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GK नोट्सपर्यावरण और पारिस्थितिकीध्वनि, तापीय और रेडियोधर्मी प्रदूषण

ध्वनि, तापीय और रेडियोधर्मी प्रदूषण: सीमाएँ और इकाइयाँ

ध्वनि, तापीय और रेडियोधर्मी प्रदूषण के परीक्षा नोट्स: डेसिबल मापक्रम, क्षेत्रवार ध्वनि सीमाएँ, घुलित ऑक्सीजन, विकिरण की इकाइयाँ तथा समस्थानिक।

लेखक · प्रकाशित · 5 मिनट

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ध्वनि, तापीय और रेडियोधर्मी प्रदूषण: सीमाएँ और इकाइयाँ — GK24 title card
ध्वनि, तापीय और रेडियोधर्मी प्रदूषण: सीमाएँ और इकाइयाँ — GK24 title card

प्रदूषण केवल वही नहीं है जो दिखाई या सूँघा जा सके। परीक्षा के पाठ्यक्रम में प्रदूषण के तीन रूप इसी कारण अलग से आते हैं कि वे अदृश्य हैं: ध्वनि, जो कोई अवशेष नहीं छोड़ती; ताप, जो जल की रासायनिक संरचना बदले बिना उसे बदल देता है; और विकिरण, जिसे किसी इंद्रिय से जाना ही नहीं जा सकता। तीनों की कानूनी परिभाषा है, तीनों की अपनी माप इकाई है, और तीनों के स्रोत, प्रभाव तथा नियंत्रण उपाय निश्चित हैं। परीक्षक इस अध्याय को पसंद करते हैं क्योंकि इसका प्रत्येक तथ्य एक पंक्ति का है: एक इकाई, एक सीमा, एक अर्धायु, या तिथि सहित एक दुर्घटना।

ध्वनि प्रदूषण और उसका मापन

ध्वनि प्रदूषण वह अवांछित ध्वनि है जिसकी तीव्रता या अवधि स्वास्थ्य, सुविधा अथवा श्रवण-शक्ति को हानि पहुँचाती है। इसकी इकाई डेसिबल है, जो अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के नाम पर रखी गई है। यह मापक्रम रैखिक नहीं, लघुगणकीय है: 10 डेसिबल की वृद्धि का अर्थ ध्वनि तीव्रता का दस गुना हो जाना है और 20 डेसिबल की वृद्धि का अर्थ सौ गुना। शून्य डेसिबल श्रवण की न्यूनतम सीमा है, सामान्य बातचीत लगभग 60 डेसिबल की होती है, व्यस्त सड़क लगभग 80 डेसिबल की, और पीड़ा की सीमा लगभग 120 से 130 डेसिबल है। लगभग 85 डेसिबल से ऊपर लगातार रहने पर भीतरी कान की रोम कोशिकाएँ क्षतिग्रस्त होती हैं, पहले अस्थायी रूप में और फिर स्थायी बहरेपन के रूप में। नियमन के लिए dB(A) अर्थात ए-भारित डेसिबल का प्रयोग होता है, क्योंकि यह मानव कान की संवेदनशीलता का अनुसरण करता है।

भारत में ध्वनि की निर्धारित सीमाएँ

ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए। ये भूमि को चार क्षेत्रों में बाँटकर प्रत्येक के लिए दिन और रात की सीमा तय करते हैं; दिन प्रातः 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक और रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक मानी जाती है।

क्षेत्रदिन की सीमारात्रि की सीमा
औद्योगिक75 dB(A)70 dB(A)
वाणिज्यिक65 dB(A)55 dB(A)
आवासीय55 dB(A)45 dB(A)
शांत क्षेत्र50 dB(A)40 dB(A)

शांत क्षेत्र का अर्थ है अस्पताल, शिक्षण संस्थान या न्यायालय के चारों ओर 100 मीटर तक का क्षेत्र। रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक लाउडस्पीकर और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का प्रयोग बंद परिसर के अतिरिक्त वर्जित है, और शांत क्षेत्र में हॉर्न, ढोल तथा पटाखे प्रतिबंधित हैं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बड़े नगरों में राष्ट्रीय परिवेशी ध्वनि निगरानी नेटवर्क चलाता है।

ध्वनि के प्रभाव और नियंत्रण

  • श्रवण पर: अस्थायी श्रवण-ह्रास, कानों में घंटी बजने जैसा टिनिटस और अंत में स्थायी बहरापन।
  • शरीर पर: रक्तचाप और नाड़ी की गति में वृद्धि, सिरदर्द, पाचन की गड़बड़ी तथा तनाव हार्मोन का स्राव।
  • मन पर: चिड़चिड़ापन, नींद में बाधा, एकाग्रता की कमी और बच्चों के सीखने की गति में गिरावट।
  • नियंत्रण: वाहनों और जनित्रों में साइलेंसर, राजमार्गों के किनारे ध्वनि अवरोधक, घने पत्तों वाले वृक्षों की हरित पट्टी, कारखानों में ध्वनिरोधी आवरण, कान के प्लग तथा मफ, और नो-हॉर्न क्षेत्र।

तापीय प्रदूषण

तापीय प्रदूषण का अर्थ है अपशिष्ट ताप, प्रायः गर्म जल के रूप में, नदी, झील अथवा समुद्र तट में छोड़ना। इसका सबसे बड़ा स्रोत तापीय और नाभिकीय विद्युत गृहों का शीतलन जल है; रिफाइनरी, इस्पात संयंत्र, कागज मिल और आसवनी भी इसमें जुड़ते हैं। हानि अप्रत्यक्ष परंतु गंभीर है। ताप बढ़ने पर जल में ऑक्सीजन की विलेयता घटती है, अतः गर्म जल में घुलित ऑक्सीजन कम रह जाती है, जबकि उसी समय जीवों की आवश्यकता बढ़ जाती है क्योंकि दस डिग्री ताप वृद्धि पर उपापचय दर लगभग दोगुनी हो जाती है। मछलियों के अंडे समय से पूर्व फूटते हैं, ट्राउट जैसी शीतजलीय प्रजातियाँ समाप्त हो जाती हैं, शैवाल की बाढ़ फैलती है, और अचानक गर्म या ठंडा जल छोड़ने से तापीय आघात होता है जो मछलियों को तत्काल मार सकता है। शीतलन मीनार, शीतलन तालाब, फुहार तालाब तथा सह-उत्पादन में अपशिष्ट ताप का पुनः उपयोग इसके स्वीकृत उपाय हैं।

रेडियोधर्मी प्रदूषण

रेडियोधर्मी प्रदूषण का अर्थ है विकिरण अथवा रेडियोधर्मी पदार्थ का पर्यावरण में पहुँचना। प्राकृतिक पृष्ठभूमि विकिरण ब्रह्मांडीय किरणों, मिट्टी और चट्टान के रेडियोधर्मी खनिजों तथा सबसे अधिक रेडॉन-222 से आता है, जो गैस के रूप में भवनों में रिसकर प्राकृतिक मात्रा का सबसे बड़ा भाग देता है। मानवजनित स्रोत हैं यूरेनियम और थोरियम का खनन, नाभिकीय ईंधन निर्माण तथा पुनर्संसाधन, रिएक्टर संचालन और दुर्घटनाएँ, नाभिकीय परीक्षण, तथा एक्स-रे और विकिरण चिकित्सा। इकाइयाँ अलग-अलग याद रखनी चाहिए: बेकरल सक्रियता की एस आई इकाई है और एक क्यूरी 3.7 गुणा दस की घात दस बेकरल के बराबर है; ग्रे अवशोषित मात्रा मापता है और एक ग्रे 100 रैड के बराबर है; सीवर्ट तुल्य मात्रा मापता है और एक सीवर्ट 100 रेम के बराबर है। गाइगर-मूलर गणित्र विकिरण का संसूचन करता है और फिल्म बैज कर्मी को मिली मात्रा का अभिलेख रखता है।

समस्थानिकअर्धायुसंचय का अंग
आयोडीन-131लगभग 8 दिनथायरॉइड ग्रंथि
स्ट्रॉन्शियम-90लगभग 29 वर्षहड्डी, कैल्शियम के स्थान पर
सीज़ियम-137लगभग 30 वर्षकोमल ऊतक और मांसपेशी
प्लूटोनियम-239लगभग 24,000 वर्षफेफड़ा, हड्डी और यकृत

दुर्घटनाएँ और नियमन

विकिरण के प्रभाव दो वर्गों में बाँटे जाते हैं। दैहिक प्रभाव उसी व्यक्ति में जलन, तीव्र विकिरण रोग, मोतियाबिंद और कैंसर के रूप में प्रकट होते हैं, तथा आनुवंशिक प्रभाव आगामी पीढ़ियों में उत्परिवर्तन के रूप में। तीन दुर्घटनाएँ अनिवार्य रूप से पूछी जाती हैं: 1979 में संयुक्त राज्य अमेरिका का थ्री माइल आइलैंड, 26 अप्रैल 1986 को यूक्रेन का चेर्नोबिल, और 11 मार्च 2011 को तोहोकू भूकंप तथा सुनामी के बाद जापान का फुकुशिमा दाइची। अंतरराष्ट्रीय नाभिकीय घटना मापक्रम पर उच्चतम स्तर 7 केवल चेर्नोबिल और फुकुशिमा को दिया गया है। भारत में परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड, जिसका गठन परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के अंतर्गत 1983 में हुआ, सुरक्षा नियामक है और ट्रॉम्बे स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र प्रमुख अनुसंधान संस्थान है।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय से चार खंड पूछे जाते हैं। पहला, इकाइयाँ: ध्वनि के लिए डेसिबल, सक्रियता के लिए बेकरल, अवशोषित मात्रा के लिए ग्रे और तुल्य मात्रा के लिए सीवर्ट, जिसमें क्यूरी को बेकरल के सामने रखना सामान्य भ्रम है। दूसरा, क्षेत्रवार ध्वनि तालिका, जिसमें विकल्पों में दिन और रात के मान बदल दिए जाते हैं और शांत क्षेत्र के 50 डेसिबल को 50 मीटर की दूरी बनाकर रखा जाता है। तीसरा, तापीय प्रदूषण, जहाँ उत्तर प्रायः घुलित ऑक्सीजन की कमी होता है और युक्ति प्रायः शीतलन मीनार, जिसके सामने विद्युतस्थैतिक अवक्षेपक तथा स्क्रबर जैसी वायु प्रदूषण युक्तियाँ रखी जाती हैं। चौथा, रेडियोधर्मी समस्थानिक के साथ अंग और अर्धायु का मिलान तथा 1979, 1986 और 2011 के दुर्घटना वर्ष। नियम 2000 और अधिनियम 1986 का अंतर सर्वाधिक दोहराया जाने वाला प्रश्न है।

महत्वपूर्ण तथ्य

ध्वनि की इकाईडेसिबल, अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के नाम पर; कानूनी सीमाओं के लिए dB(A)
ध्वनि नियमध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत
दिन और रातदिन प्रातः 6 से रात्रि 10 बजे तक; रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक
आवासीय सीमादिन में 55 डेसिबल, रात में 45 डेसिबल
शांत क्षेत्रअस्पताल, शिक्षण संस्थान और न्यायालय के चारों ओर 100 मीटर तक; दिन 50, रात 40 डेसिबल
पीड़ा की सीमालगभग 120 से 130 डेसिबल
तापीय प्रदूषण का मुख्य स्रोततापीय और नाभिकीय विद्युत गृहों का शीतलन जल
तापीय प्रदूषण का उपायशीतलन मीनार, शीतलन तालाब, फुहार तालाब और सह-उत्पादन
रेडियोसक्रियता की एस आई इकाईबेकरल; एक क्यूरी = 3.7 गुणा दस की घात दस बेकरल
अवशोषित और तुल्य मात्राग्रे (1 ग्रे = 100 रैड) तथा सीवर्ट (1 सीवर्ट = 100 रेम)
आयोडीन-131अर्धायु लगभग 8 दिन; थायरॉइड ग्रंथि में संचय
स्ट्रॉन्शियम-90अर्धायु लगभग 29 वर्ष; कैल्शियम के स्थान पर हड्डी में जमाव
सीज़ियम-137अर्धायु लगभग 30 वर्ष; कोमल ऊतक में संचय
नाभिकीय दुर्घटनाएँथ्री माइल आइलैंड 1979, चेर्नोबिल 26 अप्रैल 1986, फुकुशिमा 11 मार्च 2011
भारतीय नियामकपरमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड, 1983, परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के अंतर्गत
विकिरण संसूचकगाइगर-मूलर गणित्र; व्यक्तिगत मात्रा के लिए फिल्म बैज

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · 22 May 2019, Shift 2आसान

ध्वनि प्रदूषण किसमें मापा जाता है?

  1. A.ओम
  2. B.डेसिबल
  3. C.जूल
  4. D.एम्पियर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. डेसिबल

व्याख्या

सही उत्तर B, डेसिबल है। ध्वनि की तीव्रता का स्तर डेसिबल में व्यक्त किया जाता है और यह इकाई अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के नाम पर रखी गई है। यह मापक्रम लघुगणकीय है, अतः 10 डेसिबल की प्रत्येक वृद्धि ध्वनि तीव्रता के दस गुना होने को दर्शाती है; शून्य डेसिबल श्रवण की न्यूनतम सीमा है और लगभग 120 से 130 डेसिबल पीड़ा की सीमा है। कानूनी सीमाओं के लिए ए-भारित डेसिबल प्रयोग होता है क्योंकि वह मानव कान की संवेदनशीलता का अनुसरण करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ओम विद्युत प्रतिरोध की इकाई है। विकल्प C गलत है क्योंकि जूल कार्य तथा ऊर्जा की इकाई है, और ध्वनि ऊर्जा वहन करती है फिर भी उसकी प्रबलता जूल में नहीं बताई जाती। विकल्प D गलत है क्योंकि एम्पियर विद्युत धारा की इकाई है।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

भारत में ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम किस वर्ष अधिसूचित किए गए?

  1. A.1986
  2. B.1991
  3. C.2000
  4. D.2010
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2000

व्याख्या

सही उत्तर C, 2000 है। ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम वर्ष 2000 में अधिसूचित हुए और ये पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत बनाए गए। इन नियमों ने औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय तथा शांत क्षेत्र नामक चार क्षेत्र बनाए, प्रत्येक के लिए दिन और रात की सीमा तय की, दिन को प्रातः 6 से रात्रि 10 बजे तक और रात्रि को 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक परिभाषित किया, तथा रात में लाउडस्पीकर पर रोक लगाई। विकल्प A गलत है क्योंकि 1986 मूल पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम का वर्ष है, जो सक्षमकारी कानून है, स्वयं ध्वनि नियम नहीं; यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा भ्रम है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1991 लोक दायित्व बीमा अधिनियम से जुड़ा है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2010 राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम का वर्ष है।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

ध्वनि प्रदूषण नियमों के अनुसार आवासीय क्षेत्र में दिन के समय अनुमत ध्वनि सीमा कितनी है?

  1. A.45 dB(A)
  2. B.55 dB(A)
  3. C.65 dB(A)
  4. D.75 dB(A)
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 55 dB(A)

व्याख्या

सही उत्तर B, 55 dB(A) है। वर्ष 2000 के नियम आवासीय क्षेत्र के लिए दिन में 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल की सीमा निर्धारित करते हैं। ऐसे प्रश्नों में पूरी तालिका एक साथ याद रखना सुरक्षित रहता है: औद्योगिक क्षेत्र में दिन 75 और रात 70, वाणिज्यिक में 65 और 55, आवासीय में 55 और 45, तथा शांत क्षेत्र में 50 और 40। विकल्प A गलत है क्योंकि 45 डेसिबल उसी आवासीय क्षेत्र की रात्रि सीमा है और दिन-रात के मानों की अदला-बदली ही सामान्य भ्रम है। विकल्प C गलत है क्योंकि 65 डेसिबल वाणिज्यिक क्षेत्र की दिन की सीमा है। विकल्प D गलत है क्योंकि 75 डेसिबल औद्योगिक क्षेत्र की दिन की सीमा है, जो चारों क्षेत्रों में सर्वाधिक है। परीक्षा में पूरी तालिका एक साथ याद रखना ही सुरक्षित है, क्योंकि प्रश्न किसी भी एक क्षेत्र और किसी भी एक समय के लिए पूछा जा सकता है। ध्यान रहे कि यह सीमा परिवेशी वायु गुणवत्ता के ध्वनि मानकों के रूप में अधिसूचित है और इसका उल्लंघन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय है।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

ध्वनि नियमों के अंतर्गत शांत क्षेत्र अस्पताल, शिक्षण संस्थान अथवा न्यायालय के चारों ओर कितनी दूरी तक होता है?

  1. A.50 मीटर
  2. B.100 मीटर
  3. C.200 मीटर
  4. D.500 मीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 100 मीटर

व्याख्या

सही उत्तर B, 100 मीटर है। नियम शांत क्षेत्र को अस्पताल, शिक्षण संस्थान या न्यायालय के चारों ओर 100 मीटर तक के क्षेत्र के रूप में परिभाषित करते हैं और ऐसे क्षेत्र की घोषणा सक्षम प्राधिकारी द्वारा की जाती है। इसके भीतर चारों क्षेत्रों में सबसे कठोर सीमा लागू होती है, दिन में 50 डेसिबल और रात में 40 डेसिबल, तथा हॉर्न, ढोल, लाउडस्पीकर और पटाखे वर्जित रहते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि 50 शांत क्षेत्र की दिन की डेसिबल सीमा है, दूरी नहीं, और यह संख्या भ्रमित करने के लिए रखी गई है। विकल्प C गलत है क्योंकि 200 मीटर का इन नियमों में कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि 500 मीटर नियमों में दी गई दूरी से बहुत अधिक है।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

किसी जलाशय पर तापीय प्रदूषण का तत्काल हानिकारक प्रभाव क्या होता है?

  1. A.घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में वृद्धि
  2. B.घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में कमी
  3. C.जल की लवणता में वृद्धि
  4. D.पीएच का घटकर 4 से नीचे आना
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में कमी

व्याख्या

सही उत्तर B, घुलित ऑक्सीजन की मात्रा में कमी है। जल का ताप बढ़ने पर उसमें गैस की विलेयता घट जाती है, अतः विद्युत गृह से निकला गर्म जल कम घुलित ऑक्सीजन धारण करता है। हानि दोगुनी हो जाती है क्योंकि दस डिग्री ताप वृद्धि पर मछलियों तथा अन्य जलीय जीवों की उपापचय दर लगभग दोगुनी हो जाती है, अर्थात आपूर्ति घटते समय उनकी माँग बढ़ती है। विकल्प A गलत है क्योंकि यह संबंध उलटा बताता है; ठंडा जल ही ऑक्सीजन से समृद्ध होता है, इसी कारण पर्वतीय शीतल धाराओं में ट्राउट पाई जाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि लवणता वाष्पीकरण या खारे बहिःस्राव से बढ़ती है, अपशिष्ट ताप से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि पीएच का तीव्र गिरना अम्लीय बहिःस्राव या अम्ल वर्षा से होता है।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

निम्नलिखित में से सतही जल के तापीय प्रदूषण का सबसे बड़ा स्रोत कौन है?

  1. A.विद्युत गृहों का शीतलन जल
  2. B.नगरीय मलजल
  3. C.कृषि अपवाह
  4. D.प्लास्टिक अपशिष्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. विद्युत गृहों का शीतलन जल

व्याख्या

सही उत्तर A, विद्युत गृहों का शीतलन जल है। तापीय तथा नाभिकीय विद्युत गृह भाप को संघनित करने के लिए विशाल मात्रा में जल लेते हैं और उसे कई डिग्री अधिक गर्म करके लौटा देते हैं, इसलिए नदियों, झीलों और तटीय जल में अपशिष्ट ताप का सबसे बड़ा स्रोत वही हैं। रिफाइनरी, इस्पात संयंत्र, कागज मिल और आसवनी उसके बाद आते हैं। विकल्प B गलत है क्योंकि नगरीय मलजल कार्बनिक तथा जीवाणु प्रदूषण का मुख्य स्रोत है और जैव रासायनिक ऑक्सीजन माँग बढ़ाता है, परंतु वह गर्म रूप में नहीं छोड़ा जाता। विकल्प C गलत है क्योंकि कृषि अपवाह नाइट्रेट और फॉस्फेट लाकर सुपोषण उत्पन्न करता है, जो पोषक तत्व की समस्या है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्लास्टिक भौतिक प्रदूषक है और जल में कोई ताप नहीं जोड़ता।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

उद्योगों में तापीय प्रदूषण के नियंत्रण के लिए मुख्यतः किस युक्ति का प्रयोग किया जाता है?

  1. A.विद्युतस्थैतिक अवक्षेपक
  2. B.शीतलन मीनार
  3. C.चक्रवात पृथक्कारी
  4. D.स्क्रबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शीतलन मीनार

व्याख्या

सही उत्तर B, शीतलन मीनार है। शीतलन मीनार प्रयुक्त शीतलन जल की ऊष्मा वाष्पीकरण अथवा वायु प्रवाह द्वारा वायुमंडल में छोड़ देती है, जिससे संयंत्र से निकलने वाला जल प्राप्तकर्ता नदी या झील के ताप के निकट पहुँच जाता है। शीतलन तालाब, फुहार तालाब तथा सह-उत्पादन में अपशिष्ट ताप का पुनः उपयोग इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि विद्युतस्थैतिक अवक्षेपक कणों को आवेशित करके धुएँ से सूक्ष्म धूल और फ्लाई ऐश हटाता है, जो वायु प्रदूषण की युक्ति है। विकल्प C गलत है क्योंकि चक्रवात पृथक्कारी गैस धारा के घुमाव से मोटे कण बाहर फेंकता है। विकल्प D गलत है क्योंकि स्क्रबर चूने के घोल से सल्फर डाइऑक्साइड जैसी गैसें धोकर अलग करता है। इस प्रकार के प्रश्न में पहले यह देखना चाहिए कि युक्ति जल के ताप पर कार्य करती है या वायु के कणों तथा गैसों पर; केवल शीतलन से जुड़ी युक्ति ही तापीय प्रदूषण का उत्तर हो सकती है, शेष तीनों विकल्प वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपकरण हैं।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

नाभिकीय गिरावट से निकला स्ट्रॉन्शियम-90 मुख्यतः किस कारण खतरनाक है?

  1. A.यह थायरॉइड ग्रंथि में एकत्र होता है
  2. B.यह हड्डियों में एकत्र होता है
  3. C.यह यकृत में एकत्र होता है
  4. D.यह दृष्टिपटल में एकत्र होता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यह हड्डियों में एकत्र होता है

व्याख्या

सही उत्तर B, यह हड्डियों में एकत्र होता है। आवर्त सारणी में स्ट्रॉन्शियम कैल्शियम के ठीक नीचे उसी समूह में है और रासायनिक रूप से उसी जैसा व्यवहार करता है, अतः दूध, जल या भोजन से शरीर में पहुँचा स्ट्रॉन्शियम-90 कैल्शियम के स्थान पर हड्डी और दाँत में जम जाता है। लगभग उनतीस वर्ष की अर्धायु के कारण वह दशकों तक अस्थि मज्जा को विकिरित करता रहता है और अस्थि कैंसर तथा ल्यूकीमिया उत्पन्न कर सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि थायरॉइड ग्रंथि आयोडीन-131 को संचित करती है, इसी कारण रिएक्टर दुर्घटना के बाद पोटैशियम आयोडाइड की गोलियाँ दी जाती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि यकृत कई भारी धातुओं और प्लूटोनियम का भंडारण स्थल है। विकल्प D गलत है क्योंकि कोई समस्थानिक दृष्टिपटल में चयनात्मक रूप से नहीं जमता।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

रेडियोसक्रियता की एस आई इकाई कौन है?

  1. A.क्यूरी
  2. B.बेकरल
  3. C.रॉन्टजन
  4. D.सीवर्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेकरल

व्याख्या

सही उत्तर B, बेकरल है। बेकरल सक्रियता की एस आई इकाई है और एक बेकरल का अर्थ प्रति सेकंड एक विघटन है। विकल्प A गलत है क्योंकि क्यूरी उसी राशि की पुरानी, एस आई से भिन्न इकाई है, जिसे एक ग्राम रेडियम की सक्रियता से परिभाषित किया गया था, और एक क्यूरी 3.7 गुणा दस की घात दस बेकरल के बराबर होती है; वह रेडियोसक्रियता की सही इकाई है परंतु एस आई इकाई नहीं, इसीलिए यही सबसे प्रबल भ्रम है। विकल्प C गलत है क्योंकि रॉन्टजन विकिरण का उद्भासन अर्थात वायु में उत्पन्न आयनन मापता है। विकल्प D गलत है क्योंकि सीवर्ट तुल्य मात्रा मापता है; इससे जुड़ी इकाई ग्रे अवशोषित मात्रा मापती है और एक ग्रे 100 रैड तथा एक सीवर्ट 100 रेम के बराबर होता है।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

नाभिकीय ऊर्जा के इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटना चेर्नोबिल किस वर्ष हुई थी?

  1. A.1979
  2. B.1986
  3. C.1995
  4. D.2011
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1986

व्याख्या

सही उत्तर B, 1986 है। तत्कालीन सोवियत संघ के यूक्रेन में स्थित चेर्नोबिल संयंत्र की चौथी इकाई 26 अप्रैल 1986 को विस्फोट के साथ फट गई और रेडियोधर्मी आयोडीन, सीज़ियम तथा स्ट्रॉन्शियम यूरोप के विस्तृत भाग पर फैल गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1979 संयुक्त राज्य अमेरिका के पेंसिल्वेनिया में हुई थ्री माइल आइलैंड दुर्घटना का वर्ष है, जिसमें आंशिक गलन हुई और निस्सरण बहुत कम रहा। विकल्प C गलत है क्योंकि 1995 से कोई बड़ी नाभिकीय दुर्घटना नहीं जुड़ी है। विकल्प D गलत है क्योंकि 2011 जापान की फुकुशिमा दाइची दुर्घटना का वर्ष है, जो 11 मार्च के तोहोकू भूकंप और सुनामी के बाद हुई। अंतरराष्ट्रीय नाभिकीय घटना मापक्रम पर स्तर 7 केवल इन दोनों को दिया गया है। इन तीनों वर्षों को क्रम से याद रखना चाहिए, क्योंकि परीक्षक दुर्घटना का नाम देकर वर्ष पूछता है अथवा वर्ष देकर स्थान पूछता है, और कभी देश भी पूछ लिया जाता है, जैसे चेर्नोबिल के लिए यूक्रेन और फुकुशिमा के लिए जापान।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

रिएक्टर दुर्घटनाओं में निकलने वाले आयोडीन-131 की अर्धायु लगभग कितनी होती है?

  1. A.8 घंटे
  2. B.8 दिन
  3. C.8 माह
  4. D.8 वर्ष
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 8 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, लगभग 8 दिन है। आयोडीन-131 की अर्धायु करीब आठ दिन है, इसीलिए दुर्घटना के बाद इससे उत्पन्न संकट तीव्र परंतु अल्पकालिक होता है, और इसी कारण तत्काल पोटैशियम आयोडाइड की गोलियाँ बाँटी जाती हैं जिससे थायरॉइड ग्रंथि साधारण आयोडीन से भर जाए और रेडियोधर्मी रूप कम अवशोषित करे। विकल्प A गलत है क्योंकि आठ घंटे अत्यंत कम है; इतनी अर्धायु वाला समस्थानिक संयंत्र से बाहर फैलने से पहले ही क्षय हो जाएगा। विकल्प C गलत है क्योंकि आठ माह की अर्धायु दूध और सब्जियों का संदूषण वर्षों तक बनाए रखती, जो देखा नहीं जाता। विकल्प D गलत है क्योंकि दीर्घजीवी वर्ग में सीज़ियम-137 लगभग तीस वर्ष और स्ट्रॉन्शियम-90 लगभग उनतीस वर्ष के हैं। अर्धायु का अर्थ वह समय है जिसमें किसी रेडियोधर्मी नमूने की आधी मात्रा क्षय हो जाती है, अतः आठ दिन की अर्धायु वाला आयोडीन-131 कुछ सप्ताहों में लगभग समाप्त हो जाता है, जबकि सीज़ियम और स्ट्रॉन्शियम दशकों तक क्षेत्र को प्रभावित रखते हैं।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

विकिरण के संसूचन और मापन के लिए किस उपकरण का प्रयोग किया जाता है?

  1. A.एनिमोमीटर
  2. B.गाइगर-मूलर गणित्र
  3. C.हाइग्रोमीटर
  4. D.ऑडियोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गाइगर-मूलर गणित्र

व्याख्या

सही उत्तर B, गाइगर-मूलर गणित्र है। इस उपकरण में गैस से भरी एक नलिका होती है जिसमें प्रवेश करने वाली किरण गैस का आयनन कर देती है और विद्युत धारा की एक स्पंद उत्पन्न होती है, अतः प्रत्येक स्पंद एक कण की गणना करता है; कर्मी द्वारा पहना जाने वाला फिल्म बैज कुल प्राप्त मात्रा का अभिलेख रखता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एनिमोमीटर वायु की गति मापता है। विकल्प C गलत है क्योंकि हाइग्रोमीटर वायु की आर्द्रता मापता है। विकल्प D गलत है क्योंकि ऑडियोमीटर श्रवण क्षमता मापता है और ध्वनिजनित बहरापन पकड़ने में काम आता है, इसलिए इस अध्याय में वह आकर्षक विकल्प लगता है, परंतु वह कान की प्रतिक्रिया मापता है, विकिरण नहीं। परीक्षा के लिए प्रत्येक प्रदूषक को उसके उपकरण से जोड़कर याद रखना चाहिए: ध्वनि के लिए ध्वनि स्तर मापी, तापीय भार के लिए तापमापी, और विकिरण के लिए गाइगर-मूलर गणित्र तथा व्यक्तिगत मात्रा के लिए फिल्म बैज अथवा थर्मोल्यूमिनिसेंट डोसीमीटर।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ध्वनि प्रदूषण किस इकाई में मापा जाता है?

डेसिबल में, जिसे dB लिखा जाता है और जो अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के नाम पर है। मापक्रम लघुगणकीय है, अतः 10 डेसिबल की वृद्धि ध्वनि तीव्रता के दस गुना होने को दर्शाती है। शून्य डेसिबल श्रवण की न्यूनतम सीमा है और लगभग 120 से 130 डेसिबल पीड़ा की सीमा। कानूनी सीमाओं के लिए dB(A) का प्रयोग होता है क्योंकि वह मानव कान की संवेदनशीलता का अनुसरण करता है।

भारत में चार क्षेत्रों की अनुमत ध्वनि सीमाएँ क्या हैं?

ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के अनुसार दिन और रात की सीमाएँ इस प्रकार हैं: औद्योगिक क्षेत्र 75 और 70 डेसिबल, वाणिज्यिक क्षेत्र 65 और 55, आवासीय क्षेत्र 55 और 45, तथा शांत क्षेत्र 50 और 40। दिन का अर्थ प्रातः 6 से रात्रि 10 बजे तक और रात्रि का अर्थ 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक है।

जल स्वच्छ होने पर भी तापीय प्रदूषण हानिकारक क्यों है?

क्योंकि ताप बढ़ने पर जल में ऑक्सीजन की विलेयता घट जाती है। गर्म जल में घुलित ऑक्सीजन कम रहती है, जबकि उसमें रहने वाले जीवों की आवश्यकता बढ़ जाती है, क्योंकि दस डिग्री ताप वृद्धि पर उनकी उपापचय दर लगभग दोगुनी हो जाती है। शीतजलीय प्रजातियाँ समाप्त होती हैं, शैवाल की बाढ़ फैलती है और अचानक निस्सरण से तापीय आघात मछलियों को तत्काल मार सकता है।

कौन सा रेडियोधर्मी समस्थानिक किस अंग को प्रभावित करता है?

लगभग आठ दिन की अर्धायु वाला आयोडीन-131 थायरॉइड ग्रंथि में संचित होता है। लगभग उनतीस वर्ष की अर्धायु वाला स्ट्रॉन्शियम-90 हड्डी में कैल्शियम का स्थान लेकर अस्थि मज्जा को विकिरित करता है। लगभग तीस वर्ष की अर्धायु वाला सीज़ियम-137 कोमल ऊतक और मांसपेशी में फैलता है। प्लूटोनियम-239 फेफड़े, हड्डी और यकृत में जमता है।

बेकरल, ग्रे और सीवर्ट में क्या अंतर है?

बेकरल सक्रियता की एस आई इकाई है, अर्थात प्रति सेकंड एक विघटन, और पुरानी इकाई क्यूरी 3.7 गुणा दस की घात दस बेकरल के बराबर है। ग्रे ऊतक द्वारा अवशोषित ऊर्जा मापता है और एक ग्रे 100 रैड के बराबर है। सीवर्ट उस ऊर्जा के जैविक प्रभाव अर्थात तुल्य मात्रा को मापता है और एक सीवर्ट 100 रेम के बराबर है।

भारत में नाभिकीय सुरक्षा का नियमन कौन करता है?

परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड, जिसका गठन परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के अंतर्गत 1983 में हुआ। यह विकिरण सुरक्षा मानक बनाता है और नाभिकीय तथा विकिरण सुविधाओं को अनुज्ञप्ति देता है। ट्रॉम्बे का भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र प्रमुख अनुसंधान संस्थान है, और ध्वनि तथा अन्य पर्यावरणीय मानक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड देखता है।

स्रोत

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