भारतीय वैज्ञानिक और उनके योगदान: खोजें, संस्थाएँ और पुरस्कार
भारतीय वैज्ञानिकों पर परीक्षा नोट्स: रामन, भाभा, साराभाई, चंद्रशेखर, खुराना, रामानुजन, साहा और बोस, उनकी खोजों, संस्थाओं तथा पुरस्कारों के साथ।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

भारतीय वैज्ञानिकों पर पूछे जाने वाले प्रश्न शुद्ध मिलान के प्रश्न होते हैं। प्रश्नपत्र या तो नाम देकर खोज पूछता है, या खोज देकर नाम, या यह पूछता है कि कौन सा राष्ट्रीय दिवस किसके जन्मदिन या किसकी खोज पर तय हुआ। इसमें तर्क बहुत कम लगता है और समय के साथ लगभग कुछ नहीं बदलता, इसलिए अंक बटोरने के लिए यह सबसे सुरक्षित अध्यायों में है। ये नोट्स नामों को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार समूहों में रखते हैं और अंत में वे राष्ट्रीय दिवस तथा संस्थाएँ देते हैं जिन पर इन वैज्ञानिकों के नाम हैं।
भौतिकी
सी. वी. रामन ने 28 फरवरी 1928 को खोजा कि जब प्रकाश किसी पारदर्शी पदार्थ से गुजरता है तो उसका एक छोटा अंश बदली हुई तरंगदैर्घ्य के साथ प्रकीर्ण होता है। इस प्रभाव पर उनका नाम है और इसी के लिए उन्हें 1930 का भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला, जो विज्ञान में किसी एशियाई का पहला नोबेल था। खोज का दिन राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाया जाता है, रामन ने बेंगलुरु में रमन अनुसंधान संस्थान की स्थापना की और उन्हें 1954 में भारत रत्न मिला। उनके भांजे एस. चंद्रशेखर ने गणना की कि कोई श्वेत वामन तारा ढहने से पहले अधिक से अधिक कितना द्रव्यमान संभाल सकता है, लगभग सूर्य के द्रव्यमान का 1.44 गुना; इसी चंद्रशेखर सीमा पर उन्हें 1983 का भौतिकी का नोबेल मिला और चंद्रा एक्स-रे वेधशाला उन्हीं के नाम पर है। मेघनाद साहा ने वह आयनन समीकरण दिया जो तारों के वर्णक्रम को उनके तापमान और दाब से समझाता है, और जिसने आधुनिक खगोल भौतिकीय वर्णक्रमिकी की नींव रखी; कोलकाता का साहा नाभिकीय भौतिकी संस्थान उन्हीं के नाम पर है। सत्येंद्र नाथ बोस ने उन कणों की सांख्यिकी निकाली जो एक ही क्वांटम अवस्था साझा कर सकते हैं; अल्बर्ट आइंस्टीन ने उस काम को आगे बढ़ाया, उन कणों को उन्हीं के नाम पर बोसॉन कहा जाता है और बोस-आइंस्टीन संघनित्र इसी से निकलता है। होमी जहाँगीर भाभा, जिन्हें भारतीय परमाणु कार्यक्रम का जनक कहा जाता है, ने ब्रह्मांडीय किरणों की कैस्केड वर्षा का सिद्धांत और अपने नाम वाला प्रकीर्णन दिया, 1945 में टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान और ट्रॉम्बे में परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान स्थापित किया, जिसका नाम 1966 की विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु के बाद भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र रखा गया, और वे परमाणु ऊर्जा आयोग के पहले अध्यक्ष थे।
रसायन, गणित और जीव विज्ञान
| वैज्ञानिक | योगदान |
|---|---|
| प्रफुल्ल चंद्र राय | भारतीय रसायन विज्ञान के जनक; 1896 में मरक्यूरस नाइट्राइट की खोज; बंगाल केमिकल्स की स्थापना |
| शांति स्वरूप भटनागर | सीएसआईआर के पहले महानिदेशक; विज्ञान का राष्ट्रीय पुरस्कार उन्हीं के नाम पर |
| श्रीनिवास रामानुजन | संख्या सिद्धांत, विभाजन, अनंत श्रेणियाँ और मॉक थीटा फलन; 1729 रामानुजन संख्या कहलाती है |
| हरगोविंद खुराना | 1968 का चिकित्सा का नोबेल, आनुवंशिक कूट की व्याख्या के लिए; पहले कृत्रिम जीन का संश्लेषण |
| जगदीश चंद्र बोस | पौधों की वृद्धि मापने के लिए क्रेस्कोग्राफ; पौधों की उद्दीपन पर प्रतिक्रिया; मिलीमीटर तरंगों पर आरंभिक कार्य |
| बीरबल साहनी | पुरावनस्पति विज्ञान; लखनऊ का बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान |
| जी. एन. रामचंद्रन | रामचंद्रन आरेख और कोलेजन की त्रिकुंडलिनी संरचना |
| असीमा चटर्जी | क्षाराभ रसायन और मिर्गीरोधी यौगिक; किसी भारतीय विश्वविद्यालय से डी.एससी. पाने वाली पहली भारतीय महिला |
| जानकी अम्माल | गन्ने और पश्चिमी घाट के पौधों की कोशिका आनुवंशिकी |
| सालिम अली | भारत के बर्डमैन; पक्षियों के व्यवस्थित सर्वेक्षण और द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स |
| लालजी सिंह | भारत में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग के जनक; हैदराबाद के सीसीएमबी में कार्य |
| वेंकटरमन रामकृष्णन | 2009 का रसायन का नोबेल, राइबोसोम की संरचना और कार्य के लिए |
अभियांत्रिकी, अंतरिक्ष और कृषि
विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है। उन्होंने 1947 में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की, 1962 में सरकार को अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय समिति बनाने के लिए राजी किया, जो 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन बनी, और नवंबर 1963 में पहले परिज्ञापी रॉकेट प्रक्षेपण के लिए चुंबकीय विषुवत रेखा के निकट थुंबा को चुना; तिरुवनंतपुरम का प्रक्षेपण केंद्र उन्हीं के नाम पर है। ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, मिसाइल मैन, ने उस उपग्रह प्रक्षेपण यान परियोजना का नेतृत्व किया जिसने 1980 में रोहिणी उपग्रह कक्षा में स्थापित किया, एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम का नेतृत्व किया जिससे अग्नि और पृथ्वी बने, 1998 के पोखरण परीक्षणों से गहराई से जुड़े रहे, 1997 में भारत रत्न पाया और 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। राजा रामन्ना ने 1974 के पहले परमाणु परीक्षण के दल का नेतृत्व किया और यू. आर. राव ने उस दल का जिसने भारत का पहला उपग्रह आर्यभट बनाया, जो अप्रैल 1975 में छोड़ा गया। अभियंता और राजपुरुष एम. विश्वेश्वरैया ने कृष्णराज सागर बाँध में प्रयुक्त स्वचालित जलद्वार और सिंचाई की ब्लॉक प्रणाली बनाई, 1955 में भारत रत्न पाया, और उनका जन्मदिन 15 सितंबर अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है। एम. एस. स्वामीनाथन उच्च उपज वाली गेहूँ किस्में लाए जिनसे भारत में हरित क्रांति आरंभ हुई और उन्हें 1987 में पहला विश्व खाद्य पुरस्कार मिला, जबकि श्वेत क्रांति के जनक वर्गीज कुरियन ने आणंद का सहकारी प्रतिमान और ऑपरेशन फ्लड खड़ा किया। टेसी थॉमस भारत में किसी प्रक्षेपास्त्र परियोजना का नेतृत्व करने वाली पहली महिला थीं।
याद रखने योग्य दिवस और संस्थाएँ
- राष्ट्रीय विज्ञान दिवस, 28 फरवरी, 1928 में रामन प्रभाव की खोज के लिए।
- राष्ट्रीय गणित दिवस, 22 दिसंबर, श्रीनिवास रामानुजन का जन्मदिन।
- अभियंता दिवस, 15 सितंबर, एम. विश्वेश्वरैया का जन्मदिन।
- राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस, 11 मई, 1998 के पोखरण परीक्षणों और हंसा विमान की पहली उड़ान के लिए।
- वैज्ञानिकों के नाम पर संस्थाएँ: भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, साहा नाभिकीय भौतिकी संस्थान, रमन अनुसंधान संस्थान, बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान और शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार।
परीक्षा की दृष्टि से
परीक्षक इस अध्याय को जोड़ी मिलाने के अभ्यास की तरह पूछते हैं और इससे आगे कम ही जाते हैं। वैज्ञानिक और खोज: रामन के साथ प्रकाश प्रकीर्णन, चंद्रशेखर के साथ श्वेत वामन सीमा, साहा के साथ आयनन समीकरण, एस. एन. बोस के साथ क्वांटम सांख्यिकी, जे. सी. बोस के साथ क्रेस्कोग्राफ, पी. सी. राय के साथ मरक्यूरस नाइट्राइट, रामचंद्रन के साथ कोलेजन आरेख, खुराना के साथ आनुवंशिक कूट। वैज्ञानिक और संस्था: भाभा के साथ टीआईएफआर और बार्क, साराभाई के साथ पीआरएल और वीएसएससी, साहा के साथ कोलकाता का संस्थान, रामन के साथ रमन अनुसंधान संस्थान। वैज्ञानिक, पुरस्कार और वर्ष: भारत से जुड़े चार विज्ञान नोबेल के लिए 1930, 1968, 1983 और 2009। वैज्ञानिक और राष्ट्रीय दिवस: 28 फरवरी, 22 दिसंबर और 15 सितंबर। आम जाल हैं दोनों बोस को आपस में मिला देना, चंद्रशेखर को रसायन का नोबेल विजेता मान लेना, और अंतरिक्ष कार्यक्रम भाभा को या परमाणु कार्यक्रम साराभाई को दे देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| रामन प्रभाव | खोज 28 फरवरी 1928; भौतिकी का नोबेल 1930; राष्ट्रीय विज्ञान दिवस |
|---|---|
| चंद्रशेखर सीमा | लगभग 1.44 सौर द्रव्यमान; भौतिकी का नोबेल 1983 |
| हरगोविंद खुराना | 1968 का चिकित्सा का नोबेल, आनुवंशिक कूट की व्याख्या के लिए |
| वेंकटरमन रामकृष्णन | 2009 का रसायन का नोबेल, राइबोसोम की संरचना के लिए |
| होमी भाभा | भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक; 1945 में टीआईएफआर; बार्क उन्हीं के नाम पर |
| विक्रम साराभाई | भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक; पीआरएल 1947; इनकोस्पार 1962, जो 1969 में इसरो बना |
| मेघनाद साहा | तारों के वर्णक्रम के लिए तापीय आयनन समीकरण |
| सत्येंद्र नाथ बोस | बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी; बोसॉन उन्हीं के नाम पर |
| जे. सी. बोस | क्रेस्कोग्राफ; पौधों की उद्दीपन पर प्रतिक्रिया; बोस संस्थान, कोलकाता |
| पी. सी. राय | भारतीय रसायन विज्ञान के जनक; मरक्यूरस नाइट्राइट, 1896 |
| एम. विश्वेश्वरैया | स्वचालित जलद्वार और ब्लॉक सिंचाई; भारत रत्न 1955; अभियंता दिवस 15 सितंबर |
| एम. एस. स्वामीनाथन | भारत में हरित क्रांति के जनक; पहला विश्व खाद्य पुरस्कार, 1987 |
| लालजी सिंह | भारत में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग के जनक; सीसीएमबी, हैदराबाद |
| शांति स्वरूप भटनागर | सीएसआईआर के पहले महानिदेशक; राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार उन्हीं के नाम पर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
सी. वी. रामन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार किस वर्ष मिला?
- A.1913
- B.1930
- C.1968
- D.1983
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, 1930 है। चंद्रशेखर वेंकट रामन को प्रकाश के प्रकीर्णन पर कार्य और अपने नाम वाले प्रभाव के लिए 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला, जिसे उन्होंने 28 फरवरी 1928 को प्रदर्शित किया था; वे विज्ञान के किसी भी क्षेत्र में नोबेल पाने वाले पहले एशियाई थे। विकल्प A, 1913, वह वर्ष है जब रवींद्रनाथ टैगोर को साहित्य का नोबेल मिला, जो भारत आने वाला किसी भी प्रकार का पहला नोबेल था, और जिन अभ्यर्थियों को केवल इतना याद रहता है कि शताब्दी के आरंभ में किसी भारतीय को नोबेल मिला था, वे इसे चुन लेते हैं। विकल्प C, 1968, हरगोविंद खुराना का है, जिन्होंने आनुवंशिक कूट की व्याख्या के लिए चिकित्सा का पुरस्कार साझा किया। विकल्प D, 1983, रामन के भांजे एस. चंद्रशेखर का है, जिन्होंने तारों की संरचना और विकास पर कार्य के लिए भौतिकी का पुरस्कार साझा किया। 1930, 1968, 1983 और 2009 का क्रम याद रखने से इस अध्याय के अधिकांश प्रश्न हल हो जाते हैं।
भारत में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस किस परिघटना की खोज की स्मृति में मनाया जाता है?
- A.रामन प्रभाव
- B.चंद्रशेखर सीमा
- C.साहा आयनन समीकरण
- D.बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, रामन प्रभाव है। सी. वी. रामन ने 28 फरवरी 1928 को घोषित किया कि जब प्रकाश की किरण किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरती है तो उसका एक छोटा अंश बदली हुई तरंगदैर्घ्य के साथ प्रकीर्ण होता है, जो उस माध्यम के अणुओं की जानकारी देता है; भारत सरकार ने 1986 में उसी वर्षगाँठ पर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस निर्धारित किया। विकल्प B गलत है; चंद्रशेखर सीमा, अर्थात श्वेत वामन का अधिकतम द्रव्यमान, तीस के दशक के आरंभ की गणना है और उससे कोई राष्ट्रीय दिवस नहीं जुड़ा। विकल्प C गलत है; मेघनाद साहा का आयनन समीकरण, जो तारों के वर्णक्रम को उनके तापमान और दाब से समझाता है, महत्वपूर्ण होते हुए भी किसी दिवस से नहीं जुड़ा। विकल्प D गलत है; सत्येंद्र नाथ बोस द्वारा निकाली और आइंस्टीन द्वारा विस्तारित सांख्यिकी से बोसॉन को नाम मिला, पर उसका भी कोई दिवस नहीं। शेष दिवस 22 दिसंबर और 15 सितंबर याद रखें।
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक किसे कहा जाता है?
- A.होमी जे. भाभा
- B.विक्रम साराभाई
- C.ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
- D.सतीश धवन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, विक्रम साराभाई है। उन्होंने 1947 में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की, 1962 में सरकार को अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय समिति बनाने के लिए राजी किया, नवंबर 1963 में पहले परिज्ञापी रॉकेट प्रक्षेपण के लिए चुंबकीय विषुवत रेखा के निकट थुंबा चुना, और उस संगठन का नेतृत्व किया जो 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन बना; तिरुवनंतपुरम का विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र उन्हीं के नाम पर है। विकल्प A गलत है; होमी भाभा भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक हैं, और इन दोनों को आपस में बदल देना इस अध्याय की सबसे आम भूल है, यद्यपि भाभा ने आरंभिक अंतरिक्ष कार्य का समर्थन किया था। विकल्प C गलत है; ए. पी. जे. अब्दुल कलाम मिसाइल मैन हैं, जिन्होंने उपग्रह प्रक्षेपण यान और निर्देशित प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम का नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है; सतीश धवन 1972 से इसरो के प्रमुख रहे और श्रीहरिकोटा का केंद्र उनके नाम पर है, पर कार्यक्रम के संस्थापक वे नहीं थे।
किस भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने श्वेत वामन तारे के अधिकतम द्रव्यमान की गणना की?
- A.मेघनाद साहा
- B.एस. चंद्रशेखर
- C.सत्येंद्र नाथ बोस
- D.जगदीश चंद्र बोस
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, एस. चंद्रशेखर है। सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर ने बीस वर्ष की आयु के आसपास ही दिखाया कि सूर्य के द्रव्यमान के लगभग 1.44 गुने से भारी श्वेत वामन अपने अपभ्रष्ट इलेक्ट्रॉनों के दाब से टिक नहीं सकता और उसे और ढहना पड़ता है; इस आँकड़े को चंद्रशेखर सीमा कहते हैं, यह न्यूट्रॉन तारों और कृष्ण विवरों की आधुनिक व्याख्या का आधार है, और इसी से उन्हें 1983 में भौतिकी का नोबेल साझा रूप में मिला। चंद्रा एक्स-रे वेधशाला उन्हीं के नाम पर है। विकल्प A गलत है; मेघनाद साहा ने वह आयनन समीकरण दिया जिससे खगोलविद किसी तारे का तापमान उसके वर्णक्रम से पढ़ लेते हैं, जो भिन्न और पहले का योगदान है। विकल्प C गलत है; सत्येंद्र नाथ बोस ने वह क्वांटम सांख्यिकी दी जिस पर बोसॉन का नाम है। विकल्प D गलत है; जगदीश चंद्र बोस ने वनस्पति शरीरक्रिया और रेडियो तरंगों पर काम किया और तारों की संरचना से उनका कोई संबंध नहीं, पर समान उपनाम उन्हें स्थायी विकल्प बना देता है।
हरगोविंद खुराना को 1968 में नोबेल पुरस्कार किस विषय पर कार्य के लिए मिला?
- A.क्षाराभों का रसायन
- B.आनुवंशिक कूट की व्याख्या
- C.राइबोसोम की संरचना
- D.वनस्पति शरीरक्रिया विज्ञान
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, आनुवंशिक कूट की व्याख्या है। खुराना ने 1968 का चिकित्सा का नोबेल रॉबर्ट होली और मार्शल निरेनबर्ग के साथ साझा किया, यह दिखाने के लिए कि न्यूक्लीक अम्लों में न्यूक्लियोटाइडों का क्रम प्रोटीन के ऐमीनो अम्ल किस प्रकार निर्धारित करता है; बाद में उन्होंने पहला कृत्रिम जीन संश्लेषित किया, जो आणविक जीव विज्ञान का मील का पत्थर था। उनका जन्म अविभाजित पंजाब के रायपुर में हुआ और आगे चलकर वे अमेरिका के नागरिक बने। विकल्प A गलत है; क्षाराभ रसायन असीमा चटर्जी से जुड़ा है, जिन्होंने मिर्गीरोधी और मलेरियारोधी यौगिकों पर काम किया। विकल्प C गलत है; राइबोसोम की संरचना और कार्य पर वेंकटरमन रामकृष्णन को चार दशक बाद 2009 में रसायन का नोबेल साझा रूप में मिला। विकल्प D गलत है; वनस्पति शरीरक्रिया जगदीश चंद्र बोस का क्षेत्र है, जिन्होंने वृद्धि मापने के लिए क्रेस्कोग्राफ बनाया और दिखाया कि पौधे उद्दीपन पर प्रतिक्रिया करते हैं।
पौधों की वृद्धि मापने वाला यंत्र क्रेस्कोग्राफ किस भारतीय वैज्ञानिक ने बनाया?
- A.जगदीश चंद्र बोस
- B.प्रफुल्ल चंद्र राय
- C.बीरबल साहनी
- D.सालिम अली
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, जगदीश चंद्र बोस है। उन्होंने क्रेस्कोग्राफ बनाया, जो किसी पौधे की वृद्धि को कई हजार गुना बढ़ाकर अंकित करने योग्य बना देता है, और उसी तथा उससे जुड़े यंत्रों से यह तर्क रखा कि पौधे प्रकाश, ताप, स्पर्श और अन्य उद्दीपनों पर लगभग वैसे ही प्रतिक्रिया करते हैं जैसे प्राणी। उन्होंने मार्कोनी के अटलांटिक पार प्रयोगों से पहले बहुत छोटी रेडियो तरंगों पर भी अग्रणी कार्य किया और 1917 में कोलकाता में बोस संस्थान की स्थापना की। विकल्प B गलत है; भारतीय रसायन विज्ञान के जनक प्रफुल्ल चंद्र राय ने 1896 में मरक्यूरस नाइट्राइट खोजा और बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वर्क्स की स्थापना की। विकल्प C गलत है; बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञानी थे जिन्होंने भारत के जीवाश्म पौधों का अध्ययन किया और लखनऊ का संस्थान उनके नाम पर है। विकल्प D गलत है; भारत के बर्डमैन सालिम अली ने उपमहाद्वीप के पक्षियों के व्यवस्थित सर्वेक्षण किए और द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स लिखी।
भारत में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग का जनक किसे कहा जाता है?
- A.डॉ. राजाजी त्रिवेदी
- B.एम. एस. स्वामीनाथन
- C.डॉ. लालजी सिंह
- D.सी. एन. आर. राव
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, डॉ. लालजी सिंह है। उन्होंने हैदराबाद के कोशिकीय एवं आणविक जीव विज्ञान केंद्र में वह प्रोब विकसित किया जिसने भारत में डीएनए फिंगरप्रिंटिंग को व्यवहार्य बनाया, और पहला भारतीय मामला 1988 में इस तकनीक से सुलझा; आगे चलकर उन्होंने डीएनए फिंगरप्रिंटिंग एवं निदान केंद्र की स्थापना की और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति रहे। विकल्प A गलत है; इस नाम का कोई वैज्ञानिक इस तकनीक से जुड़ा नहीं है और यह विकल्प केवल प्रश्न भरने के लिए रखा गया है। विकल्प B गलत है; एम. एस. स्वामीनाथन भारत में हरित क्रांति के जनक हैं, जिन्होंने साठ के दशक की उच्च उपज वाली गेहूँ किस्में लाईं और 1987 में पहला विश्व खाद्य पुरस्कार पाया। विकल्प D गलत है; सी. एन. आर. राव ठोस अवस्था और पदार्थ रसायन के लिए जाने जाते हैं और उन्हें 2014 में भारत रत्न मिला। यह तकनीक स्वयं ब्रिटेन में 1984 में एलेक जेफ्रीज ने बनाई थी।
भारत में 15 सितंबर को अभियंता दिवस किसकी जयंती पर मनाया जाता है?
- A.एम. विश्वेश्वरैया
- B.ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
- C.होमी जे. भाभा
- D.सतीश धवन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, एम. विश्वेश्वरैया है। मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया का जन्म 15 सितंबर 1861 को हुआ, वे मैसूर के दीवान रहे, उन्होंने कृष्णराज सागर बाँध में प्रयुक्त स्वचालित जलद्वार और सिंचाई की ब्लॉक प्रणाली बनाई, हैदराबाद के लिए बाढ़ सुरक्षा योजना तैयार की, और 1955 में भारत रत्न पाया; यही दिन उनकी स्मृति में अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है। विकल्प B गलत है; ए. पी. जे. अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर को हुआ और वह दिन विश्व विद्यार्थी दिवस तथा भारत में वाचन दिवस के रूप में मनाया जाता है, इसलिए दोनों तिथियाँ एक महीने के अंतर पर हैं और जानबूझकर साथ रखी जाती हैं। विकल्प C गलत है; होमी भाभा का जन्म 30 अक्टूबर को हुआ और उनसे कोई राष्ट्रीय दिवस नहीं जुड़ा। विकल्प D गलत है; सतीश धवन, जो सत्तर और अस्सी के दशक में इसरो के प्रमुख रहे, का जन्म सितंबर में हुआ पर उनके नाम कोई दिवस नहीं है; श्रीहरिकोटा का केंद्र उनका नाम रखता है।
राष्ट्रीय गणित दिवस 22 दिसंबर को किस गणितज्ञ की जयंती पर मनाया जाता है?
- A.आर्यभट
- B.श्रीनिवास रामानुजन
- C.ब्रह्मगुप्त
- D.डी. आर. कापरेकर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, श्रीनिवास रामानुजन है। उनका जन्म 22 दिसंबर 1887 को इरोड में हुआ, उन्होंने औपचारिक प्रशिक्षण के बिना ही अनंत श्रेणियों, सतत भिन्नों, विभाजन और मॉक थीटा फलनों पर ऐसे परिणाम छोड़े जिन पर गणितज्ञ आज भी काम कर रहे हैं; उन्होंने कैंब्रिज में जी. एच. हार्डी के साथ कार्य किया और रॉयल सोसाइटी के फेलो चुने गए। 1729 को रामानुजन संख्या कहते हैं, जो दो घनों के योग के रूप में दो भिन्न प्रकार से लिखी जा सकने वाली सबसे छोटी संख्या है। विकल्प A गलत है; पाँचवीं शताब्दी के आर्यभट ने पाई का मान और पृथ्वी का घूर्णन बताया तथा भारत के पहले उपग्रह को नाम दिया, पर उनके जन्म का कोई दिवस नहीं है। विकल्प C गलत है; सातवीं शताब्दी के ब्रह्मगुप्त ने शून्य और ऋणात्मक संख्याओं के साथ अंकगणित के नियम रखे। विकल्प D गलत है; डी. आर. कापरेकर कापरेकर स्थिरांक 6174 और अन्य मनोरंजक परिणामों के लिए याद किए जाते हैं।
मेघनाद साहा का दिया आयनन समीकरण मुख्यतः किस क्षेत्र में प्रयुक्त होता है?
- A.खगोल भौतिकी, तारों का वर्णक्रम पढ़ने में
- B.रेडियोसक्रियता के अध्ययन में
- C.अर्धचालक भौतिकी में
- D.वनस्पति शरीरक्रिया विज्ञान में
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, खगोल भौतिकी है। मेघनाद साहा ने 1920 में दिखाया कि कोई गैस कितनी आयनित होगी यह उसके तापमान और दाब पर निर्भर करता है, और इस समीकरण से खगोलविद किसी तारे का तापमान सीधे उसके वर्णक्रम की रेखाओं से पढ़ सके तथा तारों का भौतिक रूप से अर्थपूर्ण वर्गीकरण कर सके; इसे आधुनिक खगोल भौतिकी की नींवों में गिना जाता है। साहा ने पूर्वी भारत की नदी परियोजनाओं की योजना भी बनाई और कोलकाता का संस्थान उनका नाम रखता है। विकल्प B गलत है; रेडियोसक्रिय क्षय के नियम रदरफोर्ड और सॉडी के हैं और उनका तापीय आयनन से कोई संबंध नहीं। विकल्प C गलत है; अर्धचालक भौतिकी बैंड सिद्धांत तथा बार्डीन, ब्रैटेन और शॉकली के कार्य पर टिकी है, यद्यपि वहाँ अशुद्धियों का आयनन दूसरे अर्थ में महत्वपूर्ण है। विकल्प D गलत है; वनस्पति शरीरक्रिया जगदीश चंद्र बोस का क्षेत्र है, जिन्हें असावधान अभ्यर्थी को फँसाने के लिए प्रायः विकल्पों में रखा जाता है।
भारत में हरित क्रांति का जनक किसे कहा जाता है?
- A.वर्गीज कुरियन
- B.एम. एस. स्वामीनाथन
- C.नॉर्मन बोरलॉग
- D.बीरबल साहनी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, एम. एस. स्वामीनाथन है। उन्होंने साठ के दशक में उच्च उपज वाली बौनी गेहूँ किस्मों को भारतीय खेतों तक पहुँचाया, सरकार के साथ मिलकर बीज, उर्वरक और सिंचाई का वह पैकेज तैयार किया जिसने देश को खाद्य आयात से आत्मनिर्भरता की ओर मोड़ा, और 1987 में पहला विश्व खाद्य पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है; वर्गीज कुरियन श्वेत क्रांति के जनक हैं, जिन्होंने आणंद में सहकारी डेयरी प्रतिमान खड़ा किया और ऑपरेशन फ्लड का नेतृत्व किया, जिससे भारत सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक बना। विकल्प C इस प्रश्न के उत्तर के रूप में गलत है; अमेरिका के नॉर्मन बोरलॉग ने बौनी गेहूँ किस्में विकसित कीं और उन्हें विश्व में हरित क्रांति का जनक कहा जाता है तथा 1970 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला, पर प्रश्न भारत के बारे में है। विकल्प D गलत है; बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञानी थे जिन्होंने जीवाश्म पौधों का अध्ययन किया और कृषि नीति में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान की स्थापना किसने की और कौन भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के पहले अध्यक्ष थे?
- A.विक्रम साराभाई
- B.होमी जे. भाभा
- C.राजा रामन्ना
- D.शांति स्वरूप भटनागर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, होमी जे. भाभा है। उन्होंने टाटा न्यासों को 1945 में बंबई में टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान के लिए धन देने को राजी किया, 1948 में गठित परमाणु ऊर्जा आयोग के पहले अध्यक्ष बने, और ट्रॉम्बे में परमाणु ऊर्जा प्रतिष्ठान स्थापित किया, जिसका नाम जनवरी 1966 में आल्प्स के ऊपर विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु के बाद भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र रखा गया; उनका वैज्ञानिक कार्य ब्रह्मांडीय किरण वर्षा और अपने नाम वाले प्रकीर्णन पर था। विकल्प A गलत है; विक्रम साराभाई ने भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की और अंतरिक्ष कार्यक्रम का नेतृत्व किया, और वे भाभा के बाद परमाणु ऊर्जा आयोग में आए भी, जिससे यह विकल्प लुभावना बनता है, पर वे उसके पहले अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है; राजा रामन्ना ने 1974 के परमाणु परीक्षण करने वाले दल का नेतृत्व किया और बाद में बार्क के निदेशक रहे। विकल्प D गलत है; शांति स्वरूप भटनागर ने सीएसआईआर के पहले महानिदेशक के रूप में राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं की शृंखला खड़ी की।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस 28 फरवरी को क्यों मनाया जाता है?
क्योंकि सी. वी. रामन ने 1928 में उसी दिन रामन प्रभाव की खोज की थी, जो किसी भारतीय प्रयोगशाला द्वारा किसी पूर्णतः नई भौतिक परिघटना का पहला प्रदर्शन था। भारत सरकार ने यह दिवस 1986 में निर्धारित किया और हर वर्ष इसे एक विषय के साथ मनाया जाता है। रामन को इस खोज के लिए 1930 में भौतिकी का नोबेल और 1954 में भारत रत्न मिला।
भारतीय वैज्ञानिकों से कितने विज्ञान नोबेल जुड़े हैं?
चार नाम नियमित रूप से पूछे जाते हैं: 1930 में भौतिकी में सी. वी. रामन, 1968 में चिकित्सा में हरगोविंद खुराना, 1983 में भौतिकी में एस. चंद्रशेखर और 2009 में रसायन में वेंकटरमन रामकृष्णन। इनमें केवल रामन ही उस समय भारत में कार्यरत भारतीय नागरिक थे; शेष तीन अमेरिका या ब्रिटेन के नागरिक बन चुके थे।
जे. सी. बोस और एस. एन. बोस में क्या अंतर है?
जगदीश चंद्र बोस वनस्पति शरीरक्रिया विज्ञानी और भौतिकविद थे, जिन्होंने क्रेस्कोग्राफ बनाया, दिखाया कि पौधे उद्दीपन पर प्रतिक्रिया करते हैं और मिलीमीटर रेडियो तरंगों पर आरंभिक कार्य किया; कोलकाता का बोस संस्थान उन्हीं का है। सत्येंद्र नाथ बोस सैद्धांतिक भौतिकविद थे, जिनकी अविभेद्य कणों की सांख्यिकी से बोसॉन को नाम मिला और बोस-आइंस्टीन संघनित्र निकला।
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक किसे कहा जाता है?
विक्रम साराभाई को। उन्होंने 1947 में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की, 1962 में सरकार को अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय समिति बनाने के लिए राजी किया, चुंबकीय विषुवत रेखा के निकट थुंबा को पहला प्रक्षेपण स्थल चुना और उस कार्यक्रम का नेतृत्व किया जो 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन बना। तिरुवनंतपुरम का प्रक्षेपण केंद्र उन्हीं के नाम पर है।
चंद्रशेखर सीमा क्या है?
यह वह अधिकतम द्रव्यमान है जो कोई श्वेत वामन तारा रखते हुए भी अपने अपभ्रष्ट इलेक्ट्रॉनों के दाब से गुरुत्व के विरुद्ध टिका रह सकता है, लगभग सूर्य के द्रव्यमान का 1.44 गुना। इससे भारी अवशेष और ढहता है, न्यूट्रॉन तारे या कृष्ण विवर की ओर। एस. चंद्रशेखर ने युवावस्था में ही यह निकाला और 1983 में भौतिकी का नोबेल साझा किया।
स्रोत
- भौतिकी और रसायन के सभी नोबेल पुरस्कार — द नोबेल प्राइज
- इसरो के बारे में: आरंभ और शुरुआती वर्ष — भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन
- भौतिकी भाग 1 (कक्षा 12), तरंग और प्रकाशिकी अध्याय — एनसीईआरटी





