Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 26 Jul 2025, Shift 2आसान
- A.a - iii, b - i, c - iv, d - ii
- B.a - iv, b - i, c - iii, d - ii
- C.a - iii, b - iv, c - ii, d - i
- D.a - ii, b - i, c - iv, d - iii
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. a - ii, b - i, c - iv, d - iii
व्याख्या
सही उत्तर है D, a - ii, b - i, c - iv, d - iii। उत्तराखंड का कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है; यह 1936 में हेली नेशनल पार्क के नाम से बना और 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर का पहला रिज़र्व बना। पश्चिम बंगाल का सुंदरबन राष्ट्रीय उद्यान गंगा–ब्रह्मपुत्र डेल्टा में है, यहाँ दुनिया का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है और यह रॉयल बंगाल टाइगर के लिए प्रसिद्ध है; यह यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है। मध्य प्रदेश के उमरिया ज़िले का बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान भारत में बाघों के सबसे अधिक घनत्व वाले क्षेत्रों में है, और रीवा के सफ़ेद बाघ पहले इसी इलाके में मिले थे। राजस्थान के अलवर ज़िले के सरिस्का में 2005 तक सारे बाघ खत्म हो गए थे, और 2008 से रणथंभौर से बाघ लाकर बसाए गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि इसमें कॉर्बेट को राजस्थान और सरिस्का को उत्तराखंड में बताया गया है। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें कॉर्बेट को मध्य प्रदेश और बांधवगढ़ को राजस्थान में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सुंदरबन को मध्य प्रदेश और सरिस्का को पश्चिम बंगाल में रखा गया है। परीक्षा टिप: कॉर्बेट उत्तराखंड, सुंदरबन पश्चिम बंगाल, बांधवगढ़ मध्य प्रदेश, सरिस्का और रणथंभौर राजस्थान।
Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 10 Feb 2025, Shift 1आसान
- A.इम्पाला की आबादी स्थिर रहेगी।
- B.इम्पाला हमेशा खुशी से रहेंगे।
- C.घास के मैदान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- D.अधिक आबादी के कारण इम्पाला भुखमरी से मर जाएंगे।
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. अधिक आबादी के कारण इम्पाला भुखमरी से मर जाएंगे।
व्याख्या
सही उत्तर है D, अधिक आबादी के कारण इम्पाला भुखमरी से मर जाएंगे। इस खाद्य श्रृंखला में घास उत्पादक है, इम्पाला शाकाहारी है और लकड़बग्घा वह शिकारी है जो इम्पाला की संख्या को नियंत्रण में रखता है। अगर सभी लकड़बग्घे हटा दिए जाएं तो इम्पाला तेजी से बढ़ेंगे, क्योंकि उनका शिकार करने वाला कोई नहीं रहेगा। बढ़ा हुआ झुंड घास के मैदान को इतना चर जाएगा कि भोजन कम पड़ जाएगा, और फिर बहुत से इम्पाला भूख से मरेंगे और उनकी संख्या अचानक गिर जाएगी। शीर्ष शिकारी हटाने पर नीचे के हर स्तर पर पड़ने वाले इस असर को ट्रॉफिक कैस्केड कहते हैं। A गलत है क्योंकि शिकारी के बिना इम्पाला की आबादी स्थिर नहीं रह सकती, पहले वह तेजी से बढ़ती है। B गलत है क्योंकि इम्पाला का अच्छा समय घास खत्म होने तक ही रहता है। C गलत है क्योंकि ज्यादा चराई से सबसे पहले घास का मैदान ही बर्बाद होता है। परीक्षा टिप: शिकारी हटाओ, शिकार बढ़ता है, भोजन खत्म होता है और शिकार भूखा मरता है; हर स्तर पर लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ही आगे जाती है।
Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: हरियाणा · HSSC Police Constable, 25 Aug 2024आसान
- A.विलुप्त प्रजातियाँ
- B.लुप्तप्राय प्रजातियाँ
- C.सामान्य प्रजातियाँ
- D.आक्रामक प्रजातियाँ
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. लुप्तप्राय प्रजातियाँ
व्याख्या
सही उत्तर है B, लुप्तप्राय प्रजातियाँ। रेड डाटा बुक वह स्रोत पुस्तक है, जिसमें लुप्तप्राय जीव-जंतुओं, पौधों और कवकों का रिकॉर्ड रखा जाता है, ताकि सरकारें और संरक्षणकर्ता जान सकें कि किन जीवित प्रजातियों पर खत्म होने का सबसे अधिक खतरा है। यह अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) की रेड लिस्ट से जुड़ी है; IUCN की स्थापना 1948 में हुई थी और इसका मुख्यालय स्विट्ज़रलैंड के ग्लैंड में है। खतरे वाली प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त, संकटग्रस्त और सुभेद्य जैसी श्रेणियों में रखा जाता है, जिन्हें मिलाकर संकटापन्न प्रजातियाँ कहते हैं। भारत समेत कई देश अपनी स्थानीय प्रजातियों के लिए अपनी रेड डाटा बुक भी बनाते हैं, और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण भारतीय पौधों के लिए इसे तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह पुस्तक जीवित प्रजातियों को बचाने के लिए है; विलुप्त प्रजातियाँ बचाई नहीं जा सकतीं और वे इसका मुख्य रिकॉर्ड नहीं हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सामान्य प्रजातियों पर कोई खतरा नहीं होता। विकल्प D गलत है, क्योंकि जलकुंभी जैसी आक्रामक प्रजातियाँ बाहर से आकर नुकसान करती हैं और उनकी अलग सूचियाँ बनती हैं। परीक्षा टिप: रेड डाटा बुक यानी लुप्तप्राय प्रजातियाँ; IUCN का मुख्यालय ग्लैंड, स्विट्ज़रलैंड, स्थापना 1948।
Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ALP · CBT-1, 25 Nov 2024, Shift 3आसान
- A.प्राथमिक उपभोक्ता
- B.उत्पादक
- C.द्वितीयक उपभोक्ता
- D.तृतीयक उपभोक्ता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. उत्पादक
व्याख्या
सही उत्तर है B, उत्पादक। हरे पौधे और शैवाल जैसे उत्पादक पारितंत्र में सबसे अधिक संख्या में होते हैं, क्योंकि बाकी सभी जीव भोजन के लिए इन्हीं पर निर्भर हैं। ये सूर्य के प्रकाश से प्रकाश संश्लेषण करके अपना भोजन खुद बनाते हैं, इसलिए हर खाद्य श्रृंखला का पहला पोषी स्तर यही होते हैं। एक स्तर से अगले स्तर तक केवल लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा पहुँचती है (लिंडेमान का 10 प्रतिशत नियम), इसलिए ऊपर के हर स्तर पर कम जीव टिक पाते हैं। इसी से घास के मैदान में संख्या का सीधा पिरामिड बनता है: बहुत सारे घास के पौधे, उनसे कम टिड्डे, उनसे कम मेंढक और सबसे कम साँप व बाज़। A गलत है क्योंकि प्राथमिक उपभोक्ता यानी शाकाहारी जीव उत्पादकों को खाते हैं और उनसे कम होते हैं। C गलत है क्योंकि द्वितीयक उपभोक्ता यानी छोटे मांसाहारी और भी कम होते हैं। D गलत है क्योंकि बाघ या चील जैसे शीर्ष मांसाहारी तृतीयक उपभोक्ता सबसे कम होते हैं। परीक्षा टिप: उत्पादक → प्राथमिक → द्वितीयक → तृतीयक उपभोक्ता; हर चरण पर लगभग 90 प्रतिशत ऊर्जा खर्च हो जाती है; एक पेड़ वाले पारितंत्र में संख्या का पिरामिड उल्टा होता है।
Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 17 Dec 2024, Shift 2आसान
- A.क्षारीय वर्षा
- B.अम्लीय वर्षा
- C.खनिज वर्षा
- D.कठोर जल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अम्लीय वर्षा
व्याख्या
सही उत्तर है B, अम्लीय वर्षा। जिस वर्षा जल का pH 5.6 से कम हो, उसे अम्लीय वर्षा कहते हैं। साफ़ बारिश भी थोड़ी अम्लीय होती है (pH लगभग 5.6), क्योंकि हवा की कार्बन डाइऑक्साइड उसमें घुलकर कमज़ोर कार्बोनिक अम्ल बनाती है; इसीलिए सीमा 7 नहीं, 5.6 मानी जाती है। कोयला आधारित बिजलीघरों, कारख़ानों और वाहनों से निकली सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जलवाष्प से मिलकर सल्फ्यूरिक और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जिससे बारिश और अम्लीय हो जाती है। अम्लीय वर्षा संगमरमर और धातुओं को गलाती है, झीलों की मछलियों को मारती है और मिट्टी व वनों को नुकसान पहुँचाती है। भारत में इसका सबसे चर्चित उदाहरण ताजमहल के सफ़ेद संगमरमर को होने वाला नुकसान है, जिसे 'मार्बल कैंसर' कहा जाता है। A गलत है क्योंकि क्षारीय वर्षा का pH 7 से अधिक होता। C गलत है क्योंकि 'खनिज वर्षा' कोई वैज्ञानिक शब्द नहीं है। D गलत है क्योंकि कठोर जल में कैल्शियम और मैग्नीशियम के लवण घुले होते हैं; यह वर्षा की अम्लता का माप नहीं है। परीक्षा टिप: वर्षा का pH 5.6 से कम = अम्लीय वर्षा; ज़िम्मेदार SO₂ और NOₓ; नुकसान संगमरमर को, जैसे ताजमहल।
Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 2आसान
- A.यह पौधों की वृद्धि को बढ़ावा देता है।
- B.इससे जल प्रदूषण बढ़ता है।
- C.यह परत हमें हानिकारक विकिरण से बचाती है।
- D.यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह परत हमें हानिकारक विकिरण से बचाती है।
व्याख्या
सही उत्तर है C, यह परत हमें हानिकारक विकिरण से बचाती है। ओज़ोन परत सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से हमारी रक्षा करती है, इसलिए इसके पतला होने पर यह सुरक्षा कम हो जाती है। यह परत समतापमंडल (stratosphere) में धरती से लगभग 15 से 35 किमी ऊपर है और अधिकांश UV-B तथा UV-C विकिरण को सोख लेती है। ज़मीन तक अधिक UV पहुँचने से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद और कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता जैसी समस्याएँ बढ़ती हैं, और फसलों तथा समुद्री प्लवकों को भी नुकसान होता है। इसके मुख्य दोषी क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFC) हैं, जो पहले फ्रिज, एसी और एरोसोल स्प्रे में इस्तेमाल होते थे; क्लोरीन का एक परमाणु हज़ारों ओज़ोन अणु नष्ट कर सकता है। 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल ने इन रसायनों को चरणबद्ध रूप से बंद कराया। A गलत है क्योंकि अधिक UV पौधों को नुकसान पहुँचाता है और पैदावार घटाता है। B गलत है क्योंकि ओज़ोन क्षरण का संबंध विकिरण से है, जल प्रदूषण से नहीं। D गलत है क्योंकि इससे मिट्टी की उर्वरता नहीं बढ़ती। परीक्षा टिप: ओज़ोन परत = समतापमंडल में धरती का सनस्क्रीन; CFC इसे नुकसान पहुँचाते हैं; मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल 1987; विश्व ओज़ोन दिवस 16 सितंबर।
Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान
- A.फसल का खेत
- B.एक्वेरियम (जलजीवशाला)
- C.बगीचा
- D.वन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. वन
व्याख्या
सही उत्तर है D, वन। वन बिना किसी मानवीय प्रयास के अपने आप बनता और चलता है, इसलिए यह प्राकृतिक पारितंत्र है। इसके पौधे प्रकाश संश्लेषण से भोजन बनाते हैं, जंतु पौधों को या एक-दूसरे को खाते हैं, और कवक व जीवाणु मृत पदार्थों को सड़ाकर पोषक तत्व मिट्टी में लौटा देते हैं; इस तरह यह चक्र अपने आप चलता रहता है। तालाब, झील, घास का मैदान, मरुस्थल, नदी और समुद्र भी प्राकृतिक पारितंत्र हैं। जिन पारितंत्रों को मनुष्य बनाता है और जिनकी देखभाल करनी पड़ती है, वे कृत्रिम या मानव-निर्मित पारितंत्र कहलाते हैं। A गलत है क्योंकि फसल के खेत में किसान बुआई, सिंचाई, निराई और कटाई करता है। B गलत है क्योंकि एक्वेरियम मानव-निर्मित टैंक है, जिसकी नियमित सफ़ाई, भोजन और हवा की व्यवस्था करनी पड़ती है। C गलत है क्योंकि बगीचा लोग लगाते और सँभालते हैं; छोड़ देने पर वह धीरे-धीरे बदल जाता है। परीक्षा टिप: प्रकृति द्वारा बना = प्राकृतिक (वन, तालाब, मरुस्थल); मनुष्य द्वारा बनाया और सँभाला गया = कृत्रिम (खेत, एक्वेरियम, बगीचा, पार्क)।
Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper I, 21 Jan 2024, Shift 2आसान
- A.यह भूजल को पंप करके आसपास के कुओं में पहुँचाता है।
- B.यह नदियों का पानी जमा करता है।
- C.यह समुदाय आधारित वर्षा जल संग्रहण प्रणाली है।
- D.यह पानी की अशुद्धियाँ छानता है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. यह समुदाय आधारित वर्षा जल संग्रहण प्रणाली है।
व्याख्या
सही उत्तर है C, यह समुदाय आधारित वर्षा जल संग्रहण प्रणाली है। जोहड़ अर्धचंद्राकार मिट्टी का छोटा बाँध है, जिसे गाँव के लोग मिलकर वर्षा का पानी रोकने और जमा करने के लिए बनाते हैं। यह मुख्य रूप से राजस्थान और हरियाणा में बनाया जाता है, जहाँ बारिश कम होती है और साल के कुछ ही महीनों में होती है। मेड़ के पीछे रुका पानी पशुओं और खेती के काम आता है, और इसका बड़ा हिस्सा ज़मीन में रिसकर कुओं को फिर से भरता है और भूजल स्तर ऊपर उठाता है। राजस्थान के अलवर ज़िले में तरुण भारत संघ के साथ मिलकर गाँव वालों ने बहुत-से जोहड़ बनाए, और सूख चुकी अरवरी नदी फिर से बहने लगी। A गलत है क्योंकि जोहड़ भूजल को पंप नहीं करता, बल्कि उसे फिर से भरने में मदद करता है। B गलत है क्योंकि यह ज़मीन पर बहकर आने वाला वर्षा जल जमा करता है, नदियों से लिया गया पानी नहीं। D गलत है क्योंकि जोहड़ पानी जमा करने का ढाँचा है, पानी छानने का यंत्र नहीं। परीक्षा टिप: जोहड़ – राजस्थान और हरियाणा; कुल – पश्चिमी हिमालय; बाँस ड्रिप सिंचाई – मेघालय; ज़िंग – लद्दाख।
Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper II SST, 14 Dec 2024, Shift 1आसान
- A.5 मई
- B.5 जून
- C.5 जुलाई
- D.5 अगस्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 5 जून
व्याख्या
सही उत्तर है B, 5 जून। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1972 में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित किया, और 1974 से यह हर साल मनाया जा रहा है। यह तारीख 5 से 16 जून 1972 तक स्टॉकहोम में हुए संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के पहले दिन की याद दिलाती है, जो पर्यावरण पर दुनिया की पहली बड़ी बैठक थी। इसी सम्मेलन से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, यानी UNEP, बना, जो हर साल इस दिन के आयोजन की अगुवाई करता है। हर वर्ष इस दिन की नई थीम और नया मेज़बान देश होता है; भारत ने 2018 में 'प्लास्टिक प्रदूषण को हराएँ' थीम के साथ इसकी मेज़बानी की थी। A गलत है क्योंकि मई की मुख्य पर्यावरण तारीख 22 मई, अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस है। C गलत है क्योंकि जुलाई में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस आता है, पर्यावरण दिवस नहीं। D गलत है क्योंकि 5 अगस्त का इस दिवस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 22 अप्रैल – पृथ्वी दिवस; 22 मई – जैव विविधता दिवस; 5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस; 16 सितंबर – विश्व ओज़ोन दिवस।
Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper II Maths & Science, 21 Jan 2024आसान
- A.(d) और (e)
- B.(a) और (b)
- C.(b) और (c)
- D.(c) और (d)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. (d) और (e)
व्याख्या
सही उत्तर है A, (d) और (e)। सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रिक ऑक्साइड ही अम्ल वर्षा के लिए ज़िम्मेदार गैसें हैं। बिजलीघरों, कारखानों और वाहनों में कोयला, पेट्रोल और डीज़ल जलने पर सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रिक ऑक्साइड जैसे नाइट्रोजन के ऑक्साइड निकलते हैं। ये गैसें बादलों की पानी की बूँदों में घुलकर सल्फ्यूरिक अम्ल और नाइट्रिक अम्ल बनाती हैं, जो वर्षा के साथ नीचे आते हैं। अम्ल वर्षा फसलों, मिट्टी, झीलों और जंगलों को नुकसान पहुँचाती है और इमारतों व स्मारकों को गला देती है। NCERT की कक्षा 8 की विज्ञान की किताब बताती है कि अम्ल वर्षा आगरा के ताजमहल के सफेद संगमरमर को गला रही है, जिसे संगमरमर कैंसर कहते हैं, और इसके स्रोतों में आगरा के आसपास के उद्योग तथा मथुरा रिफाइनरी शामिल हैं। B गलत है क्योंकि नाइट्रोजन और ऑक्सीजन हवा की मुख्य और हानिरहित गैसें हैं। C गलत है क्योंकि ऑक्सीजन और ओज़ोन वे अम्ल नहीं बनातीं जो अम्ल वर्षा में गिरते हैं। D गलत है क्योंकि इसमें सल्फर डाइऑक्साइड के साथ ओज़ोन जोड़ी गई है, जो अम्ल वर्षा का कारण नहीं है। परीक्षा टिप: अम्ल वर्षा – सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड; संगमरमर कैंसर – ताजमहल।
Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम
- A.अंजीर
- B.महुआ
- C.चंदन
- D.सेमल (सिल्क कॉटन)
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. अंजीर
व्याख्या
सही उत्तर है A, अंजीर। अंजीर की हर प्रजाति का परागण केवल उसका अपना छोटा अंजीर ततैया (फिग वास्प) करता है, और दोनों लाखों वर्षों में साथ-साथ विकसित हुए हैं। अंजीर का 'फल' असल में एक बंद गोला, साइकोनियम, है, जिसके अंदर सैकड़ों छोटे फूल होते हैं। मादा ततैया एक छोटे छेद से अंदर घुसती है, फूलों का परागण करती है और कुछ फूलों में अंडे देती है। नए ततैये अंदर ही बड़े होते हैं, और नई मादाएँ पराग लेकर दूसरे अंजीर तक उड़ जाती हैं। ततैये के बिना अंजीर में बीज नहीं बनते और अंजीर के बिना ततैया प्रजनन नहीं कर सकता; इसे अनिवार्य सहोपकारिता कहते हैं। बरगद और पीपल जैसे अंजीर कुल के पेड़ कीस्टोन प्रजाति हैं, क्योंकि इनके फल साल भर पक्षियों और स्तनधारियों का भोजन हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि महुआ के फूलों का परागण मुख्यतः चमगादड़ और कुछ पक्षी करते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि जड़-परजीवी चंदन पर कई तरह के कीट आते हैं, केवल एक नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि सेमल का परागण मुख्यतः पक्षी करते हैं। परीक्षा टिप: अंजीर और अंजीर ततैया, सह-विकास और अनिवार्य सहोपकारिता का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण।
Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 09 Sep 2024, Shift 1आसान
- A.1985
- B.1973
- C.1972
- D.1970
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1973
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1973। प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल 1973 को भारत सरकार ने प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल में उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान से शुरू किया, ताकि बंगाल टाइगर और उसके आवास को बचाया जा सके। इसकी शुरुआत नौ बाघ अभयारण्यों से हुई, जिनमें कॉर्बेट, कान्हा, बांदीपुर, रणथंभौर, सुंदरबन और मानस शामिल थे, और अब यह नेटवर्क पचास से ज़्यादा हो गया है। हर अभयारण्य में एक कोर क्षेत्र होता है जहाँ मानव गतिविधि नहीं होती और उसके चारों ओर एक बफर क्षेत्र। 2005 से यह परियोजना राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण चलाता है, जो वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत एक सांविधिक निकाय है, और बाघों की गणना हर चार साल में होती है। A, 1985, का बाघ कार्यक्रम से कोई संबंध नहीं। C, 1972, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का साल है, जो परियोजना से एक साल पहले आया और अक्सर इससे उलझ जाता है। D, 1970, में भारत ने बाघ के शिकार पर रोक लगाई थी। परीक्षा टिप: 1970 शिकार पर रोक, 1972 वन्यजीव अधिनियम, 1973 प्रोजेक्ट टाइगर, 1992 प्रोजेक्ट एलीफेंट।
Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 27 Jul 2023, Shift 2मध्यम
- A.तमिलनाडु
- B.मध्य प्रदेश
- C.गुजरात
- D.बिहार
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. बिहार
व्याख्या
सही उत्तर है D, बिहार। राजगीर जू सफारी बिहार के नालंदा जिले के राजगीर में है, जो प्राचीन मगध की राजधानी राजगृह के आसपास की पहाड़ियों में बसा है। यह 2022 में दर्शकों के लिए खोला गया और सफारी के रूप में बना है — लोग वाहनों में बैठकर बाड़ों से गुजरते हैं, जबकि बाघ, शेर, तेंदुए, भालू और शाकाहारी वन्यजीव खुले क्षेत्रों में विचरते हैं। इसके पास ही ग्लास ब्रिज और नेचर सफारी बनाए गए हैं, और पूरा स्थल पंत वन्यजीव अभयारण्य के वनक्षेत्र में पड़ता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि तमिलनाडु का सबसे प्रसिद्ध चिड़ियाघर चेन्नई के पास वंडलूर का अरिग्नर अन्ना प्राणी उद्यान है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मध्य प्रदेश में भोपाल का वन विहार राष्ट्रीय उद्यान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि गुजरात के जूनागढ़ का सक्करबाग चिड़ियाघर एशियाई शेरों के प्रजनन के लिए जाना जाता है। परीक्षा टिप: जू सफारी और ग्लास ब्रिज के लिए बिहार का राजगीर याद रखें, और राजगृह को मगध की पहली राजधानी के रूप में।
Q14.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 03 Dec 2023, S1आसान
- A.गिर राष्ट्रीय उद्यान
- B.काज़ीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
- C.जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
- D.राजाजी राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
व्याख्या
सही उत्तर है C, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान। यह भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान है, जिसे 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से आज के उत्तराखंड के नैनीताल क्षेत्र में स्थापित किया गया था। बाद में इसे रामगंगा राष्ट्रीय उद्यान कहा गया और 1950 के दशक में प्रसिद्ध शिकारी से प्रकृतिवादी बने जिम कॉर्बेट के सम्मान में इसका नाम बदला गया, जिन्होंने 'मैन-ईटर्स ऑफ़ कुमाऊँ' लिखी थी। 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर यहीं से शुरू हुआ, और यह उद्यान हिमालय की तलहटी में रामगंगा नदी के किनारे फैला है। विकल्प A गलत है, क्योंकि एशियाई शेरों का अंतिम घर, गुजरात का गिर, 1975 में जाकर राष्ट्रीय उद्यान बना। विकल्प B गलत है, क्योंकि एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध असम का काज़ीरंगा 1974 में राष्ट्रीय उद्यान बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि उत्तराखंड का राजाजी राष्ट्रीय उद्यान 1983 में तीन अभयारण्यों को मिलाकर बनाया गया। परीक्षा टिप: पहला राष्ट्रीय उद्यान हेली (1936) से रामगंगा और फिर जिम कॉर्बेट कहलाया, और प्रोजेक्ट टाइगर 1973 में यहीं से शुरू हुआ।
Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान
- A.पानी का दाब
- B.जल का तापमान
- C.जल की अम्लता
- D.जल की आविलता (टर्बिडिटी)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. जल की आविलता (टर्बिडिटी)
व्याख्या
सही उत्तर है D, जल की आविलता (टर्बिडिटी)। NTU का पूरा नाम नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट है। नेफेलोमीटर पानी के नमूने में प्रकाश की किरण डालकर मापता है कि उसमें घुले न होकर तैरते कण, जैसे मिट्टी, गाद, शैवाल और सूक्ष्मजीव, कितना प्रकाश किनारे की ओर बिखेरते हैं; जितना अधिक बिखराव, पानी उतना ही अधिक गंदला या आविल। पीने के पानी के लिए आविलता की जाँच बहुत ज़रूरी है, क्योंकि ये कण कीटाणुओं को क्लोरीन और दूसरे कीटाणुनाशकों से बचा लेते हैं, इसलिए जल आपूर्ति विभाग घरों तक पहुँचने से पहले इसे बहुत कम रखने की कोशिश करते हैं। नदी या झील में अधिक आविलता जलीय पौधों तक पहुँचने वाली धूप भी रोक देती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि पानी का दाब पास्कल या बार जैसी इकाइयों में मापा जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तापमान डिग्री सेल्सियस या केल्विन में मापा जाता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अम्लता pH पैमाने पर दिखाई जाती है, जिसमें 7 उदासीन है और 7 से कम मान अम्लीय हैं। परीक्षा टिप: NTU = आविलता (गंदलापन); pH = अम्लता; BOD = जैविक प्रदूषण, मिलीग्राम प्रति लीटर में।
Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 21 May 2023मध्यम
- A.पारा प्रदूषण
- B.कैडमियम प्रदूषण
- C.आर्सेनिक प्रदूषण
- D.नाइट्रेट प्रदूषण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कैडमियम प्रदूषण
व्याख्या
सही उत्तर है B, कैडमियम प्रदूषण। इटाई-इटाई रोग लंबे समय तक कैडमियम विषाक्तता से होता है; यह पहली बार लगभग 1912 में जापान के तोयामा क्षेत्र में देखा गया, जहाँ ऊपर की खदानों से निकला कैडमियम जिंत्सू नदी में मिला और गाँव वालों के चावल और पानी में जमा होता गया। कैडमियम गुर्दों को नुकसान पहुँचाता है और हड्डियों को नरम व भुरभुरा बना देता है, इसलिए मरीज़ों को बार-बार फ्रैक्चर और रीढ़ व जोड़ों में तेज़ दर्द होता था; जापानी में इस नाम का अर्थ है ‘दर्द होता है, दर्द होता है’। यह जापान के चार बड़े प्रदूषण रोगों में से एक बना। विकल्प A गलत है, क्योंकि पारा प्रदूषण से मिनामाटा रोग होता है, जो जापान में ही मिथाइल पारे से दूषित खाड़ी की मछलियाँ खाने से फैला। विकल्प C गलत है, क्योंकि भूजल में आर्सेनिक से आर्सेनिकोसिस होता है, जिसमें त्वचा पर घाव और कैंसर होते हैं, जैसा पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में देखा गया। विकल्प D गलत है, क्योंकि पीने के पानी में ज़्यादा नाइट्रेट से शिशुओं में ब्लू बेबी सिंड्रोम, यानी मेथीमोग्लोबिनीमिया, होता है। परीक्षा टिप: कैडमियम–इटाई-इटाई, पारा–मिनामाटा, नाइट्रेट–ब्लू बेबी, फ्लोराइड–फ्लोरोसिस।
Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Pre GS, 17 Dec 2023मध्यम
- A.b d a c
- B.b a d c
- C.b d c a
- D.d b a c
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. b d a c
व्याख्या
सही उत्तर है A, b d a c। नोकरेक जैव आरक्षित क्षेत्र मेघालय की गारो पहाड़ियों में है; मानस असम में भूटान सीमा के पास है; सिमलीपाल ओडिशा के मयूरभंज ज़िले में है; और शेषाचलम आंध्र प्रदेश के पूर्वी घाट में है। नोकरेक जंगली नींबू प्रजातियों के जीन भंडार के रूप में महत्वपूर्ण है, मानस बाघ अभयारण्य होने के साथ विश्व धरोहर स्थल भी है, सिमलीपाल अपने बाघों और जलप्रपातों के लिए जाना जाता है, और शेषाचलम की पहाड़ियाँ लाल चंदन के पेड़ का घर हैं। भारत ने यूनेस्को के मानव और जैवमंडल (MAB) कार्यक्रम के तहत जैव आरक्षित क्षेत्र बनाने शुरू किए, और 1986 में बना नीलगिरि जैव आरक्षित क्षेत्र पहला था। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें मानस को ओडिशा में और सिमलीपाल को असम में रखा गया है। विकल्प C गलत है, क्योंकि इसमें सिमलीपाल को आंध्र प्रदेश में और शेषाचलम को ओडिशा में रखा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इसमें नोकरेक और मानस के राज्य आपस में बदल दिए गए हैं। परीक्षा टिप: नोकरेक–मेघालय, मानस–असम, सिमलीपाल–ओडिशा, शेषाचलम–आंध्र प्रदेश, और पहला नीलगिरि (1986)।
Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: बिहार · BPSC 69th CCE Pre, 30 Sep 2023आसान
- A.1 और 4
- B.2 और 3
- C.1 और 3
- D.2 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 और 4
