कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंडियाएआई मिशन: परीक्षा नोट्स
परीक्षा के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नोट्स: कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्या है, उसके प्रकार और शाखाएं, ऐतिहासिक मशीनें, तथा इंडियाएआई मिशन और उसके सात स्तंभ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जिसे संक्षेप में एआई कहा जाता है, कंप्यूटर विज्ञान की वह शाखा है जो ऐसी मशीनें बनाती है जो वे काम कर सकें जिनके लिए सामान्यतः मानव बुद्धि चाहिए: भाषा समझना, चित्र पहचानना, प्रमाण से निष्कर्ष निकालना, योजना बनाना और अनुभव से सीखना। परीक्षाओं ने इसे स्थायी विषय बना दिया है, क्योंकि शब्द का जन्म, इसकी शाखाएं, इसकी ऐतिहासिक मशीनें और भारत का अपना इंडियाएआई मिशन, चारों से सीधे एक अंक के प्रश्न बनते हैं। यह नोट पहले विज्ञान और फिर भारतीय कार्यक्रम रखता है।
विचार कहां से आया
क्या कोई मशीन सोच सकती है, यह प्रश्न ब्रिटिश गणितज्ञ एलन ट्यूरिंग ने 1950 के अपने शोधपत्र कंप्यूटिंग मशीनरी एंड इंटेलिजेंस में औपचारिक रूप से रखा और उसमें वह अनुकरण खेल सुझाया जिसे आज ट्यूरिंग परीक्षण कहते हैं: मशीन तब उत्तीर्ण मानी जाती है जब केवल लिखित बातचीत के आधार पर कोई मानव निर्णायक उसे मनुष्य से अलग न बता सके। कृत्रिम बुद्धिमत्ता पद स्वयं जॉन मैकार्थी ने गढ़ा, जिन्होंने 1956 में डार्टमाउथ कॉलेज की ग्रीष्मकालीन संगोष्ठी के लिए इसका प्रयोग किया, और उसी बैठक को इस क्षेत्र का जन्म माना जाता है। मैकार्थी ने लिस्प प्रोग्रामिंग भाषा भी बनाई और उन्हें प्रायः कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक कहा जाता है। पहला संवाद करने वाला कार्यक्रम एलिजा 1960 के दशक के मध्य में जोसेफ वीजेनबाम ने लिखा था। कंप्यूटिंग का सर्वोच्च सम्मान, जो एसोसिएशन फॉर कंप्यूटिंग मशीनरी हर वर्ष देती है, इन्हीं गणितज्ञ के नाम पर ट्यूरिंग पुरस्कार कहलाता है और उसे कंप्यूटिंग का नोबेल कहा जाता है।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रकार
वर्गीकरण दो प्रकार से होता है। क्षमता के आधार पर तीन स्तर हैं। संकीर्ण कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जिसे दुर्बल एआई भी कहते हैं, एक निश्चित कार्य भली भांति करती है, और आज प्रयोग में आने वाली हर प्रणाली इसी श्रेणी में आती है, चाहे वह स्पैम छांटने वाला फिल्टर हो, शतरंज इंजन हो या वाक सहायक। सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता किसी भी बौद्धिक कार्य में मनुष्य के बराबर होगी और अभी अस्तित्व में नहीं है। अति कृत्रिम बुद्धिमत्ता हर क्षेत्र में मनुष्य से आगे होगी और अभी केवल सैद्धांतिक अवस्था है। कार्यप्रणाली के आधार पर क्रम इस प्रकार है: प्रतिक्रियाशील मशीनें, सीमित स्मृति वाली प्रणालियां, मनोभाव समझने वाली और आत्म जागरूक मशीनें। इनमें से केवल पहली दो वास्तव में बनी हैं।
मुख्य शाखाएं
मशीन लर्निंग किसी कार्यक्रम को हर नियम बताए बिना आंकड़ों से सुधरने देती है। इसकी तीन शैलियां हैं: पर्यवेक्षित अधिगम, जो लेबल लगे उदाहरणों पर प्रशिक्षित होता है; अपर्यवेक्षित अधिगम, जो बिना लेबल वाले आंकड़ों में समूह जैसी छिपी संरचना खोजता है; और प्रबलन अधिगम, जो पुरस्कार और दंड से सीखता है। डीप लर्निंग वह मशीन लर्निंग है जो अनेक छिपी परतों वाले कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क से होती है। तंत्रिका नेटवर्क में एक निवेश परत, एक या अधिक छिपी परतें और एक निर्गम परत होती है, और प्रशिक्षण के समय उनके भार बदलते रहते हैं। प्राकृतिक भाषा संसाधन मानव भाषा संभालता है और उससे अनुवाद, वाक पहचान तथा चैटबॉट बनते हैं। कंप्यूटर दृष्टि चित्र और वीडियो पढ़ती है और चेहरा पहचान तथा चिकित्सा प्रतिबिंबन में काम आती है। विशेषज्ञ प्रणाली किसी विशेषज्ञ का ज्ञान नियमों के रूप में रखती है, और रोबोटिक्स एआई को भौतिक संसार में काम करने वाली मशीनों से जोड़ता है। जनरेटिव एआई नया पाठ, चित्र, ध्वनि या कोड बनाती है, और आज के चैटबॉट के पीछे के वृहद भाषा मॉडल विशाल पाठ संग्रहों पर प्रशिक्षित होते हैं; जीपीटी नाम जनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर से बना है। ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी जीपीयू वह चिप है जो यह प्रशिक्षण संभव बनाती है, क्योंकि वह बहुत सारी गणनाएं समानांतर करती है।
वे पड़ाव जो प्रश्नपत्र पूछता है
| वर्ष | मशीन | उपलब्धि |
|---|---|---|
| 1950 | ट्यूरिंग परीक्षण | एलन ट्यूरिंग का शोधपत्र मशीनी बुद्धि की कसौटी देता है |
| 1956 | डार्टमाउथ संगोष्ठी | जॉन मैकार्थी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पद गढ़ा |
| 1997 | डीप ब्लू (आईबीएम) | विश्व शतरंज चैंपियन गैरी कास्पारोव को हराया |
| 2011 | वाटसन (आईबीएम) | अमेरिकी प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम जियोपार्डी जीता |
| 2016 | अल्फागो (डीपमाइंड) | गो चैंपियन ली सेडोल को हराया |
भारत की नीति और इंडियाएआई मिशन
नीति आयोग ने जून 2018 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए राष्ट्रीय रणनीति प्रकाशित की, जिसका नारा सभी के लिए एआई था और जिसमें पांच प्राथमिक क्षेत्र बताए गए: स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, स्मार्ट शहर तथा अवसंरचना, और स्मार्ट परिवहन। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 मार्च 2024 को इंडियाएआई मिशन को 10,371.92 करोड़ रुपये के परिव्यय से स्वीकृति दी, और इसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन की इंडियाएआई स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई चलाती है। मिशन के सात घटक हैं और यह सूची क्रम से याद रखने योग्य है।
- इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता: सार्वजनिक निजी भागीदारी से दस हजार या अधिक जीपीयू का सार्वजनिक कंप्यूटिंग आधार, तथा एआई को सेवा के रूप में देने वाला एआई बाजार।
- इंडियाएआई नवाचार केंद्र: स्वदेशी वृहद बहुविध मॉडल और क्षेत्र विशेष के आधारभूत मॉडल।
- इंडियाएआई डेटासेट मंच: भारतीय स्टार्टअप और शोधकर्ताओं के लिए गुणवत्तापूर्ण गैर व्यक्तिगत आंकड़ों तक एक ही जगह पहुंच, जो एआईकोश के रूप में चलता है।
- इंडियाएआई अनुप्रयोग विकास पहल: केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य विभागों और अन्य संस्थाओं से आई समस्याओं पर एआई समाधान।
- इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स: स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी स्तर पर अधिक एआई पाठ्यक्रम, तथा द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शहरों में डेटा एवं एआई प्रयोगशालाएं।
- इंडियाएआई स्टार्टअप वित्तपोषण: विचार से व्यावसायीकरण तक डीप टेक एआई स्टार्टअप को धन।
- सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई: उत्तरदायी एआई के उपकरण और ढांचे, नवप्रवर्तकों के लिए स्व मूल्यांकन सूचियां तथा अभिशासन दिशानिर्देश।
मिशन के आसपास कुछ और तथ्य भी याद रखने योग्य हैं। भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक भागीदारी का संस्थापक सदस्य है, जो 2020 में बनी, और भारत ने दिसंबर 2023 में नई दिल्ली में उसका शिखर सम्मेलन आयोजित किया। ऐसी प्रणालियों द्वारा व्यक्तिगत आंकड़ों के उपयोग पर डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 लागू होता है। पुणे स्थित प्रगत संगणन विकास केंद्र में ऐरावत नामक कृत्रिम बुद्धिमत्ता सुपरकंप्यूटिंग मंच है, और उसके साथ राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के परम कंप्यूटर भी हैं। एआई से जुड़ी चिंताएं, यानी रोजगार पर असर, प्रशिक्षण आंकड़ों से सीखा पूर्वाग्रह, डीपफेक और निजता का क्षरण, वही आधार हैं जिन पर सुरक्षित एवं विश्वसनीय स्तंभ खड़ा है, और निबंध या साक्षात्कार का प्रश्न प्रायः इन्हें स्वास्थ्य, कृषि तथा अभिशासन के लाभों के सामने रखने को कहता है।
परीक्षा की दृष्टि से
वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र इस विषय से चार बातें पूछते हैं। पहली, पद किसने और कब गढ़ा, तथा ट्यूरिंग परीक्षण की अलग तिथि 1950; अभ्यर्थी 1950 और 1956 में भ्रमित होते हैं। दूसरी, पूरे रूप: एआई, एमएल, एनएलपी, जीपीयू और जीपीटी। तीसरी, वर्गीकरण: क्षमता के आधार पर संकीर्ण, सामान्य और अति, तथा कार्यप्रणाली के आधार पर प्रतिक्रियाशील से आत्म जागरूक तक का क्रम, और पर्यवेक्षित, अपर्यवेक्षित तथा प्रबलन अधिगम का भेद लेबल, बिना लेबल और पुरस्कार से। चौथी, भारतीय कार्यक्रम: 10,371.92 करोड़ रुपये का परिव्यय, 7 मार्च 2024 की स्वीकृति, सात स्तंभों की संख्या, और मंत्रालय के अधीन क्रियान्वयन इकाई, जबकि नीति आयोग को 2018 की रणनीति का लेखक मानकर अलग रखना है। सबसे सामान्य जाल हैं सेमीकॉन इंडिया का 76,000 करोड़ इंडियाएआई के सामने रख देना, मिशन का श्रेय नीति आयोग को दे देना, और डीप ब्लू, वाटसन तथा अल्फागो को शतरंज, प्रश्नोत्तरी और गो में आपस में बदल देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| पद गढ़ा | जॉन मैकार्थी ने, डार्टमाउथ संगोष्ठी, 1956 |
|---|---|
| ट्यूरिंग परीक्षण | एलन ट्यूरिंग, 1950 का शोधपत्र कंप्यूटिंग मशीनरी एंड इंटेलिजेंस |
| एआई के जनक | जॉन मैकार्थी, जिन्होंने लिस्प भाषा भी बनाई |
| पहला चैटबॉट | एलिजा, जोसेफ वीजेनबाम ने 1960 के दशक के मध्य में लिखा |
| ट्यूरिंग पुरस्कार | एसोसिएशन फॉर कंप्यूटिंग मशीनरी द्वारा; कंप्यूटिंग का नोबेल |
| इंडियाएआई स्वीकृति | केंद्रीय मंत्रिमंडल, 7 मार्च 2024 |
| इंडियाएआई परिव्यय | 10,371.92 करोड़ रुपये |
| इंडियाएआई स्तंभ | सात |
| क्रियान्वयन संस्था | इंडियाएआई स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय |
| कंप्यूट लक्ष्य | सार्वजनिक निजी भागीदारी से 10,000 या अधिक जीपीयू |
| राष्ट्रीय एआई रणनीति | नीति आयोग, जून 2018, नारा सभी के लिए एआई |
| जीपीएआई | कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वैश्विक भागीदारी, 2020 में गठित; नई दिल्ली शिखर सम्मेलन, दिसंबर 2023 |
| शतरंज का पड़ाव | आईबीएम के डीप ब्लू ने गैरी कास्पारोव को हराया, 1997 |
| गो का पड़ाव | डीपमाइंड के अल्फागो ने ली सेडोल को हराया, 2016 |
| जीपीटी | जनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
“कृत्रिम बुद्धिमत्ता” पद किसने गढ़ा था?
- A.एलन ट्यूरिंग
- B.जॉन मैकार्थी
- C.मार्विन मिंस्की
- D.जोसेफ वीजेनबाम
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जॉन मैकार्थी
व्याख्या
सही उत्तर B, जॉन मैकार्थी है। उन्होंने 1956 में डार्टमाउथ कॉलेज में हुई ग्रीष्मकालीन शोध संगोष्ठी के प्रस्ताव में कृत्रिम बुद्धिमत्ता पद गढ़ा था, और उसी संगोष्ठी को इस विषय की स्थापना का क्षण माना जाता है; मैकार्थी ने लिस्प प्रोग्रामिंग भाषा भी बनाई और उन्हें प्रायः कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि एलन ट्यूरिंग ने 1950 में यह अवश्य पूछा कि क्या मशीनें सोच सकती हैं और ट्यूरिंग परीक्षण दिया, पर यह पद उन्होंने कभी प्रयोग नहीं किया; क्षेत्र का नाम उनके शोधपत्र के छह वर्ष बाद पड़ा। विकल्प C गलत है क्योंकि मार्विन मिंस्की उसी डार्टमाउथ बैठक में उपस्थित बड़े विद्वान थे और बाद में एमआईटी की एआई प्रयोगशाला बनाई, पर पद उन्होंने नहीं गढ़ा। विकल्प D गलत है क्योंकि जोसेफ वीजेनबाम 1960 के दशक के मध्य में लिखे पहले संवाद कार्यक्रम एलिजा के लिए याद किए जाते हैं।
ट्यूरिंग परीक्षण किस वर्ष प्रकाशित शोधपत्र में प्रस्तावित किया गया था?
- A.1936
- B.1943
- C.1950
- D.1956
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1950
व्याख्या
सही उत्तर C, 1950 है। एलन ट्यूरिंग ने अनुकरण खेल अपने शोधपत्र कंप्यूटिंग मशीनरी एंड इंटेलिजेंस में रखा, जो 1950 में माइंड पत्रिका में छपा; मशीन तब उत्तीर्ण मानी जाती है जब केवल टाइप किए संदेशों के आदान प्रदान से कोई मानव निर्णायक उसे मनुष्य से अलग न पहचान सके। विकल्प A गलत है क्योंकि 1936 ट्यूरिंग के उस पुराने और भिन्न शोधपत्र का वर्ष है जो परिकलनीय संख्याओं पर था और जिसने सैद्धांतिक ट्यूरिंग मशीन दी, जो बुद्धि की कसौटी नहीं बल्कि संगणनीयता का आधार है। विकल्प B गलत है क्योंकि 1943 मैकुलक और पिट्स के कृत्रिम तंत्रिका मॉडल से जुड़ा है, जो तंत्रिका नेटवर्क का पहला गणितीय प्रतिरूप था। विकल्प D गलत है क्योंकि 1956 डार्टमाउथ संगोष्ठी का वर्ष है, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता पद गढ़ा गया। परीक्षक 1950 को परीक्षण से और 1956 को नाम से जोड़ते हैं, इसलिए दोनों तिथियां अलग रखें।
मशीन लर्निंग का कौन सा प्रकार लेबल लगे आंकड़ों पर प्रशिक्षित होता है?
- A.अपर्यवेक्षित अधिगम
- B.प्रबलन अधिगम
- C.पर्यवेक्षित अधिगम
- D.अंतरण अधिगम
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पर्यवेक्षित अधिगम
व्याख्या
सही उत्तर C, पर्यवेक्षित अधिगम है। इसमें प्रशिक्षण का हर उदाहरण सही उत्तर यानी अपना लेबल साथ लाता है, और मॉडल निवेश से लेबल तक का संबंध सीखता है; स्पैम छांटने वाले फिल्टर, हस्तलेख पढ़ने वाले कार्यक्रम और ऋण अंक देने वाले मॉडल इसी तरह बनते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि अपर्यवेक्षित अधिगम को बिना लेबल के आंकड़े मिलते हैं और उसे स्वयं संरचना खोजनी होती है, प्रायः समूहन या विमा न्यूनीकरण के रूप में; ग्राहक वर्गीकरण इसका सामान्य उदाहरण है। विकल्प B गलत है क्योंकि प्रबलन अधिगम में न लेबल होते हैं न निश्चित उत्तर: एक अभिकर्ता परिवेश में कार्य करता है और पुरस्कार तथा दंड से सीखता है, और खेल खेलने वाले कार्यक्रम तथा रोबोट नियंत्रण इसी से बनते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि अंतरण अधिगम कोई तीसरी शैली नहीं, बल्कि एक कार्य पर प्रशिक्षित मॉडल को दूसरे कार्य का आरंभ बिंदु बनाने की तकनीक है।
इंडियाएआई मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लगभग कितने परिव्यय से स्वीकृति दी?
- A.10,372 करोड़ रुपये
- B.76,000 करोड़ रुपये
- C.1,500 करोड़ रुपये
- D.25,000 करोड़ रुपये
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 10,372 करोड़ रुपये
व्याख्या
सही उत्तर A, लगभग 10,372 करोड़ रुपये है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 मार्च 2024 को इंडियाएआई मिशन को 10,371.92 करोड़ रुपये के परिव्यय से स्वीकृति दी, जो इसके सातों घटकों पर खर्च होना है, और मिशन को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन की इंडियाएआई स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई चलाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि 76,000 करोड़ रुपये सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम का परिव्यय है, जो सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण के लिए दिसंबर 2021 में स्वीकृत हुआ था, और परीक्षक इसे जानबूझकर साथ रखते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि 1,500 करोड़ रुपये उस मिशन के लिए बहुत कम है जिसे हजारों जीपीयू जुटाने हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि 25,000 करोड़ रुपये इस मिशन के किसी स्वीकृत परिव्यय से मेल नहीं खाता। जोड़ी याद रखें: इंडियाएआई लगभग 10,372 करोड़, सेमीकॉन इंडिया 76,000 करोड़।
मंत्रिमंडल से स्वीकृत इंडियाएआई मिशन के कितने घटक या स्तंभ हैं?
- A.पांच
- B.छह
- C.सात
- D.नौ
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सात
व्याख्या
सही उत्तर C, सात है। स्वीकृत मिशन के सात घटक हैं: इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता, इंडियाएआई नवाचार केंद्र, इंडियाएआई डेटासेट मंच, इंडियाएआई अनुप्रयोग विकास पहल, इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स, इंडियाएआई स्टार्टअप वित्तपोषण, तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई। विकल्प A गलत है, और पांच इसलिए लुभाता है कि नीति आयोग की 2018 की कृत्रिम बुद्धिमत्ता राष्ट्रीय रणनीति ने पांच केंद्रित क्षेत्र बताए थे, यानी स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, स्मार्ट शहर तथा अवसंरचना, और स्मार्ट परिवहन; वह पांच रणनीति का है, मिशन का नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि छह में एक स्तंभ छूट जाता है, प्रायः सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई, जिस पर अलग से सर्वाधिक प्रश्न आते हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि नौ किसी सरकारी सूची से मेल नहीं खाता। याद रखने का सरल क्रम है: कंप्यूट, मॉडल, आंकड़े, अनुप्रयोग, कौशल, धन और सुरक्षा, जो ठीक सात हैं।
इंडियाएआई मिशन का क्रियान्वयन कौन सी संस्था करती है?
- A.नीति आयोग
- B.डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के अधीन इंडियाएआई स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई
- C.रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन
- D.भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के अधीन इंडियाएआई स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई
व्याख्या
सही उत्तर B, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के अधीन इंडियाएआई स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई है, जो इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करती है। 7 मार्च 2024 के मंत्रिमंडल निर्णय में इसी इकाई को मिशन के सातों घटकों की क्रियान्वयन संस्था बताया गया था। विकल्प A गलत है और यही इस प्रश्न का जाल है: नीति आयोग ने 2018 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की राष्ट्रीय रणनीति अवश्य लिखी और नीति को दिशा दी, पर वह मिशन नहीं चलाता। विकल्प C गलत है क्योंकि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन रक्षा प्रणालियां बनाता है और उसका अपना एआई कार्य भी है, पर इंडियाएआई के संचालन में उसकी कोई भूमिका नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी है और इस मिशन से असंबद्ध है। बंटवारा याद रखें: रणनीति नीति आयोग ने लिखी, मिशन मंत्रालय चलाता है।
2016 में गो चैंपियन ली सेडोल को किस कंप्यूटर कार्यक्रम ने हराया था?
- A.डीप ब्लू
- B.वाटसन
- C.अल्फागो
- D.एलिजा
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. अल्फागो
व्याख्या
सही उत्तर C, अल्फागो है, जिसे डीपमाइंड ने बनाया और जिसने 2016 में पांच बाजियों के मुकाबले में दक्षिण कोरियाई गो चैंपियन ली सेडोल को हराया; यह जीत इसलिए महत्वपूर्ण थी कि गो में शतरंज से कहीं अधिक संभव स्थितियां होती हैं, इसलिए केवल बलपूर्वक खोज से जीत संभव नहीं थी और कार्यक्रम गहरे तंत्रिका नेटवर्क तथा प्रबलन अधिगम पर निर्भर रहा। विकल्प A गलत है क्योंकि डीप ब्लू आईबीएम का शतरंज कंप्यूटर था, जिसने 1997 में विश्व शतरंज चैंपियन गैरी कास्पारोव को हराया, यानी उन्नीस वर्ष पहले और दूसरे खेल में। विकल्प B गलत है क्योंकि वाटसन, जो आईबीएम का ही है, वह प्रश्नोत्तर प्रणाली है जिसने 2011 में अमेरिकी प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम जियोपार्डी जीता था। विकल्प D गलत है क्योंकि एलिजा 1960 के दशक के मध्य का साधारण संवाद कार्यक्रम था और कोई खेल नहीं खेलता था।
“सभी के लिए एआई” नारे वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता की राष्ट्रीय रणनीति किस संस्था ने जारी की थी?
- A.इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- B.नीति आयोग
- C.भारतीय रिजर्व बैंक
- D.विश्वविद्यालय अनुदान आयोग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. नीति आयोग
व्याख्या
सही उत्तर B, नीति आयोग है, जिसने जून 2018 में सभी के लिए एआई नारे के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता की राष्ट्रीय रणनीति प्रकाशित की और पांच प्राथमिक क्षेत्र बताए: स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, स्मार्ट शहर तथा अवसंरचना, और स्मार्ट परिवहन। विकल्प A गलत है, यद्यपि यही सबसे निकट का भ्रामक विकल्प है, क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय 2024 में स्वीकृत इंडियाएआई मिशन चलाता है, पर 2018 का रणनीति पत्र उसने नहीं लिखा। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक केंद्रीय बैंक है और प्रौद्योगिकी पर उसका काम भुगतान, डिजिटल ऋण तथा डिजिटल रुपये से जुड़ा है, राष्ट्रीय एआई रणनीति से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग उच्च शिक्षा का नियमन और पाठ्यक्रम निर्धारण करता है, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी रणनीति जारी नहीं करता। वर्ष को संस्था से जोड़ें: 2018 नीति आयोग, 2024 मंत्रालय।
भाषा मॉडलों के जीपीटी परिवार के नाम में जीपीटी का पूरा रूप क्या है?
- A.जनरल प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी
- B.जनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर
- C.ग्राफिकल पैटर्न ट्रेनर
- D.ग्लोबल प्रेडिक्टिव टूल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. जनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर
व्याख्या
सही उत्तर B, जनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर है। इसके हर शब्द का अर्थ है: जनरेटिव, क्योंकि मॉडल दिखाई गई सामग्री को केवल छांटता नहीं बल्कि नया पाठ बनाता है; प्री ट्रेंड, क्योंकि वह किसी विशेष कार्य के लिए ढाले जाने से पहले विशाल पाठ संग्रह से सामान्य भाषा सीखता है; और ट्रांसफॉर्मर, वह तंत्रिका नेटवर्क संरचना जो ध्यान तंत्र पर टिकी है और जिसने ऐसे मॉडल व्यावहारिक बनाए। विकल्प A गलत है क्योंकि जनरल प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी इन मॉडलों के लिए प्रयुक्त कोई पद नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि ग्राफिकल पैटर्न ट्रेनर मॉडल को ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट यानी जीपीयू से गड्डमड्ड करता है, जो मॉडल नहीं बल्कि उसे प्रशिक्षित करने वाला हार्डवेयर है। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्लोबल प्रेडिक्टिव टूल गढ़ा हुआ विस्तार है। वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्रों में एआई, एमएल, एनएलपी, जीपीयू और जीपीटी के पूरे रूप सीधे पूछे जाते हैं।
वह एआई प्रणाली जो केवल एक निश्चित कार्य कर सकती है, जैसे स्पैम छांटना, क्या कहलाती है?
- A.सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता
- B.संकीर्ण कृत्रिम बुद्धिमत्ता
- C.अति कृत्रिम बुद्धिमत्ता
- D.मनोभाव समझने वाली एआई
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संकीर्ण कृत्रिम बुद्धिमत्ता
व्याख्या
सही उत्तर B, संकीर्ण कृत्रिम बुद्धिमत्ता है, जिसे दुर्बल एआई भी कहते हैं। यह एक निश्चित कार्य के लिए प्रशिक्षित होती है और उस कौशल को दूसरे कार्य में नहीं ले जा सकती; आज काम कर रही हर प्रणाली इसी श्रेणी की है, चाहे स्पैम फिल्टर हो, वाक सहायक हो, शतरंज इंजन हो या चेहरा पहचान। विकल्प A गलत है क्योंकि सामान्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता किसी भी बौद्धिक कार्य में मनुष्य के समान होगी और एक समस्या से दूसरी पर स्वतंत्र रूप से जा सकेगी, और ऐसी कोई प्रणाली अभी नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि अति कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जो सृजनशीलता और सामाजिक कौशल सहित हर क्षेत्र में मनुष्य से आगे होगी, पूर्णतः सैद्धांतिक अवस्था है। विकल्प D गलत है क्योंकि मनोभाव समझने वाली एआई दूसरे वर्गीकरण की श्रेणी है, यानी कार्यप्रणाली वाले क्रम की, जिसमें प्रतिक्रियाशील मशीनें, सीमित स्मृति, मनोभाव समझने वाली और आत्म जागरूक मशीनें आती हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक किसे कहा जाता है?
जॉन मैकार्थी को, जिन्होंने 1956 की डार्टमाउथ संगोष्ठी के लिए यह पद गढ़ा और लिस्प प्रोग्रामिंग भाषा बनाई। एलन ट्यूरिंग को कंप्यूटर विज्ञान तथा सैद्धांतिक संगणन का जनक कहा जाता है और उन्होंने 1950 में ट्यूरिंग परीक्षण दिया, इसलिए वस्तुनिष्ठ प्रश्नों में दोनों नाम अक्सर भ्रम पैदा करते हैं।
एआई, मशीन लर्निंग और डीप लर्निंग में क्या अंतर है?
ये एक दूसरे के भीतर तीन वृत्त हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता मशीनों को बुद्धिमानी से व्यवहार कराने का पूरा क्षेत्र है। मशीन लर्निंग उसका वह भाग है जिसमें कार्यक्रम हाथ से लिखे नियमों के बजाय आंकड़ों से सुधरता है। डीप लर्निंग मशीन लर्निंग का वह भाग है जो अनेक छिपी परतों वाले तंत्रिका नेटवर्क का प्रयोग करता है।
इंडियाएआई मिशन के कितने स्तंभ हैं?
सात: इंडियाएआई कंप्यूट क्षमता, इंडियाएआई नवाचार केंद्र, इंडियाएआई डेटासेट मंच, इंडियाएआई अनुप्रयोग विकास पहल, इंडियाएआई फ्यूचरस्किल्स, इंडियाएआई स्टार्टअप वित्तपोषण, तथा सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई।
ट्यूरिंग परीक्षण क्या है?
एलन ट्यूरिंग ने 1950 में मशीनी बुद्धि की यह कसौटी दी थी। एक मानव निर्णायक बिना देखे एक मशीन और एक मनुष्य से लिखित बातचीत करता है; यदि वह भरोसे के साथ यह न बता सके कि कौन कौन है, तो मशीन उत्तीर्ण मानी जाती है। यह समझ नहीं, व्यवहार की परीक्षा है, और यही इसकी सामान्य आलोचना है।
इंडियाएआई मिशन कौन सा मंत्रालय चलाता है?
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन के अधीन बनी इंडियाएआई स्वतंत्र व्यावसायिक इकाई के माध्यम से। इसके विपरीत नीति आयोग ने 2018 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की राष्ट्रीय रणनीति लिखी थी।
जनरेटिव एआई क्या है?
वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता जो दी गई सामग्री को केवल छांटने या अनुमान लगाने के बजाय नया पाठ, चित्र, ध्वनि, वीडियो या प्रोग्राम कोड बनाती है। आधुनिक चैटबॉट के पीछे के वृहद भाषा मॉडल इसका सबसे प्रसिद्ध रूप हैं, और जीपीटी का अर्थ जनरेटिव प्री ट्रेंड ट्रांसफॉर्मर है।
स्रोत
- इंडियाएआई मिशन को मंत्रिमंडल की स्वीकृति — पत्र सूचना कार्यालय, भारत सरकार
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए राष्ट्रीय रणनीति — नीति आयोग
- इंडियाएआई मिशन: स्तंभ और कार्यक्रम — इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय





