उत्तर प्रदेश की स्थापत्य कला और स्मारक: नोट्स
राज्य और केंद्रीय परीक्षाओं के लिए उत्तर प्रदेश के स्मारकों पर नोट्स: ताजमहल 1632, आगरा किला, फतेहपुर सीकरी, सारनाथ, कुशीनगर और लखनऊ के इमामबाड़े।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 3 मिनट

प्रसिद्ध इमारतों की जितनी संख्या उत्तर प्रदेश में है, उतनी किसी अन्य राज्य में नहीं। बुद्ध ने सारनाथ में पहला उपदेश दिया और कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया, गुप्तों ने गंगा के मैदान में ईंट और पत्थर के सबसे पुराने बचे मंदिर बनवाए, शर्की सुल्तानों ने जौनपुर में अपनी शैली खड़ी की, मुगलों ने आगरा और फतेहपुर सीकरी को राजधानी बनाया, और अवध के नवाबों ने लखनऊ को इमामबाड़े तथा दरवाजे दिए। यूपीपीएससी, यूपीएसएसएससी, एसएससी और रेलवे के प्रश्नपत्रों में इसी से जोड़े पूछे जाते हैं: स्मारक, स्थान, निर्माता और वर्ष।
मुगलकालीन आगरा
ताजमहल का निर्माण 1632 में शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज महल के मकबरे के रूप में आरंभ किया; यह राजस्थान के मकराना से लाए सफेद संगमरमर से यमुना के दाहिने तट पर बना, परंपरा में इसके प्रमुख शिल्पी उस्ताद अहमद लाहौरी का नाम आता है, और 1983 में यह यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल हुआ। लाल बलुआ पत्थर का आगरा का किला अकबर ने 1565 से 1573 के बीच बनवाया, जिसमें जहाँगीरी महल, दीवान-ए-आम, दीवान-ए-खास, शाहजहाँ की सफेद संगमरमर की मोती मस्जिद और मुसम्मन बुर्ज हैं; यह भी 1983 में सूची में आया। नदी के पार इतमाद-उद-दौला का मकबरा है, जिसे नूरजहाँ ने अपने पिता मिर्जा गयास बेग के लिए बनवाया; यह पहली मुगल इमारत है जो पूरी तरह सफेद संगमरमर से ढकी और पच्चीकारी से सजी है, इसीलिए इसे बेबी ताज कहा जाता है। अकबर का मकबरा आगरा के बाहर सिकंदरा में है।
फतेहपुर सीकरी
अकबर ने 1571 से लाल बलुआ पत्थर में फतेहपुर सीकरी नई राजधानी बनवाई और लगभग पंद्रह वर्ष में छोड़ दी, इसलिए यह नगर पूरी मुगल योजना के रूप में बचा रहा। इसका बुलंद दरवाजा 1576 में गुजरात विजय की स्मृति में बनवाया गया और भारत के सबसे ऊँचे प्रवेशद्वारों में है। परिसर में पाँच मंजिला पंच महल, बीच के एक नक्काशीदार स्तंभ वाला दीवान-ए-खास, जामा मस्जिद, धार्मिक चर्चा के लिए बना इबादतखाना और जालीदार संगमरमर का शेख सलीम चिश्ती का मकबरा हैं। फतेहपुर सीकरी 1986 में विश्व विरासत सूची में शामिल हुआ।
बौद्ध और प्राचीन स्थल
वाराणसी के पास सारनाथ में बुद्ध ने पहला उपदेश दिया; यहाँ धमेक स्तूप, चौखंडी स्तूप और वह अशोक स्तंभ है जिसका सिंह शीर्ष भारत का राजचिह्न बना। कुशीनगर बुद्ध के महापरिनिर्वाण का स्थल है, जहाँ महापरिनिर्वाण मंदिर और रामाभार स्तूप हैं; श्रावस्ती और कौशांबी बौद्ध विहार केंद्र रहे। गुप्तकालीन स्थापत्य में राज्य के पास ललितपुर जिले का देवगढ़ का दशावतार मंदिर और कानपुर जिले का भीतरगाँव का ईंट मंदिर है। प्रयागराज के किले में रखे अशोक स्तंभ पर हरिषेण रचित समुद्रगुप्त की प्रयाग प्रशस्ति और बाद का जहाँगीर का लेख अंकित है; किला स्वयं अकबर ने 1583 में बनवाया और उसके पास खुसरो बाग में मुगलकालीन मकबरे हैं।
अवध और लखनऊ
नवाब आसफ-उद-दौला ने 1784 में बड़ा इमामबाड़ा अकाल राहत कार्य के रूप में बनवाया, जिससे भूखों को मजदूरी मिले; इसका मुख्य कक्ष बिना शहतीर बने सबसे बड़े मेहराबदार कक्षों में गिना जाता है और ऊपर की गलियारों की पहेली भूलभुलैया कहलाती है। उन्होंने तुर्की नमूने पर रूमी दरवाजा भी बनवाया। छोटा इमामबाड़ा 1838 में मुहम्मद अली शाह ने बनवाया, और रेजीडेंसी के खंडहर 1857 के घेरे के बाद की स्थिति में सुरक्षित रखे गए हैं।
अन्य स्मारक
| स्मारक | स्थान | निर्माता या काल |
|---|---|---|
| अटाला मस्जिद और जामा मस्जिद | जौनपुर | शर्की सुल्तान, पंद्रहवीं शताब्दी |
| झाँसी का किला | झाँसी | ओरछा के बीरसिंह देव, 1613 |
| कालिंजर दुर्ग | बांदा जिला | चंदेल काल |
| गोविंद देव मंदिर | वृंदावन | आमेर के राजा मानसिंह, 1590 |
| काशी विश्वनाथ मंदिर | वाराणसी | अहिल्याबाई होल्कर द्वारा 1780 में पुनर्निर्मित |
स्मारकों का वर्गीकरण
दोहराने के लिए इन्हें निर्माता के अनुसार समूह में रखें: आगरा का किला, फतेहपुर सीकरी और इलाहाबाद का किला अकबर के; ताजमहल, मोती मस्जिद और आगरा की जामा मस्जिद शाहजहाँ के काल के; इतमाद-उद-दौला का मकबरा नूरजहाँ का; जौनपुर की इमारतें शर्की सुल्तानों की; लखनऊ की इमारतें अवध के नवाबों की; और सारनाथ, देवगढ़ तथा भीतरगाँव अशोक एवं गुप्तकाल के। राज्य के तीन स्थल यूनेस्को विश्व विरासत सूची में हैं: ताजमहल और आगरा का किला, दोनों 1983 में, तथा फतेहपुर सीकरी 1986 में।
परीक्षा की दृष्टि से
प्रश्नपत्रों में यह अध्याय स्मारक, स्थान, निर्माता और वर्ष के रूप में पूछा जाता है। ताजमहल के साथ शाहजहाँ और 1632, आगरा किले के साथ अकबर और 1565-1573, बुलंद दरवाजे के साथ 1576 की गुजरात विजय, इतमाद-उद-दौला के मकबरे के साथ नूरजहाँ और उनके पिता, सिंह शीर्ष के साथ सारनाथ, महापरिनिर्वाण के साथ कुशीनगर, दशावतार मंदिर के साथ ललितपुर का देवगढ़, भीतरगाँव के साथ कानपुर, शर्की शैली के साथ जौनपुर और बड़ा इमामबाड़ा के साथ आसफ-उद-दौला तथा 1784 याद रखें। जाल हैं: देवगढ़ और भीतरगाँव को बदल देना, कुशीनगर के स्थान पर सारनाथ लिख देना, छोटा इमामबाड़ा मुहम्मद अली शाह के स्थान पर आसफ-उद-दौला के नाम कर देना, सिकंदरा के अकबर के मकबरे को दिल्ली के हुमायूँ के मकबरे से उलझा देना, और बड़ा इमामबाड़ा को विश्व विरासत स्थल बता देना।
महत्वपूर्ण तथ्य
| ताजमहल | शाहजहाँ, 1632 में आरंभ, मुमताज महल के लिए; विश्व विरासत 1983 |
|---|---|
| ताजमहल का संगमरमर | राजस्थान के मकराना से लाया गया |
| आगरा का किला | अकबर, 1565 से 1573, लाल बलुआ पत्थर; विश्व विरासत 1983 |
| मोती मस्जिद, आगरा किला | शाहजहाँ, सफेद संगमरमर |
| इतमाद-उद-दौला का मकबरा | नूरजहाँ, पिता मिर्जा गयास बेग के लिए; बेबी ताज |
| अकबर का मकबरा | सिकंदरा, आगरा के पास |
| फतेहपुर सीकरी | 1571 में आरंभ; विश्व विरासत 1986 |
| बुलंद दरवाजा | 1576, अकबर की गुजरात विजय की स्मृति में |
| सारनाथ | प्रथम उपदेश; धमेक स्तूप; सिंह शीर्ष, राजचिह्न |
| कुशीनगर | महापरिनिर्वाण मंदिर और रामाभार स्तूप |
| देवगढ़ | दशावतार मंदिर, गुप्तकाल, ललितपुर जिला |
| भीतरगाँव | गुप्तकालीन ईंट मंदिर, कानपुर जिला |
| जौनपुर | अटाला मस्जिद और जामा मस्जिद, शर्की शैली |
| बड़ा इमामबाड़ा | आसफ-उद-दौला, 1784, लखनऊ; भूलभुलैया |
| छोटा इमामबाड़ा | मुहम्मद अली शाह, 1838, लखनऊ |
| इलाहाबाद का किला | अकबर, 1583; हरिषेण की प्रयाग प्रशस्ति वाला अशोक स्तंभ |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
ताजमहल किस शासक ने और किसके लिए बनवाया?
- A.अकबर ने, जोधा बाई के लिए
- B.शाहजहाँ ने, मुमताज महल के लिए
- C.जहाँगीर ने, नूरजहाँ के लिए
- D.औरंगजेब ने, दिलरस बानो बेगम के लिए
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मुमताज महल की मृत्यु के एक वर्ष बाद 1632 में आगरा में यमुना के दाहिने तट पर इस मकबरे का काम आरंभ हुआ, जो राजस्थान के मकराना से लाए सफेद संगमरमर से बना; परंपरा इसके प्रमुख शिल्पी के रूप में उस्ताद अहमद लाहौरी का नाम लेती है और 1983 में…
पूरी व्याख्या पढ़ें →फतेहपुर सीकरी का बुलंद दरवाजा 1576 में अकबर की किस क्षेत्र पर विजय की स्मृति में बनवाया गया?
- A.बंगाल
- B.गुजरात
- C.काबुल
- D.सिंध
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गुजरात विजय से साम्राज्य को पश्चिमी बंदरगाह मिले, और उसकी स्मृति में 1576 में फतेहपुर सीकरी में बना यह दरवाजा भारत के सबसे ऊँचे प्रवेशद्वारों में है, जिसकी ऊँचाई नीचे बनी लंबी सीढ़ियों से और बढ़ जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लखनऊ का बड़ा इमामबाड़ा 1784 में किस नवाब ने और किस उद्देश्य से बनवाया?
- A.शुजा-उद-दौला ने, विजय स्मारक के रूप में
- B.आसफ-उद-दौला ने, अकाल राहत कार्य के रूप में
- C.मुहम्मद अली शाह ने, शाही मकबरे के रूप में
- D.वाजिद अली शाह ने, नाट्यशाला के रूप में
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अवध में भयंकर अकाल पड़ा और नवाब ने 1784 में हजारों लोगों को बड़ा इमामबाड़ा के निर्माण में लगाया, जिससे भूखों तक मजदूरी पहुँचे; कथा यह भी है कि कुलीन लोग रात में दिन का बना हिस्सा गिरा देते थे जिससे काम चलता रहे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश का कौन-सा स्मारक यूनेस्को विश्व विरासत सूची में शामिल है?
- A.बड़ा इमामबाड़ा, लखनऊ
- B.फतेहपुर सीकरी, आगरा जिला
- C.झाँसी का किला, झाँसी
- D.धमेक स्तूप, सारनाथ
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अकबर की छोड़ी गई इस राजधानी को 1986 में सूची में शामिल किया गया, और राज्य के अन्य दो विश्व विरासत स्थल ताजमहल तथा आगरा का किला हैं, जो दोनों 1983 में शामिल हुए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →लाल बलुआ पत्थर का आगरा किला किस मुगल बादशाह ने बनवाया?
- A.बाबर
- B.अकबर
- C.शाहजहाँ
- D.औरंगजेब
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उन्होंने 1565 से 1573 के बीच आगरा के पुराने किले को लाल बलुआ पत्थर में नया बनवाया, और उत्तराधिकारियों ने इसमें जोड़ किया: जहाँगीरी महल उनके ही काल का है, जबकि शाहजहाँ ने सफेद संगमरमर की मोती मस्जिद, खास महल तथा मुसम्मन बुर्ज बनवाए, जहाँ उनके अंतिम वर्ष बीतने की…
पूरी व्याख्या पढ़ें →आगरा में बेबी ताज कहलाने वाला इतमाद-उद-दौला का मकबरा नूरजहाँ ने किसके लिए बनवाया?
- A.अपने पति जहाँगीर के लिए
- B.अपने पिता मिर्जा गयास बेग के लिए
- C.अपने भाई आसफ खाँ के लिए
- D.अपने पुत्र शहरयार के लिए
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फारसी कुलीन गयास बेग जहाँगीर के खजांची के पद तक पहुँचे और उन्हें इतमाद-उद-दौला की पदवी मिली; उनका बागयुक्त मकबरा यमुना के पार बना, जिसे नूरजहाँ ने 1620 के दशक में पूरा कराया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के राजचिह्न के रूप में अपनाया गया सिंह शीर्ष उत्तर प्रदेश में किस स्थान के अशोक स्तंभ से लिया गया है?
- A.सारनाथ
- B.कुशीनगर
- C.श्रावस्ती
- D.कौशांबी
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चार पीठ जोड़े सिंहों का यह चमकीला बलुआ पत्थर का शीर्ष, जिसके फलक पर चार पशु और चक्र तथा नीचे धर्मचक्र है, वाराणसी के पास सारनाथ के अशोक स्तंभ पर स्थित था, जहाँ बुद्ध ने पहला उपदेश दिया; यही शीर्ष भारत का राजचिह्न बना और इसके फलक का चक्र राष्ट्रध्वज…
पूरी व्याख्या पढ़ें →उत्तर प्रदेश का कौन-सा स्थान बुद्ध के महापरिनिर्वाण से जुड़ा है?
- A.सारनाथ
- B.कुशीनगर
- C.वाराणसी
- D.प्रयागराज
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बुद्ध ने मल्लों के देश कुशीनगर में महापरिनिर्वाण प्राप्त किया, और यहाँ लेटी हुई बुद्ध प्रतिमा वाला महापरिनिर्वाण मंदिर तथा उनके दाह-संस्कार स्थल पर बना रामाभार स्तूप है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →शर्की शैली का प्रमुख उदाहरण अटाला मस्जिद उत्तर प्रदेश के किस नगर में है?
- A.जौनपुर
- B.बरेली
- C.मेरठ
- D.गोरखपुर
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पंद्रहवीं शताब्दी में जौनपुर शर्की सुल्तानों की राजधानी था, और उनके शिल्पियों ने अपनी अलग शैली विकसित की, जिसकी पहचान पतली मीनारों के स्थान पर नमाज कक्ष के सामने बने विशाल तोरण जैसे प्रवेशद्वार हैं; जौनपुर की अटाला मस्जिद और जामा मस्जिद इसके श्रेष्ठ उदाहरण हैं, और नगर में गोमती…
पूरी व्याख्या पढ़ें →गुप्तकालीन देवगढ़ का दशावतार मंदिर उत्तर प्रदेश के किस जिले में है?
- A.ललितपुर
- B.झाँसी
- C.बांदा
- D.कानपुर
उत्तर देखें
ललितपुर जिले में बेतवा के किनारे देवगढ़ का दशावतार मंदिर उन सबसे पुराने पत्थर के मंदिरों में है जिनका शिखर आज भी बचा है, और शेषशायी विष्णु, नर-नारायण तथा गजेंद्र-मोक्ष के इसके पट्ट गुप्तकालीन मूर्तिकला के मानक उदाहरण माने जाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →समुद्रगुप्त की विजयों का वर्णन करने वाली प्रयाग प्रशस्ति की रचना किसने की?
- A.हरिषेण
- B.बाणभट्ट
- C.कल्हण
- D.रविकीर्ति
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समुद्रगुप्त के दरबारी कवि और अधिकारी हरिषेण ने वह प्रशस्ति रची जो प्रयागराज के किले में रखे अशोक स्तंभ पर अंकित है; इसमें उत्तर के उन्मूलित राजाओं, दक्षिण के पराजित कर फिर स्थापित किए गए शासकों और अधीनता स्वीकार करने वाले सीमावर्ती राजाओं की सूची है, और यही इस शासनकाल…
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
उत्तर प्रदेश में कितने विश्व विरासत स्थल हैं और कौन-कौन?
राज्य के तीन स्थल यूनेस्को विश्व विरासत सूची में हैं: ताजमहल और आगरा का किला, दोनों 1983 में, तथा फतेहपुर सीकरी, जो 1986 में शामिल हुआ। तीनों आगरा में या उसके पास स्थित हैं।
इतमाद-उद-दौला के मकबरे को बेबी ताज क्यों कहा जाता है?
क्योंकि नूरजहाँ ने अपने पिता के मकबरे को पूरी तरह सफेद संगमरमर से ढका और पच्चीकारी से सजाया, और कुछ वर्ष बाद यही शैली ताजमहल पर बहुत बड़े पैमाने पर अपनाई गई। इसलिए इसे ताजमहल का छोटा पूर्वरूप माना जाता है।
लखनऊ का कौन-सा स्मारक अकाल राहत के रूप में बना और किसने बनवाया?
बड़ा इमामबाड़ा, जिसे नवाब आसफ-उद-दौला ने 1784 में अवध के अकाल के समय बनवाया जिससे मजदूरी भूखों तक पहुँचे। इसका विशाल मेहराबदार कक्ष बिना शहतीर बना है और ऊपर के गलियारे भूलभुलैया कहलाते हैं।
उत्तर प्रदेश में गुप्तकालीन कौन-से मंदिर बचे हैं?
ललितपुर जिले में देवगढ़ का दशावतार मंदिर, जो आरंभिक शिखर और प्रसिद्ध विष्णु पट्टों वाला पत्थर का मंदिर है, तथा कानपुर जिले में भीतरगाँव का ईंट मंदिर, जो भारत के सबसे पुराने बचे ईंट मंदिरों में है।
शर्की शैली क्या है और कहाँ मिलती है?
यह पंद्रहवीं शताब्दी में जौनपुर के शर्की सुल्तानों की स्थापत्य शैली है, जिसमें मीनारों के स्थान पर नमाज कक्ष के सामने तोरण जैसा ऊँचा प्रवेशद्वार बनाया जाता है। जौनपुर की अटाला मस्जिद और जामा मस्जिद इसके श्रेष्ठ उदाहरण हैं।
स्रोत
- विश्व विरासत सूची: ताजमहल, आगरा किला और फतेहपुर सीकरी — यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र
- उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय महत्व के स्मारक — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- हमारे अतीत I और II, बौद्ध धर्म, गुप्तकाल तथा इमारतों के अध्याय — एनसीईआरटी
- राज्य की विरासत और पर्यटन स्थल — उत्तर प्रदेश सरकार





