राजस्थान की जनसंख्या और जनजातियां: जनगणना 2011
परीक्षा के लिए राजस्थान जनसंख्या नोट्स: जनगणना 2011 के आंकड़े, घनत्व, लिंगानुपात और साक्षरता, जिलों के चरम तथा मीणा, भील, गरासिया एवं सहरिया जनजातियां।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 3 मिनट

जनसंख्या और जनजातियां राजस्थान सामान्य ज्ञान का सर्वाधिक आंकड़ों वाला भाग है, और लगभग हर प्रश्न एक ही स्रोत से आता है, अर्थात् जनगणना से। जिस जनगणना के आंकड़े उपलब्ध हैं वह 2011 की है, और राज्य परीक्षाएं उसके कुल योग, अनुपात तथा जिलों के चरम आंकड़े जैसे प्रकाशित हुए हैं वैसे ही पूछती हैं। विषय का दूसरा भाग राज्य का जनजातीय नक्शा है, जो दक्षिणी जिलों से जुड़ा है और जनजातियों के नाम, क्षेत्र तथा रीतियों के माध्यम से पूछा जाता है।
जनगणना 2011 में राजस्थान
राजस्थान की जनसंख्या 6,85,48,437 दर्ज हुई, जिससे वह भारत के राज्यों में आठवें स्थान पर रहा। क्षेत्रफल 3,42,239 वर्ग किलोमीटर अर्थात् किसी भी राज्य से अधिक होने के कारण उसका घनत्व केवल 201 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर रहा, जो राष्ट्रीय आंकड़े से काफी कम है। 2001 से 2011 की दशकीय वृद्धि 21.3 प्रतिशत रही, जो देश में अधिक दरों में गिनी जाती है। लिंगानुपात प्रति हजार पुरुषों पर 928 महिलाएं था और शून्य से छह वर्ष के बाल लिंगानुपात 888, यही आंकड़ा बालिकाओं के लिए राज्य की योजनाओं पर बल समझाता है। साक्षरता 66.11 प्रतिशत रही, पुरुष साक्षरता 79.19 प्रतिशत और महिला साक्षरता 52.12 प्रतिशत, जो बड़े राज्यों में सबसे चौड़ा अंतर है। लगभग एक चौथाई जनसंख्या, अर्थात् करीब 24.9 प्रतिशत, नगरों में रहती थी, इसलिए राजस्थान आज भी ग्रामीण राज्य है।
2011 में जिलों के चरम आंकड़े
ये जोड़ियां राज्य के कुल आंकड़ों से अधिक पूछी जाती हैं। ध्यान रखें कि नीचे दिए आंकड़े 2011 की जनगणना के समय की जिला सीमाओं के हैं, जो उसके बाद बदली जा चुकी हैं।
| मापदंड | सर्वाधिक | सबसे कम |
|---|---|---|
| जनसंख्या | जयपुर | जैसलमेर |
| क्षेत्रफल | जैसलमेर | धौलपुर |
| घनत्व | जयपुर | जैसलमेर |
| लिंगानुपात | डूंगरपुर | धौलपुर |
| साक्षरता | कोटा | जालोर |
| अनुसूचित जनजाति का अनुपात | बांसवाड़ा | बीकानेर तथा नागौर पट्टी |
अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति
2011 में अनुसूचित जातियां राजस्थान की जनसंख्या का लगभग 17.8 प्रतिशत और अनुसूचित जनजातियां लगभग 13.5 प्रतिशत थीं। जनजातीय जनसंख्या समान रूप से फैली नहीं है: वह दक्षिण में बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ तथा उदयपुर में केंद्रित है, और दक्षिण पूर्व में बारां में सहरिया का दूसरा क्षेत्र है। संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ तथा उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, सिरोही एवं पाली के कुछ भागों को सम्मिलित करते हैं, और जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग उदयपुर से कार्य करता है।
राजस्थान की जनजातियां
मीणा राज्य की सर्वाधिक जनसंख्या वाली जनजाति है, जो पूर्वी राजस्थान के जयपुर, सवाई माधोपुर, दौसा, करौली तथा अलवर में फैली है और परंपरागत रूप से जमींदार मीणा एवं चौकीदार मीणा में बंटी थी। भील दूसरे स्थान पर हैं और भारत की सबसे बड़ी जनजातियों में एक हैं, जो बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ तथा उदयपुर के वागड़ क्षेत्र में रहते हैं। उनकी बस्ती पाल कहलाती है, जिसका मुखिया गमेती होता है, ढलान और समतल भूमि पर जलाकर की जाने वाली उनकी खेती चिमाता तथा दजिया कहलाती है, सामूहिक श्रम की उनकी परंपरा हलमा है, और गवरी एवं गैर उनके सबसे प्रसिद्ध नृत्य हैं। गरासिया तीसरे स्थान पर हैं और सिरोही के आबू रोड तथा पिंडवाड़ा और उदयपुर के कोटड़ा एवं झाड़ोल में रहते हैं, जिनके नृत्यों में वालर तथा लूर प्रमुख हैं। बारां की शाहाबाद और किशनगंज तहसीलों के सहरिया राजस्थान का एकमात्र विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह हैं, जो गोंद, शहद और तेंदूपत्ता संग्रह करते हैं, जिनकी बस्ती सहराना और झोपड़ी टोपा कहलाती है। दक्षिणी डूंगरपुर के डामोर का मुखिया मुखी कहलाता है, और महाराष्ट्र से आए कथौड़ी उदयपुर के वनों में खैर वृक्ष से कत्था बनाते हैं।
एक दृष्टि में जनजाति और क्षेत्र
| जनजाति | प्रमुख जिले | याद रखने योग्य बात |
|---|---|---|
| मीणा | जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली, अलवर | राज्य की सर्वाधिक जनसंख्या वाली जनजाति |
| भील | बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, उदयपुर | पाल और गमेती; चिमाता तथा दजिया खेती |
| गरासिया | सिरोही, उदयपुर, पाली | वालर और लूर नृत्य |
| सहरिया | बारां, शाहाबाद तथा किशनगंज में | राजस्थान का एकमात्र विशेष कमजोर जनजातीय समूह |
| डामोर | डूंगरपुर, बांसवाड़ा | मुखिया मुखी कहलाता है |
| कथौड़ी | उदयपुर | खैर वृक्ष से कत्था बनाते हैं |
परीक्षा की दृष्टि से
एक प्रश्न जनगणना के किसी आंकड़े पर और एक जनजाति पर अपेक्षित है। सर्वाधिक पूछे जाने वाले आंकड़े हैं जनसंख्या में आठवां स्थान, घनत्व 201, लिंगानुपात 928, बाल लिंगानुपात 888 तथा साक्षरता 66.11 प्रतिशत। जिलों के चरम दूसरा प्रिय भाग है, विशेषकर जनसंख्या एवं घनत्व में जयपुर और जैसलमेर तथा लिंगानुपात में डूंगरपुर और धौलपुर। जनजातीय पक्ष में क्रम मीणा, भील, गरासिया याद रखें, बारां के सहरिया को एकमात्र कमजोर समूह के रूप में, तथा भील शब्दावली पाल, गमेती, चिमाता, दजिया और हलमा। सामान्य जाल यह है कि अनुपात पूछे जाने पर जनसंख्या वाला जिला दे दिया जाए, अथवा मीणा और भील का क्रम बदल दिया जाए।
महत्वपूर्ण तथ्य
| जनसंख्या, 2011 | 6,85,48,437 |
|---|---|
| राज्यों में स्थान, 2011 | आठवां |
| क्षेत्रफल | 3,42,239 वर्ग किलोमीटर, सबसे बड़ा राज्य |
| घनत्व, 2011 | 201 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर |
| दशकीय वृद्धि, 2001 से 2011 | लगभग 21.3 प्रतिशत |
| लिंगानुपात, 2011 | 928 |
| बाल लिंगानुपात, 0 से 6 वर्ष | 888 |
| साक्षरता, 2011 | 66.11 प्रतिशत |
| पुरुष और महिला साक्षरता | 79.19 तथा 52.12 प्रतिशत |
| नगरीय जनसंख्या | लगभग 24.9 प्रतिशत |
| अनुसूचित जातियां | जनसंख्या का लगभग 17.8 प्रतिशत |
| अनुसूचित जनजातियां | जनसंख्या का लगभग 13.5 प्रतिशत |
| सर्वाधिक और सबसे कम जनसंख्या वाले जिले, 2011 | जयपुर और जैसलमेर |
| सर्वाधिक और सबसे कम लिंगानुपात, 2011 | डूंगरपुर और धौलपुर |
| सर्वाधिक और सबसे कम साक्षरता, 2011 | कोटा और जालोर |
| क्रम में बड़ी जनजातियां | मीणा, भील, गरासिया |
| भील बस्ती और मुखिया | पाल तथा गमेती |
| भील जलाकर की जाने वाली खेती | ढलान पर चिमाता, समतल पर दजिया |
| एकमात्र कमजोर जनजातीय समूह | बारां जिले के सहरिया |
| जनजाति क्षेत्रीय विकास कार्यालय | उदयपुर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
जनगणना 2011 के अनुसार जनसंख्या की दृष्टि से भारत के राज्यों में राजस्थान का कौन सा स्थान था?
- A.पांचवां
- B.छठा
- C.आठवां
- D.दसवां
उत्तर देखें
जनगणना 2011 में राजस्थान की जनसंख्या 6,85,48,437 दर्ज हुई, जिससे वह राज्यों में आठवें स्थान पर रहा, अर्थात् उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल, तत्कालीन आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और तमिलनाडु के बाद।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जनगणना 2011 के अनुसार राजस्थान का लिंगानुपात कितना था?
- A.888
- B.928
- C.940
- D.972
उत्तर देखें
लिंगानुपात प्रति हजार पुरुषों पर महिलाओं की संख्या है, और राजस्थान ने 2011 में 928 दर्ज किया, जो उस जनगणना के राष्ट्रीय आंकड़े से कम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जनगणना 2011 में राजस्थान के किस जिले का जनसंख्या घनत्व सबसे कम था?
- A.बाड़मेर
- B.बीकानेर
- C.जैसलमेर
- D.चूरू
उत्तर देखें
2011 में जैसलमेर क्षेत्रफल में राजस्थान का सबसे बड़ा और जनसंख्या में सबसे छोटा जिला था, इसलिए उसका घनत्व राज्य में सबसे कम रहा, जो राज्य औसत 201 के सामने केवल दहाई में था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान की सर्वाधिक जनसंख्या वाली अनुसूचित जनजाति कौन है?
- A.भील
- B.मीणा
- C.गरासिया
- D.सहरिया
उत्तर देखें
मीणा जनसंख्या की दृष्टि से राजस्थान की सबसे बड़ी अनुसूचित जनजाति है, जो पूर्वी जिलों जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली तथा अलवर में फैली है और परंपरागत रूप से जमींदार मीणा एवं चौकीदार मीणा में बंटी थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान के किस जिले में जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का अनुपात सर्वाधिक है?
- A.उदयपुर
- B.बांसवाड़ा
- C.बारां
- D.सिरोही
उत्तर देखें
दक्षिणी राजस्थान के वागड़ क्षेत्र के बांसवाड़ा जिले में जनसंख्या में अनुसूचित जनजातियों का अनुपात सर्वाधिक है, जिनमें अधिकांश भील हैं, और पूरा जिला संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत अधिसूचित अनुसूचित क्षेत्र में आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान का एकमात्र विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह सहरिया मुख्यतः किस जिले में रहता है?
- A.बारां
- B.प्रतापगढ़
- C.डूंगरपुर
- D.जालोर
उत्तर देखें
सहरिया दक्षिण पूर्वी राजस्थान में बारां जिले की शाहाबाद तथा किशनगंज तहसीलों में रहते हैं, जो हाड़ौती पठार के किनारे का वन क्षेत्र है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान के भीलों में पाल नामक बस्ती के मुखिया को क्या कहा जाता है?
- A.मुखी
- B.गमेती
- C.पटेल
- D.सरपंच
उत्तर देखें
पहाड़ी ढलान पर बिखरे घरों वाली भील बस्ती पाल कहलाती है, और उसका मुखिया गमेती होता है, जो विवाद निपटाता है तथा समूह का प्रतिनिधित्व करता है; ऐसी कई बस्तियों के बड़े मुखिया को तड़वी कहा जाता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान की गरासिया जनजाति राज्य के किस भाग में केंद्रित है?
- A.सिरोही का आबू रोड और पिंडवाड़ा
- B.बारां का शाहाबाद
- C.नागौर और डीडवाना
- D.श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़
उत्तर देखें
गरासिया राजस्थान की तीसरी सबसे बड़ी जनजाति है और अरावली की दक्षिणी ढलानों पर, सिरोही के आबू रोड तथा पिंडवाड़ा क्षेत्र में और उदयपुर के कोटड़ा एवं झाड़ोल में रहती है, कुछ जनसंख्या पाली में भी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान की कौन सी जनजाति परंपरागत रूप से खैर वृक्ष से कत्था बनाने से जुड़ी है?
- A.डामोर
- B.कथौड़ी
- C.मीणा
- D.गरासिया
उत्तर देखें
कथौड़ी एक छोटी जनजाति है जो महाराष्ट्र से राजस्थान आई और उदयपुर के वन क्षेत्रों, विशेषकर झाड़ोल तथा कोटड़ा में रहती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जनगणना 2011 में राजस्थान के किस जिले की साक्षरता दर सर्वाधिक दर्ज हुई?
- A.जयपुर
- B.कोटा
- C.अजमेर
- D.झुंझुनूं
उत्तर देखें
2011 में राजस्थान के सभी जिलों में कोटा की साक्षरता सर्वाधिक दर्ज हुई, जो उसके औद्योगिक तथा कोचिंग नगर के स्वरूप और बड़ी शहरी जनसंख्या से मेल खाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनगणना 2011 में राजस्थान की जनसंख्या और स्थान क्या था?
जनगणना 2011 में राजस्थान की जनसंख्या 6,85,48,437 दर्ज हुई, जिससे वह भारत का आठवां सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य बना। क्षेत्रफल में सबसे बड़ा राज्य होने के कारण उसका घनत्व केवल 201 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर रहा।
राजस्थान की सबसे बड़ी जनजाति कौन है?
मीणा राजस्थान की सर्वाधिक जनसंख्या वाली अनुसूचित जनजाति है, जो पूर्वी जिलों जयपुर, दौसा, सवाई माधोपुर, करौली तथा अलवर में केंद्रित है। भील दूसरे और गरासिया तीसरे स्थान पर आते हैं।
राजस्थान के किस जिले में जनजातीय जनसंख्या का अनुपात सर्वाधिक है?
दक्षिणी राजस्थान के वागड़ क्षेत्र का बांसवाड़ा जिला, जहां जनसंख्या में अनुसूचित जनजाति का अनुपात सर्वाधिक है, इसके बाद डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और उदयपुर। पूरा बांसवाड़ा पांचवीं अनुसूची के अनुसूचित क्षेत्र में आता है।
राजस्थान का एकमात्र विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह कौन है?
सहरिया, जो राज्य के दक्षिण पूर्व में बारां जिले की शाहाबाद और किशनगंज तहसीलों में रहते हैं। वे परंपरागत रूप से वन से गोंद, शहद तथा तेंदूपत्ता एकत्र करते हैं और उनकी बस्ती सहराना कहलाती है।
2011 में राजस्थान का लिंगानुपात और साक्षरता कितनी थी?
लिंगानुपात प्रति हजार पुरुषों पर 928 महिलाएं और शून्य से छह वर्ष का बाल लिंगानुपात 888 था। साक्षरता कुल 66.11 प्रतिशत थी, जिसमें पुरुषों की 79.19 प्रतिशत और महिलाओं की 52.12 प्रतिशत।
स्रोत
- जनगणना 2011, प्राथमिक जनगणना सार तथा जिला जनगणना पुस्तिका, राजस्थान — भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय
- राजस्थान सांख्यिकीय सार — आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय, राजस्थान सरकार
- विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों की राज्यवार सूची — जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार





