भारत के टाइगर रिज़र्व: राज्यवार सूची और प्रमुख तथ्य
भारत के टाइगर रिज़र्व पर परीक्षोपयोगी नोट्स: 1973 का प्रोजेक्ट टाइगर, पहले नौ रिज़र्व, एनटीसीए, कोर तथा बफर क्षेत्र और रिज़र्व की राज्यवार सूची।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

टाइगर रिज़र्व वह संरक्षित क्षेत्र है जिसे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की सिफारिश पर राज्य सरकार अधिसूचित करती है और जिसका प्रबंधन दो परतों में होता है: कोर या क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट, जो मानवीय गतिविधियों से मुक्त रखा जाता है, और बफर क्षेत्र, जहां मनुष्य और वन्यजीव साथ रहते हैं। यह जाल 1973 के प्रोजेक्ट टाइगर से आरंभ हुआ और आज शिवालिक, मध्य भारत, पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर तथा सुंदरबन के मैंग्रोव वनों तक फैला है। पश्चिम बंगाल के बक्सा टाइगर रिज़र्व में बाघिन छोड़े जाने के समाचार से यह विषय फिर चर्चा में है, परंतु परीक्षा वही पुराने और स्थिर तथ्य पूछती है: प्रोजेक्ट टाइगर का वर्ष, आरंभिक रिज़र्व, कार्यक्रम चलाने वाला प्राधिकरण और प्रसिद्ध रिज़र्व किस राज्य में हैं।
प्रोजेक्ट टाइगर और एनटीसीए
प्रोजेक्ट टाइगर भारत सरकार ने 1 अप्रैल 1973 को आरंभ किया, जब सिंह के स्थान पर बाघ को राष्ट्रीय पशु घोषित किया गया था और गणना ने संख्या में भारी गिरावट दिखाई थी। इसकी शुरुआत नौ रिज़र्व से हुई: उत्तराखंड का कॉर्बेट, मध्य प्रदेश का कान्हा, राजस्थान का रणथंभौर, कर्नाटक का बांदीपुर, महाराष्ट्र का मेलघाट, ओडिशा का सिमलीपाल, वर्तमान झारखंड का पलामू, असम का मानस और पश्चिम बंगाल का सुंदरबन। यह केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसमें अधिकांश व्यय केंद्र वहन करता है और कार्य राज्य वन विभाग करते हैं।
2004 और 2005 में सरिस्का के बाघों के लुप्त होने की जानकारी ने व्यवस्था बदल दी। 2005 की बाघ कार्यदल ने सांविधिक प्राधिकरण की सिफारिश की और वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006 ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण तथा वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो का गठन किया; प्राधिकरण का अध्यक्ष केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री होता है। अधिनियम की धारा 38ण तथा 38व इसे शक्तियां देती हैं: कोई राज्य प्राधिकरण और राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्वीकृति के बिना न किसी टाइगर रिज़र्व को अधिसूचना से बाहर कर सकता है, न कोर क्षेत्र की सीमा बदल सकता है। प्रत्येक रिज़र्व के लिए बाघ संरक्षण योजना बनाना अनिवार्य है और पर्यटन से मिली आय को संरक्षण में लगाने के लिए बाघ संरक्षण प्रतिष्ठान बनाया जा सकता है।
बाघों की गणना कैसे होती है
अखिल भारतीय बाघ आकलन प्रत्येक चार वर्ष में एनटीसीए, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून और राज्य वन विभागों द्वारा किया जाता है। इसमें पैदल चिह्न सर्वेक्षण, कैमरा ट्रैप और सांख्यिकीय द्वि-प्रतिचयन का संयोजन होता है, और प्रत्येक बाघ की पहचान उसकी धारियों के अनूठे प्रतिरूप से होती है, अतः यह अनुमान छायाचित्रीय अभिलेख पर आधारित होता है। दैनिक सुरक्षा का हिसाब एम-स्ट्राइप्स से रखा जाता है, जो गश्त, दर्शन और चिह्नों को दर्ज करने वाला अनुप्रयोग है। भारत तेरह बाघ श्रेणी देशों में से एक है और 2010 के सेंट पीटर्सबर्ग शिखर सम्मेलन में इन देशों ने जंगली बाघों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य अपनाया, जिसे भारत ने अपने 2018 के चक्र में समय से पहले प्राप्त कर लेने की घोषणा की। विश्व बाघ दिवस 29 जुलाई को मनाया जाता है और बाघ पर एकमात्र अंतरसरकारी संस्था ग्लोबल टाइगर फोरम का सचिवालय नई दिल्ली में है।
प्रमुख टाइगर रिज़र्व की राज्यवार सूची
| राज्य | टाइगर रिज़र्व |
|---|---|
| उत्तराखंड | कॉर्बेट, राजाजी |
| उत्तर प्रदेश | दुधवा, पीलीभीत, अमानगढ़ |
| राजस्थान | रणथंभौर, सरिस्का, मुकुंदरा हिल्स, रामगढ़ विषधारी |
| मध्य प्रदेश | कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, पेंच, संजय-दुबरी |
| महाराष्ट्र | मेलघाट, ताडोबा-अंधारी, पेंच, सह्याद्री, बोर, नवेगांव-नागज़ीरा |
| छत्तीसगढ़ | इंद्रावती, उदंती-सीतानदी, अचानकमार |
| कर्नाटक | बांदीपुर, नागरहोल, भद्रा, काली, बिलिगिरि रंगास्वामी मंदिर |
| केरल | पेरियार, परंबिकुलम |
| तमिलनाडु | कलक्कड़-मुंडनथुराई, मुदुमलाई, अन्नामलाई, सत्यमंगलम |
| आंध्र प्रदेश और तेलंगाना | नागार्जुनसागर-श्रीशैलम, अमराबाद, कवाल |
| ओडिशा | सिमलीपाल, सतकोसिया |
| पश्चिम बंगाल | सुंदरबन, बक्सा |
| असम | मानस, काजीरंगा, नामेरी, ओरांग |
| अरुणाचल प्रदेश | नामदफा, पक्के, कमलांग |
| बिहार और झारखंड | बिहार में वाल्मीकि, झारखंड में पलामू |
| मिज़ोरम | डंपा |
वे रिज़र्व जिन पर प्रश्न बनते हैं
- उत्तराखंड का कॉर्बेट 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के रूप में घोषित हुआ और भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान है; यह पहले नौ टाइगर रिज़र्व में भी था।
- आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फैला नागार्जुनसागर-श्रीशैलम क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व है, जबकि महाराष्ट्र का बोर सबसे छोटा।
- पश्चिम बंगाल का सुंदरबन विश्व का एकमात्र मैंग्रोव बाघ आवास है और जैवमंडल रिज़र्व तथा विश्व धरोहर स्थल भी है।
- राजस्थान का सरिस्का 2005 तक अपने सभी बाघ खो देने और उसके बाद हुए पहले बाघ स्थानांतरण के लिए याद किया जाता है; मध्य प्रदेश के पन्ना में भी इसी प्रकार बाघ बसाए गए।
- 1983 में अधिसूचित बक्सा भूटान सीमा से लगा है और डुआर्स के रास्ते मानस से गलियारा बनाता है, इसीलिए वहां बाघों की स्थिति पर निरंतर दृष्टि रहती है।
- केरल का पेरियार एक जलाशय के चारों ओर बसा है और असम का मानस विश्व धरोहर स्थल है, जो एक समय संकटग्रस्त सूची में था।
बाघ संरक्षण का आधार वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 है, जिसकी अनुसूची 1 में बाघ रखा गया है, तथा साइटीस है, जिसके परिशिष्ट 1 में होने के कारण उसका सारा अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिबंधित है। आईयूसीएन की लाल सूची में बाघ संकटग्रस्त श्रेणी में है। टाइगर रिज़र्व चीतल, सांभर और गौर जैसे शिकार आधार तथा बड़ी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों की भी रक्षा करते हैं, और यही इस प्रश्न का मानक उत्तर है कि बाघ से आगे रिज़र्व का क्या महत्व है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न प्रायः चार प्रकार के होते हैं। पहला, तिथि और योजना: प्रोजेक्ट टाइगर 1973, एनटीसीए 2006 के संशोधन से, उसी संशोधन से वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो। दूसरा, रिज़र्व और राज्य का मिलान, जिसमें पेंच तथा मेलघाट को महाराष्ट्र के स्थान पर मध्य प्रदेश, बांदीपुर को कर्नाटक के स्थान पर केरल और वाल्मीकि को बिहार के स्थान पर किसी और राज्य से जोड़ने के जाल बनते हैं। तीसरा, श्रेष्ठताएं: सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान कॉर्बेट, सबसे बड़ा रिज़र्व नागार्जुनसागर-श्रीशैलम, सबसे छोटा बोर, एकमात्र मैंग्रोव रिज़र्व सुंदरबन। चौथा, शब्दावली: कोर या क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट, बफर क्षेत्र, बाघ संरक्षण योजना, एम-स्ट्राइप्स और चार वर्षीय आकलन। कथन आधारित प्रश्न में बाघों की नवीनतम संख्या का अनुमान न लगाएं, यह याद रखें कि आकलन हर चार वर्ष में प्रकाशित होता है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| प्रोजेक्ट टाइगर का आरंभ | 1 अप्रैल 1973 |
|---|---|
| आरंभ में रिज़र्व | नौ |
| एनटीसीए का गठन | वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006 |
| एनटीसीए का अध्यक्ष | केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री |
| कोर क्षेत्र की अधिसूचना | वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 38व |
| सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व | नागार्जुनसागर-श्रीशैलम, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना |
| सबसे छोटा टाइगर रिज़र्व | बोर, महाराष्ट्र |
| सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान | कॉर्बेट, 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान |
| एकमात्र मैंग्रोव बाघ आवास | सुंदरबन, पश्चिम बंगाल |
| बक्सा टाइगर रिज़र्व | पश्चिम बंगाल, 1983 में अधिसूचित, भूटान सीमा पर |
| बाघ आकलन चक्र | प्रत्येक चार वर्ष, एनटीसीए और भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा |
| निगरानी अनुप्रयोग | एम-स्ट्राइप्स |
| विश्व बाघ दिवस | 29 जुलाई |
| ग्लोबल टाइगर फोरम मुख्यालय | नई दिल्ली |
| बाघ की विधिक स्थिति | अधिनियम 1972 की अनुसूची 1, साइटीस परिशिष्ट 1, आईयूसीएन संकटग्रस्त |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत सरकार ने प्रोजेक्ट टाइगर किस वर्ष आरंभ किया था?
- A.1972
- B.1973
- C.1980
- D.1992
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1973
व्याख्या
सही उत्तर है B, 1973। प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल 1973 को नौ रिज़र्व के साथ केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में आरंभ हुआ, जब सिंह के स्थान पर बाघ राष्ट्रीय पशु घोषित हो चुका था और गणना ने संख्या में तीव्र गिरावट दिखाई थी। विकल्प A गलत है क्योंकि 1972 वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम का वर्ष है, जिसके अंतर्गत रिज़र्व और संरक्षित क्षेत्र अधिसूचित होते हैं; पहले अधिनियम आया, फिर योजना। विकल्प C गलत है क्योंकि 1980 वन (संरक्षण) अधिनियम का वर्ष है, जो वन भूमि के अन्य उपयोग पर रोक लगाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 1992 में प्रोजेक्ट एलीफेंट आरंभ हुआ, और परीक्षक दोनों योजनाओं को साथ रखकर यह देखते हैं कि अभ्यर्थी उन्हें अलग कर पाता है या नहीं। क्रम याद रखें: 1972 अधिनियम, 1973 प्रोजेक्ट टाइगर, 1992 प्रोजेक्ट एलीफेंट और 2006 एनटीसीए।
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण का गठन किस कानून के अंतर्गत किया गया था?
- A.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- B.वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006
- C.जैविक विविधता अधिनियम, 2002
- D.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006
व्याख्या
सही उत्तर है B, वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006। सरिस्का के बाघों के लुप्त होने के बाद गठित बाघ कार्यदल की रिपोर्ट पर संसद ने 1972 के अधिनियम में 2006 में संशोधन कर अध्याय 4ख जोड़ा, जिससे राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण और वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो बने। विकल्प A गलत है क्योंकि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 भोपाल गैस त्रासदी के बाद बना छत्र कानून है और उसमें बाघ प्राधिकरण का प्रावधान नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि जैविक विविधता अधिनियम, 2002 ने चेन्नई में राष्ट्रीय जैव विविधता प्राधिकरण और जैव विविधता प्रबंधन समितियां बनाईं। विकल्प D गलत है क्योंकि वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980 वन भूमि के गैर-वन उपयोग को नियंत्रित करता है। प्राधिकरण का अध्यक्ष केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री होता है। इसी संशोधन ने बाघ संरक्षण प्रतिष्ठान और बाघ संरक्षण योजना की व्यवस्था भी दी, जिन पर अलग प्रश्न पूछे जाते हैं।
निम्नलिखित में से कौन भारत का सबसे पुराना राष्ट्रीय उद्यान और आरंभिक टाइगर रिज़र्व में से एक है?
- A.कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
- B.जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
- C.बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान
- D.काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान
व्याख्या
सही उत्तर है B, जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान। यह 1936 में हेली राष्ट्रीय उद्यान के नाम से अधिसूचित हुआ, जो भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान था, बाद में शिकारी से संरक्षणवादी बने जिम कॉर्बेट के नाम पर इसका नामकरण हुआ, और 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के नौ रिज़र्व में यह सम्मिलित था। विकल्प A गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश का कान्हा, पहले नौ रिज़र्व में होने और हार्ड ग्राउंड बारहसिंगा का घर होने के बावजूद, 1955 में राष्ट्रीय उद्यान बना। विकल्प C गलत है क्योंकि कर्नाटक का बांदीपुर भी पहले नौ में था, पर उद्यान के रूप में नया है। विकल्प D गलत है क्योंकि एक सींग वाले गैंडे के लिए प्रसिद्ध असम का काजीरंगा 2006 में टाइगर रिज़र्व बना, प्रोजेक्ट टाइगर के आरंभ से बहुत बाद। सुरक्षित जोड़ी यही है: कॉर्बेट, 1936 और उत्तराखंड।
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व कौन है?
- A.सुंदरबन टाइगर रिज़र्व
- B.नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व
- C.मेलघाट टाइगर रिज़र्व
- D.नामदफा टाइगर रिज़र्व
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व
व्याख्या
सही उत्तर है B, नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व। कृष्णा नदी के साथ नल्लामला पहाड़ियों में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फैला यह रिज़र्व क्षेत्रफल में देश का सबसे बड़ा है, और 2014 के बाद दो राज्यों में इसका बंटवारा स्वयं एक प्रश्न है। विकल्प A गलत है क्योंकि पश्चिम बंगाल का सुंदरबन विश्व का एकमात्र मैंग्रोव बाघ आवास होते हुए भी क्षेत्रफल में बहुत छोटा है। विकल्प C गलत है क्योंकि महाराष्ट्र की सतपुड़ा श्रेणी में स्थित मेलघाट, पहले नौ रिज़र्व में होने के बावजूद, सबसे बड़ा नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि चार बड़ी बिल्लियों के आवास के लिए प्रसिद्ध अरुणाचल प्रदेश का नामदफा भी छोटा है। साथ में याद रखने योग्य तथ्य सबसे छोटा रिज़र्व है, महाराष्ट्र के वर्धा जिले का बोर। साथ में यह भी याद रखें कि श्रीशैलम बांध इस रिज़र्व को विभाजित करता है, और प्रश्नपत्र कभी-कभी इसी संकेत से नाम छिपाते हैं।
भारत का सबसे छोटा टाइगर रिज़र्व कहा जाने वाला बोर टाइगर रिज़र्व किस राज्य में स्थित है?
- A.मध्य प्रदेश
- B.छत्तीसगढ़
- C.महाराष्ट्र
- D.ओडिशा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. महाराष्ट्र
व्याख्या
सही उत्तर है C, महाराष्ट्र। बोर टाइगर रिज़र्व महाराष्ट्र के वर्धा जिले में, नागपुर के निकट है और देश का सबसे छोटा टाइगर रिज़र्व है; यह उसी मध्य भारतीय परिदृश्य का भाग है जिसमें ताडोबा-अंधारी, पेंच, मेलघाट और नवेगांव-नागज़ीरा आते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि मध्य प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पन्ना, सतपुड़ा, पेंच और संजय-दुबरी हैं, बोर नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि छत्तीसगढ़ में इंद्रावती, उदंती-सीतानदी और अचानकमार हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि ओडिशा में सिमलीपाल और सतकोसिया हैं। ध्यान देने योग्य जाल पेंच है, जो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र दोनों में टाइगर रिज़र्व है, अतः केवल पेंच नाम देने वाला प्रश्न राज्य बताए बिना अपूर्ण रहता है। बोर पहले वन्यजीव अभयारण्य था और बाद में टाइगर रिज़र्व बना। अतः पुरानी सूचियों में बोर का नाम नहीं मिलता और जो अभ्यर्थी केवल पुरानी सूची पढ़ते हैं, वे यह प्रश्न छोड़ देते हैं।
बक्सा टाइगर रिज़र्व किस राज्य में स्थित है?
- A.असम
- B.पश्चिम बंगाल
- C.सिक्किम
- D.बिहार
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. पश्चिम बंगाल
व्याख्या
सही उत्तर है B, पश्चिम बंगाल। बक्सा टाइगर रिज़र्व उत्तर बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में डुआर्स क्षेत्र में, भूटान सीमा से लगा हुआ है और 1983 में अधिसूचित हुआ था। यह उत्तर बंगाल के वनों और असम के मानस के बीच गलियारा बनाता है, इसीलिए वहां बाघों की आवाजाही और उन्हें छोड़ने की घटनाओं पर विशेष दृष्टि रहती है। विकल्प A गलत है क्योंकि असम में मानस, काजीरंगा, नामेरी और ओरांग हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सिक्किम में कोई टाइगर रिज़र्व नहीं है; वहां का प्रसिद्ध संरक्षित क्षेत्र विश्व धरोहर स्थल कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान है। विकल्प D गलत है क्योंकि बिहार का टाइगर रिज़र्व वाल्मीकि है, जो नेपाल सीमा पर पश्चिम चंपारण जिले में है। पश्चिम बंगाल का दूसरा टाइगर रिज़र्व सुंदरबन है, जो विश्व का एकमात्र मैंग्रोव बाघ आवास है।
2004-05 में किस टाइगर रिज़र्व के सभी बाघ समाप्त पाए गए, जिसके बाद बाघ कार्यदल नियुक्त हुई?
- A.पन्ना
- B.सरिस्का
- C.पलामू
- D.डंपा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरिस्का
व्याख्या
सही उत्तर है B, सरिस्का। राजस्थान के अलवर जिले के इस रिज़र्व में 2004 और 2005 में पाया गया कि एक भी बाघ शेष नहीं है, जिसका कारण अवैध शिकार और कमजोर सुरक्षा था। 2005 में नियुक्त बाघ कार्यदल ने इस विफलता की जांच की और उसकी रिपोर्ट से 2006 में सांविधिक राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण बना तथा 2008 से रणथंभौर से सरिस्का में बाघों का पहला स्थानांतरण हुआ। विकल्प A गलत है, पर यह सबसे निकट का भ्रम है: मध्य प्रदेश के पन्ना ने कुछ वर्ष बाद अपने बाघ खोए और उसे भी इसी प्रकार फिर बसाया गया, अतः दोनों आपस में बदल दिए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि मूल नौ रिज़र्व में सम्मिलित पलामू में गिरावट आई, पर कार्यदल का कारण वह नहीं था। विकल्प D गलत है क्योंकि मिज़ोरम का डंपा इस प्रकरण से जुड़ा नहीं है।
विश्व बाघ दिवस प्रतिवर्ष किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.29 जुलाई
- B.5 जून
- C.3 मार्च
- D.22 मई
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 29 जुलाई
व्याख्या
सही उत्तर है A, 29 जुलाई। विश्व बाघ दिवस, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस भी कहते हैं, 2010 के सेंट पीटर्सबर्ग बाघ शिखर सम्मेलन में तय हुआ, जहां तेरह बाघ श्रेणी देशों ने जंगली बाघों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य स्वीकार किया। विकल्प B गलत है क्योंकि 5 जून विश्व पर्यावरण दिवस है, जो 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद 1973 से मनाया जा रहा है। विकल्प C गलत है क्योंकि 3 मार्च विश्व वन्यजीव दिवस है, जो 1973 में साइटीस पर हस्ताक्षर की स्मृति में मनाया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि 22 मई अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस है, जो 1992 में जैव विविधता अभिसमय के पाठ को स्वीकार किए जाने की याद दिलाता है। दिवस एक अंक के प्रश्न के प्रिय विषय हैं, अतः बाघ के लिए 29 जुलाई और हाथी के लिए 12 अगस्त साथ याद करें।
पेरियार टाइगर रिज़र्व किस राज्य में स्थित है?
- A.कर्नाटक
- B.केरल
- C.तमिलनाडु
- D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. केरल
व्याख्या
सही उत्तर है B, केरल। पेरियार टाइगर रिज़र्व केरल के इडुक्की और पथनमथिट्टा जिलों में, मुल्लापेरियार बांध से बने पेरियार जलाशय के चारों ओर है, और केरल का दूसरा टाइगर रिज़र्व परंबिकुलम है। विकल्प A गलत है क्योंकि कर्नाटक के रिज़र्व बांदीपुर, नागरहोल, भद्रा, काली और बिलिगिरि रंगास्वामी मंदिर हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि तमिलनाडु में कलक्कड़-मुंडनथुराई, मुदुमलाई, अन्नामलाई और सत्यमंगलम हैं; मुदुमलाई राज्य सीमा के पार बांदीपुर से लगा है, जो पश्चिमी घाट के प्रश्नों का सामान्य जाल है। विकल्प D गलत है क्योंकि आंध्र प्रदेश तेलंगाना के साथ नागार्जुनसागर-श्रीशैलम साझा करता है। नीलगिरि जैवमंडल रिज़र्व इनमें से कई को जोड़ता है, इसी से पड़ोसी रिज़र्व के राज्यों में भ्रम होता है। पेरियार अपने पारिस्थितिक विकास कार्यक्रम के लिए भी जाना जाता है, जिसमें पूर्व शिकारियों को पथप्रदर्शक बनाया गया, और प्रश्नपत्र इसे संरक्षण में समुदाय की भागीदारी का उदाहरण कहते हैं। जलाशय और राज्य को साथ याद रखें।
टाइगर रिज़र्व का कोर क्षेत्र किस अधिनियम के अंतर्गत क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट के रूप में अधिसूचित होता है?
- A.वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
- B.भारतीय वन अधिनियम, 1927
- C.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
- D.जैविक विविधता अधिनियम, 2002
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
व्याख्या
सही उत्तर है A, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972। इस अधिनियम की धारा 38व, जो 2006 में जोड़ी गई, राज्य सरकार से अपेक्षा करती है कि वह राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की सिफारिश पर टाइगर रिज़र्व अधिसूचित करे, जिसमें कोर या क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट अक्षुण्ण रखा जाए और बफर क्षेत्र में सहअस्तित्व की अनुमति हो, तथा बाघ संरक्षण योजना बनाई जाए। विकल्प B गलत है क्योंकि भारतीय वन अधिनियम, 1927 आरक्षित, संरक्षित और ग्राम वनों तथा इमारती लकड़ी पर शुल्क से संबंधित है। विकल्प C गलत है क्योंकि पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 वह सामान्य सक्षमकारी कानून है जिसके अंतर्गत पर्यावरण संवेदी क्षेत्र और प्रभाव आकलन नियम जारी होते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि जैविक विविधता अधिनियम, 2002 जैविक संसाधनों की पहुंच और लाभ साझेदारी से संबंधित है। धारा 38ण के अंतर्गत कोई राज्य प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना रिज़र्व को अधिसूचना से बाहर नहीं कर सकता।
निम्नलिखित में से कौन उन नौ टाइगर रिज़र्व में से एक था जिनसे प्रोजेक्ट टाइगर आरंभ हुआ?
- A.ताडोबा-अंधारी
- B.मानस
- C.पीलीभीत
- D.दुधवा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. मानस
व्याख्या
सही उत्तर है B, मानस। भूटान सीमा पर स्थित असम का मानस, जो विश्व धरोहर स्थल भी है, उन नौ रिज़र्व में था जो 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर के आरंभ पर अधिसूचित हुए; शेष थे कॉर्बेट, कान्हा, रणथंभौर, बांदीपुर, मेलघाट, सिमलीपाल, पलामू और सुंदरबन। विकल्प A गलत है क्योंकि महाराष्ट्र का ताडोबा-अंधारी बाद में जोड़ा गया, यद्यपि ताडोबा 1955 से राष्ट्रीय उद्यान था। विकल्प C गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश का पीलीभीत नया रिज़र्व है और उसे बाघों की संख्या दोगुनी करने के पहले अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए अधिक याद किया जाता है। विकल्प D गलत है क्योंकि नेपाल सीमा पर उत्तर प्रदेश का दुधवा भी पहली सूची के बाद आया। नौ नामों को याद रखने का सरल उपाय यह है कि तत्कालीन नौ राज्यों में एक-एक रिज़र्व था। इनमें पलामू तत्कालीन बिहार में और सुंदरबन पश्चिम बंगाल में था, यह राज्य परिवर्तन भी पूछा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रोजेक्ट टाइगर कब आरंभ हुआ और कितने रिज़र्व से?
प्रोजेक्ट टाइगर 1 अप्रैल 1973 को नौ टाइगर रिज़र्व के साथ आरंभ हुआ: कॉर्बेट, कान्हा, रणथंभौर, बांदीपुर, मेलघाट, सिमलीपाल, पलामू, मानस और सुंदरबन।
भारत का सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व कौन है?
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में फैला नागार्जुनसागर-श्रीशैलम क्षेत्रफल में सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व है। सबसे छोटा महाराष्ट्र के वर्धा जिले का बोर टाइगर रिज़र्व है।
टाइगर रिज़र्व के कोर और बफर क्षेत्र में क्या अंतर है?
कोर क्षेत्र वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 38व के अंतर्गत क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट के रूप में अधिसूचित होता है, मानवीय उपयोग से मुक्त रखा जाता है और केवल बाघ के लिए प्रबंधित होता है। बफर उसके चारों ओर रहता है और स्थानीय लोगों को नियंत्रित उपयोग की अनुमति देता है।
भारत में टाइगर रिज़र्व का प्रशासन कौन देखता है?
राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, जो वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006 से बनी सांविधिक संस्था है और जिसका अध्यक्ष केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री होता है। रिज़र्व राज्य चलाते हैं, पर प्राधिकरण की स्वीकृति के बिना कोई रिज़र्व अधिसूचना से बाहर नहीं किया जा सकता।
बाघ संरक्षण के इतिहास में सरिस्का का क्या महत्व है?
राजस्थान के सरिस्का में 2004 और 2005 में पाया गया कि वहां एक भी बाघ शेष नहीं है। इस संकट से 2005 की बाघ कार्यदल, 2006 में एनटीसीए का गठन और रणथंभौर से बाघ लाकर किसी रिज़र्व को फिर बसाने का पहला प्रयोग हुआ।
बक्सा टाइगर रिज़र्व किस राज्य में है?
बक्सा टाइगर रिज़र्व पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में, भूटान सीमा के पास है। 1983 में अधिसूचित यह रिज़र्व डुआर्स के वनों को असम के मानस से जोड़ता है, अतः एक महत्वपूर्ण बाघ गलियारा है।
स्रोत
- वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972, अध्याय 4ख: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण — पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय
- प्रोजेक्ट टाइगर: दिशानिर्देश तथा कोर और बफर व्यवस्था — राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण
- जीव विज्ञान, कक्षा 12, जैव विविधता और संरक्षण अध्याय — एनसीईआरटी





