरा शामिल हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रीय जल मिशन आठ में से एक है, जिसका 20 प्रतिशत जल उपयोग दक्षता का लक्ष्य है। विकल्प D गलत है क्योंकि हरित भारत मिशन भी आठ में से एक है, जिसके 50-50 लाख हेक्टेयर के दो भाग हैं। इस प्रकार के प्रश्नों में सामान्यतः किसी अन्य कार्यक्रम की प्रसिद्ध योजना मिला दी जाती है, इसलिए हर नाम को आठ की सूची से मिलाकर देखें।
2022 के अपने संशोधित राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान में भारत ने 2005 के स्तर से 2030 तक सकल घरेलू उत्पाद की उत्सर्जन तीव्रता में कितनी कमी का वादा किया?
- A.33 से 35 प्रतिशत
- B.40 प्रतिशत
- C.45 प्रतिशत
- D.50 प्रतिशत
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 45 प्रतिशत है। अगस्त 2022 में प्रस्तुत संशोधित पहले राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान में उत्सर्जन तीव्रता, अर्थात सकल घरेलू उत्पाद की प्रति इकाई उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैस, पर वादा बढ़ाकर 2005 के स्तर से 2030 तक 45 प्रतिशत कमी कर दिया गया। विकल्प A कड़ा जाल है: 33 से 35 प्रतिशत 2015 के मूल योगदान का आँकड़ा था, जिसे संशोधन ने बदल दिया। विकल्प B गलत है क्योंकि 40 प्रतिशत स्थापित विद्युत क्षमता में गैर-जीवाश्म स्रोतों का पुराना हिस्सा था, जिसे संशोधन में बढ़ाकर 50 प्रतिशत किया गया। विकल्प D इसी कारण गलत है: 50 प्रतिशत गैर-जीवाश्म क्षमता का लक्ष्य है, तीव्रता में कटौती का नहीं। जोड़ी क्रम से याद रखें: तीव्रता 45 प्रतिशत, गैर-जीवाश्म क्षमता 50 प्रतिशत, दोनों 2030 तक। इसके साथ तीसरा वादा वन एवं वृक्ष आवरण से 2.5 से 3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड समतुल्य का अतिरिक्त कार्बन सिंक बनाने का है।
ग्लासगो में हुए COP26 सम्मेलन में भारत ने किस वर्ष तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य घोषित किया?
- A.2050
- B.2060
- C.2070
- D.2100
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 2070 है। 2021 में ग्लासगो में हुए छब्बीसवें पक्षकार सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने पाँच संकल्प घोषित किए, जिन्हें पंचामृत कहा गया, और इनमें अंतिम था 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन, साथ ही गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी, अनुमानित कार्बन उत्सर्जन में कटौती और अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता में कमी के लक्ष्य। विकल्प A गलत है क्योंकि 2050 वह वर्ष है जो अनेक विकसित देशों और यूरोपीय संघ ने अपनाया है, भारत ने नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि 2060 चीन ने अपने लिए घोषित किया है। विकल्प D गलत है क्योंकि किसी बड़ी अर्थव्यवस्था ने 2100 को नेट ज़ीरो वर्ष नहीं रखा; यह हर घोषित संकल्प से बहुत आगे है। प्रश्नपत्र इन तीनों वर्षों को साथ पूछते हैं, इसलिए भारत 2070, चीन 2060 और यूरोपीय संघ 2050 याद रखें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना कब और किसने जारी की थी?
इसे 30 जून 2008 को प्रधानमंत्री की जलवायु परिवर्तन परिषद ने जारी किया था, जिसका गठन 2007 में हुआ और जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। योजना का नोडल मंत्रालय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय है।
NAPCC के आठ मिशन कौन-कौन से हैं?
राष्ट्रीय सौर मिशन, उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन, सतत आवास राष्ट्रीय मिशन, राष्ट्रीय जल मिशन, हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र संरक्षण राष्ट्रीय मिशन, हरित भारत राष्ट्रीय मिशन, सतत कृषि राष्ट्रीय मिशन, तथा जलवायु परिवर्तन के लिए सामरिक ज्ञान राष्ट्रीय मिशन।
परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड योजना किस मिशन के अंतर्गत आती है?
PAT उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन की एक पहल है और इसका संचालन विद्युत मंत्रालय के अधीन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो करता है। अधिसूचित क्षेत्रों के कारखानों को ऊर्जा बचत के लक्ष्य मिलते हैं, और लक्ष्य से अधिक बचत करने वाली इकाई को व्यापार योग्य ऊर्जा बचत प्रमाणपत्र मिलते हैं।
जलवायु परिवर्तन पर राज्य कार्ययोजना क्या है?
यह किसी राज्य या संघ राज्यक्षेत्र की अपनी जलवायु योजना है, जो आठ राष्ट्रीय मिशनों के अनुरूप बनती है परंतु उसकी वर्षा, फसलों, वनों और तट के अनुसार ढाली जाती है। ये योजनाएँ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ तैयार होती हैं और राज्य में अनुकूलन व्यय का मार्गदर्शन करती हैं।
भारत का नेट ज़ीरो लक्ष्य वर्ष क्या है और यह कहाँ घोषित हुआ?
भारत ने 2070 तक नेट ज़ीरो उत्सर्जन की घोषणा की है। यह लक्ष्य प्रधानमंत्री ने 2021 में ग्लासगो के COP26 में पंचामृत नामक पाँच संकल्पों में अंतिम के रूप में घोषित किया था, जिनमें गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता, नवीकरणीय हिस्सेदारी और अर्थव्यवस्था की कार्बन तीव्रता के लक्ष्य भी थे।
स्रोत
- जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्ययोजना और राष्ट्रीय मिशन — पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार
- पेरिस समझौते के अंतर्गत भारत का संशोधित प्रथम राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान, अगस्त 2022 — जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन
- उन्नत ऊर्जा दक्षता राष्ट्रीय मिशन तथा परफॉर्म, अचीव एंड ट्रेड योजना — ऊर्जा दक्षता ब्यूरो, विद्युत मंत्रालय





