उत्तर प्रदेश की सिंचाई, नहरें और विद्युत परियोजनाएं
उत्तर प्रदेश सिंचाई एवं ऊर्जा नोट्स: ऊपरी और निचली गंगा नहर, शारदा सहायक परियोजना, रिहंद बांध, सोनभद्र का विद्युत क्षेत्र तथा नरोरा परमाणु केंद्र।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 4 मिनट

उत्तर प्रदेश में देश के किसी भी राज्य से अधिक सिंचित भूमि है, और यह ऐसे मैदान में है जहां बड़े प्राकृतिक जलाशय स्थल नहीं हैं। इसका उत्तर रहा है नदियों के पहाड़ छोड़ते ही उनसे निकाली गई नहरें और गंगा मैदान के उथले भूजल में उतारे गए लाखों नलकूप। इसी मैदान में जल विद्युत की संभावना लगभग नहीं है, इसलिए राज्य अपनी मांग कोयले से पूरी करता है और उसका विद्युत मानचित्र दक्षिण-पूर्वी कोने में सिमटा दिखता है। इस अध्याय के प्रश्न स्थान आधारित होते हैं: नहर किस नदी से निकलती है, केंद्र किस जिले में है, बांध से कौन सी झील बनी है।
उत्तर प्रदेश की सिंचाई
राज्य के सिंचित क्षेत्र का सबसे बड़ा भाग नलकूपों से सींचा जाता है, इसके बाद नहरें आती हैं, और तालाब, पोखर तथा लिफ्ट योजनाएं बहुत पीछे रह जाती हैं। मध्य और पूर्वी जिलों में जलस्तर ऊंचा होने से भूजल निकालना सस्ता है, जबकि पश्चिमी जिले नहरी जल के साथ निजी नलकूपों का प्रयोग करते हैं। इसका परिणाम दो जानी-पहचानी समस्याएं हैं: पुरानी नहरी पट्टी में जलभराव और लवणता, तथा अधिक दोहन वाले पश्चिमी क्षेत्र में गिरता भूजल स्तर।
नहर प्रणालियां
| नहर | शीर्ष स्थल | नदी | सिंचित क्षेत्र |
|---|---|---|---|
| पूर्वी यमुना नहर | हथनीकुंड, पहले ताजेवाला | यमुना | सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ |
| ऊपरी गंगा नहर | भीमगोड़ा बैराज, हरिद्वार | गंगा | ऊपरी दोआब: मेरठ, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा, कानपुर |
| निचली गंगा नहर | नरोरा, बुलंदशहर | गंगा | मध्य दोआब: इटावा, कानपुर, फतेहपुर |
| आगरा नहर | ओखला बैराज, दिल्ली | यमुना | मथुरा, आगरा और राजस्थान का भरतपुर क्षेत्र |
| शारदा नहर | बनबसा | शारदा या काली | लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली |
| शारदा सहायक | गिरिजा बैराज, बहराइच | घाघरा, शारदा से पोषित | मध्य और पूर्वी जिले, राज्य की सबसे बड़ी नहर कमान |
इनमें सबसे पुरानी पूर्वी यमुना नहर है, जो मुगलकालीन नहर थी और बाद में ब्रिटिश अभियंताओं ने उसका पुनर्निर्माण किया। ऊपरी गंगा नहर अपने समय की सबसे बड़ी अभियांत्रिकी उपलब्धि थी, जो 1854 में खोली गई और सर प्रॉबी कॉटले के निर्देशन में बनी, जिन्होंने नहर को जलसेतुओं पर नालों के ऊपर से निकाला और उत्तर भारत की हर बाद की नहर के लिए ढांचा तय कर दिया। निचली गंगा नहर 1878 में नरोरा से और आगरा नहर 1874 में ओखला से आरंभ हुई। बनबसा से 1928 में चालू हुई शारदा नहर ने अवध तक पानी पहुंचाया, और स्वतंत्रता के बाद शारदा सहायक परियोजना ने एक फीडर के माध्यम से शारदा को घाघरा से जोड़ दिया, जिससे एक ही प्रणाली मध्य तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश के सोलह जिलों को सींचने लगी।
बांध और जलाशय
राज्य के जलाशय उसकी दक्षिणी और उत्तरी सीमाओं पर हैं। रामगंगा परियोजना का बांध कालागढ़ में है, जो मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और बदायूं के लिए जल संग्रहित करता है। सोनभद्र के पिपरी में बना रिहंद बांध सोन की सहायक नदी रिहंद को रोकता है और उससे बनी गोविंद बल्लभ पंत सागर झील क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील है। बेतवा पर माताटीला और राजघाट बांध मध्य प्रदेश के साथ साझे हैं और बुंदेलखंड की सेवा करते हैं, जबकि मध्य प्रदेश में सोन पर बना बाणसागर बांध मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में साझा है तथा उसकी नहर मिर्जापुर और प्रयागराज तक आती है। नेपाल और बिहार के साथ बनी गंडक परियोजना पूर्व में महराजगंज, कुशीनगर और देवरिया को जल देती है। देश की पहली नदी जोड़ योजना केन-बेतवा लिंक परियोजना केन का जल बेतवा तक लाने और झांसी, बांदा, ललितपुर तथा महोबा को राहत देने के लिए बनाई जा रही है।
बिजली कहां से आती है
सन 2000 में उत्तराखंड अलग हुआ तो पहाड़ के अधिकांश जल विद्युत केंद्र उसके साथ चले गए, इसलिए आज उत्तर प्रदेश मुख्यतः कोयले पर टिका है। दूर दक्षिण-पूर्व का सोनभद्र जिला, जो सिंगरौली कोयला क्षेत्र पर और रिहंद जलाशय के किनारे बसा है, इतने केंद्र संभाले हुए है कि उसे राज्य की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है। वहां ओबरा और अनपरा राज्य क्षेत्र के बड़े संयंत्र हैं, जबकि एनटीपीसी शक्तिनगर में सिंगरौली सुपर ताप विद्युत केंद्र चलाता है, जो देश में उसकी पहली विद्युत परियोजना थी, और बिजपुर में रिहंद सुपर ताप विद्युत केंद्र।
सोनभद्र के बाहर एनटीपीसी गौतम बुद्ध नगर में दादरी, रायबरेली में ऊंचाहार, अंबेडकर नगर में टांडा और प्रयागराज के पास मेजा केंद्र चलाता है, तथा राज्य क्षेत्र कानपुर में पनकी, अलीगढ़ में हरदुआगंज, झांसी में पारीछा और एटा में जवाहरपुर संचालित करता है। जल विद्युत उत्पादन कम है और वह रिहंद, ओबरा तथा माताटीला केंद्रों और नहरों की ढलानों से मिलता है। राज्य का एकमात्र परमाणु केंद्र बुलंदशहर जिले में गंगा किनारे स्थित नरोरा परमाणु विद्युत केंद्र है, जिसमें 220 मेगावाट की दो दाबित भारी जल रिएक्टर इकाइयां चलती हैं। बुंदेलखंड और मिर्जापुर के सौर पार्क नवीनतम जोड़ हैं, जो वहां लगाए गए हैं जहां भूमि शुष्क और सस्ती है।
परीक्षा की दृष्टि से
यहां से तीन प्रकार के प्रश्न लौटते हैं। पहला, नहर कहां से निकलती है, इसलिए ऊपरी गंगा नहर के लिए हरिद्वार, निचली गंगा नहर के लिए नरोरा, आगरा नहर के लिए ओखला और शारदा नहर के लिए बनबसा नदी सहित जोड़े के रूप में याद रखें। दूसरा, किसी परियोजना का जिला या नदी, जहां रिहंद के साथ सोनभद्र और गोविंद बल्लभ पंत सागर, माताटीला के साथ बेतवा, कालागढ़ के साथ रामगंगा और नरोरा के साथ बुलंदशहर स्थायी उत्तर हैं। तीसरा, प्रथम या सबसे बड़ा: सबसे पुरानी नहर, सबसे बड़ी मानव निर्मित झील, एनटीपीसी की पहली परियोजना, राज्य का एकमात्र परमाणु केंद्र और सबसे बड़ी नहर कमान। तिथियों में ऊपरी गंगा नहर का 1854 और शारदा नहर का 1928 पूछा जाता है। सामान्य भ्रम यह है कि नरोरा को निचली के स्थान पर ऊपरी गंगा नहर से जोड़ दिया जाता है, क्योंकि नरोरा परमाणु केंद्र का स्थल भी है।
महत्वपूर्ण तथ्य
| सबसे बड़ा सिंचाई साधन | नलकूप, उसके बाद नहरें |
|---|---|
| ऊपरी गंगा नहर | शीर्ष भीमगोड़ा बैराज, हरिद्वार; 1854 में आरंभ; अभियंता सर प्रॉबी कॉटले |
| निचली गंगा नहर | शीर्ष नरोरा, बुलंदशहर; 1878 में आरंभ |
| आगरा नहर | शीर्ष यमुना पर ओखला बैराज; 1874 में आरंभ |
| पूर्वी यमुना नहर | राज्य की सबसे पुरानी नहर, मुगलकालीन, शीर्ष हथनीकुंड |
| शारदा नहर | शीर्ष शारदा नदी पर बनबसा; 1928 में चालू |
| शारदा सहायक | राज्य की सबसे बड़ी नहर कमान; गिरिजा बैराज, बहराइच |
| रिहंद बांध | पिपरी, सोनभद्र, सोन की सहायक रिहंद नदी पर |
| गोविंद बल्लभ पंत सागर | रिहंद बांध का जलाशय, क्षेत्रफल में भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील |
| रामगंगा परियोजना | कालागढ़ बांध, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बदायूं के लिए |
| बेतवा परियोजनाएं | माताटीला और राजघाट बांध, मध्य प्रदेश के साथ संयुक्त |
| बाणसागर | सोन नदी पर, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और बिहार में साझा |
| गंडक परियोजना | बिहार और नेपाल के साथ; महराजगंज, कुशीनगर, देवरिया को लाभ |
| उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी | सोनभद्र जिला |
| एनटीपीसी की पहली परियोजना | सिंगरौली सुपर ताप विद्युत केंद्र, शक्तिनगर, सोनभद्र |
| परमाणु विद्युत | नरोरा परमाणु विद्युत केंद्र, बुलंदशहर, 220 मेगावाट की दो इकाइयां |
| अन्य ताप विद्युत केंद्र | दादरी, ऊंचाहार, टांडा, मेजा, ओबरा, अनपरा, पनकी, हरदुआगंज, पारीछा |
| केन-बेतवा लिंक | भारत की पहली नदी जोड़ परियोजना, बुंदेलखंड जिलों के लिए |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
ऊपरी गंगा नहर गंगा नदी से किस स्थान पर निकाली गई है?
- A.नरोरा
- B.हरिद्वार
- C.कानपुर
- D.बिजनौर
उत्तर देखें
ऊपरी गंगा नहर हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से आरंभ होती है, जहां गंगा पहाड़ छोड़ती है और उसमें गुरुत्व से नहर चलाने लायक ढाल शेष रहता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ऊपरी गंगा नहर का निर्माण किस अभियंता के निर्देशन में हुआ था?
- A.सर आर्थर कॉटन
- B.सर प्रॉबी कॉटले
- C.सर थॉमस मुनरो
- D.सर जॉन लॉरेंस
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कॉटले ने दोआब का सर्वेक्षण किया, हरिद्वार को शीर्ष चुना और ऊपरी गंगा नहर की खुदाई का निर्देशन किया, जो 1854 में खोली गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निचली गंगा नहर जिस नरोरा से निकलती है, वह उत्तर प्रदेश के किस जिले में है?
- A.बुलंदशहर
- B.मेरठ
- C.अलीगढ़
- D.इटावा
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नरोरा बुलंदशहर जिले में गंगा के किनारे स्थित है, और वहां बने बैराज से निचली गंगा नहर निकलती है, जो 1878 में मध्य दोआब के इटावा, कानपुर और फतेहपुर तक सिंचाई पहुंचाने के लिए खोली गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →आगरा नहर यमुना नदी से किस बैराज पर जल लेती है?
- A.हथनीकुंड
- B.ओखला
- C.मथुरा
- D.बनबसा
उत्तर देखें
आगरा नहर दिल्ली के पास यमुना पर बने ओखला बैराज से आरंभ होती है और 1874 में खोली गई थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →क्षेत्रफल में भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील गोविंद बल्लभ पंत सागर किस बांध का जलाशय है?
- A.माताटीला बांध
- B.रिहंद बांध
- C.रामगंगा बांध
- D.राजघाट बांध
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यह बांध सोनभद्र जिले के पिपरी में सोन की सहायक नदी रिहंद पर बनाया गया और उसके पीछे बनी झील का नाम उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री के नाम पर गोविंद बल्लभ पंत सागर रखा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश का रिहंद बांध किस नदी पर बना है?
- A.बेतवा
- B.केन
- C.रिहंद, सोन की सहायक नदी
- D.घाघरा
उत्तर देखें
रिहंद छत्तीसगढ़ के पठार से निकलती है, दक्षिण-पूर्व की पहाड़ियों से होकर उत्तर की ओर बहती है और सोन में मिल जाती है, तथा सोनभद्र जिले के पिपरी में इसी पर बांध खड़ा है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नरोरा परमाणु विद्युत केंद्र उत्तर प्रदेश के किस जिले में है?
- A.सोनभद्र
- B.बुलंदशहर
- C.रायबरेली
- D.अंबेडकर नगर
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नरोरा परमाणु विद्युत केंद्र बुलंदशहर जिले में गंगा किनारे नरोरा में स्थित है और उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु केंद्र है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश के किस जिले को राज्य की ऊर्जा राजधानी कहा जाता है?
- A.कानपुर
- B.सोनभद्र
- C.झांसी
- D.गौतम बुद्ध नगर
उत्तर देखें
यह जिला अति दक्षिण-पूर्व में है, जहां सिंगरौली कोयला क्षेत्र, रिहंद जलाशय और पहाड़ियां एक साथ मिलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश की शारदा नहर किस स्थान से निकलती है?
- A.बनबसा
- B.गिरिजा बैराज
- C.कालागढ़
- D.ओखला
उत्तर देखें
शारदा नहर बनबसा से आरंभ होती है, जहां शारदा नदी, जिसे काली भी कहते हैं, कुमाऊं की पहाड़ियों से उतरकर मैदान में आती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की संयुक्त परियोजना माताटीला बांध किस नदी पर है?
- A.केन
- B.बेतवा
- C.सोन
- D.चंबल
उत्तर देखें
माताटीला बांध झांसी और ललितपुर क्षेत्र की सीमा पर बेतवा नदी पर खड़ा है और इसे उत्तर प्रदेश तथा मध्य प्रदेश ने सिंचाई और एक छोटे जल विद्युत केंद्र के लिए संयुक्त रूप से बनाया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक क्षेत्र की सिंचाई किस साधन से होती है?
- A.नहरें
- B.नलकूप
- C.तालाब
- D.नदियों से लिफ्ट सिंचाई
उत्तर देखें
गंगा मैदान की जलोढ़ मिट्टी में पानी सतह के पास रहता है, इसलिए किसान सस्ते में नलकूप लगा सकता है और नहर की बारी की प्रतीक्षा किए बिना जब फसल को आवश्यकता हो तब पानी दे सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
ऊपरी गंगा नहर कहां से निकलती है?
हरिद्वार में गंगा पर बने भीमगोड़ा बैराज से। यह नहर 1854 में खोली गई और सर प्रॉबी कॉटले के निर्देशन में बनी, तथा मेरठ और बुलंदशहर से कानपुर तक ऊपरी गंगा-यमुना दोआब को सींचती है।
भारत की सबसे बड़ी मानव निर्मित झील कौन सी है?
गोविंद बल्लभ पंत सागर, जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के पिपरी में बने रिहंद बांध का जलाशय है। रिहंद सोन की सहायक नदी है और यह जलाशय आसपास के ताप विद्युत केंद्रों को भी शीतलन जल देता है।
सोनभद्र को उत्तर प्रदेश की ऊर्जा राजधानी क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यह जिला सिंगरौली कोयला क्षेत्र पर और रिहंद जलाशय के किनारे है तथा यहां ओबरा, अनपरा, सिंगरौली और रिहंद विद्युत केंद्र एक साथ हैं, जिससे राज्य के उत्पादन का बड़ा भाग एक ही जिले में खड़ा है।
उत्तर प्रदेश का एकमात्र परमाणु विद्युत केंद्र कहां है?
बुलंदशहर जिले के नरोरा में, गंगा के किनारे। नरोरा परमाणु विद्युत केंद्र में 220 मेगावाट की दो दाबित भारी जल रिएक्टर इकाइयां हैं। नरोरा निचली गंगा नहर का शीर्ष स्थल भी है।
शारदा सहायक परियोजना क्या है?
यह उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी नहर परियोजना है। एक फीडर चैनल शारदा नदी का जल बहराइच के गिरिजा बैराज पर घाघरा में पहुंचाता है और वहां से नहर प्रणाली मध्य तथा पूर्वी जिलों की लंबी पट्टी को सींचती है।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक क्षेत्र किस साधन से सींचा जाता है?
नलकूपों से। गंगा मैदान का उथला भूजल आसानी से निकाला जा सकता है, इसलिए नहरों की तुलना में नलकूप अधिक भूमि सींचते हैं, जबकि तालाब, पोखर और लिफ्ट योजनाएं बहुत छोटा भाग संभालती हैं।
स्रोत
- गंगा और यमुना बेसिन की नहर प्रणालियां तथा शीर्ष स्थल — सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार
- उत्तर प्रदेश में स्थापित विद्युत केंद्र और क्षमता — केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण, विद्युत मंत्रालय
- नरोरा परमाणु विद्युत केंद्र: रिएक्टर और संचालन — न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड





