हरगोविंद खुराना को 1968 में नोबेल पुरस्कार किस विषय पर कार्य के लिए मिला?
- A.क्षाराभों का रसायन
- B.आनुवंशिक कूट की व्याख्या
- C.राइबोसोम की संरचना
- D.वनस्पति शरीरक्रिया विज्ञान
सही उत्तर
B. आनुवंशिक कूट की व्याख्या
व्याख्या
सही उत्तर B, आनुवंशिक कूट की व्याख्या है। खुराना ने 1968 का चिकित्सा का नोबेल रॉबर्ट होली और मार्शल निरेनबर्ग के साथ साझा किया, यह दिखाने के लिए कि न्यूक्लीक अम्लों में न्यूक्लियोटाइडों का क्रम प्रोटीन के ऐमीनो अम्ल किस प्रकार निर्धारित करता है; बाद में उन्होंने पहला कृत्रिम जीन संश्लेषित किया, जो आणविक जीव विज्ञान का मील का पत्थर था। उनका जन्म अविभाजित पंजाब के रायपुर में हुआ और आगे चलकर वे अमेरिका के नागरिक बने। विकल्प A गलत है; क्षाराभ रसायन असीमा चटर्जी से जुड़ा है, जिन्होंने मिर्गीरोधी और मलेरियारोधी यौगिकों पर काम किया। विकल्प C गलत है; राइबोसोम की संरचना और कार्य पर वेंकटरमन रामकृष्णन को चार दशक बाद 2009 में रसायन का नोबेल साझा रूप में मिला। विकल्प D गलत है; वनस्पति शरीरक्रिया जगदीश चंद्र बोस का क्षेत्र है, जिन्होंने वृद्धि मापने के लिए क्रेस्कोग्राफ बनाया और दिखाया कि पौधे उद्दीपन पर प्रतिक्रिया करते हैं।
पूरा लेख पढ़ें: भारतीय वैज्ञानिक और उनके योगदान: खोजें, संस्थाएँ और पुरस्कार
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसी. वी. रामन को भौतिकी का नोबेल पुरस्कार किस वर्ष मिला?
- A.1913
- B.1930
- C.1968
- D.1983
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व्याख्या
सही उत्तर B, 1930 है। चंद्रशेखर वेंकट रामन को प्रकाश के प्रकीर्णन पर कार्य और अपने नाम वाले प्रभाव के लिए 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार मिला, जिसे उन्होंने 28 फरवरी 1928 को प्रदर्शित किया था; वे विज्ञान के किसी भी क्षेत्र में नोबेल पाने वाले पहले एशियाई थे। विकल्प A, 1913, वह वर्ष है जब रवींद्रनाथ टैगोर को साहित्य का नोबेल मिला, जो भारत आने वाला किसी भी प्रकार का पहला नोबेल था, और जिन अभ्यर्थियों को केवल इतना याद रहता है कि शताब्दी के आरंभ में किसी भारतीय को नोबेल मिला था, वे इसे चुन लेते हैं। विकल्प C, 1968, हरगोविंद खुराना का है, जिन्होंने आनुवंशिक कूट की व्याख्या के लिए चिकित्सा का पुरस्कार साझा किया। विकल्प D, 1983, रामन के भांजे एस. चंद्रशेखर का है, जिन्होंने तारों की संरचना और विकास पर कार्य के लिए भौतिकी का पुरस्कार साझा किया। 1930, 1968, 1983 और 2009 का क्रम याद रखने से इस अध्याय के अधिकांश प्रश्न हल हो जाते हैं।
भारत में 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस किस परिघटना की खोज की स्मृति में मनाया जाता है?
- A.रामन प्रभाव
- B.चंद्रशेखर सीमा
- C.साहा आयनन समीकरण
- D.बोस-आइंस्टीन सांख्यिकी
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व्याख्या
सही उत्तर A, रामन प्रभाव है। सी. वी. रामन ने 28 फरवरी 1928 को घोषित किया कि जब प्रकाश की किरण किसी पारदर्शी माध्यम से गुजरती है तो उसका एक छोटा अंश बदली हुई तरंगदैर्घ्य के साथ प्रकीर्ण होता है, जो उस माध्यम के अणुओं की जानकारी देता है; भारत सरकार ने 1986 में उसी वर्षगाँठ पर राष्ट्रीय विज्ञान दिवस निर्धारित किया। विकल्प B गलत है; चंद्रशेखर सीमा, अर्थात श्वेत वामन का अधिकतम द्रव्यमान, तीस के दशक के आरंभ की गणना है और उससे कोई राष्ट्रीय दिवस नहीं जुड़ा। विकल्प C गलत है; मेघनाद साहा का आयनन समीकरण, जो तारों के वर्णक्रम को उनके तापमान और दाब से समझाता है, महत्वपूर्ण होते हुए भी किसी दिवस से नहीं जुड़ा। विकल्प D गलत है; सत्येंद्र नाथ बोस द्वारा निकाली और आइंस्टीन द्वारा विस्तारित सांख्यिकी से बोसॉन को नाम मिला, पर उसका भी कोई दिवस नहीं। शेष दिवस 22 दिसंबर और 15 सितंबर याद रखें।
भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक किसे कहा जाता है?
- A.होमी जे. भाभा
- B.विक्रम साराभाई
- C.ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
- D.सतीश धवन
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व्याख्या
सही उत्तर B, विक्रम साराभाई है। उन्होंने 1947 में अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना की, 1962 में सरकार को अंतरिक्ष अनुसंधान के लिए राष्ट्रीय समिति बनाने के लिए राजी किया, नवंबर 1963 में पहले परिज्ञापी रॉकेट प्रक्षेपण के लिए चुंबकीय विषुवत रेखा के निकट थुंबा चुना, और उस संगठन का नेतृत्व किया जो 1969 में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन बना; तिरुवनंतपुरम का विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र उन्हीं के नाम पर है। विकल्प A गलत है; होमी भाभा भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक हैं, और इन दोनों को आपस में बदल देना इस अध्याय की सबसे आम भूल है, यद्यपि भाभा ने आरंभिक अंतरिक्ष कार्य का समर्थन किया था। विकल्प C गलत है; ए. पी. जे. अब्दुल कलाम मिसाइल मैन हैं, जिन्होंने उपग्रह प्रक्षेपण यान और निर्देशित प्रक्षेपास्त्र कार्यक्रम का नेतृत्व किया। विकल्प D गलत है; सतीश धवन 1972 से इसरो के प्रमुख रहे और श्रीहरिकोटा का केंद्र उनके नाम पर है, पर कार्यक्रम के संस्थापक वे नहीं थे।
किस भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने श्वेत वामन तारे के अधिकतम द्रव्यमान की गणना की?
- A.मेघनाद साहा
- B.एस. चंद्रशेखर
- C.सत्येंद्र नाथ बोस
- D.जगदीश चंद्र बोस
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व्याख्या
सही उत्तर B, एस. चंद्रशेखर है। सुब्रह्मण्यन चंद्रशेखर ने बीस वर्ष की आयु के आसपास ही दिखाया कि सूर्य के द्रव्यमान के लगभग 1.44 गुने से भारी श्वेत वामन अपने अपभ्रष्ट इलेक्ट्रॉनों के दाब से टिक नहीं सकता और उसे और ढहना पड़ता है; इस आँकड़े को चंद्रशेखर सीमा कहते हैं, यह न्यूट्रॉन तारों और कृष्ण विवरों की आधुनिक व्याख्या का आधार है, और इसी से उन्हें 1983 में भौतिकी का नोबेल साझा रूप में मिला। चंद्रा एक्स-रे वेधशाला उन्हीं के नाम पर है। विकल्प A गलत है; मेघनाद साहा ने वह आयनन समीकरण दिया जिससे खगोलविद किसी तारे का तापमान उसके वर्णक्रम से पढ़ लेते हैं, जो भिन्न और पहले का योगदान है। विकल्प C गलत है; सत्येंद्र नाथ बोस ने वह क्वांटम सांख्यिकी दी जिस पर बोसॉन का नाम है। विकल्प D गलत है; जगदीश चंद्र बोस ने वनस्पति शरीरक्रिया और रेडियो तरंगों पर काम किया और तारों की संरचना से उनका कोई संबंध नहीं, पर समान उपनाम उन्हें स्थायी विकल्प बना देता है।
पौधों की वृद्धि मापने वाला यंत्र क्रेस्कोग्राफ किस भारतीय वैज्ञानिक ने बनाया?
- A.जगदीश चंद्र बोस
- B.प्रफुल्ल चंद्र राय
- C.बीरबल साहनी
- D.सालिम अली
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व्याख्या
सही उत्तर A, जगदीश चंद्र बोस है। उन्होंने क्रेस्कोग्राफ बनाया, जो किसी पौधे की वृद्धि को कई हजार गुना बढ़ाकर अंकित करने योग्य बना देता है, और उसी तथा उससे जुड़े यंत्रों से यह तर्क रखा कि पौधे प्रकाश, ताप, स्पर्श और अन्य उद्दीपनों पर लगभग वैसे ही प्रतिक्रिया करते हैं जैसे प्राणी। उन्होंने मार्कोनी के अटलांटिक पार प्रयोगों से पहले बहुत छोटी रेडियो तरंगों पर भी अग्रणी कार्य किया और 1917 में कोलकाता में बोस संस्थान की स्थापना की। विकल्प B गलत है; भारतीय रसायन विज्ञान के जनक प्रफुल्ल चंद्र राय ने 1896 में मरक्यूरस नाइट्राइट खोजा और बंगाल केमिकल एंड फार्मास्युटिकल वर्क्स की स्थापना की। विकल्प C गलत है; बीरबल साहनी पुरावनस्पति विज्ञानी थे जिन्होंने भारत के जीवाश्म पौधों का अध्ययन किया और लखनऊ का संस्थान उनके नाम पर है। विकल्प D गलत है; भारत के बर्डमैन सालिम अली ने उपमहाद्वीप के पक्षियों के व्यवस्थित सर्वेक्षण किए और द बुक ऑफ इंडियन बर्ड्स लिखी।