उत्तर प्रदेश की कृषि, फसलें और पशुपालन: नोट्स
परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश की कृषि: खरीफ, रबी और जायद फसलें, गन्ना तथा आलू की पट्टी, नौ कृषि-जलवायु क्षेत्र, पशु नस्लें और प्रमुख कृषि संस्थान।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 3 मिनट

उत्तर प्रदेश भारत की कृषि का हृदय है। किसी भी राज्य से अधिक शुद्ध बोया गया क्षेत्र यहीं है, गंगा के मैदान की जलोढ़ मिट्टी गहरी और उपजाऊ है, नहर तथा नलकूप सिंचाई उसके बड़े भाग तक पहुंचती है, और गन्ना, गेहूं, आलू, खाद्यान्न तथा दूध उत्पादन में राज्य देश में पहले स्थान पर है। परीक्षक के लिए इससे उत्तर प्रदेश प्रथम स्थानों और जिलेवार जोड़ियों का भंडार बन जाता है, और अधिकांश प्रश्न चार स्थानों से आते हैं: फसल ऋतुएं, फसल पट्टियां, गाय-बकरी की नस्लें, तथा राज्य में स्थित कृषि संस्थान।
फसल ऋतुएं और खेती का स्वरूप
तीन ऋतुएं मानी जाती हैं। खरीफ फसलें जून-जुलाई में मानसून आने पर बोई और अक्टूबर-नवंबर में काटी जाती हैं, जिनमें धान, मक्का, बाजरा, ज्वार, अरहर, मूंगफली और सोयाबीन सम्मिलित हैं। रबी फसलें अक्टूबर से दिसंबर तक बोई और मार्च-अप्रैल में काटी जाती हैं, जिनमें गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर और सरसों आते हैं। दोनों के बीच की छोटी जायद ऋतु में मूंग, उड़द, तरबूज, खरबूजा, खीरा तथा चारा लिया जाता है। राज्य की खेती गहन निर्वाह कृषि है, वही स्वरूप जो वहां दिखता है जहां भूमि पर जनसंख्या का दबाव अधिक हो: छोटी जोत, श्रम और गोबर खाद का अधिक प्रयोग, तथा एक ही खेत से वर्ष में दो या तीन फसलें। उत्तर प्रदेश नौ कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटा गया है, जिनमें उत्तर की भाभर तथा तराई पट्टी, पश्चिमी मैदान, मध्य मैदान, पूर्वी मैदान, उत्तर-पूर्वी मैदान, दक्षिण-पश्चिम का बुंदेलखंड तथा दक्षिण-पूर्व का विंध्य क्षेत्र प्रमुख हैं।
राज्य की फसल पट्टियां
गन्ना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की पहचान है, जो मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर और शाहजहांपुर में फैला है, और राज्य में गन्ने का क्षेत्र तथा चीनी मिलों की संख्या, दोनों देश में सर्वाधिक हैं। रबी में गेहूं पश्चिमी और मध्य मैदान पर छाया रहता है, तथा खरीफ में धान पूर्वी मैदान और तराई में। आलू आगरा, फर्रुखाबाद, कन्नौज और अलीगढ़ के आसपास होता है, जिससे राज्य देश का अग्रणी आलू उत्पादक है। मेंथा, अर्थात वह पुदीना जिसका तेल निर्यात होता है, बाराबंकी, रामपुर, बदायूं और संभल में केंद्रित है, और भारत की अधिकांश उपज उत्तर प्रदेश से आती है। उथली मिट्टी तथा कम वर्षा वाला बुंदेलखंड चना और मटर की पट्टी है। सरसों आगरा-मथुरा क्षेत्र में होती है। फलों में लखनऊ के निकट मलिहाबाद दशहरी आम के लिए, प्रतापगढ़ आंवले के लिए, प्रयागराज सुरखा अमरूद के लिए, तथा सिद्धार्थनगर कालानमक चावल के लिए प्रसिद्ध है, वह सुगंधित काले छिलके वाला चावल जो बुद्ध से जुड़ा है और जिसे भौगोलिक संकेतक प्राप्त है।
पशुधन और प्रसिद्ध नस्लें
उत्तर प्रदेश में किसी भी भारतीय राज्य से अधिक पशुधन है और यह देश का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है, जिसमें भैंस का योगदान सबसे अधिक है। कई नस्लें अपने मूल क्षेत्र के नाम से जानी जाती हैं और परीक्षा में नाम से पूछी जाती हैं।
| नस्ल | पशु | मूल क्षेत्र |
|---|---|---|
| भदावरी | भैंस | भदावर, आगरा और इटावा; दूध में सर्वाधिक वसा |
| जमुनापारी | बकरी | इटावा और चकरनगर के बीहड़; भारत की सबसे बड़ी बकरी |
| बरबरी | बकरी | इटावा, मथुरा और आगरा |
| हरियाना | गाय | पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा |
| गंगातीरी | गाय | गंगा के किनारे पूर्वी उत्तर प्रदेश |
| पोंवार और खेरीगढ़ | गाय | पीलीभीत और खीरी |
| मुजफ्फरनगरी | भेड़ | मुजफ्फरनगर तथा पश्चिमी जिले |
संस्थान जिन पर प्रश्न बनता है
- भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान तथा केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान लखनऊ में हैं; राष्ट्रीय शर्करा संस्थान कानपुर में।
- भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान और केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान बरेली के इज्जतनगर में हैं।
- केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान मथुरा जिले के मखदूम में है।
- भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी में तथा भारतीय चरागाह एवं चारा अनुसंधान संस्थान झांसी में है।
- राज्य कृषि विश्वविद्यालय कानपुर, मेरठ, अयोध्या, बांदा और फैजाबाद में हैं, तथा राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो लखनऊ में।
- सिंचाई का आधार हरिद्वार से निकली ऊपरी गंगा नहर, निचली गंगा तथा शारदा नहर, और सबसे अधिक नलकूप हैं, जो सिंचित क्षेत्र के सबसे बड़े भाग को पानी देते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्न तीन रूपों में आते हैं। पहला, प्रथम स्थान: गन्ना, गेहूं, आलू, खाद्यान्न, दूध तथा पशुधन संख्या सब उत्तर प्रदेश की ओर जाते हैं, परंतु देखें कि प्रश्न चीनी रिकवरी का है, जिसका उत्तर महाराष्ट्र होता है। दूसरा, जिला और फसल की जोड़ियां: मलिहाबाद के साथ दशहरी आम, बाराबंकी के साथ मेंथा, सिद्धार्थनगर के साथ कालानमक चावल, प्रतापगढ़ के साथ आंवला तथा फर्रुखाबाद के साथ आलू। तीसरा, नस्लें और संस्थान: जमुनापारी के साथ इटावा, भदावरी के साथ वसा, पशु चिकित्सा संस्थान के साथ इज्जतनगर तथा बकरी संस्थान के साथ मखदूम। फसल ऋतु के प्रश्न, खरीफ बनाम रबी बनाम जायद, हर पेपर में आते हैं और सबसे सरल अंक देते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| शुद्ध बोया गया क्षेत्र | भारतीय राज्यों में सर्वाधिक |
|---|---|
| प्रथम स्थान | गन्ना, गेहूं, आलू, खाद्यान्न और दूध |
| कृषि का प्रकार | गहन निर्वाह कृषि |
| कृषि-जलवायु क्षेत्र | नौ |
| गन्ना पट्टी | मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर |
| आलू पट्टी | आगरा, फर्रुखाबाद, कन्नौज, अलीगढ़ |
| मेंथा पट्टी | बाराबंकी, रामपुर, बदायूं, संभल |
| सबसे बड़ी बकरी नस्ल | जमुनापारी, इटावा के बीहड़ |
| सर्वाधिक दुग्ध वसा | भदावरी भैंस |
| गन्ना अनुसंधान | भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, लखनऊ |
| पशु चिकित्सा अनुसंधान | आईवीआरआई, इज्जतनगर, बरेली |
| मुख्य सिंचाई साधन | नलकूप, साथ में ऊपरी गंगा तथा शारदा नहर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य कौन है?
