ड्रोन, रोबोटिक्स और स्वचालन: परीक्षा नोट्स
विज्ञान और प्रौद्योगिकी नोट्स: ड्रोन, रोबोटिक्स तथा स्वचालन, ड्रोन नियम 2021 और भार श्रेणियां, भारतीय ड्रोन और रोबोट, पीएलसी, स्काडा तथा मुख्य पद।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

बिना चालक उड़ने वाली मशीनें, बिना श्रमिक वेल्डिंग करने वाली भुजाएं और फोरमैन के स्थान पर नियंत्रक से चलने वाले कारखाने अब सामान्य जागरूकता के प्रश्नपत्रों का स्थायी भाग हैं। प्रश्न तीन प्रकार के होते हैं: कोई परिभाषा या पूरा नाम, ड्रोन नियम 2021 का कोई प्रावधान, अथवा किसी भारतीय ड्रोन या रोबोट का नाम। इन नोट्स में पहले ड्रोन और उन पर लागू कानून है, फिर रोबोटिक्स तथा उसकी शब्दावली, इसके बाद स्वचालन और उसके स्तर, और अंत में वे भारतीय कार्यक्रम जिनके नाम परीक्षक पूछ सकते हैं।
ड्रोन और उनकी उड़ान
ड्रोन, जिसका औपचारिक नाम अनपायलट वायु यान अर्थात अनमैन्ड एरियल व्हीकल है, वह विमान है जिसमें कोई चालक सवार नहीं होता और जो भूमि से अथवा अपने ही कार्यक्रम से उड़ाया जाता है; अपने भू नियंत्रण केंद्र और रेडियो संपर्क के साथ उसे अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम कहा जाता है। किसी छोटे बहुरोटर ड्रोन में ढांचा, ब्रशलेस मोटर से घूमने वाले पंखे, इलेक्ट्रॉनिक गति नियंत्रक, लिथियम पॉलीमर बैटरी और एक उड़ान नियंत्रक होता है, जो त्वरणमापी तथा गायरोस्कोप वाली जड़त्वीय मापन इकाई, उपग्रह नौवहन ग्राही और वायुदाबमापी के पाठ लेकर यान को सीधा रखता है। स्थिर पंख वाले ड्रोन अधिक देर और तेज उड़ते हैं; बहुरोटर एक स्थान पर ठहर सकते हैं। उनका उपयोग मानचित्रण, सर्वेक्षण और फसल पर छिड़काव से लेकर औषधि पहुंचाने, बिजली लाइनों की जांच तथा सैन्य निगरानी तक होता है।
ड्रोन नियम, 2021
भारत ने अपने पुराने नियमों के स्थान पर नागर विमानन मंत्रालय द्वारा अधिसूचित ड्रोन नियम, 2021 लागू किए, जिनमें नागर विमानन महानिदेशालय नियामक है और डिजिटल स्काई मंच पंजीकरण तथा अनुमतियों की एकल खिड़की है। प्रत्येक ड्रोन के लिए विशिष्ट पहचान संख्या आवश्यक है, और सबसे छोटी श्रेणी के अतिरिक्त चालक के लिए रिमोट पायलट प्रमाणपत्र चाहिए।
| श्रेणी | कुल भार |
|---|---|
| नैनो | 250 ग्राम तक |
| माइक्रो | 250 ग्राम से अधिक और 2 किलोग्राम तक |
| लघु | 2 किलोग्राम से अधिक और 25 किलोग्राम तक |
| मध्यम | 25 किलोग्राम से अधिक और 150 किलोग्राम तक |
| बृहद | 150 किलोग्राम से अधिक |
वायुक्षेत्र मानचित्र देश को तीन क्षेत्रों में बांटता है। हरित क्षेत्र में निर्धारित ऊंचाई तक ड्रोन बिना अनुमति उड़ाया जा सकता है; पीत क्षेत्र नियंत्रित वायुक्षेत्र है जहां अनुमति चाहिए; लाल क्षेत्र वह है जहां केंद्र सरकार की अनुमति के बिना उड़ान वर्जित है। हवाई अड्डे के पहुंच मार्ग, सैन्य ठिकाने या राष्ट्रीय सीमा जैसे निषिद्ध क्षेत्र पर उड़ान अपराध है।
भारतीय कार्यक्रमों में ड्रोन
- स्वामित्व, पंचायती राज मंत्रालय की 2020 में आरंभ योजना, गांवों की आबादी भूमि का ड्रोन से सर्वेक्षण कराती है और निवासियों को संपत्ति कार्ड देती है।
