राजस्थान की अर्थव्यवस्था, बजट और प्रमुख योजनाएं
राज्य परीक्षाओं के लिए राजस्थान की अर्थव्यवस्था के नोट्स: फसलें और पशुधन, खनिज एवं ऊर्जा, उद्योग, पर्यटन, राज्य बजट की प्रक्रिया तथा प्रमुख योजनाएं।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य है और उसकी अर्थव्यवस्था इसी भूगोल से बनी है—पश्चिम में शुष्क भाग, जहां वर्षा कम है और पशुपालन खेती के समान ही महत्वपूर्ण है; दक्षिण तथा पूर्व में अधिक वर्षा वाला भाग; और इन दोनों के नीचे खनिजों की ऐसी पट्टी, जो किसी भी अन्य राज्य से अधिक समृद्ध है। इसलिए राज्य की आय मुख्यत: चार स्रोतों से आती है—कृषि एवं पशुधन, खनन, पर्यटन तथा हस्तशिल्प एवं लघु उद्योग। परीक्षा की दृष्टि से यह अध्याय जोड़ियों की सूची है—फसल और उसका स्थान, खनिज और उसकी खान, योजना का वर्ष और उद्देश्य—साथ ही वे संवैधानिक चरण, जिनसे राज्य का बजट पारित होता है।
कृषि और पशुधन
राजस्थान की खेती मानसून तथा नहर और कुएं-नलकूप की सिंचाई पर निर्भर है और यहां वही फसलें चुनी जाती हैं, जो शुष्क गर्मी सह लेती हैं। राज्य भारत में बाजरा, सरसों, ग्वार, धनिया तथा मेथी का सबसे बड़ा उत्पादक है और मोठ, इसबगोल एवं मेहंदी में भी अग्रणी है; पाली जिले के सोजत की मेहंदी देशभर में प्रसिद्ध है। जीरे में राजस्थान गुजरात के बाद आता है। नहरी तथा पूर्वी जिलों में गेहूं, जौ, मक्का और चना प्रमुख रबी फसलें हैं। पशुधन दूसरा स्तंभ है—देश में सर्वाधिक ऊंट राजस्थान में हैं और ऊन का सबसे बड़ा उत्पादक भी यही राज्य है, जिससे बीकानेर तथा जयपुर के कालीन और कंबल उद्योग चलते हैं; दूध उत्पादन में भी यह अग्रणी राज्यों में है और इसके दुग्ध संघ का ब्रांड 'सरस' है।
खनिज और ऊर्जा
राजस्थान को प्राय: 'खनिज राज्य' कहा जाता है, क्योंकि यहां धात्विक और अधात्विक खनिजों की लंबी सूची मिलती है और कुछ खनिजों का यह भारत में एकमात्र स्रोत है।
| खनिज | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|
| सीसा एवं जस्ता | रामपुरा आगूचा (भीलवाड़ा), जावर (उदयपुर), राजपुरा-दरीबा |
| तांबा | खेतड़ी (झुंझुनूं) तथा कोलिहान |
| संगमरमर | मकराना (नागौर), जिसका उपयोग ताजमहल में हुआ |
| रॉक फॉस्फेट | झामरकोटड़ा (उदयपुर के निकट) |
| जिप्सम | नागौर, बीकानेर और जैसलमेर |
| बलुआ पत्थर | जोधपुर, जैसलमेर और धौलपुर |
| कच्चा तेल एवं गैस | बाड़मेर बेसिन का मंगला क्षेत्र; जैसलमेर में गैस |
| चूना पत्थर एवं सीमेंट | चित्तौड़गढ़, सिरोही, नागौर और कोटा |
ऊर्जा में राज्य का मिश्रण विशिष्ट है। चित्तौड़गढ़ जिले का रावतभाटा राजस्थान परमाणु विद्युत गृह का स्थल है, जहां कनाडा के सहयोग से बनी पहली इकाई देश के आरंभिक दबावयुक्त भारी जल रिएक्टरों में थी; सूरतगढ़ तथा छबड़ा के संयंत्र कोयले से चलते हैं; और पश्चिम के मरुस्थल ने राजस्थान को सौर तथा पवन ऊर्जा की सर्वाधिक संभावना दी है, जिसमें भड़ला सौर पार्क विश्व के सबसे बड़े पार्कों में है और जैसलमेर के आसपास पवन फार्म हैं। बाड़मेर बेसिन में 2004 में मिला मंगला क्षेत्र वर्षों में भारत की सबसे बड़ी थल-आधारित तेल खोज था और उसी जिले के पचपदरा में रिफाइनरी बन रही है।
उद्योग, हस्तशिल्प और पर्यटन
उद्योग मुख्यत: दिल्ली मार्ग की पट्टी में केंद्रित हैं। भीलवाड़ा राज्य का वस्त्र नगर तथा कृत्रिम धागे का केंद्र है; कोटा में रसायन, उर्वरक और उसी नाम का पत्थर है; उत्तर-पूर्व में दिल्ली के निकट भिवाड़ी, नीमराना और अलवर में अभियांत्रिकी तथा वाहन इकाइयां हैं, और नीमराना में जापानी औद्योगिक क्षेत्र है; दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा भी राज्य से होकर जाता है, इसीलिए उसके साथ-साथ कई नए निवेश क्षेत्र प्रस्तावित हैं। औद्योगिक क्षेत्रों का विकास राज्य का औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) करता है और निवेशकों को राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत रियायतें मिलती हैं। हस्तशिल्प स्वयं निर्यात उद्योग है—जयपुर के रत्न-आभूषण और ब्लू पॉटरी, जोधपुर का फर्नीचर, बीकानेर तथा जयपुर के कालीन, बाड़मेर की छपाई और उदयपुर की लघु चित्रकला। किलों, महलों, झीलों और मरुस्थल पर आधारित पर्यटन सेवा क्षेत्र का आधार है; पैलेस ऑन व्हील्स 1982 में चली, राजस्थान के पहाड़ी किले 2013 में और जयपुर का परकोटा नगर 2019 में विश्व विरासत में सम्मिलित हुए।
राज्य का बजट कैसे पारित होता है
बजट की प्रक्रिया संविधान से चलती है। अनुच्छेद 202 के अंतर्गत राज्यपाल प्रतिवर्ष आय-व्यय का वार्षिक वित्तीय विवरण विधानसभा के समक्ष रखवाते हैं और व्यवहार में इसे वित्त मंत्री प्रस्तुत करते हैं। राज्य की संचित निधि पर भारित व्यय, जैसे राज्यपाल तथा उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का वेतन, मतदान के लिए नहीं रखा जाता; शेष व्यय अनुच्छेद 203 के अंतर्गत अनुदान मांगों के रूप में पारित होता है, जिसके बाद अनुच्छेद 204 के अंतर्गत विनियोग विधेयक पारित किया जाता है। अनुच्छेद 205 वर्ष के बीच अनुपूरक अनुदान की अनुमति देता है और बजट पारित होने तक व्यय के लिए लेखानुदान लिया जा सकता है। राज्य की संचित निधि तथा आकस्मिकता निधि अनुच्छेद 266 और 267 पर आधारित हैं और लेखों की जांच नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक करते हैं। राजस्थान 2022 से मुख्य बजट के अतिरिक्त पृथक कृषि बजट भी प्रस्तुत करता है और उसका अपना राजकोषीय उत्तरदायित्व कानून है, जो घाटे की सीमा तय करता है।
राज्य की प्रमुख योजनाएं
राजस्थान में कल्याण और पारदर्शिता की योजनाओं की लंबी परंपरा है और इनमें से कई को बाद में अन्य राज्यों या केंद्र ने अपनाया।
| योजना | वर्ष | उद्देश्य |
|---|---|---|
| पालनहार योजना | 2005 | अनाथ बच्चे का पालन करने वाले परिजन को सहायता |
| मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना | 2011 | राजकीय चिकित्सालयों में मुफ्त दवा; बाद में मुफ्त जांच भी |
| मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान | 2016 | गांव स्तर पर जल संग्रहण और संरक्षण |
| मुख्यमंत्री राजश्री योजना | 2016 | बालिका के जन्म तथा पढ़ाई के लिए किश्तों में सहायता |
| जन सूचना पोर्टल | 2019 | योजनाओं के अभिलेखों का स्वत: ऑनलाइन प्रकटन, देश का पहला ऐसा पोर्टल |
| इंदिरा रसोई योजना | 2020 | नगरों में निर्धनों को रियायती पका भोजन |
| मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना | 2021 | सूचीबद्ध अस्पतालों में नकदी रहित उपचार |
| इंदिरा गांधी शहरी रोजगार गारंटी योजना | 2022 | ग्रामीण योजना की तरह शहरी क्षेत्रों में मजदूरी रोजगार की गारंटी |
दो पुराने योगदान अलग उल्लेख के योग्य हैं। भारत में पंचायती राज का शुभारंभ 2 अक्टूबर 1959 को राजस्थान के नागौर में हुआ, और राज्य के गांवों में मजदूर किसान शक्ति संगठन का वह अभियान, जिसमें मजदूरी के अभिलेख सार्वजनिक रूप से पढ़े जाने की मांग की गई, आगे चलकर सूचना के अधिकार का राष्ट्रीय आंदोलन बना।
परीक्षा की दृष्टि से
राज्य के प्रश्नपत्र पहले फसल और खनिज की जोड़ियां पूछते हैं—राजस्थान किस फसल में प्रथम है, रामपुरा आगूचा, खेतड़ी, मकराना या झामरकोटड़ा से कौन खनिज मिलता है, और मंगला क्षेत्र तथा परमाणु विद्युत गृह किस जिले में हैं, जहां रावतभाटा के लिए कोटा सामान्य जाल है। योजनाएं वर्ष और उद्देश्य से पूछी जाती हैं, अत: पालनहार 2005, नि:शुल्क दवा 2011, जल स्वावलंबन तथा राजश्री 2016, जन सूचना पोर्टल 2019, इंदिरा रसोई 2020, चिरंजीवी 2021 और शहरी रोजगार गारंटी 2022 याद रखें। बजट के प्रश्न संवैधानिक होते हैं—अनुच्छेद 202 से 206 तथा 266-267। एसएससी और रेलवे केवल कीर्तिमान पूछते हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
| भारत में प्रथम उत्पादन | बाजरा, सरसों, ग्वार, धनिया, मेथी, मोठ, इसबगोल तथा ऊन |
|---|---|
| ऊंटों की संख्या | भारत में सर्वाधिक |
| सीसा एवं जस्ता | रामपुरा आगूचा (भीलवाड़ा), जावर (उदयपुर), राजपुरा-दरीबा; सांद्र देने वाला एकमात्र राज्य |
| तांबा | झुंझुनूं जिले के खेतड़ी और कोलिहान |
| संगमरमर | नागौर का मकराना; अजमेर का किशनगढ़ सबसे बड़ी मंडी |
| रॉक फॉस्फेट | उदयपुर के निकट झामरकोटड़ा |
| कच्चा तेल | बाड़मेर बेसिन के मंगला, भाग्यम और ऐश्वर्या क्षेत्र, 2004 में खोजे गए |
| प्राकृतिक गैस | जैसलमेर बेसिन, जिसमें तनोट और घोटारू सम्मिलित हैं |
| परमाणु ऊर्जा | राजस्थान परमाणु विद्युत गृह, रावतभाटा, चित्तौड़गढ़ जिला |
| सौर एवं पवन ऊर्जा | पश्चिम में भड़ला सौर पार्क; जैसलमेर के आसपास पवन फार्म |
| वस्त्र नगरी | भीलवाड़ा, जिसे राजस्थान का मैनचेस्टर भी कहते हैं |
| औद्योगिक संस्था | रीको; राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत रियायतें |
| पर्यटक रेलगाड़ी | पैलेस ऑन व्हील्स, 1982 से संचालित |
| विश्व विरासत स्थल | राजस्थान के पहाड़ी किले, 2013; जयपुर परकोटा नगर, 2019 |
| बजट से जुड़े अनुच्छेद | अनुच्छेद 202 वार्षिक वित्तीय विवरण, 203 अनुदान मांगें, 204 विनियोग विधेयक |
| पृथक कृषि बजट | राजस्थान 2022 से मुख्य बजट के अतिरिक्त प्रस्तुत करता है |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
राजस्थान भारत में निम्नलिखित में से किस फसल का सबसे बड़ा उत्पादक है?
- A.चावल
- B.बाजरा
- C.गन्ना
- D.जूट
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बाजरे को पानी कम चाहिए और वह अधिक ताप सह लेता है, जो पश्चिमी राजस्थान की बलुई मिट्टी के अनुकूल है; इसके उत्पादन में यह राज्य देश में प्रथम है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में सरसों का सबसे बड़ा उत्पादक राज्य कौन है?
- A.मध्य प्रदेश
- B.राजस्थान
- C.हरियाणा
- D.उत्तर प्रदेश
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सरसों राज्य की प्रमुख रबी तिलहन फसल है, जो भरतपुर, अलवर, सवाई माधोपुर, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में हल्की सिंचाई के साथ बोई जाती है; इसके उत्पादन में राजस्थान दीर्घकाल से देश में प्रथम है और भरतपुर का तिलहन व्यापार तथा पूर्वी जिलों की तेल मिलें इसी पर आधारित हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान के भीलवाड़ा जिले की रामपुरा आगूचा खान किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
- A.तांबा
- B.जस्ता
- C.रॉक फॉस्फेट
- D.जिप्सम
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रामपुरा आगूचा राज्य का सर्वाधिक प्रसिद्ध सीसा-जस्ता निक्षेप है और विश्व की सबसे बड़ी जस्ता उत्पादक खानों में गिना जाता है; भारत में सीसा-जस्ता सांद्र देने वाला एकमात्र राज्य राजस्थान ही है, जिसकी अन्य खानें उदयपुर के निकट जावर, जो सबसे प्राचीन है, तथा राजपुरा-दरीबा हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान के झुंझुनूं जिले का खेतड़ी किस खनिज के खनन से जुड़ा है?
- A.लौह अयस्क
- B.तांबा
- C.मैंगनीज
- D.बॉक्साइट
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खेतड़ी पट्टी और उससे लगी कोलिहान खान राजस्थान में तांबे का प्रमुख स्रोत तथा भारत के मुख्य तांबा क्षेत्रों में से एक है, जिसका संचालन हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड करती है; अयस्क का गलन और शोधन इसी क्षेत्र में होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान के नागौर जिले का मकराना किसके लिए प्रसिद्ध है?
- A.संगमरमर
- B.बलुआ पत्थर
- C.ग्रेनाइट
- D.स्लेट
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मकराना से वही उत्तम श्वेत संगमरमर मिलता है, जिसका उपयोग ताजमहल तथा विक्टोरिया मेमोरियल में हुआ, और उसकी खानों को वैश्विक विरासत पाषाण संसाधन के रूप में मान्यता मिली है; संगमरमर की कटाई अजमेर जिले के किशनगढ़ में भी होती है, जो देश की सबसे बड़ी संगमरमर मंडी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →हाल के दशकों में भारत की सबसे बड़ी थल-आधारित कच्चे तेल की खोज, मंगला तेल क्षेत्र, राजस्थान के किस जिले में है?
- A.जैसलमेर
- B.बाड़मेर
- C.बीकानेर
- D.जालोर
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बाड़मेर बेसिन में 2004 में मिला मंगला क्षेत्र, जिसके निकट भाग्यम और ऐश्वर्या क्षेत्र हैं, राजस्थान को तेल उत्पादक राज्य बना गया और यहां का कच्चा तेल गर्म पाइपलाइन से गुजरात तट तक भेजा जाता है; इसी जिले के पचपदरा में रिफाइनरी बन रही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान परमाणु विद्युत गृह रावतभाटा किस जिले में स्थित है?
- A.कोटा
- B.चित्तौड़गढ़
- C.झालावाड़
- D.बांसवाड़ा
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रावतभाटा चंबल नदी पर राणा प्रताप सागर बांध के निकट चित्तौड़गढ़ जिले में है, यद्यपि निकट का बड़ा नगर कोटा होने के कारण इस केंद्र को प्राय: 'कोटा के पास' बताया जाता है, और यही इस प्रश्न का जाल है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →उदयपुर के निकट झामरकोटड़ा उर्वरक में प्रयुक्त किस खनिज का भारत में प्रमुख स्रोत है?
- A.रॉक फॉस्फेट
- B.पोटाश
- C.गंधक
- D.शोरा
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झामरकोटड़ा भारत में खनन किया जाने वाला सबसे बड़ा रॉक फॉस्फेट निक्षेप है और फॉस्फेटिक उर्वरक का कच्चा माल देता है, जिससे देश की आयात पर निर्भरता कुछ घटती है; इस खान का संचालन राजस्थान राज्य खान एवं खनिज लिमिटेड करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान में 2016 में आरंभ 'मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान' किससे संबंधित है?
- A.अस्पतालों में मुफ्त दवा
- B.जल संग्रहण और संरक्षण
- C.शहरी रोजगार गारंटी
- D.बालिकाओं की छात्रवृत्ति
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इस अभियान में गांव स्तर पर एनीकट, चेक डैम, खेत तालाब, कंटूर ट्रेंच तथा पुराने तालाबों की मरम्मत जैसे कार्य कराए गए, जिनका उद्देश्य प्रत्येक गांव को जल के मामले में आत्मनिर्भर बनाना था, और यह प्रत्येक जिले की चुनी हुई पंचायतों में चरणबद्ध रूप से चलाया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान का कौन-सा नगर राज्य की 'वस्त्र नगरी' कहलाता है?
- A.कोटा
- B.भीलवाड़ा
- C.पाली
- D.जोधपुर
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भीलवाड़ा राजस्थान में कृत्रिम धागे, सूटिंग और शर्टिंग का सबसे बड़ा केंद्र बन गया और इसे प्राय: वस्त्र नगरी अथवा 'राजस्थान का मैनचेस्टर' कहा जाता है; इसी जिले में रामपुरा आगूचा की जस्ता खान भी है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान किन फसलों में देश में प्रथम है?
बाजरा, सरसों, ग्वार, धनिया, मेथी, मोठ और इसबगोल में; इसके अतिरिक्त राज्य ऊन का सबसे बड़ा उत्पादक है और यहां ऊंटों की संख्या भी देश में सर्वाधिक है। जीरे में राजस्थान गुजरात के बाद दूसरे स्थान पर आता है।
राजस्थान को भारत का 'खनिज राज्य' क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यहां खनिजों की बहुत विस्तृत श्रेणी निकलती है और कुछ खनिजों, जैसे सीसा-जस्ता सांद्र, का यह देश में एकमात्र स्रोत है। संगमरमर, बलुआ पत्थर, जिप्सम, रॉक फॉस्फेट, तांबा, चूना पत्थर और चांदी के साथ बाड़मेर बेसिन से कच्चा तेल भी मिलता है।
राजस्थान परमाणु विद्युत गृह कहां है?
चंबल नदी पर राणा प्रताप सागर बांध के निकट, चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में। इसे प्राय: 'कोटा के पास' बताया जाता है, क्योंकि निकटतम बड़ा नगर कोटा है, और यही भ्रम परीक्षाओं में सामान्य जाल बनता है।
राजस्थान का बजट कैसे पारित होता है?
वार्षिक वित्तीय विवरण अनुच्छेद 202 के अंतर्गत विधानसभा के समक्ष रखा जाता है और वित्त मंत्री उसे प्रस्तुत करते हैं। भारित व्यय पर मतदान नहीं होता; शेष व्यय अनुच्छेद 203 के अंतर्गत अनुदान मांगों के रूप में पारित होता है, फिर अनुच्छेद 204 के अंतर्गत विनियोग विधेयक और आवश्यकता पर अनुच्छेद 205 के अंतर्गत अनुपूरक अनुदान आते हैं।
राजस्थान की कौन-सी कल्याणकारी योजनाएं सर्वाधिक पूछी जाती हैं?
अनाथ बच्चों के लिए 2005 की पालनहार योजना, 2011 की नि:शुल्क दवा योजना, 2016 के मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान तथा राजश्री योजना, 2019 का जन सूचना पोर्टल, 2020 की इंदिरा रसोई योजना, 2021 की चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना और 2022 की शहरी रोजगार गारंटी योजना।
स्रोत
- राज्य के बजट दस्तावेज एवं राजकोषीय विवरण — वित्त विभाग, राजस्थान सरकार
- राजस्थान की खनिज संपदा एवं खनन जिले — खान एवं भूविज्ञान विभाग, राजस्थान सरकार
- भारत का संविधान, अनुच्छेद 202 से 207 तथा 266-267 — इंडिया कोड, विधि एवं न्याय मंत्रालय





