विश्व की अंतरिक्ष एजेंसियां और मिशन: परीक्षा नोट्स
अंतरिक्ष एजेंसियों और मिशनों पर विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी नोट्स, इसरो, नासा, ईएसए, जाक्सा और सीएनएसए, प्रक्षेपण यान तथा चंद्र, मंगल और सूर्य मिशन वर्षों के साथ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

सामान्य जागरूकता के पेपरों में अंतरिक्ष के प्रश्न तीन तरह के होते हैं, कौन एजेंसी किस देश की है और कहाँ से काम करती है, कौन काम सबसे पहले किसने किया, और किसी नामित मिशन का उद्देश्य क्या था। ये तथ्य बदलते नहीं, इसलिए पूरा अध्याय नामों, वर्षों और प्रथम उपलब्धियों की तालिका के रूप में याद किया जा सकता है। सबसे अधिक भारतीय मिशन पूछे जाते हैं, उसके बाद सोवियत संघ और अमेरिका की बड़ी प्रथम उपलब्धियाँ।
प्रमुख एजेंसियाँ
| एजेंसी | देश या समूह | स्थापना | मुख्यालय |
|---|---|---|---|
| इसरो, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन | भारत | 1969 | बेंगलुरु |
| नासा, राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन | अमेरिका | 1958 | वाशिंगटन डीसी |
| रोस्कोसमोस | रूस | 1992, सोवियत कार्यक्रम का उत्तराधिकारी | मॉस्को |
| ईएसए, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी | यूरोप, अनेक सदस्य देश | 1975 | पेरिस |
| जाक्सा, जापान वैमानिकी अन्वेषण एजेंसी | जापान | 2003 | टोक्यो |
| सीएनएसए, चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन | चीन | 1993 | बीजिंग |
यूरोपीय एजेंसी फ्रेंच गुयाना के कौरू स्थित गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण करती है, जो भूमध्य रेखा के निकट है, जहाँ राकेट को पृथ्वी के घूर्णन से सबसे अधिक लाभ मिलता है। इसी कारण भारत आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपण करता है।
भारतीय कार्यक्रम
भारत का अंतरिक्ष कार्य 1962 में बनी भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति से आरंभ हुआ, जिसका नेतृत्व विक्रम साराभाई ने किया, जिन्हें भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। पहला परिज्ञापी राकेट तिरुवनंतपुरम के निकट थुंबा भूमध्यरेखीय राकेट प्रक्षेपण केंद्र से 21 नवंबर 1963 को छोड़ा गया। इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई और अंतरिक्ष विभाग 1972 में बना। भारत का पहला उपग्रह आर्यभट 19 अप्रैल 1975 को सोवियत सहयोग से छोड़ा गया, और भारतीय राकेट से कक्षा में पहुँचाया गया पहला उपग्रह रोहिणी था, जिसे जुलाई 1980 में एसएलवी-3 ने ले जाया।
- पीएसएलवी यानी ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान भारत का सबसे भरोसेमंद यान है; फरवरी 2017 में एक ही उड़ान में इसने 104 उपग्रह कक्षा में रखे।
- जीएसएलवी भारी संचार उपग्रह ले जाता है और इसमें क्रायोजेनिक ऊपरी चरण है; अधिक भारी एलवीएम3 ने चंद्रयान मिशन छोड़े।
- याद रखने योग्य केंद्र, प्रक्षेपण यानों के लिए तिरुवनंतपुरम का विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, उपग्रहों के लिए बेंगलुरु का यू आर राव उपग्रह केंद्र, अहमदाबाद का अंतरिक्ष उपयोग केंद्र और हैदराबाद का राष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र।
- राकेश शर्मा अप्रैल 1984 में सोवियत सोयुज यान से सैल्यूट 7 स्टेशन जाकर अंतरिक्ष में पहुँचने वाले पहले भारतीय बने।
भारत के चंद्र, मंगल और सूर्य मिशन
चंद्रयान-1, जो 22 अक्टूबर 2008 को छोड़ा गया, चंद्र प्रभाव यान ले गया और उसने चंद्रमा की सतह पर जल अणुओं का प्रमाण पाया। चंद्रयान-2, जो 22 जुलाई 2019 को छोड़ा गया, चंद्रमा के चारों ओर काम करता ऑर्बिटर स्थापित कर सका, हालाँकि उसका लैंडर उतरते समय बचा नहीं। चंद्रयान-3, जो 14 जुलाई 2023 को छोड़ा गया, ने 23 अगस्त 2023 को विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के निकट उतारा, जिससे भारत चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश और उस क्षेत्र में उतरने वाला पहला देश बना; 23 अगस्त अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है। मंगल कक्षित्र मिशन, जिसे मंगलयान भी कहते हैं, 5 नवंबर 2013 को छोड़ा गया और 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुँचा, जिससे भारत पहले ही प्रयास में मंगल तक पहुँचने वाला पहला देश बना। आदित्य-एल1, जो 2 सितंबर 2023 को छोड़ा गया, सूर्य और पृथ्वी के पहले लैग्रांज बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा से सूर्य का अध्ययन करता है, जो पृथ्वी से लगभग पंद्रह लाख किलोमीटर दूर है। 2015 में छोड़ा गया ऐस्ट्रोसैट भारत का पहला समर्पित खगोल उपग्रह था, और गगनयान वह कार्यक्रम है जो भारतीय यात्रियों को भारतीय राकेट से भेजने के लिए बना है।
बड़ी प्रथम उपलब्धियाँ
- स्पुतनिक 1, जिसे सोवियत संघ ने 4 अक्टूबर 1957 को छोड़ा, पृथ्वी का पहला कृत्रिम उपग्रह था; स्पुतनिक 2 कुतिया लाइका को ले गया।
- सोवियत संघ के यूरी गागरिन 12 अप्रैल 1961 को वोस्तोक 1 से अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मनुष्य बने और वैलेंटिना तेरेश्कोवा 1963 में पहली महिला। अलेक्सी लियोनोव ने 1965 में पहली अंतरिक्ष यात्रा यानी स्पेसवॉक की।
- अपोलो 11 ने 20 जुलाई 1969 को नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन को चंद्रमा पर उतारा, जबकि माइकल कॉलिन्स कक्षा में रहे; सोवियत संघ के लूना 9 ने वहाँ पहली सॉफ्ट लैंडिंग 1966 में की थी।
- नासा के वाइकिंग 1 ने 1976 में मंगल पर पहली सफल लैंडिंग की; बाद के रोवरों में क्यूरियोसिटी और पर्सिवरेंस हैं, जिसके साथ छोटा इंजेन्युटी हेलिकॉप्टर भी गया।
- 1977 में छोड़ा गया वॉयजर 1 पृथ्वी से सबसे दूर मानव निर्मित वस्तु है और तारों के बीच के अंतरिक्ष में पहुँच चुका है; केवल वॉयजर 2 ही चारों विशाल ग्रहों के पास से गुजरा है।
- हब्बल अंतरिक्ष दूरबीन 1990 में नासा ने यूरोपीय एजेंसी के साथ कक्षा में स्थापित की, और उससे बहुत बड़ी जेम्स वेब अंतरिक्ष दूरबीन दिसंबर 2021 में छोड़ी गई।
- चीन के चांगई 4 ने जनवरी 2019 में चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर पहली लैंडिंग की, चांगई 5 चंद्र नमूने लाया, और तियानवेन-1 मिशन ने 2021 में मंगल पर जुरोंग रोवर उतारा।