- किसान ड्रोन कीटनाशक तथा पोषक तत्वों के छिड़काव और फसल सर्वेक्षण में काम आते हैं, और महिला स्वयं सहायता समूहों को किसानों को किराए पर देने के लिए ड्रोन दिए गए हैं।
- मेडिसिन फ्रॉम द स्काई तथा आई ड्रोन परीक्षणों में टीके और औषधियां उन स्थानों तक पहुंचाई गईं जहां सड़क देर से पहुंचती है।
- ड्रोन और उनके पुर्जों के लिए उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन योजना 2021 में स्वीकृत हुई, जिससे यह उद्योग भारत में खड़ा हो।
- भारतीय सैन्य ड्रोनों में डीआरडीओ का लक्ष्य, जो चालकरहित लक्ष्य विमान है, निशांत, निगरानी का छोटा क्वाडकॉप्टर नेत्र, तथा तपस बीएच, जिसे पहले रुस्तम दो कहा जाता था, सम्मिलित हैं; घातक विकासाधीन स्टेल्थ युद्धक ड्रोन है।
रोबोटिक्स
रोबोट वह प्रोग्राम योग्य मशीन है जो भौतिक संसार को अनुभव करती है, निर्णय लेती है और उस पर कार्य करती है। यह शब्द चेक नाटक आर.यू.आर. से आया, जिसे कारेल चापेक ने 1920 में लिखा, और जो चेक शब्द रोबोटा अर्थात बेगार से बना है; रोबोटिक्स शब्द तथा प्रसिद्ध रोबोटिक्स के तीन नियम लेखक आइजक असिमोव ने दिए। रोबोट भुजा का वर्णन उसकी स्वतंत्रता की कोटियों से होता है, अर्थात वह कितनी स्वतंत्र गतियां कर सकती है; उसके सिरे पर अंत्य प्रभावक होता है, जो पकड़ या उपकरण होता है; उसे प्रवर्तक चलाते हैं, जो विद्युत, द्रवचालित या वायुचालित होते हैं; और संवेदक उसका मार्गदर्शन करते हैं। औद्योगिक रोबोट जोड़ों की रचना के अनुसार आर्टिकुलेटेड, कार्तीय, बेलनाकार, गोलीय, स्कारा और डेल्टा कहे जाते हैं, और वेल्डिंग, रंगाई, जोड़ाई तथा पैकिंग में लगाए जाते हैं। इसरो का बनाया व्योममित्र अर्ध मानवाकार रोबोट है, जो गगनयान की बिना चालक उड़ान पर जाने के लिए है, और भारत में मित्रा तथा केपी बॉट जैसे अस्पताल और पुलिस रोबोट प्रयोग हुए हैं।
स्वचालन और उसके स्तर
स्वचालन नियंत्रण प्रणालियों का वह प्रयोग है जिससे कोई प्रक्रिया बहुत कम मानव सहायता से चलती है। विवृत पाश प्रणाली अपने निवेश पर कार्य करती है और परिणाम की जांच नहीं करती; संवृत पाश प्रणाली निर्गत को मापती है और वह माप नियंत्रक को लौटाती है, जो अंतर को सुधारता है, जैसे तापस्थापी करता है। स्वचालन तीन प्रकार का है: स्थिर या कठोर स्वचालन बड़ी मात्रा में एक ही उत्पाद के लिए, प्रोग्राम योग्य स्वचालन जिसे नए बैच के लिए बदला जा सकता है, और लचीला स्वचालन जो रुके बिना बदल जाता है। सामान्य उपकरण हैं पीएलसी अर्थात प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर, जो अंकीय निवेश और निर्गत पर कारखाना चलाता है; स्काडा, अर्थात सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन, जो पूरे तंत्र को नियंत्रण कक्ष से देखता है; सीएनसी अर्थात कंप्यूटर आंकिक नियंत्रण मशीनें; और रोबोट कक्ष। मैकाट्रॉनिक्स वह क्षेत्र है जो यंत्र अभियांत्रिकी, इलेक्ट्रॉनिकी और संगणन को जोड़ता है, तथा उद्योग 4.0 उस अवस्था का नाम है जिसमें संवेदक, नेटवर्क, आंकड़े और कृत्रिम बुद्धि मिलकर साइबर भौतिक प्रणालियां बनाते हैं। कार्यालयों में यही विचार रोबोटिक प्रोसेस ऑटोमेशन के रूप में आता है, जो दोहराए जाने वाले लिपिकीय चरण करने वाला सॉफ्टवेयर है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस विषय पर तीन प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला पूरा नाम या परिभाषा पूछता है: यूएवी, पीएलसी, स्काडा, सीएनसी, आरपीए, स्वतंत्रता की कोटियां, अंत्य प्रभावक, विवृत और संवृत पाश। दूसरा ड्रोन नियम 2021 का कोई प्रावधान पूछता है, जहां भार श्रेणियां, नैनो ड्रोन की 250 ग्राम सीमा, तीन रंगों के क्षेत्र तथा डिजिटल स्काई मंच सबसे अधिक पूछे जाते हैं। तीसरा नाम पूछता है: चालकरहित लक्ष्य विमान के रूप में लक्ष्य, लंबी अवधि के ड्रोन के रूप में तपस बीएच, इसरो के रोबोट के रूप में व्योममित्र, ड्रोन मानचित्रण योजना के रूप में स्वामित्व, रोबोट शब्द के लिए कारेल चापेक और तीन नियमों के लिए असिमोव। भ्रम ये हैं कि रोबोट शब्द का श्रेय असिमोव को दे देना, जिन्होंने केवल रोबोटिक्स और नियम दिए, ड्रोन नियामक को नागर विमानन के स्थान पर रक्षा मंत्रालय के अधीन मान लेना, तथा स्वचालन का अर्थ केवल रोबोट समझ लेना, जबकि बिना रोबोट पीएलसी से चलने वाला कारखाना भी स्वचालन है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| यूएवी | अनमैन्ड एरियल व्हीकल; भू नियंत्रण केंद्र के साथ अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम |
|---|---|
| ड्रोन नियम | ड्रोन नियम, 2021, नागर विमानन मंत्रालय; नियामक डीजीसीए |
| डिजिटल स्काई | ड्रोन पंजीकरण, विशिष्ट पहचान संख्या और अनुमतियों का ऑनलाइन मंच |
| नैनो ड्रोन | कुल भार 250 ग्राम तक |
| माइक्रो ड्रोन | 250 ग्राम से अधिक और 2 किलोग्राम तक |
| बृहद ड्रोन | 150 किलोग्राम से अधिक |
| वायुक्षेत्र के क्षेत्र | हरित, पीत और लाल; लाल में केंद्र सरकार की अनुमति आवश्यक |
| स्वामित्व | गांव की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वेक्षण, पंचायती राज मंत्रालय, 2020 में आरंभ |
| रोबोट शब्द | कारेल चापेक के नाटक आर.यू.आर., 1920 से; रोबोटा अर्थात बेगार |
| रोबोटिक्स के तीन नियम | आइजक असिमोव ने दिए, जिन्होंने रोबोटिक्स शब्द भी गढ़ा |
| व्योममित्र | इसरो का अर्ध मानवाकार रोबोट, गगनयान कार्यक्रम के लिए |
| लक्ष्य और तपस बीएच | डीआरडीओ का चालकरहित लक्ष्य विमान, तथा पहले रुस्तम दो कहा जाने वाला लंबी अवधि का ड्रोन |
| पीएलसी और स्काडा | प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर; सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन |
| उद्योग 4.0 | संवेदक, नेटवर्क, आंकड़े और कृत्रिम बुद्धि से बनी साइबर भौतिक प्रणालियां |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
यंत्र, इलेक्ट्रॉनिकी और कंप्यूटर आधारित प्रणालियों के प्रयोग से किसी तंत्र को नियंत्रित तथा संचालित करने वाली प्रौद्योगिकी को क्या कहा जाता है?
- A.पीएलसी
- B.क्रमिक नियंत्रक
- C.माइक्रोप्रोसेसर आधारित प्रणालियां
- D.स्वचालन
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. स्वचालन
व्याख्या
सही उत्तर D, स्वचालन है। स्वचालन वह प्रौद्योगिकी है जिसमें यंत्र भाग, इलेक्ट्रॉनिकी और कंप्यूटर आधारित नियंत्रण को मिलाकर किसी प्रक्रिया को बहुत कम मानव सहायता से नियंत्रित तथा संचालित किया जाता है, और प्रश्न में दिया वर्णन ठीक यही है। विकल्प A गलत है क्योंकि पीएलसी अर्थात प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर स्वचालन में प्रयुक्त एक उपकरण मात्र है, वह नियंत्रक जो निवेश पढ़ता और निर्गत चलाता है; वह भाग है, पूरी प्रौद्योगिकी नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि क्रमिक नियंत्रक उससे भी संकीर्ण विचार है, वह नियंत्रक जो निश्चित क्रम में कार्य करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि माइक्रोप्रोसेसर आधारित प्रणालियां संगणन हार्डवेयर का नाम हैं, जो स्वचालन में या किसी अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद में प्रयुक्त हो सकता है। याद रखें कि व्यापक पद स्वचालन है और उसके भीतर के उपकरण पीएलसी, स्काडा तथा सीएनसी हैं।
रोबोट शब्द का पहला प्रयोग किसके लिखे नाटक में हुआ था?
- A.आइजक असिमोव
- B.कारेल चापेक
- C.जॉर्ज डेवोल
- D.एलन ट्यूरिंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कारेल चापेक
व्याख्या
सही उत्तर B, कारेल चापेक है। चेक लेखक कारेल चापेक ने अपने 1920 में लिखे नाटक आर.यू.आर. अर्थात रोसम्स यूनिवर्सल रोबोट्स में इस शब्द का प्रयोग किया, जिसे उन्होंने चेक शब्द रोबोटा से लिया, जिसका अर्थ बेगार या बलात श्रम है। विकल्प A गलत है, यद्यपि यह सबसे प्रिय भ्रम है: आइजक असिमोव ने रोबोटिक्स शब्द गढ़ा और रोबोटिक्स के तीन नियम दिए, परंतु रोबोट शब्द नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि जॉर्ज डेवोल ने पहली औद्योगिक रोबोट भुजा यूनिमेट बनाई, जो कारखाने में काम पर लगी, जो अभियांत्रिकी का कार्य है, नामकरण का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि एलन ट्यूरिंग संगणन के सिद्धांत तथा मशीन बुद्धि की परीक्षा के लिए स्मरण किए जाते हैं। रोबोट शब्द के लिए चापेक और रोबोटिक्स तथा तीन नियमों के लिए असिमोव याद रखें।
रोबोटिक्स के तीन नियम किस लेखक ने दिए थे?
- A.आर्थर सी. क्लार्क
- B.आइजक असिमोव
- C.एच. जी. वेल्स
- D.जूल्स वर्न
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. आइजक असिमोव
व्याख्या
सही उत्तर B, आइजक असिमोव है। असिमोव ने अपनी विज्ञान कथाओं में तीन नियम रखे, जिनके अनुसार रोबोट किसी मनुष्य को हानि नहीं पहुंचाएगा, मनुष्यों के आदेश मानेगा सिवाय जहां वह पहले नियम से टकराए, और अपनी रक्षा करेगा सिवाय जहां वह पहले दो नियमों से टकराए; उन्होंने रोबोटिक्स शब्द भी गढ़ा। विकल्प A गलत है क्योंकि आर्थर सी. क्लार्क भूस्थैतिक संचार उपग्रह के विचार तथा अपनी कथाओं के लिए स्मरण किए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि एच. जी. वेल्स ने टाइम मशीन जैसी पहले की वैज्ञानिक कथाएं लिखीं। विकल्प D गलत है क्योंकि जूल्स वर्न ने रोबोट की कल्पना से बहुत पहले पनडुब्बियों और यात्राओं पर लिखा। तीनों नियमों का क्रम भी पूछा जाता है, इसलिए उसे भी याद रखें। परीक्षा में यह भी पूछा जाता है कि रोबोटिक्स शब्द किसने गढ़ा, और उसका उत्तर भी असिमोव ही है।
ड्रोन नियम, 2021 के अनुसार नैनो श्रेणी के ड्रोन का कुल भार कितना होता है?
- A.250 ग्राम तक
- B.2 किलोग्राम तक
- C.25 किलोग्राम तक
- D.150 किलोग्राम तक
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 250 ग्राम तक
व्याख्या
सही उत्तर A, 250 ग्राम तक है। नियम ड्रोनों का वर्गीकरण कुल भार से करते हैं, जिसमें बैटरी और पेलोड सम्मिलित हैं, और नैनो सबसे छोटी श्रेणी है, जो 250 ग्राम तक है, इसी कारण सबसे हल्के खिलौना तथा कैमरा ड्रोन इसमें आते हैं और कानून उनके साथ सबसे हल्का व्यवहार करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि 250 ग्राम से अधिक और 2 किलोग्राम तक माइक्रो श्रेणी है। विकल्प C गलत है क्योंकि 2 किलोग्राम से अधिक और 25 किलोग्राम तक लघु श्रेणी है, जो सर्वेक्षण और छिड़काव के ड्रोनों का सामान्य आकार है। विकल्प D गलत है क्योंकि 25 किलोग्राम से अधिक और 150 किलोग्राम तक मध्यम श्रेणी है, और उससे भारी बृहद। इस सीढ़ी को 250 ग्राम, 2, 25 और 150 किलोग्राम के रूप में याद रखें।
भारत में ड्रोन पंजीकरण और अनुमतियों के लिए एकल खिड़की कौन सा मंच है?
- A.डिजिटल स्काई
- B.भुवन
- C.डिजिलॉकर
- D.उमंग
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. डिजिटल स्काई
व्याख्या
सही उत्तर A, डिजिटल स्काई है। डिजिटल स्काई नागर विमानन महानिदेशालय का वह ऑनलाइन मंच है जिस पर ड्रोन पंजीकृत होता है और उसे विशिष्ट पहचान संख्या मिलती है, जिस पर हरित, पीत तथा लाल क्षेत्रों वाला वायुक्षेत्र मानचित्र प्रकाशित होता है, और जिसके द्वारा उड़ान की अनुमति मांगी जाती है। विकल्प B गलत है क्योंकि भुवन इसरो का भू पोर्टल है, जो उपग्रह चित्र और मानचित्र देता है। विकल्प C गलत है क्योंकि डिजिलॉकर व्यक्तिगत दस्तावेज जैसे अंक पत्र और लाइसेंस रखने तथा साझा करने की सरकारी सेवा है। विकल्प D गलत है क्योंकि उमंग अनेक सरकारी सेवाओं का एकल मोबाइल ऐप है। डिजिटल स्काई को ड्रोन नियम 2021 और नागर विमानन मंत्रालय के साथ जोड़कर रखें। परीक्षा में यह भी पूछा जाता है कि ड्रोन नियम किस मंत्रालय ने अधिसूचित किए, जिसका उत्तर नागर विमानन मंत्रालय है।
विमानन प्रौद्योगिकी में यूएवी का पूरा रूप क्या है?
- A.यूनिवर्सल एयर व्हीकल
- B.अनमैन्ड एरियल व्हीकल
- C.यूनिफाइड एवियोनिक्स व्हीकल
- D.अपर एटमॉस्फियर व्हीकल
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अनमैन्ड एरियल व्हीकल
व्याख्या
सही उत्तर B, अनमैन्ड एरियल व्हीकल है। यूएवी वह विमान है जिसमें कोई चालक सवार नहीं होता और जो दूरस्थ चालक अथवा अपने ही कार्यक्रम से उड़ता है, और जब उसे उसके भू नियंत्रण केंद्र तथा उनके बीच के रेडियो संपर्क के साथ गिना जाता है तो पूरे तंत्र को अनमैन्ड एयरक्राफ्ट सिस्टम कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि यूनिवर्सल एयर व्हीकल विमानन में प्रयुक्त पद नहीं है। विकल्प C गलत है क्योंकि एवियोनिक्स विमान की इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों का नाम है, और उसके नाम पर कोई यान श्रेणी नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि अपर एटमॉस्फियर व्हीकल भी मानक अभिव्यक्ति नहीं है, यद्यपि उच्च तुंगता छद्म उपग्रह समतापमंडल में उड़ते हैं। परीक्षा के लिए यूएवी को ड्रोन के साथ और यूएएस को पूरे तंत्र के साथ जोड़ें।
डीआरडीओ द्वारा विकसित लक्ष्य किस प्रकार का वायु यान है?
- A.चालकरहित लक्ष्य विमान
- B.यात्री विमान
- C.हेलीकॉप्टर गनशिप
- D.पुनःप्रयोज्य प्रक्षेपण यान
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चालकरहित लक्ष्य विमान
व्याख्या
सही उत्तर A, चालकरहित लक्ष्य विमान है। लक्ष्य को डीआरडीओ के वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान ने इसलिए बनाया कि उसे लक्ष्य के रूप में उड़ाया जाए और तोप तथा प्रक्षेपास्त्र दल किसी वास्तविक गतिशील विमान पर अभ्यास कर सकें, और इसे पैराशूट से उतारकर पुनः प्राप्त किया जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि भारत के यात्री विमान कार्यक्रम पूर्णतः दूसरी श्रेणी के हैं, जैसे सारस हल्का परिवहन विमान। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय सेवा के सशस्त्र हेलीकॉप्टर रुद्र तथा हल्का युद्धक हेलीकॉप्टर हैं, जिनमें चालक दल होता है। विकल्प D गलत है क्योंकि पुनःप्रयोज्य प्रक्षेपण यान इसरो का अंतरिक्ष कार्यक्रम है। लक्ष्य के साथ निशांत, नेत्र तथा तपस बीएच भी याद रखें, जिसे पहले रुस्तम दो कहा जाता था। यह भी ध्यान रखें कि उसी संगठन का घातक विकासाधीन स्टेल्थ युद्धक ड्रोन है।
इसरो द्वारा बनाया गया व्योममित्र क्या है?
- A.मौसम उपग्रह
- B.अर्ध मानवाकार रोबोट
- C.अंतरिक्ष दूरदर्शी
- D.प्रक्षेपण मंच
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अर्ध मानवाकार रोबोट
व्याख्या
सही उत्तर B, अर्ध मानवाकार रोबोट है। व्योममित्र में सिर, मुख, भुजाएं और धड़ हैं परंतु पैर नहीं, इसी से उसे अर्ध मानवाकार कहा जाता है, और उसे गगनयान मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम की बिना चालक उड़ान पर जाकर स्विच चलाने, पैनल देखने तथा स्थिति की सूचना देने के लिए बनाया गया है, जैसे कोई चालक दल सदस्य करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारतीय मौसम उपग्रह इनसैट श्रेणी तथा ओशनसैट और स्कैटसैट यान हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि भारतीय अंतरिक्ष वेधशाला एस्ट्रोसैट है, और आदित्य एल1 सूर्य का अध्ययन करता है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रक्षेपण मंच श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में हैं। व्योममित्र को गगनयान के साथ रखें, और याद रखें कि उसका नाम आकाश तथा मित्र शब्दों से बना है।
औद्योगिक स्वचालन में पीएलसी का पूरा रूप क्या है?
- A.पावर लाइन कैरियर
- B.प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर
- C.प्रोसेस लेवल कंप्यूटर
- D.प्रोग्राम्ड लीनियर सर्किट
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर
व्याख्या
सही उत्तर B, प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर है। पीएलसी वह मजबूत औद्योगिक कंप्यूटर है जो स्विच और संवेदकों की स्थिति को निवेश के रूप में पढ़ता है, तर्क का संचित कार्यक्रम चलाता है, और मोटर, वाल्व तथा लैंप को निर्गत के रूप में चलाता है, जिससे कोई मशीन या पूरी पंक्ति स्वयं चलती रहे। विकल्प A गलत है क्योंकि पावर लाइन कैरियर विद्युत लाइनों पर संकेत भेजने की विधि है, जो संचार में प्रयुक्त होती है, कोई नियंत्रक नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि प्रोसेस लेवल कंप्यूटर स्वचालन का मानक पद नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि प्रोग्राम्ड लीनियर सर्किट भी उपकरणों की कोई मान्य श्रेणी नहीं है। ध्यान रखें कि स्काडा पीएलसी के ऊपर बैठता है और पूरे कारखाने को नियंत्रण कक्ष से देखता तथा अभिलेखित करता है, जबकि स्विचन का कार्य पीएलसी करता है।
बिजली और जल प्रणालियों में प्रयुक्त स्काडा का पूरा रूप क्या है?
- A.सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन
- B.सिस्टम कंट्रोल एंड डिजिटल ऑटोमेशन
- C.सीक्वेंशियल कंट्रोल एंड डेटा एनालिसिस
- D.सेफ्टी कंट्रोल एंड डिवाइस असेंबली
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन
व्याख्या
सही उत्तर A, सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन है। स्काडा प्रणाली किसी कारखाने, ग्रिड अथवा जल नेटवर्क में फैले संवेदकों और नियंत्रकों के पाठ एकत्र करती है, उन्हें नियंत्रण कक्ष की स्क्रीनों पर दिखाती है, अभिलेखित करती है, और संचालक को आदेश भेजने देती है, इसी से इसका वर्णन पर्यवेक्षी नियंत्रण के साथ आंकड़ा संग्रहण के रूप में होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि सिस्टम कंट्रोल एंड डिजिटल ऑटोमेशन इस पद का विस्तार नहीं है, यद्यपि वह विश्वसनीय लगता है। विकल्प C गलत है क्योंकि सीक्वेंशियल कंट्रोल एंड डेटा एनालिसिस दो भिन्न विचार बताता है और पूरा रूप नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि सेफ्टी कंट्रोल एंड डिवाइस असेंबली इस क्षेत्र का पद नहीं है। यह जोड़ा याद रखें: मशीन पर पीएलसी और नियंत्रण कक्ष में स्काडा।
स्वामित्व योजना में ड्रोन का प्रयोग मुख्य रूप से किस कार्य के लिए होता है?
- A.फसलों पर कीटनाशक छिड़काव
- B.संपत्ति कार्ड के लिए गांव की आबादी भूमि का सर्वेक्षण
- C.दूरदराज के क्षेत्रों में टीके पहुंचाना
- D.अंतरराष्ट्रीय सीमा पर गश्त
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. संपत्ति कार्ड के लिए गांव की आबादी भूमि का सर्वेक्षण
व्याख्या
सही उत्तर B, संपत्ति कार्ड के लिए गांव की आबादी भूमि का सर्वेक्षण है। स्वामित्व योजना, जिसे पंचायती राज मंत्रालय ने 2020 में आरंभ किया, गांवों की आबादी भूमि पर ड्रोन उड़ाकर सटीक मानचित्र बनाती है, जिनके आधार पर निवासियों को संपत्ति कार्ड दिए जाते हैं, जो उनके स्वामित्व का अभिलेख हैं और जिनसे ऋण भी लिया जा सकता है। विकल्प A गलत है क्योंकि छिड़काव कृषि कार्यक्रमों के अंतर्गत किसान ड्रोनों का कार्य है, जो अलग उपयोग है। विकल्प C गलत है क्योंकि टीके और औषधि पहुंचाने का परीक्षण आई ड्रोन प्रयास तथा मेडिसिन फ्रॉम द स्काई परीक्षणों में हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि सीमा पर गश्त सशस्त्र बल तथा सीमा रक्षक बल अपनी प्रणालियों से करते हैं। स्वामित्व को पंचायती राज मंत्रालय और संपत्ति कार्ड के साथ जोड़ें।
संवृत पाश नियंत्रण प्रणाली की मुख्य विशेषता निम्नलिखित में से कौन है?
- A.उसमें कोई नियंत्रक नहीं होता
- B.वह मापे गए निर्गत को नियंत्रक तक लौटाती है
- C.वह केवल प्रत्यावर्ती धारा पर चलती है
- D.उसे प्रोग्राम नहीं किया जा सकता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. वह मापे गए निर्गत को नियंत्रक तक लौटाती है
व्याख्या
सही उत्तर B, वह मापे गए निर्गत को नियंत्रक तक लौटाती है। संवृत पाश प्रणाली में संवेदक मापता है कि प्रक्रिया वास्तव में क्या कर रही है, उस माप की तुलना वांछित मान से होती है, और नियंत्रक अंतर पर कार्य करता है, जो तापस्थापी, क्रूज कंट्रोल अथवा जल स्तर नियंत्रक करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि संवृत पाश प्रणाली में नियंत्रक होना ही चाहिए; उसे अलग करने वाली बात प्रतिपुष्टि का पथ है, नियंत्रक नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि विद्युत आपूर्ति के प्रकार का इस पाश से कोई संबंध नहीं है, और ऐसी प्रणालियां दिष्ट धारा तथा संपीडित वायु पर भी चलती हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि संवृत पाश प्रणालियां प्रायः प्रोग्राम योग्य होती हैं, और पीएलसी उसका सामान्य उदाहरण है। इसके विपरीत विवृत पाश प्रणाली अपने परिणाम की जांच कभी नहीं करती।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ड्रोन नियम 2021 के अनुसार नैनो ड्रोन की भार सीमा क्या है?
नैनो ड्रोन का कुल भार बैटरी और पेलोड सहित 250 ग्राम तक होता है। अगली श्रेणी माइक्रो 250 ग्राम से ऊपर 2 किलोग्राम तक, फिर लघु 25 किलोग्राम तक, मध्यम 150 किलोग्राम तक और उससे अधिक बृहद श्रेणी है।
रोबोट शब्द किसने दिया और रोबोटिक्स के तीन नियम किसने दिए?
रोबोट शब्द कारेल चापेक के 1920 में लिखे चेक नाटक आर.यू.आर. से आया, जो रोबोटा अर्थात बेगार से बना है। रोबोटिक्स शब्द तथा रोबोटिक्स के तीन नियम बाद में विज्ञान कथा लेखक आइजक असिमोव ने दिए।
विवृत पाश और संवृत पाश नियंत्रण प्रणाली में क्या अंतर है?
विवृत पाश प्रणाली अपने निवेश पर कार्य करती है और परिणाम की जांच नहीं करती, जैसे कोई साधारण समय नियंत्रक। संवृत पाश प्रणाली संवेदक से निर्गत मापती है, उस माप को नियंत्रक तक लौटाती है और अंतर सुधारती है, जैसे तापस्थापी या क्रूज कंट्रोल करता है।
ड्रोन के लिए हरित, पीत और लाल क्षेत्र क्या हैं?
ये वायुक्षेत्र मानचित्र के तीन भाग हैं। हरित क्षेत्र में निर्धारित ऊंचाई तक ड्रोन बिना अनुमति उड़ाया जा सकता है, पीत क्षेत्र नियंत्रित वायुक्षेत्र है जहां अनुमति चाहिए, और लाल क्षेत्र में केंद्र सरकार की अनुमति के बिना उड़ान नहीं हो सकती।
इसरो ने अपने मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए कौन सा रोबोट बनाया है?
व्योममित्र, जिसमें सिर, भुजाएं और धड़ हैं परंतु पैर नहीं, और जो गगनयान की बिना चालक उड़ान पर जाकर स्विच चलाने, पैनल पढ़ने तथा स्थिति की सूचना देने के लिए है, जैसे कोई मानव चालक दल सदस्य करता है।
स्रोत
- ड्रोन नियम, 2021 और ड्रोन वायुक्षेत्र मानचित्र — नागर विमानन मंत्रालय, भारत सरकार
- स्वामित्व योजना: गांव की आबादी भूमि का ड्रोन सर्वेक्षण — पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार
- अनपायलट प्रणालियां और व्योममित्र रोबोट — रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन तथा इसरो





