बिहार में शिक्षा और स्वास्थ्य: विश्वविद्यालय और योजनाएं
बिहार की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के नोट्स: पटना विश्वविद्यालय, राज्य के विश्वविद्यालय, जनगणना की साक्षरता, मेडिकल कॉलेज, कालाजार और प्रमुख योजनाएं।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

बिहार वही भूमि है जहां नालंदा और विक्रमशिला में पूरे एशिया से विद्यार्थी आते थे, और यही वह राज्य है जिसकी साक्षरता दर 2011 की जनगणना में देश के राज्यों में सबसे कम दर्ज हुई। परीक्षक इस अंतर को बार-बार पूछते हैं और शिक्षा तथा स्वास्थ्य को राज्य प्रशासन के एक ही अध्याय की तरह देखते हैं, अर्थात विश्वविद्यालय और उनके नगर, परीक्षा लेने वाले बोर्ड, जनगणना के साक्षरता आंकड़े, मेडिकल कॉलेज तथा राज्य से जुड़ी बीमारियां और योजनाएं। बीपीएससी, बीएसएससी, बिहार पुलिस, सीटेट और एसएससी के प्रश्नपत्र पूछते हैं कि सबसे पुराना विश्वविद्यालय कौन है, कौन जिला सबसे अधिक साक्षर है, कौन संस्थान किस नगर में है और कौन योजना किस काम के लिए पैसा देती है। यह अध्याय वे सभी तथ्य एक जगह रखता है।
विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा
पटना विश्वविद्यालय, जिसकी स्थापना 1 अक्टूबर 1917 को हुई, बिहार का सबसे पुराना विश्वविद्यालय है और देश के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में एक है। यह आरंभ में बिहार और ओडिशा प्रांत के लिए परीक्षा लेने तथा महाविद्यालयों को संबद्ध करने वाली संस्था थी, और बाद के विश्वविद्यालय इसी क्षेत्र से काटकर बनाए गए। उच्च शिक्षा की दूसरी धारा परंपरागत है, क्योंकि बिहार दरभंगा में संस्कृत के लिए और पटना में अरबी-फारसी के लिए अलग विश्वविद्यालय रखता है, जो बताता है कि पुरानी विद्या आधुनिक व्यवस्था में कैसे बची रही।
| विश्वविद्यालय | स्थान | याद रखने की बात |
|---|---|---|
| पटना विश्वविद्यालय | पटना | 1917 में स्थापित, बिहार का सबसे पुराना |
| कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय | दरभंगा | भारत के पहले संस्कृत विश्वविद्यालयों में एक |
| मगध विश्वविद्यालय | बोधगया | 1962 में स्थापित, महाविद्यालयों की संख्या में सबसे बड़ा |
| ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय | दरभंगा | 1972 में मिथिला क्षेत्र के लिए स्थापित |
| नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय | पटना | 1987 में स्थापित, राज्य का मुक्त विश्वविद्यालय |
| आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय | पटना | 2008 में व्यावसायिक और तकनीकी कॉलेजों के लिए |
| दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय | गया | 2009 का केंद्रीय विश्वविद्यालय |
| बिहार कृषि विश्वविद्यालय | सबौर, भागलपुर | 2010 में कृषि शिक्षा के लिए स्थापित |
| नालंदा विश्वविद्यालय | राजगीर, नालंदा | संसद के 2010 के अधिनियम से बना |
मुजफ्फरपुर का बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय पहले बिहार विश्वविद्यालय था और बाद में डॉ अंबेडकर के नाम पर हुआ; तिलका मांझी भागलपुर विश्वविद्यालय उस संथाल नायक का नाम रखता है जिसने कंपनी से लोहा लिया; चपरा का जय प्रकाश विश्वविद्यालय, आरा का वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय और मधेपुरा का भूपेंद्र नारायण मंडल विश्वविद्यालय क्रमशः सारण, शाहाबाद और कोसी क्षेत्र को देखते हैं। मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय पटना में है।
व्यावसायिक संस्थान, बोर्ड और साक्षरता
व्यावसायिक संस्थान एक अंक के प्रश्नों के प्रिय विषय हैं, क्योंकि हर संस्थान अलग नगर में है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना 2008 के नए संस्थानों में था; राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से बना, जो देश के सबसे पुराने इंजीनियरिंग कॉलेजों में था और 2004 में एनआईटी बना; भारतीय प्रबंध संस्थान बोधगया में है; चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पटना में है; और एक भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान भागलपुर में काम करता है।
- पटना का बिहार विद्यालय परीक्षा समिति राज्य की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षाएं लेती है।
- 1922 में बना बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड भारत के सबसे पुराने मदरसा बोर्डों में है, और संस्कृत विद्यालयों के लिए अलग संस्कृत शिक्षा बोर्ड है।
- बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षा एवं परीक्षा बोर्ड नियमित विद्यालय व्यवस्था से बाहर के विद्यार्थियों के लिए है।
- 2011 की जनगणना में बिहार की साक्षरता 61.8 प्रतिशत थी, जो राज्यों में सबसे कम थी, जिसमें पुरुष 71.2 और महिला 51.5 प्रतिशत थीं।
- इसी जनगणना में रोहतास बिहार का सर्वाधिक साक्षर और पूर्णिया सबसे कम साक्षर जिला था।
इन आंकड़ों पर काम करने वाली योजनाएं वही हैं जिनके लिए राज्य जाना जाता है, अर्थात 2006 की मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, जिसने नौवीं कक्षा की बालिकाओं को साइकिल दी और दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बनी, विद्यालयी बच्चों की पोशाक और छात्रवृत्ति योजनाएं, जन्म से स्नातक तक किश्तें देने वाली मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, तथा उच्च शिक्षा में सात निश्चय का बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड और कुशल युवा कार्यक्रम।
मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य संस्थान
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जो 1925 में प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज के नाम से खुला, बिहार का सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज है और आज भी पूर्वी भारत के सबसे बड़े अस्पतालों में एक है। लहेरियासराय का दरभंगा मेडिकल कॉलेज 1946 में बना। पटना का इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, जो 1983 में बना, राज्य का अपना रेफरल तथा शिक्षण संस्थान है, और पटना का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत खड़ा हुआ। पटना का नालंदा मेडिकल कॉलेज तथा मुजफ्फरपुर का श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अन्य पुराने शिक्षण अस्पताल हैं, और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद पटना के अगमकुआं में राजेंद्र स्मृति आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान चलाती है, जो कालाजार पर शोध का राष्ट्रीय केंद्र है।
स्वास्थ्य संकेतक और उनसे जुड़ी योजनाएं
भारत में कालाजार का सबसे भारी बोझ बिहार पर है। इसका परजीवी बालू मक्खी से फैलता है, जो मिट्टी की दीवारों की नम दरारों में पनपती है, और राष्ट्रीय कार्यक्रम घरों के भीतर छिड़काव, प्रखंड स्तर पर मुफ्त जांच तथा उपचार और रोगी को मजदूरी हानि की राशि देकर काम करता है। मुजफ्फरपुर के लीची क्षेत्र का एक्यूट एनसेफलाइटिस सिंड्रोम और उत्तर बिहार की हर साल की बाढ़ राज्य की दूसरी बड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2019 से 2021 में बिहार की कुल प्रजनन दर लगभग तीन बच्चे प्रति महिला दर्ज हुई, जो राज्यों में सबसे अधिक थी, इसलिए परिवार कल्याण और संस्थागत प्रसव राज्य के स्वास्थ्य प्रयास के केंद्र में हैं।
- आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक नकदी रहित इलाज देती है, जिसे राज्य ने मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के माध्यम से राशन कार्ड परिवारों तक बढ़ाया।
- बाल हृदय योजना जन्मजात हृदय रोग वाले बच्चों के इलाज का खर्च उठाती है, और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष गंभीर बीमारी में निर्धन रोगियों की मदद करता है।
- 102 एंबुलेंस सेवा और 104 स्वास्थ्य परामर्श लाइन राज्य की आपात तथा सलाह व्यवस्था हैं, और जननी बाल सुरक्षा निःशुल्क प्रसव सुविधा देती है।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्नपत्र पटना विश्वविद्यालय का स्थापना वर्ष, किस विश्वविद्यालय का कौन नगर, पटना के नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय और राजगीर के नालंदा विश्वविद्यालय का अंतर, तथा जनगणना की साक्षरता के साथ सर्वाधिक और सबसे कम साक्षर जिले पूछते हैं। स्वास्थ्य में सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज, आईजीआईएमएस और आरएमआरआईएमएस का पूरा नाम तथा स्थान, कालाजार का वाहक और राज्य, और कौन योजना किस काम की है, यह पूछा जाता है। जाल हैं बोधगया बनाम गया, दरभंगा के दो विश्वविद्यालय, और केंद्र तथा राज्य के स्वास्थ्य कवच का घालमेल।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सबसे पुराना विश्वविद्यालय | पटना विश्वविद्यालय, 1 अक्टूबर 1917 |
|---|---|
| मुक्त विश्वविद्यालय | नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय, पटना, 1987 |
| नालंदा विश्वविद्यालय | राजगीर, संसद के 2010 के अधिनियम से |
| मगध विश्वविद्यालय | बोधगया, 1962 |
| मिथिला विश्वविद्यालय | ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा, 1972 |
| संस्कृत विश्वविद्यालय | कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा |
| कृषि विश्वविद्यालय | बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर, 2010 |
| आईआईटी और आईआईएम | आईआईटी पटना, 2008; आईआईएम बोधगया |
| साक्षरता, जनगणना 2011 | कुल 61.8 प्रतिशत, पुरुष 71.2, महिला 51.5; राज्यों में सबसे कम |
| साक्षरता के छोर | सर्वाधिक रोहतास, सबसे कम पूर्णिया |
| सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज | पटना मेडिकल कॉलेज, 1925, प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज के रूप में |
| राज्य का रेफरल संस्थान | इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना, 1983 |
| कालाजार शोध | राजेंद्र स्मृति आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान, अगमकुआं, पटना |
| कालाजार का वाहक | बालू मक्खी |
| विद्यालय बोर्ड | बिहार विद्यालय परीक्षा समिति, पटना |
| मदरसा बोर्ड | बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, 1922 |
| बाल हृदय योजना | जन्मजात हृदय रोग वाले बच्चों का निःशुल्क इलाज |
| स्वास्थ्य कवच | आयुष्मान भारत पीएम-जय, प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये, साथ में मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
बिहार का सबसे पुराना विश्वविद्यालय कौन है?
- A.मगध विश्वविद्यालय
- B.पटना विश्वविद्यालय
- C.ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय
- D.नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय
उत्तर देखें
इसकी स्थापना 1 अक्टूबर 1917 को बिहार और ओडिशा प्रांत के लिए परीक्षा लेने तथा महाविद्यालयों को संबद्ध करने वाले विश्वविद्यालय के रूप में हुई, और यह राज्य का सबसे पुराना तथा देश के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में एक है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2011 की जनगणना के अनुसार बिहार के किस जिले की साक्षरता दर सर्वाधिक थी?
- A.पटना
- B.रोहतास
- C.मुंगेर
- D.पूर्णिया
उत्तर देखें
2011 की जनगणना में शाहाबाद क्षेत्र का रोहतास जिला, जिसका मुख्यालय सासाराम है, बिहार के जिलों में सर्वाधिक साक्षरता दर वाला रहा, और पटना तथा मुंगेर इसके बाद आए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2011 की जनगणना में बिहार की साक्षरता दर कितनी थी?
- A.47.0 प्रतिशत
- B.54.3 प्रतिशत
- C.61.8 प्रतिशत
- D.74.0 प्रतिशत
उत्तर देखें
2011 की जनगणना ने बिहार की साक्षरता 61.8 प्रतिशत दर्ज की, जो राज्यों में सबसे कम थी, जिसमें पुरुष 71.2 और महिला 51.5 प्रतिशत थीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार का भारतीय प्रबंध संस्थान किस स्थान पर है?
- A.पटना
- B.बोधगया
- C.मुजफ्फरपुर
- D.राजगीर
उत्तर देखें
राज्य का भारतीय प्रबंध संस्थान गया जिले के बोधगया में काम करता है, उसी नगर में जहां महाबोधि मंदिर है, और यह आईआईएम व्यवस्था के विस्तार के दूसरे दौर के संस्थानों में था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार का सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज, पटना मेडिकल कॉलेज, 1925 में किस नाम से खुला था?
- A.टेंपल मेडिकल स्कूल
- B.प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज
- C.बिहार मेडिकल कॉलेज
- D.राजेंद्र मेडिकल कॉलेज
उत्तर देखें
यह संस्थान 1925 में इसी नाम से खुला और स्वतंत्रता के बाद इसका नाम पटना मेडिकल कॉलेज हुआ; इसका अस्पताल आज भी पूर्वी भारत के सबसे बड़े तथा राज्य के सबसे पुराने शिक्षण अस्पतालों में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पटना के अगमकुआं स्थित राजेंद्र स्मृति आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान किस रोग पर शोध का केंद्र है?
- A.क्षय रोग
- B.मलेरिया
- C.कालाजार
- D.कुष्ठ रोग
उत्तर देखें
पटना के अगमकुआं का यह संस्थान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के अधीन काम करता है और कालाजार, यानी विसरल लीशमैनियासिस, पर शोध का राष्ट्रीय केंद्र है, उस रोग का जिसका सबसे भारी भारतीय बोझ उत्तर बिहार के मैदानों में है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार सरकार की बाल हृदय योजना किस काम के लिए है?
- A.प्राथमिक विद्यालयों में मध्याह्न भोजन
- B.जन्मजात हृदय रोग वाले बच्चों का निःशुल्क इलाज
- C.सफाई कर्मियों के बच्चों की छात्रवृत्ति
- D.नौवीं कक्षा में जाने वाली बालिकाओं को साइकिल
उत्तर देखें
बाल हृदय योजना में राज्य जन्मजात हृदय रोग वाले बच्चों की शल्य चिकित्सा और देखभाल का खर्च उठाता है, विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम से उनकी पहचान करता है और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में भेजता है, जिससे किसी परिवार को ऑपरेशन के लिए जमीन न बेचनी पड़े।
पूरी व्याख्या पढ़ें →1962 में स्थापित मगध विश्वविद्यालय का मुख्यालय किस नगर में है?
- A.गया नगर
- B.बोधगया
- C.राजगीर
- D.नवादा
उत्तर देखें
1962 में बना मगध विश्वविद्यालय गया जिले के बोधगया में है और दक्षिण बिहार के बहुत बड़े संख्या में महाविद्यालयों को संबद्ध करता है, इसीलिए राज्य के प्रश्नपत्रों में यह बार-बार आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजगीर का नालंदा विश्वविद्यालय संसद के किस वर्ष के अधिनियम से स्थापित हुआ?
- A.1987
- B.2006
- C.2010
- D.2014
उत्तर देखें
नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम संसद ने 2010 में पारित किया, जिससे नालंदा जिले के राजगीर में प्राचीन महाविहार के पुनर्जीवन के रूप में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय बना, जिसका स्वरूप अंतरराष्ट्रीय है और जिसमें बौद्ध अध्ययन, ऐतिहासिक अध्ययन, पारिस्थितिकी तथा अंतरराष्ट्रीय संबंध के संकाय हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में जिस कालाजार का सबसे भारी बोझ बिहार पर है, वह किस वाहक से फैलता है?
- A.एनोफिलीज मच्छर
- B.बालू मक्खी
- C.सीसी मक्खी
- D.चूहे का पिस्सू
उत्तर देखें
कालाजार, यानी विसरल लीशमैनियासिस, उस परजीवी से होता है जिसे बालू मक्खी ढोती है, और यह मक्खी उत्तर बिहार के मैदानों में मिट्टी की दीवारों तथा पशुशालाओं की नम दरारों में पनपती है, इसलिए नियंत्रण कार्यक्रम घरों की भीतरी दीवारों पर छिड़काव करता है, प्रखंड स्तर पर मुफ्त जांच और…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार में मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं कौन संस्था आयोजित करती है?
- A.बिहार विद्यालय परीक्षा समिति
- B.बिहार मुक्त विद्यालयी शिक्षा एवं परीक्षा बोर्ड
- C.बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड
- D.बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड
उत्तर देखें
पटना में कार्यालय वाली यह समिति राज्य की मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट परीक्षाएं लेती है और उनका परिणाम प्रकाशित करती है, और इसकी परीक्षाओं में हर वर्ष बिहार के लाखों विद्यार्थी बैठते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहार का सबसे पुराना विश्वविद्यालय कौन है?
पटना विश्वविद्यालय, जिसकी स्थापना 1 अक्टूबर 1917 को हुई। यह बिहार और ओडिशा प्रांत के लिए परीक्षा लेने तथा महाविद्यालयों को संबद्ध करने वाले विश्वविद्यालय के रूप में बना और राज्य के बाद के विश्वविद्यालय इसी क्षेत्र से काटकर बनाए गए। भारत के विश्वविद्यालयों में यह सबसे पुराने में एक है, और इसके पटना कॉलेज तथा साइंस कॉलेज जैसे महाविद्यालय विश्वविद्यालय से भी पुराने हैं।
नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय और नालंदा विश्वविद्यालय में क्या अंतर है?
ये दो अलग संस्थान हैं। नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय पटना में 1987 में बना राज्य सरकार का मुक्त तथा दूरस्थ शिक्षा विश्वविद्यालय है, जो पूरे बिहार में अध्ययन केंद्रों से पढ़ाता है। नालंदा विश्वविद्यालय नालंदा जिले के राजगीर में केंद्रीय संस्थान है, जो संसद के 2010 के अधिनियम से प्राचीन महाविहार के पुनर्जीवन के रूप में बना और जिसमें बौद्ध अध्ययन, पारिस्थितिकी, ऐतिहासिक अध्ययन तथा अंतरराष्ट्रीय संबंध के संकाय हैं।
2011 की जनगणना में बिहार की साक्षरता दर कितनी थी?
यह 61.8 प्रतिशत थी, जो भारत के राज्यों में सबसे कम थी, जिसमें पुरुष साक्षरता 71.2 प्रतिशत और महिला साक्षरता 51.5 प्रतिशत थी। दोनों के बीच लगभग बीस अंक का अंतर स्वयं एक परीक्षा तथ्य है। राज्य के भीतर रोहतास सर्वाधिक साक्षर और पूर्णिया सबसे कम साक्षर जिला था, और साइकिल योजना से कन्या उत्थान योजना तक बालिकाओं की योजनाएं इन्हीं आंकड़ों को देखकर बनीं।
बिहार का सबसे पुराना मेडिकल कॉलेज कौन है?
पटना मेडिकल कॉलेज, जो 1925 में प्रिंस ऑफ वेल्स मेडिकल कॉलेज के नाम से खुला और स्वतंत्रता के बाद इसका नाम बदला गया। इसका अस्पताल आज भी पूर्वी भारत के सबसे बड़े अस्पतालों में एक है। लहेरियासराय का दरभंगा मेडिकल कॉलेज, 1946, आयु में इसके बाद आता है, और पटना का इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान, 1983, राज्य का अपना शिक्षण तथा रेफरल संस्थान है।
कालाजार को बिहार से क्यों जोड़ा जाता है?
क्योंकि भारत में कालाजार, यानी विसरल लीशमैनियासिस, के सबसे अधिक मामले लंबे समय से उत्तर बिहार के मैदानों से आते रहे हैं। इसका परजीवी बालू मक्खी से फैलता है, जो मिट्टी की दीवारों और पशुशालाओं की नम दरारों में पनपती है, इसलिए नियंत्रण कार्यक्रम घरों के भीतर छिड़काव के साथ प्रखंड स्तर पर मुफ्त जांच तथा इलाज और रोगी को मजदूरी हानि की राशि देता है। कालाजार शोध का आईसीएमआर संस्थान आरएमआरआईएमएस पटना के अगमकुआं में है।
बिहार बालिकाओं और बीमार बच्चों के लिए कौन योजनाएं चलाता है?
बालिकाओं के लिए 2006 की मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना ने नौवीं कक्षा में जाने वाली बालिकाओं को साइकिल दी और दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बनी, तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना जन्म से विद्यालय और इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने तथा स्नातक होने तक किश्तें देती है। जन्मजात हृदय रोग वाले बच्चों के लिए बाल हृदय योजना शल्य चिकित्सा और देखभाल का खर्च उठाती है, और मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष गंभीर बीमारी में निर्धन परिवारों की मदद करता है।
स्रोत
- जनगणना 2011, बिहार की साक्षरता तालिकाएं — भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय
- राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण 5 (2019-21), बिहार राज्य तथ्य पत्र — अंतरराष्ट्रीय जनसंख्या विज्ञान संस्थान
- राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण केंद्र: कालाजार — स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार
- शिक्षा विभाग, बिहार सरकार — बिहार सरकार





