बुद्ध ने अपना प्रथम उपदेश, धर्मचक्र प्रवर्तन, उत्तर प्रदेश के किस स्थान पर दिया?
- A.कुशीनगर
- B.सारनाथ
- C.श्रावस्ती
- D.कौशांबी
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, सारनाथ है। बोधगया में ज्ञान प्राप्ति के बाद बुद्ध वाराणसी के निकट सारनाथ के मृगदाव पहुँचे और उन पाँच साथियों को उपदेश दिया जो पहले उन्हें छोड़ चुके थे। यही प्रथम उपदेश धर्मचक्र प्रवर्तन कहलाता है और यहीं पहले संघ का गठन हुआ। आज सारनाथ में धमेख स्तूप, चौखंडी स्तूप और अशोक स्तंभ का अवशेष है, जिसका सिंह शीर्ष भारत का राजचिह्न बना।
विकल्प A गलत है क्योंकि कुशीनगर बुद्ध के महापरिनिर्वाण का स्थान है, उपदेश के आरंभ का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि कोसल की राजधानी श्रावस्ती में उन्होंने कई वर्षावास बिताए और यमक प्रातिहार्य किया, पर प्रथम उपदेश वहाँ नहीं हुआ। विकल्प D गलत है क्योंकि यमुना तट पर स्थित कौशांबी वत्स की राजधानी थी, जहाँ वे बाद में गए।
पूरा लेख पढ़ें: उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थल और पर्यटन: परीक्षा नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंप्रयागराज का त्रिवेणी संगम किन नदियों का मिलन स्थल है?
- A.गंगा, गोमती और सरस्वती
- B.गंगा, यमुना और सरस्वती
- C.गंगा, यमुना और सरयू
- D.यमुना, चंबल और बेतवा
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प्रयागराज में यमुना गंगा में मिलती है और परंपरा के अनुसार सरस्वती वहाँ अदृश्य रूप में बहती है, इसलिए इस मिलन स्थल को तीन धाराओं की वेणी अर्थात त्रिवेणी संगम कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बारह ज्योतिर्लिंगों में से कौन सा उत्तर प्रदेश में स्थित है?
- A.ओंकारेश्वर
- B.महाकालेश्वर
- C.काशी विश्वनाथ
- D.सोमनाथ
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वाराणसी का काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश का ज्योतिर्लिंग है। यह पुराने नगर में गंगा के निकट, दशाश्वमेध घाट से थोड़ी दूरी पर है, जहाँ संध्या को गंगा आरती होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कृष्ण की जन्मभूमि मानी जाने वाली कृष्ण जन्मभूमि उत्तर प्रदेश के किस नगर में है?
- A.वृंदावन
- B.गोकुल
- C.मथुरा
- D.बरसाना
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यमुना के दाहिने तट पर बसी मथुरा वह स्थान मानी जाती है जहाँ कंस के कारागार में कृष्ण का जन्म हुआ, और कृष्ण जन्मभूमि परिसर इसी स्थान को चिह्नित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संगम के पास स्थित प्रयागराज का किला 1583 में किसने बनवाया था?
- A.अकबर
- B.शाहजहाँ
- C.शेरशाह सूरी
- D.जहाँगीर
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अकबर ने 1583 में संगम पर किला बनवाया और नगर का नाम इलाहाबास रखा, जिससे आगे चलकर इलाहाबाद नाम बना; 2018 में नगर का नाम प्रयागराज कर दिया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →प्रयागराज के अशोक स्तंभ पर उत्कीर्ण प्रयाग प्रशस्ति, जो समुद्रगुप्त की प्रशंसा करती है, किसने रची थी?
- A.कालिदास
- B.हरिषेण
- C.बाणभट्ट
- D.रविकीर्ति
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प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं, समुद्रगुप्त के मंत्री और दरबारी कवि हरिषेण ने संस्कृत में रची।
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