बिहार की स्थिति और भौतिक विभाग: विस्तार और मैदान
बिहार की स्थिति और भौतिक विभाग पर परीक्षोपयोगी नोट्स: अक्षांश, क्षेत्रफल, नेपाल सीमा, गंगा, उत्तर एवं दक्षिण बिहार का मैदान और दक्षिणी पठार।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

बिहार मैदानों का राज्य है। सुदूर उत्तर-पश्चिम की एक संकरी पहाड़ी पट्टी और दक्षिण के पठारी किनारे को छोड़ दें, तो लगभग पूरा राज्य गंगा तथा नेपाल से उतरने वाली नदियों द्वारा बनाई समतल जलोढ़ भूमि है। यह एक वाक्य राज्य की कृषि, बाढ़, जनसंख्या घनत्व और प्राचीन राजधानियों की स्थिति, सब समझा देता है। परीक्षा इसी अध्याय से आरंभ होती है, क्योंकि मखाना और लीची से लेकर कोसी परियोजना तथा पटना के पुलों तक, बिहार सामान्य ज्ञान के आगे के सभी अध्यायों के लिए पहले स्थिति और भौतिक विभाग जानने होते हैं।
स्थिति और विस्तार
बिहार पूर्वी भारत में 24°20′10″ उत्तरी से 27°31′15″ उत्तरी अक्षांश तथा 83°19′50″ पूर्वी से 88°17′40″ पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। राज्य का क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है, जिससे यह क्षेत्रफल में बारहवाँ राज्य है, जबकि जनसंख्या में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है। उत्तर से दक्षिण इसकी लंबाई लगभग 345 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम चौड़ाई लगभग 483 किलोमीटर है, अर्थात यह एक चौड़ा और नीचा आयत है। राज्य स्थलरुद्ध है और पूरी तरह कर्क रेखा के उत्तर में पड़ता है। राजधानी पटना गंगा के दक्षिणी तट पर स्थित है।
सीमाएँ और पड़ोसी
उत्तर में नेपाल है, जिसके साथ लगभग 726 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा है। पश्चिम में उत्तर प्रदेश, दक्षिण में झारखंड और पूर्व में पश्चिम बंगाल है। झारखंड की सीमा सबसे नई है, क्योंकि पठारी जिलों को 15 नवंबर 2000 को झारखंड राज्य के रूप में अलग कर दिया गया और उनके साथ बिहार की लगभग सारी खनिज संपदा तथा वन चले गए, मैदान शेष रह गया। बिहार स्वयं 22 मार्च 1912 को बंगाल प्रेसीडेंसी से काटकर पृथक प्रांत बनाया गया था और वही दिन बिहार दिवस के रूप में मनाया जाता है।
| दिशा | पड़ोसी | स्मरणीय तथ्य |
|---|---|---|
| उत्तर | नेपाल | लगभग 726 किमी की अंतरराष्ट्रीय सीमा |
| पश्चिम | उत्तर प्रदेश | गंगा और घाघरा यहीं से प्रवेश करती हैं |
| दक्षिण | झारखंड | 15 नवंबर 2000 को पृथक |
| पूर्व | पश्चिम बंगाल | गंगा और महानंदा आगे बहती हैं |
गंगा, राज्य की धुरी
गंगा बक्सर जिले में चौसा के निकट बिहार में प्रवेश करती है, पश्चिम से पूर्व लगभग 445 किलोमीटर बहती है और राजमहल के निकट पश्चिम बंगाल में चली जाती है। यह राज्य को दो असमान मैदानों में काट देती है, उत्तर बिहार का मैदान और दक्षिण बिहार का मैदान, और बिहार का लगभग प्रत्येक भौतिक तथ्य इसी रेखा के संदर्भ में कहा जाता है। उत्तरी तट पर हिमालयी नदियाँ आती हैं और दक्षिणी तट पर पठारी नदियाँ, तथा उसके बाढ़ क्षेत्र की बालू वाली बदलती भूमि को दियारा कहा जाता है। गंगा के दक्षिण में, पटना, नालंदा तथा बेगूसराय के आसपास गंगा और पुनपुन के बीच की तश्तरीनुमा नीची भूमि ताल कहलाती है, जो वर्षा में जलमग्न रहती है और जल निकलने पर दलहन बोई जाती है।
भौतिक विभाग
बिहार को तीन भौतिक विभागों में पढ़ा जाता है और मैदान स्वयं गंगा से बँटा हुआ है।
- सुदूर उत्तर-पश्चिम की शिवालिक अथवा पहाड़ी पट्टी, जो पश्चिम चंपारण जिले में है, जहाँ सोमेश्वर तथा दून की पहाड़ियाँ हैं और उनके बीच दून कहलाने वाली संकरी घाटियाँ हैं। लगभग 880 मीटर ऊँची सोमेश्वर चोटी बिहार का सर्वोच्च बिंदु है।
- उत्तर बिहार का मैदान, जो बड़ा भाग है और उत्तर से दक्षिण की ओर मंद ढाल रखता है। यह घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, कोसी तथा महानंदा द्वारा लाई नई गाद से बना है, जो सब नेपाल अथवा हिमालय से निकलती हैं, सदावाहिनी हैं और भारी तलछट ढोती हैं। ढाल अत्यंत मंद होने और नदियों के अधिक गाद लाने के कारण वे अपना तल ऊँचा कर लेती हैं और मार्ग बदलती रहती हैं, इसी से उत्तर बिहार भारत का सर्वाधिक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र है। दो शताब्दियों में बहुत पश्चिम की ओर खिसक चुकी कोसी को बिहार का शोक कहा जाता है। इस खिसकाव से बनी उथली आर्द्रभूमियाँ चौर या मौन कहलाती हैं।
- दक्षिण बिहार का मैदान, जो संकरा, कुछ ऊँचा और पुराना है तथा छोटानागपुर पठार से उतरने वाली नदियों, अर्थात सोन, पुनपुन, फल्गु, किउल, सकरी और चंदन द्वारा बना है। ये मौसमी हैं, ग्रीष्म में लगभग सूख जाती हैं और वर्षा में अचानक चढ़ती हैं। इनमें सोन सबसे बड़ी तथा गंगा की सबसे बड़ी दक्षिणी सहायक नदी है, जो पटना के पश्चिम मनेर के निकट गंगा में मिलती है। यहाँ मैदान को अवशिष्ट पहाड़ियाँ तोड़ती हैं, जिनमें राजगीर की पहाड़ियाँ तथा मुंगेर की खड़गपुर पहाड़ियाँ प्रमुख हैं।
दक्षिण तथा दक्षिण-पश्चिमी किनारे पर भूमि उठकर रोहतास और कैमूर जिलों का कैमूर पठार बनाती है, जो मध्य प्रदेश से चला आया बालुकाश्म का खंड है और जिसमें खड़े कगार तथा जलप्रपात मिलते हैं। यह किनारा ही राज्य का एकमात्र वास्तविक पठारी भाग है, शेष पठार सन 2000 में झारखंड के साथ चला गया।
जलवायु और वर्षा
राज्य की जलवायु उपोष्ण मानसूनी है, जिसमें ग्रीष्म तप्त, जून के मध्य से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून से वर्षा और शीत ऋतु ठंडी तथा शुष्क रहती है। वर्षा मुख्यतः दक्षिण-पश्चिम में लगभग 1,000 मिलीमीटर से बढ़कर उत्तर-पूर्व में 1,400 मिलीमीटर से अधिक हो जाती है, जहाँ किशनगंज तथा नेपाल की तलहटी में सर्वाधिक वर्षा होती है; गया और रोहतास पट्टी सबसे शुष्क है। इस प्रकार एक ही राज्य उत्तर की नदियों में बाढ़ भेजता है और दक्षिण में सोन की नहरें चलाता है, यही विरोधाभास परीक्षा में पूछा जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
परीक्षा में विस्तार और क्षेत्रफल सीधे पूछे जाते हैं और सामान्य जाल यह है कि बिहार के स्थान पर उत्तर प्रदेश का विस्तार, 23 अंश 52 मिनट से 30 अंश 24 मिनट उत्तरी अक्षांश, विकल्प में रख दिया जाता है। चारों पड़ोसियों को दिशा के साथ याद रखें और यह भी कि इनमें केवल नेपाल देश है। विभाजक रेखा के रूप में गंगा लगभग निश्चित प्रश्न है, उसके राज्य में प्रवाह की लंबाई तथा दियारा, ताल और चौर जैसे नामों के साथ। नदियों में महत्वपूर्ण विभाजन यह है कि उत्तरी तट की नदियाँ हिमालयी तथा सदावाहिनी हैं और दक्षिणी तट की पठारी तथा मौसमी; कोसी बिहार का शोक और सोन सबसे बड़ी दक्षिणी सहायक नदी है। सर्वोच्च बिंदु के प्रश्न का उत्तर सोमेश्वर चोटी तथा पश्चिम चंपारण है, पठार के प्रश्न का कैमूर, और 22 मार्च 1912 तथा 15 नवंबर 2000 दोनों तिथियाँ प्रतिवर्ष पूछी जाती हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| क्षेत्रफल | 94,163 वर्ग किमी, क्षेत्रफल में बारहवाँ, जनसंख्या में तीसरा राज्य |
|---|---|
| अक्षांशीय विस्तार | 24 अंश 20 मिनट 10 सेकंड उत्तरी से 27 अंश 31 मिनट 15 सेकंड उत्तरी |
| देशांतरीय विस्तार | 83 अंश 19 मिनट 50 सेकंड पूर्वी से 88 अंश 17 मिनट 40 सेकंड पूर्वी |
| लंबाई और चौड़ाई | उत्तर-दक्षिण लगभग 345 किमी, पूर्व-पश्चिम लगभग 483 किमी |
| पड़ोसी | नेपाल, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल |
| नेपाल सीमा | राज्य के उत्तरी किनारे पर लगभग 726 किमी |
| बिहार में गंगा | बक्सर के चौसा के निकट प्रवेश, पश्चिम से पूर्व लगभग 445 किमी प्रवाह |
| सर्वोच्च बिंदु | सोमेश्वर चोटी, लगभग 880 मीटर, सोमेश्वर पहाड़ियाँ, पश्चिम चंपारण |
| बिहार का शोक | कोसी, अपने बदलते मार्ग और बाढ़ के कारण |
| सबसे बड़ी दक्षिणी सहायक | सोन, जो मनेर के निकट गंगा में मिलती है |
| पठारी किनारा | रोहतास और कैमूर जिलों का कैमूर पठार, बालुकाश्म |
| प्रमुख तिथियाँ | पृथक प्रांत 22 मार्च 1912; झारखंड का पृथक्करण 15 नवंबर 2000 |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
बिहार का क्षेत्रफल कितना है?
- A.79,716 वर्ग किमी
- B.88,752 वर्ग किमी
- C.94,163 वर्ग किमी
- D.135,192 वर्ग किमी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 94,163 वर्ग किलोमीटर है। बिहार का क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है, जिससे यह क्षेत्रफल में भारत का बारहवाँ राज्य है, यद्यपि जनसंख्या में उत्तर प्रदेश तथा महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर आता है। नवंबर 2000 में पठारी जिलों के झारखंड बन जाने पर राज्य ने अपने पुराने क्षेत्रफल का बड़ा भाग खो दिया।
विकल्प A, 79,716 वर्ग किलोमीटर, बिहार से बने झारखंड का क्षेत्रफल है और इसी कारण सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प B, 88,752 वर्ग किलोमीटर, हिमाचल प्रदेश के क्षेत्रफल के निकट है और केवल मिलते-जुलते आँकड़े के रूप में रखा गया है। विकल्प D, 135,192 वर्ग किलोमीटर, छत्तीसगढ़ का क्षेत्रफल है। बिहार 94,163 वर्ग किलोमीटर तथा झारखंड 79,716 वर्ग किलोमीटर, यह जोड़ा साथ याद रखें, क्योंकि प्रश्न अक्सर दोनों में बड़ा राज्य पूछते हैं।
बिहार का अक्षांशीय विस्तार कौन सा है?
- A.21°6′ उत्तरी से 26°30′ उत्तरी
- B.23°52′ उत्तरी से 30°24′ उत्तरी
- C.24°20′ उत्तरी से 27°31′ उत्तरी
- D.27°39′ उत्तरी से 30°55′ उत्तरी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 24 अंश 20 मिनट उत्तरी से 27 अंश 31 मिनट उत्तरी अक्षांश है। ठीक-ठीक कहें तो बिहार 24 अंश 20 मिनट 10 सेकंड उत्तरी से 27 अंश 31 मिनट 15 सेकंड उत्तरी अक्षांश तथा 83 अंश 19 मिनट 50 सेकंड पूर्वी से 88 अंश 17 मिनट 40 सेकंड पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। दक्षिणी किनारा 23 अंश 30 मिनट उत्तरी अक्षांश से ऊपर होने के कारण कर्क रेखा राज्य से नहीं गुजरती।
विकल्प A, 21 अंश 6 मिनट से 26 अंश 30 मिनट उत्तरी अक्षांश, मध्य प्रदेश का अक्षांशीय विस्तार है। विकल्प B, 23 अंश 52 मिनट से 30 अंश 24 मिनट उत्तरी अक्षांश, पश्चिमी पड़ोसी उत्तर प्रदेश का विस्तार है और बिहार के प्रश्नपत्रों में सबसे सामान्य गलत विकल्प है। विकल्प D, 27 अंश 39 मिनट से 30 अंश 55 मिनट उत्तरी अक्षांश, हरियाणा का विस्तार है। बिहार को लगभग 24 से साढ़े 27 अंश उत्तरी अक्षांश के बीच की संकरी पट्टी के रूप में याद रखें, जो उत्तर से दक्षिण केवल लगभग 345 किलोमीटर है।
बिहार की अंतरराष्ट्रीय सीमा किस देश से लगती है?
- A.भूटान
- B.नेपाल
- C.बांग्लादेश
- D.म्याँमार
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, नेपाल है। बिहार की पूरी उत्तरी सीमा पर नेपाल के साथ लगभग 726 किलोमीटर की अंतरराष्ट्रीय सीमा है और उत्तर बिहार को उपजाऊ तथा बाढ़ प्रभावित बनाने वाली नदियाँ, अर्थात गंडक, बागमती, कमला बलान और कोसी, सब इसी सीमा को पार कर राज्य में आती हैं।
विकल्प A, भूटान, की सीमा सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम तथा अरुणाचल प्रदेश से लगती है और उसके तथा बिहार के बीच पश्चिम बंगाल पड़ता है। विकल्प C, बांग्लादेश, की सीमा पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम से लगती है; पश्चिम बंगाल का संकरा सिलीगुड़ी गलियारा उसे बिहार से अलग करता है, इसलिए पूर्वी भारत का मोटा चित्र रखने वाले विद्यार्थी इसे चुन लेते हैं। विकल्प D, म्याँमार, की सीमा अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर तथा मिजोरम से लगती है। बिहार के अन्य तीनों पड़ोसी भारतीय राज्य हैं, पश्चिम में उत्तर प्रदेश, दक्षिण में झारखंड और पूर्व में पश्चिम बंगाल।
कौन सी नदी बिहार को उत्तर बिहार के मैदान और दक्षिण बिहार के मैदान में बाँटती है?
- A.सोन
- B.गंडक
- C.गंगा
- D.कोसी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, गंगा है। गंगा बक्सर जिले में चौसा के निकट बिहार में प्रवेश करती है, पश्चिम से पूर्व लगभग 445 किलोमीटर बहती है और राजमहल के निकट राज्य से बाहर चली जाती है। यह मैदान को बड़े उत्तर बिहार के मैदान तथा संकरे दक्षिण बिहार के मैदान में बाँट देती है और राज्य का लगभग प्रत्येक भौतिक तथ्य इसी रेखा के संदर्भ में कहा जाता है।
विकल्प A, सोन, दक्षिण की सबसे बड़ी नदी है, जो उत्तर की ओर बहकर मनेर के निकट गंगा में मिलती है, किंतु उसका अपवाह केवल दक्षिण-पश्चिमी कोने तक है। विकल्प B, गंडक, उत्तरी तट की हिमालयी नदी है और पटना में गंगा से मिलती है। विकल्प D, कोसी, उत्तर की सर्वाधिक अस्थिर नदी है और बिहार का शोक कहलाती है, किंतु वह भी सहायक नदी है, विभाजक रेखा नहीं। परीक्षा के लिए चित्र स्पष्ट रखें, मध्य में गंगा, उत्तर से आती हिमालयी सदावाहिनी नदियाँ और दक्षिण से आती पठारी मौसमी नदियाँ।
बिहार का सर्वोच्च बिंदु कौन सा है?
- A.पश्चिम चंपारण की सोमेश्वर चोटी
- B.नालंदा की राजगीर पहाड़ियाँ
- C.मुंगेर की खड़गपुर पहाड़ियाँ
- D.रोहतास की कैमूर पहाड़ियाँ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, पश्चिम चंपारण की सोमेश्वर चोटी है। सोमेश्वर पहाड़ियाँ बिहार के सुदूर उत्तर-पश्चिम में संकरी शिवालिक पट्टी बनाती हैं, जिनकी श्रेणियों के बीच दून कहलाने वाली समतल घाटियाँ हैं, और लगभग 880 मीटर ऊँची सोमेश्वर चोटी राज्य का सर्वोच्च बिंदु है। सन 2000 के बाद बिहार में बचा यही एकमात्र वास्तविक पहाड़ी क्षेत्र है।
विकल्प B, नालंदा की राजगीर पहाड़ियाँ, दक्षिण बिहार के मैदान से उठी नीची क्वार्टजाइट श्रेणियाँ हैं, जो ऊँचाई के लिए नहीं, इतिहास के लिए प्रसिद्ध हैं। विकल्प C, मुंगेर की खड़गपुर पहाड़ियाँ, छोटानागपुर पठार का अवशेष हैं और सोमेश्वर से बहुत नीची हैं। विकल्प D, रोहतास की कैमूर पहाड़ियाँ, दक्षिण-पश्चिम में बालुकाश्म का पठारी किनारा बनाती हैं, जहाँ सुंदर कगार और जलप्रपात हैं, और वही सामान्य गलत उत्तर है, क्योंकि विद्यार्थी ऊँचाई को पठार से जोड़ देते हैं। जोड़ी याद रखें, सोमेश्वर, पश्चिम चंपारण, लगभग 880 मीटर।
किस नदी को बिहार का शोक कहा जाता है?
- A.बागमती
- B.कोसी
- C.बूढ़ी गंडक
- D.पुनपुन
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, कोसी है। कोसी हिमालय से निकलती है, अत्यधिक गाद ढोकर उत्तर बिहार के लगभग समतल मैदान में जमा करती है और अपना तल ऊँचा करती जाती है, जिससे वह किनारे तोड़कर नया मार्ग बना लेती है। पिछली दो शताब्दियों में वह बहुत पश्चिम की ओर खिसक चुकी है और अपने पीछे बालू तथा परित्यक्त धाराओं की चौड़ी पट्टी छोड़ गई है; बाढ़ में होने वाली इसी तबाही से उसे बिहार का शोक कहा जाता है।
विकल्प A, बागमती, और विकल्प C, बूढ़ी गंडक, भी उत्तर बिहार में बाढ़ लाती हैं और मार्ग बदलती हैं, किंतु यह उपनाम उनका नहीं है। विकल्प D, पुनपुन, दक्षिणी तट की मौसमी और तुलनात्मक रूप से छोटी नदी है, जो पटना के निकट स्थानीय बाढ़ लाती है। उत्तरी तट की नदियों को पश्चिम से पूर्व के क्रम में याद रखें, घाघरा, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, कोसी और महानंदा, तथा उपनाम केवल कोसी से जोड़ें।
बिहार की निम्नलिखित नदियों में कौन सी दक्षिणी पठार से निकलती है, नेपाल या हिमालय से नहीं?
- A.गंडक
- B.बागमती
- C.सोन
- D.महानंदा
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, सोन है। सोन मध्य प्रदेश के अमरकंटक पठार से निकलती है, दक्षिण के कठोर चट्टानी क्षेत्र से उत्तर-पूर्व की ओर बहती है और पटना के पश्चिम मनेर के निकट गंगा में मिल जाती है। यह गंगा की सबसे बड़ी दक्षिणी सहायक नदी है और इसी पर रोहतास पट्टी की सोन नहर प्रणाली, बिहार की सबसे पुरानी नहर व्यवस्था, बनाई गई थी।
विकल्प A, गंडक, जिसे नेपाल में नारायणी कहते हैं, हिमालय से निकलकर पटना में गंगा से मिलती है। विकल्प B, बागमती, नेपाल में काठमांडू के निकट की पहाड़ियों से निकलती है और मुजफ्फरपुर तथा सीतामढ़ी पट्टी में बाढ़ लाती है। विकल्प D, महानंदा, दार्जिलिंग की पहाड़ियों से निकलकर किशनगंज के आसपास उत्तर-पूर्वी कोने का अपवाह करती है। पहचान सरल है, उत्तरी तट की नदियाँ हिमालयी तथा सदावाहिनी हैं, जबकि दक्षिणी तट की सोन, पुनपुन, फल्गु, किउल और चंदन पठार से आती हैं और मौसमी हैं।
झारखंड बिहार से किस तिथि को अलग हुआ?
- A.1 नवंबर 2000
- B.9 नवंबर 2000
- C.15 नवंबर 2000
- D.22 मार्च 2000
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 15 नवंबर 2000 है। बिहार के दक्षिणी पठारी जिले बिहार पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के अंतर्गत 15 नवंबर 2000 को, अर्थात बिरसा मुंडा की जयंती पर, झारखंड राज्य बन गए। उनके साथ बिहार की अधिकांश खनिज संपदा, वन तथा भारी उद्योग चले गए और राज्य के पास मैदान तथा दक्षिण-पश्चिम का संकरा पठारी किनारा शेष रहा।
विकल्प A, 1 नवंबर 2000, मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के अलग होने की तिथि है। विकल्प B, 9 नवंबर 2000, उत्तर प्रदेश से उत्तराखंड, तब उत्तरांचल, के अलग होने की तिथि है। तीनों राज्य एक ही माह में बने, इसलिए तिथियाँ साथ पूछी जाती हैं। विकल्प D, 22 मार्च, बिहार से जुड़ी वास्तविक तिथि है, किंतु दूसरे प्रकार की, क्योंकि 22 मार्च 1912 को बिहार बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग होकर पृथक प्रांत बना था और वह दिन बिहार दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उत्तर बिहार की नदियों के मार्ग बदलने से बनी उथली तश्तरीनुमा आर्द्रभूमियाँ क्या कहलाती हैं?
- A.दियारा
- B.ताल
- C.चौर
- D.बांगर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, चौर है। चौर, जिसे मौन भी कहा जाता है, उत्तर बिहार के मैदान का उथला तश्तरीनुमा गर्त है, जो तब बनता है जब गाद से भरी नदी कोई धारा छोड़ देती है और आसपास की भूमि ऊँची कर देती है। चौर वर्ष के बड़े भाग में जल रखते हैं, मत्स्य पालन तथा मखाना की खेती का आधार बनते हैं और बिहार के भूगोल में निश्चित उत्तर हैं।
विकल्प A, दियारा, गंगा के बाढ़ क्षेत्र की बालू वाली बदलती भूमि है, जिस पर बाढ़ उतरने के बाद तरबूज तथा सब्जियाँ उगाई जाती हैं। विकल्प B, ताल, गंगा के दक्षिण में गंगा और पुनपुन के बीच पटना, नालंदा तथा बेगूसराय के आसपास की जलमग्न नीची भूमि है, जहाँ जल निकलने पर दलहन बोई जाती है। विकल्प D, बांगर, गंगा मैदान का सामान्य शब्द है, जो बाढ़ स्तर से ऊपर की पुरानी जलोढ़ मिट्टी के लिए प्रयुक्त होता है और बिहार तक सीमित नहीं है। तीनों स्थानीय शब्द दियारा, ताल और चौर मैदान के अपने-अपने भाग के साथ याद रखें।
बिहार का कैमूर पठार मुख्यतः किन जिलों में फैला है?
- A.रोहतास और कैमूर
- B.मुंगेर और जमुई
- C.गया और नवादा
- D.पूर्णिया और कटिहार
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, रोहतास और कैमूर है। कैमूर पठार विंध्यन बालुकाश्म का वह खंड है, जो मध्य प्रदेश तथा उत्तर प्रदेश से बिहार में चला आता है और राज्य के दक्षिण-पश्चिमी कोने में रोहतास एवं कैमूर जिलों में फैला है। इसके खड़े कगार, जलप्रपात तथा प्रसिद्ध रोहतासगढ़ दुर्ग, सब इसी पठारी किनारे के अंग हैं।
विकल्प B, मुंगेर और जमुई, में खड़गपुर पहाड़ियाँ हैं, जो छोटानागपुर पठार के अवशेष हैं, कैमूर खंड नहीं। विकल्प C, गया और नवादा, दक्षिण बिहार के मैदान में हैं, जहाँ बीच-बीच में नीची पहाड़ियाँ उभरी हैं, और जो विद्यार्थी केवल यह याद रखते हैं कि दक्षिण चट्टानी है, वे इन्हें चुन लेते हैं। विकल्प D, पूर्णिया और कटिहार, सुदूर उत्तर-पूर्व में मैदान के समतल तथा बाढ़ प्रभावित भाग में हैं, जहाँ पठार नहीं है। परीक्षा के लिए दक्षिण-पश्चिम को कैमूर बालुकाश्म और दक्षिण-पूर्व को खड़गपुर पहाड़ियों से जोड़ें।
बिहार का उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम विस्तार कितना है?
- A.लगभग 345 किमी और 483 किमी
- B.लगभग 483 किमी और 345 किमी
- C.लगभग 826 किमी और 869 किमी
- D.लगभग 240 किमी और 400 किमी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, लगभग 345 किलोमीटर और 483 किलोमीटर है। बिहार उत्तर से दक्षिण लगभग 345 किलोमीटर और पूर्व से पश्चिम लगभग 483 किलोमीटर है, अर्थात वह ऊँचा राज्य नहीं, बल्कि गंगा के आड़े फैली चौड़ी पट्टी है। ये आँकड़े उसके लगभग तीन अंश के अक्षांशीय तथा लगभग पाँच अंश के देशांतरीय फैलाव से मेल खाते हैं।
विकल्प B में वही दोनों संख्याएँ आपस में बदल दी गई हैं, और यही इस प्रश्न का जाल है; जो विद्यार्थी जोड़ा याद रखता है पर दिशा नहीं, वह अंक खो देता है। विकल्प C, लगभग 826 किलोमीटर और 869 किलोमीटर, राजस्थान का विस्तार है, जो बहुत बड़ा राज्य है। विकल्प D दोनों दिशाओं के लिए बहुत छोटा है और बिहार के लगभग एक तिहाई क्षेत्रफल वाले राज्य पर लागू होगा। आँकड़ों को आकृति से जोड़ें, पूर्व-पश्चिम माप बड़ी है, क्योंकि गंगा राज्य को उसी दिशा में पार करती है।
बिहार बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग होकर पृथक प्रांत किस वर्ष बना?
- A.1905
- B.1911
- C.1912
- D.1936
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, 1912 है। बिहार को ओडिशा के साथ बंगाल प्रेसीडेंसी से अलग कर 22 मार्च 1912 को नया प्रांत बनाया गया और पटना उसकी राजधानी बनी। यही तिथि प्रतिवर्ष बिहार दिवस के रूप में मनाई जाती है और यहीं से राज्य का आधुनिक प्रशासनिक इतिहास आरंभ होता है।
विकल्प A, 1905, बंगाल के प्रथम विभाजन का वर्ष है, जो पूरी तरह भिन्न कदम था और सन 1911 में रद्द कर दिया गया। विकल्प B, 1911, उसी रद्दीकरण का तथा ब्रिटिश भारत की राजधानी कलकत्ता से दिल्ली ले जाने की घोषणा का वर्ष है, इसलिए वह सबसे निकट और सबसे आकर्षक गलत उत्तर है। विकल्प D, 1936, वह वर्ष है जब ओडिशा बिहार से अलग होकर स्वतंत्र प्रांत बना और बिहार को लगभग वही स्वरूप मिला, जो सन 2000 तक बना रहा। तीन तिथियाँ क्रम से याद रखें, 1912, 1936 और 15 नवंबर 2000।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहार का अक्षांशीय और देशांतरीय विस्तार कितना है?
बिहार 24 अंश 20 मिनट 10 सेकंड उत्तरी से 27 अंश 31 मिनट 15 सेकंड उत्तरी अक्षांश तथा 83 अंश 19 मिनट 50 सेकंड पूर्वी से 88 अंश 17 मिनट 40 सेकंड पूर्वी देशांतर के बीच फैला है और इसका क्षेत्रफल 94,163 वर्ग किलोमीटर है।
बिहार को कौन सी नदी दो भागों में बाँटती है?
गंगा। यह बक्सर जिले के चौसा के निकट प्रवेश करती है, पश्चिम से पूर्व लगभग 445 किलोमीटर बहती है और राज्य को हिमालयी नदियों से सिंचित उत्तर बिहार के मैदान तथा छोटानागपुर की नदियों से सिंचित दक्षिण बिहार के मैदान में बाँट देती है।
बिहार के भौतिक विभाग कौन से हैं?
तीन, अर्थात पश्चिम चंपारण की सोमेश्वर तथा दून पहाड़ियों वाली शिवालिक पट्टी, राज्य के अधिकांश भाग में फैला गंगा का मैदान, जो गंगा से उत्तर और दक्षिण में बँटा है, तथा कैमूर पठार सहित दक्षिणी पठारी किनारा।
उत्तर बिहार में बाढ़ अधिक क्यों आती है?
यहाँ की नदियाँ नेपाल तथा हिमालय से निकलती हैं, अत्यधिक गाद लाती हैं और अत्यंत मंद ढाल वाले मैदान में प्रवेश करती हैं। गाद से उनका तल ऊँचा हो जाता है, वे किनारे तोड़कर मार्ग बदल लेती हैं; बहुत पश्चिम खिसक चुकी कोसी को इसी कारण बिहार का शोक कहा जाता है।
बिहार का सर्वोच्च बिंदु कौन सा है?
पश्चिम चंपारण जिले की सोमेश्वर पहाड़ियों की सोमेश्वर चोटी, जो समुद्र तल से लगभग 880 मीटर ऊँची है। यह सुदूर उत्तर-पश्चिम की संकरी शिवालिक पट्टी में है, जो सन 2000 में झारखंड के अलग होने के बाद राज्य में बचा एकमात्र पहाड़ी क्षेत्र है।
स्रोत
- भारत: भौतिक पर्यावरण (कक्षा 11), अध्याय 2: संरचना तथा भू-आकृति विज्ञान — एनसीईआरटी
- बिहार: राज्य परिचय, क्षेत्रफल, सीमाएँ और प्रशासनिक इकाइयाँ — बिहार सरकार
- भारत की जनगणना 2011: बिहार का क्षेत्रफल और प्रशासनिक विभाजन — भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त का कार्यालय