3डी प्रिंटिंग, एआर, वीआर और मेटावर्स: परीक्षा नोट्स
परीक्षाओं के लिए 3डी प्रिंटिंग, एआर, वीआर और मेटावर्स के पूरे नोट्स: एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग की प्रक्रियाएं, एसटीएल फाइल, अग्रदूत, डिजिटल ट्विन और भारत की रणनीति।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

लगभग प्रत्येक सामान्य जागरूकता पाठ्यक्रम के उभरती प्रौद्योगिकी वाले भाग में तीन प्रौद्योगिकी परिवार एक साथ रखे जाते हैं: एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, जो ठोस वस्तुएं परत दर परत बनाती है; वास्तविकता प्रौद्योगिकियां, जो बदल देती हैं कि उपयोगकर्ता क्या देखता है; और मेटावर्स, जो इन्हें स्थायी साझा संसारों में जोड़ देता है। इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा बनाई गई भारत की राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति अब अपने दूसरे चरण में पहुंच चुकी है, और यह शब्दावली स्पष्ट करने का अच्छा अवसर है। परीक्षक यहां परिभाषाएं, आविष्कारकों के नाम और मिलते-जुलते शब्दों का अंतर जांचते हैं।
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग क्या है
3डी प्रिंटिंग, जिसका उचित नाम एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग है, किसी डिजिटल मॉडल के नियंत्रण में परत पर परत सामग्री जोड़कर वस्तु बनाती है। यह सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग के विपरीत है, जिसमें सामग्री के ठोस खंड को काटा, छेदा या खरादा जाता है जब तक वांछित आकृति शेष रह जाए, जैसे खराद या मिलिंग के काम में। इस प्रक्रिया के चार चरण हैं। पहले कंप्यूटर सहायित अभिकल्पन सॉफ्टवेयर में मॉडल बनाया जाता है। फिर उसे एसटीएल फाइल के रूप में निर्यात किया जाता है, जो इस क्षेत्र का मानक प्रारूप है और वस्तु की सतह को त्रिभुजों के जाल के रूप में वर्णित करता है। इसके बाद स्लाइसिंग प्रोग्राम मॉडल को क्षैतिज परतों में काटता है और मशीन के निर्देश लिखता है, सामान्यतः जी-कोड में। तब प्रिंटर एक बार में एक परत सामग्री बिछाता है।
प्रमुख प्रिंटिंग प्रक्रियाएं
| प्रक्रिया | कार्य विधि | सामग्री |
|---|---|---|
| स्टीरियोलिथोग्राफी | लेजर तरल रेजिन को बिंदु दर बिंदु कठोर करता है | प्रकाश-बहुलक रेजिन |
| फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग | गर्म नोजल से तंतु निकलता है | तापसुघट्य प्लास्टिक जैसे पीएलए या एबीएस |
| सेलेक्टिव लेजर सिंटरिंग | लेजर चूर्ण के कणों को आपस में जोड़ देता है | नायलॉन तथा अन्य बहुलक चूर्ण |
| डायरेक्ट मेटल लेजर सिंटरिंग तथा इलेक्ट्रॉन बीम मेल्टिंग | लेजर या इलेक्ट्रॉन पुंज धातु चूर्ण पिघलाता है | टाइटेनियम, इस्पात, एल्युमिनियम मिश्रधातु |
| बाइंडर जेटिंग | चूर्ण पर तरल बंधक छिड़का जाता है | धातु, बालू या सिरेमिक चूर्ण |
याद रखने योग्य दो नाम हैं चक हल, जिन्होंने 1980 के दशक के मध्य में स्टीरियोलिथोग्राफी का आविष्कार किया और इस प्रकार पहला कार्यशील 3डी प्रिंटर बनाया, और एस. स्कॉट क्रंप, जिन्होंने उसी दशक के अंत में फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग तैयार की। प्रयुक्त सामग्री प्लास्टिक और रेजिन से लेकर धातु चूर्ण, सिरेमिक, कंक्रीट और जीवित कोशिकाओं तक जाती है, जिसे बायोप्रिंटिंग कहते हैं।
इसका महत्व और भारत ने क्या छापा
