राजस्थान के दुर्ग और महल: निर्माता और प्रमुख तथ्य
राज्य और एसएससी परीक्षाओं के लिए राजस्थान के दुर्ग और महल: यूनेस्को के छह पहाड़ी किले, उनके निर्माता और जिले, चित्तौड़गढ़ के तीन जौहर तथा प्रमुख राजमहल।
लेखक GK24 Editorial Team· प्रकाशित · 5 मिनट

राजस्थान में किलों की संख्या देश के किसी भी दूसरे राज्य से अधिक है, और परीक्षा में यह पूरा अध्याय एक ही ढाँचे में पूछा जाता है: किला किसने बनवाया, किस पहाड़ी या नदी के किनारे खड़ा है, किस जिले में पड़ता है और उसके भीतर कौन-सा स्मारक प्रसिद्ध है। ये दुर्ग राजस्थान की राजनीति से निकले हैं। मेवाड़, मारवाड़, आमेर, बीकानेर और जैसलमेर अलग-अलग रियासतें थीं, जिन्हें दिल्ली सल्तनत, मुगलों और आपस में भी लड़ना पड़ा, और हर राजवंश ने इस खतरे का उत्तर सबसे ऊँची जमीन पर बने गढ़ से दिया। महल बाद के हैं, जब युद्ध थम गए और वही घराने झीलों के किनारे तथा शहर के खुले चौकों में सुविधा और वैभव के लिए निर्माण करने लगे।
दुर्गों का वर्गीकरण
भारतीय राजनीति-शास्त्र में दुर्ग को उस साधन के आधार पर बाँटा गया है जो उसकी रक्षा करता है, और राजस्थान के किले इसी वर्गीकरण से पढ़ाए जाते हैं। गिरि दुर्ग पहाड़ी पर होता है, वन दुर्ग के चारों ओर जंगल होता है, जल दुर्ग पानी से घिरा होता है और धान्व दुर्ग रेत तथा दूरी से सुरक्षित रहता है। यह वर्गीकरण एक अंक का पसंदीदा प्रश्न है, क्योंकि हर प्रकार का एक स्पष्ट उदाहरण राज्य में मौजूद है।
- गिरि दुर्ग अर्थात पहाड़ी किला: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, मेहरानगढ़ और अजमेर का तारागढ़।
- वन दुर्ग अर्थात जंगल से घिरा किला: रणथंभौर, जो आज के बाघ अभयारण्य के वन से घिरा है।
- जल दुर्ग अर्थात पानी से घिरा किला: गागरोन, जिसके तीन ओर आहू और कालीसिंध नदियाँ बहती हैं।
- धान्व दुर्ग अर्थात रेगिस्तानी किला: जैसलमेर, जिसकी सबसे बड़ी रक्षा थार का रेगिस्तान था।
विश्व विरासत सूची के छह पहाड़ी किले
वर्ष 2013 में यूनेस्को ने राजस्थान के पहाड़ी किले नाम से छह किलों की एक शृंखला को विश्व विरासत सूची में शामिल किया। ये हैं चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर और गागरोन। जब प्रश्न यह पूछता है कि राजस्थान के कितने किले विश्व विरासत में शामिल हैं, तो उत्तर छह है; और जब यह पूछा जाता है कि कौन-सा किला इस सूची में नहीं है, तो विकल्पों में अक्सर मेहरानगढ़ या जूनागढ़ रखा जाता है, क्योंकि दोनों प्रसिद्ध हैं और दोनों इस सूची का हिस्सा नहीं हैं।
| किला | जिला | निर्माता या काल | भीतर प्रसिद्ध |
|---|---|---|---|
| चित्तौड़गढ़ | चित्तौड़गढ़ | परंपरा चित्रांगद मौर्य को श्रेय देती है; मेवाड़ के गुहिल और सिसोदिया वंश ने बढ़ाया | विजय स्तंभ, कीर्ति स्तंभ, गौमुख कुंड, राणा कुंभा का महल |
| कुंभलगढ़ | राजसमंद | राणा कुंभा, पंद्रहवीं शताब्दी, शिल्पी मंडन के साथ | लगभग 36 किलोमीटर लंबी दीवार, बादल महल, महाराणा प्रताप की जन्मस्थली |
