भारत में विज्ञान नीति और अनुसंधान वित्तपोषण: परीक्षा नोट्स
भारत में विज्ञान नीति और अनुसंधान वित्तपोषण के नोट्स: 1958 का संकल्प, 2003 तथा 2013 की नीतियां, डीएसटी, सीएसआईआर, आईसीएमआर, एएनआरएफ और मुख्य फेलोशिप।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 6 मिनट

भारत अपने अनुसंधान का प्रबंध कैसे करता है और उसके लिए धन कहां से आता है, यह प्रश्न अब लगभग हर सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में एक-दो बार आता है। इसके उत्तर नाम, वर्ष और अधिनियम होते हैं, कोई बदलता आंकड़ा नहीं, इसलिए यह अंक पक्का करने वाला विषय है। कौन-सा संकल्प पहले आया, कौन विभाग कौन-सी योजना चलाता है, किस संस्था ने किस संस्था का स्थान लिया, यही पूछा जाता है। इन नोट्स में 1958 से अब तक की नीतियां, धन खर्च करने वाले विभाग और परिषदें, नया अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, विद्यार्थियों की अपनी छात्रवृत्तियां और विज्ञान से जुड़े पुरस्कार तथा दिवस क्रम से दिए गए हैं।
नीति दस्तावेज, एक-एक युग के
भारत ने अपनी विज्ञान नीति चार बार घोषित की है, हर बार अपने दशक की भाषा में। पहली संसद का एक संकल्प थी और पांचवीं अभी प्रारूप के रूप में ही है।
| दस्तावेज | वर्ष | मुख्य बात |
|---|---|---|
| वैज्ञानिक नीति संकल्प | 1958 | राज्य विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा; जवाहरलाल नेहरू के काल में होमी भाभा की भूमिका |
| प्रौद्योगिकी नीति वक्तव्य | 1983 | प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी तकनीक का उपयोग |
| विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति | 2003 | विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को एक साथ लेने वाली पहली नीति; अनुसंधान व्यय को जीडीपी के दो प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य |
| विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति | 2013 | तीसरे शब्द के रूप में नवाचार जुड़ा; भारत को विश्व की पहली पांच वैज्ञानिक शक्तियों में लाने का लक्ष्य |
पांचवीं नीति का प्रारूप 2020 में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय ने मिलकर बनाया और जनता की राय के लिए रखा। वर्ष 2010 से 2020 तक की अवधि को नवाचार दशक घोषित किया गया था।
अनुसंधान का ढांचा कौन चलाता है
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन तीन विभाग हैं: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, जो 1971 में बना, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग, जो 1985 में बना, और जैव प्रौद्योगिकी विभाग, जो 1986 में बना। दो वैज्ञानिक विभाग इस मंत्रालय से बाहर हैं और सीधे प्रधानमंत्री के अधीन आते हैं: परमाणु ऊर्जा विभाग, जिसकी स्थापना 1954 में हुई, और अंतरिक्ष विभाग, जिसकी स्थापना 1972 में हुई।
विभागों के नीचे अनुसंधान परिषदें आती हैं और हर परिषद की अपनी प्रयोगशालाओं की श्रृंखला है।
- सीएसआईआर अर्थात वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद की स्थापना 1942 में हुई और यह सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत एक सोसाइटी के रूप में पंजीकृत है। प्रधानमंत्री पदेन इसके अध्यक्ष और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री उपाध्यक्ष होते हैं। शांति स्वरूप भटनागर इसके पहले महानिदेशक थे।
- आईसीएआर अर्थात भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद 1929 में इंपीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के नाम से बनी और कृषि मंत्रालय के अधीन काम करती है।
- आईसीएमआर अर्थात भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद 1911 में इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन के नाम से शुरू हुई और 1949 में इसे वर्तमान नाम मिला; यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन है।
- डीआरडीओ अर्थात रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन 1958 में रक्षा मंत्रालय के अधीन बना।
सरकार को सलाह प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालय से मिलती है, जो 1999 में बना और जिसके पहले पदाधिकारी ए. पी. जे. अब्दुल कलाम थे, तथा 2018 में गठित प्रधानमंत्री की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद से।
अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन
अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना एएनआरएफ अधिनियम 2023 से हुई और इसने विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड का काम अपने हाथ में ले लिया, जिसे एसईआरबी अधिनियम 2008 ने बनाया था। प्रधानमंत्री पदेन इसके शासी बोर्ड के अध्यक्ष हैं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा मंत्री उपाध्यक्ष हैं और प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार इसकी कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष हैं। 2023 से पांच वर्ष के लिए इसका परिव्यय पचास हजार करोड़ रुपये है, जिसमें चौदह हजार करोड़ सरकार से और छत्तीस हजार करोड़ उद्योग तथा परोपकारी संस्थाओं से जुटाया जाना है। इसका उद्देश्य अनुसंधान का धन राज्य विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों तक पहुंचाना है, जहां पहले यह प्रायः नहीं पहुंचता था।
अनुसंधान का धन कहां से आता है
किसी देश के अनुसंधान व्यय को अनुसंधान एवं विकास पर सकल व्यय यानी जीईआरडी कहा जाता है और इसे सकल घरेलू उत्पाद के हिस्से के रूप में पढ़ा जाता है। भारत का जीईआरडी जीडीपी के एक प्रतिशत से नीचे रहा है, जबकि 2003 और 2013 दोनों नीतियों ने दो प्रतिशत का लक्ष्य रखा था। प्रश्न का दूसरा आधा भाग खर्च का ढांचा है: विकसित देशों में अनुसंधान का बड़ा भाग उद्योग देता है, पर भारत में सरकार ही सबसे बड़ी वित्तदाता और सबसे बड़ी कर्ता है, और निजी हिस्सा बढ़ते हुए भी छोटा है। सार्वजनिक धन को उद्योग और आविष्कारकों तक ले जाने वाली संस्थाओं में 1953 का राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम है, जो सरकारी प्रयोगशालाओं की तकनीक का लाइसेंस देता है, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड है, जो प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम 1995 के अंतर्गत 1996 में गठित हुआ और भारतीय तकनीक का व्यापारीकरण करने वाली कंपनियों को ऋण देता है, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन 2012 का बाइरैक, अहमदाबाद में 2000 में बना राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान, जो जमीनी आविष्कारकों के लिए है, और नीति आयोग के अधीन 2016 का अटल नवाचार मिशन, जो विद्यालयों में अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं चलाता है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की अनेक योजनाओं को अब एक ही केंद्रीय क्षेत्र योजना विज्ञान धारा में मिला दिया गया है, जिसके तीन अंग हैं: क्षमता निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, तथा नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास।
याद रखने योग्य छात्रवृत्तियां और योजनाएं
- इंस्पायर यानी इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च, जिसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 2008 में शुरू किया, विद्यालय के बच्चों के इंस्पायर अवार्ड-मानक से लेकर उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति और शोध तथा संकाय फेलोशिप तक फैली है।
- प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलोशिप 2018 में शिक्षा मंत्रालय के अधीन शुरू हुई और आईआईटी, आईआईएससी, एनआईटी तथा आईआईएसईआर में शोध कार्य के लिए धन देती है।
- जे. सी. बोस राष्ट्रीय फेलोशिप तथा स्वर्णजयंती फेलोशिप स्थापित वैज्ञानिकों के लिए हैं; रामानुजन फेलोशिप और जैव प्रौद्योगिकी विभाग की रामलिंगास्वामी री-एंट्री फेलोशिप विदेश से लौटने वाले भारतीय वैज्ञानिकों के लिए हैं; वज्र विदेशी संकाय को भारत लाती है।
- फिस्ट, पर्स, साथी और क्यूरी विश्वविद्यालयों में उपकरण तथा साझा उपकरण केंद्रों के लिए धन देती हैं।
- किरण और उसकी वाइज फेलोशिप, विज्ञान ज्योति तथा गति महिलाओं के लिए बनी योजनाएं हैं; निधि प्रौद्योगिकी स्टार्टअप को सहारा देती है।
पुरस्कार और उनसे जुड़े दिवस
सीएसआईआर ने 1958 में शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार शुरू किया, जो पैंतालीस वर्ष से अधिक आयु के वैज्ञानिकों को नहीं दिया जाता और जो भारत का सबसे प्रसिद्ध विज्ञान पुरस्कार है; 2024 में सरकार ने अपने विज्ञान पुरस्कारों को राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार में समेट दिया, जिसकी चार श्रेणियां हैं, विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा-शांति स्वरूप भटनागर और विज्ञान टीम। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को पड़ता है, उस दिन सी. वी. रमन ने रमन प्रभाव की घोषणा की थी; राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई को, 1998 के पोखरण परीक्षणों के कारण; और राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 23 अगस्त को, चंद्रयान-3 की लैंडिंग के कारण। आविष्कारों की रक्षा पेटेंट अधिनियम 1970 से होती है, जिसमें पेटेंट की अवधि बीस वर्ष है और जिसका प्रशासन महानियंत्रक पेटेंट, डिजाइन एवं व्यापार चिह्न करते हैं, तथा पेटेंट कार्यालय का प्रधान कार्यालय कोलकाता में है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय से चार बातें पूछी जाती हैं। पहली, नीति दस्तावेजों का क्रम: 1958, 1983, 2003 और 2013, जिसमें जीडीपी के दो प्रतिशत का लक्ष्य 2003 से जुड़ा है। दूसरी, किसी संस्था का वर्ष और उसका मंत्रालय: डीएसटी 1971, डीएसआईआर 1985, डीबीटी 1986, सीएसआईआर 1942, आईसीएआर 1929, आईसीएमआर 1911, डीआरडीओ 1958, तथा वे दो विभाग जो प्रधानमंत्री के अधीन हैं। तीसरी, कौन-सा अधिनियम किस संस्था को बनाता है: 2023 का एएनआरएफ अधिनियम, 2008 का एसईआरबी अधिनियम, 1995 का प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम। चौथी, कौन किस पद के आधार पर कौन-सा पद रखता है: प्रधानमंत्री सीएसआईआर तथा एएनआरएफ शासी बोर्ड के अध्यक्ष, प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार एएनआरएफ की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष। भ्रम के बिंदु हैं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री को सीएसआईआर का अध्यक्ष बता देना जबकि वे उपाध्यक्ष हैं, इंपीरियल काउंसिल को आईसीएमआर का पुराना नाम कह देना जबकि वह आईसीएआर का है, 28 फरवरी के विज्ञान दिवस और 11 मई के प्रौद्योगिकी दिवस को बदल देना, तथा अंतरिक्ष विभाग को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन मान लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पहली नीति | वैज्ञानिक नीति संकल्प, 1958 |
|---|---|
| प्रौद्योगिकी नीति वक्तव्य | 1983; प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता |
| विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति 2003 | विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी को जोड़ने वाली पहली नीति; जीडीपी के दो प्रतिशत का लक्ष्य |
| एसटीआई नीति 2013 | नवाचार जुड़ा; पहली पांच वैज्ञानिक शक्तियों में आने का लक्ष्य |
| नवाचार दशक | 2010 से 2020 |
| डीएसटी | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, 1971 |
| डीएसआईआर | वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग, 1985 |
| डीबीटी | जैव प्रौद्योगिकी विभाग, 1986 |
| प्रधानमंत्री के अधीन | परमाणु ऊर्जा विभाग, 1954; अंतरिक्ष विभाग, 1972 |
| सीएसआईआर | 1942; 1860 के अधिनियम के अंतर्गत सोसाइटी; प्रधानमंत्री पदेन अध्यक्ष |
| आईसीएआर | 1929, इंपीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के नाम से |
| आईसीएमआर | 1911 में इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन; 1949 में नाम बदला |
| एएनआरएफ | एएनआरएफ अधिनियम, 2023; 2008 के अधिनियम वाले एसईआरबी का स्थान लिया |
| एएनआरएफ परिव्यय | 2023 से 2028 तक पचास हजार करोड़ रुपये: चौदह हजार करोड़ सरकारी, छत्तीस हजार करोड़ निजी |
| प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय | 1999 में गठित; पहले पदाधिकारी ए. पी. जे. अब्दुल कलाम |
| पेटेंट अधिनियम | 1970; पेटेंट की अवधि बीस वर्ष |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
स्वतंत्र भारत की विज्ञान नीति का पहला औपचारिक वक्तव्य कौन-सा दस्तावेज था?
- A.प्रौद्योगिकी नीति वक्तव्य, 1983
- B.वैज्ञानिक नीति संकल्प, 1958
- C.विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति, 2003
- D.विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति, 2013
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वैज्ञानिक नीति संकल्प, 1958
व्याख्या
सही उत्तर B, वैज्ञानिक नीति संकल्प, 1958 है। यह स्वतंत्र भारत द्वारा अपनाया गया विज्ञान पर पहला नीतिगत वक्तव्य था, जो जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री काल में संसद के समक्ष रखा गया और जिसे रूप देने में होमी भाभा की बड़ी भूमिका थी। इसमें कहा गया कि राज्य विज्ञान और वैज्ञानिक अनुसंधान को उसके सभी रूपों में बढ़ावा देगा और राष्ट्रीय विकास को वैज्ञानिक दृष्टि से जोड़ा गया। विकल्प A गलत है क्योंकि प्रौद्योगिकी नीति वक्तव्य पच्चीस वर्ष बाद 1983 में आया और वह प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता तथा स्वदेशी तकनीक पर केंद्रित था। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2003 की विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति दोनों शब्दों को एक दस्तावेज में लाने वाली पहली नीति थी और उसने जीडीपी के दो प्रतिशत का लक्ष्य रखा, पर वह तीसरा दस्तावेज था। विकल्प D गलत है क्योंकि 2013 की नीति चारों में अंतिम थी और उसमें नवाचार तीसरे तत्व के रूप में जुड़ा।
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद का पदेन अध्यक्ष कौन होता है?
- A.भारत के राष्ट्रपति
- B.केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री
- C.भारत के प्रधानमंत्री
- D.प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत के प्रधानमंत्री
व्याख्या
सही उत्तर C, भारत के प्रधानमंत्री है। सीएसआईआर की स्थापना 1942 में हुई और यह सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत एक सोसाइटी के रूप में पंजीकृत है; इसके नियमों के अनुसार प्रधानमंत्री पद के आधार पर इस सोसाइटी के अध्यक्ष होते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि भारत के राष्ट्रपति सीएसआईआर के ढांचे का भाग नहीं हैं और इस प्रकार की पंजीकृत सोसाइटी में उनका कोई पद नहीं होता। विकल्प B गलत है पर यही सबसे आम भ्रम है: केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सीएसआईआर के उपाध्यक्ष होते हैं, अध्यक्ष से एक पायदान नीचे। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय 1999 में बना और वे सरकार को सलाह देते हैं तथा अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की कार्यकारी परिषद के अध्यक्ष हैं, पर सीएसआईआर में उनका कोई अध्यक्षीय पद नहीं है। शांति स्वरूप भटनागर सीएसआईआर के पहले महानिदेशक थे।
अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की स्थापना किस वर्ष पारित अधिनियम से हुई?
- A.2018
- B.2020
- C.2023
- D.2024
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2023
व्याख्या
सही उत्तर C, 2023 है। अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अधिनियम 2023 में संसद से पारित हुआ, जिसका उद्देश्य सभी विज्ञान क्षेत्रों में अनुसंधान के वित्तपोषण के लिए एक शीर्ष संस्था बनाना था, और वह धन राज्य विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों तक पहुंचाना था जहां पहले केंद्रीय अनुसंधान धन बहुत कम जाता था। इसी अधिनियम ने विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड को समाप्त कर उसका कार्य नए फाउंडेशन को दे दिया। विकल्प A, 2018, गलत है; उस वर्ष प्रधानमंत्री की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार सलाहकार परिषद बनी और प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलोशिप शुरू हुई। विकल्प B, 2020, गलत है पर आकर्षक है, क्योंकि उस वर्ष पांचवीं विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति का प्रारूप तैयार हुआ था। विकल्प D, 2024, गलत है; उस वर्ष सरकार ने अपने विज्ञान पुरस्कारों को राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार में समेटा था।
विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड, जिसका कार्य अब अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने ले लिया है, किस वर्ष के अधिनियम से बना था?
- A.2008
- B.2010
- C.2013
- D.2016
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 2008
व्याख्या
सही उत्तर A, 2008 है। विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड अधिनियम 2008 में पारित हुआ और यह बोर्ड विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन एक सांविधिक निकाय के रूप में गठित हुआ, जो प्रतिस्पर्धी अनुदानों के माध्यम से विज्ञान तथा अभियांत्रिकी में मूलभूत अनुसंधान को धन देता था। 2023 के अधिनियम से इसके कार्य अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन को चले गए। विकल्प B, 2010, गलत है; यह 2010 से 2020 तक घोषित नवाचार दशक का पहला वर्ष है। विकल्प C, 2013, गलत है पर भ्रम पैदा करता है, क्योंकि उस वर्ष विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति आई थी, जो एक नीति दस्तावेज था, वित्तपोषण संस्था बनाने वाला कानून नहीं। विकल्प D, 2016, गलत है; उस वर्ष नीति आयोग के अधीन अटल नवाचार मिशन बना, जो अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं चलाता है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की स्थापना किस वर्ष हुई?
- A.1958
- B.1962
- C.1966
- D.1971
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1971
व्याख्या
सही उत्तर D, 1971 है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग 1971 में बना और यह विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के नए क्षेत्रों को बढ़ावा देने तथा मंत्रालयों के बीच वैज्ञानिक कार्य के समन्वय का नोडल विभाग है; यही विभाग इंस्पायर कार्यक्रम, अनेक फेलोशिप तथा विज्ञान धारा योजना चलाता है। विकल्प A, 1958, गलत है, पर यही भ्रम का वर्ष है: उस वर्ष वैज्ञानिक नीति संकल्प आया, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन बना और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार शुरू हुआ। विकल्प B, 1962, और विकल्प C, 1966, गलत हैं; इन वर्षों में कोई वैज्ञानिक विभाग नहीं बना और ये केवल निकट के वर्ष के रूप में दिए गए हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तीन विभागों का क्रम याद रखें: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी 1971, वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान 1985 तथा जैव प्रौद्योगिकी 1986।
निम्नलिखित में से कौन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन नहीं आता?
- A.वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग
- B.जैव प्रौद्योगिकी विभाग
- C.अंतरिक्ष विभाग
- D.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अंतरिक्ष विभाग
व्याख्या
सही उत्तर C, अंतरिक्ष विभाग है। 1972 में बना अंतरिक्ष विभाग और 1954 में बना परमाणु ऊर्जा विभाग विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन नहीं हैं; ये दोनों सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं, इसीलिए इसरो तथा परमाणु ऊर्जा का ढांचा प्रधानमंत्री के अधीन कहा जाता है। विकल्प A उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि 1985 में बना वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग इसी मंत्रालय के तीन विभागों में से एक है और सीएसआईआर तथा राष्ट्रीय अनुसंधान विकास निगम उसके अधीन आते हैं। विकल्प B उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि 1986 में बना जैव प्रौद्योगिकी विभाग इसी मंत्रालय का तीसरा विभाग है और वही बाइरैक चलाता है। विकल्प D उत्तर के रूप में गलत है क्योंकि 1971 का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग इन तीनों में पहला और सबसे जाना-पहचाना विभाग है तथा इंस्पायर जैसी योजनाएं यही चलाता है। इस प्रश्न में यह ध्यान रखना है कि प्रश्न किसको मंत्रालय के बाहर पूछ रहा है।
भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद की स्थापना 1911 में किस पुराने नाम से हुई थी?
- A.इंपीरियल काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च
- B.इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन
- C.केंद्रीय चिकित्सा अनुसंधान बोर्ड
- D.भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन
व्याख्या
सही उत्तर B, इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन है। इस संस्था की स्थापना 1911 में इंडियन रिसर्च फंड एसोसिएशन के नाम से हुई, जिसका काम देश में चिकित्सा अनुसंधान को प्रायोजित तथा समन्वित करना था, और स्वतंत्रता के बाद 1949 में इसका नाम भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद रखा गया। यह स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन है और इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है। विकल्प A सबसे बड़ा भ्रम है, क्योंकि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद वास्तव में 1929 में इंपीरियल काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च के नाम से बनी थी; चिकित्सा संस्था का नाम अलग था। विकल्प C एक बनावटी नाम है और किसी भारतीय संस्था का नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान 1956 के अधिनियम से बना एक शिक्षण संस्थान है, यह अनुसंधान परिषद नहीं है।
इंस्पायर कार्यक्रम, जिसमें विद्यालयी बच्चों के लिए इंस्पायर अवार्ड-मानक शामिल है, किस निकाय द्वारा चलाया जाता है?
- A.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
- B.शिक्षा मंत्रालय
- C.जैव प्रौद्योगिकी विभाग
- D.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
व्याख्या
सही उत्तर A, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग है। इंस्पायर का पूरा रूप इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च है और इसे विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 2008 में युवाओं को विज्ञान की ओर खींचने के लिए शुरू किया था। इसके अंग विद्यालयी बच्चों के इंस्पायर अवार्ड-मानक से लेकर स्नातक स्तर पर विज्ञान चुनने वाले मेधावी विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति और आगे शोध तथा संकाय फेलोशिप तक फैले हैं। विकल्प B आकर्षक लगता है पर गलत है, क्योंकि शिक्षा मंत्रालय अपनी अलग योजनाएं चलाता है, जिनमें 2018 की प्रधानमंत्री अनुसंधान फेलोशिप शामिल है। विकल्प C गलत है क्योंकि जैव प्रौद्योगिकी विभाग की अपनी फेलोशिप हैं, जैसे रामलिंगास्वामी री-एंट्री फेलोशिप, इंस्पायर उसकी योजना नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि सीएसआईआर अपनी परीक्षा से शोध फेलोशिप देता है और प्रयोगशालाएं चलाता है।
स्वदेशी प्रौद्योगिकी का व्यापारीकरण करने वाली कंपनियों को ऋण देने वाला प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड किस अधिनियम के अंतर्गत गठित हुआ?
- A.पेटेंट अधिनियम, 1970
- B.सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860
- C.अनुसंधान एवं विकास उपकर अधिनियम, 1986
- D.प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम, 1995
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम, 1995
व्याख्या
सही उत्तर D, प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड अधिनियम, 1995 है। यह बोर्ड उसी अधिनियम के अंतर्गत 1996 में एक सांविधिक निकाय के रूप में गठित हुआ और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अधीन काम करता है, तथा स्वदेशी तकनीक को बाजार तक ले जाने वाली भारतीय कंपनियों को ऋण और इक्विटी देता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पेटेंट अधिनियम 1970 पेटेंट देने की व्यवस्था करता है और बीस वर्ष की अवधि तय करता है, वह कोई वित्तपोषण संस्था नहीं बनाता। विकल्प B गलत है पर सच्चा भ्रम है, क्योंकि सीएसआईआर सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है, इसलिए यह अधिनियम इस विषय में आता है, पर दूसरी जगह। विकल्प C गठन करने वाले कानून के रूप में गलत है, पर अनुसंधान एवं विकास उपकर अधिनियम 1986 जुड़ा हुआ है, क्योंकि उस उपकर से बोर्ड के कोष को धन मिलता था।
भारत में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस किस तिथि को मनाया जाता है?
- A.28 फरवरी
- B.11 मई
- C.23 अगस्त
- D.5 जून
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 11 मई
व्याख्या
सही उत्तर B, 11 मई है। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 11 मई 1998 की स्मृति में मनाया जाता है, जिस दिन पोखरण-दो के पहले परमाणु परीक्षण हुए, उसी दिन त्रिशूल मिसाइल का परीक्षण हुआ और स्वदेशी हंसा-3 विमान की पहली उड़ान पूरी हुई। विकल्प A, 28 फरवरी, राष्ट्रीय विज्ञान दिवस है, जो 1928 के उस दिन की स्मृति है जब सी. वी. रमन ने अपने नाम से जाने गए प्रभाव की घोषणा की और जिसके लिए उन्हें 1930 में नोबेल पुरस्कार मिला। विकल्प C, 23 अगस्त, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस है, जो 2023 में चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के निकट सफल लैंडिंग की स्मृति में घोषित हुआ। विकल्प D, 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस है और प्रौद्योगिकी से इसका कोई संबंध नहीं है। विज्ञान दिवस और प्रौद्योगिकी दिवस को आपस में बदल देने से अंक कटते हैं।
भारत सरकार के पहले प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कौन थे?
- A.होमी जहांगीर भाभा
- B.विक्रम साराभाई
- C.ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
- D.सी. एन. आर. राव
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
व्याख्या
सही उत्तर C, ए. पी. जे. अब्दुल कलाम है। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय 1999 में बना और डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम इसके पहले पदाधिकारी थे, इसके बाद 2002 में वे भारत के राष्ट्रपति बने। यह कार्यालय मंत्रिमंडल को विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी के विषयों पर सलाह देता है और अब अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन की कार्यकारी परिषद का अध्यक्ष भी यही पद है। विकल्प A गलत है क्योंकि होमी भाभा, जिनका 1958 के वैज्ञानिक नीति संकल्प में बड़ा योगदान था, परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के प्रमुख थे और 1966 में उनका निधन हो गया, यानी इस पद के बनने से बहुत पहले। विकल्प B गलत है क्योंकि विक्रम साराभाई ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की नींव रखी और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष रहे, पर यह पद उनके पास नहीं था। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत रत्न सी. एन. आर. राव प्रधानमंत्री की वैज्ञानिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष रहे, जो एक अलग निकाय है।
2003 की विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति ने भारत के अनुसंधान एवं विकास व्यय को सकल घरेलू उत्पाद के किस हिस्से तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा था?
- A.एक प्रतिशत
- B.दो प्रतिशत
- C.तीन प्रतिशत
- D.पांच प्रतिशत
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. दो प्रतिशत
व्याख्या
सही उत्तर B, दो प्रतिशत है। 2003 की विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति ने अनुसंधान एवं विकास पर सकल व्यय को सकल घरेलू उत्पाद के दो प्रतिशत तक लाने का लक्ष्य रखा और 2013 की विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति ने वही आंकड़ा दोहराया। व्यवहार में भारत का अनुसंधान व्यय जीडीपी के एक प्रतिशत से नीचे रहा है, और उद्योग के बजाय सरकार ही सबसे बड़ी वित्तदाता तथा सबसे बड़ी कर्ता रही है, जो विकसित देशों के ढांचे से उलटा है। विकल्प A, एक प्रतिशत, लक्ष्य के रूप में गलत है, पर यह वास्तविक स्तर के निकट है, इसीलिए इसे विकल्प में रखा गया है। विकल्प C, तीन प्रतिशत, और विकल्प D, पांच प्रतिशत, किसी भी भारतीय नीति के लक्ष्य से अधिक हैं; तीन प्रतिशत कुछ अनुसंधान-प्रधान देशों के स्तर के निकट है और पांच प्रतिशत का वचन किसी दस्तावेज में नहीं है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
स्वतंत्र भारत की पहली विज्ञान नीति कौन-सी थी?
1958 का वैज्ञानिक नीति संकल्प, जो जवाहरलाल नेहरू के प्रधानमंत्री काल में अपनाया गया और जिसे रूप देने में होमी भाभा की बड़ी भूमिका थी। इसमें कहा गया कि राज्य विज्ञान तथा वैज्ञानिक अनुसंधान को उसके सभी रूपों में बढ़ावा देगा।
एएनआरएफ क्या है और उसने किस संस्था का स्थान लिया?
अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन, जो एएनआरएफ अधिनियम 2023 से बना, भारत में अनुसंधान वित्तपोषण की शीर्ष संस्था है। इसने विज्ञान एवं अभियांत्रिकी अनुसंधान बोर्ड का कार्य लिया, जिसे 2008 के अधिनियम ने बनाया था, और इसका उद्देश्य राज्य विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों तक अनुसंधान का धन पहुंचाना है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कितने विभाग हैं?
तीन: 1971 का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, 1985 का वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग तथा 1986 का जैव प्रौद्योगिकी विभाग। परमाणु ऊर्जा विभाग और अंतरिक्ष विभाग अलग हैं और सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्ट करते हैं।
अनुसंधान वित्तपोषण में जीईआरडी का अर्थ क्या है?
जीईआरडी का अर्थ अनुसंधान एवं विकास पर सकल व्यय है, जिसे सकल घरेलू उत्पाद के हिस्से के रूप में पढ़ा जाता है। भारत का जीईआरडी जीडीपी के एक प्रतिशत से नीचे रहा है, जबकि 2003 तथा 2013 दोनों नीतियों ने दो प्रतिशत का लक्ष्य रखा था।
इंस्पायर योजना क्या है?
इंस्पायर अर्थात इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इंस्पायर्ड रिसर्च को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग ने 2008 में शुरू किया। यह विद्यालयी बच्चों के इंस्पायर अवार्ड-मानक से लेकर उच्च शिक्षा छात्रवृत्ति और शोध तथा संकाय फेलोशिप तक फैली है।
स्रोत
- वैज्ञानिक नीति संकल्प, 1958 — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार
- विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति, 2013 — विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार
- अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अधिनियम, 2023 — विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार
- पेटेंट अधिनियम, 1970 — विधि एवं न्याय मंत्रालय, भारत सरकार