- 1998 से कक्षा में स्थित अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन अमेरिका, रूस, यूरोप, जापान और कनाडा की एजेंसियाँ मिलकर चलाती हैं; 1971 का सैल्यूट 1 पहला अंतरिक्ष स्टेशन था और उसके बाद मीर आया।
ध्यान रखने की बात
एजेंसी और मिशन का अंतर ध्यान में रखें, क्योंकि पेपर इन्हें मिला देते हैं, रोस्कोसमोस एजेंसी है, लूना मिशन; सीएनएसए एजेंसी है, चांगई मिशन। यह भी देखें कि कौन देश पहला था और कौन चौथा, क्योंकि चंद्र लैंडिंग का प्रश्न सामान्यतः इसी पर होता है कि सोवियत संघ, अमेरिका और चीन के बाद भारत सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बना। अंत में यह याद रखें कि मंगल कक्षित्र मिशन पहले ही प्रयास में सफलता और कम लागत के लिए प्रसिद्ध है, लैंडिंग के लिए नहीं, क्योंकि उसने केवल ग्रह की कक्षा में परिक्रमा की।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय से तीन तरह के प्रश्न आते हैं। पहला, एजेंसी के साथ देश, स्थापना वर्ष या मुख्यालय, जिसमें नासा, ईएसए और जाक्सा सामान्य नाम हैं। दूसरा, प्रथम उपलब्धियाँ, पहला उपग्रह, पहला मनुष्य, पहली महिला, पहला स्पेसवॉक, चंद्रमा पर पहली लैंडिंग, अंतरिक्ष में पहला भारतीय और चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर पहली लैंडिंग। तीसरा, भारतीय मिशन उनके वर्ष और उद्देश्य के साथ, विशेषकर जल के लिए चंद्रयान-1, दक्षिण ध्रुव लैंडिंग के लिए चंद्रयान-3, पहले प्रयास में मंगल के लिए मंगलयान और सूर्य के लिए आदित्य-एल1। जाल ये हैं, इसरो का वर्ष और अंतरिक्ष विभाग का वर्ष, ऑर्बिटर तथा लैंडर का अंतर, और एजेंसी के नाम को मिशन के नाम से मिला देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| इसरो | स्थापना 15 अगस्त 1969; मुख्यालय बेंगलुरु |
|---|---|
| भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक | विक्रम साराभाई |
| पहला भारतीय उपग्रह | आर्यभट, 19 अप्रैल 1975 को प्रक्षेपित |
| भारतीय प्रक्षेपण स्थल | सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा, आंध्र प्रदेश |
| नासा | स्थापना 1958; मुख्यालय वाशिंगटन डीसी |
| यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी | स्थापना 1975; मुख्यालय पेरिस; प्रक्षेपण कौरू, फ्रेंच गुयाना से |
| जाक्सा और सीएनएसए | जापान, 2003, टोक्यो; चीन, 1993, बीजिंग |
| पहला कृत्रिम उपग्रह | स्पुतनिक 1, सोवियत संघ, 4 अक्टूबर 1957 |
| अंतरिक्ष में पहला मनुष्य | यूरी गागरिन, 12 अप्रैल 1961, वोस्तोक 1 से |
| चंद्रमा पर पहली मानव लैंडिंग | अपोलो 11, 20 जुलाई 1969, नील आर्मस्ट्रांग और एडविन एल्ड्रिन |
| चंद्रयान-3 | 23 अगस्त 2023 को चंद्र दक्षिण ध्रुव के निकट लैंडिंग; रोवर प्रज्ञान |
| मंगल कक्षित्र मिशन | 5 नवंबर 2013 को प्रक्षेपण; 24 सितंबर 2014 को मंगल कक्षा में प्रवेश |
| आदित्य-एल1 | 2 सितंबर 2023 को प्रक्षेपित, एल1 बिंदु से सूर्य के अध्ययन के लिए |
| अंतरिक्ष में पहला भारतीय | राकेश शर्मा, अप्रैल 1984, सोवियत सोयुज से |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
नासा का पूरा नाम क्या है?
- A.अंतरिक्ष प्रशासन की राष्ट्रीय एजेंसी
- B.नौवहन वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन
- C.राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन
- D.राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष एजेंसी
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन
व्याख्या
सही उत्तर C, राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन है। नासा अमेरिका की असैनिक अंतरिक्ष एजेंसी है, जिसकी स्थापना स्पुतनिक के प्रक्षेपण के बाद 1958 में हुई और जिसका मुख्यालय वाशिंगटन डीसी में है। यह वायुयान अनुसंधान की एक पुरानी संस्था से विकसित हुई, इसीलिए इसके नाम में अंतरिक्ष से पहले वैमानिकी आता है। अपोलो, जिसने मनुष्य को चंद्रमा पर उतारा, अंतरिक्ष यान शटल, हब्बल तथा जेम्स वेब दूरबीन, मंगल के रोवर और आर्टेमिस कार्यक्रम इसके प्रसिद्ध कार्यक्रम हैं।
विकल्प A में शब्दों का क्रम बदलकर अंतरिक्ष प्रशासन की एजेंसी कर दिया गया है, जो आधिकारिक नाम नहीं है। विकल्प B में राष्ट्रीय के स्थान पर नौवहन रख दिया गया है, जो शब्द उपग्रह नौवहन से जुड़ा है, एजेंसी से नहीं। विकल्प D सबसे निकट का जाल है, क्योंकि उसके अंत में प्रशासन के स्थान पर एजेंसी है; नाम का अंतिम शब्द प्रशासन है और यही एक शब्द इस प्रश्न में परखा जाता है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1962
- B.1969
- C.1972
- D.1975
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 1969
व्याख्या
सही उत्तर B, 1969 है। इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई और उसने वह अंतरिक्ष कार्य सँभाला जो 1962 से भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति कर रही थी। उस समिति का मार्गदर्शन करने वाले विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है, और यह संगठन आज अंतरिक्ष विभाग के अधीन बेंगलुरु से काम करता है।
विकल्प A, 1962 उस पहली समिति की स्थापना का वर्ष है, इसलिए यह सबसे आम गलत उत्तर है। विकल्प C, 1972 में अंतरिक्ष आयोग और अंतरिक्ष विभाग बने, जिससे इसरो उस विभाग के अधीन आया। विकल्प D, 1975 में भारत का पहला उपग्रह आर्यभट सोवियत सहयोग से छोड़ा गया। तीनों गलत विकल्प इस कार्यक्रम के सच्चे पड़ाव हैं, जो गलत प्रश्न के सामने रखे गए हैं।
पृथ्वी का पहला कृत्रिम उपग्रह स्पुतनिक 1 सन 1957 में किस देश ने छोड़ा था?
- A.अमेरिका
- B.सोवियत संघ
- C.ब्रिटेन
- D.फ्रांस
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सोवियत संघ
व्याख्या
सही उत्तर B, सोवियत संघ है। स्पुतनिक 1 को 4 अक्टूबर 1957 को छोड़ा गया और वह पृथ्वी की परिक्रमा करने वाला पहला कृत्रिम उपग्रह बना, जो एक सरल रेडियो संकेत भेजता था जिसे संसार भर के केंद्र सुन सकते थे। इस प्रक्षेपण ने अंतरिक्ष युग आरंभ किया और अमेरिका को अगले ही वर्ष नासा बनाने के लिए प्रेरित किया। एक माह बाद छोड़ा गया स्पुतनिक 2 कुतिया लाइका को ले गया, जो कक्षा में जाने वाला पहला प्राणी बनी।
विकल्प A, अमेरिका ने अपना पहला उपग्रह एक्सप्लोरर 1 कुछ माह बाद 1958 के आरंभ में छोड़ा। विकल्प C, ब्रिटेन ने एरियल 1 जैसे आरंभिक उपग्रह बनाए, पर उन्हें अमेरिकी राकेटों ने छोड़ा। विकल्प D, फ्रांस 1965 में अपने ही राकेट से उपग्रह छोड़ने वाला तीसरा देश बना और बाद में यूरोपीय प्रयास का नेतृत्व किया। पहला स्थान सोवियत संघ का है।
अंतरिक्ष में यात्रा करने वाला पहला मनुष्य कौन था?
- A.नील आर्मस्ट्रांग
- B.यूरी गागरिन
- C.एलन शेपर्ड
- D.अलेक्सी लियोनोव
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यूरी गागरिन
व्याख्या
सही उत्तर B, यूरी गागरिन है। सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन ने 12 अप्रैल 1961 को वोस्तोक 1 से पृथ्वी की एक परिक्रमा की और अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मनुष्य बने; यह उड़ान लगभग एक घंटा अड़तालीस मिनट चली। यह दिन हर वर्ष मानव अंतरिक्ष उड़ान के अंतरराष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। उसी देश की वैलेंटिना तेरेश्कोवा 1963 में अंतरिक्ष जाने वाली पहली महिला बनीं।
विकल्प A, नील आर्मस्ट्रांग जुलाई 1969 में चंद्रमा पर पैर रखने वाले पहले व्यक्ति थे, जो दूसरी उपलब्धि है। विकल्प C, एलन शेपर्ड गागरिन के कुछ सप्ताह बाद अंतरिक्ष जाने वाले पहले अमेरिकी थे और बाद में अपोलो 14 से चंद्रमा पर चले। विकल्प D, अलेक्सी लियोनोव ने 1965 में यान के बाहर पहली अंतरिक्ष यात्रा की। चारों नाम सच्चे हैं, इसलिए ठीक प्रथम याद रखना आवश्यक है।
1975 में छोड़े गए पहले भारतीय उपग्रह का नाम क्या था?
- A.रोहिणी
- B.भास्कर
- C.आर्यभट
- D.इनसैट-1ए
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. आर्यभट
व्याख्या
सही उत्तर C, आर्यभट है। भारत के पहले उपग्रह का नाम प्राचीन खगोलशास्त्री और गणितज्ञ आर्यभट पर रखा गया और उसे 19 अप्रैल 1975 को सोवियत स्थल से छोड़ा गया, क्योंकि तब भारत के पास अपना प्रक्षेपण यान नहीं था। इसमें खगोल विज्ञान और सौर भौतिकी के प्रयोगों के उपकरण थे, और कुछ दिनों बाद उसकी विद्युत प्रणाली बिगड़ गई, फिर भी उसने सिद्ध किया कि भारत उपग्रह बना सकता है।
विकल्प A, रोहिणी भारतीय प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 से जुलाई 1980 में कक्षा में पहुँचाया गया पहला उपग्रह था, जो अगला पड़ाव और सामान्य जाल है। विकल्प B, भास्कर 1979 में छोड़ा गया आरंभिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह था। विकल्प D, इनसैट-1ए संचार के लिए बने भारतीय राष्ट्रीय उपग्रह तंत्र का पहला उपग्रह था, जो 1982 में छोड़ा गया। आर्यभट, भास्कर, रोहिणी, इनसैट का क्रम याद रखने योग्य है।
भारत का मंगल कक्षित्र मिशन, जिसे मंगलयान भी कहते हैं, किस वर्ष मंगल की कक्षा में पहुँचा?
- A.2008
- B.2013
- C.2014
- D.2019
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2014
व्याख्या
सही उत्तर C, 2014 है। मंगल कक्षित्र मिशन 5 नवंबर 2013 को पीएसएलवी राकेट से छोड़ा गया और 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में स्थापित हुआ। इसके साथ भारत पहले ही प्रयास में मंगल तक पहुँचने वाला पहला देश और मंगल तक पहुँचने वाला पहला एशियाई देश बना, और यह मिशन अपनी बहुत कम लागत के लिए भी चर्चित रहा। इसमें सतह, वायुमंडल और मेथेन के अध्ययन के उपकरण थे, और यह ग्रह की परिक्रमा करता रहा, उस पर उतरा नहीं।
विकल्प A, 2008 चंद्रयान-1 का वर्ष है। विकल्प B, 2013 प्रक्षेपण का वर्ष है, कक्षा में प्रवेश का नहीं, और यही अंतर इस प्रश्न में परखा जाता है। विकल्प D, 2019 चंद्रयान-2 का वर्ष है। प्रक्षेपण की तिथि और पहुँचने की तिथि अलग अलग याद रखना इस अध्याय के प्रश्नों का सबसे सुरक्षित तरीका है।
चंद्रयान-3 का लैंडर चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के निकट किस वर्ष उतरा?
- A.2019
- B.2021
- C.2023
- D.2024
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2023
व्याख्या
सही उत्तर C, 2023 है। चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को एलवीएम3 राकेट से छोड़ा गया, और उसका विक्रम लैंडर 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के निकट उतरा तथा प्रज्ञान रोवर बाहर निकला। इस प्रकार भारत सोवियत संघ, अमेरिका और चीन के बाद चंद्रमा पर सफल सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश बना और दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में उतरने वाला पहला, जो वैज्ञानिकों के लिए रोचक है क्योंकि वहाँ छाया वाले गड्ढों में जल बर्फ बची रह सकती है। यह दिन अब राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है।
विकल्प A, 2019 चंद्रयान-2 का वर्ष है, जिसका ऑर्बिटर अब भी काम कर रहा है पर लैंडर खो गया। विकल्प B, 2021 में भारत की कोई चंद्र लैंडिंग नहीं हुई। विकल्प D, 2024 घटना के बाद का वर्ष है। याद रखने की जोड़ी यही है, 2019 में चंद्रयान-2 बिना लैंडिंग और 2023 में चंद्रयान-3 लैंडिंग के साथ।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी का मुख्यालय किस नगर में है?
- A.पेरिस
- B.ब्रुसेल्स
- C.कौरू
- D.डार्मस्टाट
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पेरिस
व्याख्या
सही उत्तर A, पेरिस है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी 1975 में उन यूरोपीय देशों ने बनाई जिन्होंने अपना अंतरिक्ष कार्य एक साथ करने का निर्णय किया, और इसका मुख्यालय पेरिस में है। इस एजेंसी के प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष यात्री प्रशिक्षण और मिशन नियंत्रण के अलग अलग केंद्र यूरोप भर में फैले हैं, और यह हब्बल तथा जेम्स वेब दूरबीन और अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन जैसी परियोजनाओं में नासा के साथ काम करती है।
विकल्प B, ब्रुसेल्स यूरोपीय संघ और नाटो का केंद्र है, इस अंतरिक्ष एजेंसी का नहीं, जो अपने सदस्यों वाली अलग संस्था है। विकल्प C, फ्रेंच गुयाना का कौरू वह स्थान है जहाँ से एजेंसी का गुयाना अंतरिक्ष केंद्र राकेट छोड़ता है, जो भूमध्य रेखा के निकट होने के कारण चुना गया। विकल्प D, जर्मनी के डार्मस्टाट में यूरोपीय अंतरिक्ष संचालन केंद्र है, जो प्रक्षेपण के बाद मिशन नियंत्रित करता है। मुख्यालय केवल पेरिस में है।
जाक्सा किस देश की अंतरिक्ष एजेंसी है?
- A.दक्षिण कोरिया
- B.जापान
- C.चीन
- D.इजरायल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जापान
व्याख्या
सही उत्तर B, जापान है। जाक्सा का अर्थ जापान वैमानिकी अन्वेषण एजेंसी है, जो 2003 में जापान की तीन पुरानी अंतरिक्ष संस्थाओं को मिलाकर बनी और जिसका मुख्यालय टोक्यो में है। यह हायाबुसा मिशनों के लिए प्रसिद्ध है, जो क्षुद्रग्रहों से नमूने लाए, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के किबो प्रयोगशाला मॉड्यूल के लिए और एच शृंखला के प्रक्षेपण यानों के लिए।
विकल्प A, दक्षिण कोरिया की अपनी संस्था कारी यानी कोरिया वैमानिकी अनुसंधान संस्थान है। विकल्प C, चीन चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के माध्यम से काम करता है, जो 1993 में बना और बीजिंग से चलता है तथा चांगई चंद्र मिशन और तियांगोंग स्टेशन चलाता है। विकल्प D, इजरायल की इजरायल अंतरिक्ष एजेंसी है। संक्षिप्त नाम को देश से जोड़ना ही ऐसे प्रश्नों में परखा जाता है, इसलिए इसरो, नासा, ईएसए, जाक्सा, सीएनएसए और कारी को साथ याद करें।
चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर सबसे पहली लैंडिंग किस देश के यान ने की?
- A.अमेरिका
- B.रूस
- C.चीन
- D.भारत
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. चीन
व्याख्या
सही उत्तर C, चीन है। चीन के चांगई 4 मिशन ने जनवरी 2019 में चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर लैंडिंग की, जो किसी भी यान की वहाँ पहली लैंडिंग थी, और उसने युतु-2 रोवर बाहर भेजा। वहाँ उतरना कठिन है क्योंकि दूरस्थ भाग कभी पृथ्वी की ओर नहीं होता, इसलिए संकेत पहुँचाने के लिए अलग रिले उपग्रह पहले से स्थापित किया गया था। बाद में चीन ने चांगई 5 से चंद्र नमूने पृथ्वी पर लाए।
विकल्प A, अमेरिका ने अपोलो दलों को निकट भाग पर उतारा। विकल्प B, रूस ने सोवियत संघ के रूप में लूना 9 से 1966 में किसी भी प्रकार की पहली सॉफ्ट लैंडिंग की, वह भी निकट भाग पर। विकल्प D, भारत ने 2023 में चंद्रयान-3 से दक्षिण ध्रुव के निकट लैंडिंग की, जो अलग उपलब्धि है और इस प्रश्न में सबसे संभावित भ्रम। दूरस्थ भाग का श्रेय चीन का है।
1977 में छोड़ा गया कौन यान पृथ्वी से सबसे दूर स्थित मानव निर्मित वस्तु है?
- A.पायोनियर 10
- B.वॉयजर 1
- C.न्यू होराइजंस
- D.कैसिनी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वॉयजर 1
व्याख्या
सही उत्तर B, वॉयजर 1 है। नासा ने इसे 1977 में छोड़ा, यह बृहस्पति और शनि के पास से गुजरा, फिर बाहर की ओर बढ़ता रहा और तारों के बीच के अंतरिक्ष में पहुँच गया, जिससे यह पृथ्वी से सबसे दूर मानव निर्मित वस्तु बन गया। इसमें हमारे ग्रह की ध्वनियों और चित्रों वाला स्वर्ण अभिलेख रखा है, और इसी ने पृथ्वी का वह चित्र लिया जिसे पीला नीला बिंदु कहा जाता है।
विकल्प A, पायोनियर 10 बृहस्पति की ओर भेजा गया पुराना यान था और एक समय सबसे दूर था, पर वह पीछे छूट गया और अब संकेत नहीं भेजता। विकल्प C, न्यू होराइजंस 2015 में प्लूटो के पास से गुजरा और दूर है, पर वॉयजर यानों से बहुत निकट है। विकल्प D, कैसिनी ने शनि और उसके चंद्रमाओं का अध्ययन किया और 2017 में मिशन के अंत में उसे जानबूझकर ग्रह में गिरा दिया गया। जुड़वाँ वॉयजर 2 ही चारों विशाल ग्रहों के पास से गुजरा है।
अंतरिक्ष में जाने वाला पहला भारतीय कौन था?
- A.कल्पना चावला
- B.राकेश शर्मा
- C.रवीश मल्होत्रा
- D.सुनीता विलियम्स
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. राकेश शर्मा
व्याख्या
सही उत्तर B, राकेश शर्मा है। भारतीय वायु सेना के पायलट राकेश शर्मा अप्रैल 1984 में एक संयुक्त मिशन के अंतर्गत सोयुज यान से सोवियत अंतरिक्ष स्टेशन सैल्यूट 7 गए और लगभग एक सप्ताह कक्षा में रहकर जीव विज्ञान तथा सुदूर संवेदन के प्रयोग किए। उन्हें इसके लिए भी याद किया जाता है कि प्रधानमंत्री के इस प्रश्न पर कि अंतरिक्ष से भारत कैसा दिखता है, उन्होंने एक प्रसिद्ध गीत की पंक्ति से उत्तर दिया।
विकल्प A, कल्पना चावला अंतरिक्ष जाने वाली भारतीय मूल की पहली महिला थीं, जो नासा के साथ गईं और 2003 की कोलंबिया दुर्घटना में उनका निधन हुआ। विकल्प C, रवीश मल्होत्रा 1984 के मिशन के आरक्षित पायलट थे और उड़ान नहीं भर सके। विकल्प D, सुनीता विलियम्स नासा की भारतीय मूल की दूसरी अंतरिक्ष यात्री हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लंबा समय बिताया है। भारतीय नागरिक के रूप में पहले केवल राकेश शर्मा गए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इसरो की स्थापना कब हुई और उसका मुख्यालय कहाँ है?
इसरो 15 अगस्त 1969 को बना और उसने 1962 में बनी समिति का काम सँभाला; उसका मुख्यालय बेंगलुरु में है। अंतरिक्ष विभाग 1972 में बना।
चंद्रयान-3 को मील का पत्थर क्यों माना जाता है?
उसका विक्रम लैंडर 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव के निकट उतरा, जिससे भारत सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला चौथा देश और उस क्षेत्र में उतरने वाला पहला देश बना, जहाँ जल बर्फ की संभावना है।
मंगल कक्षित्र मिशन की विशेषता क्या थी?
भारत अपने पहले ही प्रयास में सितंबर 2014 में मंगल की कक्षा तक पहुँचा, और वह भी बहुत कम लागत में। यह मिशन ग्रह की परिक्रमा करता रहा, उस पर उतरा नहीं।
अंतरिक्ष में जाने वाला पहला मनुष्य कौन था?
सोवियत संघ के यूरी गागरिन, जिन्होंने 12 अप्रैल 1961 को वोस्तोक 1 से पृथ्वी की परिक्रमा की। वैलेंटिना तेरेश्कोवा 1963 में अंतरिक्ष जाने वाली पहली महिला बनीं।
यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी अपने राकेट कहाँ से छोड़ती है?
फ्रेंच गुयाना के कौरू स्थित गुयाना अंतरिक्ष केंद्र से, जो इसलिए चुना गया कि भूमध्य रेखा के निकट स्थल से राकेट को पृथ्वी के घूर्णन से अधिक गति मिलती है।
आदित्य-एल1 किसका अध्ययन करता है?
सूर्य का, विशेषकर उसके बाह्य वायुमंडल और सौर पवन का, सूर्य तथा पृथ्वी के पहले लैग्रांज बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा से, जो लगभग पंद्रह लाख किलोमीटर दूर है।
स्रोत
- इसरो के बारे में: इतिहास, केंद्र और प्रक्षेपण यान — भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- चंद्रयान-3 मिशन विवरण — भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- नासा के बारे में: इतिहास और संगठन — राष्ट्रीय वैमानिकी और अंतरिक्ष प्रशासन
- ईएसए के बारे में: सदस्य देश और केंद्र — यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी




