उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थल और पर्यटन: परीक्षा नोट्स
उत्तर प्रदेश के प्रमुख तीर्थ और पर्यटन स्थल: काशी और सारनाथ, अयोध्या, प्रयागराज का संगम और कुंभ, मथुरा और ब्रज, आगरा, लखनऊ तथा कुशीनगर के परीक्षोपयोगी तथ्य।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 3 मिनट

राष्ट्रीय महत्व के तीर्थ स्थल जितने उत्तर प्रदेश में हैं, उतने किसी अन्य राज्य में नहीं। यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी और यूपी पुलिस की परीक्षाओं में पर्यटन से जुड़े प्रश्न प्रायः चार केंद्रों से आते हैं: काशी, अयोध्या, प्रयागराज और मथुरा, और उनके बाद आगरा, लखनऊ तथा बौद्ध परिपथ से। परीक्षा की दृष्टि से याद रखने योग्य बातें हैं: नगर किस नदी पर है, वह किस देवता या घटना के लिए प्रसिद्ध है, उसका प्रमुख स्मारक किसने बनवाया और वहाँ कौन सा मेला लगता है।
काशी अर्थात वाराणसी
वाराणसी गंगा के बाएँ तट पर वरुणा और अस्सी के बीच बसा है, और इसे काशी तथा बनारस भी कहते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर में बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक स्थापित है। घाट इस नगर की पहचान हैं: दशाश्वमेध, जहाँ संध्या को गंगा आरती होती है, मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र श्मशान घाट, तथा अस्सी घाट। संकट मोचन, दुर्गा और अन्नपूर्णा मंदिर भी प्रसिद्ध हैं, और नदी के पार काशी नरेश का रामनगर किला है। तुलसीदास ने रामचरितमानस का बड़ा भाग यहीं रचा, और 1916 में मदन मोहन मालवीय ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। दस किलोमीटर दूर सारनाथ है, जहाँ बुद्ध ने मृगदाव में अपने पाँच साथियों को प्रथम उपदेश, धर्मचक्र प्रवर्तन, दिया। सारनाथ में धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और उस अशोक स्तंभ का अवशेष है जिसका सिंह शीर्ष भारत का राजचिह्न है।
अयोध्या और प्रयागराज
अयोध्या सरयू के तट पर है और प्राचीन कोसल राज्य की राजधानी थी। इसे राम की जन्मभूमि माना जाता है; राम नवमी और दीपोत्सव यहाँ के बड़े उत्सव हैं, और हनुमान गढ़ी, नागेश्वरनाथ मंदिर, कनक भवन तथा गुप्तार घाट प्रमुख स्थल हैं। जनवरी 2024 में यहाँ राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हुई। जैन परंपरा अयोध्या को ऋषभनाथ सहित कई तीर्थंकरों की जन्मभूमि मानती है। प्रयागराज, जिसे 2018 तक इलाहाबाद कहा जाता था, त्रिवेणी संगम पर बसा है, जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती मिलती हैं। यहाँ कुंभ मेला बारह वर्ष में, अर्धकुंभ छह वर्ष में और माघ मेला प्रतिवर्ष लगता है; कुंभ यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूची में है। अकबर ने 1583 में इलाहाबाद का किला संगम के पास बनवाया, जिसके भीतर वह अशोक स्तंभ है जिस पर हरिषेण द्वारा रचित समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति उत्कीर्ण है। आनंद भवन, खुसरो बाग और इलाहाबाद उच्च न्यायालय अन्य प्रमुख स्थल हैं।
मथुरा, वृंदावन और ब्रज
यमुना तट पर बसी मथुरा कृष्ण की जन्मभूमि मानी जाती है और ब्रज क्षेत्र का केंद्र है। इसके आसपास वृंदावन है, जहाँ बांके बिहारी मंदिर और आमेर के राजा मानसिंह के समय 1590 में बना गोविंद देव मंदिर है, तथा गोकुल, नंदगाँव, बरसाना, जो लट्ठमार होली के लिए प्रसिद्ध है, और परिक्रमा वाला गोवर्धन पर्वत हैं। मथुरा से ही कुषाण काल की मथुरा कला शैली का नाम पड़ा, जिसमें लाल बलुआ पत्थर की मूर्तियाँ बनीं; इनके श्रेष्ठ नमूने मथुरा के राजकीय संग्रहालय में हैं।
आगरा, लखनऊ और बौद्ध परिपथ
राज्य के तीनों यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल आगरा जिले में हैं: शाहजहाँ द्वारा मुमताज महल के लिए बनवाया ताजमहल, अकबर का आगरा किला और बुलंद दरवाजा तथा सलीम चिश्ती की दरगाह वाला फतेहपुर सीकरी। गोमती तट पर बसे लखनऊ में नवाब आसफ-उद-दौला द्वारा 1784 में बनवाया बड़ा इमामबाड़ा है, जो अकाल राहत का कार्य था, और उसकी भूलभुलैया, रूमी दरवाजा, छोटा इमामबाड़ा तथा 1857 की रेजीडेंसी भी हैं। बौद्ध परिपथ में सारनाथ, कुशीनगर, जहाँ बुद्ध को महापरिनिर्वाण प्राप्त हुआ, श्रावस्ती, कौशांबी और संकिसा आते हैं। अन्य परीक्षोपयोगी स्थल हैं सीतापुर का नैमिषारण्य, मिर्जापुर का विंध्याचल जहाँ विंध्यवासिनी मंदिर है, मंदाकिनी तट पर चित्रकूट, गंगा तट पर गढ़मुक्तेश्वर, बांदा का कालिंजर दुर्ग जहाँ 1545 में शेरशाह सूरी की मृत्यु हुई, झाँसी का किला और तराई में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान।
स्थान और पहचान
| स्थान | नदी | प्रसिद्धि |
|---|---|---|
| वाराणसी | गंगा | काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, घाट, बीएचयू |
| सारनाथ | गंगा के निकट | प्रथम उपदेश, धमेख स्तूप, सिंह शीर्ष |
| अयोध्या | सरयू | राम की जन्मभूमि, कोसल की राजधानी |
| प्रयागराज | गंगा, यमुना, सरस्वती | त्रिवेणी संगम, कुंभ, 1583 का अकबरी किला |
| मथुरा | यमुना | कृष्ण जन्मभूमि, मथुरा कला शैली |
| बरसाना | ब्रज क्षेत्र | लट्ठमार होली |
| कुशीनगर | हिरण्यवती | बुद्ध का महापरिनिर्वाण |
| आगरा | यमुना | ताजमहल, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी |
| लखनऊ | गोमती | बड़ा इमामबाड़ा, रूमी दरवाजा, रेजीडेंसी |
परीक्षा की दृष्टि से
यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी और यूपी पुलिस के प्रश्न इस अध्याय से स्थान, नदी, देवता या घटना और निर्माता के रूप में आते हैं। वाराणसी के साथ गंगा और विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग, सारनाथ के साथ प्रथम उपदेश और सिंह शीर्ष, अयोध्या के साथ सरयू और कोसल, प्रयागराज के साथ संगम, कुंभ और 1583 का अकबरी किला, मथुरा के साथ यमुना और कुषाणकालीन कला शैली, बरसाना के साथ लट्ठमार होली, कुशीनगर के साथ महापरिनिर्वाण, आगरा के साथ तीनों विश्व धरोहर स्थल और लखनऊ के साथ 1784 का बड़ा इमामबाड़ा जोड़कर याद करें। सामान्य भ्रम ये हैं: अयोध्या को गंगा तट पर बता देना, सिंह शीर्ष को सारनाथ के स्थान पर वाराणसी से जोड़ देना, इलाहाबाद के किले का श्रेय शाहजहाँ को देना, लट्ठमार होली को वृंदावन में दिखा देना, और श्रावस्ती तथा कुशीनगर को आपस में बदल देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| वाराणसी | गंगा तट पर, वरुणा और अस्सी के बीच; काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग |
|---|---|
| गंगा आरती का घाट | दशाश्वमेध घाट, वाराणसी |
| सारनाथ | बुद्ध का प्रथम उपदेश; धमेख स्तूप और चौखंडी स्तूप |
| सिंह शीर्ष | सारनाथ के अशोक स्तंभ से; भारत का राजचिह्न |
| काशी हिंदू विश्वविद्यालय | स्थापना 1916, मदन मोहन मालवीय द्वारा |
| अयोध्या | सरयू तट पर; प्राचीन कोसल की राजधानी; राम की जन्मभूमि |
| त्रिवेणी संगम | प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती |
| इलाहाबाद का किला | अकबर द्वारा 1583 में, संगम के पास |
| प्रयाग प्रशस्ति | अशोक स्तंभ पर; समुद्रगुप्त की प्रशंसा; रचयिता हरिषेण |
| कुंभ मेला | प्रयागराज में बारह वर्ष में; अर्धकुंभ छह वर्ष में, माघ मेला प्रतिवर्ष |
| मथुरा | यमुना तट पर; कृष्ण जन्मभूमि; मथुरा कला शैली |
| लट्ठमार होली | ब्रज क्षेत्र के बरसाना और नंदगाँव में |
| गोविंद देव मंदिर | वृंदावन, 1590 में आमेर के राजा मानसिंह के समय |
| यूपी के विश्व धरोहर स्थल | ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी, तीनों आगरा जिले में |
| बड़ा इमामबाड़ा | लखनऊ, नवाब आसफ-उद-दौला द्वारा 1784 में |
| कुशीनगर | बुद्ध का महापरिनिर्वाण स्थल |
| कालिंजर दुर्ग | बांदा जिला; 1545 में शेरशाह सूरी की मृत्यु यहीं हुई |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश, धर्मचक्र प्रवर्तन, उत्तर प्रदेश के किस स्थान पर दिया?
- A.कुशीनगर
- B.सारनाथ
- C.श्रावस्ती
- D.कौशांबी
उत्तर देखें
बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध वाराणसी के निकट सारनाथ के मृगदाव पहुँचे और उन पाँच साथियों को उपदेश दिया जो पहले उन्हें छोड़ चुके थे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रयागराज का त्रिवेणी संगम किन नदियों का मिलन स्थल है?
- A.गंगा, गोमती और सरस्वती
- B.गंगा, यमुना और सरस्वती
- C.गंगा, यमुना और सरयू
- D.यमुना, चंबल और बेतवा
उत्तर देखें
प्रयागराज में यमुना गंगा में मिलती है और परंपरा के अनुसार सरस्वती वहाँ अदृश्य रूप में बहती है, इसलिए इस मिलन स्थल को तीन धाराओं की वेणी अर्थात त्रिवेणी संगम कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बारह ज्योतिर्लिंगों में से कौन सा उत्तर प्रदेश में स्थित है?
- A.ओंकारेश्वर
- B.महाकालेश्वर
- C.काशी विश्वनाथ
- D.सोमनाथ
उत्तर देखें
वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश का ज्योतिर्लिंग है। यह पुराने नगर में गंगा के निकट, दशाश्वमेध घाट से थोड़ी दूरी पर है, जहाँ संध्या को गंगा आरती होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कृष्ण की जन्मभूमि मानी जाने वाली कृष्ण जन्मभूमि उत्तर प्रदेश के किस नगर में है?
- A.वृंदावन
- B.गोकुल
- C.मथुरा
- D.बरसाना
उत्तर देखें
यमुना के दाहिने तट पर बसी मथुरा वह स्थान मानी जाती है जहाँ कंस के कारागार में कृष्ण का जन्म हुआ, और कृष्ण जन्मभूमि परिसर इसी स्थान को चिह्नित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संगम के पास स्थित प्रयागराज का किला 1583 में किसने बनवाया था?
- A.अकबर
- B.शाहजहाँ
- C.शेरशाह सूरी
- D.जहाँगीर
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अकबर ने 1583 में संगम पर किला बनवाया और नगर का नाम इलाहाबास रखा, जिससे आगे चलकर इलाहाबाद नाम बना; 2018 में नगर का नाम प्रयागराज कर दिया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रयागराज के अशोक स्तंभ पर उत्कीर्ण प्रयाग प्रशस्ति, जो समुद्रगुप्त की प्रशंसा करती है, किसने रची थी?
- A.कालिदास
- B.हरिषेण
- C.बाणभट्ट
- D.रविकीर्ति
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प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं, समुद्रगुप्त के मंत्री और दरबारी कवि हरिषेण ने संस्कृत में रची।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जिसमें महिलाएँ लाठियों से पुरुषों को खदेड़ती हैं, वह लट्ठमार होली ब्रज क्षेत्र के किस स्थान की प्रसिद्ध है?
- A.वृंदावन
- B.गोकुल
- C.गोवर्धन
- D.बरसाना
उत्तर देखें
राधा के गाँव के रूप में प्रसिद्ध बरसाना में सबसे जानी-मानी लट्ठमार होली होती है, जिसमें नंदगाँव से आए हुरियारों को बरसाना की महिलाएँ लंबी लाठियों से हँसी-खुशी खदेड़ती हैं, और अगले दिन यही दृश्य नंदगाँव में दोहराया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भूलभुलैया के लिए प्रसिद्ध लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा 1784 में किसने बनवाया?
- A.नवाब आसफ-उद-दौला
- B.नवाब सआदत अली खाँ
- C.नवाब वाजिद अली शाह
- D.नवाब मुहम्मद अली शाह
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अवध के नवाब आसफ-उद-दौला ने 1784 में लखनऊ में बड़ा इमामबाड़ा अकाल राहत कार्य के रूप में बनवाया, ताकि अकाल के वर्ष में मजदूरों को काम और मजदूरी मिल सके।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बुद्ध को महापरिनिर्वाण उत्तर प्रदेश के किस स्थान पर प्राप्त हुआ?
- A.संकिसा
- B.कुशीनगर
- C.सारनाथ
- D.श्रावस्ती
उत्तर देखें
गोरखपुर के पास राज्य के पूर्वी भाग में स्थित कुशीनगर मल्ल गणराज्य की राजधानी थी, और वहीं शाल वृक्षों के नीचे बुद्ध का देहावसान हुआ, जिसे महापरिनिर्वाण कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश के सभी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल किस जिले में स्थित हैं?
- A.वाराणसी
- B.आगरा
- C.लखनऊ
- D.प्रयागराज
उत्तर देखें
उत्तर प्रदेश में तीन विश्व धरोहर स्थल हैं और तीनों आगरा जिले में हैं: शाहजहाँ द्वारा मुमताज महल के लिए सफेद संगमरमर में बनवाया ताजमहल; अकबर द्वारा यमुना तट पर लाल बलुआ पत्थर में बनवाया आगरा किला; और अकबर का नियोजित नगर फतेहपुर सीकरी, जहाँ बुलंद दरवाजा, पंच महल तथा…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर प्रदेश में कौन सा ज्योतिर्लिंग है और कहाँ है?
उत्तर प्रदेश का ज्योतिर्लिंग वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर है। यह पुराने नगर में गंगा के निकट, दशाश्वमेध घाट के पास स्थित है, जहाँ संध्या को गंगा आरती होती है। परंपरा में गिनाए गए शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में यह एक है।
प्रयागराज का त्रिवेणी संगम क्या है?
यह प्रयागराज में तीन नदियों का मिलन स्थल है: गंगा, यमुना और सरस्वती, जिसमें अंतिम को अदृश्य रूप में बहती माना जाता है। संगम पर बारह वर्ष में कुंभ मेला, छह वर्ष में अर्धकुंभ और प्रतिवर्ष माघ मेला लगता है, और इसी के पास अकबर का 1583 का किला खड़ा है।
सारनाथ का महत्व क्या है और राष्ट्रीय चिह्न से उसका क्या संबंध है?
वाराणसी के निकट सारनाथ वह स्थान है जहाँ बुद्ध ने अपने पाँच पूर्व साथियों को प्रथम उपदेश धर्मचक्र प्रवर्तन दिया। अशोक ने यहाँ स्तंभ बनवाया, और उसी स्तंभ का चतुर्मुख सिंह शीर्ष भारत का राजचिह्न स्वीकार किया गया; उसके फलक का चक्र राष्ट्रीय ध्वज के अशोक चक्र का आधार है।
मथुरा के आसपास ब्रज क्षेत्र में कौन से स्थान आते हैं?
ब्रज में मथुरा, वृंदावन, गोकुल, महावन, नंदगाँव, बरसाना, गोवर्धन और राधाकुंड आते हैं। मथुरा कृष्ण की जन्मभूमि मानी जाती है, वृंदावन में बांके बिहारी और गोविंद देव मंदिर हैं, बरसाना तथा नंदगाँव लट्ठमार होली के लिए और गोवर्धन अपनी परिक्रमा के लिए प्रसिद्ध है।
उत्तर प्रदेश में कितने यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल हैं?
तीन, और तीनों आगरा जिले में हैं: शाहजहाँ द्वारा मुमताज महल के लिए बनवाया ताजमहल, अकबर द्वारा लाल बलुआ पत्थर में बनवाया आगरा किला, और बुलंद दरवाजा तथा सलीम चिश्ती की दरगाह वाला अकबर का नियोजित नगर फतेहपुर सीकरी।
स्रोत
- राज्य के पर्यटन स्थल और तीर्थ परिपथ — उत्तर प्रदेश पर्यटन
- विश्व धरोहर सूची: ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी — यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र
- केंद्रीय संरक्षित स्मारक और स्थल संग्रहालय — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- हमारे अतीत I (कक्षा 6), नए प्रश्न और विचार — एनसीईआरटी