| रणथंभौर | सवाई माधोपुर | चौहान काल; हम्मीर देव चौहान के अधीन | त्रिनेत्र गणेश मंदिर, हम्मीर की कचहरी, चारों ओर का वन |
| आमेर | जयपुर | 1592 में राजा मानसिंह प्रथम ने आरंभ किया, मिर्जा राजा जयसिंह और सवाई जयसिंह द्वितीय ने आगे बढ़ाया | शीश महल, गणेश पोल, दीवान-ए-आम, शिला देवी मंदिर |
| जैसलमेर | जैसलमेर | रावल जैसल, 1156, त्रिकूट पहाड़ी पर | पीले पत्थर की दीवारें, जैन मंदिर, आज भी भीतर बसे परिवार |
| गागरोन | झालावाड़ | डोड और बाद में खींची शासक | तीन ओर पानी, संत पीपा की स्मृति |
चित्तौड़गढ़ और उसके तीन जौहर
क्षेत्रफल की दृष्टि से चित्तौड़गढ़ भारत का सबसे बड़ा किला है और परीक्षा में सर्वाधिक पूछा जाने वाला भी। तीन घेराबंदियों का अंत जौहर में हुआ, और ये तीन तिथियाँ नियमित प्रश्न हैं। पहला जौहर 1303 में हुआ, जब अलाउद्दीन खिलजी ने किला जीता और परंपरा इसे रानी पद्मिनी से जोड़ती है। दूसरा 1535 में हुआ, जब गुजरात के बहादुर शाह ने आक्रमण किया और रानी कर्णावती ने नेतृत्व किया। तीसरा 1568 में हुआ, जब अकबर ने घेरा डाला और रक्षा का भार बदनोर के जयमल तथा केलवा के पत्ता ने उठाया, जिनकी मूर्तियाँ अकबर ने आगरा में लगवाई थीं। किले के भीतर नौ मंजिल का विजय स्तंभ राणा कुंभा ने मालवा के महमूद खिलजी पर विजय की स्मृति में बनवाया, जबकि उससे पुराना और छोटा सात मंजिल का कीर्ति स्तंभ जैन परंपरा का है और आदिनाथ को समर्पित है। पद्मिनी महल, मीरा मंदिर और गौमुख जलकुंड नाम याद रखने योग्य शेष स्थल हैं।
मेहरानगढ़, जूनागढ़, लोहागढ़ और जयपुर का घेरा
जोधपुर का मेहरानगढ़ 1459 में राव जोधा ने उस पहाड़ी पर बसाया जिसे ख्यातों में भाकुरचीड़िया कहा गया है। इसका चामुंडा माता मंदिर, इसकी तोपें और मोती महल, फूल महल तथा शीश महल जैसे चित्रित कक्ष परीक्षा योग्य विवरण हैं, और इसके नीचे जसवंत सिंह द्वितीय की संगमरमर की छतरी जसवंत थड़ा खड़ी है। बीकानेर का जूनागढ़ 1589 में राजा रायसिंह के समय बना और यह राज्य का वह दुर्लभ बड़ा किला है जो पहाड़ी के बजाय समतल भूमि पर है। भरतपुर का लोहागढ़ अठारहवीं शताब्दी में जाट शासक महाराजा सूरजमल ने बनवाया और इसे लोहे का किला कहा जाता है, क्योंकि इसकी चौड़ी मिट्टी की प्राचीर तोप के गोले को टूटने के बजाय सोख लेती थी; भीतर के जवाहर बुर्ज और फतेह बुर्ज विजय की स्मृति में बने। जयपुर के आसपास जयगढ़ में जयवाण तोप रखी है, जो अपने समय की सबसे बड़ी पहियेदार तोपों में गिनी जाती है, और 1734 में सवाई जयसिंह द्वितीय द्वारा बनवाया नाहरगढ़ नगर की उत्तर दिशा से रक्षा करता है।
प्रमुख महल
महलों की परंपरा उदयपुर से शुरू होती है, जहाँ उदयसिंह द्वितीय ने 1559 में नगर की स्थापना की और सिटी पैलेस आरंभ किया, जिसे उत्तराधिकारियों ने पिछोला झील के ऊपर लंबी इमारत में बदल दिया। झील के भीतर जग निवास, जिसे आज लेक पैलेस कहा जाता है, महाराणा जगत सिंह द्वितीय ने 1740 के दशक में बनवाया, और पास के टापू पर जग मंदिर है। जयपुर में हवा महल 1799 में सवाई प्रताप सिंह ने लालचंद उस्ता के नक्शे पर बनवाया, जिसकी पाँच मंजिलों में जालीदार झरोखे हैं, जहाँ से राजपरिवार की स्त्रियाँ सड़क के जुलूस देख सकती थीं; मानसागर झील के पानी में जल महल खड़ा है। महलों में अंतिम बड़ा नाम जोधपुर का उम्मेद भवन है, जो 1929 से 1943 के बीच चित्तर पत्थर से हेनरी वॉन लैंचेस्टर के नक्शे पर बना, अकाल राहत कार्य के रूप में आरंभ हुआ और आज भी विश्व के सबसे बड़े निजी आवासों में गिना जाता है।
परीक्षा की दृष्टि से
इस अध्याय में चार प्रकार के प्रश्न आते हैं। पहला विश्व विरासत सूची से: 2013 में कितने पहाड़ी किले शामिल हुए, वे छह कौन हैं, और कौन-सा प्रसिद्ध किला उनमें नहीं है, जहाँ मेहरानगढ़ और जूनागढ़ सामान्य जाल हैं। दूसरा किला, निर्माता और जिले का मिलान, जिससे सबसे अधिक अंक जुड़े हैं: चित्तौड़गढ़ के साथ सिसोदिया, कुंभलगढ़ के साथ राणा कुंभा और राजसमंद, जैसलमेर के साथ रावल जैसल, गागरोन के साथ झालावाड़, मेहरानगढ़ के साथ राव जोधा, जूनागढ़ के साथ रायसिंह और लोहागढ़ के साथ सूरजमल। तीसरा किले के भीतर के स्मारक: चित्तौड़ में विजय स्तंभ और कीर्ति स्तंभ, कुंभलगढ़ में बादल महल, आमेर में शीश महल और गणेश पोल, जयगढ़ में जयवाण तोप तथा रणथंभौर में त्रिनेत्र गणेश। चौथा वर्गीकरण, जिसमें गागरोन जल दुर्ग, जैसलमेर धान्व दुर्ग और रणथंभौर वन दुर्ग है, तथा चित्तौड़गढ़ के तीन जौहरों की तिथियाँ।
महत्वपूर्ण तथ्य
| क्षेत्रफल में भारत का सबसे बड़ा किला | चित्तौड़गढ़ |
|---|---|
| राजस्थान के पहाड़ी किले, यूनेस्को 2013 | छह: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर, गागरोन |
| विजय स्तंभ | चित्तौड़गढ़, नौ मंजिल, राणा कुंभा द्वारा मालवा के महमूद खिलजी पर विजय पर |
| कीर्ति स्तंभ | चित्तौड़गढ़, सात मंजिल, आदिनाथ को समर्पित जैन स्तंभ |
| चित्तौड़गढ़ के जौहर | 1303 अलाउद्दीन खिलजी, 1535 बहादुर शाह, 1568 अकबर के समय |
| कुंभलगढ़ की दीवार | लगभग 36 किलोमीटर, राणा कुंभा ने शिल्पी मंडन के साथ बनवाई |
| महाराणा प्रताप की जन्मस्थली | कुंभलगढ़, 1540 |
| सोनार किला | जैसलमेर, 1156 में रावल जैसल द्वारा त्रिकूट पहाड़ी पर |
| जल दुर्ग | गागरोन, झालावाड़ जिला, आहू और कालीसिंध नदियाँ |
| मेहरानगढ़ | जोधपुर, 1459 में राव जोधा द्वारा; नीचे जसवंत थड़ा |
| जूनागढ़ | बीकानेर, 1589, राजा रायसिंह के समय; समतल भूमि पर |
| लोहे का किला | लोहागढ़, भरतपुर, महाराजा सूरजमल द्वारा |
| जयवाण तोप | जयगढ़ किला, जयपुर के निकट आमेर के ऊपर |
| हवा महल | जयपुर, 1799, सवाई प्रताप सिंह, शिल्पी लालचंद उस्ता |
| लेक पैलेस या जग निवास | पिछोला झील, उदयपुर, महाराणा जगत सिंह द्वितीय द्वारा |
| उम्मेद भवन | जोधपुर, 1929 से 1943, चित्तर पत्थर, शिल्पी हेनरी वॉन लैंचेस्टर |
इस टॉपिक पर अभ्यास MCQ
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा किला कौन-सा है?
- A.मेहरानगढ़
- B.चित्तौड़गढ़
- C.कुंभलगढ़
- D.जूनागढ़
उत्तर देखें
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में एक लंबे पठार पर फैला चित्तौड़गढ़ क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा किला माना जाता है, और यह तथ्य राज्य के स्मारकों की लगभग हर सूची में दिया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चित्तौड़गढ़ का विजय स्तंभ किस शासक ने बनवाया था?
- A.राणा सांगा
- B.राणा कुंभा
- C.महाराणा प्रताप
- D.रावल जैसल
उत्तर देखें
विजय स्तंभ चित्तौड़गढ़ किले के भीतर नौ मंजिल का स्तंभ है, जिसे मेवाड़ के राणा कुंभा ने पंद्रहवीं शताब्दी में मालवा के महमूद खिलजी पर अपनी विजय की स्मृति में बनवाया था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजस्थान के किस किले की दीवार लगभग 36 किलोमीटर लंबी है, जिसे लंबाई में चीन की महान दीवार के बाद दूसरे स्थान पर बताया जाता है?
- A.कुंभलगढ़
- B.चित्तौड़गढ़
- C.जैसलमेर
- D.रणथंभौर
उत्तर देखें
राजसमंद जिले का कुंभलगढ़ पंद्रहवीं शताब्दी में राणा कुंभा ने शिल्पी मंडन के साथ बनवाया, और इसके चारों ओर अरावली की पहाड़ियों पर घूमती प्राचीर लगभग 36 किलोमीटर लंबी है, इसी कारण इसकी तुलना बार-बार चीन की महान दीवार से की जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जल दुर्ग के रूप में गिना जाने वाला गागरोन किला राजस्थान के किस जिले में है?
- A.झालावाड़
- B.बारां
- C.कोटा
- D.बूंदी
उत्तर देखें
गागरोन किला हाड़ौती क्षेत्र के झालावाड़ जिले में उस स्थान पर खड़ा है जहाँ आहू नदी कालीसिंध में मिलती है, जिससे तीन ओर पानी इसकी रक्षा करता है और केवल एक ओर खुली भूमि पड़ती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सोनार किला कहा जाने वाला जैसलमेर का किला 1156 में किस शासक ने बनवाया था?
- A.राव जोधा
- B.रावल जैसल
- C.राजा रायसिंह
- D.महाराजा सूरजमल
उत्तर देखें
भाटी शासक रावल जैसल ने 1156 में त्रिकूट पहाड़ी पर यह किला बसाया, और नीचे बसे नगर ने उनका नाम ही पाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →2013 में यूनेस्को ने राजस्थान के पहाड़ी किलों को विश्व विरासत सूची में शामिल किया, तो उसमें कितने किले सम्मिलित थे?
- A.चार
- B.पाँच
- C.छह
- D.सात
उत्तर देखें
2013 की यह प्रविष्टि एक शृंखला संपत्ति है, अर्थात एक ही नाम के अंतर्गत कई अलग-अलग स्थल सूचीबद्ध किए गए, और राजस्थान के पहाड़ी किले में छह किले हैं: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर और गागरोन।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा किला यूनेस्को की राजस्थान के पहाड़ी किले सूची का भाग नहीं है?
- A.मेहरानगढ़
- B.आमेर
- C.गागरोन
- D.रणथंभौर
उत्तर देखें
इस प्रविष्टि के छह किले हैं चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर और गागरोन।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अपने समय की सबसे बड़ी पहियेदार तोपों में गिनी जाने वाली जयवाण तोप किस किले में रखी है?
- A.नाहरगढ़
- B.जयगढ़
- C.आमेर
- D.लोहागढ़
उत्तर देखें
जयगढ़ किला जयपुर के निकट आमेर के ऊपर की पहाड़ी पर है और वहीं जयपुर रियासत की तोप ढलाई का कारखाना था, जहाँ अठारहवीं शताब्दी में जयवाण तोप ढाली गई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जयपुर का हवा महल 1799 में किस शासक ने बनवाया था?
- A.सवाई जयसिंह द्वितीय
- B.सवाई प्रताप सिंह
- C.सवाई माधो सिंह प्रथम
- D.सवाई रामसिंह द्वितीय
उत्तर देखें
हवा महल 1799 में जयपुर के सवाई प्रताप सिंह ने शिल्पी लालचंद उस्ता के नक्शे पर बनवाया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महाराणा प्रताप का जन्म राजस्थान के किस किले में हुआ था?
- A.चित्तौड़गढ़
- B.कुंभलगढ़
- C.गागरोन
- D.मेहरानगढ़
उत्तर देखें
महाराणा प्रताप का जन्म 1540 में वर्तमान राजसमंद जिले के कुंभलगढ़ में हुआ, वह पहाड़ी किला जिसे पिछली शताब्दी में राणा कुंभा ने बनवाया था और जो चित्तौड़ पर संकट आने पर मेवाड़ के लिए शरणस्थल का काम करता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राजस्थान के कितने किले यूनेस्को विश्व विरासत सूची में हैं?
छह, जिन्हें 2013 में राजस्थान के पहाड़ी किले नाम से एक साथ शामिल किया गया: चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, रणथंभौर, आमेर, जैसलमेर और गागरोन। मेहरानगढ़ और जूनागढ़ इस प्रविष्टि में नहीं हैं।
भारत का सबसे बड़ा किला कौन-सा है?
राजस्थान का चित्तौड़गढ़, जो घेरे हुए क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा किला माना जाता है। यह मेवाड़ की राजधानी रहा और 1303, 1535 तथा 1568 के तीन जौहरों का स्थल है।
कुंभलगढ़ किसने बनवाया और इसकी दीवार क्यों प्रसिद्ध है?
मेवाड़ के राणा कुंभा ने पंद्रहवीं शताब्दी में शिल्पी मंडन के साथ इसे बनवाया। इसकी प्राचीर अरावली की पहाड़ियों पर लगभग 36 किलोमीटर चलती है, इसी कारण लंबाई में इसकी तुलना चीन की महान दीवार से की जाती है।
जैसलमेर के किले को जीवित किला क्यों कहा जाता है?
क्योंकि पुराने नगर का बड़ा भाग, घर, दुकानें और जैन मंदिर सहित, आज भी किले की दीवारों के भीतर बसा हुआ है। 1156 में रावल जैसल द्वारा पीले पत्थर से बना यह किला सोनार किला भी कहा जाता है।
जयपुर का हवा महल किसने बनवाया?
सवाई प्रताप सिंह ने 1799 में लालचंद उस्ता के नक्शे पर बनवाया। इसकी पाँच मंजिलों के जालीदार झरोखों से राजपरिवार की स्त्रियाँ बिना दिखे जुलूस देख सकती थीं और कमरे ठंडे रहते थे।
राजस्थान का जल दुर्ग कौन-सा है?
झालावाड़ जिले का गागरोन, जहाँ आहू नदी कालीसिंध में मिलती है और तीन ओर पानी इसे घेरता है। यह राजस्थान में जल दुर्ग का मानक उदाहरण है और विश्व विरासत के छह पहाड़ी किलों में से एक है।
स्रोत
- राजस्थान के पहाड़ी किले, विश्व विरासत सूची — यूनेस्को विश्व विरासत केंद्र
- जयपुर और जोधपुर मंडल के केंद्रीय संरक्षित स्मारक — भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण
- राजस्थान के किले, महल और विरासत — पर्यटन विभाग, राजस्थान सरकार





