बिहार की प्रमुख योजनाएं: सात निश्चय, जीविका और प्रश्न
बिहार की प्रमुख योजनाओं के नोट्स: सात निश्चय तथा सात निश्चय-2, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा, जीविका तथा बालिकाओं की योजनाएं, उनकी राशि एक ही जगह।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

बिहार की कल्याणकारी योजनाएं दो नामों के चारों ओर बनी हैं, जिन्हें हर राज्य परीक्षा पूछती है, अर्थात सात निश्चय, जो 2016 से लागू हुए और 2020 में सात निश्चय-2 के रूप में आगे बढ़े, तथा जीविका, वह ग्रामीण जीवकोपार्जन संस्था जिसके महिला स्वयं सहायता समूह लगभग प्रत्येक गांव तक पहुंचते हैं। इनके आसपास बालिकाओं, वृद्धजनों, पहली पीढ़ी के उद्यमियों तथा जल और हरियाली की योजनाएं हैं। बीपीएससी, बीएसएससी, बिहार पुलिस और एसएससी के प्रश्नपत्र पूछते हैं कि कोई योजना किस निश्चय की है, कितनी राशि देती है, लाभार्थी की आयु या कक्षा क्या है और कौन-सा विभाग उसे चलाता है, इसलिए इस अध्याय को निश्चय के अनुसार योजनाओं के नक्शे के रूप में पढ़ना सबसे अच्छा है।
सात निश्चय और उनमें क्या-क्या है
| निश्चय | क्या वादा | मुख्य योजनाएं |
|---|---|---|
| आर्थिक हल, युवाओं को बल | युवाओं को काम और कौशल | बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम, निश्चय स्वयं सहायता भत्ता |
| आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार | नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण | राज्य सेवाओं के पैंतीस प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित |
| हर घर बिजली लगातार | प्रत्येक घर को बिजली कनेक्शन | गांव तथा घरेलू विद्युतीकरण अभियान |
| हर घर नल का जल | प्रत्येक घर तक पाइप से पेयजल | लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग तथा पंचायतों के माध्यम से |
| घर तक पक्की गली-नालियां | प्रत्येक घर तक पक्की गली और नाली | ग्रामीण कार्य तथा पंचायत योजनाएं |
| शौचालय निर्माण, घर का सम्मान | प्रत्येक घर में शौचालय | लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान |
| अवसर बढ़े, आगे पढ़े | उच्च शिक्षा के अधिक अवसर | नए महाविद्यालय और विश्वविद्यालय, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड |
पहले निश्चय में वे तीन योजनाएं हैं जो सबसे अधिक पूछी जाती हैं। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक शिक्षा ऋण देती है, जिसकी गारंटी राज्य बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से देता है, और ब्याज चार प्रतिशत साधारण है, जो महिलाओं, ट्रांसजेंडर तथा दिव्यांग आवेदकों के लिए एक प्रतिशत है। कुशल युवा कार्यक्रम कुशल युवा केंद्रों पर युवाओं को जीवन तथा व्यवहार कौशल, हिंदी और अंग्रेजी में संचार तथा कंप्यूटर के उपयोग का प्रशिक्षण देता है। मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता बीस से पच्चीस वर्ष के इंटरमीडिएट उत्तीर्ण उस युवा को, जो न नौकरी में है न पढ़ाई में, एक हजार रुपये प्रतिमाह अधिकतम दो वर्ष तक देता है, और इसके लिए कौशल कार्यक्रम से जुड़ना आवश्यक है। दूसरे निश्चय के अंतर्गत राज्य ने अपनी सेवाओं के पैंतीस प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए, और पंचायतों में पचास प्रतिशत सीटें वह 2006 के चुनावों से ही आरक्षित कर चुका था, जो देश में पहली बार था।
सात निश्चय-2
दूसरे सात निश्चय की घोषणा 2020 में हुई और वे कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हैं, अर्थात युवाओं के लिए कौशल तथा उद्यम, काम और स्वरोजगार में महिलाओं का मजबूत स्थान, हर खेत तक सिंचाई का पानी, स्वच्छ और समृद्ध गांव, स्वच्छ तथा विकसित शहर, सड़क से सुगम संपर्क, और सबकी पहुंच में स्वास्थ्य सुविधा। व्यवहार में इसका अर्थ अधिक तकनीकी संस्थान, स्वयं सहायता समूहों तथा उत्पादक कंपनियों को अधिक सहयोग, सिंचाई और सौर पंप के काम, गांवों में स्वच्छता एवं ठोस कचरा प्रबंधन, शहरों में नाली तथा सीवरेज, नई सड़कें और पुल, और स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं अस्पतालों का सुदृढ़ीकरण रहा है। पहले सात निश्चय के नाम दूसरे समूह से अधिक पूछे जाते हैं, परंतु दूसरे समूह के विषय राज्य की वर्तमान प्राथमिकताओं के रूप में पूछे जाते हैं।
जीविका और स्वयं सहायता समूह
जीविका बिहार ग्रामीण जीवकोपार्जन प्रोत्साहन समिति का प्रचलित नाम है, जो ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विश्व बैंक की सहायता से बनी और अब राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन, वर्तमान में दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन की राज्य इकाई है। इसका ढांचा पिरामिड जैसा है, अर्थात टोले पर लगभग एक दर्जन महिलाओं के स्वयं सहायता समूह, उनके ऊपर ग्राम संगठन और उनके ऊपर संकुल स्तरीय संघ, तथा प्रत्येक स्तर पर बचत, आंतरिक ऋण और बैंक ऋण। इसकी सदस्याएं, जीविका दीदी, बचत और ऋण से बहुत आगे बढ़कर अस्पतालों तथा कार्यालयों में दीदी की रसोई चलाने, बीज देने, सैनिटरी नैपकिन बनाने और बेचने, लेखा रखने तथा गांव में स्वास्थ्य एवं पोषण का काम संभालने लगी हैं। सतत जीविकोपार्जन योजना इस पिरामिड के सबसे नीचे काम करती है, क्योंकि यह सबसे निर्धन परिवारों की पहचान करती है, जिनमें वे भी हैं जो अप्रैल 2016 में शराबबंदी लागू होने से पहले शराब बनाने या बेचने से कमाते थे, और प्रत्येक को परिसंपत्ति, आरंभिक महीनों की उपभोग सहायता, प्रशिक्षण तथा निरंतर सहयोग देती है जब तक स्थायी जीवकोपार्जन खड़ा न हो जाए।
बालिकाएं, उद्यमी, वृद्धजन और पर्यावरण
राज्य के बालिका पैकेज के तीन भाग हैं। वर्ष 2006 की मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को साइकिल के लिए राशि देती थी, जिससे माध्यमिक स्तर पर नामांकन और ठहराव बढ़ा और बाद में यह लाभ बालकों को भी मिला, पोशाक योजना विद्यालय की पोशाक का खर्च देती है, तथा मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना कन्या को जन्म से विद्यालय के वर्षों तक तथा इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने और स्नातक होने पर किस्तों में सहायता देती है। उद्यम के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना नई इकाई के लिए दस लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत करती है और उसका आधा, पांच लाख रुपये तक, अनुदान के रूप में देती है, शेष नाममात्र ब्याज पर ऋण होता है, तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, महिला और युवा उद्यमियों के लिए अलग श्रेणियां हैं। मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना साठ वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को आय देखे बिना मासिक पेंशन देती है, जिसकी राशि राज्य समय-समय पर संशोधित करता है, और बाल हृदय योजना बच्चों के हृदय ऑपरेशन का खर्च उठाती है। वर्ष 2019 में शुरू जल-जीवन-हरियाली अभियान तालाबों, कुओं तथा आहर-पइन के जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और वृक्षारोपण पर काम करता है, और राज्य की योजनाओं के पर्यावरण पक्ष से यही सबसे अधिक पूछा जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
बीपीएससी, बीएसएससी, बिहार पुलिस और एसएससी इस अध्याय को चार तरह से पूछते हैं। पहला, योजना का उसके निश्चय से मिलान, अर्थात स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम और स्वयं सहायता भत्ता पहले निश्चय से, पैंतीस प्रतिशत आरक्षण दूसरे से, तथा जल, बिजली, गली-नाली, शौचालय और उच्च शिक्षा शेष पांच से। दूसरा, अंक, अर्थात स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में चार लाख और चार प्रतिशत, महिलाओं के लिए एक प्रतिशत, भत्ते में एक हजार रुपये प्रतिमाह दो वर्ष तक, बीस से पच्चीस वर्ष की आयु सीमा, उद्यमी योजना में दस लाख तथा पांच लाख, सेवाओं में पैंतीस और पंचायतों में पचास प्रतिशत, और साइकिल योजना में कक्षा नौ। तीसरा, जीविका, अर्थात उसका पूरा नाम, विश्व बैंक की सहायता, वह राष्ट्रीय मिशन जिसकी वह इकाई है, तीन स्तर और जीविका दीदी शब्द। चौथा, अप्रैल 2016 की शराबबंदी तथा सतत जीविकोपार्जन योजना का संबंध। सामान्य जाल तीन हैं, पैंतीस और पचास प्रतिशत को बदल देना, चार लाख के ऋण को दस लाख की परियोजना से मिला देना, और जीविका को स्वास्थ्य या कौशल मिशन मान लेना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सात निश्चय | 2015 में घोषित, 2016 से क्रियान्वयन, सात निश्चय-2 वर्ष 2020 में घोषित |
|---|---|
| पहला निश्चय | आर्थिक हल, युवाओं को बल: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम, स्वयं सहायता भत्ता |
| स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड | चार लाख रुपये तक, चार प्रतिशत साधारण ब्याज, महिला, ट्रांसजेंडर तथा दिव्यांग के लिए एक प्रतिशत |
| स्वयं सहायता भत्ता | एक हजार रुपये प्रतिमाह, अधिकतम दो वर्ष, आयु बीस से पच्चीस वर्ष, इंटरमीडिएट उत्तीर्ण |
| राज्य सेवाओं में महिलाएं | पैंतीस प्रतिशत पद आरक्षित |
| पंचायतों में महिलाएं | 2006 के चुनावों से पचास प्रतिशत सीटें, देश में पहली बार |
| जल का निश्चय | हर घर नल का जल, प्रत्येक घर तक पाइप से पेयजल |
| स्वच्छता का निश्चय | शौचालय निर्माण, घर का सम्मान, लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान से |
| जीविका | बिहार ग्रामीण जीवकोपार्जन प्रोत्साहन समिति, विश्व बैंक सहायित, ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत |
| राष्ट्रीय मिशन | दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन |
| जीविका का ढांचा | स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन, संकुल स्तरीय संघ |
| सतत जीविकोपार्जन योजना | सबसे निर्धन परिवारों के लिए, जिनमें पूर्व में शराब के धंधे पर निर्भर परिवार भी |
| उद्यमी योजना | दस लाख रुपये तक की परियोजना, आधा अर्थात पांच लाख रुपये तक अनुदान |
| बालिका साइकिल योजना | 2006, कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को साइकिल, बाद में बालकों को भी |
| कन्या उत्थान योजना | जन्म से विद्यालय के वर्षों तक तथा इंटरमीडिएट और स्नातक पर किस्तों में सहायता |
| जल-जीवन-हरियाली अभियान | 2019, तालाब तथा कुओं का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन, सौर ऊर्जा और वृक्षारोपण |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
बिहार में सात निश्चय कार्यक्रम का क्रियान्वयन किस वर्ष से शुरू हुआ?
- A.2006
- B.2011
- C.2016
- D.2021
उत्तर देखें
सात निश्चय की घोषणा 2015 में सरकार के कार्यक्रम के रूप में हुई और इनका क्रियान्वयन 2016 से शुरू हुआ, जिसमें प्रत्येक निश्चय की अपनी योजनाएं बजट प्रावधान के साथ चलीं, अर्थात युवाओं को काम, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण, बिजली, नल का जल, पक्की गली-नालियां, हर घर…
पूरी व्याख्या पढ़ें →सात निश्चय का कौन-सा निश्चय हर घर नल का जल कहा जाता है?
- A.प्रत्येक घर तक पाइप से पेयजल
- B.प्रत्येक घर तक बिजली
- C.प्रत्येक घर में शौचालय
- D.प्रत्येक घर तक पक्की गली
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हर घर नल का जल वह निश्चय है जिसका लक्ष्य प्रत्येक घर तक पाइप से पेयजल पहुंचाना है, और इसे नगरों तथा बड़ी बस्तियों में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और गांवों में पंचायतों के माध्यम से पूरा किया गया, तथा बिहार में इसका विशेष महत्व था क्योंकि कई जिलों के…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में विद्यार्थी को अधिकतम कितना शिक्षा ऋण मिल सकता है?
- A.एक लाख रुपये
- B.दो लाख रुपये
- C.चार लाख रुपये
- D.दस लाख रुपये
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सात निश्चय के पहले निश्चय का भाग यह योजना इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक ऋण देती है, और बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से राज्य इस ऋण की गारंटी देता है, जिससे बिना जमानत वाला विद्यार्थी भी शुल्क, पुस्तकों तथा रहने के…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में महिला आवेदक से साधारण ब्याज की दर कितनी ली जाती है?
- A.एक प्रतिशत
- B.चार प्रतिशत
- C.सात प्रतिशत
- D.नौ प्रतिशत
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इस योजना में सामान्य रूप से चार प्रतिशत साधारण ब्याज लिया जाता है, परंतु महिला आवेदकों, ट्रांसजेंडर आवेदकों तथा दिव्यांगजनों से केवल एक प्रतिशत, और यह रियायत इसलिए दी गई कि उच्च शिक्षा में बालिकाओं का नामांकन बढ़े।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार का कुशल युवा कार्यक्रम मुख्य रूप से किसका प्रशिक्षण देता है?
- A.ट्रैक्टर मरम्मत और वेल्डिंग
- B.संचार कौशल, व्यवहार कौशल तथा कंप्यूटर का सामान्य उपयोग
- C.जैविक खेती
- D.बुनाई और हस्तशिल्प
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पहले निश्चय के अंतर्गत कुशल युवा केंद्रों पर चलने वाला यह कार्यक्रम कम से कम कक्षा दस उत्तीर्ण युवाओं को जीवन कौशल और व्यवहार, हिंदी तथा अंग्रेजी में बोलने एवं लिखने की क्षमता और कंप्यूटर के उपयोग का प्रशिक्षण देता है, जिससे वे सेवा क्षेत्र के कामों के लिए उपयुक्त…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार का मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता बेरोजगार युवा को कितना भत्ता देता है?
- A.एक हजार रुपये प्रतिमाह, अधिकतम दो वर्ष तक
- B.पांच हजार रुपये प्रतिमाह, अधिकतम एक वर्ष तक
- C.पांच सौ रुपये प्रतिमाह, अधिकतम पांच वर्ष तक
- D.दो हजार रुपये प्रतिमाह, अधिकतम तीन वर्ष तक
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यह स्वयं सहायता भत्ता राज्य के उस युवा को मिलता है जो इंटरमीडिएट उत्तीर्ण है, बीस से पच्चीस वर्ष की आयु का है और न नौकरी में है न आगे की पढ़ाई में, जिससे काम खोजने का खर्च उसकी तलाश न रोके, और यह कुशल युवा कार्यक्रम से जुड़ा है…
पूरी व्याख्या पढ़ें →दूसरे निश्चय के अंतर्गत बिहार ने राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं के लिए कितना आरक्षण दिया?