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1 और 4। वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान और भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य दोनों बिहार में हैं, जबकि बाकी दो दूसरे राज्यों में हैं। अपने बाघ अभयारण्य के साथ वाल्मीकि राष्ट्रीय उद्यान बिहार के सुदूर उत्तर-पश्चिम में पश्चिम चंपारण जिले में, नेपाल सीमा पर है, जहाँ यह नेपाल के चितवन राष्ट्रीय उद्यान से सटा है। इसका नाम महर्षि वाल्मीकि पर है, जिनका आश्रम इसी वन में माना जाता है। भीमबांध वन्यजीव अभयारण्य दक्षिण बिहार के मुंगेर जिले में है और अपने गर्म जल के झरनों के लिए जाना जाता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि दुधवा और गजनेर, दोनों बिहार से बाहर हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि गजनेर वन्यजीव अभयारण्य राजस्थान के थार मरुस्थल में बीकानेर के पास है। विकल्प D गलत है, क्योंकि दुधवा राष्ट्रीय उद्यान उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में है और बारहसिंगा के लिए प्रसिद्ध है। परीक्षा टिप: वाल्मीकि उत्तर बिहार के पश्चिम चंपारण में, भीमबांध दक्षिण बिहार के मुंगेर में; दुधवा उत्तर प्रदेश में और गजनेर राजस्थान में।
Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान
- A.कार्बन डाइऑक्साइड
- B.जलवाष्प
- C.सीएफसी
- D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
व्याख्या
सही उत्तर है D, उपर्युक्त में से एक से अधिक। कार्बन डाइऑक्साइड, जलवाष्प और सीएफसी, तीनों ग्रीनहाउस गैसें हैं, क्योंकि ये पृथ्वी से निकलने वाली गर्मी को रोककर निचले वायुमंडल को गर्म करती हैं। हवा में सबसे ज़्यादा मात्रा वाली ग्रीनहाउस गैस जलवाष्प है, जबकि कोयला, तेल और गैस जलाने से निकलने वाली कार्बन डाइऑक्साइड वह मुख्य गैस है जिसे इंसान लगातार बढ़ा रहा है। पहले फ्रिज और एयरोसोल स्प्रे में इस्तेमाल होने वाली सीएफसी दोहरा नुकसान करती है: यह गर्मी भी रोकती है और ओज़ोन परत को भी नष्ट करती है, इसलिए 1987 के मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल से इसे चरणबद्ध तरीके से हटाया गया। मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड भी अहम ग्रीनहाउस गैसें हैं। विकल्प A अधूरा है, क्योंकि गर्मी रोकने वाली गैसों में कार्बन डाइऑक्साइड केवल एक है। विकल्प B अधूरा है, क्योंकि जलवाष्प भी गर्मी रोकती है, पर यहाँ वह अकेली ऐसी गैस नहीं है। विकल्प C अधूरा है, क्योंकि सीएफसी ग्रीनहाउस गैस है, पर बाकी दोनों भी हैं। परीक्षा टिप: मुख्य ग्रीनहाउस गैसें हैं जलवाष्प, कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और सीएफसी।
Q20.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023कठिन
- A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या है
- B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, किंतु कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
- C.कथन-I सही है, किंतु कथन-II गलत है
- D.कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है
व्याख्या
सही उत्तर है D, कथन-I गलत है, किंतु कथन-II सही है। वर्षावन की मिट्टी असल में पोषक तत्वों में गरीब होती है, भले ही उसके ऊपर का जंगल धरती पर सबसे समृद्ध हो। गर्मी और भारी वर्षा से गिरी पत्तियाँ कुछ ही हफ्तों में सड़ जाती हैं, और निकले पोषक तत्व पेड़ों की घनी जड़ें और कवक लगभग तुरंत सोख लेते हैं। इसलिए ज्यादातर पोषक तत्व मिट्टी में नहीं, जीवित जैवभार में जमा रहते हैं, और सतह पर ह्यूमस की केवल पतली परत होती है। लगातार बारिश निक्षालन (लीचिंग) से खनिजों को नीचे बहा देती है, जिससे लाल, अम्लीय, लैटेराइट जैसी मिट्टी बचती है जिसमें मुख्यतः लोहे और एल्युमिनियम के ऑक्साइड होते हैं। इसी कारण साफ की गई वर्षावन भूमि कुछ फसलों के बाद उपजाऊपन खो देती है। कथन-II सही है, क्योंकि गर्म और नम जलवायु ठीक यही तेज अपघटन करती है। विकल्प A और B गलत हैं, क्योंकि कथन-I असत्य है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह सही और गलत कथन को उलट देता है। परीक्षा टिप: वर्षावन में पोषक तत्व पेड़ों में होते हैं, मिट्टी में नहीं; ठंडे वनों में सड़न धीमी होने से मिट्टी में अधिक रहते हैं।