भारत में राष्ट्रीय एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग रणनीति किस मंत्रालय ने जारी की?
- A.भारी उद्योग मंत्रालय
- B.विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- C.इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- D.वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
सही उत्तर
C. इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय
व्याख्या
सही उत्तर C, इलेक्ट्रॉनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय है। यह रणनीति उस मंत्रालय ने 2022 में जारी की, जिसका उद्देश्य मशीनों, सामग्रियों और सॉफ्टवेयर को समेटते हुए एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग का घरेलू तंत्र बनाना, भारतीय बौद्धिक संपदा सृजित करना तथा श्रमिकों को कौशल देना है, जो मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भरता के कार्यक्रमों के अनुरूप है। विकल्प A गलत है क्योंकि भारी उद्योग मंत्रालय पूंजीगत वस्तुओं और वाहन क्षेत्र को देखता है, जिसमें विद्युत वाहनों की योजनाएं सम्मिलित हैं, पर यह रणनीति नहीं। विकल्प B गलत है क्योंकि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय अपने विभागों से अनुसंधान को धन देता है पर उसने यह दस्तावेज जारी नहीं किया। विकल्प D गलत है क्योंकि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय व्यापार समझौतों की वार्ता और निर्यात प्रोत्साहन देखता है। यह रणनीति एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग को उसी मंत्रालय के अन्य प्रौद्योगिकी अभियानों के साथ रखती है, इसी कारण प्रश्न इसे भारी अभियांत्रिकी के बजाय इलेक्ट्रॉनिकी से जोड़ते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: 3डी प्रिंटिंग, एआर, वीआर और मेटावर्स: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखें3डी प्रिंटिंग को निम्नलिखित में से किस नाम से भी जाना जाता है?
- A.सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग
- B.एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग
- C.फॉर्मेटिव मैन्युफैक्चरिंग
- D.रिडक्टिव मैन्युफैक्चरिंग
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग है। यह नाम विधि से आया है: किसी डिजिटल मॉडल के नियंत्रण में परत पर परत सामग्री जोड़ी जाती है जब तक वस्तु पूरी हो जाए, जिससे कुछ भी काटकर हटाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। विकल्प A गलत है क्योंकि सब्ट्रैक्टिव मैन्युफैक्चरिंग ठीक इसके विपरीत है, जिसमें ठोस खंड को काटा, छेदा, खरादा या मिलिंग किया जाता है जब तक अभीष्ट आकृति शेष रहे। विकल्प C गलत है क्योंकि फॉर्मेटिव मैन्युफैक्चरिंग का अर्थ है सामग्री को जोड़े या हटाए बिना बल लगाकर आकार देना, जैसे फोर्जिंग, ढलाई या इंजेक्शन मोल्डिंग। विकल्प D गलत है क्योंकि रिडक्टिव मैन्युफैक्चरिंग इस क्षेत्र का मान्य शब्द नहीं है; यह केवल इसलिए दिया गया है कि यह एडिटिव का विलोम प्रतीत होता है। अभ्यर्थियों को ध्यान रखना चाहिए कि एडिटिव और सब्ट्रैक्टिव का अंतर इस अध्याय का सबसे अधिक पूछा जाने वाला बिंदु है, और शेष तीनों विकल्प केवल इसी अंतर को उलझाने के लिए रखे जाते हैं।
स्टीरियोलिथोग्राफी, पहली व्यावसायिक रूप से सफल 3डी प्रिंटिंग प्रक्रिया, का आविष्कार किसने किया?
- A.चक हल
- B.जैरन लैनियर
- C.इवान सदरलैंड
- D.नील स्टीफेंसन
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व्याख्या
सही उत्तर A, चक हल है। उन्होंने 1980 के दशक के मध्य में स्टीरियोलिथोग्राफी का आविष्कार किया, जिसमें लेजर तरल प्रकाश-बहुलक रेजिन को बिंदु दर बिंदु कठोर करता है, और इस प्रकार पहला कार्यशील 3डी प्रिंटर बनाया; बाद में उन्होंने इन मशीनों को बेचने के लिए कंपनी भी बनाई। विकल्प B गलत है क्योंकि जैरन लैनियर आभासी वास्तविकता से जुड़े हैं, जिस शब्द को उन्होंने प्रचलित किया, छपाई से नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि इवान सदरलैंड ने 1968 में पहला शिरोधार्य प्रदर्शक बनाया, वह उपकरण जिसका उपनाम डैमोकल्स की तलवार था, जो फिर वास्तविकता प्रौद्योगिकियों का विषय है। विकल्प D गलत है क्योंकि नील स्टीफेंसन उपन्यासकार हैं जिन्होंने 1992 में स्नो क्रैश में मेटावर्स शब्द गढ़ा। इन चार नामों को अलग-अलग पहचानना ही इस प्रश्न का पूरा उद्देश्य है, क्योंकि प्रत्येक नाम इसी पाठ्यक्रम इकाई की भिन्न धारा से आता है और परीक्षक उन्हें आपस में बदल देते हैं।
3डी प्रिंटर को मॉडल भेजने के लिए कौन सा फाइल प्रारूप मानक रूप से प्रयुक्त होता है?
- A.जेपीईजी
- B.एसटीएल
- C.एमपीईजी
- D.पीडीएफ
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व्याख्या
सही उत्तर B, एसटीएल है। एसटीएल फाइल त्रिविमीय वस्तु की बाहरी सतह को त्रिभुजों के जाल के रूप में वर्णित करती है और रंग, सामग्री या बनावट की कोई सूचना नहीं रखती। कंप्यूटर सहायित अभिकल्पन सॉफ्टवेयर में बनी रचना एसटीएल के रूप में निर्यात होती है, और फिर स्लाइसिंग प्रोग्राम उसे क्षैतिज परतों में काटकर मशीन के निर्देश, सामान्यतः जी-कोड, लिखता है। विकल्प A गलत है क्योंकि जेपीईजी चपटे फोटोग्राफिक चित्रों का संपीडित प्रारूप है और उसमें गहराई की कोई सूचना नहीं होती। विकल्प C गलत है क्योंकि एमपीईजी वीडियो और ध्वनि के संपीडन के मानकों का परिवार है। विकल्प D गलत है क्योंकि पीडीएफ निश्चित पृष्ठ-विन्यास वाले दस्तावेजों का प्रारूप है, जो पढ़ने और कागज पर छापने के लिए है। अभ्यर्थियों को स्मरण रखना चाहिए कि एसटीएल फाइल केवल ज्यामिति रखती है, इसी कारण रंगीन छपाई के लिए उस पर आधारित नए प्रारूपों की आवश्यकता पड़ती है।
निम्नलिखित में से कौन 3डी प्रिंटिंग प्रक्रिया नहीं है?
- A.फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग
- B.सेलेक्टिव लेजर सिंटरिंग
- C.कंप्यूटर संख्यात्मक नियंत्रण मिलिंग
- D.स्टीरियोलिथोग्राफी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, कंप्यूटर संख्यात्मक नियंत्रण मिलिंग है। कंप्यूटर नियंत्रित मशीन पर मिलिंग एक सब्ट्रैक्टिव प्रक्रिया है: घूमता कटर ठोस खंड से सामग्री हटाता है जब तक आकृति शेष रहे, इसलिए कोई परत जोड़ी नहीं जाती। विकल्प A गलत है क्योंकि फ्यूज्ड डिपोजिशन मॉडलिंग एडिटिव प्रक्रिया है जिसमें गर्म नोजल तापसुघट्य तंतु को परत दर परत निकालता है। विकल्प B गलत है क्योंकि सेलेक्टिव लेजर सिंटरिंग भी एडिटिव है, जो वहीं बहुलक चूर्ण के कणों को लेजर से जोड़ती है जहां वस्तु ठोस होनी है। विकल्प D गलत है क्योंकि तीनों में सबसे पुरानी स्टीरियोलिथोग्राफी भी एडिटिव है: लेजर तरल रेजिन को बिंदु दर बिंदु कठोर करता है। प्रिंटिंग प्रक्रियाओं के बीच मशीनिंग प्रक्रिया रख देना इस प्रश्न को बनाने का प्रचलित ढंग है। यह भी उल्लेखनीय है कि व्यवहार में एडिटिव और सब्ट्रैक्टिव विधियां प्रायः साथ प्रयुक्त होती हैं, जहां मुद्रित भाग को सटीक सतह देने के लिए मिलिंग मशीन पर अंतिम रूप दिया जाता है।
मेटावर्स शब्द का पहली बार प्रयोग निम्नलिखित में से किस कृति में हुआ?
- A.विलियम गिब्सन की न्यूरोमैंसर
- B.नील स्टीफेंसन की स्नो क्रैश
- C.अर्नेस्ट क्लाइन की रेडी प्लेयर वन
- D.इवान सदरलैंड की डैमोकल्स की तलवार
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, नील स्टीफेंसन की स्नो क्रैश है। 1992 में प्रकाशित इस उपन्यास में मेटावर्स शब्द उस साझा आभासी नगर के लिए प्रयुक्त है जिसमें लोग चश्मे से प्रवेश करते हैं और अवतारों के रूप में विचरते हैं, और दशकों बाद यह शब्द स्थायी त्रिविमीय ऑनलाइन संसारों के लिए अपनाया गया। विकल्प A गलत है क्योंकि 1984 में प्रकाशित न्यूरोमैंसर ने संसार को संबंधित शब्द साइबरस्पेस दिया, मेटावर्स नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि बाद का उपन्यास रेडी प्लेयर वन ऐसे संसार का वर्णन करता है पर उसका नामकरण नहीं करता; वह विचार उधार लेता है। विकल्प D गलत है क्योंकि डैमोकल्स की तलवार कोई पुस्तक ही नहीं, बल्कि 1968 में इवान सदरलैंड द्वारा बनाए पहले शिरोधार्य प्रदर्शक का उपनाम है। मेटावर्स और साइबरस्पेस का अंतर यहां जाल है, और परीक्षक इन दोनों उपन्यासों को विकल्पों में साथ रखकर उसी अंतर को जांचते हैं।