- A.बीस प्रतिशत
- B.तैंतीस प्रतिशत
- C.पैंतीस प्रतिशत
- D.पचास प्रतिशत
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आरक्षित रोजगार, महिलाओं का अधिकार नामक निश्चय के अंतर्गत बिहार ने राज्य सरकार की सेवाओं में महिलाओं के लिए पैंतीस प्रतिशत पद आरक्षित किए, जो सभी वर्गों पर लागू होने वाला क्षैतिज आरक्षण है, और अपनी सेवाओं में इतना आरक्षण देने वाला बिहार देश का पहला राज्य था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार की ग्रामीण जीवकोपार्जन संस्था जीविका किस राष्ट्रीय मिशन की राज्य इकाई है?
- A.राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन
- B.राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
- C.राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन
- D.राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन
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जीविका बिहार ग्रामीण जीवकोपार्जन प्रोत्साहन समिति का प्रचलित नाम है, जो ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विश्व बैंक की सहायता से बनी, और यही राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन की राज्य इकाई है, जिसका नाम बाद में दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार में जीविका द्वारा संगठित महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएं लोकप्रिय रूप से किस नाम से जानी जाती हैं?
- A.जीविका दीदी
- B.आशा दीदी
- C.मुखिया दीदी
- D.सहेली
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इस कार्यक्रम के स्वयं सहायता समूह बनाने और चलाने वाली महिलाएं आम बोलचाल में तथा सरकारी पत्रों में जीविका दीदी कहलाती हैं, और उन्होंने बचत तथा ऋण से बहुत आगे बढ़कर काम संभाला है, जिसमें दीदी की रसोई चलाना, बीज और सैनिटरी नैपकिन बेचना तथा अपने समूहों का लेखा रखना…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार की सतत जीविकोपार्जन योजना मुख्य रूप से किस वर्ग के लिए है?
- A.सेवानिवृत्ति के निकट सरकारी कर्मचारी
- B.सबसे निर्धन परिवार, जिनमें शराब के धंधे पर निर्भर रहे परिवार भी हैं
- C.सिंचित भूमि वाले बड़े किसान
- D.व्यावसायिक महाविद्यालयों के विद्यार्थी
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जीविका के माध्यम से चलने वाली सतत जीविकोपार्जन योजना सबसे निर्धन परिवारों की पहचान करती है, जिनमें वे परिवार भी हैं जिनकी कमाई राज्य में शराबबंदी लागू होने से पहले शराब बनाने या बेचने से होती थी, और उन्हें परिसंपत्ति, आरंभिक महीनों के लिए उपभोग सहायता, प्रशिक्षण तथा निरंतर मार्गदर्शन…
पूरी व्याख्या पढ़ें →बिहार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना में परियोजना लागत का कितना भाग अनुदान के रूप में मिलता है?
- A.पच्चीस प्रतिशत, अधिकतम दो लाख रुपये
- B.पचास प्रतिशत, अधिकतम पांच लाख रुपये
- C.पूरी परियोजना लागत
- D.कुछ नहीं, पूरी राशि बैंक ऋण होती है
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उद्योग विभाग की यह योजना नए उद्यम के लिए दस लाख रुपये तक की परियोजना स्वीकृत करती है और उसका आधा, अर्थात पांच लाख रुपये तक, ऐसा अनुदान देती है जिसे लौटाना नहीं पड़ता, शेष राशि नाममात्र ब्याज पर ऋण होती है जो किस्तों में चुकाई जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बालिकाओं के माध्यमिक विद्यालय नामांकन बढ़ाने का श्रेय पाने वाली बिहार की मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना किस कक्षा की छात्राओं को साइकिल देती है?
- A.कक्षा पांच
- B.कक्षा आठ
- C.कक्षा नौ
- D.कक्षा बारह
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वर्ष 2006 में शुरू हुई यह योजना कक्षा नौ में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को साइकिल खरीदने के लिए राशि देती है, क्योंकि यही वह चरण था जहां उच्च विद्यालय गांव से कई किलोमीटर दूर होने के कारण बहुत सी बालिकाएं पढ़ाई छोड़ देती थीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिहार के सात निश्चय क्या हैं?
ये राज्य सरकार के सात संकल्प हैं, जिनकी घोषणा 2015 में हुई और क्रियान्वयन 2016 से शुरू हुआ, अर्थात युवाओं को काम और कौशल, सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए आरक्षण, प्रत्येक घर तक बिजली, प्रत्येक घर में नल का जल, प्रत्येक घर तक पक्की गली-नाली, हर घर शौचालय और उच्च शिक्षा के अधिक अवसर। दूसरा समूह सात निश्चय-2 वर्ष 2020 में घोषित हुआ, जिसमें सिंचाई, स्वच्छ गांव तथा शहर, संपर्क, स्वास्थ्य और फिर युवा एवं महिलाएं शामिल हैं।
बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड में कितनी राशि और किस ब्याज पर मिलती है?
इंटरमीडिएट के बाद उच्च शिक्षा के लिए चार लाख रुपये तक, जिसकी गारंटी राज्य बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम के माध्यम से देता है, इसलिए किसी जमानत की आवश्यकता नहीं होती। साधारण ब्याज चार प्रतिशत है, जो महिला आवेदकों, ट्रांसजेंडर आवेदकों तथा दिव्यांगजनों के लिए एक प्रतिशत रह जाता है, और भुगतान पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद शुरू होता है।
जीविका क्या है और वह किस मिशन से जुड़ी है?
जीविका बिहार ग्रामीण जीवकोपार्जन प्रोत्साहन समिति का प्रचलित नाम है, जो ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विश्व बैंक की सहायता से बनी। यह राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन, अब दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण जीवकोपार्जन मिशन की राज्य इकाई है, और ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूह, ग्राम संगठन तथा संकुल स्तरीय संघ में संगठित करके बचत, आंतरिक ऋण और बैंक ऋण से जोड़ती है।
जीविका दीदी कौन होती हैं?
ये जीविका द्वारा संगठित स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्याएं हैं। समूह में बचत और ऋण के अतिरिक्त वे अस्पतालों तथा कार्यालयों में दीदी की रसोई चलाती हैं, बीज की आपूर्ति करती हैं, सैनिटरी नैपकिन बनाकर बेचती हैं, अपने समूहों तथा संघों का लेखा रखती हैं और गांव के स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के काम में भाग लेती हैं, इसी कारण यह शब्द राज्य के प्रश्नपत्रों में बार-बार आता है।
सतत जीविकोपार्जन योजना का शराबबंदी से क्या संबंध है?
संबंध यह है कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी ने उन परिवारों की कमाई समाप्त कर दी जो शराब बनाते या बेचते थे। जीविका के माध्यम से चलने वाली यह योजना ऐसे परिवारों तथा सामान्यतः सबसे निर्धन परिवारों की पहचान करके प्रत्येक को परिसंपत्ति, आरंभिक महीनों की उपभोग सहायता, प्रशिक्षण और निरंतर सहयोग देती है, जिससे परिवार किसी अवैध धंधे की ओर लौटने के बजाय स्थायी जीवकोपार्जन की ओर बढ़े।
मुख्यमंत्री उद्यमी योजना नए उद्यमी को क्या देती है?
नई इकाई के लिए दस लाख रुपये तक की परियोजना, जिसमें आधा अर्थात पांच लाख रुपये तक अनुदान होता है जिसे लौटाना नहीं पड़ता, और शेष राशि नाममात्र ब्याज पर ऋण होती है जो किस्तों में चुकाई जाती है। इसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, महिला तथा युवा आवेदकों के लिए अलग श्रेणियां हैं, और योजना राज्य का उद्योग विभाग चलाता है।
स्रोत
- बिहार सरकार का सात निश्चय कार्यक्रम — योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार
- बिहार ग्रामीण जीवकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) — ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार
- बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना — शिक्षा विभाग, बिहार सरकार