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तीन कारणों से मूल्यवान है: एक ही वस्तु बनाने की लागत हजारवीं वस्तु से अधिक नहीं होती, इसलिए प्रतिरूप तथा दंत मुकुट और कृत्रिम अंग जैसी व्यक्तिगत वस्तुएं सस्ती हो जाती हैं; जो आकृतियां मशीन से बनाई ही नहीं जा सकतीं, जैसे खोखली जालियां, वे एक ही टुकड़े में बन जाती हैं; और अपव्यय कम होता है क्योंकि सामग्री केवल वहीं रखी जाती है जहां आवश्यक है। इसकी सीमाएं भी परीक्षा योग्य हैं: बड़े उत्पादन के लिए धीमी गति, प्रमाणित सामग्रियों की सीमित श्रेणी और परतों के जोड़ के साथ कमजोर सामर्थ्य। भारत की उपलब्धियों में देश का पहला 3डी-मुद्रित डाकघर सम्मिलित है, जो 2023 में बेंगलुरु के कैंब्रिज लेआउट में खुला, उसी वर्ष तेलंगाना में बना 3डी-मुद्रित मंदिर, तथा भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा पीएस4 इंजन के 3डी-मुद्रित रूप का सफल परीक्षण, जो पीएसएलवी के चौथे चरण का इंजन है और जिसमें भागों की संख्या चौदह से घटकर एक ही टुकड़ा रह गई।
संवर्धित, आभासी और मिश्रित वास्तविकता
इन तीनों का अंतर इस पर है कि उपयोगकर्ता वास्तविक संसार का कितना भाग अभी भी देखता है। संवर्धित वास्तविकता कंप्यूटर से बने चित्र, पाठ या ध्वनि को वास्तविक दृश्य पर अध्यारोपित करती है; उपयोगकर्ता कमरा देखता रहता है और उस पर सूचना जुड़ जाती है, जैसे कोई फोन कैमरा जो स्मारक का नाम बताए या विंडस्क्रीन पर दिखने वाला प्रदर्शन। आभासी वास्तविकता वास्तविक संसार को पूरी तरह कंप्यूटर से बने संसार से बदल देती है, शिरोधार्य प्रदर्शक से उसे बाहर कर देती है और सिर की गति का अनुसरण करती है जिससे मुड़ने पर दृश्य बदल जाए। मिश्रित वास्तविकता अध्यारोपण से आगे जाती है: आभासी वस्तुएं वास्तविक सतहों से बंध जाती हैं और उनके पीछे छिप सकती हैं, जिससे आभासी गेंद वास्तविक मेज के नीचे लुढ़क सकती है। विस्तारित वास्तविकता इन तीनों को समेटने वाला छत्र शब्द है।
शब्दावली सीखने योग्य है। शिरोधार्य प्रदर्शक स्वयं हेडसेट है; हैप्टिक्स स्पर्श का अनुकरण करने के लिए कंपन और बल का उपयोग है; स्वतंत्रता की छह कोटियां का अर्थ है कि तंत्र घूर्णन और स्थान में गति दोनों का अनुसरण करता है; और विलंबता, अर्थात गति और चित्र के बदलने के बीच का अंतराल, वही है जो खराब बने तंत्रों में चक्कर पैदा करती है। आरंभिक पड़ाव हैं मॉर्टन हेलिग का 1962 का सेंसोरमा और इवान सदरलैंड का 1968 का शिरोधार्य प्रदर्शक, जिसका उपनाम डैमोकल्स की तलवार था। आभासी वास्तविकता शब्द को जैरन लैनियर ने प्रचलित किया, और संवर्धित वास्तविकता शब्द थॉमस कॉडेल ने गढ़ा, जो तब विमान संयोजन पर काम कर रहे थे।
मेटावर्स और डिजिटल ट्विन
मेटावर्स शब्द उपन्यासकार नील स्टीफेंसन ने अपनी 1992 की पुस्तक स्नो क्रैश में गढ़ा, जहां यह चश्मे से प्रवेश किए जाने वाले साझा आभासी नगर का नाम है। वर्तमान प्रयोग में यह उन स्थायी त्रिविमीय ऑनलाइन स्थानों को बताता है जिनमें अवतारों के रूप में अनेक उपयोगकर्ता मिलते, काम करते और व्यापार करते हैं, जो सामान्यतः आभासी तथा संवर्धित वास्तविकता पर बने होते हैं और स्वामित्व के लिए प्रायः ब्लॉकचेन टोकन का उपयोग करते हैं। एक संबंधित विचार डिजिटल ट्विन है, अर्थात किसी वास्तविक मशीन, भवन या नगर की आभासी प्रतिकृति, जिसे मूल पर लगे संवेदकों से सजीव आंकड़े मिलते रहते हैं, जिससे अभियंता वास्तविक वस्तु को छूने से पहले मॉडल पर परिवर्तन परख सकें। डिजिटल ट्विन का उपयोग विमान इंजनों, बिजलीघरों और नगरीय जल नेटवर्कों के लिए पहले से हो रहा है।
परीक्षा की दृष्टि से
सर्वाधिक अंक परिभाषाओं से मिलते हैं। एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग का अर्थ तथा सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग से उसके अंतर पर सीधा प्रश्न अपेक्षित है, और एक एसटीएल फाइल के मानक प्रारूप होने पर। आविष्कारक नाम से पूछे जाते हैं: स्टीरियोलिथोग्राफी के लिए चक हल, फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग के लिए एस. स्कॉट क्रंप, आभासी वास्तविकता शब्द के लिए जैरन लैनियर, संवर्धित वास्तविकता के लिए थॉमस कॉडेल और स्नो क्रैश में मेटावर्स के लिए नील स्टीफेंसन। एआर और वीआर का अंतर कथन आधारित प्रश्न के रूप में आता है, और जाल है पूर्ण निमज्जन का श्रेय संवर्धित वास्तविकता को दे देना; स्मरण रखें कि एआर में वास्तविक संसार दिखता रहता है। सूची मिलान वाले प्रश्न स्टीरियोलिथोग्राफी, एफडीएम और एसएलएस को उनकी सामग्री से जोड़ते हैं, और प्रिंटिंग प्रक्रियाओं के बीच खराद या मिलिंग का विकल्प प्रायः चुपके से रख दिया जाता है। भारत के लिए बेंगलुरु का डाकघर, इसरो का पीएस4 इंजन परीक्षण तथा यह सीखें कि राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| 3डी प्रिंटिंग का दूसरा नाम | एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग |
|---|---|
| विपरीत प्रक्रिया | सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग, जैसे मिलिंग, खराद और छेदन |
| मानक फाइल प्रारूप | एसटीएल, जो सतह को त्रिभुज जाल के रूप में रखती है |
| मशीन निर्देश प्रारूप | जी-कोड, जो स्लाइसिंग सॉफ्टवेयर बनाता है |
| स्टीरियोलिथोग्राफी के आविष्कारक | चक हल, 1980 के दशक का मध्य |
| फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग के निर्माता | एस. स्कॉट क्रंप |
| एफडीएम की सामग्री | तापसुघट्य प्लास्टिक जैसे पीएलए और एबीएस |
| जीवित कोशिकाओं से छपाई | बायोप्रिंटिंग |
| पहला शिरोधार्य प्रदर्शक | इवान सदरलैंड, 1968, डैमोकल्स की तलवार |
| आभासी वास्तविकता शब्द | जैरन लैनियर ने प्रचलित किया |
| संवर्धित वास्तविकता शब्द | थॉमस कॉडेल ने गढ़ा |
| छत्र शब्द | विस्तारित वास्तविकता, जो एआर, वीआर और एमआर को समेटती है |
| मेटावर्स का नामकरण | नील स्टीफेंसन की स्नो क्रैश, 1992 |
| डिजिटल ट्विन | वास्तविक संपत्ति की आभासी प्रतिकृति, सजीव संवेदक आंकड़ों से युक्त |
| भारत का पहला 3डी-मुद्रित डाकघर | कैंब्रिज लेआउट, बेंगलुरु, 2023 |
| राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति | इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
3डी प्रिंटिंग को निम्नलिखित में से किस नाम से भी जाना जाता है?
- A.सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग
- B.एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग
- C.फॉर्मेटिव मैन्युफैक्चरिंग
- D.रिडक्टिव मैन्युफैक्चरिंग
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग है। यह नाम विधि से आया है: किसी डिजिटल मॉडल के नियंत्रण में परत पर परत सामग्री जोड़ी जाती है जब तक वस्तु पूरी हो जाए, जिससे कुछ भी काटकर हटाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। विकल्प A गलत है क्योंकि सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग ठीक इसके विपरीत है, जिसमें ठोस खंड को काटा, छेदा, खरादा या मिलिंग किया जाता है जब तक अभीष्ट आकृति शेष रहे। विकल्प C गलत है क्योंकि फॉर्मेटिव मैन्युफैक्चरिंग का अर्थ है सामग्री को जोड़े या हटाए बिना बल लगाकर आकार देना, जैसे फोर्जिंग, ढलाई या इंजेक्शन मोल्डिंग। विकल्प D गलत है क्योंकि रिडक्टिव मैन्युफैक्चरिंग इस क्षेत्र का मान्य शब्द नहीं है; यह केवल इसलिए दिया गया है कि यह एडिटिव का विलोम प्रतीत होता है। अभ्यर्थियों को ध्यान रखना चाहिए कि एडिटिव और सब्ट्रैक्टिव का अंतर इस अध्याय का सबसे अधिक पूछा जाने वाला बिंदु है, और शेष तीनों विकल्प केवल इसी अंतर को उलझाने के लिए रखे जाते हैं।
स्टीरियोलिथोग्राफी, पहली व्यावसायिक रूप से सफल 3डी प्रिंटिंग प्रक्रिया, का आविष्कार किसने किया?
- A.चक हल
- B.जैरन लैनियर
- C.इवान सदरलैंड
- D.नील स्टीफेंसन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, चक हल है। उन्होंने 1980 के दशक के मध्य में स्टीरियोलिथोग्राफी का आविष्कार किया, जिसमें लेजर तरल प्रकाश-बहुलक रेजिन को बिंदु दर बिंदु कठोर करता है, और इस प्रकार पहला कार्यशील 3डी प्रिंटर बनाया; बाद में उन्होंने इन मशीनों को बेचने के लिए कंपनी भी बनाई। विकल्प B गलत है क्योंकि जैरन लैनियर आभासी वास्तविकता से जुड़े हैं, जिस शब्द को उन्होंने प्रचलित किया, छपाई से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इवान सदरलैंड ने 1968 में पहला शिरोधार्य प्रदर्शक बनाया, वह उपकरण जिसका उपनाम डैमोकल्स की तलवार था, जो फिर वास्तविकता प्रौद्योगिकियों का विषय है। विकल्प D गलत है क्योंकि नील स्टीफेंसन उपन्यासकार हैं जिन्होंने 1992 में स्नो क्रैश में मेटावर्स शब्द गढ़ा। इन चार नामों को अलग-अलग पहचानना ही इस प्रश्न का पूरा उद्देश्य है, क्योंकि प्रत्येक नाम इसी पाठ्यक्रम इकाई की भिन्न धारा से आता है और परीक्षक उन्हें आपस में बदल देते हैं।
3डी प्रिंटर को मॉडल भेजने के लिए कौन सा फाइल प्रारूप मानक रूप से प्रयुक्त होता है?
- A.जेपीईजी
- B.एसटीएल
- C.एमपीईजी
- D.पीडीएफ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, एसटीएल है। एसटीएल फाइल त्रिविमीय वस्तु की बाहरी सतह को त्रिभुजों के जाल के रूप में वर्णित करती है और रंग, सामग्री या बनावट की कोई सूचना नहीं रखती। कंप्यूटर सहायित अभिकल्पन सॉफ्टवेयर में बनी रचना एसटीएल के रूप में निर्यात होती है, और फिर स्लाइसिंग प्रोग्राम उसे क्षैतिज परतों में काटकर मशीन के निर्देश, सामान्यतः जी-कोड, लिखता है। विकल्प A गलत है क्योंकि जेपीईजी चपटे फोटोग्राफिक चित्रों का संपीडित प्रारूप है और उसमें गहराई की कोई सूचना नहीं होती। विकल्प C गलत है क्योंकि एमपीईजी वीडियो और ध्वनि के संपीडन के मानकों का परिवार है। विकल्प D गलत है क्योंकि पीडीएफ निश्चित पृष्ठ-विन्यास वाले दस्तावेजों का प्रारूप है, जो पढ़ने और कागज पर छापने के लिए है। अभ्यर्थियों को स्मरण रखना चाहिए कि एसटीएल फाइल केवल ज्यामिति रखती है, इसी कारण रंगीन छपाई के लिए उस पर आधारित नए प्रारूपों की आवश्यकता पड़ती है।
निम्नलिखित में से कौन 3डी प्रिंटिंग प्रक्रिया नहीं है?
- A.फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग
- B.सेलेक्टिव लेजर सिंटरिंग
- C.कंप्यूटर संख्यात्मक नियंत्रण मिलिंग
- D.स्टीरियोलिथोग्राफी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, कंप्यूटर संख्यात्मक नियंत्रण मिलिंग है। कंप्यूटर नियंत्रित मशीन पर मिलिंग एक सब्ट्रैक्टिव प्रक्रिया है: घूमता कटर ठोस खंड से सामग्री हटाता है जब तक आकृति शेष रहे, इसलिए कोई परत जोड़ी नहीं जाती। विकल्प A गलत है क्योंकि फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग एडिटिव प्रक्रिया है जिसमें गर्म नोजल तापसुघट्य तंतु को परत दर परत निकालता है। विकल्प B गलत है क्योंकि सेलेक्टिव लेजर सिंटरिंग भी एडिटिव है, जो वहीं बहुलक चूर्ण के कणों को लेजर से जोड़ती है जहां वस्तु ठोस होनी है। विकल्प D गलत है क्योंकि तीनों में सबसे पुरानी स्टीरियोलिथोग्राफी भी एडिटिव है: लेजर तरल रेजिन को बिंदु दर बिंदु कठोर करता है। प्रिंटिंग प्रक्रियाओं के बीच मशीनिंग प्रक्रिया रख देना इस प्रश्न को बनाने का प्रचलित ढंग है। यह भी उल्लेखनीय है कि व्यवहार में एडिटिव और सब्ट्रैक्टिव विधियां प्रायः साथ प्रयुक्त होती हैं, जहां मुद्रित भाग को सटीक सतह देने के लिए मिलिंग मशीन पर अंतिम रूप दिया जाता है।
मेटावर्स शब्द का पहली बार प्रयोग निम्नलिखित में से किस कृति में हुआ?
- A.विलियम गिब्सन की न्यूरोमैंसर
- B.नील स्टीफेंसन की स्नो क्रैश
- C.अर्नेस्ट क्लाइन की रेडी प्लेयर वन
- D.इवान सदरलैंड की डैमोकल्स की तलवार
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, नील स्टीफेंसन की स्नो क्रैश है। 1992 में प्रकाशित इस उपन्यास में मेटावर्स शब्द उस साझा आभासी नगर के लिए प्रयुक्त है जिसमें लोग चश्मे से प्रवेश करते हैं और अवतारों के रूप में विचरते हैं, और दशकों बाद यह शब्द स्थायी त्रिविमीय ऑनलाइन संसारों के लिए अपनाया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1984 में प्रकाशित न्यूरोमैंसर ने संसार को संबंधित शब्द साइबरस्पेस दिया, मेटावर्स नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बाद का उपन्यास रेडी प्लेयर वन ऐसे संसार का वर्णन करता है पर उसका नामकरण नहीं करता; वह विचार उधार लेता है। विकल्प D गलत है क्योंकि डैमोकल्स की तलवार कोई पुस्तक ही नहीं, बल्कि 1968 में इवान सदरलैंड द्वारा बनाए पहले शिरोधार्य प्रदर्शक का उपनाम है। मेटावर्स और साइबरस्पेस का अंतर यहां जाल है, और परीक्षक इन दोनों उपन्यासों को विकल्पों में साथ रखकर उसी अंतर को जांचते हैं।
आभासी वास्तविकता शब्द का श्रेय सामान्यतः किसे दिया जाता है?
- A.मॉर्टन हेलिग
- B.थॉमस कॉडेल
- C.जैरन लैनियर
- D.एस. स्कॉट क्रंप
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, जैरन लैनियर है। उन्होंने 1980 के दशक के अंत में आभासी वास्तविकता शब्द को प्रचलित किया, जब वे पहले व्यावसायिक हेडसेट और आंकड़ा दस्ताने बना और बेच रहे थे, और तभी से यह नाम इस प्रौद्योगिकी के साथ जुड़ा रह गया। विकल्प A गलत है क्योंकि मॉर्टन हेलिग ने 1962 में सेंसोरमा बनाया, एक आरंभिक निमज्जक मशीन जो ध्वनि, कंपन और गंध के साथ फिल्म दिखाती थी, पर उन्होंने अपने काम को दूसरे शब्दों में वर्णित किया। विकल्प B गलत है क्योंकि थॉमस कॉडेल ने लगभग 1990 में भिन्न शब्द संवर्धित वास्तविकता गढ़ा, जब वे विमान संयोजन के श्रमिकों का मार्गदर्शन करने वाली प्रणाली पर काम कर रहे थे। विकल्प D गलत है क्योंकि एस. स्कॉट क्रंप ने फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग बनाई, जो 3डी प्रिंटिंग प्रक्रिया है।
संवर्धित वास्तविकता का सही वर्णन कौन सा कथन करता है?
- A.यह वास्तविक संसार को बाहर कर उसके स्थान पर कंप्यूटर से बना परिवेश रखती है
- B.यह उपयोगकर्ता के वास्तविक दृश्य पर कंप्यूटर से बनी सामग्री अध्यारोपित करती है
- C.यह डिजिटल मॉडल से ठोस वस्तुएं परत दर परत छापती है
- D.यह किसी भौतिक मशीन की आभासी प्रतिलिपि है जिसे सजीव संवेदक आंकड़े मिलते हैं
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, यह उपयोगकर्ता के वास्तविक दृश्य पर कंप्यूटर से बनी सामग्री अध्यारोपित करती है है। संवर्धित वास्तविकता में उपयोगकर्ता के सामने का कमरा, मार्ग या वस्तु दिखती रहती है और उस पर चित्र, पाठ या ध्वनि जोड़ दिए जाते हैं, जैसे जब कैमरा किसी स्मारक का नाम बताए या विंडस्क्रीन का प्रदर्शन दिशा दिखाए। विकल्प A गलत है क्योंकि वास्तविक संसार को बाहर कर पूरी तरह बदल देना आभासी वास्तविकता की परिभाषा है, और उस पूर्ण निमज्जन का श्रेय संवर्धित वास्तविकता को देना इस अध्याय की सबसे आम भूल है। विकल्प C गलत है क्योंकि परत दर परत वस्तुएं बनाना एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग है। विकल्प D गलत है क्योंकि सजीव संवेदक आंकड़ों वाली आभासी प्रतिलिपि डिजिटल ट्विन है, जो इसी पाठ्यक्रम का संबंधित पर भिन्न विचार है।
इस क्षेत्र में छत्र शब्द के रूप में प्रयुक्त एक्सआर का पूरा रूप क्या है?
- A.विस्तारित वास्तविकता
- B.अत्यधिक रेंडरिंग
- C.बाह्य निरूपण
- D.विस्तृत विभेदन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, विस्तारित वास्तविकता है। एक्सआर संवर्धित वास्तविकता, आभासी वास्तविकता और मिश्रित वास्तविकता का सामूहिक नाम है, और इसका प्रयोग तब होता है जब कोई कथन भौतिक संसार को डिजिटल सामग्री से मिलाने वाली सभी प्रौद्योगिकियों पर लागू हो। विकल्प B गलत है क्योंकि अत्यधिक रेंडरिंग कोई पारिभाषिक शब्द नहीं है; रेंडरिंग का अर्थ केवल मॉडल से चित्र उत्पन्न करना है। विकल्प C गलत है क्योंकि बाह्य निरूपण संज्ञानात्मक विज्ञान तथा आंकड़ा मॉडलिंग की शब्दावली का अंग है, इस क्षेत्र का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विस्तृत विभेदन प्रदर्शक की स्पष्टता बताता है और प्रौद्योगिकी की श्रेणी से उसका कोई संबंध नहीं। जो प्रश्न पूछे कि कौन सा शब्द अन्य तीनों को समेटता है, वह सदैव एक्सआर पूछ रहा होता है। इसी कारण एक्सआर का प्रयोग नीति दस्तावेजों तथा उद्योग रिपोर्टों में तब होता है जब तीनों प्रौद्योगिकियों की एक साथ चर्चा करनी हो।
भारत का पहला 3डी-मुद्रित डाकघर किस नगर में उद्घाटित हुआ?
- A.चेन्नई
- B.बेंगलुरु
- C.हैदराबाद
- D.पुणे
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, बेंगलुरु है। देश का पहला 3डी-मुद्रित डाकघर बेंगलुरु के कैंब्रिज लेआउट में बना और 2023 में खुला, जिसकी दीवारें डिजिटल रचना के अनुसार कार्य करने वाले कंक्रीट छपाई रोबोट ने बिछाईं, और जिसमें एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान का तकनीकी मार्गदर्शन रहा। विकल्प A गलत है क्योंकि चेन्नई में वह संस्थान है जिसने परियोजना पर परामर्श दिया, पर भवन वहां नहीं है, और यही इस प्रश्न का जाल है। विकल्प C गलत है क्योंकि हैदराबाद उस राज्य में है जहां उसी वर्ष सिद्दीपेट में भारत का पहला 3डी-मुद्रित मंदिर बना, जो भिन्न उपलब्धि है। विकल्प D गलत है क्योंकि पुणे में ऐसा कोई डाकघर नहीं है, भले वह सामान्यतः निर्माण अनुसंधान का केंद्र है। यह परियोजना डाक विभाग का पहला ऐसा भवन होने के लिए भी स्मरण की जाती है जो चिनाई के बजाय छपाई करने वाले रोबोट से खड़ा किया गया।
भारत में राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति किस मंत्रालय ने जारी की?
- A.भारी उद्योग मंत्रालय
- B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- C.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- D.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय है। यह रणनीति उस मंत्रालय ने 2022 में जारी की, जिसका उद्देश्य मशीनों, सामग्रियों और सॉफ्टवेयर को समेटते हुए एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग का घरेलू तंत्र बनाना, भारतीय बौद्धिक संपदा सृजित करना तथा श्रमिकों को कौशल देना है, जो मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भरता के कार्यक्रमों के अनुरूप है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारी उद्योग मंत्रालय पूंजीगत वस्तुओं और वाहन क्षेत्र को देखता है, जिसमें विद्युत वाहनों की योजनाएं सम्मिलित हैं, पर यह रणनीति नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय अपने विभागों से अनुसंधान को धन देता है पर उसने यह दस्तावेज जारी नहीं किया। विकल्प D गलत है क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय व्यापार समझौतों की वार्ता और निर्यात प्रोत्साहन देखता है। यह रणनीति एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग को उसी मंत्रालय के अन्य प्रौद्योगिकी अभियानों के साथ रखती है, इसी कारण प्रश्न इसे भारी अभियांत्रिकी के बजाय इलेक्ट्रॉनिकी से जोड़ते हैं।
डिजिटल ट्विन का सर्वोत्तम वर्णन क्या है?
- A.एक ही फाइल की दो समरूप प्रतियां अलग-अलग सर्वरों पर रखी जाना
- B.किसी भौतिक संपत्ति की आभासी प्रतिकृति जिसे मूल पर लगे संवेदकों से सजीव आंकड़े मिलते हैं
- C.एक ही आभासी परिवेश साझा करने वाले दो शिरोधार्य प्रदर्शक
- D.वह 3डी प्रिंटर जो एक साथ दो वस्तुएं छापे
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, किसी भौतिक संपत्ति की आभासी प्रतिकृति जिसे मूल पर लगे संवेदकों से सजीव आंकड़े मिलते हैं है। क्योंकि मॉडल को चलती हुई वास्तविक मशीन, भवन या नगर से पाठ्यांक मिलते रहते हैं, वह वैसा ही व्यवहार करता है जैसा वास्तविक संपत्ति करती है, और अभियंता मूल को छेड़े बिना मॉडल पर परिवर्तन परख सकते, खराबी का पूर्वानुमान कर सकते या रखरखाव की योजना बना सकते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि एक ही फाइल की समरूप प्रतियां भिन्न सर्वरों पर रखना केवल बैकअप या मिररिंग है। विकल्प C गलत है क्योंकि एक परिवेश साझा करते दो हेडसेट बहु-उपयोगकर्ता आभासी वास्तविकता हैं, ट्विन नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि एक साथ दो वस्तुएं छापना केवल बड़े बिल्ड प्लेट का विषय है और इस संकल्पना से उसका कोई संबंध नहीं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने किस रॉकेट इंजन के 3डी-मुद्रित रूप का सफल परीक्षण किया?
- A.जीएसएलवी का विकास इंजन
- B.सीई-20 क्रायोजेनिक इंजन
- C.पीएस4 इंजन, पीएसएलवी का चौथा चरण
- D.एलवीएम3 का एस200 ठोस बूस्टर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, पीएस4 इंजन, पीएसएलवी का चौथा चरण है। अंतरिक्ष एजेंसी ने यह इंजन लेजर से धातु चूर्ण पिघलाकर बनाया और उसका सफल परीक्षण किया, जिससे इंजन में अलग-अलग भागों की संख्या चौदह से घटकर एक ही मुद्रित टुकड़ा रह गई तथा प्रयुक्त सामग्री और निर्माण का समय दोनों कम हो गए। विकल्प A गलत है क्योंकि विकास इंजन कई भारतीय प्रक्षेपण यानों के निचले चरणों में प्रयुक्त द्रव इंजन है और वह मुद्रित नहीं किया गया। विकल्प B गलत है क्योंकि सीई-20 स्वदेशी क्रायोजेनिक ऊपरी चरण इंजन है, जो परंपरागत विधियों से विकसित हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि एस200 अत्यंत बड़ा ठोस नोदक बूस्टर है, और ठोस बूस्टर ढाले जाते हैं, छापे नहीं जाते। यह परीक्षण भारत में किसी प्रचालनात्मक रॉकेट इंजन पर एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के प्रयोग का पहला बड़ा उदाहरण माना जाता है, इसलिए इसे अंतरिक्ष खंड में भी पूछा जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एडिटिव और सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग में क्या अंतर है?
एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग, जो 3डी प्रिंटिंग ही है, किसी डिजिटल मॉडल के अनुसार परत पर परत सामग्री जोड़कर वस्तु बनाती है, इसलिए लगभग कुछ भी व्यर्थ नहीं जाता। सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग ठोस खंड से आरंभ होती है और उसमें से काटकर, छेदकर, खरादकर या मिलिंग से सामग्री हटाती है जब तक अभीष्ट आकृति शेष रहे, जिससे छीलन और कतरनें निकलती हैं। एडिटिव विधियां जटिल एकल आकृतियों के लिए उपयुक्त हैं; सब्ट्रैक्टिव विधियां साधारण भागों के बड़े उत्पादन के लिए अब भी तेज और अधिक सटीक हैं।
एसटीएल फाइल क्या है?
एसटीएल 3डी प्रिंटिंग का मानक फाइल प्रारूप है। यह केवल वस्तु की बाहरी सतह का वर्णन करती है, उसे त्रिभुजों के जाल के रूप में अनुमानित करती है, और रंग, सामग्री या बनावट की कोई सूचना नहीं रखती। कंप्यूटर सहायित अभिकल्पन सॉफ्टवेयर में बनाया मॉडल एसटीएल फाइल के रूप में निर्यात होता है, जिसे फिर स्लाइसिंग प्रोग्राम क्षैतिज परतों में काटकर मशीन के निर्देशों में, सामान्यतः जी-कोड में, बदल देता है।
संवर्धित वास्तविकता आभासी वास्तविकता से किस प्रकार भिन्न है?
संवर्धित वास्तविकता में उपयोगकर्ता वास्तविक संसार देखता रहता है और उस पर कंप्यूटर से बने चित्र, पाठ या ध्वनि जोड़ दिए जाते हैं, जैसे जब कोई फोन कैमरा किसी भवन का नाम बताए या विंडस्क्रीन का प्रदर्शन गति दिखाए। आभासी वास्तविकता में शिरोधार्य प्रदर्शक वास्तविक संसार को पूरी तरह बाहर कर देता है और उसके स्थान पर कंप्यूटर से बना परिवेश रखता है जो उपयोगकर्ता के सिर की गति पर प्रतिक्रिया करता है। संवर्धित वास्तविकता जोड़ती है; आभासी वास्तविकता बदल देती है।
विस्तारित वास्तविकता का क्या अर्थ है?
विस्तारित वास्तविकता वह छत्र शब्द है जो संवर्धित वास्तविकता, आभासी वास्तविकता और मिश्रित वास्तविकता को एक साथ समेटता है, तथा उस प्रत्येक प्रौद्योगिकी को भी जो भौतिक और डिजिटल को इस प्रकार मिलाती है। इसका प्रयोग तब होता है जब कोई कथन इन सब पर लागू हो, इसलिए जो प्रश्न पूछे कि कौन सा शब्द अन्य तीनों को सम्मिलित करता है, वह विस्तारित वास्तविकता पूछ रहा है।
मेटावर्स शब्द किसने गढ़ा?
अमेरिकी उपन्यासकार नील स्टीफेंसन ने, अपने 1992 के विज्ञान कथा उपन्यास स्नो क्रैश में, जिसमें मेटावर्स एक साझा आभासी नगर है जिसमें लोग चश्मे से प्रवेश करते हैं और अवतारों के रूप में विचरते हैं। दशकों बाद यह शब्द उन स्थायी त्रिविमीय ऑनलाइन स्थानों के लिए अपनाया गया जो आभासी तथा संवर्धित वास्तविकता पर बने होते हैं और जिनमें अनेक उपयोगकर्ता एक ही समय मिलते, काम करते और व्यापार करते हैं।
डिजिटल ट्विन क्या है?
डिजिटल ट्विन किसी वास्तविक मशीन, भवन, कारखाने या नगर की आभासी प्रतिकृति है जिसे मूल पर लगे संवेदकों से लगातार आंकड़े मिलते रहते हैं, जिससे मॉडल वैसा ही व्यवहार करे जैसा वास्तविक संपत्ति करती है। इसके बाद अभियंता वास्तविक वस्तु को छेड़े बिना मॉडल पर परिवर्तन परख सकते हैं, खराबी का पूर्वानुमान कर सकते हैं या रखरखाव की योजना बना सकते हैं। विमान इंजन, बिजलीघर और नगर के जल नेटवर्क उन संपत्तियों में हैं जिनके डिजिटल ट्विन पहले से रखे जाते हैं।
स्रोत
- राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति — इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार
- कंप्यूटर विज्ञान (कक्षा 11), उभरती प्रवृत्तियां अध्याय — एनसीईआरटी
- इसरो द्वारा 3डी-मुद्रित पीएस4 द्रव रॉकेट इंजन का परीक्षण — भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन





