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राजस्थान की कृषि और पशुपालन: फसलें, नस्लें और तथ्य

राजस्थान कृषि एवं पशुपालन नोट्स: खरीफ और रबी फसलें, बाजरा, सरसों तथा ग्वार पट्टी, सिंचाई के साधन, गाय, भेड़, बकरी और ऊंट की नस्लें तथा प्रसिद्ध पशु मेले।

लेखक · प्रकाशित · 4 मिनट

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राजस्थान की कृषि और पशुपालन: फसलें, नस्लें और तथ्य — GK24 title card
राजस्थान की कृषि और पशुपालन: फसलें, नस्लें और तथ्य — GK24 title card

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा और सबसे शुष्क राज्य है, इसलिए यहां की खेती कम पानी में अधिक उपज लेने की कला है। आधे से अधिक बोया गया क्षेत्र वर्षा पर निर्भर है, पश्चिम में मानसून देर से आता है और जल्दी लौट जाता है, और एक बारिश का चूक जाना पूरी खरीफ फसल तय कर देता है। फिर भी देश को बाजरा, सरसों का तेल और ग्वार गम बड़े पैमाने पर यही राज्य देता है, और ऊंटों की सबसे बड़ी संख्या तथा सबसे अधिक ऊन भी यहीं से आती है। परीक्षक इस अध्याय को पसंद करते हैं क्योंकि यह भौतिक भूगोल को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ता है: प्रश्न किसी जिले की फसल, किसी फसल में प्रथम राज्य, किसी नस्ल के मूल क्षेत्र या किसी पशु मेले के स्थान पर आ सकता है।

फसल ऋतुएं और सिंचाई

राजस्थान में तीन फसल ऋतुएं हैं। खरीफ फसलें जून-जुलाई की पहली वर्षा के साथ बोई जाती हैं और सितंबर-अक्टूबर में काटी जाती हैं। रबी फसलें अक्टूबर-नवंबर में मिट्टी की संचित नमी या सिंचाई के सहारे बोई जाती हैं और मार्च-अप्रैल में कटती हैं। जायद इनके बीच की छोटी ग्रीष्म ऋतु है, जिसमें जहां पानी निश्चित है वहां चारा, खरबूजा, तरबूज और सब्जियां ली जाती हैं।

राज्य में नहरों से कहीं अधिक भूमि कुओं और नलकूपों से सींची जाती है, इसीलिए गिरता भूजल स्तर यहां की खेती की सबसे बड़ी समस्या है। नहरी सिंचाई मुख्यतः उत्तर-पश्चिम में है, जहां इंदिरा गांधी नहर हरिके बैराज से सतलुज और व्यास का जल श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर तक ले जाती है, तथा श्रीगंगानगर की पुरानी गंग नहर पट्टी में है। चंबल परियोजना दक्षिण-पूर्व में कोटा, बूंदी और बारां को और माही बजाज सागर परियोजना दक्षिण में बांसवाड़ा और डूंगरपुर को सींचती है। नहरी जल ने रेत को गेहूं और कपास के खेतों में बदल दिया, इसीलिए श्रीगंगानगर को राजस्थान का अन्न भंडार कहा जाता है।

राजस्थान क्या उगाता है

ऋतुप्रमुख फसलेंमुख्य क्षेत्र
खरीफबाजरा, ज्वार, मक्का, मोठ, मूंग, ग्वार, मूंगफली, सोयाबीन, कपासबाजरा और मोठ के लिए पश्चिमी मरुस्थल, सोयाबीन के लिए हाड़ौती, कपास के लिए श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़
रबीगेहूं, जौ, चना, सरसों, तारामीरा, इसबगोल, धनिया, मेथी, जीरागेहूं के लिए नहरी क्षेत्र, सरसों के लिए भरतपुर और अलवर, धनिया के लिए कोटा और बारां
जायदचारा, खरबूजा, तरबूज, सब्जियांनहरों और चंबल के किनारे सिंचित क्षेत्र

जिन फसलों में राजस्थान देश में प्रथम है

राजस्थान बाजरा, सरसों, ग्वार, मोठ और इसबगोल का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य है। जोधपुर, बीकानेर और बाड़मेर पट्टी में बनने वाला ग्वार गम तेल खुदाई और खाद्य उद्योग के लिए निर्यात होता है। भारत में उगने वाली लगभग सारी मेहंदी पाली जिले के सोजत से आती है। अफीम की खेती केंद्रीय लाइसेंस के अंतर्गत चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और भीलवाड़ा में होती है। झालावाड़ राज्य का संतरा जिला है, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में किन्नू होता है, तथा अमेरिकी मरुस्थलों से लाया गया तिलहन झाड़ी जोजोबा सीकर के फतेहपुर और जयपुर के पास ढिंढोल में उगाया जाता है।

पशुपालन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था का दूसरा आधार

सूखे वर्ष में मरुस्थली परिवार को पशुधन ही संभालता है, क्योंकि फसल भले चली जाए, पशु साथ रहते हैं। राजस्थान में देश के किसी भी राज्य से अधिक ऊंट हैं और 2014 में ऊंट को राज्य पशु घोषित किया गया। ऊन उत्पादन में राज्य देश में सबसे आगे है और दूध उत्पादन में उत्तर प्रदेश के ठीक बाद आता है। सरस राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन का दूध ब्रांड है।

पशुनस्लमूल क्षेत्रविशेषता
गायराठीश्रीगंगानगर, बीकानेर, हनुमानगढ़राज्य की प्रमुख दुधारू नस्ल
गायथारपारकरबाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुरमरुस्थलीय गर्मी में भी दूध
गायनागौरीनागौरभारवाहक नस्ल, तेज चाल के बैल
गायकांकरेज, मालवी, मेवाती, गिरजालोर-बाड़मेर, झालावाड़, अलवर-भरतपुरदोहरे उपयोग की नस्लें
भेड़चोकलाचूरू, सीकर, झुंझुनूंदेश की सबसे बारीक ऊन, भारत की मेरिनो
भेड़मगराबीकानेर, जैसलमेर, नागौरचमकदार सफेद कालीन ऊन
भेड़मारवाड़ी, नाली, मालपुरी, सोनाड़ी, पूगलजोधपुर, शेखावाटी, टोंक, उदयपुरकालीन ऊन और मांस
बकरीसिरोहीसिरोही, पाली, अजमेरदूध और मांस दोनों
बकरीजखरानाअलवरराज्य की सर्वाधिक दूध देने वाली बकरी
ऊंटबीकानेरी, जैसलमेरी, मेवाड़ी, कच्छीबीकानेर, जैसलमेर, उदयपुरभार, सवारी और दूध
घोड़ामारवाड़ी या मालाणीजोधपुर, बाड़मेर, पालीभीतर की ओर मुड़े कान, सवारी नस्ल

अनुसंधान संस्थान और पशु मेले

अनुसंधान संस्थान स्वयं परीक्षा का विषय हैं। केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान टोंक जिले के अविकानगर में, राष्ट्रीय ऊष्ट्र अनुसंधान केंद्र बीकानेर में, केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान जोधपुर में और केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान बीकानेर में कार्यरत है। शिक्षा कई विश्वविद्यालयों में बंटी है, जिनमें जयपुर के जोबनेर का श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, उदयपुर का महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, बीकानेर का स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय और बीकानेर का राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय प्रमुख हैं।

पशुओं की खरीद-बिक्री उन मेलों में होती है जो सांस्कृतिक आयोजन भी हैं। अजमेर का पुष्कर मेला कार्तिक पूर्णिमा पर ऊंटों के लिए, नागौर का रामदेवजी पशु मेला बैलों के लिए, बाड़मेर के तिलवाड़ा का मल्लीनाथ मेला घोड़ों के लिए, नागौर के परबतसर का तेजाजी मेला, झालावाड़ के झालरापाटन का गोमती सागर मेला और बीकानेर का कोलायत कपिल मुनि मेला प्रसिद्ध हैं। मेले को उसके जिले और पशु के साथ याद रखना ऐसे प्रश्नों का उत्तर दे देता है जो लगभग हर वर्ष लौटते हैं।

परीक्षा की दृष्टि से

इस अध्याय से चार तरह के प्रश्न बनते हैं। पहला, फसल में प्रथम स्थान तथा यह कि दी गई फसल खरीफ है या रबी, जिसमें इसबगोल, तारामीरा और चना रबी के रूप में तथा बाजरा, ग्वार और मोठ खरीफ के रूप में पूछे जाते हैं। दूसरा, किसी फसल का जिला या पट्टी, जहां श्रीगंगानगर, झालावाड़, पाली का सोजत और हाड़ौती की सोयाबीन पट्टी बार-बार उत्तर बनते हैं। तीसरा, नस्लें: नस्ल किस पशु की है, उसका मूल जिला और उसकी विशेषता, इसलिए बारीक ऊन की चोकला, चमक की मगरा, अलवर की जखराना और भारवाहक नागौरी कंठस्थ होनी चाहिए। चौथा, संस्थान और मेले, विशेषकर अविकानगर का भेड़ संस्थान, बीकानेर का ऊष्ट्र केंद्र और कार्तिक पूर्णिमा का पुष्कर मेला। सामान्य भ्रम यह है कि नस्ल को पड़ोसी जिले से जोड़ दिया जाता है या चोकला और मगरा आपस में बदल दी जाती हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

देश में प्रथम फसलेंबाजरा, सरसों, ग्वार, मोठ, इसबगोल
राजस्थान का अन्न भंडारश्रीगंगानगर जिला
सिंचाई का मुख्य साधनकुएं और नलकूप, उत्तर-पश्चिम में नहरें
इंदिरा गांधी नहर का उद्गमहरिके बैराज, पंजाब में सतलुज-व्यास संगम
राज्य पशु (पालतू)ऊंट, 2014 में घोषित
सबसे बारीक ऊन की नस्लचोकला, भारत की मेरिनो
कालीन ऊन की नस्लमगरा, बीकानेर और जैसलमेर
प्रमुख दुधारू गायराठी और थारपारकर
भारवाहक गौ नस्लनागौरी, नागौर
बकरी नस्लेंसिरोही, अलवर की जखराना, मारवाड़ी, बरबरी
ऊंट नस्लेंबीकानेरी, जैसलमेरी, मेवाड़ी, कच्छी
घोड़े की नस्लमारवाड़ी या मालाणी, भीतर मुड़े कान
भेड़ एवं ऊन संस्थानसीएसडब्ल्यूआरआई, अविकानगर, टोंक
ऊष्ट्र अनुसंधान केंद्रराष्ट्रीय ऊष्ट्र अनुसंधान केंद्र, बीकानेर
शुष्क क्षेत्र संस्थानकाजरी, जोधपुर
डेयरी ब्रांडसरस, राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन
मेहंदी पट्टीपाली जिले का सोजत
अफीम जिलेचित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, केंद्रीय लाइसेंस पर
ऊंट मेलाअजमेर का पुष्कर, कार्तिक पूर्णिमा

इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ

Q1.राजस्थानआसान

निम्नलिखित में से किस तिलहन के उत्पादन में राजस्थान भारत में प्रथम है?

  1. A.मूंगफली
  2. B.सरसों
  3. C.सूरजमुखी
  4. D.सोयाबीन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सरसों

सरसों राजस्थान की प्रमुख रबी तिलहन फसल है, जो अक्टूबर-नवंबर में भरतपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, टोंक और उत्तर-पश्चिम के नहरी जिलों में बोई जाती है, और इसका उत्पादन किसी भी अन्य राज्य से अधिक है।

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Q2.राजस्थानआसान

राजस्थान के किस जिले को राज्य का अन्न भंडार कहा जाता है?

  1. A.कोटा
  2. B.उदयपुर
  3. C.श्रीगंगानगर
  4. D.भरतपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. श्रीगंगानगर

यह जिला राज्य के अति उत्तर-पश्चिम में है, जहां औपनिवेशिक काल में बनी गंग नहर और बाद में इंदिरा गांधी नहर सतलुज तथा व्यास का जल ऐसे क्षेत्र में ले आई जो पहले रेगिस्तान था।

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Q3.राजस्थानमध्यम

भारत में सबसे बारीक ऊन देने वाली कौन सी भेड़ नस्ल भारत की मेरिनो कहलाती है?

  1. A.मगरा
  2. B.चोकला
  3. C.मारवाड़ी
  4. D.मालपुरी
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चोकला

चोकला भेड़ राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र यानी चूरू, सीकर और झुंझुनूं में पाली जाती है।

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Q4.राजस्थानकठिन

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान राजस्थान में कहां स्थित है?

  1. A.बीकानेर
  2. B.जोधपुर
  3. C.टोंक का अविकानगर
  4. D.जयपुर का जोबनेर
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. टोंक का अविकानगर

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का यह संस्थान टोंक जिले के अविकानगर में भेड़ तथा खरगोश प्रजनन, ऊन की गुणवत्ता और चराई प्रबंधन पर कार्य करता है।

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Q5.राजस्थानमध्यम

अधिक दूध देने वाली जखराना बकरी नस्ल राजस्थान के किस जिले की है?

  1. A.सिरोही
  2. B.अलवर
  3. C.बाड़मेर
  4. D.जैसलमेर
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. अलवर

जखराना बकरी का नाम पूर्वी राजस्थान के अलवर जिले के जखराना गांव से पड़ा है।

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Q6.राजस्थानमध्यम

ऊंट को राजस्थान का राज्य पशु किस वर्ष घोषित किया गया?

  1. A.2008
  2. B.2011
  3. C.2014
  4. D.2017
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2014

राजस्थान ने 2014 में ऊंट को राज्य पशु घोषित किया, जिसका उद्देश्य ऊंटों की घटती संख्या को रोकना था, क्योंकि ऊंट गाड़ी का स्थान ट्रैक्टर ले रहे थे और चरागाह घट रहे थे।

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Q7.राजस्थानमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी राजस्थान की रबी फसल है?

  1. A.बाजरा
  2. B.ग्वार
  3. C.मोठ
  4. D.इसबगोल
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. इसबगोल

इसबगोल, जिसकी भूसी दवाओं और कब्ज के उपचार में काम आती है, मानसून के बाद ठंडे महीनों में बोई जाती है और वसंत में काटी जाती है, इसलिए यह रबी फसल है।

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Q8.राजस्थानमध्यम

राजस्थान की इंदिरा गांधी नहर अपना जल कहां से लेती है?

  1. A.सतलुज पर बना भाखड़ा बांध
  2. B.सतलुज और व्यास के संगम पर बना हरिके बैराज
  3. C.यमुना पर बना हथनीकुंड बैराज
  4. D.व्यास पर बना पोंग बांध
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सतलुज और व्यास के संगम पर बना हरिके बैराज

पहले राजस्थान नहर कहलाने वाली इंदिरा गांधी नहर पंजाब के हरिके से निकलती है, जहां व्यास नदी सतलुज में मिलती है, और यह जल पहले फीडर और फिर मुख्य नहर के रूप में दक्षिण-पश्चिम की ओर हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर और बाड़मेर तक जाता है।

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Q9.राजस्थानकठिन

राजस्थान में मेहंदी की खेती का केंद्र सोजत किस जिले में है?

  1. A.पाली
  2. B.नागौर
  3. C.चूरू
  4. D.डूंगरपुर
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पाली

पाली जिले का सोजत कस्बा भारत की मेहंदी राजधानी है। इस झाड़ी को गर्म शुष्क जलवायु और कमजोर मिट्टी चाहिए, जो इस क्षेत्र में उपलब्ध है, और पत्तियों को सुखाकर सोजत में ही पीसा जाता है, फिर देश भर में भेजा और विदेश निर्यात किया जाता है।

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Q10.राजस्थानमध्यम

राजस्थान के बोये गए क्षेत्र की सिंचाई का मुख्य साधन कौन सा है?

  1. A.तालाब और पोखर
  2. B.कुएं और नलकूप
  3. C.नदियों से सीधी लिफ्ट
  4. D.झरने
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कुएं और नलकूप

इंदिरा गांधी नहर राजस्थान का सबसे प्रसिद्ध सिंचाई कार्य अवश्य है, पर नहरी कमान राज्य के एक भाग तक ही सीमित है, मुख्यतः उत्तर-पश्चिम तथा चंबल और माही क्षेत्र तक।

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Q11.राजस्थानआसान

अजमेर जिले का प्रसिद्ध पुष्कर ऊंट मेला किस अवसर पर लगता है?

  1. A.माघ पूर्णिमा
  2. B.कार्तिक पूर्णिमा
  3. C.शरद पूर्णिमा
  4. D.बैसाख पूर्णिमा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कार्तिक पूर्णिमा

पुष्कर मेला अजमेर जिले की पुष्कर झील पर कार्तिक मास में लगता है, जो अक्टूबर या नवंबर में पड़ता है, और इसका चरम कार्तिक पूर्णिमा के दिन होता है, जब श्रद्धालु ब्रह्मा मंदिर के पास झील में स्नान करते हैं।

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Q12.राजस्थानपूछा गया: राजस्थान · 21st March 2021कठिन

पशु प्रजनन केंद्र का उसकी नस्ल से मिलान कीजिए।

पशु प्रजनन केंद्रनस्ल
1. डगa. राठी
2. चांदनb. थारपारकर
3. नोहरc. मालवी

  1. A.1 - c, 2 - b, 3 - a
  2. B.1 - a, 2 - b, 3 - c
  3. C.1 - b, 2 - a, 3 - c
  4. D.1 - a, 2 - c, 3 - b
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1 - c, 2 - b, 3 - a

राजस्थान अपने पशु प्रजनन फार्म उसी क्षेत्र में चलाता है जो संबंधित नस्ल का मूल क्षेत्र है, इसलिए स्थान और नस्ल साथ-साथ याद किए जा सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान किन फसलों के उत्पादन में देश में प्रथम है?

बाजरा, सरसों, ग्वार, मोठ और इसबगोल के उत्पादन में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है। इसके अतिरिक्त देश की अधिकांश मेहंदी भी पाली जिले के सोजत क्षेत्र से आती है।

राजस्थान का अन्न भंडार किस जिले को कहा जाता है?

श्रीगंगानगर को। गंग नहर और बाद में इंदिरा गांधी नहर के जल ने इस मरुस्थलीय जिले को गेहूं, कपास, सरसों, चना और किन्नू के खेतों में बदल दिया, इसलिए इसे राज्य का अन्न भंडार कहते हैं।

राजस्थान की कौन सी भेड़ सबसे बारीक ऊन देती है?

चोकला, जो चूरू, सीकर और झुंझुनूं की शेखावाटी पट्टी में पाली जाती है। इसकी बारीक ऊन के कारण इसे भारत की मेरिनो कहा जाता है, जबकि बीकानेर की मगरा चमकदार कालीन ऊन देती है।

केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान कहां है?

राजस्थान के टोंक जिले के अविकानगर में। राष्ट्रीय ऊष्ट्र अनुसंधान केंद्र बीकानेर में है और मरुस्थलीय खेती पर काम करने वाला केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान जोधपुर में है।

ऊंट को राजस्थान का राज्य पशु कब घोषित किया गया?

वर्ष 2014 में। देश में सर्वाधिक ऊंट राजस्थान में हैं, जिनमें बीकानेरी, जैसलमेरी, मेवाड़ी और कच्छी नस्लें प्रमुख हैं, और इसके बाद ऊंटों के वध तथा राज्य से बाहर ले जाने पर रोक का कानून भी बना।

राजस्थान की कौन सी गौ नस्ल भारवाहक कार्य के लिए प्रसिद्ध है?

नागौर जिले की नागौरी नस्ल, जिसके बैल तेज चाल और जुताई के लिए प्रसिद्ध हैं। दूध के लिए राज्य बीकानेर-श्रीगंगानगर की राठी और पश्चिमी मरुस्थल की थारपारकर नस्ल पर निर्भर है।

स्रोत

  • राजस्थान कृषि सांख्यिकी: फसलें, ऋतुएं और सिंचाई के साधन — कृषि विभाग, राजस्थान सरकार
  • गाय, भैंस, भेड़, बकरी और ऊंट की पंजीकृत देशी नस्लें — राष्ट्रीय पशु आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, आईसीएआर
  • केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान, अविकानगर: कार्यक्षेत्र और नस्ल अनुसंधान — भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद
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