ब्लूटूथ तकनीक आईईईई के किस मानक परिवार के अंतर्गत मानकीकृत है?
- A.आईईईई 802.3
- B.आईईईई 802.11
- C.आईईईई 802.15
- D.आईईईई 802.16
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर C, आईईईई 802.15 है। 802.15 परिवार बेतार व्यक्तिगत क्षेत्र नेटवर्क को समेटता है, अर्थात वे अत्यंत लघु परास के संपर्क जो एक ही व्यक्ति के साथ चलने वाले उपकरणों को जोड़ते हैं, और ब्लूटूथ इसी के भीतर आईईईई 802.15.1 के रूप में मानकीकृत हुआ। सामान्य अल्प शक्ति श्रेणी में उसकी कार्य परास लगभग दस मीटर है, जो ईयरफोन, स्पीकर, कुंजीपटल और फाइल हस्तांतरण के लिए उपयुक्त है। विकल्प A गलत है क्योंकि आईईईई 802.3 तारयुक्त स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क का ईथरनेट मानक है। विकल्प B गलत है क्योंकि आईईईई 802.11 बेतार स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क का वाई फाई परिवार है, और दोनों के बेतार होने से यही सामान्य भ्रम बनता है। विकल्प D गलत है क्योंकि आईईईई 802.16 वाईमैक्स है, जो महानगरीय क्षेत्र के लिए बना ब्रॉडबैंड बेतार पहुंच मानक है। चारों को साथ याद करने पर प्रश्नों का पूरा समूह हल हो जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: मोबाइल कंप्यूटिंग और स्मार्टफोन: संपूर्ण परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंमोबाइल संचार के संदर्भ में एलटीई का पूरा रूप क्या है?
- A.लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन
- B.लास्ट टाइम इवोल्यूशन
- C.लीस्ट टाइम इवोल्यूशन
- D.लॉन्ग टाइम इवोल्यूशन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन है। एलटीई चौथी पीढ़ी के मोबाइल नेटवर्क की रेडियो पहुंच तकनीक है, जिसे थर्ड जनरेशन पार्टनरशिप प्रोजेक्ट ने मानकीकृत किया। इस नाम में मानक संस्थाओं की वह मंशा दर्ज है कि विद्यमान जीएसएम तथा यूएमटीएस नेटवर्क रातोंरात बदले न जाएं बल्कि दीर्घ अवधि में पूर्ण आईपी प्रणाली की ओर विकसित हों, और बाद में वॉयस ओवर एलटीई ने सामान्य कॉल भी उसी डेटा नेटवर्क पर ला दी। विकल्प B, लास्ट टाइम इवोल्यूशन, दूरसंचार में कहीं प्रयुक्त शब्द नहीं है। विकल्प C, लीस्ट टाइम इवोल्यूशन, भी गढ़ा हुआ है और उसका कोई तकनीकी अर्थ नहीं। विकल्प D, लॉन्ग टाइम इवोल्यूशन, सबसे अधिक चुना जाने वाला गलत विकल्प है क्योंकि वह सही उत्तर से केवल एक शब्द भिन्न है, पर मानक में टर्म शब्द है, टाइम नहीं। एलटीई को 4जी और न्यू रेडियो को 5जी के साथ याद रखें।
निम्नलिखित में से कौन मोबाइल संचार की एक अवधारणा है?
- A.ट्रिप्लेक्सिंग
- B.डुप्लेक्सिंग
- C.सिम्प्लेक्सिंग
- D.क्वाड्राप्लेक्सिंग
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, डुप्लेक्सिंग है। टेलीफोन पर बातचीत में दोनों पक्षों को एक ही समय बोलना और सुनना होता है, इसलिए मोबाइल संपर्क को दोनों दिशाओं में साथ साथ यातायात ले जाना पड़ता है। इसी व्यवस्था को डुप्लेक्सिंग कहते हैं, और सेलुलर प्रणालियां इसे या तो दो अलग आवृत्ति बैंड से प्राप्त करती हैं, जिसे आवृत्ति विभाजन डुप्लेक्स कहते हैं, या एक ही बैंड पर अत्यंत तेजी से भेजने और प्राप्त करने के बीच बारी बदलकर, जिसे समय विभाजन डुप्लेक्स कहते हैं। विकल्प A, ट्रिप्लेक्सिंग, मोबाइल संचार की मान्य विधा नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि एकतरफा संचार का सही शब्द सिम्प्लेक्स है, सिम्प्लेक्सिंग नहीं, और प्रसारण जैसा सिम्प्लेक्स संपर्क फोन कॉल नहीं संभाल सकता। विकल्प D, क्वाड्राप्लेक्सिंग, मोबाइल मानकों में है ही नहीं। पाठ्यक्रम में केवल डुप्लेक्स और उसके दो रूप आते हैं।
मोबाइल फोन में सिम का पूरा रूप है
- A.सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल
- B.सिंगल आइडेंटिटी मॉड्यूल
- C.सब्सक्राइबर इंटरनेट मॉड्यूल
- D.सिक्योर आइडेंटिटी मेमोरी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, सब्सक्राइबर आइडेंटिटी मॉड्यूल है। सिम ऑपरेटर द्वारा जारी किया गया छोटा स्मार्ट कार्ड है, जो ग्राहक पहचान, नेटवर्क के समक्ष उस पहचान को प्रमाणित करने वाली कुंजियां तथा सीमित संपर्क और संदेश आंकड़े रखता है। पहचान कार्ड में रहने के कारण ग्राहक कार्ड बदलकर अपना नंबर दूसरे हैंडसेट में ले जा सकता है। विकल्प B, सिंगल आइडेंटिटी मॉड्यूल, सही उत्तर जैसा लगता है पर वह मानक विस्तार नहीं है। विकल्प C, सब्सक्राइबर इंटरनेट मॉड्यूल, गलत है क्योंकि कार्ड केवल इंटरनेट सेवा से नहीं जुड़ा; वह वॉयस, संदेश और डेटा तीनों सेवाओं को प्रमाणित करता है। विकल्प D, सिक्योर आइडेंटिटी मेमोरी, गढ़ा हुआ है, यद्यपि कार्ड वास्तव में सुरक्षित तत्व होता है। ध्यान रहे कि आईएमईआई ग्राहक नहीं बल्कि हैंडसेट की पहचान है।
मोबाइल हैंडसेट के आईएमईआई नंबर में कितने अंक होते हैं?
- A.10
- B.12
- C.15
- D.20
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 15 है। इंटरनेशनल मोबाइल इक्विपमेंट आइडेंटिटी प्रत्येक हैंडसेट को दी गई पंद्रह अंकों की संख्या है, जिसमें मॉडल की प्रकार स्वीकृति बताने वाला कोड, एक क्रम भाग और अंत में एक जांच अंक होता है। इसे प्रायः एक छोटा कोड डायल करके देखा जा सकता है और यह बैटरी के नीचे या डिब्बे पर छपा रहता है। यह ग्राहक नहीं बल्कि उपकरण की पहचान है, इसी कारण खोए फोन की सूचना देते समय यही संख्या बताई जाती है ताकि नेटवर्क हैंडसेट को रोक सके। विकल्प A, दस अंक, भारतीय मोबाइल दूरभाष संख्या की लंबाई है, इसलिए वही सबसे सामान्य गलत उत्तर बनता है। विकल्प B, बारह अंक, आधार संख्या की लंबाई है। विकल्प D, बीस अंक, कुछ सिम कार्डों पर छपी लंबी पहचान संख्या से मेल खाता है, आईएमईआई से नहीं।
एंड्रॉयड मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम किस कर्नेल पर बना है?
- A.विंडोज एनटी
- B.लिनक्स
- C.यूनिक्स बीएसडी
- D.सिम्बियन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, लिनक्स है। एंड्रॉयड अपनी सबसे निचली परत पर संशोधित लिनक्स कर्नेल का प्रयोग करता है, जो स्मृति, प्रक्रियाएं, शक्ति और उपकरण चालक संभालता है, और उसके ऊपर अपना रनटाइम, पुस्तकालय, अनुप्रयोग ढांचा तथा उपयोगकर्ता अंतरफलक बनाता है। यह परियोजना एंड्रॉयड इंक नाम की कंपनी में आरंभ हुई, जिसे गूगल ने 2005 में खरीदा, और पहला एंड्रॉयड हैंडसेट 2008 में खरीदारों तक पहुंचा। विकल्प A गलत है क्योंकि विंडोज एनटी कर्नेल डेस्कटॉप विंडोज और बंद हो चुकी विंडोज मोबाइल शृंखला के नीचे है, एंड्रॉयड के नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि यूनिक्स तथा बीएसडी से निकले कर्नेल एपल के मैकओएस और आईओएस के आधार हैं, जो एंड्रॉयड के प्रतिद्वंद्वी हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि सिम्बियन एंड्रॉयड से पहले के युग का पूर्ण मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम था, जिसे मुख्यतः नोकिया प्रयोग करती थी।