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GK नोट्सपर्यावरण और पारिस्थितिकीजैविक खेती, कीटनाशक और पर्यावरण

जैविक खेती और कीटनाशक: विधियां, कानून और प्रभाव

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए जैविक खेती और कीटनाशकों पर नोट्स: जैव उर्वरक, जैव कीटनाशी, कीटनाशकों के वर्ग, जैव आवर्धन, कीटनाशी अधिनियम और सरकारी योजनाएं।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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जैविक खेती और कीटनाशक: विधियां, कानून और प्रभाव — GK24 title card
जैविक खेती और कीटनाशक: विधियां, कानून और प्रभाव — GK24 title card

जैविक खेती वह पद्धति है जिसमें रासायनिक उर्वरकों और संश्लेषित कीटनाशकों के स्थान पर गोबर की खाद, फसल चक्र और जीवों की मदद से मिट्टी को उपजाऊ रखा जाता है। परीक्षाओं में यह विषय बार-बार आता है क्योंकि इसमें कृषि, पर्यावरण प्रदूषण और सरकारी योजनाएं — तीनों एक साथ जुड़ जाती हैं। एक ही प्रश्नपत्र में पूछा जा सकता है कि दलहन में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कौन करता है, डीडीटी किस रासायनिक समूह का कीटनाशक है, भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य कौन है और स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर कौन-सी संधि है। ये नोट्स इन सभी को कवर करते हैं।

जैविक खेती का अर्थ

जैविक खेती कारखाने में बने आदानों की जगह खेत और जीवमंडल से मिलने वाले आदान अपनाती है। इसके चार सिद्धांत हैं — स्वास्थ्य, पारिस्थितिकी, न्याय और सुरक्षा। मिट्टी की उर्वरता गोबर खाद, हरी खाद, कम्पोस्ट, केंचुआ खाद और जैव उर्वरकों से बनाए रखी जाती है। खरपतवार नियंत्रण के लिए खरपतवारनाशी नहीं, बल्कि पलवार, निराई और अंतरवर्ती फसलें अपनाई जाती हैं। कीटों को प्राकृतिक शत्रु कीटों, वनस्पति अर्क और रोगरोधी किस्मों से रोका जाता है। आनुवंशिक रूप से रूपांतरित बीज, संश्लेषित वृद्धि नियामक और मल कीचड़ इसमें वर्जित हैं। शुरुआती वर्षों में उपज कुछ कम रहती है और किसान को इसकी भरपाई ऊंचे दाम से होती है।

जैविक खेत की प्रमुख विधियां

  • फसल चक्र: अनाज के बाद दलहनी फसल बोई जाती है, जिससे ग्रंथिका जीवाणु नाइट्रोजन लौटाते हैं और कीट-चक्र टूट जाता है।
  • हरी खाद: सनई, ढैंचा या लोबिया उगाकर फूल आने से पहले खेत में ही जोत दी जाती है।
  • केंचुआ खाद: केंचुए, विशेषतः आइसीनिया फीटिडा, कृषि अपशिष्ट को नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम से भरपूर खाद में बदल देते हैं।
  • जैव उर्वरक: जीवित सूक्ष्मजीव जो नाइट्रोजन स्थिर करते हैं या बंधे फॉस्फोरस को मुक्त करते हैं।
  • जैव कीटनाशी: नीम का ऐजाडिरैक्टिन, बैसिलस थुरिंजिएंसिस, ट्राइकोडर्मा और एनपीवी आधारित दवाएं।
  • पलवार: पुआल या पत्तियां सतह पर बिछाकर नमी रोकी जाती है और खरपतवार दबाया जाता है।
  • समेकित कीट प्रबंधन: कीट संख्या की निगरानी होती है और रसायन अंतिम उपाय होता है, पहला नहीं।

जैव उर्वरक और उनकी फसलें

जैव उर्वरकप्रकृतिमुख्य फसलें
राइजोबियमजड़ ग्रंथिकाओं में सहजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकरणदलहन, मूंगफली, सोयाबीन
एजोटोबैक्टरस्वतंत्रजीवी वायुजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकारकगेहूं, मक्का, कपास, सब्जियां
एजोस्पिरिलमसहयोगी नाइट्रोजन स्थिरीकारकगन्ना, ज्वार, बाजरा
एनाबीना और नॉस्टॉक (नील हरित शैवाल)नाइट्रोजन स्थिर करने वाले सायनोबैक्टीरियाधान के खेत
एजोलाजल फर्न, जिसकी पत्ती गुहा में एनाबीना रहता हैधान
माइकोराइजा (वीएएम)कवक और जड़ का सहजीवनअधिकांश फसलों में फॉस्फोरस ग्रहण बढ़ाता है

कीटनाशक और उनका वर्गीकरण

पीड़कनाशी वह पदार्थ है जो पीड़क जीवों को मारता, भगाता या नियंत्रित करता है। लक्ष्य के आधार पर यह कीटनाशी, खरपतवारनाशी, कवकनाशी, कृंतकनाशी, सूत्रकृमिनाशी या किलनीनाशी हो सकता है। रासायनिक संरचना के आधार पर कीटनाशी चार समूहों में बंटते हैं, जिन्हें परीक्षाएं नाम से पूछती हैं।

रासायनिक समूहउदाहरणयाद रखने की बात
ऑर्गेनोक्लोरीनडीडीटी, बीएचसी, एंडोसल्फान, एल्ड्रिनवसा में घुलनशील और अत्यंत स्थायी; जैव आवर्धन करते हैं
ऑर्गेनोफॉस्फेटमैलाथियान, पैराथियान, मोनोक्रोटोफॉसजल्दी अपघटित होते हैं, पर एसिटिलकोलीनएस्टरेज एंजाइम रोकते हैं
कार्बामेटकार्बारिल, कार्बोफ्यूरान, एल्डिकार्बये भी उसी एंजाइम पर, पर प्रतिवर्ती रूप से असर करते हैं
पायरेथ्रॉइडसाइपरमेथ्रिन, परमेथ्रिन, डेल्टामेथ्रिनगुलदाउदी के पायरेथ्रिन की संश्लेषित प्रतिकृतियां

कीटनाशकों से पर्यावरण को हानि

वसा में घुलनशील कीटनाशक शरीर से बाहर नहीं निकलता। वह प्रत्येक जीव के शरीर में जमा होता रहता है, जिसे जैव संचयन कहते हैं, और आहार श्रृंखला की हर ऊंची कड़ी पर उसकी सांद्रता बढ़ जाती है, जिसे जैव आवर्धन कहते हैं। इसका उदाहरण जलीय आहार श्रृंखला में डीडीटी है, जहां मछली खाने वाले पक्षियों को सबसे भारी मात्रा मिली, उनके अंडों के कवच पतले होकर टूट गए। राहेल कार्सन ने 1962 की अपनी पुस्तक साइलेंट स्प्रिंग में यही बताया और आधुनिक पर्यावरण आंदोलन की नींव रखी। व्यापक प्रभाव वाले छिड़काव मधुमक्खियों और कीटों के प्राकृतिक शत्रुओं को भी मार देते हैं, जिससे पीड़क पहले से अधिक संख्या में लौट आता है — इसे पीड़क पुनरुत्थान कहते हैं। बार-बार प्रयोग से प्रतिरोधी कीट चुन लिए जाते हैं। बहाव अवशेषों को तालाबों तक पहुंचाता है और उर्वरकों का नाइट्रेट तथा फॉस्फेट सुपोषण उत्पन्न करता है, जिसमें शैवाल प्रस्फुटन घुलित ऑक्सीजन चूस लेता है और मछलियां मर जाती हैं। भारत में केरल के कासरगोड जिले में काजू बागानों पर छिड़के गए एंडोसल्फान की त्रासदी सबसे चर्चित रही और उच्चतम न्यायालय ने 2011 में इसके प्रयोग पर रोक लगाई।

कानून, प्रमाणन और योजनाएं

भारत में कीटनाशकों के निर्माण, बिक्री और उपयोग को कीटनाशी अधिनियम, 1968 तथा कीटनाशी नियम, 1971 नियंत्रित करते हैं, जिन्हें केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति लागू करती है। खाद्य पदार्थों में अवशेष की अधिकतम सीमा भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण तय करता है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्टॉकहोम अभिसमय स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर है, जिसकी सूची में डीडीटी और एल्ड्रिन शामिल हैं; रॉटरडैम अभिसमय खतरनाक रसायनों के व्यापार में पूर्व सूचित सहमति से जुड़ा है। जैविक उत्पाद के लिए एपीडा के माध्यम से चलने वाला राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम निर्यात हेतु इंडिया ऑर्गेनिक चिह्न देता है, जबकि घरेलू बाजार में बेचने वाले छोटे किसानों के लिए सहभागी गारंटी प्रणाली उपयुक्त है। परंपरागत कृषि विकास योजना समूह आधारित जैविक खेती को सहायता देती है और पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए जैविक मूल्य श्रृंखला विकास मिशन चलाया जाता है। सिक्किम भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्य है और उसे 2018 में खाद्य एवं कृषि संगठन का फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवॉर्ड मिला। प्राकृतिक खेती, जिसे भारत में सुभाष पालेकर ने लोकप्रिय बनाया, एक कदम आगे जाकर लगभग शून्य खरीदे गए आदान की बात करती है।

परीक्षा की दृष्टि से

इस विषय से चार प्रकार के प्रश्न बनते हैं। पहला, जैव उर्वरक और फसल का मेल — दलहन के साथ राइजोबियम, गेहूं के साथ एजोटोबैक्टर, धान के साथ नील हरित शैवाल और एजोला। दूसरा, किसी नामित कीटनाशक का रासायनिक वर्ग, जिसमें डीडीटी का ऑर्गेनोक्लोरीन होना सर्वाधिक पूछा जाता है। तीसरा, जैव संचयन, जैव आवर्धन और सुपोषण का अंतर तथा डीडीटी और पक्षियों के अंडों की कहानी। चौथा, कानून और योजनाओं के नाम — कीटनाशी अधिनियम 1968, एनपीओपी और इंडिया ऑर्गेनिक चिह्न, सहभागी गारंटी प्रणाली वाली पीकेवीवाई तथा पहले पूर्ण जैविक राज्य सिक्किम। सामान्य भ्रम हैं राइजोबियम के स्थान पर एजोटोबैक्टर लिख देना, एंडोसल्फान को ऑर्गेनोफॉस्फेट बता देना और साइलेंट स्प्रिंग को ब्रंटलैंड आयोग से जोड़ देना।

महत्वपूर्ण तथ्य

दलहन में सहजीवी नाइट्रोजन स्थिरीकारकराइजोबियम, जड़ ग्रंथिकाओं में
धान में प्रयुक्त नाइट्रोजन स्थिरीकारकएनाबीना और नॉस्टॉक जैसे नील हरित शैवाल तथा एजोला फर्न
केंचुआ खाद का केंचुआआइसीनिया फीटिडा, लाल केंचुआ
डीडीटी का रासायनिक वर्गऑर्गेनोक्लोरीन, एक स्थायी कार्बनिक प्रदूषक
जैव आवर्धनप्रत्येक ऊंचे पोषी स्तर पर कीटनाशक सांद्रता की वृद्धि
साइलेंट स्प्रिंगराहेल कार्सन, 1962
भारत में कीटनाशक कानूनकीटनाशी अधिनियम, 1968 तथा कीटनाशी नियम, 1971
स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों की संधिस्टॉकहोम अभिसमय
एंडोसल्फान त्रासदीकासरगोड जिला, केरल; उच्चतम न्यायालय का प्रतिबंध आदेश 2011
भारत का पहला पूर्ण जैविक राज्यसिक्किम, 2018 में एफएओ फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवॉर्ड
निर्यात प्रमाणन चिह्नइंडिया ऑर्गेनिक, एपीडा के माध्यम से एनपीओपी के अंतर्गत
समूह आधारित जैविक योजनापरंपरागत कृषि विकास योजना, सहभागी गारंटी प्रणाली के साथ

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · CTET Sept 2014 Paper 2 Social Studies (Lआसान

जैविक खेती में

  1. A.उपज बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग किया जाता है।
  2. B.उपज बढ़ाने के लिए आनुवंशिक रूपांतरण किया जाता है
  3. C.प्राकृतिक खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है
  4. D.भारत में केवल कपास के उत्पादन की अनुमति है
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. प्राकृतिक खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है C, प्राकृतिक खाद और प्राकृतिक कीटनाशकों का प्रयोग किया जाता है। जैविक खेती की पहचान इसी बात से होती है कि वह किन आदानों को अस्वीकार करती है। कारखाने में बने उर्वरकों के स्थान पर इसमें गोबर की खाद, कम्पोस्ट, केंचुआ खाद, हरी खाद तथा राइजोबियम और एजोटोबैक्टर जैसे जैव उर्वरक काम आते हैं। संश्लेषित कीटनाशियों के स्थान पर नीम अर्क और बैसिलस थुरिंजिएंसिस जैसे जैव कीटनाशी तथा पीड़क के प्राकृतिक शत्रु अपनाए जाते हैं। विकल्प A परिभाषा के ठीक उलट है, क्योंकि रासायनिक उर्वरक का प्रयोग खेत को जैविक प्रमाणन से बाहर कर देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम के मानक आनुवंशिक रूप से रूपांतरित बीज और रोपण सामग्री को स्पष्ट रूप से वर्जित करते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत में जैविक खेती अनाज, दलहन, तिलहन, मसाले, चाय और फलों में होती है और कोई नियम इसे कपास तक सीमित नहीं करता।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

कौन-सा जैव उर्वरक दलहनी पौधों की जड़ ग्रंथिकाओं में वायुमंडलीय नाइट्रोजन का स्थिरीकरण करता है?

  1. A.एजोटोबैक्टर
  2. B.राइजोबियम
  3. C.एजोस्पिरिलम
  4. D.ट्राइकोडर्मा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राइजोबियम

व्याख्या

सही उत्तर है B, राइजोबियम। राइजोबियम एक सहजीवी जीवाणु है जो दलहन, मूंगफली, सोयाबीन आदि फलीदार पौधों की जड़ों में प्रवेश करके जड़ ग्रंथिकाओं नामक गांठों के भीतर बढ़ता है। ग्रंथिका के अंदर नाइट्रोजिनेज एंजाइम वायुमंडलीय नाइट्रोजन को अमोनिया में बदल देता है, जिसे पौधा काम में लेता है, और बदले में पौधा जीवाणु को शर्करा देता है। इसी कारण फसल चक्र में अनाज के बाद दलहन रखी जाती है। विकल्प A, एजोटोबैक्टर, नाइट्रोजन स्थिर तो करता है पर मिट्टी में स्वतंत्र रहता है और गेहूं, मक्का, कपास तथा सब्जियों के लिए संस्तुत है, ग्रंथिकाओं में नहीं रहता। विकल्प C, एजोस्पिरिलम, सहयोगी स्थिरीकारक है जो गन्ना, ज्वार और बाजरा की जड़ों के पास रहता है, ग्रंथिका नहीं बनाता। विकल्प D, ट्राइकोडर्मा, एक कवक है जिसका प्रयोग जड़ गलन और उगरा जैसे मृदाजनित रोगों के विरुद्ध जैव कवकनाशी के रूप में होता है; यह नाइट्रोजन स्थिरीकरण नहीं करता।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

आहार श्रृंखला के प्रत्येक अगले स्तर पर वसा में घुलनशील कीटनाशक की सांद्रता बढ़ने की घटना क्या कहलाती है?

  1. A.सुपोषण
  2. B.जैव उपचारण
  3. C.जैव आवर्धन
  4. D.जैव प्रबलीकरण
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जैव आवर्धन

व्याख्या

सही उत्तर है C, जैव आवर्धन। डीडीटी जैसा कीटनाशक वसा में घुलता है, अपघटित नहीं होता और शरीर से बाहर नहीं निकलता, इसलिए किसी परभक्षी के शरीर में उसकी मात्रा उसके सभी शिकारों की मात्राओं का जोड़ बन जाती है। इस प्रकार सांद्रता जल से प्लवक, छोटी मछली, बड़ी मछली और मछली खाने वाले पक्षियों तक चरणबद्ध रूप से बढ़ती जाती है और पक्षियों में जल की तुलना में हजारों गुना तक पहुंच सकती है। विकल्प A, सुपोषण, जल निकाय में नाइट्रेट और फॉस्फेट की अधिकता है जिससे शैवाल प्रस्फुटन और ऑक्सीजन की कमी होती है; यह पोषक तत्वों की समस्या है, आहार श्रृंखला की नहीं। विकल्प B, जैव उपचारण, प्रदूषित मिट्टी या जल की सफाई के लिए सूक्ष्मजीवों या पौधों के उपयोग की लाभकारी प्रक्रिया है। विकल्प D, जैव प्रबलीकरण, फसलों को लोहा, जिंक या विटामिन ए से समृद्ध करने का प्रजनन कार्य है, जैसे भारत में जारी लौह समृद्ध बाजरा किस्में।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

भारत का कौन-सा राज्य पहला पूर्ण जैविक राज्य घोषित किया गया?

  1. A.केरल
  2. B.उत्तराखंड
  3. C.सिक्किम
  4. D.हिमाचल प्रदेश
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सिक्किम

व्याख्या

सही उत्तर है C, सिक्किम। सिक्किम ने 2003 से रासायनिक उर्वरकों को चरणबद्ध रूप से हटाना शुरू किया, अपने संपूर्ण कृषि क्षेत्र को प्रमाणित जैविक पद्धति में बदला और पूर्ण जैविक राज्य घोषित हुआ। इस कार्य के लिए उसे 2018 में खाद्य एवं कृषि संगठन का फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवॉर्ड मिला और वह इस प्रकार सम्मानित होने वाला विश्व का पहला राज्य बना। विकल्प A, केरल, की जैविक नीति सशक्त है और इस अध्याय में वह कासरगोड की एंडोसल्फान त्रासदी के लिए याद किया जाता है, पर उसने अपनी पूरी कृषि भूमि नहीं बदली। विकल्प B, उत्तराखंड, में प्रमाणित जैविक क्षेत्र बड़ा है और जैविक उत्पाद परिषद भी है, फिर भी यह बाद में और आंशिक रूप से हुआ। विकल्प D, हिमाचल प्रदेश, राज्य योजना के माध्यम से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देता है और जैविक बनने का लक्ष्य घोषित कर चुका है, जो उपलब्धि के समान नहीं है। परीक्षाएं सिक्किम को 2016 और गोल्ड अवॉर्ड के साथ जोड़कर पूछती हैं।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

डीडीटी कीटनाशकों के किस रासायनिक वर्ग से संबंधित है?

  1. A.ऑर्गेनोफॉस्फेट
  2. B.कार्बामेट
  3. C.पायरेथ्रॉइड
  4. D.ऑर्गेनोक्लोरीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. ऑर्गेनोक्लोरीन

व्याख्या

सही उत्तर है D, ऑर्गेनोक्लोरीन। डाइक्लोरो डाइफिनाइल ट्राइक्लोरोएथेन क्लोरीनयुक्त हाइड्रोकार्बन ढांचे पर बना है, जिससे वह वसा में घुलनशील, रासायनिक रूप से स्थायी और मिट्टी तथा जल में अत्यंत धीमी गति से अपघटित होने वाला बनता है। इन्हीं गुणों ने उसे मलेरिया नियंत्रण का सस्ता छिड़काव बनाया और इन्हीं गुणों ने उसे पहला ऐसा कीटनाशक बनाया जिसका जैव आवर्धन सिद्ध हुआ; इसीलिए वह स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों की स्टॉकहोम अभिसमय सूची में है। बीएचसी, एल्ड्रिन और एंडोसल्फान इसी वर्ग के साथी हैं। विकल्प A, ऑर्गेनोफॉस्फेट, में मैलाथियान और पैराथियान आते हैं, जो कुछ दिनों में अपघटित हो जाते हैं पर एसिटिलकोलीनएस्टरेज को तीव्रता से रोकते हैं। विकल्प B, कार्बामेट, में कार्बारिल और कार्बोफ्यूरान हैं, जो उसी एंजाइम पर प्रतिवर्ती रूप से असर करते हैं। विकल्प C, पायरेथ्रॉइड, में साइपरमेथ्रिन और परमेथ्रिन हैं, जो गुलदाउदी से मिलने वाले पायरेथ्रिन के प्रयोगशाला रूप हैं और डीडीटी से बहुत कम स्थायी हैं।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

राहेल कार्सन की 1962 में प्रकाशित कौन-सी पुस्तक ने कीटनाशकों से होने वाली हानि की ओर विश्व का ध्यान खींचा?

  1. A.साइलेंट स्प्रिंग
  2. B.आवर कॉमन फ्यूचर
  3. C.द लिमिट्स टू ग्रोथ
  4. D.स्मॉल इज़ ब्यूटीफुल
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. साइलेंट स्प्रिंग

व्याख्या

सही उत्तर है A, साइलेंट स्प्रिंग। अमेरिकी समुद्री जीव वैज्ञानिक राहेल कार्सन ने डीडीटी और अन्य छिड़कावों के प्रमाण जुटाकर यह तर्क दिया कि खेत में छोड़ा गया रसायन उसी खेत में नहीं रुकता। शीर्षक ऐसे वसंत की कल्पना करता है जिसमें कोई पक्षी नहीं गाता क्योंकि पक्षी मर चुके हैं। इस पुस्तक के कारण संयुक्त राज्य अमेरिका में कृषि में डीडीटी पर प्रतिबंध लगा और इसे आधुनिक पर्यावरण आंदोलन का आरंभ माना जाता है। विकल्प B, आवर कॉमन फ्यूचर, पर्यावरण एवं विकास पर विश्व आयोग की 1987 की ब्रंटलैंड रिपोर्ट है, जिसने संपोषणीय विकास को परिभाषित किया। विकल्प C, द लिमिट्स टू ग्रोथ, 1972 का क्लब ऑफ रोम अध्ययन है जो संसाधनों की सीमा पर केंद्रित है। विकल्प D, स्मॉल इज़ ब्यूटीफुल, ई. एफ. शूमाकर की 1973 की पुस्तक है जो मानवीय पैमाने के अर्थशास्त्र पर है। चारों पर्यावरण की प्रसिद्ध पुस्तकें हैं, इसीलिए ये विभ्रामक विकल्प बनाई जाती हैं।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

केंचुआ खाद बनाने में किस प्रजाति के केंचुए का सर्वाधिक प्रयोग होता है?

  1. A.आइसीनिया फीटिडा
  2. B.फेरेटिमा एलोंगेटा
  3. C.लुम्ब्रिकस टेरेस्ट्रिस
  4. D.एस्कैरिस लुम्ब्रिकॉइडीस
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आइसीनिया फीटिडा

व्याख्या

सही उत्तर है A, आइसीनिया फीटिडा। यह लाल केंचुआ, जिसे रेड विगलर या बाघ केंचुआ भी कहते हैं, गहरी बिलों के बजाय सतह की पत्ती-परत में रहता है, प्रतिदिन अपने भार के अनुपात में बड़ी मात्रा में कार्बनिक अपशिष्ट खाता है, गड्ढे या क्यारी की भीड़ सहन कर लेता है और तेजी से प्रजनन करता है। इन गुणों के कारण यह केंचुआ खाद इकाइयों का मानक केंचुआ है और इसकी कास्टिंग में उपलब्ध नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम तथा पादप वृद्धि बढ़ाने वाले सूक्ष्मजीव भरपूर होते हैं। विकल्प B, फेरेटिमा एलोंगेटा, भारत का सामान्य खेत केंचुआ है जो गहरी बिल बनाता है और कम्पोस्ट क्यारी में बहुत कम प्रभावी है। विकल्प C, लुम्ब्रिकस टेरेस्ट्रिस, यूरोप का गहरी बिल वाला नाइट क्रॉलर है, जो मृदा वायु संचार में उपयोगी पर गड्ढा खाद के लिए अनुपयुक्त है। विकल्प D, एस्कैरिस लुम्ब्रिकॉइडीस, केंचुआ ही नहीं है; यह मानव आंत का परजीवी गोलकृमि है और भिन्न संघ का प्राणी है।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

भारत में कीटनाशकों के आयात, निर्माण, विक्रय और उपयोग का नियमन कौन-सा अधिनियम करता है?

  1. A.पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986
  2. B.कीटनाशी अधिनियम, 1968
  3. C.उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985
  4. D.बीज अधिनियम, 1966
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कीटनाशी अधिनियम, 1968

व्याख्या

सही उत्तर है B, कीटनाशी अधिनियम, 1968। यह अधिनियम कीटनाशी नियम, 1971 के साथ मिलकर बिक्री से पहले प्रत्येक कीटनाशक के पंजीकरण, निर्माताओं और विक्रेताओं के अनुज्ञापन, लेबल तथा पैकिंग की शर्तों और कीटनाशी निरीक्षकों एवं विश्लेषकों की नियुक्ति की व्यवस्था करता है। केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड सरकार को सलाह देता है और पंजीकरण समिति पंजीकरण प्रदान करती है। विकल्प A, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, भोपाल गैस त्रासदी के बाद बना छत्र कानून है; यह केंद्र सरकार को पर्यावरण मानकों पर व्यापक शक्ति देता है पर कीटनाशक अनुज्ञापन का कानून नहीं है। विकल्प C, उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985, आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत जारी है और उर्वरकों पर लागू होता है, कीटनाशकों पर नहीं। विकल्प D, बीज अधिनियम, 1966, बीज के प्रमाणन और गुणवत्ता से जुड़ा है। खाद्य पदार्थों में कीटनाशक अवशेष की सीमा खाद्य सुरक्षा कानून के अंतर्गत तय होती है, 1968 के अधिनियम के अंतर्गत नहीं।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

स्टॉकहोम अभिसमय किस श्रेणी के पदार्थों से संबंधित है?

  1. A.ओजोन क्षयकारी पदार्थ
  2. B.स्थायी कार्बनिक प्रदूषक
  3. C.खतरनाक अपशिष्ट का सीमापारीय संचलन
  4. D.ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्थायी कार्बनिक प्रदूषक

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्थायी कार्बनिक प्रदूषक। स्टॉकहोम अभिसमय उन रसायनों की सूची बनाता है जो अपघटन का प्रतिरोध करते हैं, लंबी दूरी तय करते हैं, वसा ऊतक में जमा होते हैं और स्वास्थ्य को हानि पहुंचाते हैं; इसकी शुरुआत उन बारह यौगिकों से हुई जिन्हें डर्टी डज़न कहा जाता है। डीडीटी, एल्ड्रिन, एंड्रिन, डाइएल्ड्रिन और डाइऑक्सिन इसी सूची में हैं और डीडीटी की अनुमति केवल सीमित रोगवाहक नियंत्रण में है। विकल्प A, ओजोन क्षयकारी पदार्थ, वियना अभिसमय और मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का विषय है, जो क्लोरोफ्लोरोकार्बन तथा हैलोन को चरणबद्ध रूप से हटाते हैं। विकल्प C, खतरनाक अपशिष्ट का सीमापारीय संचलन, बेसल अभिसमय का विषय है, जो संपन्न देशों को निर्धन देशों में कचरा डालने से रोकता है। विकल्प D, ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन, जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र ढांचा अभिसमय तथा उसके क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के अंतर्गत आता है। प्रत्येक अभिसमय को उसके विषय से मिलाना एक अंक का मानक प्रश्न है।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीकठिन

केरल के कासरगोड जिले में काजू बागानों पर किस कीटनाशक के छिड़काव से लंबा जन-स्वास्थ्य विवाद उठा और 2011 में प्रतिबंध का आदेश हुआ?

  1. A.मैलाथियान
  2. B.एंडोसल्फान
  3. C.कार्बारिल
  4. D.ग्लाइफोसेट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. एंडोसल्फान

व्याख्या

सही उत्तर है B, एंडोसल्फान। एंडोसल्फान एक ऑर्गेनोक्लोरीन कीटनाशी है, जिसका कासरगोड में राज्य के काजू बागानों पर लगभग दो दशक तक हवाई छिड़काव हुआ। निवासियों ने जन्मजात विकृतियों, तंत्रिका विकारों और कैंसर की शिकायत की, अध्ययनों ने इस संबंध का समर्थन किया और भारत के उच्चतम न्यायालय ने 2011 में इसके उत्पादन, विक्रय तथा उपयोग पर रोक का आदेश दिया। बाद में यह रसायन स्टॉकहोम अभिसमय की सूची में भी जोड़ा गया। विकल्प A, मैलाथियान, कम स्तनपायी विषाक्तता वाला ऑर्गेनोफॉस्फेट है जिसका प्रयोग जन-स्वास्थ्य छिड़काव और अनाज भंडारण में होता है। विकल्प C, कार्बारिल, कार्बामेट कीटनाशी है और वह एक दूसरी त्रासदी में महत्वपूर्ण है: भोपाल का यूनियन कार्बाइड संयंत्र इसी का निर्माण कर रहा था जब 1984 में मिथाइल आइसोसायनेट का रिसाव हुआ। विकल्प D, ग्लाइफोसेट, खरपतवारनाशी है जिस पर विवाद अन्य कारणों से है, कासरगोड प्रकरण से नहीं।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

भारत सरकार की कौन-सी योजना सहभागी गारंटी प्रणाली प्रमाणन के माध्यम से समूह आधारित जैविक खेती को बढ़ावा देती है?

  1. A.परंपरागत कृषि विकास योजना
  2. B.प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  3. C.राष्ट्रीय कृषि विकास योजना
  4. D.प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. परंपरागत कृषि विकास योजना

व्याख्या

सही उत्तर है A, परंपरागत कृषि विकास योजना। यह योजना 2015 में संपोषणीय कृषि के राष्ट्रीय मिशन के एक घटक के रूप में शुरू हुई; इसमें किसानों को समूहों में जोड़ा जाता है, उन्हें जैविक पद्धति का प्रशिक्षण दिया जाता है और उनकी उपज को भारत की सहभागी गारंटी प्रणाली से प्रमाणित किया जाता है, जिसमें समूह के सदस्य एक-दूसरे के खेतों का निरीक्षण करते हैं। यह छोटे किसानों के लिए उपयुक्त है क्योंकि इसमें इंडिया ऑर्गेनिक निर्यात चिह्न के लिए आवश्यक तृतीय पक्ष प्रमाणन का खर्च नहीं लगता। विकल्प B, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, उपज हानि के विरुद्ध फसल बीमा की योजना है। विकल्प C, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए राज्यों को दी जाने वाली व्यापक सहायता है। विकल्प D, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, सिंचाई की योजना है, जिसका नारा हर खेत को पानी है और जिसका एक घटक सूक्ष्म सिंचाई पर प्रति बूंद अधिक फसल है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैविक खेती और प्राकृतिक खेती में क्या अंतर है?

जैविक खेती में खेत के बाहर से लाए गए स्वीकृत आदान, जैसे खरीदी गई कम्पोस्ट, जैव उर्वरक और अनुमत वनस्पति अर्क, प्रयोग किए जा सकते हैं और वह लिखित प्रमाणन मानक के अनुसार चलती है। प्राकृतिक खेती, जिसे भारत में सुभाष पालेकर ने लोकप्रिय बनाया, लगभग शून्य खरीदे गए आदान का लक्ष्य रखती है और गाय आधारित मिश्रणों, पलवार तथा मृदा आच्छादन पर निर्भर रहती है। जैविक उपज प्रमाणन चिह्न पा सकती है, प्राकृतिक खेती एक पद्धति है, प्रमाणन प्रणाली नहीं।

जैव संचयन और जैव आवर्धन में क्या अंतर है?

जैव संचयन किसी एक जीव के शरीर में उसके जीवनकाल में रसायन का जमाव है, क्योंकि ग्रहण उत्सर्जन से तेज होता है। जैव आवर्धन आहार श्रृंखला में होने वाली घटना है: चूंकि प्रत्येक परभक्षी अनेक शिकार खाता है, इसलिए सांद्रता हर ऊंचे पोषी स्तर पर गुणित होती जाती है और शीर्ष मांसाहारी सबसे भारी मात्रा ढोते हैं।

डीडीटी कृषि में प्रतिबंधित है पर कुछ रोग नियंत्रण में अनुमत क्यों है?

डीडीटी वसा में घुलनशील और अत्यंत स्थायी है, इसलिए वह जैव आवर्धित होकर शीर्ष परभक्षियों में हानिकारक स्तर तक पहुंच जाता है। स्टॉकहोम अभिसमय इसीलिए उसका कृषि उपयोग समाप्त करता है, पर जहां सस्ता विकल्प उपलब्ध नहीं है वहां रोगवाहक मच्छरों के विरुद्ध घरों के भीतर छिड़काव में सीमित उपयोग की अनुमति अभिसमय को सूचना देकर दी जाती है।

धान के लिए कौन-सा जैव उर्वरक प्रयोग होता है?

नील हरित शैवाल, मुख्यतः एनाबीना और नॉस्टॉक, तथा जल फर्न एजोला, जो एनाबीना को अपनी पत्ती गुहा में रखता है। दोनों धान के खेत के ठहरे पानी में वायुमंडलीय नाइट्रोजन स्थिर करते हैं और एजोला खरपतवार भी दबाता है तथा पशुओं को खिलाया जा सकता है।

समेकित कीट प्रबंधन क्या है?

यह चरणबद्ध पद्धति है जिसमें पीड़क संख्या की आर्थिक सीमा के सापेक्ष निगरानी होती है और पहले रोगरोधी किस्में, फसल चक्र, जाल फसलें, फेरोमोन प्रपंच तथा प्राकृतिक शत्रु अपनाए जाते हैं। रसायन का छिड़काव केवल सीमा पार होने पर, न्यूनतम प्रभावी मात्रा में किया जाता है, जिससे प्रतिरोध धीमे बनता है।

केंचुआ खाद में कौन-सा केंचुआ प्रयोग होता है और क्यों?

आइसीनिया फीटिडा, यानी लाल केंचुआ, क्योंकि वह गहरी बिलों के बजाय सतही पत्ती-परत में रहता है, प्रतिदिन बड़ी मात्रा में अपशिष्ट खाता है, कम्पोस्ट क्यारी की भीड़ सहन कर लेता है और तेजी से प्रजनन करता है। उसकी कास्टिंग में उपलब्ध पोषक तत्व तथा पादप वृद्धि बढ़ाने वाले सूक्ष्मजीव भरपूर होते हैं।

स्रोत

  • जीव विज्ञान (कक्षा 12), मानव कल्याण में सूक्ष्मजीव अध्याय — एनसीईआरटी
  • कीटनाशी अधिनियम, 1968 — विधायी विभाग, विधि और न्याय मंत्रालय
  • राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम — एपीडा, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
  • स्थायी कार्बनिक प्रदूषकों पर स्टॉकहोम अभिसमय — संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम
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