- A.महाराष्ट्र
- B.उत्तर प्रदेश
- C.कर्नाटक
- D.तमिलनाडु
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर B, उत्तर प्रदेश है। उत्तर प्रदेश में किसी भी अन्य राज्य से अधिक गन्ना होता है, मुख्यतः मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर जैसे पश्चिमी जिलों तथा तराई पट्टी में, जहां गहरी जलोढ़ मिट्टी, नहर और नलकूप का निश्चित जल तथा लंबी वृद्धि-अवधि इस फसल के अनुकूल है; राज्य में चीनी मिलों की संख्या भी देश में सर्वाधिक है। विकल्प A, महाराष्ट्र दूसरे स्थान पर है और उसकी चीनी रिकवरी दर सामान्यतः अधिक रहती है, इसीलिए वह सबसे भ्रमित करने वाला विकल्प है और कभी-कभी चीनी उत्पादन या रिकवरी से जुड़े प्रश्न का उत्तर भी होता है। विकल्प C, कर्नाटक दक्षिण का महत्वपूर्ण उत्पादक है परंतु बहुत पीछे। विकल्प D, तमिलनाडु में प्रति हेक्टेयर उपज अधिक है परंतु क्षेत्र बहुत कम। प्रश्न ध्यान से पढ़ें: गन्ने का क्षेत्र और उत्पादन उत्तर प्रदेश की ओर संकेत करते हैं।
भूमि पर अधिक जनसंख्या दबाव वाले क्षेत्रों में किस प्रकार की कृषि की जाती है?
- A.विस्तृत निर्वाह कृषि
- B.वाणिज्यिक कृषि
- C.आदिम निर्वाह कृषि
- D.गहन निर्वाह कृषि
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, गहन निर्वाह कृषि है। जहां सीमित भूमि पर बहुत लोग निर्भर हों, जैसे उत्तर प्रदेश के गंगा मैदान में, वहां जोतें छोटी होती हैं, किसान परिवार का श्रम तथा गोबर खाद अधिक लगाता है, जहां संभव हो सिंचाई करता है और एक ही खेत से वर्ष में दो या तीन फसलें लेता है; इसी को गहन निर्वाह कृषि कहते हैं। विकल्प A, विस्तृत निर्वाह कृषि में बड़े क्षेत्र पर प्रति हेक्टेयर कम श्रम लगता है और यह कम आबादी वाले क्षेत्रों की पद्धति है। विकल्प B, वाणिज्यिक कृषि बिक्री के लिए, मजदूरी के श्रम तथा खरीदे गए निवेश से की जाती है, जैसे बागान में। विकल्प C, आदिम निर्वाह कृषि का अर्थ स्थानांतरित खेती है, जो जनजातीय समुदाय वन के टुकड़ों पर करते हैं। ऐसे प्रश्नों में जनसंख्या दबाव वाला वाक्यांश ही संकेत होता है।
निम्नलिखित में से कौन सी फसल उत्तर भारत की रबी ऋतु से संबंधित है?
- A.धान
- B.ज्वार
- C.मक्का
- D.जौ
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, जौ है। जौ उत्तर भारत की रबी फसल है, जो मानसून के बाद अक्टूबर से दिसंबर के बीच बोई जाती है और मार्च-अप्रैल में गेहूं, चना, मटर, मसूर तथा सरसों के साथ काटी जाती है; यह गेहूं की तुलना में कमजोर और अधिक क्षारीय मिट्टी भी सह लेती है, इसीलिए उत्तर प्रदेश, राजस्थान और बिहार के कुछ भागों में बोई जाती है। विकल्प A, धान उत्तर की प्रमुख खरीफ फसल है, जो वर्षा के साथ बोई और शरद में काटी जाती है, हालांकि कुछ क्षेत्रों में बोरो अर्थात गरमा धान भी लिया जाता है। विकल्प B, ज्वार तथा विकल्प C, मक्का भी मुख्यतः खरीफ फसलें हैं, और मक्का रबी में केवल बिहार जैसे कुछ राज्यों में लिया जाता है। रबी की सूची गेहूं, जौ, चना, मटर, मसूर, सरसों और बरसीम के रूप में याद कर लें।
निम्नलिखित में से कौन खरीफ फसल नहीं है?
- A.कपास
- B.मूंगफली
- C.मक्का
- D.सरसों
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर D, सरसों है। सरसों रबी की तिलहन फसल है, जो अक्टूबर-नवंबर में बोई और फरवरी-मार्च में काटी जाती है, तथा उत्तर प्रदेश में यह मुख्यतः आगरा, मथुरा और अलीगढ़ क्षेत्र में होती है; रबी ऋतु का ठंडा शुष्क मौसम इसके अनुकूल है। विकल्प A, कपास खरीफ फसल है, जो मानसून के साथ बोई जाती है और अक्टूबर से चुनी जाती है। विकल्प B, मूंगफली भी मुख्यतः खरीफ तिलहन है, हालांकि कुछ दक्षिणी राज्यों में गरमा फसल भी ली जाती है। विकल्प C, मक्का देश के अधिकांश भाग में वर्षा के साथ बोई जाने वाली खरीफ फसल है। जाल यह है कि सरसों और मूंगफली दोनों तिलहन हैं, अतः जिस छात्र को केवल फसल का प्रकार याद है और ऋतु नहीं, वह गलत विकल्प चुन लेता है; प्रत्येक फसल को उसकी ऋतु के साथ याद करें।
भारत की सबसे बड़ी बकरी नस्ल जमुनापारी उत्तर प्रदेश के किस क्षेत्र की है?
- A.पीलीभीत की तराई
- B.इटावा के बीहड़
- C.बुंदेलखंड का पठार
- D.मिर्जापुर का विंध्य क्षेत्र
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व्याख्या
सही उत्तर B, इटावा के बीहड़ है। जमुनापारी का नाम यमुना से पड़ा और यह उस बीहड़ क्षेत्र की नस्ल है जहां इटावा और चकरनगर के आसपास यमुना, चंबल तथा क्वारी मिलती हैं; यह भारत की सबसे बड़ी बकरी नस्ल है, जिसे लंबे झूलते कान, रोमन नाक तथा पुट्ठों पर बालों के गुच्छे से पहचाना जाता है, और इसे अन्य देशों में बकरी नस्ल सुधार के लिए भेजा गया है। विकल्प A, पीलीभीत की तराई पोंवार गाय नस्ल का घर है। विकल्प C, बुंदेलखंड चना तथा मटर की खेती और बुंदेलखंडी बकरी से जुड़ा है। विकल्प D, मिर्जापुर का विंध्य क्षेत्र अपने वनों और पत्थर के लिए जाना जाता है, किसी नामित बकरी नस्ल के लिए नहीं। जमुनापारी को इटावा के साथ और बरबरी को मथुरा तथा इटावा के साथ एक जोड़ी में याद रखें।
उत्तर प्रदेश की भदावरी भैंस मुख्य रूप से किस गुण के लिए जानी जाती है?
- A.दूध में सर्वाधिक वसा
- B.भारत में सर्वाधिक दूध उत्पादन
- C.भार ढोने की क्षमता
- D.ठंड सहने की क्षमता
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व्याख्या
सही उत्तर A, दूध में सर्वाधिक वसा है। भदावरी भैंस आगरा, इटावा तथा आसपास के जिलों में यमुना और चंबल के किनारे फैले भदावर क्षेत्र की नस्ल है, और इसकी दूध मात्रा सामान्य होने पर भी वसा प्रतिशत भारतीय भैंस नस्लों में सर्वाधिक है, जिससे यह घी के लिए विशेष मूल्यवान मानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि सर्वाधिक दूध हरियाणा की मुर्रा तथा गुजरात की मेहसाणा और जाफराबादी से मिलता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि भदावरी दुग्ध नस्ल है, भार ढोने वाली नहीं; राज्य की गायों में खेरीगढ़ तथा पोंवार भार ढोने वाली नस्लें हैं। विकल्प D गलत है, क्योंकि ठंड सहना पहाड़ी नस्लों का गुण है, मैदान की भैंस का नहीं। मुर्रा को मात्रा के लिए और भदावरी को वसा के लिए याद रखें।
देश के सबसे पुराने अनुसंधान संस्थानों में एक भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान उत्तर प्रदेश में कहां स्थित है?
- A.इज्जतनगर, बरेली
- B.मखदूम, मथुरा
- C.पूसा, लखनऊ
- D.कल्यानपुर, कानपुर
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, इज्जतनगर, बरेली है। भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली जिले के इज्जतनगर में है, जिसका पुराना परिसर उत्तराखंड के मुक्तेश्वर में है, और यह भारत में पशु चिकित्सा शोध, टीका निर्माण तथा पशु रोग नियंत्रण का प्रमुख संस्थान है; केंद्रीय पक्षी अनुसंधान संस्थान भी इसी इज्जतनगर परिसर में है। विकल्प B, मथुरा का मखदूम केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान का स्थान है। विकल्प C मिला-जुला नाम है: पूसा बिहार के समस्तीपुर तथा नई दिल्ली में है, जबकि लखनऊ में भारतीय गन्ना अनुसंधान संस्थान, केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान तथा राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो हैं। विकल्प D, कानपुर का कल्यानपुर एक राज्य कृषि विश्वविद्यालय का परिसर है और निकट ही राष्ट्रीय शर्करा संस्थान है। संस्थान और उनके स्थान की जोड़ियां एक सूची में लिखकर याद करें, क्योंकि पेपर संस्थान का नाम देकर स्थान, और स्थान देकर संस्थान, दोनों रूपों में प्रश्न बनाता है।
भौगोलिक संकेतक प्राप्त काले छिलके वाला सुगंधित कालानमक चावल उत्तर प्रदेश के किस जिले में मुख्य रूप से होता है?
- A.सिद्धार्थनगर
- B.बाराबंकी
- C.फर्रुखाबाद
- D.प्रतापगढ़
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व्याख्या
सही उत्तर A, सिद्धार्थनगर है। कालानमक सिद्धार्थनगर के आसपास की तराई पट्टी का सुगंधित चावल है, जो कपिलवस्तु के निकट है, और परंपरा इसे बुद्ध से जोड़ती है, जिन्होंने कहा जाता है कि यह अन्न इस क्षेत्र के लोगों को दिया; इसका छिलका काला, दाना सुगंधित है और इसे भौगोलिक संकेतक के रूप में पंजीकृत किया गया है। विकल्प B, बाराबंकी मेंथा अर्थात पुदीना की खेती का केंद्र है। विकल्प C, फर्रुखाबाद आगरा, कन्नौज और अलीगढ़ के साथ प्रमुख आलू तथा सब्जी जिला है। विकल्प D, प्रतापगढ़ आंवले के लिए प्रसिद्ध है, जिसे भी भौगोलिक संकेतक प्राप्त है। ऐसे प्रश्नों में प्रत्येक जिले के साथ एक फसल का नाम जुड़ा रहता है, अतः इन्हें अलग-अलग तथ्यों के बजाय जोड़ियों के रूप में तैयार करें। यही जिला तराई की धान पट्टी के प्रश्नों में भी आता है, अतः सिद्धार्थनगर, कपिलवस्तु और कालानमक को एक पंक्ति में याद रखें।
कृषि नियोजन के लिए उत्तर प्रदेश को कितने कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटा गया है?
- A.पांच
- B.सात
- C.नौ
- D.ग्यारह
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर C, नौ है। उत्तर प्रदेश को नौ कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटा गया है, जिससे फसल संबंधी सलाह जिले की सीमा के बजाय मिट्टी, वर्षा और तापमान के अनुसार दी जा सके। ये हैं हिमालय की तलहटी की भाभर एवं तराई, पश्चिमी मैदान, मध्य-पश्चिमी मैदान, दक्षिण-पश्चिम अर्ध शुष्क क्षेत्र, मध्य मैदान, बुंदेलखंड, उत्तर-पूर्वी मैदान, पूर्वी मैदान तथा विंध्य क्षेत्र। विकल्प A, पांच और विकल्प B, सात उसी प्रकार के गोल अंक हैं जो भ्रमित करने के लिए रखे जाते हैं। विकल्प D, ग्यारह भी इस राज्य के लिए गलत है। एक भिन्न तथ्य भी ध्यान रखें: योजना आयोग ने पूरे देश को पंद्रह कृषि-जलवायु क्षेत्रों में बांटा था, जिनमें ऊपरी गंगा मैदान क्षेत्र उत्तर प्रदेश के अधिकांश भाग को समेटता है, अतः देखें कि प्रश्न राज्य के बारे में है या देश के।
उत्तर प्रदेश की कौन सी फसल मुख्यतः बाराबंकी, रामपुर और बदायूं में होती है और उसका तेल बड़े पैमाने पर निर्यात होता है?
- A.मेंथा अर्थात पुदीना
- B.सूरजमुखी
- C.अरंडी
- D.अलसी
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर A, मेंथा अर्थात पुदीना है। भारत की अधिकांश मेंथा उपज उत्तर प्रदेश से आती है, जो बाराबंकी, रामपुर, बदायूं, संभल और आसपास के जिलों में केंद्रित है, और इससे निकाला गया मेंथॉल तथा पुदीना तेल बड़े पैमाने पर निर्यात होता है, जिससे यह वहां जायद तथा आरंभिक खरीफ ऋतु की नकदी फसल बन गई है। विकल्प B, सूरजमुखी मुख्यतः कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के भागों में होता है। विकल्प C, अरंडी सबसे अधिक गुजरात और राजस्थान से जुड़ी है। विकल्प D, अलसी मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ तथा उत्तर प्रदेश के कुछ भागों की रबी तिलहन है, परंतु इन विशेष जिलों की फसल नहीं। जिले का नाम ध्यान में रखें: बाराबंकी का अर्थ मेंथा है, जैसे मलिहाबाद का अर्थ दशहरी आम। मेंथा को औद्योगिक अथवा सुगंधित फसल के रूप में भी पूछा जाता है, अतः ध्यान रखें कि इसका तेल पेरकर नहीं, आसवन द्वारा निकाला जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य कौन है?
उत्तर प्रदेश, जिसकी मुख्य पट्टी पश्चिमी जिलों तथा तराई में है; देश में चीनी मिलों की सर्वाधिक संख्या भी इसी राज्य में है।
उत्तर प्रदेश में किस प्रकार की कृषि होती है?
गहन निर्वाह कृषि: छोटी जोत, परिवार के श्रम तथा गोबर खाद का अधिक प्रयोग, जहां संभव हो सिंचाई, और एक ही खेत से वर्ष में दो-तीन फसलें।
उत्तर प्रदेश की कौन सी बकरी नस्ल भारत में सबसे बड़ी है?
इटावा और चकरनगर के बीहड़ों की जमुनापारी, जो लंबे झूलते कान तथा रोमन नाक से पहचानी जाती है और नस्ल सुधार के लिए विदेश भेजी गई है।
कालानमक चावल कहां होता है?
मुख्यतः सिद्धार्थनगर तथा आसपास के तराई जिलों में; यह काले छिलके वाला सुगंधित चावल है, जो परंपरा में बुद्ध से जुड़ा है और जिसे भौगोलिक संकेतक प्राप्त है।
उत्तर प्रदेश में कितने कृषि-जलवायु क्षेत्र हैं?
नौ, जो उत्तर की भाभर एवं तराई पट्टी से लेकर दक्षिण-पश्चिम के बुंदेलखंड तथा दक्षिण-पूर्व के विंध्य क्षेत्र तक फैले हैं।
स्रोत
- एक दृष्टि में कृषि सांख्यिकी: क्षेत्र, उत्पादन और फसल ऋतुएं — कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय
- भारत में पंजीकृत गाय, भैंस और बकरी की नस्लें — राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, आईसीएआर
- उत्तर प्रदेश के कृषि-जलवायु क्षेत्र और फसल नियोजन — कृषि विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार



